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शांति और समन्वय के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

यहां की धरती योग के लिए उर्वरा  मानी जाती है | यहां योग ऋषि स्वामी रामदेव जी भी आ चुके  हैं | आज मधेपुरा में दर्जनों संस्थाओं द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया है | स्थानीय शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय में योग दिवस के अवसर पर उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने दीप प्रज्वलित कर अपने संबोधन में कहा कि आज का यह दिन (21 जून) अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रथम वर्ष गांठ का दिन है | योग मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है इसलिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष के सबसे लंबे दिन यानी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए चुना गया |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and Principal Dr.Niranjan Kumar along with students & teachers celebrated International Yoga Diwas in S.N.P.M Inter School Madhepura .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and Principal Dr.Niranjan Kumar along with students & teachers celebrated International Yoga Diwas in S.N.P.M Inter School Madhepura .

इस अवसर पर डॉ मधेपुरी ने स्कूली बच्चे-बच्चियों से कहा कि यूँ तो  योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है जिसे पतंजलि के नाम से लोग जानते रहे हैं | परंतु, वर्तमान में इसे पंख लगाने वालों में एक नाम योगऋषि स्वामी रामदेव का आता है और अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज तक पहुंचाने वालों में पहला नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का- जिनकी पहल पर 11 दिसंबर 2014 को 193 सदस्यीय संयुक्तराष्ट्र महासभा ने सर्वसम्मति से 21 जून को “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” मनाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी थी |

Different types of Aasanas & Pranayamas are being taught by Yog guru and Principal Dr.Niranjan Kumar the students & teachers .
Different types of Aasanas & Pranayamas are being taught by Yog guru and Principal Dr.Niranjan Kumar to the students & teachers .

समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने इस इंटर स्तरीय विद्यालय के प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार द्वारा योग कक्षा आरम्भ किए जाने से पूर्व कहा कि हमारा शरीर कंप्यूटर की तरह हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर से बना है |  आसन द्वारा हार्डवेयर का पोषण होता है और प्राणायाम से सॉफ्टवेयर का |

फिर 6:30 बजे से 8:30 बजे प्रात: तक प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार द्वारा, जो बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ से प्रशिक्षित हैं, स्कूली छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिरुचि रखने वाले अभिवावकों को सूक्ष्म व्यायाम, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी सहित विभिन्न प्रकार के आसनों की जानकारी दी गई | इनके लाभ भी संक्षेप में उन्होंने सबों  के सामने रखा | उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि जीवन में यदि ऊंचाई पाना है तो योग को जीवन के दिनचर्या का हिस्सा बना डालो | अन्त: में उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समापन की घोषणा की |

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‘कबड्डी’ को जगह मिले ओलंपिक में

उत्तर भारत में प्रमुखता से खेले जाने वाले इस सामूहिक खेल ‘कबड्डी’ को दक्षिण भारत में ‘चेडू-गुडू’ कहकर खेला जाता है | वहीं पूर्वी भारत एवं बांग्लादेश में इसी खेल को ‘हा-दो-दो’ कहा जाता है तो पश्चमी भारत में ‘हु-तू-तू’ |

महाभारत काल में अभिमन्यु के द्वारा चक्रव्यूह को भेदने और निकलने वाले प्रसंग में सात-सात शूरमाओं की टुकड़ी की चर्चा प्रतीकात्मक रुप से इसी कबड्डी को दर्शाता है जो वर्तमान भारत में तेजी से प्रसिद्धि प्राप्त करता जा रहा है | उन दिनों गुरुकुलों में भी शिष्यों के शारीरिक व्यायाम के लिए ‘कबड्डी’ खेली जाती थी |

यह कि 1950 में भारतीय कबड्डी महासंघ की स्थापना की गई थी | 1952 में पुरुषों के लिए पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता मद्रास (चेन्नई) में आयोजित की गई जबकि महिलाओं के लिए कबड्डी खेल की पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता 1955 में कलकत्ता (कोलकाता) में हुई थी |

यह भी जानें कि पहली एशियाई कबड्डी प्रतियोगिता 1980 में कलकत्ता में आयोजित की गई वहीं 1990 में बीजिंग में हुए एशियाई खेलों में प्रतियोगी खेल के रूप में कबड्डी को मान्यता दी गई |

