पृष्ठ : मधेपुरा अबतक

26 नवम्बर से बी.पी.मंडल सेतु पर आवागमन होगा शुरू

‘कोसी का लाइफ लाइन’ के नाम से मशहूर बी.पी.मंडल सेतु (डुमरी पुल) पर वर्षों से वाहनों का आवागमन बंद था। आगे 26 नवंबर से इस पुल होकर चार पहिये समेत भारी वाहनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। यूं तो 24 सितंबर से ही पुल होकर पैदल एवं बाइक का आवागमन चालू हो गया है।

बता दें कि सेतु निर्माण कंपनी एसपी सिंगला के अधिकारियों के अनुसार सेतु ढलाई का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है…… उम्मीद है कि 26 नवंबर तक बी.पी.मंडल सेतु होकर भारी वाहनों का परिचालन भी आरंभ हो जाएगा एक वरिष्ठ अधिकारी प्रोजेक्ट मैनेजर के.के.रंजन ने मधेपुरा अबतक को बताया कि 15 से 25 नवंबर के बीच सेटरिंग खोलने समेत अन्य सभी कार्य पूरा कर लिया जायेगा। इसीलिए 26 नवंबर से पुल होकर भारी वाहनों के परिचालन की घोषणा कर दी गई है। इसके बाद बी.पी.मंडल सेतु होकर एनएच-107 के विभागीय कार्यपालक अभियंता उमाशंकर प्रसाद भारी वाहनों का परिचालन करा सकते हैं।

ज्ञातव्य है कि बी.पी.मंडल के मुख्यमंत्रित्व काल में कोसी के आधे दर्जन जिले के लोगों के लिए इस पुल की घोषणा की गई थी। जिसे बाद वाली सरकार ने “बीपी मंडल सेतु” नाम देकर उन्हें सम्मानित किया। यह पुल बाढ़ में क्षतिग्रस्त होने के कारण वर्षों से बंद पड़ा था। जिसपर होकर परिचालन शुरू होने का समाचार सुनकर चारों ओर खुशियों की लहर दौड़ गई है।

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बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने बिहार-झारखंड में लहराया परचम

मधेपुरा के बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने तीन दिवसीय ‘मेगा टेक फेस्ट’ टेक्निकल कंपटीशन में भाग लिया और अपने महाविद्यालय का नाम रोशन किया। यह प्रतियोगिता बिहार-झारखंड के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों के लिए आयोजित किया गया – विगत 27-28-29 सितंबर को के दरमियान, गया कॉलेज आफ इंजीनियरिंग के परिसर में।

बता दें कि अभावों में रहकर भी पढ़ाई के प्रति समर्पित छात्र अपने शिक्षण संस्थान को गौरवान्वित कर ही देता है। भले ही बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों राज्यों के अभियंत्रण महाविद्यालयों की तुलना में कमजोर क्यों न हो, परंतु मधेपुरा इंजीनियरिंग कॉलेज के कंप्यूटर साइंस ब्रांच, के छात्र अमरजीत कुमार की टीम (अमरजीत कुमार, पुष्कर कुमार व मो.तमन्ना) ने संयुक्त रूप से ‘एंड्रॉयड एप डेवलपर में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया…… जिसके लिए उन्हें मेडल के साथ ₹1,000 देकर सम्मानित किया गया।

यह भी जानिए कि जहाँ ‘रोबोबार’ में श्रवण साहू, पुष्कर कुमार, रोशन कुमार व निरंजन कुमार की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया…..  जिसके लिए उस टीम को मेडल के साथ ₹800 का पुरस्कार दिया गया। वहीं रोबोटिक्स में अरविंद कुमार, निरंजन कुमार, चंदन कुमार, शारदा-शिल्पा एवं प्रियाराज की टीम ने भी द्वितीय स्थान प्राप्त कर मेडल के साथ ₹800 का पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावे टेक्नोवेशन साइंस क्लब के द्वारा प्रशिक्षित छात्र को बेस्ट इंजीनियरिंग अवार्ड से नवाजा गया।

