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नये वर्ष में नहीं करेंगे खुले में शौच

डॉ.राम मनोहर लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत सदर प्रखंड के सुखासन पंचायत में डॉ.शांति यादव की अध्यक्षता में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें खुले में शौच से पंचायत को मुक्त करने हेतु शौचालय निर्माण कार्य का श्रीगणेश किया गया | प्रखंड समन्वयक राजेश कुमार द्वारा पंचायत में सर्वेक्षित घरों की कुल 2453 में 794 घरों में शौचालय बना हुआ है यानि 1659 घर शौचालय विहीन पाये गये |

यह भी बता दें कि कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने कहा कि इस योजना के तहत जिले का हर गांव हर टोला खुले में शौचालय से शीघ्र ही मुक्त होगा | डी.एम.  मो.सोहैल ने उपस्थित जनों से कहा कि जो शौचालय नहीं बना पाये हैं वे यही मानकर चलें कि वे अपनी जिंदगी में कुछ नहीं कर पाये ! उन्होंने कहा कि रुढ़िवादी परंपराओं को तोड़ते हुए अपने-अपने घरों में जगह के अनुसार शौचालय का निर्माण अनिवार्य रूप से कराने में सहयोग करें |

यह भी जानिए कि महिलाओं की सर्वाधिक उपस्थिति वाली कार्यशाला में डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, ई.ओ. संजय कुमार, सदर बी.डी.ओ. दिवाकर कुमार, जिला समन्वयक बी.के.सिंह, जीविका प्रभारी अरुण कुमार, मनरेगा पीओ प्रमोद प्रियदर्शी, डी.आर.डी.ए. डायरेक्टर मनोज कुमार पवन, पैक्स अध्यक्ष हेमंत सिंह, सरपंच अरुण कुमार मंडल, प्रधानाध्यापक अशोक कुमार, उपमुखिया विजय महतो आदि की उपस्थिति में डी.एम. मो.सोहैल ने कहा कि संपूर्ण देश को मिथिला और कोसी ने उत्कृष्ट संस्कृति दी है और बिहार ने देश को सर्वोत्कृष्ट नेतृत्व दिया है | बावजूद इसके हमारा दुर्भाग्य है कि अभी भी हम खुले में शौच कर अनेक प्रकार की बीमारियों को आमंत्रण देते चले आ रहे हैं |

जिलाधिकारी मो.सोहैल, अध्यक्षता कर रही डॉ.शांति यादव, स्वागताध्यक्ष मुखिया कमलेश्वरी सिंह एवं अन्य पदाधिकारी सहित उपस्थित गणमान्यों ने उद्गार व्यक्त करते हुए इन्हीं बातों पर फोकस किया कि 2019 तक हर पंचायत के हर घर में शौचालय, नल का शुद्ध जल और बिजली पहुंचाने का संकल्प पूरा तभी किया जा सकेगा जब हम सभी मिलकर इस लक्ष्य को पूरा करने में पसीना बहायेंगे |

अंत में सुखासन पंचायत के वार्ड संख्या-7 की वार्ड सदस्या सारिका देवी द्वारा डी.एम.  मो.सोहैल, अध्यक्षा डॉ.शांति यादव, स्वागताध्यक्ष मुखिया कमलेश्वरी सिंह व अन्य गण्यमान्यों की उपस्थिति में शौचालय निर्माण हेतु शिलान्यास कार्य का श्रीगणेश किया गया |

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मधेपुरा मॉडल पर ही संथालों के विकास की बनी योजनाएँ

और फिर एक बार नीतीश सरकार की नजर में डायनेमिक डी.एम.  मो.सोहैल का ‘मधेपुरा जिला’ नंबर वन पर | आदिवासी समुदाय के लोग होंगे प्रशिक्षित और बनेंगे आत्मनिर्भर – इसे योजनाबद्ध तरीके से लागू करके संथालों के उत्थान की नजीर ‘मधेपुरा’ को बनाने हेतु जिलापदाधिकारी मो.सोहैल (भा.प्र.से) ने मुख्यमंत्री संथाल सुनिश्चित रोजगार योजना के लिए पहल की थी जिसके फलस्वरूप फिलहाल सिर्फ मधेपुरा जिले का चयन राज्य सरकार द्वारा इस योजना के निमित्त किया गया है | बहरहाल, मधेपुरा मॉडल पर ही राज्य भर में संथालों के उत्थान के लिए बन रही है योजनाएँ |

यह भी बता दें कि जिले के आदिवासी बाहुल्य मुरलीगंज प्रखंड के रजनी पंचायत में इस महत्वाकांक्षी स्वरोजगार योजना का शुभारंभ डी.एम.  मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार द्वारा सम्मिलित रूप से डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार सहित प्रशासनिक टीम की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर किया गया | आगे संथालों को महुआ शराब के कारोबार की जगह दूसरे स्वरोजगार योजना से जोड़ने के लिए इस जिले में मुख्यमंत्री संथाल सुनिश्चित स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया गया और अब बिहार के अन्य आदिवासी आबादी वाले जिलों में भी शुरू कर संथालों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा | हाँ! इस योजना के तहत आदिवासी नर-नारियों को उनकी अभिरुचि के अनुसार अलग-अलग व्यवसाय हेतु प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जायेगी | साथ ही आदिवासी समुदाय की महिलाओं को खासतौर पर जीविका समूह से जोड़कर प्रशिक्षण देने की व्यवस्था तथा बैंक से लोन लेने की सुविधा भी होगी | प्रशिक्षण के बाद व्यवसाय हेतु 90% तक का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा और मात्र 10% की लागत लाभुकों को देना होगा |