बता दें कि रविवार को रासबिहारी विद्यालय के ऐतिहासिक मैदान में हिंदुस्तान दैनिक के ब्यूरोचीफ अमिताभ द्वारा आयोजित किए गए कबड्डी लीग समारोह का उद्घाटन बीएन मंडल विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति डॉ विनोद कुमार, समाजसेवी डॉ मधेपुरी, जांवाज एसपी विकास कुमार, सांसद प्रतिनिधि मोहन मंडल आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया |

इस अवसर पर कुलपति डॉ विनोद कुमार ने कहा कि कबड्डी को लोकप्रिय बनाने के लिए विगत तीन वर्षों से हिंदुस्तान के ब्यूरोचीफ अमिताभ की टीम के सहयोगियों- मनीष-संजय, बंटी-विभाकर सहित सुभाष-देवेंद्र आदि द्वारा किए जा रहे प्रयास प्रशंसनीय हैं | उन्होंने कहा कि कबड्डी को ओलंपिक में जगह नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है |

समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में यही कहा कि हिंदुस्तान परिवार एवं इसके मुखिया अमिताभ हमेशा नये-नये सामाजिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर शहर के ही नहीं बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को भी एक बड़ा मंच दे-देकर आगे बढ़ने का मौका देते रहे हैं | उन्होंने हिंदुस्तान द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सामाजिक कार्यों के माध्यम से नये-नये कीर्तिमान स्थापित करने के लिए अमिताभ की टीम की सराहना की तथा दर्शकों एवं खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया |

जांवाज एसपी  विकास कुमार ने कबड्डी लीग के उद्घाटन पर खिलाड़ियों को खूब प्रोत्साहित किया | उन्होंने कहा कि खेल से मान-सम्मान, धन व शोहरत सबकुछ मिलता है | अच्छे खिलाड़ी अपना नाम तो रोशन करते ही हैं साथ ही देश को भी आगे बढ़ाने का काम करते हैं |

इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि मोहन मंडल, कबड्डी को समर्पित सचिव अरुण कुमार, थानाध्यक्ष मनीष कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, SBI  के एस.के.झा आदि ने अपना उद्गार व्यक्त किया तथा खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया | मौके पर समन्यवक अजय कुमार, डॉ.अरुण कुमार, स्काउट आयुक्त जय कृष्ण यादव, संदीप शांडिल्य, डॉ.रामकृष्ण तथा वीसी के सचिव शंभू नारायण यादव, राहुल यादव आदि प्रमुख रुप से मौजूद थे |

शोभिता संगीत महाविद्यालय एवं कला मंदिर के बाल कलाकारों ने बीच-बीच में अतिथियों एवं खिलाड़ियों का भरपूर मनोरंजन किया | अंत में धन्यवाद ज्ञापन हिंदुस्तान के संवाददाता प्रो.संजय परमार ने किया |

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“आईजी अंकल” की कहानी

कौन जानता था कि 9 मई, 1981 को पदभार ग्रहण करनेवाले मधेपुरा जिले के प्रथम एसपी अभयानंद, जिन्हें स्थानीय टी.पी.कॉलेज के फिजिक्स के लोकप्रिय प्रो.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया गया था, आगे चलकर सुपर-30 एवं रहमानी सुपर-30 के आईजी अंकल बनेंगे तथा देश के बच्चों को मोबाइल पर फिजिक्स के सवाल सॉल्व कराएंगे |

First SP of Madhepura Mr.Abhayanand is being garlanded by the then Vice-Chairman Prof.Bhupendra Madhepuri in presence of First DM S.P.Seth and Sri Bholi Pd.Mandal First Chairman, Madhepura Municipality.
First SP of Madhepura Mr.Abhayanand is being garlanded by the then Vice-Chairman Prof.Bhupendra Madhepuri in presence of First DM S.P.Seth and Sri Bholi Pd.Mandal First Chairman, Madhepura Municipality.

बिहार के 28वें डी.जी.पी. पिता जगदानंद के योग्य पुत्र 48वें डीजीपी अभयानंद केवल IPS ऑफिसर ही नहीं बल्कि एडूकेशनिष्ट एवं सोशल एक्टिविस्ट के रूप में उस ऊंचाई को प्राप्त कर लिए हैं कि समस्त भारत के मेधावी छात्रों के बीच वे आज भी ‘आईजी अंकल’ कह कर ही पुकारे जाते हैं |

यह भी बता दें कि लगभग 15 वर्ष पूर्व आईपीएस अभयानंद का तबादला बीएमपी में हुआ था जहां व्यस्तता कम रहने की वजह से उन्होंने अपने बेटे को फिजिक्स पढाया और उसने आईआईटी क्रैक कर लिया | लगे हाथ उनके अंदर यह पवित्र विचार आया कि बेटे के अतिरिक्त अन्य बच्चों को क्यों न पढ़ाकर आईआईटीयन बनने में मदद करूं !