बता दें कि इन कारनामों की जानकारी पाकर बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों, प्राध्यापकों एवं अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई तथा प्रधानाचार्य डॉ.सी.पी.सिंह ने छात्रों को बधाई दी एवं शिक्षकों की सराहना की। इस अवसर पर टेक्नोवेशन साइंस क्लब के इंचार्ज प्रो.एम.के.मंगलम ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यहाँ के छात्रों में टैलेंट की कोई कमी नहीं है बल्कि संसाधनों की कमी रहने के कारण ही वे अपनी प्रतिभा को नई-नई उड़ान के साथ दिखा नहीं पाते हैं।

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मंडल विश्वविद्यालय में ‘मीडिया और सृजनात्मक लेखन’ पर सेमिनार

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (नॉर्थ कैंपस) के हिन्दी स्नातकोत्तर विभाग द्वारा ‘मीडिया और सृजनात्मक लेखन’ पर आयोजित सेमिनार में समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा हिन्दी विभाग को दान स्वरूप दिये गये एक स्पीकर सेट व भव्य दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए विद्वान कुलपति प्रो.(डॉ.)अवध किशोर राय ने उपस्थित श्रोताओं की करतल ध्वनि के बीच डॉ.मधेपुरी को गर्मजोशी के साथ शुभकामनाएं दी……. साथ-साथ दान देने वाली ऐसी प्रवृत्ति की हृदय से सराहना भी की। ज्ञातव्य है कि चन्द महीने पूर्व हिन्दी विभाग के एक कार्यक्रम के उद्घाटन करने के क्रम में प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली ने उक्त दान के बाबत स्वयं घोषणा की थी जिसके पूरा होने पर प्रोवीसी डॉ.अली ने मधेपुरा के कलाम कहे जानेवाले डॉ.मधेपुरी की जमकर तारीफ की………।

Samajsevi Sahityakar & Former University Professor of Physics Dr.Bhupendra Madhepuri receiving honour for his generosity from Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Ray at North Campus BNMU Madhepura.
Samajsevi Sahityakar & Former University Professor of Physics Dr.Bhupendra Madhepuri receiving honour for his generosity from Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Ray at North Campus BNMU Madhepura.

बता दें कि कुलपति डॉ.राय ने मीडिया को ज्यादा सृजनात्मक होने की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पत्रकारों को दोनों पक्षों की बातों को रखनी चाहिए। आगे भारत के विकास में मीडिया के रचनात्मक सहयोग की आवश्यकताओं पर बल देते हुए उन्होंने यही कहा कि अब मीडिया समाज और देश का आईना बन चुका है जिसमें समाज अपनी अच्छाइयों एवं बुराइयों को साफ-साफ देख सकता है। कुलपति ने न केवल मीडिया द्वारा रचनात्मक एवं सृजनात्मक लेखन के लिए उसे साहित्य से सानिध्य बनाये रखने पर बल दिया बल्कि यह भी कहा कि इसके लिए मीडिया को पहले से कहीं ज्यादा सृजनात्मक और संवेदनशील होना होगा तथा छात्रों को कॉलेज आने के लिए जागरूक भी करना होगा…… अखबारों में उच्च शिक्षा हेतु एक विशेष कॉलम यथाशीघ्र बनाना होगा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि सह प्रति कुलपति डॉ.फारूक अली ने अपने संबोधन में यही कहा कि मीडिया हाउसों के बीच एक दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ लगी है जबकि मीडिया को हमेशा तथ्य परक खबरों को ही तवज्जो देनी चाहिए। यदा-कदा जल्दबाजी में अपुष्ट समाचार को प्रकाशित एवं प्रसारित किये जाने के कारण कई बार समाज को बहुत बड़ी क्षति उठानी पड़ती है……. विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार ने हाल-फिलहाल मीडिया के साथ अपने भोगे हुए अनुभवों को निर्भीकतापूर्वक साझा किया तथा मीडिया के अच्छे एवं बुरे पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला …..!