यह भी जानें कि प्रशिक्षण में उन आदिवासियों को गाय, बकरी, मछली, मधुमक्खी, मुर्गी पालन के साथ-साथ मोमबत्ती बनाने, डेयरी खोलने, ब्यूटी पार्लर खोलने या मशरूम की खेती, वर्मी कंपोस्ट व साईकिल मरम्मती आदि करने से भी जोड़ा जायेगा | एससी-एसटी कल्याण संघ एवं महादलित मिशन के तहत भी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जायेगा | विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जायेगा जिसकी बैठक प्रतिमाह होगी | मुख्यमंत्री विकास योजना में उपलब्ध राशि से भी इस योजना में व्यय किया जा सकता है |

अंत में यह बता देना अनिवार्य है कि आदिवासियों को प्रशिक्षण देकर, बैंक से लोन एवं अनुदान दिलाकर उनके बच्चों के अच्छे भविष्य के निर्माण के लिए जो प्रस्ताव बनाकर मधेपुरा जिला के डाययेमिक डी.एम.  मो.सोहैल ने बिहार की नीतीश सरकार के पास भेजा जिसे मामूली संशोधन के साथ राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया | प्रारूप में बच्चों की पढ़ाई से लेकर रोजगार तक की गारंटी का विस्तार से वर्णन किया गया है |

चलते-चलते यह भी कि डी.एम.  की पूरी टीम पुनः हरिपुरकला पंचायत के तीनकोनमा गाँव पहुंचकर वहाँ भी इस योजना का उद्घाटन किया जहाँ के उत्साहित आदिवासियों ने परंपरागत संथाली नृत्य के अलावे चादर भेंट कर डी.एम.  मो.सोहैल, एस.पी. विकास कुमार एवं डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार आदि का हृदय से स्वागत किया | अन्य पदाधिकारियों में अमृत शेखर पाठक, विवेक कुमार, मनोज कुमार पोद्दार, पारस कुमार, सुशील प्रसाद, सुरेन्द्र कुमार आदि मौजूद थे |

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समाज का दर्पण नहीं, धड़कन है साहित्य !

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिन्दी के विभागाध्यक्ष डॉ.इन्द्र नारायण यादव की अध्यक्षता में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया | जहां उद्घाटनकर्ता अंबेडकर विश्वविद्यालय के श्री नंदकिशोर नंदन, मुख्यवक्ता दिल्ली दूरदर्शन के निदेशक रह चुके वरिष्ठ साहित्यकार – कथाकार डॉ.गंगाधर मधुकर, झारखंड रांची से आये चन्द्रिका ठाकुर, संपादक डॉ.शिवनारायण, दूरदर्शन के पूर्व निदेशक डॉ.रमेश, कवि व आलोचक डॉ.वरुण कुमार तिवारी, वरीय कथाकार चन्द्र किशोर जायसवाल, डॉ.सुनील कुमार, डॉ.रेणु सिंह आदि ने दीप प्रज्वलित कर सेमिनार का उद्घाटन किया वहीं मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष रह चुके डॉ.विनय कुमार चौधरी एवं विभागीय प्राध्यापक डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप को मंच संचालन व सहयोग करते देखे गये |

इस द्विदिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में लगभग डेढ़ सौ डेलीगेट्स एवं शहर के साहित्यानुरागियों, कवि-लेखकों की अच्छी खासी उपस्थिति देखी गई | समारोह की सफलता तो तब मान ली गयी जब इतनी भीड़ के बावजूद चारों ओर मरघटी सन्नाटा विराजमान देखा गया और डॉ.मधेपुरी, डॉ.नरेश कुमार (सीनेटर) सरीखे विज्ञान के अनेक शिक्षकों को भी “हिन्दी कथा साहित्य के बदलते परिदृश्य” पर राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ कथाकारों- डॉ.मधुकर गंगाधर, चन्द्रकिशोर जायसवाल, डॉ.शिवनारायण आदि द्वारा वाणी से वर्षा कर रहे सुधारस में घंटों नहाते देखा गया |

भला क्यों नहीं, जहां उद्घाटनकर्ता डॉ.नंदन ने समाज के लोगों की सोयी चेतना को जगाने हेतु विस्तार से उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि मानव जीवन के यथार्थ का चित्रण फाईव स्टार होटल में बैठकर कदापि नहीं हो सकता, वहीं मुख्यवक्ता के रुप में वरिष्ठ कथाशिल्पी डॉ.मधुकर ने बेवाकी से साहित्य सेवियों पर सतरंगे प्रहार करते हुए कहा कि हिन्दी साहित्याकाश में बिहारी साहित्यकारों की पहचान इसलिए नहीं बन पा रही है क्योंकि यहां साहित्य में खेमेबाजी, राजनीति और पालकी ढोने की प्रवृत्ति हावी हो गयी है | उन्होंने शोधार्थियों व छात्रों से कहा कि साहित्य को श्रेष्ठता प्रदान करने के लिए उसमें समाज के सच को संवेदनाओं के साथ उकेरना होगा क्योंकि साहित्य समाज का दर्पण नहीं बल्कि धड़कन होता है |

यह भी बता दें कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले अनूप लाल मंडल की चर्चा के साथ दु:ख व्यक्त करते हुए ख्याति प्राप्त साहित्यकार चन्द्र किशोर जायसवाल ने बदलते साहित्यिक परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा करते हुए जहां यह कहा कि आज के साहित्य से किसान गायब हो गये हैं वहीं सम्पादक डॉ.शिवनारायण ने कहा कि साहित्य अंततः और तत्वत: भाषा की साधना है जबकि आज की पीढ़ी में भाषा की साधना कहीं दिखाई नहीं देती !