यहीं से जन्म हुआ आनंद कुमार के नाम चर्चित सुपर-30 में फिजिक्स पढाने वाले ‘आईजी अंकल’ का | बता दें कि एडीजी और फिर बिहार के डीजीपी बनने के बाद भी भारत के प्रतिभासंपन्न छात्र अभयानंद को सदैव ‘आईजी अंकल’ ही कहते रहे |

जब अवकाश ग्रहण करने के बाद IPS अभयानंद ने मुस्लिम बच्चों को पढ़ाने की योजना बनाई कि रहमानी सुपर थर्टी ने जन्म ग्रहण किया | इस वर्ष रहमानी सुपर-30 के 300 में से 270 बच्चों ने आईआईटी क्रैक किया जिसे बिहार ही नहीं, समस्त भारत द्वारा “आईजी अंकल” का कमाल करार दिया गया |

आज भी सरस्वती पुत्र अभयानंद के पढ़ने और पढ़ाने का सिलसिला जारी है |  बच्चों के पास उनका मोबाइल नंबर है | बच्चे जब चाहें प्रॉब्लम पूछते हैं और वे मोबाइल पर ही प्रॉब्लम सॉल्व करा देते हैं |

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समाजवादी चिन्तक भूपेन्द्र नारायण मंडल की 42वीं पुण्यतिथि मनी

जिला मुख्यालय के भूपेन्द्र चौक पर प्रखर स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजवादी चिन्तक भूपेन्द्र नारायण मंडल की 42वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक भूपेन्द्र विचार मंच के बैनर तले प्रो. श्यामल किशोर यादव की अध्यक्षता में मनाई गई। शहर के समाजसेवियों एवं समाजवादी सोच के पूर्व विधायकों राधाकान्त यादव एवं परमेश्वरी प्रसाद निराला की उपस्थिति में बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो. चन्द्रशेखर ने उनकी प्रतिमा पर सर्वप्रथम माल्यार्पण किया और फिर उपस्थित गणमान्यों प्रो. सच्चिदानन्द यादव, डॉ. आलोक कुमार, गणेश मानव, समाजसेवी शौकत अली आदि ने भी पुष्पांजली अर्पित कर संक्षेप में अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो. चन्द्रशेखर ने कहा कि भूपेन्द्र बाबू जैसे समाजवादी नेता केवल सैद्धांतिक रूप में गरीबों के हक की लड़ाई नहीं लड़ते थे बल्कि अपने जीवन की कार्यशैली में भी इसका बखूबी पालन करते थे। वे विधायक व सांसद रहते हुए सोशलिस्ट पार्टी को मजबूत आधार देने के लिए बैलगाड़ी की सवारी कर गांव-गांव में लोगों के बीच अलख जगाते रहे।

अन्त में विचार मंच के सचिव डॉ. आलोक कुमार द्वारा विशेष रूप से आनंद, विकास, दिलखुश, धीरेन्द्र कुमार आदि युवाओं सहित सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

बता दें कि इस अवसर पर जिला मुख्यालय की कई संस्थाओं द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही विभिन्न प्रखंडों में भी भूपेन्द्र बाबू की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया।

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संस्थापक कुलपति डॉ.रवि ने किया लोकार्पित- ‘उजाले का सफर’

बी.एन.मंडल वि.वि. के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि ने डॉ. सिद्धेश्वर काश्यप के गीत-संग्रह ‘उजाले का सफर’ का लोकार्पण किया | लोकार्पणकर्ता डॉ.रवि ने कहा कि अंधेरे की त्रासदी में ‘उजाले का सफर’ करनेवाले सिद्धहस्त कवि डॉ.सिद्धेश्वर परिवर्तन के मार्ग को प्रशस्त करने में सक्षम हैं| उन्होंने कहा कि डॉ.काश्यप की मानवीय प्रतिबद्धता और मूल्यपरकता  सराहनीय है |