यह भी जानिए की विशिष्ट अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मीडिया को सत्ता एवं समाज के बीच की कड़ी बताते हुए तथा टैगोर-गांधी-विवेकानंद एवं डॉ.कलाम को संदर्भित करते हुए कहा कि हम समाज की बेहतरी के लिए कितना सकारात्मक सोच रखते हैं…….. उसका आकलन आम लोगों को भी करने की जरूरत है क्योंकि समाज रास्ते से भटक गया है……. उसे जगाना मीडिया का ही नहीं….. शिक्षकों का भी दायित्व है।

आगे जहाँ डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मीडिया के सकारात्मक लेखन से कई प्रकार की सामाजिक समस्याओं का समाधान हो जाता है वहीं हिंदुस्तान के ब्यूरो चीफ सरोज कुमार ने सोशल मीडिया को जिम्मेदार होने की जरूरत बताते हुए कहा कि मीडिया तो समाज में समाचारों के संप्रेषण का माध्यम है।

एक ओर जहाँ सीनेटर-शिक्षक डॉ.नरेश कुमार ने कहा कि सृजनशील बनकर ही मीडिया समाज को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है वहीं पूर्व एचओडी डॉ.इंद्र नारायण यादव ने चैनल द्वारा किसानों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक नहीं उठाये जाने की चर्चा की।

समापन के सिलसिले में सृजनात्मक लेखन के जरिये अखबारों को ऊंचाई प्रदान करने वाले पत्रकारों- प्रो.संजय परमार, प्रो.सुरेंद्र कुमार, मनीष कुमार, दिलखुश आदि को कुलपति द्वारा सम्मानित किये जाने के साथ-साथ मुक्तहस्त से दान देने की प्रवृत्ति पालक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को भी उन्होंने सम्मानित किया।

सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए हिन्दी के एचओडी डॉ.सीताराम शर्मा ने मीडिया में सकारात्मकता के हो रहे ह्रास पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि मीडिया को जरूरत है समाज के हर पहलू पर सकारात्मकता के साथ काम करने की। सफल मंच संचालन करते हुए डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप ने कहा कि मीडिया का मूल- सृजन एवं कल्याण है। उपस्थित सभी विभागाध्यक्षों, छात्रों ,आगंतुकों एवं अतिथियों को शोधकर्ता सोनम सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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मधेपुरा के गोपाष्टमी मेला को मिला राजकीय दर्जा !

सहरसा में कोसी महोत्सव एवं शिव की नगरी में सिंहेश्वर महोत्सव के तर्ज पर मधेपुरा में भी बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा गोपाष्टमी मेला को पहली बार राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया गया। गोपाष्टमी महोत्सव का आयोजन 15 नवंबर से किया जायगा। पूर्व में इस मेला को विस्तार दिया गौशाला समिति के सचिव पृथ्वीराज यदुवंशी ने जिसके चलते गोपाष्टमी मेला को महोत्सव का दर्जा तो मिला ही- साथ ही पहली बार 20 लाख रुपए आवंटित होने की पुष्टि समाजसेवी डॉ.मधेपुरी द्वारा पूछे जाने पर आयोजन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे सदर एसडीएम बृंदा लाल ने की।
बता दें कि दो दिवसीय सरकारी महोत्सव एवं लगभग 1 सप्ताह का गौशाला समिति की ओर से गोपाष्टमी मेला होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्थानीय कलाकारों के अतिरिक्त दो दिवसीय गोपाष्टमी महोत्सव में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकार बुलाये जायेंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि महोत्सव में कृष्ण लीला, राधा-कृष्ण पर प्रवचन, डांडिया, कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित किया जायेगा। साथ ही खेल आदि के आयोजन हेतु चर्चा भी की गई।
अध्यक्ष सदर एसडीएम बृंदा लाल ने कहा कि महोत्सव के सारे क्रिया-कलापों में पारदर्शिता के साथ राशि खर्च की जायेगी और आयोजन हेतु दूसरी बैठक में आवश्यक समितियों का गठन भी किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम निर्णय जिला अधिकारी के निर्देशानुसार ही स्वीकार्य होगा।
समाजसेवी साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं प्रोफेसर श्यामल किशोर यादव ने स्मारिका प्रकाशन की चर्चा की जिसे अगली बैठक में विचारार्थ रखा जायेगा। बैठक में प्रो.जटाशंकर यादव, डॉ.नायडू, डॉ.आर.के.पप्पू, डॉ.रवि रंजन, प्रो.रीता कुमारी, प्रो.अरुण कुमार बच्चन, प्रो.गणेश प्रसाद, रिंकी यदुवंशी, रविंद्र प्रसाद यादव, राजेश सर्राफ, संजय कुमार जायसवाल, देव नारायण साह, विकास कुमार, आर.पी.यादव, मुकेश कुमार, ई.मयंक, ई.अभिनव आदि उपस्थित थे।

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2 अक्टूबर दो महान विभूतियों को याद करने का दिन !