इस अवसर पर कथा साहित्य के सिद्ध-प्रसिद्ध व सशक्त हस्ताक्षर डॉ.वरुण कुमार तिवारी, डॉ.सुनील कुमार, डॉ.रमेश एवं डॉ.रेणु सिंह आदि ने कथा साहित्य के बदलते परिदृश्य पर अपने-अपने विचार-उद्गार व्यक्त किये | इस मौके पर विश्वविद्यालय प्रोक्टर डॉ.बी.एन.विवेका, सिंडीकेट सदस्य डॉ.जवाहर पासवान, प्राचार्य अशोक कुमार, पूर्व प्राचार्य आर.के.पी.रमण व डॉ.वीणा कुमारी, प्राचार्य अशोक कुमार आलोक व डॉ.नूतन आलोक, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.अरुण कुमार, महासचिव डॉ.अशोक कुमार, प्राचार्य डॉ.एच.एल.एस जौहरी और महासचिव मुस्टा डॉ.नरेश कुमार आदि प्रमुखरुप से उपस्थिति बनाये रखे | धन्यवाद ज्ञापन  डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप ने किया |

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द्विदिवसीय बिहार कला दिवस का समापन

मौर्यकालीन ‘चामर ग्राहिणी यक्षिणी’ की कलात्मक मूर्ति की प्राप्ति के सौवें वर्ष के आरंभ यानि 18 अक्टूबर 2016 को एक दिवसीय बिहार कला दिवस के रूप में बिहार के सभी जिलों में मनाये जाने हेतु नीतीश सरकार द्वारा दिये गये निर्णय के बावजूद मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम.  मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की अध्यक्षता में एक आयोजन समिति का गठन कर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के चाक्षुष एवं प्रदर्श कला के विभिन्न विधाओं की वैसी छिपी प्रतिभाओं को मंच देने के लिए दो दिवसीय आयोजन करने का निश्चय किया |

जिन विधाओं में निर्णायक मंडली के सदस्यगण प्रो.रीता कुमारी, प्रो.अरुण कुमार बच्चन, प्रो.रवि रंजन, प्रो.अविनाश सहित, प्रो.दिलीप, प्रो.कन्हैया यादव आदि के द्वारा प्रतिभागियों में एक-को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया वे हैं-

लोकनृत्य में स्वर शोभिता संगीत महाविद्यालय की छात्रा- रुचिका सिन्हा, शास्त्रीय संगीत में कुमारी पुष्पलता, लोकगीत में तनूजा, सुगम संगीत में रौशन कुमार, तबला वादन में सूर्यवंशी, गजल में सुमन कुमार, पेंटिंग में रीना कुमारी, मूर्तिकला में अक्षय कुमार और क्राफ्ट में गोपाल नंदी जिन्हें प्रमाण-पत्र एवं मोमेंटो देकर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पुरस्कृत व सम्मानित किया जिला उप विकास आयुक्त मिथिलेश कुमार, आयोजन समिति के सदस्य रेखा यादव, मो.शौकत अली, प्रो.प्रदीप कुमार झा, तुरबसु, प्रो.अविनाश, माया विद्या निकेतन, शहीद चुल्हाय मार्ग, मधेपुरा की निदेशिका चंद्रिका यादव, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव एवं दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल, डॉ.मधेपुरी मार्ग, मधेपुरा के निदेशक सह प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर कुमार आदि ने |

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं सदस्य सह उद्घोषक एवं जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार द्वारा नाटक में नवाचार रंगमंडल के शहंशाह की टीम एवं सर्वधर्म समन्वय पर  रंगकर्मी विकास के निर्देशन में बेहतरीन प्रस्तुति देने के उपलक्ष्य में तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र को मोमेंटो व प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया गया | साथ ही दर्शकों की अपील पर 3 कलाकारों को विशेष रुप से पुरस्कृत किया गया- पेंटिंग में संतोष कुमार एवं आफरीन उद्दीन, चन्दा रानी (नृत्य) में | सबसे अधिक सराहना मिली- दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल के छात्रों- शिव कुमार एंड ग्रुप द्वारा तैयार किये गये मिसाइल को- जिसके लिए उस ग्रुप को स्काउट एंड गाइड आयुक्त जयकृष्ण यादव एवं सीनियर सिटीजन शिवराज यादव द्वारा प्रमाण-पत्र मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया |

अंत में इस दो दिवसीय कार्यक्रमों में अहर्निश सहयोग करते रहने वाले किशोर कुमार (निदेशक) के धन्यवाद ज्ञापन के बाद अध्यक्ष डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कार्यक्रम समापन की घोषणा की |

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मधेपुरा में द्वि दिवसीय बिहार कला दिवस का आयोजन

लगभग 3000 वर्ष पूर्व ‘चामर ग्राहिणी यक्षिणी’ की लाजवाब ओपदार चमकवाली मौर्यकालीन ‘चुनार पत्थर’ से बनी इस मूर्ति की खूबसूरती दुनिया में प्रसिद्धि प्राप्त कर चुकी है | कहा जाता है कि इसके सामने पिकासो की पेंटिंग भी फीकी है |