मुख्य अतिथि के रुप में प्रधानाचार्या डॉ.रेणु सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ.काश्यप रचनात्मक धर्म को नया स्वर देते हैं | उन्होंने यह भी कहा कि डॉ.सिद्देश्वर मानवीय जिजीविषा और मुक्ति चेतना को अभिव्यक्त करने में सिद्धहस्त है और सक्षम भी |

लोकार्पण समारोह के संचालक डॉ.विनय कुमार चौधरी ने कहा कि डॉ.काश्यप रचनात्मक प्रतिभा के साथ-साथ आलोचनात्मक प्रतिभा से भी संपन्न हैं | उन्होंने कहा कि निरंतर रचनात्मक लेखन सुकवि सिद्धेश्वर की मूल पहचान है |

हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ.इंद्र नारायण यादव ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि डॉ.सिद्धेश्वर समय का साक्षात्कार करते हैं और अनुभूत सत्य का उद्घाटन भी | उन्होंने संस्थापक कुलपति एवं मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी का श्रीगणेश किया | काव्य गोष्ठी में डॉ. रवि, डॉ.रेणु एवं डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप सहित संचालक डॉ.चौधरी ने अपनी प्रतिनिधि कविता का पाठ किया |

जिले के उद्यान पदाधिकारी राजन बालन ने अपनी कविता से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और बटोर ली तालियां भी | काव्य पाठ करने वालों में डॉ.सीताराम शर्मा, प्रो.गीता यादव, डॉ.आलोक कुमार, सियाराम यादव मयंक, डॉ.प्रवीण, रश्मि-प्रीति-विकास आदि प्रमुख रहे | सुधी श्रोताओं के रुप में सोमनाथ, सियाराम, कृष्ण मुरारी, राम कृष्ण, सुनील, आनंद जी आदि अंत तक कविता का रसास्वादन करते रहे |प्रो.इंद्र नारायण यादव के धन्यवाद के साथ ही समारोह के समापन का उद्घोष किया गया |

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यू.वी.के. कॉलेज कड़ामा में 12 दिवसीय यू.जी.सी. स्पोन्सर्ड अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित

यू.जी.सी. प्रायोजित 12 दिवसीय एजुफेस्ट का शुभारम्भ 16 मई को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ | राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष कामेश्वर झा एवं मंडल वि.वि. के कुलपति डॉ.विनोद कुमार व सिंडीकेट सदस्य, एमएलसी डॉ.संजीव कुमार सिंह के कृपापूर्ण आशीर्वचनों से युक्त प्रधानाचार्य सह आयोजन समिति के चेयरमेन डॉ.माधवेन्द्र झा आदि द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया |

सेमिनार में आतंकवाद, आपदा-प्रबंधन……महात्मा गाँधी के अन्तर्राष्ट्रीय स्वरुप, क्लीन एंड ग्रीन इंडिया…..सोलर विंड पॉवर आदि विषयों पर शोधपूर्ण चर्चा करने के लिए पधारे त्रिभुवन वि.वि.काठमांडू नेपाल के डॉ.कुशेश्वर झा, बिहार विश्वविद्यालय के डॉ.अमर नाथ झा, राष्ट्रभाषा परिषद् के निदेशक डॉ.जयकृषण मेहता, सम्बन्धन प्राप्त महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य संघ के संयोजक डॉ.अशोक कुमार, प्राचार्या डॉ.पूनम यादव आदि को आयोजन समिति के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ.माधवेन्द्र झा द्वारा स्वागत में पाग, चादर, माला व बुके दिया गया | साथ ही कॉलेज की छात्राओं द्वारा पीले वस्त्र में मंत्रोच्चारण करते हुए सेमिनार स्थल को सुशोभित किया गया तथा अपने सुरीले स्वागत गान से अतिथियों का स्वागत किया गया|

इस अवसर पर यूवीके कॉलेज कड़ामा का ध्वजा रोहन करने के बाद विधान पार्षद डॉ.संजीव कुमार सिंह ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि जो भी वित्तरहित महाविद्यालय क्रियाशील हैं उनके संस्थापकों द्वारा करोड़ों रूपये लगाये गये हैं, सरकार का एक पैसा भी नहीं लगा है | उन्होंने रूसा के चेयरमेन व वायस चेयरमेन से भी ऐसे शिक्षकों को सरकार द्वारा वेतन देने के बाबत प्रयास करने की चर्चा की | डॉ.संजीव ने अपना हृदयोद्गार व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि शिक्षकों की सेवा का सामंजन सबसे पहली बाधा है जिसे कॉलेज प्रबंधक द्वारा संवेदनशील होकर करने की जरुरत है | विधान पार्षद ने सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में इतना बड़ा सेमिनार आयोजित करने के लिए कॉलेज के शिक्षकों-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों सहित आयोजन समिति के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ.माधेवेंद्र झा को हृदय से कोटि-कोटि शुभकामनाएँ अर्पित की|