कहीं अकेले बापू को, तो कहीं बापू के साथ ‘जय जवान जय किसान’ के उद्घोषक लाल बहादुर शास्त्री को- मधेपुरा से मोतिहारी तक 2 अक्टूबर को याद किया जाता है। दोनों महापुरुषों का जीवन भारतवासियों को अहर्निश प्रेरणा देता है।

Samajsevi Dr.Madhepuri, known as Kalam of Madhepura , after cleaning Dr.A.P.J.Abdul Kalam Park with the help of Children & their Guardians on the 150th Gandhi Jayanti at Madhepura.
Samajsevi Dr.Madhepuri, known as Kalam of Madhepura , after cleaning Dr.A.P.J.Abdul Kalam Park with the help of Children & their Guardians on the 150th Gandhi Jayanti at Madhepura.

बता दें कि जहां एक ओर गांधी जयंती पर विभिन्न विद्यालयों से निकाले गये बच्चों की प्रभातफेरी में शिक्षकों ने अगुवाई की वही दूसरी ओर मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी स्थानीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में सवेरे-सवेरे बच्चे एवं बड़ों को प्रेरित कर सफाई-कार्य में लगे रहे और इन दोनों हस्तियों के जीवन पर प्रकाश डालते रहे तथा ‘स्वच्छ रहो स्वस्थ रहो’ का संकल्प सबों को दिलाते रहे……..।

Sarv-Dharm Prarthna at Samaharnalaya Madhepura.
Sarv-Dharm Prarthna at Samaharnalaya Madhepura.

यह भी जानिए की प्रात 9:00 बजे जहां समाहरणालय परिसर में आयोजित गांधी जयंती पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा में उपस्थित डीएम नवदीप शुक्ला, एसपी संजय सिंह, डीडीसी मुकेश कुमार, एनडीसी रजनीश कुमार, जिप अध्यक्षा मंजू देवी… समाजसेवी साहित्यकार डॉ.मधेपुरी…… आदि ने गाँधी प्रतिमा पर पुष्पांजलि किया तथा जिलाधिकारी द्वारा दिलाये गये संकल्पों को दोहराया वहीं मंगलवार को ही झल्लू बाबू सभागार में आयोजित गांधी जयंती कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री के साथ मंत्री, जन प्रतिनिधि एवं अधिकारी व समाजसेवी संकल्प लेते दिखे। शहीद चुल्हाय मार्ग पर स्थित जिप डाक बंगला परिसर में गांधी-शास्त्री की तस्वीर पर पुष्पांजलि किया- अध्यक्षा मंजू देवी, उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, डीडीसी मुकेश कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं नप मुरलीगंज अध्यक्ष बौवा यादव। डॉ.मधेपुरी ने कहा – देश की एकता के लिए जरुरी है – भारतीय रेल , खेल, हिन्दी और गाँधी।

Educationist & Senior Leader of JD(U) Dr.Bhupendra Madhepuri addressing Dalit-Mahasabha & Aadiwasi Sammelan on the occasion of Gandhi Jayanti at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.
Educationist & Senior Leader of JD(U) Dr.Bhupendra Madhepuri addressing Dalit-Mahasabha & Aadiwasi Sammelan on the occasion of Gandhi Jayanti at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.