यहाँ यह भी बता दें कि जहाँ पटना संग्रहालय की इस उत्कृष्ट ऐतिहासिक ‘चामर ग्राहिणी यक्षिणी’ की मूर्ति को देखकर बिहार की नीतीश सरकार ने इस मूर्ति के पटना के दीदारगंज से 18 अक्टूबर 1917 को प्राप्त होने के सौवें वर्ष को राज्य के सभी जिलों में 18 अक्टूबर 2016 को एक दिवसीय ‘बिहार कला दिवस’ के रुप में मनाये जाने का निर्देश दिया है, वहीं मधेपुरा जिला में इसके लिए यहां के डायनेमिक डी.एम.  मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने द्विदिवसीय आयोजन की घोषणा की है और चाक्षुष एवं प्रदर्श कला की सफलता के लिए डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय समिति भी गठित कर दी जिसमें डॉ.ए.के. मंडल, रेखा यादव, प्रदीप कुमार झा, मो.शौकत अली, तुरबसु एवं उद्घोषक अरुण कुमार सदस्य हैं |

DM Md.Sohail, S.P. Vikash Kumar, Dr.Madhepuri, DDC Mithilesh Kumar, Dr.Shanti Yadav, Kishore Kumar, A.K.Bachchan & J.K.Yadav inaugurating "Bihar Kala Diwash-2016".
DM Md.Sohail, S.P. Vikash Kumar, Dr.Bhupendra Madhepuri, DDC Mithilesh Kumar, Dr.Shanti Yadav, Kishore Kumar, A.K.Bachchan & J.K.Yadav inaugurating “Bihar Kala Diwash-2016”.

यह भी जानिये कि समिति द्वारा जिले के तेरहो प्रखंडों एवं दूर-दराज के गांवों की वैसी प्रतिभाओं की खोज की गई है जिन्हें कभी इतना बड़ा मंच नसीब नहीं हुआ था | दिनांक 14-15 अक्टूबर को सौ से ऊपर कलाकारों का विभिन्न विधाओं में निबंधन किया गया |

अक्टूबर 18 को 10:00 बजे पूर्वाहन में जिलाधिकारी मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ.मधेपुरी, डीडीसी मिथिलेश कुमार, एन.डी.सी. मुकेश कुमार,  डी.पी.ओ.राखी कुमारी, जयकृष्ण यादव, डॉ.शान्ति यादव, डॉ.ए.के.मंडल, ध्यानी यादव, प्रदीप कुमार झा, मो.शौकत अली, तुरबसु, श्यामल कुमार सुमित्र, अरुण कुमार उद्घोषक व अन्य द्वारा सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर विधिवत “बिहार कला दिवस-2016” का उद्घाटन किया गया |

इस अवसर पर डीएम मो.सोहैल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को मंच देकर प्रोत्साहित करना ही इस समारोह का उद्देश्य है | संदेश के रूप में उन्होंने कहा कि कला-संस्कृति का संरक्षण कर हम सभी समाज को संकीर्णता से उबार सकते हैं | जहाँ अपने संबोधन में एसपी विकास कुमार ने कहा कि कला-संस्कृति से ही अन्यत्र हमारी पहचान बनती है वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ग्रामीण क्षेत्र के कलाकारों के अलावा शहर के कलाकारों को भी पूरा मौका दिया जा रहा है | अध्यक्ष डॉ.मधेपुरी द्वारा “बिहार कला दिवस-2016” के निमित्त तैयार किये गये “एक अत्यंत खूबसूरत लीफलेट” सभी दर्शकों एवं कलाकारों के बीच बांटा गया जिसमें ‘चामर ग्राहिणी यक्षिणी’ प्राप्त होने के रोचक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दर्शाया गया है तथा विकास का पर्याय बन चुके बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार और कला, संस्कृति एवं युवा विभाग एवं मधेपुरा जिला प्रशासन टीम को हृदय से साधुवाद दिया गया है | साथ ही डॉ.मधेपुरी ने डी.एम. मो.सोहैल द्वारा द्विदिवसीय आयोजन करने हेतु उनकी भावना व तत्परता की खूब सराहना की है |

बाद में बी.एन.मंडल स्टेडियम हॉल में आयोजित चाक्षुषकला का मुआयना डी.एम.  मो.सोहैल की पूरी टीम एवं अध्यक्ष डॉ.मधेपुरी के सारे सहयोगियों ने किया | हॉल में लगभग 5 दर्जन चित्रकला, मूर्तिकला, मधुबनी पेंटिंग आदि के कलाकारों द्वारा तथा प्रो.अविनाश के “चित्रालय” के छात्र-छात्राओं द्वारा ‘चामर ग्राहिणी यक्षिणी’ सहित ढेर सारे मनमोहक कलाकारी का प्रदर्शन किया गया | नवाचार रंग मंडल के शहंशाह की पूरी टीम कलाकारी करते देखे गये | प्रायः कलाकार अपने चित्रों व पेंटिंग के साथ डी.एम. मो.सोहैल, डी.डी.सी.मिथिलेश कुमार एवं अध्यक्ष डॉ.मधेपुरी के साथ फोटोग्राफ एवं ऑटोग्राफ लेने में मशगुल दिखे  |

All the artists engaged in taking photographs $ autographs of DM, DDC & Dr.Madhepuri in BN Mandal Stadium Hall on this occasion of Bihar Kala Diwas Samaroh.
All the artists engaged in taking photographs and autographs of DM, DDC & Dr.Madhepuri in BN Mandal Stadium Hall on this occasion of Bihar Kala Diwas Samaroh.

