शहीदों के खून से जलता है देश का दीया- डॉ.मधेपुरी

23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ब्रिटिश हुकूमत ने एक साथ फांसी दी थी। देश इस दिन को ‘बलिदान दिवस’ के रूप में स्मरण करता है। जिले के ऐसे ही बलिदानियों में एक है- घैलाढ प्रखंड के जागीर-परमानपुर के साहसी पिता रविंद्र भारती एवं वीरमाता गीता देवी की कोख से जन्मे बलिदानी कैप्टन आशुतोष। कैप्टन आशुतोष सहित जिले के सभी बलिदानियों- शहीद बाजा साह (किशुनगंज), शहीद चुल्हाय यादव (मनहरा), शहीद सदानंद (धुरगांव), शहीद प्रमोद कुमार (फुलकाहा), शहीद प्रमोद कुमार (चामगढ), शहीद कैप्टन आशुतोष (जागीर), शहीद आशीष कुमार सिंह (सुखासन), शहीद पवन कुमार (घैलाढ) एवं शहीद दीपक कुमार (घोषई) को लोग सदैव याद करते रहेंगे।

शहीद कैप्टन आशुतोष की वीरमाता व साहसी  पिता को सम्मानित करने के उपरांत समाजसेवी-शिक्षाविद प्रो۔(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि शहीदों के खून से जलता है देश का दीया। बलिदानियों को याद करने से युवाओं की जिंदगी नई सुबह की ओर अग्रसर होती है। डॉ.मधेपुरी ने कैप्टन आशुतोष का संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि सैनिक स्कूल भुवनेश्वर में हमेशा अव्वल स्थान प्राप्त करते हुए आशुतोष कई अवसरों पर तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा पुरस्कृत होते रहे। यूपीएससी द्वारा चयनित होकर एनडीए पुणे में सबसे कठिन ‘हंटर स्क्वाड्रन’ में अव्वल स्थान प्राप्त किया। 2018 में भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से कमीशन्ड होने के बाद मद्रास रेजीमेंट में लेफ्टिनेंट के पद पर जम्मू में नियुक्त हुए। तब से कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कैप्टन के पद पर प्रोन्नत होने के बाद वह कैप्टन आशुतोष सदैव वीरता की ऊंचाइयों को पार करता रहा। अंत में भीषण गोलीबारियों के बीच घायल होने के बावजूद आतंकवादियों से लड़ते हुए 8 नवंबर 2020 को वीरगति को प्राप्त हुआ। कैप्टन आशुतोष के मरणोपरांत महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उनकी वीरमाता गीता देवी एवं साहसी पिता रविंद्र भारती को ‘शौर्य चक्र’ देकर सम्मानित किया गया। अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मधेपुरा जिला और बिहार प्रदेश ही नहीं बल्कि संपूर्ण देश शहीद कैप्टन आशुतोष के इस सर्वोच्च बलिदान को युग-युग तक याद करता रहेगा।

मौके पर शहीद पार्क के सम्मान समारोह में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, एसबीआई के पूर्व बैंक पदाधिकारी संतोष झा, जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ.(प्रो.)भूपेंद्र प्रसाद, भारत स्वाभिमान के संयोजक डॉ.एनके निराला, अधिवक्ता उदय झा, अधिवक्ता धर्मेंद्र राम, डॉ.अमरेंद्र कुमार, समाजसेवी मधु सिन्हा, भूषण कुमार, कामरेड कामेश्वर की टीम, विमेंस कॉलेज की पूर्व प्राचार्या गीता जायसवाल, प्रो.चंद्रप्रभा, योग शिक्षिका माया जायसवाल, प्रो.सोनी कुमारी, सुलोचना देवी, किरण कुमारी, निदेशक मनोज कुमार मुन्ना, अभिनंदन प्रसाद यादव आदि द्वारा ढेर सारे बच्चे-बच्चियों के बीच साहसी पिता व वीर माता को बारी-बारी से अंगवस्त्रम, पाग, पट्टा, पुष्पगुच्छ दे- देकर सम्मानित किया गया। शहीद कैप्टन आशुतोष के साथ-साथ ‘शहीद ए आजम’ भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव सहित जिले के सभी शहीदों के नाम- अमर रहे…. अमर रहे! के नारों से मधेपुरा शहीद पार्क का कण-कण शहीदों की याद में सराबोर होता रहा।

 

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