जहाँ एक ओर कुलपति डॉ.ए.के.राय की टीम द्वारा बापू पर लघुनाटक के मंचन एवं देश भक्ति कार्यक्रमों से बीएनएमयू का ऑडिटोरियम गूंज उठा वहीं दूसरी ओर बीएन मंडल स्टेडियम के सामने मनीषी भूपेन्द्र के नाम वाले कला भवन में प्रो.विजेंद्र नारायण यादव की अध्यक्षता में दलित-महादलित आदिवासी सम्मेलन में जिले के कोने-कोने से आये नर-नारी गांधी की तस्वीर पर दिन भर पुष्पांजलि करते रहे और मंच संचालक नरेश पासवान बारी-बारी से मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवीयों को बापू द्वारा दलितों के उत्थान, तथा सीएम नीतीश कुमार के सात निश्चय के बाबत उद्गार व्यक्त करने हेतु आमंत्रित करते रहे। उद्घाटनकर्ता एससी.एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव, मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री रामलषण राम रमण, पूर्व मंत्री सीताराम दास, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, प्रवक्ता निखिल मंडल आदि सहित राम गोपाल राम, पूर्व विधायक दिलेश्वर कामत, भगवान चौधरी, केएन सिंह……. प्रदेश से पंचायत तक जनसेवियों ने उद्गार व्यक्त किया।

A huge gathering in the Dalit-Mahadalit & Aadiwasi Sammelan at Bhupendra Kala Bhawan on 2nd October 2018.
A huge gathering in the Dalit-Mahadalit & Aadiwasi Sammelan at Bhupendra Kala Bhawan on 2nd October 2018.

अंत में सभी एक साथ भोजन कर “गांधी के सपनों के भारत” का एहसास किया और कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई।

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सहरसा के रवि प्रकाश को दिल्ली के विज्ञान भवन में मिला इनोवेशन अवार्ड !

सहरसा जिले के प्रखंड सौरबाजार के बैजनाथपुर गाँव के प्रतिभावान छात्र रवि प्रकाश को जल शुद्धीकरण तकनीक पर नमोन्मेष के लिए इनोवेशन अवॉर्ड -2018 भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ.हर्षवर्धन द्वारा दिल्ली स्थित विज्ञान भवन के प्लेनरी हॉल में भव्य समारोह का आयोजन कर दिया जाना था | 12वीं के छात्र रवि प्रकाश को CSIR (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एण्ड इंडस्ट्रियल रिसर्च) द्वारा इनोवेशन तकनीक के लिए यह सम्मान दिया गया | कैबिनेट की बैठक के कारण समारोह में देरी से पहुंचे मंत्री ने सभी अवार्डियों को बधाई देते हुए बेहतर भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी एवं फोटो सेशन में शामिल हुए |

बता दें कि CSIR द्वारा संचालित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य शहरों से लेकर गावों तक के सभी स्कूली बच्चों में सृजनात्मकता एवं नमोन्मेष तथा बौद्धिक-संपदा अधिकार के बारे में जागरूकता पैदा करना है |

यह भी जानिये कि वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में नीति आयोग के माननीय सदस्य एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के चांसेलर व वैज्ञानिक डॉ.वी.के.सारस्वत द्वारा रवि प्रकाश को ट्राफी व प्रमाण-पत्र के अलावा ₹30,000 की नगद राशि भी दी गयी |

रवि प्रकाश द्वारा हासिल की गयी इस उपलब्धि पर सहरसा के नवोदय विद्यालय, स्थानीय विद्यालयों के शिक्षकगण एवं ग्रामीणों ने भी सहृदय होकर रवि प्रकाश सहित उनके पिताश्री पत्रकार राहुल रोशन, माताश्री शिक्षिका अंशु कुमारी व सुप्रसिद्ध शिक्षाविद दादाश्री कमलेश्वरी प्रसाद यादव को हर्ष व्यक्त करते हुए बधाइयाँ दी है |

चलते-चलते यह भी बता दें कि रवि प्रकाश वर्तमान में बोकारो स्टील सिटी के GGPS School में 12वीं का छात्र है | इससे पूर्व वह सहरसा के बरियाही स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से दसवीं उत्तीर्ण किया था और तब से रवि प्रकाश में नये-नये आविष्कार के प्रति विशेष अभिरुचि देखी जा रही है |

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मगध विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके जस्टिस एस.सी.मुखर्जी नहीं रहे !