दूसरे दिन 19 अक्टूबर को समारोह समापन के समय प्रत्येक विधा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एक प्रतिभा पुत्र अथवा पुत्री को जिला पदाधिकारी द्वारा प्रशस्ति प्रमाण-पत्र एवं मोमेंटो दिया जायगा |

निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में प्रो. रीता कुमारी, प्रो. अरुण कुमार ‘बच्चन’, प्रो. रविरंजन के साथ-साथ संगीत साधिका हेमा कुमारी, वन्दना कुमारी, चंद्रिका यादव एवं  चिरामणि यादव, राम स्वरूप यादव आदि अन्त तक समारोह में अपनी उपस्थिति बनाये रखें |

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भारतरत्न डॉ. कलाम की जयंती पर मधेपुरा में मिठाईयां बंटीं

15 अक्टूबर 2016 को महान वैज्ञानिक भारतरत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 86वीं जयंती समारोह बिल्कुल सादगी के साथ डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी के निवास ‘वृंदावन’ में स्थानीय तुलसी पब्लिक स्कूल के छात्रों, शिक्षकों एवं स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र व प्राचार्य डॉ. हरिनंदन प्रसाद यादव एवं रंगकर्मी विकास-वरुण-विभीषण आदि की उपस्थिति में मनाई गई तथा बच्चे-बच्चियों, शिक्षकों एवं अखबारनवीसों के बीच मिठाईयां बांटी गईं। इस समारोह में रेणु-रोजी-शिवानी, प्रियंका-मनीषा-गजाला सहित अपर्णा-निगम-संध्या, स्वर्णा-कल्पना-अदिति परमार की उपस्थिति अंत तक बनी रही।

इस अवसर पर सभी गणमान्यों द्वारा डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि दी गई तथा पुष्पांजलि अर्पित की गई। डॉ. मधेपुरी ने अवरुद्ध कंठ से उन शब्दों को रखा जो अविस्मरणीय मुलाकात के क्षणों में महामहिम राष्ट्रपति के रूप में डॉ. कलाम ने अपने सहयोगी-शिष्य डॉ. अरुण कुमार तिवारी की उपस्थिति में कहा था – “ये आँखें दुनिया को दुबारा नहीं देख पाएंगीं, अस्तु तुम्हारे अंदर जो बेहतरीन है वह दुनिया को देकर जाना, बच्चों को देकर जाना..!”

हाल ही में शिष्य अरुण कुमार तिवारी द्वारा लिखी गई जीवनी ‘डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम – एक जीवन’ की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों से डॉ. मधेपुरी ने कहा – “डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आज भी जीवित हैं और आगे भी बच्चों की कल्पनाओं में, युवाओं एवं वयस्कों के विचारों में, वैज्ञानिकों के आविष्कारों में… महान राष्ट्र-निर्माण के सपनों में सदैव जीवित रहेंगे।”

अंत में डॉ. मधेपुरी ने कहा – “विश्व की प्रगति, समृद्धि और शान्ति का सपना देखने वाला विश्वगुरु डॉ. कलाम कभी भी विश्व-क्षितिज से विलीन नहीं होगा और आने वाली कई पीढ़ियों के लिए एक शाश्वत उपहार बना रहेगा।”

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मधेपुरा में 2 अक्टूबर को प्रशासन, पब्लिक और बच्चे सभी उत्साहित !

अहले सुबह से देर शाम तक मधेपुरा के विभिन्न संस्थानों में सत्य-अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता बापू और जय जवान, जय किसान के उद्घोषक लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं व तस्वीरों पर माल्यार्पण-पुष्पांजलि करने के साथ-साथ आजादी के लिए उनकी कुर्बानियों को याद किया जाता रहा |

एक ओर जहां समाहरणालय परिसर में मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा हाल ही में स्थापित राष्ट्रपिता बापू की भव्य आदमकद प्रतिमा पर एस.पी. विकास कुमार, डीडीसी मिथिलेश कुमार, डीपीआरओ कयूम अंसारी, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मनोज कुमार पवन आदि की उपस्थिति में माल्यार्पण करते हुए यह कहा गया कि पूज्य बापू ने तो समस्त देशवासियों को सामाजिक समरसता का पाठ पढ़ाया और आगे जाकर शास्त्री जी ने देश को ‘जय जवान जय किसान’ का संदेश दिया |

Dr.Madhepuri inaugurating the Yog & Diabetes Programe of Patanjali arranged to pay Shrandhanjali to Mahatma Gandhi & Shastrijee in presence of Scout & Guide Aayukta Jaikrishna Yadav, Dr.Nandkishore and Prof.Reeta Kumari etc. at Keshav Kanya Hall, Madhepura.
Dr.Madhepuri inaugurating the Yog & Diabetes Programe of Patanjali arranged to pay Shrandhanjali to Mahatma Gandhi & Shastrijee in presence of Scout & Guide Aayukta Jaikrishna Yadav, Dr.Nandkishore and Prof.Reeta Kumari etc. at Keshav Kanya Hall, Madhepura.

