पिछले दो दिनों के अंदर तीन नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है, जबकि पिछले 15 दिनों 4 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए। कोरोना संक्रमितों की बढ़ रही संख्या से खतरा बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
बता दें कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की रोकथाम को लेकर विशेष चौकसी कर दी गई है। कर्पुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य व अधीक्षक सहित सभी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं चिकित्सा कर्मियों (संविदा व नियोजित) की छुट्टियां रद्द कर दी गई है।
यह भी जान लें कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों, स्वास्थ्य प्रशिक्षकों, शल्य कक्ष सहायकों एवं लैब टेक्नीशियनों आदि सभी कर्मियों की सभी प्रकार की छुट्टियों को 5 अप्रैल तक के लिए रद्द कर दिया गया है।
चलते-चलते यह भी कि राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिक से अधिक कोरोना जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। खासकर बाहर से आने वालों की जांच पर विशेष चौकसी रखने को कहा गया है। भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने तथा सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क पहनने को जरूरी बताया जा रहा है।
जब आजादी के आंदोलन में नेतृत्व के शीर्ष पर महात्मा गांधी थे, तब इस धरती के दो लाल शहीद हुए- एक बाजा साह और दूसरा चुल्हाय यादव। दूसरी बार जब 1974 में राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन हुआ तब नेतृत्व के शीर्ष पर थे लोकनायक जयप्रकाश। इसी जेपी आंदोलन में नर्सिंगबाग गांव के धुरगांव पंचायत का एक किशोर जो टीपी कॉलेजिएट का छात्र था, वह बर्बर पुलिस की गोली का शिकार हो गया। तारीख था 19 मार्च का और समय अपराह्न काल के बाद का। तत्कालीन एसडीओ आरएस शर्मा ने गोली चलाने का आदेश दिया था। गोली छात्र सदानंद एवं एनएन सिन्हा उर्फ घोलटु को लगी। छात्र सदानंद एसडीओ ऑफिस के पास ही घटनास्थल पर शहीद हो गए वहीं इलाज के बाद घोलटु की जान बच गई। समाज व देश के लिए जो शहादत देता है वह कभी नहीं मरता, वह अमर हो जाता है। ये बातें शहीद सदानंद केे 48वेंं शहादत दिवस पर समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कही।
शहीद सदानंद स्मारक के निर्माता, जेपी सेनानी एवं पूर्व एमएलसी विजय कुमार वर्मा तथा जेपी सेनानी व पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला की पूरी टीम को संबोधित करते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा-
शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले।
वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।।
शहीद सदानंद के स्मारक पर जेपी सेनानियों एवं आंदोलन के साथियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। जेपी सेनानी विजय वर्मा, परमेश्वरी प्रसाद निराला, इंद्रनारायण प्रधान, उत्तम यादव, जय किशोर यादव, प्रसन्न कुमार, विजेंद्र कुमार अमरेश कुमार, जयकांत यादव, रमण सिंह, गोपाल यादव, राजद नेता विजेंद्र प्रसाद यादव, कैलाश अग्रवाल, प्रभात रंजन, गणेश कुमार, लक्ष्मण यादव एवं सुनील कुमार यादव आदि शहीद सदानंद की शहादत को ताजिंदगी याद करते रहेंगे।
Shikshavid Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri and others paying homage to Late Sudha Devi (Wife of JP Senani Parmeshwari Prasad Nirala, Former MLA & Chairman Railway Yatri Suvidha Samiti.)
अंत में जेपी सेनानी विजय कुमार वर्मा ने सदानंद की शहादत दिवस को शहीद दिवस घोषित करने हेतु राज्य सरकार से अनुरोध किया और 74 आंदोलन के साथी मोहम्मद जुम्मन, दामोदर प्रसाद यादव एवं पूर्व विधायक व जेपी सेनानी परमेश्वरी प्रसाद निराला की धर्मपत्नी सुधा देवी के गुजर जाने पर श्रद्धांजलि स्वरुप दो मिनट का मौन रखा।
रोड पर जो गाड़ियों को रोककर जगह-जगह पर टोल टैक्स वसूला जाता है उसे भारत सरकार एक साल के अंदर समाप्त करने जा रही है। अब जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) के जरिए कटेगा टोल टैक्स।
बता दें कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यह ऐलान किया है कि सरकार जीपीएस की मदद से टोल वसूलने की तैयारी कर रही है। अब सभी वाहनों में जीपीएस लगाया जाएगा। यहां तक की पुरानी गाड़ियों में भी लगेगा जीपीएस। इस विधि में आपको सिर्फ उतना ही पैसा टैक्स के रूप में लगेगा जितना आप सफर करेंगे।
चलते-चलते यह भी जानिए की एंट्री प्वाइंट पर कैमरा लगा होगा जो आपकी गाड़ी की तस्वीर ले लेगा और जितना सफर करने के बाद आप जहां से निकलेंगे, आपका सिर्फ उतना ही पैसा कटेगा। गाड़ी को टोल पर रोकने और लंबी लाइन लगाने तथा समय बर्बाद करने से आप मुक्त रहेंगे।