रायबहादुर आशुतोष मुखर्जी के पौत्र एवं एडवोकेट शांति प्रसाद मुखर्जी के पुत्र जस्टिस सुरेश चन्द्र मुखर्जी ने 85 वर्ष की उम्र में पटना के महावीर वात्सल्य हॉस्पिटल में 26 सितंबर को रात्रि 8:30 में पत्नी डॉ.नंदिता मुखर्जी एवं पुत्र द्वय डॉ.कौशिक एवं ई.अनिर आदि की उपस्थिति में अंतिम सांस ली |

बता दें कि जस्टिस एस.सी.मुखर्जी का जन्म 4 सितंबर 1933 ई. को मधेपुरा में हुआ था | आरंभिक शिक्षा तत्कालीन सीरीज इंस्टीट्यूट (वर्तमान एसएनपीएम स्कूल) में हुई थी | पटना विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री प्राप्त कर मधेपुरा सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस आरंभ की | वर्ष 1958 में उन्होंने न्यायिक सेवा में योगदान देने के बाद विभिन्न जगहों पर कार्य करते हुए अंततः पटना सिविल कोर्ट में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पदपर वर्ष 1984 से कार्यारंभ किया | वर्ष 1986 से न्यायमूर्ति के रूप में माननीय उच्च न्यायालय पटना में कार्यरत हुए | बाद में महामहिम राज्यपाल बिहार के कानूनी सलाहकार एवं मगध विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति के पद पर भी कार्यरत रहे | वे सिंहेश्वर टेंपल ट्रस्ट के अध्यक्ष भी रहे | जब भी वे मधेपुरा आते तो पड़ोस में रहने के कारण समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को अवश्य खबर करते और चिकित्सीय परामर्श हेतु लोकप्रिय चिकित्सक डॉ.अरुण कुमार मंडल से मिलने के लिए डॉ.मधेपुरी को साथ में अवश्य ले जाते |

यह भी बता दें कि जस्टिस एससी मुखर्जी दुर्गा पूजा के अवसर पर प्राय: मधेपुरा में ही रहना पसंद करते थे | वे अपने पुराने साथियों से मिलने की कोशिश भी किया करते | कुछ माह पूर्व वे मधेपुरा में सबों से मिलकर पटना गये ही थे | जस्टिस मुखर्जी ने स्वस्थ जीवन जीते हुए सारे पारिवारिक सदस्यों- पत्नी डॉ.नंदिता मुखर्जी, दो पुत्र- प्रथम डॉ.कौशिक मुखोपाध्याय (इंग्लैंड)- पत्नी डॉ.नीलांजना, द्वितीय पुत्र ई.अनिर बाण (चेन्नई)- पत्नी रुमिला एवं पौत्र-पौत्री- आकाश, अभिलाष, आयुषा, तनीषा के बीच अंतिम सांस ली | गुरुवार यानि 27 सितंबर की शाम को पटना के गुलबी घाट पर बड़े पुत्र डॉ.कौशिक मुखोपाध्याय ने उन्हें मुखाग्नि दी और वे पंचतत्व में विलीन हो गये | मधेपुरा बार एसोसिएशन एवं सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति ने भी जस्टिस मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की है |

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मधेपुरा के डॉ.मनीष मंडल ने चिकित्सा के क्षेत्र में रचा इतिहास !