वहीं दूसरी ओर केशव कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रो.नन्द किशोर व प्रो.रीता कुमारी द्वारा आयोजित पतंजलि के कार्यक्रमों में सम्मिलित राष्ट्रपिता एवं राष्ट्रनेता द्वय के श्रद्धांजलि समारोह का उद्घाटन करते हुए साहित्यकार व समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने स्काउट एंड गाइड के आयुक्त जय कृष्ण यादव सहित शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति में यही कहा-

गोखले तिलक गांधी सुभाष, नेहरु शास्त्री जयप्रकाश |

सभी दीवाने आजादी के, कर दिया एक क्षिति महाकाश ||

आओ सब मिलकर करें बंधु, आजादी का शत अभिनंदन |

                         इसके ललाट पर करें नित्य, अपने अन्त श्रम का चंदन ||                        

और तो और सर्वाधिक पुराने अंगीभूत टी.पी.कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.एच.एल.एस जौहरी से लेकर सर्वाधिक समुन्नत मधेपुरा कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.अशोक कुमार सहित सभी सरकारी एवं प्राइवेट स्कूल्स के प्रधान अपने-अपने शिक्षकों-छात्रों के बीच राष्ट्रपिता को पुष्पांजलि-श्रद्धांजलि देते रहे- हर तरफ ईश्वर-अल्लाह तेरे नाम…….. और वैष्णव जन तो तेने कहिए……..  का धुन बजता रहा |

उत्सवी माहौल के बीच कई संस्थानों द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया | जिला परिषद के डाक बंगला परिसर में बापू एवं शास्त्री जी की प्रतिमा व तस्वीर पर पुष्पांजलि किया- डीएम मो.सोहैल, डीडीसी मिथिलेश कुमार, डॉ.मधेपुरी, शौकत अली एवं जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी, श्वेत कमल व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने |

Nawachar Rang Mandal Sanrakshak Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute to Pujaya Bapu and Shastrijee in presence of Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi, Shwet Kamal, Dr.J. Paswan, Spl.Guest Nikhil Mandal, Chief Guest Rajshekhar, Dr.Arun Kumar, Shambhusharan Bhartiya & Shwadesh Kumar at B.P.Mandal Nagar Bhawan Shahid Chulahay Marg , Madhepura.
Nawachar Rang Mandal Sanrakshak Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute to Pujaya Bapu and Shastrijee in presence of Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi, Shwet Kamal, Dr.J. Paswan, Spl.Guest Nikhil Mandal, Chief Guest Rajshekhar, Dr.Arun Kumar, Shambhusharan Bhartiya & Shwadesh Kumar at B.P.Mandal Nagar Bhawan Shahid Chulahay Marg , Madhepura.

शाम में बी.पी.मंडल नगर भवन में नवाचार रंग मंडल के बैनर तले मो.शहंशाह एवं सुनीत साना आदि ने गांधी जयंती के अवसर पर हॉली क्रास, तुलसी पब्लिक, यू.के.इंटरनेशनल, मधेपुरा पब्लिक स्कूल, माया विद्या निकेतन व अन्य स्कूली बच्चों को स्थल चित्रकारी, निबंध प्रतियोगिता एवं जी.के. में प्रथम-द्वितीय- व तृतीय स्थान प्राप्त करने के उपलक्ष्य में रंगमंडल के संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, योजना समिति के सदस्य श्वेत कमल उर्फ़ बौआ जी, मुख्य अतिथि राजशेखर, विशिष्ट अतिथि निखिल मंडल, वेदव्यास कॉलेज के संस्थापक डॉ.रामचन्द्र मंडल, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, शंभू शरण भारतीय, स्वदेश कुमार, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.जवाहर पासवान, चंद्रशेखर आजाद, राकेश सिंह, वंदना कुमारी आदि अन्य गणमान्यों द्वारा दर्जनों पुरस्कार दिये गये |

सर्वप्रथम रंगमंडल के संरक्षक डॉ.मधेपुरी ने ग्रामीण परिवेश से मुंबई में अपनी पहचान बनाने वाले इस कार्यक्रम के मुख्यअतिथि, तनु वेड्स मनु फिल्म के गीतकार, राजशेखर से कहा कि मधेपुरा में प्रतिभा की कमी नहीं है, केवल उसे निखारने की जरूरत है | अब मधेपुरा की नजर ‘राजशेखर’ पर है……| जिला अध्यक्षा मंजू देवी, श्वेत कमल, निखिल आदि ने राजशेखर को ऊंचाई प्राप्त करने और मधेपुरा का परचम सारे देश और देश से बाहर फहराते रहने की कामना की और सबों को स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत की शुभकामनाएं दी |

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इतिहास रचने जा रहा है मधेपुरा जिला

डायनेमिक डी.एम.  मो.सोहैल के कार्यकाल में इतिहास रचने के लिए तैयार है मधेपुरा जिला | जहां एक ओर फ्रांस की कंपनी आल्सटॉम और जर्मनी की कंपनी नार ब्रेस्म सहित 23 बड़ी-बड़ी कंपनियों के रिप्रजेंटेटिवों ने मधेपुरा में निवेश का मन बना लिया है वहीं दूसरी ओर मुरहो के भू-स्वामी डॉ.अरुण कुमार मंडल, प्रो.प्रभाष चंद्र यादव, टेंगराहा के दिगंबर प्रसाद – प्रो.श्यामल किशोर और दंडारी के सुदिष्ट नारायण यादव-योगेंद्र कुमार सहित दर्जनों भू-स्वामियों व समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने बिहार सरकार की नई योजना “आओ बिहार” को बढ़ावा देने हेतु घंटों इंतजार करते देखे गये |