आगत अतिथियों द्वारा प्रथम दिन के विषय-‘21वीं सदी में आतंकवाद’ पर विचार व्यक्त करते हुए यही कहा गया कि आतंकवाद का कोई धर्म और मजहब नहीं होता | जहाँ किसी ने यह कहा कि आतंकवाद के कई पहलू हैं– सामाजिक आतंकवाद, धार्मिक आतंकवाद एवं राजनैतिक आतंकवाद तो वहीँ अन्य विद्वान् वक्ताओं ने आतंकवाद की जड़ को धर्म, राजनीति एवं आधुनिकता से जुडी हुई बताया |

इस अवसर पर आतंकवाद पर आधारित देश-विदेश के विद्वानों एवं शोध कर्मियों द्वारा दिये गये आलेखों से तैयार की गई स्मारिका का भी विमोचन किया गया |

मौके पर ललन झा, डॉ.प्राण मोहन सिंह, सुशीला कुमारी, श्याम किशोर यादव एवं कॉलेज शिक्षकों सहित छात्र-छात्राओं की भारी उपस्थिति अंत तक बनी रही| सेमिनार का सफल संचालन डॉ.अरुण कुमार ने किया |

 

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पत्रकारों की हत्या लोकतंत्र की हत्या है

अच्छी सड़कें एवं अच्छी बिजली की व्यवस्था, परन्तु खराब हो रहे लॉ एंड आर्डर से बिहार की छवि कलंकित होने लगी है जबकि बिहार के हर कोने से प्रतिवर्ष आई.ए.एस. व आई.पी.एस. निकलने लगे हैं- यहाँ तक कि टॉप टेन में भी दो स्थान पाने लगे हैं | अर्द्धशतक बना बनाकर अब शतक बनाने की कोशिश में कदम बढ़ाने लगे हैं |

‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जार्नलिस्ट’ के शोधानुसार भारत में 1992 से अबतक लगभग 100 पत्रकारों की हत्याएं हो चुकी हैं | सवाल यह नहीं कि कितने मामलों में इन्साफ मिला और कितने अपराधियों को माफ़ी मिल गई ! सवाल यह है कि वैसे सैकड़ों आहत परिवार की तरह और कबतक इस लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की हत्याएं होती रहेंगी | सीवान में हिन्दुस्तान के ब्यूरोचीफ राजदेव रंजन और झारखंड के पत्रकार इन्द्रदेव यादव के बच्चों के सपने कब तक भूलुंठित होते रहेंगे ! कब तक विदेशों में भी ऐसी मर्माहत करने वाली हत्याओं की भर्त्सनाएँ की जाती रहेंगी ! तथा देश के कोने-कोने में पत्रकारों द्वारा काले बिल्ले लगा-लगाकर धरना दिये जाते रहेंगे ?

वरिष्ठ पत्रकार धर्मेन्द्र भारद्वाज की अध्यक्षता में जिले के प्रतिष्ठित पत्रकार अमिताभ एवं रुपेश कुमार सहित प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के सभी पत्रकारों ने राजदेव एवं इन्द्रदेव की दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए सम्मिलित रूप से दो मिनट का मौन रखा | श्रधांजलि सभा में पत्रकारों द्वारा सुरक्षा की मांग के साथ-साथ इन दोनों पत्रकारों को राजकीय शहीद का दर्जा देते हुए उसके तहत मिलने वाली सुविधाएँ उनके परिजनों को मुहैया कराने की मांग भी की गई |

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मनीषियों की तपोभूमि है मधेपुरा- मंत्री प्रो. चंद्रशेखर

जिला स्थापना के 35वें वर्षगांठ पर बी.एन.मंडल स्टेडियम में भव्य समारोह का आयोजन किया गया | यूँ तो 9मई को दिन भर तेरहो प्रखंड में उत्सवी माहौल रहा | शाम में स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्जवलित कर सम्मिलित रूप से बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, अपर जिला न्यायाधीश मिथिलेश कुमार दिवेदी, जिलाधिकारी मो.सोहैल एवं समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने किया|