मधेपुरा के सुप्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ-चिकित्सक डॉ.अरुण कुमार मंडल के सुपुत्र व पटना आइजीआइएमएस के Superintendent डॉ.मनीष मंडल के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने पहली बार ‘ग्रीन कॉरिडोर सिस्टम’ तैयार कर कोलकाता में ‘दिल’ तथा दिल्ली में ‘लीवर’ के प्रत्यारोपण करने में सफलता प्राप्त की। मधेपुरा के साथ-साथ डॉ.मनीष ने सूबे बिहार को भी गौरवान्वित किया। डॉ.मनीष की इस सफलता पर समस्त मधेपुरा वासियों को भी गर्व है।
बता दें कि मधेपुरा के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों एवं जिले के व्यापारियों ने जहाँ इस अद्वितीय कार्य के लिए मधेपुरा के सच्चे सपूत डॉ.मनीष द्वारा सफल प्रत्यारोपण का नेतृत्व करने के लिए उन्हें कोटिशः बधाइयाँ दी वहीं आइजीआइएमएस में कार्यरत रह चुके मधेपुरा के एक और सपूत हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ.अरविंद सर्राफ की भी सबों ने सराहना की।
जानकारी देते हुए डॉ.मनीष मंडल ने यही कहा कि नालंदा निवासी सौरभ की मौत ब्रेन डेथ से हो गयी थी। मृत्युपरांत उसे दवाई देकर 20 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखा गया और तत्क्षण बाद उसका ऑपरेशन कर हार्ट तथा लीवर निकाल लिया गया। फिर ‘ग्रीन कॉरिडोर सिस्टम’ के तहत पटना एयरपोर्ट से- 1. हार्ट को 55 मिनट में जहाज से कोलकाता भेजा गया और 2. लीवर को 90 मिनट में दूसरे जहाज से दिल्ली भेजा गया……… दोनों जगहों पर पहले से तैनात चिकित्सकों के दल ने AIIMS ले जाकर दोनों अंगों का सफल प्रत्यारोपण किया।
यह जान लीजिए कि बंगाल की एक लड़की के बॉडी के अंदर धड़कना शुरू कर दिया है बिहार के नालंदा निवासी सौरव का दिल और लीवर……. जानकारी मिलने पर…….!!

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ऐतिहासिक होगा ‘सामाजिक चेतना अभियान महासम्मेलन’: जदयू

7 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में होने जा रहे ‘सामाजिक चेतना अभियान महासम्मेलन’ की तैयारी के सिलसिले में जदयू समाज सुधार वाहिनी की मंगलवार को पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में बड़ी बैठक हुई जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्री बशिष्ठ नारायण सिंह एवं राष्ट्रीय संगठन महासचिव श्री आरसीपी सिंह मौजूद रहे। वाहिनी की अध्यक्ष सह विधायक डॉ. रंजू गीता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्यसभा सांसद श्रीमती कहकशां परवीन, पूर्व सांसद श्रीमती मीना सिंह, पूर्व मंत्री सह विधायक श्रीमती लेसी सिंह, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती दिलमणि देवी, जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य, विधायक श्रीमती कविता सिंह, श्रीमती रीना यादव, पूर्व विधायक श्रीमती रजिया खातून, श्रीमती अनु शुक्ला, श्रीमती नीता चौधरी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सुहेली मेहता, डॉ. भारती मेहता एवं श्रीमती श्वेता विश्वास समेत सभी जिलों की समर्पित महिला कार्यकर्ता शामिल रहीं।
बैठक के दौरान अपने संबोधन में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सदस्य श्री बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि संवैधानिक दायरे में रहकर एवं कानून का सही तरीके से पालन करते हुए राजनैतिक आंदोलन को समाज की दिशा में मोड़ने और बड़ा परिवर्तन लाने का श्रेय श्री नीतीश कुमार को जाता है। उन्होंने कहा कि घर की चहारदिवारी से निकलकर महिलाओं का दफ्तर में बैठना बिहार में हुई मौन सामाजिक क्रांति का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जो संभव की परिभाषा जानता है, उसके लिए असंभव कुछ भी नहीं। श्री नीतीश कुमार ने अपनी योजनाओं और सामाजिक सुधार के अभियानों से ये सिद्ध किया है।
राष्ट्रीय संगठन महासचिव श्री आरसीपी सिंह ने इस मौके पर महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जदयू समाज सुधार वाहिनी, महिला जदयू एवं पंचायती राज प्रकोष्ठ से जुड़ी महिलाओं को मिलाकर संयुक्त रूप से ‘जदयू महिला समागम’ के नाम से जाना जाएगा और इसके द्वारा विभिन्न जिलों में सम्मेलन कर बताया जाएगा कि किस तरह श्री नीतीश कुमार ने आधी आबादी के हौसलों को पंख दिया है। एक अन्य घोषणा के तहत उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जदयू की ओर से क्रिकेट, फुटबॉल, बॉलीबॉल और कबड्डी टूर्नामेंटों का आयोजन किया जाएगा। इन टूर्नामेंटों का नाम गांधी, लोहिया, जेपी और कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों के नाम पर रखा जाएगा। ऐसे आयोजनों से युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा मिलेगी।
जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा आधी आबादी के लिए किए गए युगांतरकारी कार्यों और अभूतपूर्व समाज-सुधार अभियानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विकासपुरुष श्री नीतीश कुमार ने बिहार की हर बेटी और बहन के जीवन को उन्नत और समृद्ध बनाने और उनके विकास की नई गाथा लिखने में जो भूमिका निभाई है उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि 2019 और 2020 के चुनाव में आधी आबादी की निर्णायक भूमिका होगी।
प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती रंजू गीता एवं अन्य वक्ताओं ने एक स्वर से कहा कि 7 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में आयोजित समाज सुधार वाहिनी का ‘सामाजिक चेतना अभियान महासम्मेलन’ हर लिहाज से ऐतिहासिक होगा। इस महासम्मेलन से यह साबित हो जाएगा कि राज्य की नारी-शक्ति श्री नीतीश कुमार के साथ है। सबने संकल्प लिया कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए कार्यों, चल रही कल्याणकारी योजनाओं और शराबबंदी, दहेजबंदी, बालविवाह-उन्मूलन, कन्या-सुरक्षा जैसे समाज-सुधार अभियानों को वे घर-घर पहुँचाने का काम करेंगी।