यहां यह भी बता दें कि निरंतर प्रयास करते-करते आख़िर 29 सितंबर को झल्लूबाबू सभागार में डीएम मो.सोहैल ने इंवेस्टर्स एवं भू-स्वामियों को एक दूसरे के करीब ला ही दिया, परिचय करा ही दिया तथा दो सत्रों में बैठक आयोजित कर एक-दूसरों से आमने-सामने बातें करा ही दी |

सर्वप्रथम 12:00 बजे से उद्घाटन सत्र में प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ इंवेस्टर्स की बैठक हुई जिसका उद्घाटन कोसी प्रमंडल के आयुक्त कुंवर जंग बहादुर सिंह द्वारा किया गया | अपने संबोधन में आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि मधेपुरा में उद्योग लगाने की सभी संभावनाएं हैं और मधेपुरा औद्योगिक हब बन सकता है | उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन न केवल मधेपुरा में बल्कि पूरे प्रमंडल व सूबे के अन्य जिलों में भी आयोजित किया जाना चाहिए | इंवेस्टर्स को पूरी सुरक्षा देनी चाहिए |

प्रथम सत्र की समाप्ति के बाद इंवेस्टर्स के जिज्ञासानुरूप निर्माणाधीन विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री के डिप्टी चीफ इंजीनियर श्री कृष्ण कुमार भार्गव ने उन्हें फैक्ट्री-परिभ्रमण कराया जिस कारण दूसरे सत्र के शुभारंभ के लिए भू-स्वामियों को इंतजार करना पड़ा |

यह भी जानें कि दूसरे सत्र में इनवेस्टर्स, भू-स्वामियों एवं जिला प्रशासनिक पदाधिकारियों के बीच जमकर चर्चाएं हुई, विचारों का आदान-प्रदान हुआ | लगभग सौ एकड़ जमीनों के लोकेशंस की चर्चा हुई | फोर लेन, एन.एच. एवम् एस.एच आदि  सड़कों की दूरियों का जायजा लिया जाता रहा | सुरक्षा के लिए एसपी विकास कुमार एवं एसडीएम संजय कुमार निराला ने इंवेस्टर्स को आश्वस्त किया | डी.एम.  सह जिला रजिस्ट्रार मो.सोहैल एवं जिला सब रजिस्ट्रार मो.जावेद अंसारी द्वारा फ्री रजिस्ट्रेशन हेतु भरोसा जताया गया | डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, एनडीसी मुकेश कुमार एवं उद्योग विभाग के निदेशक व कर्मियों द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम का आश्वासन दिया गया |

जहाँ डी.एम. मो.सोहैल ने इंवेस्टर्स को सुलभ आवागमन, भरपूर बिजली, प्रचूर जल संसाधन तथा कच्चे माल व स्किल्ड लेबर की उपलब्धता के लिए आश्वस्त किया वहीं एसपी विकास कुमार ने अन्य जगहों से काफी कम अपराध होने का विश्वास दिलाया |

इस “आओ बिहार—-सजाओ बिहार” के लिए जिलाधिकारी को समाजसेवी डॉ.मधेपुरी का सहयोग मिलता रहा है | इच्छुक भू-धारी चाहें तो अभी भी जिलाधिकारी के यहां संबंधित जमीन के ब्यौरे के साथ सूचीबद्ध करा सकते हैं | याद रहे भू-धारी को अपनी जमीन का विक्रय मूल्य अपने स्वविवेक से तय करना है | विशेष जानकारी के लिए अनुमंडल पदाधिकारी या जिला उद्योग विभाग से संपर्क किया जा सकता है |

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मधेपुरा में मनी शहीद भगत सिंह की जयन्ती

जिला इप्टा द्वारा शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 109वीं जयन्ती इप्टा मधेपुरा के संरक्षक व समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की अध्यक्षता में मनाई गई | सुभाष कंप्यूटर कोचिंग एवं अरविन्द रिजल्ट मेकर के छात्र-छात्राओं की अच्छी खासी उपस्थिति में डॉ.मधेपुरी ने शहीदे आजम भगत सिंह के साथ-साथ आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले खुदीराम बोस, राम प्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव व राजगुरू सहित अशफाक उल्ला खां आदि की चर्चा करते हुए कहा कि ये लोग ना सिर्फ निडर व निर्भीक क्रांतिकारी थे बल्कि ये सभी अच्छे विचारक, समाज सुधारक व शायर-कवि भी थे | ये सभी अहर्निश यही गुनगुनाते रहते कि “देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है” या फिर यही कि ‘मेरा रंग दे बसंती चोला……!’ डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि ये सभी क्रांतिकारी लगभग 19 से 30 वर्षों के अंदर ही अपनी-अपनी शहादत दे दी और अंग्रेजी शासन की जड़ें हिला दी | 23 मार्च 1931 को हंसते हुए भगत सिंह – सुखदेव – राजगुरु ने फांसी के फंदे को चुम लिया और भारत के क्रांतिकारी युवजनों से कहा- “अब तुम्हारे हवाले वतन……..|”