मंत्री प्रो.चंद्रशेखर ने दर्शकों से अपील की कि जातिवाद एवं छुवाछूत से हटकर विकास को गति प्रदान करें | उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज विश्वकर्मा बनकर बिहार को सजा रहे हैं, उनके सात निश्चयों को मंजिल तक ले जाने में सहयोग करें |

विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा ने पूर्ण नशामुक्त एवं विकसित बिहार बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं राष्ट्रीय नेता शरद यादव को हृदय से बधाई दी |

जिला के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने कहा कि अब मधेपुरा ‘रोशनी ’ की नई इबारत लिखने लगा है- रेल फैक्ट्री, मेडिकल-इंजिनीयरिंग – पारा मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ दो आई टी आई एवं एएनएम- जेएनएम स्कूल……. के लिए जमीन हो गई है तथा सरकारी स्वीकृति भी मिल चुकी है | शीघ्र निर्माण कार्य आरम्भ होगा |

डॉ.मधेपुरी ने 135 वर्षो तक सबडिविजन रहने के बाद मधेपुरा को जिला का दर्जा देने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.जगन्नाथ मिश्र को मधेपुरा वासियों की ओर से तथा सामाजिक न्याय की धरती की ओर से धन्यवाद् ज्ञापित करते हुए जिला बनने की विस्तृत जानकारियाँ दर्शकों को दी|

Cultural Programs being performed by students of schools and colleges .
Cultural Programs being performed by students of schools and colleges .

स्थानीय स्कूली कलाकारों के भव्य प्रदर्शन का रसास्वादन लेते रहे- विधायक प्रो.रमेश ऋषिदेव, आरक्षी अधीक्षक विकास कुमार, एडीएम अबरार अहमद कमर सहित जिलाप्रशासन के समस्त पदाधिकारी गण व समाजसेवी शौकत अली, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, डॉ.शांति यादव, प्रो.योगेन्द्र ना.यादव, प्रो.रविरंजन, प्रो.रीता आदि |

कार्यक्रम का शुभारम्भ शशि प्रभा एवं समापन रेखा यादव ने किया | सांस्कृतिक कार्यक्रम में हॉली क्रॉस, माया विद्या निकेतन, स्वर शोभिता, मधेपुरा महिला कॉलेज, कला मंदिर मधेपुरा एवं सिंहेश्वर के बच्चे-बच्चियों ने मनमोहक प्रदर्शन प्रस्तुति की |

Audience enjoying the Cultural Program .
Audience enjoying the Cultural Program .

मंच संचालन सीडीपीओ जयश्रीदास एवं भारत स्काउटएंड गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने संयुक्तरूप से किया | धन्यवाद् ज्ञापन डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार ने किया |

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मधेपुरा में पूर्ण नशा मुक्ति पर कार्यशाला आयोजित

जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल की अध्यक्षता में जिला के सरकारी एवं प्राइवेट सभी डॉक्टरों, दंत चिकित्सकों, शिक्षाविदों एवं ड्रग एशोसिएशन के अध्यक्ष – सचिव सहित सभी दवाइयों के थौक विक्रेताओं को सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पांडेय द्वारा झल्लूबाबू सभागार में बुलाया गया |

अध्यक्षता करते हुए डी.एम. सोहैल ने नीतीश सरकार के पूर्ण नशाबंदी कार्यक्रमों को आन्दोलन का स्वरुप देने हेतु अनुरोध किया तथा दवा दूकानदारों को वैसे दवाइयों को बिना रजिस्टर्ड डॉक्टरों के पुर्जे के नहीं बेचने की हिदायत दी जिसमें अलकोहल या निकोटीन रहता है |