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रामदेव साफी 28 वर्षों से थामे हैं- स्वच्छता की मशाल

कोसी अंचल के महिषी गाँव निवासी रामदेव साफी ने वहाँ की गलियों एवं सड़कों को साफ रखने हेतु 28 वर्षों से “स्वच्छता की मशाल” जलाकर खुद को बापू से  तथा झाड़ू को अपने जीवन से जोड़ लिया है | उन्होंने नौकरी में रहते हुए 1991 से ही सफाई को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया | अब तो क्षेत्र के कुछ नामचीन लोग भी इन्हें ‘स्वच्छतादूत’ कहकर संबोधित करने लगे हैं |

बता दें कि सहरसा सदर एसडीएम कार्यालय में सहायक के पद पर कार्यरत रहे रामदेव साफी जहाँ कहीं ज्यादा गंदगी देखते तो छुट्टी लेकर भी वहाँ सफाई में जुट जाते | त्योहारों की छुट्टी एवं रविवार के दिन वे अलग-अलग इलाके में सफाई की अलख जगाते |

यह भी जानिये कि उन्हें सड़कों पर झाड़ू लगाते देख पहले तो लोगों ने दशरथ मांझी की तरह खूब मजाक उड़ाया फिर भी वें अपने लक्ष्य से नहीं डिगे | आहिस्ता-आहिस्ता लोगों की धारणा बदलने लगी | तब युवावर्ग भी रामदेव साफी के संग आने लगा………. स्वच्छता के प्रति समर्पण देखकर कुछ लोग अब इन्हें “स्वच्छता संत” भी कहने लगे हैं और सर्वाधिक सम्मान भी देने लगे हैं |

फिलहाल सेवानिवृत्त 68 वर्षीय रामदेव साफी प्रत्येक रविवार एवं गुरुवार को मौन व्रत धारण कर झाड़ू पकड़ सड़कों की सफाई में सवेरे से जुट जाते हैं | ग्रामीण युवा क्लबों एवं उग्रतारा न्यास समिति से जुड़े सदस्यगण अब रामदेव साफी के कार्यों की सराहना करने के साथ-साथ उन्हें अपना आदर्श भी मानने लगे हैं |

जहाँ एक और रामदेव साफी ने संकल्पित युवा वर्गों से कहा कि हर व्यक्ति यदि अपने आस-पास की साफ-सफाई पर ध्यान दे तो कहीं भी गंदगी नहीं मिलेगी, वहीं दूसरी ओर नीतीश सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा ने मधेपुरा अबतक से कहा कि शहरों में अभिशाप बन चुके कचरे से अब बनेगा जैविक खाद, बिजली, डीजल और पानी | मंत्री ने यह भी कहा कि गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक सभी निकाय होंगे ओडीएफ (यानि खुले में शौचमुक्त)- पहले जागरूकता और फिर कार्रवाई का अभियान चलाया जायेगा |

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