यह भी बता दें कि इप्टा के लिए समर्पित कामरेड रमण जी, सुभाष चंद्रा एवं तुर्वसु उर्फ बंटी आदि ने भी विस्तार से उन क्रांतिदूतों के विचारों एवं जीवन शैली की चर्चाएं की और अपने-अपने संबोधन के जरिये युवा छात्र-छात्राओं से यही कहा कि भगत सिंह एवं साथी क्रांतिकारियों के सपनों का भारत बनाने के लिए सबों को अपने-अपने हिस्से की लड़ाई लड़नी होगी एवं निरंतर संघर्ष करना होगा | आरंभ में भगत सिंह की तस्वीर पर पुष्पांजलि एवं अंत में दुष्यंत के गीतों के साथ समारोह का समापन किया गया |

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बारिश की फुहारों के बीच कबड्डी के महाकुंभ का समापन

बी.एन.मंडल स्टेडियम में कबड्डी प्रेमियों की बेशुमार भीड़ द्वारा जहां एक ओर बालक-बालिकाओं के सेमी-फाइनल एवं फाइनल मैच देखने के लिए बारिश की बूंदो की परवाह नहीं की गई वहीं दूसरी ओर फाइनल मैच में मधेपुरा-पूर्णिया (बालक) टीम और मधेपुरा-खगड़िया (बालिका) टीम के खिलाडियों ने अपनी-अपनी जीत दर्ज कराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी | इस महोत्सव में एक-एक अंक के उतार-चढ़ाव का दर्शकों ने खूब लुत्फ लिया | इसी बीच कई बार खेल में रोमांचक स्थितियां भी आती रही लेकिन क्लाइमेक्स तो तब आया जब दर्शक दीर्घा में बालिका खिलाड़ियों की बैठी हुई माताओं ने जोरदार आवाज लगायी- जीतो बेटी ! जीत लो….!!

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Balika Team of Khagadia District receiving the Kabbadi Championship Cup from Ex-Minister & MLA Shri Narendra Narayan Yadav , DM Madhepura Md.Sohail in graceful presence of SP Vikas Kumar , SDM Sanjay Kumar Nirala , NDC Mukesh kumar and others .

यहाँ यह भी जान लें कि डायनेमिक डी.एम.  मो.सोहैल एवं जाँबाज एसपी विकास कुमार की पूरी टीम की चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था, ‘आवाज’ के संरक्षकों डॉ.डी.के.सिंह, पूर्व प्रमुख उपेंद्र प्रसाद यादव, श्री चंद्रशेखर, डॉ.बी.एन. भारती, जयकांत यादव, डी.पी.एस.के किशोर कुमार व समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की हौसला अफजाई तथा खेलों के प्राण संत कुमार, अरुण कुमार, जय कृष्ण प्रसाद के सतत उत्साहवर्धन के बावजूद भले ही मधेपुरा की दोनों टीमें मैदान में मात खा गई लेकिन खेल के श्रेष्ठ प्रदर्शन से जिले के सभी खेल-प्रेमियों के दिलों को जीत लिया | जीत के जुनून में चोट के बावजूद खेल के जज़्बे में कमी नहीं देखी गई | आयोजन किसी मायने में राष्ट्रीय स्तर से कम नहीं था,  जिसे ऐतिहासिक स्वरुप प्रदान किया- डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला और एन.डी.सी.मुकेश कुमार सहित ए.एस.पी.राजेश कुमार, थाना अध्यक्ष मनीष कुमार आदि ने |

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L to R- Dr.D.K.Singh, Dr.Bhupendra Madhepuri , DDC Mithilesh Kumar, DM Md.Sohail (IAS), SP Vikas Kumar (IPS) and others observing the final match of Madhepura and Purnia District of Boys Group at Ground No- 2 of B.N.Mandal Stadium Madhepura .

बता दें कि तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कबड्डी के महाकुंभ का समापन शनिवार को देर शाम होली क्रॉस स्कूल की श्रीमीराज की सुरीली आवाज, मनमोहक रंग-बिरंगी आतिशवाजियों के नजारे व आकाश में गूंजती पटाखों की आवाज और रिम-झिम बारिश की बूंदों की मधुर संगीतमयी आवाज के साथ हुआ तो सही लेकिन डॉ.मधेपुरी ने आयोजन के अध्यक्ष डी.एम.  मो.सोहैल तथा ‘आवाज’ के संरक्षक वरीय चिकित्सक डॉ.दिलीप कुमार सिंह से यही कहा- “खिलाड़ियों के विदा होने पर मधेपुरा सूनापन और हरदिल खालीपन महसूस करेगा | खासकर बालिका खिलाड़ियों की विदाई बेटी की विदाई की तरह हृदय को झकझोर देगा……. और हां ! महाभारत काल से खेले जाने वाला यह खेल कबड्डी (चक्रव्यूह) अब इतनी ऊंचाई को पा लिया है कि अब इसे जल्द ही ओलंपिक में शामिल कर लिया जाना चाहिए |”

अंत में मुस्तैदी से काम करने वाले सभी कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों सहित लाईट, माईक एवं टेंट वाले से लेकर आतिशबाजी करने वालों को इस त्रिदिवसीय राज्य स्तरीय कबड्डी महोत्सव के अध्यक्ष सह जिला पदाधिकारी मो.सोहैल ने ह्रदय से साधुवाद ज्ञापित किया और मंच संचालनकर्ता अरुण कुमार, किशोर कुमार एवं जय कृष्ण यादव को हृदय से धन्यवाद देते हुए खुशी जाहिर किया कि मधेपुरा अपनी शालीनता एवं स्वस्थ परंपरा को इसी तरह कायम रखेगा और निरंतर हर क्षेत्र में आगे बढ़ेगा |

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