सभा में अधिकांश डॉक्टरों ने जिसमें आई.एम.ए. के अध्यक्ष डॉ.मिथिलेश कुमार, सचिव डॉ. डी.के.सिंह, प्रमंडलीय सचिव डॉ.सच्चीदानंद यादव, डॉ.धीरेन्द्र कुमार यादव, डॉ.नायडू, डॉ.बी.एन. भारती, डॉ.उजित राजा, डॉ.मधुकर, डॉ.अशोक वर्मा, डॉ.आर.के पप्पू आदि ने अपने विचार रखे | थौक दवा विक्रेता संघ के सचिव मनीष सर्राफ, शिक्षाविदों में डॉ.शांति यादव, डॉ.मधेपुरी, प्रो.श्यामल किशोर यादव, शौकत अली, सुधा संध्या आदि ने अपने विचार विस्तार से रखे | जहाँ डॉ.शांति यादव ने क्वेक के पुर्जे पर दवा नहीं देने की बात कही, वहीँ श्यामल किशोर ने क्वेक के पक्ष में बातें रखी | समाजसेवी शौकत अली ने बच्चों द्वारा सुलेशन से नशा बनाने की बातें कही |

डॉ. मधेपुरी ने कहा जैसे घड़ी की सभी सुइयाँ बारह बजे एक साथ हो जाती है, वैसे ही यदि प्रशासन-चिकित्सक-शिक्षक एक साथ हो जांये तो नशा खोरों का बारह बज जाएगा और पूर्ण नशामुक्ति का प्रयास सफल होगा |

अंत में डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार ने धन्यवाद् ज्ञापित करते हुए कहा कि पूर्ण नशा मुक्त समाज बनाने के लिए सभी का सहयोग जरुरी है |

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मधेपुरा में बिहार के प्रथम विधिमंत्री शिवनंदन बाबू की जयंती मनी

स्थानीय शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में 18 अप्रैल को बिहार के प्रथम विधिमंत्री, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी व प्रज्ञापुरुष बाबू शिवनंदन प्रसाद मंडल की भव्य जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जयंती समारोह के उद्घाटनकर्ता डायनेमिक डी.एम. मो. सोहैल ने कहा कि मधेपुरा में शिक्षा का अलख जगाने वाले इतिहासपुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल के बताए गए मार्ग पर युवाओं को चलने की जरूरत है।

समारोह के मुख्य वक्ता समाजसेवी व साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने विस्तार से आधुनिक बिहार के निर्माता के रूप में शिवनंदन बाबू के जीवन-वृतान्त के विभिन्न पहलुओं से श्रोताओं को रू-ब-रू कराया। डॉ. मधेपुरी ने कहा कि कृष्ण के ज्ञान एवं अर्जुन के कर्मों से अपनी जीवन-गीता को संवारने वाले प्रज्ञापुरुष शिवनंदन बाबू के जीवन-दर्शन की ऊँचाई को मापा नहीं जा सकता। वे लोगों के बीच यही कहा करते – “No soul should remain uneducated on the Earth”.

जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि के रूप में एम.एल.टी. कॉलेज, सहरसा के प्रधानाचार्य डॉ. के.पी. यादव एवं प्रो. श्यामल किशोर यादव, संस्थापक प्राचार्य वाणिज्य महाविद्यालय, साहुगढ़, मधेपुरा ने शिवनंदन बाबू के जनसेवा के प्रति समर्पण एवं शिक्षण संस्थाओं के प्रति त्याग की विस्तृत चर्चा की।

अध्यक्षीय भाषण में उद्गार व्यक्त करते हुए शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य डॉ. निरंजन कुमार ने कहा कि शिवनंदन बाबू इसी स्कूल के छात्र थे, इसी स्कूल में उन्होंने शिक्षण-कार्य भी किया और आजादी के आंदोलन में सक्रिय होने पर निष्काषित भी हुए। उन्होंने कहा कि वे सौभाग्यवान हैं कि आज वे उसी स्कूल के प्राचार्य हैं। उन्होंने जिला पदाधिकारी मो. सोहैल, जिला शिक्षा पदाधिकारी बद्री नारायण मंडल, डॉ. मधेपुरी एवं विशिष्ट अतिथिद्वय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कोसी के विभिन्न जिलों से वीक्षण कार्य के लिए आए शिक्षकों व सुकवि राजन बालन, स्काउट गाइड आयुक्त जयकृष्ण यादव, डॉ. सुरेश भूषण, डॉ. अरुण कुमार आदि को साधुवाद दिया।

समारोह का श्रीगणेश स्कूली छात्राओं द्वारा अतिथियों को बुके देकर सम्मानित करते हुए किया गया। जिला पदाधिकारी सहित सभी अतिथिगण द्वारा शिवनंदन बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। समारोह का संचालन शिक्षक मो. शकील अहमद ने किया।

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