बिहार विधान परिषद में महामहिम राज्यपाल के कोटे से मनोनीत 12 सदस्यों (6 भाजपा एवं 6 जदयू) ने बुधवार को शाम 6:00 बजे सदन में शपथ ली। शपथ ग्रहण सर्वप्रथम भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी… और अंत में निवेदिता सिंह ने ली।
बता दें कि जदयू कोटे से जिन्होंने शपथ ली, वे हैं- डॉ.अशोक चौधरी, उपेन्द्र कुशवाहा, डॉ.रामवचन राय, संजय कुमार सिंह, लनन कुमार सर्राफ और संजय सिंह। भाजपा कोटे से शपथ ग्रहण करने वालों के नाम हैं- जनक राम, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, देवेश कुमार, डॉ.प्रमोद कुमार, घनश्याम ठाकुर और निवेदिता सिंह।
यह भी जानिए कि विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री रेणु देवी सहित अन्य कई मंत्री शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद थे। जहां 11 सदस्यों ने हिंदी में शपथ ग्रहण किया, वहीं मिथिलांचल के घनश्याम ठाकुर ने मैथिली में शपथ ली।
चलते-चलते यह भी कि समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने राज्य हित में एवं जनहित के लिए मनोनीत किए गए मधेपुरा से पार्षद ललन कुमार सर्राफ सहित अन्य सबों को बधाई दी है तथा बिहार के मुखिया नीतीश कुमार के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की है।
समाजवादी सोच वाली राजनीतिक पार्टियां पहले भी बारंबार टूटती और मिलती रही है। सबूत हैं सोशलिस्ट पार्टी, प्रज्ञा सोशलिस्ट पार्टी एवं संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी आदि। रालोसपा का जदयू में मिलना भी अतीत की याद दिलाती है। 8 साल बाद पुनः नीतीश के संग हो गए उपेंद्र कुशवाहा। इस विलय पर समाजवादी सोच के सारे मतदातागण भविष्य के बदलते समीकरण की ओर देखने लगे हैं।
नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा और शरद यादव से जुड़े हुए जदयू के वरिष्ठ नेता व समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि कार्यकर्तागण अपने अतीत को जाने बिना ना तो भविष्य को गढ़ सकेगा और ना ही वर्तमान में जनहित के लिए दो कदम आगे बढ़ सकेगा। डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि 7 बार मुख्यमंत्री बनने तथा विकसित बिहार का सपना देखने वाला नीतीश कुमार देश का सर्वमान्य नेता है। राजनीतिक पार्टियों में जदयू और रालोसपा के मुखिया नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा की अलग-अलग पहचान है। इस विलय से निश्चय ही पार्टी का जनाधार बढ़ेगा तथा जल-जीवन-हरियाली जैसी जनहित वाली सारी योजनाओं को भरपूर गति मिलती रहेगी। फिलहाल पर्दे के पीछे से भी विलय के और कई शुभ संकेतों की आहट सुनाई देने लगी है।
46वीं बिहार राज्य सीनियर पुरुष-महिला जोनल कबड्डी प्रतियोगिता की जिम्मेदारी मधेपुरा जिला कबड्डी संघ को दी गई। जिला कबड्डी संघ के सचिव सह जोनल प्रभारी अरुण कुमार द्वारा कन्या मध्य विद्यालय मधुबन में दो दिवसीय (15 एवं 16 मार्च) भव्य आयोजन किया गया। आयोजन से संबंधित सारी तैयारियां कर ली गई
जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी सह एडीएम शिव कुमार शैव ने 15 मार्च को कन्या मध्य विद्यालय मधुबन में आयोजित भव्य जोनल कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन समाजसेवी प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पूर्व विधायक डॉ.अरुण कुमार, कबड्डी संघ के अध्यक्ष जयकांत यादव, डाॅ.बीबी प्रभाकर आदि के साथ दीप प्रज्वलित कर किया। इस प्रतियोगिता में कोसी एवं सीमांचल के सभी जिले के पुरुष-महिला टीम भाग ले रही है।
जहां सौम्य व्यक्तित्व वाले एडीएम शिव कुमार शैव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल से शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है और सामाजिक सौहार्द कायम होता है, वहीं समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए खेल जरूरी है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि भारत सरकार ने जो नई शिक्षा नीति लागू की है उसमें खेल को अनिवार्य करते हुए पाठ्यक्रम का हिस्सा बना दिया है। सभी जिले में खेलो इंडिया केंद्र खोला जा रहा है। कार्यक्रम को पूर्व विधायक अरुण कुमार एवं बीबी प्रभाकर, जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष जयकांत यादव, मधुबन कबड्डी संघ के अध्यक्ष मणिभूषण मंडल आदि ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर बीएनएमयू के उप सचिव एसके मिश्रा, माया विद्या निकेतन के निदेशक डॉ.चंद्रिका यादव, मुरलीगंज के शिक्षाविद डॉ.मानव सिंह, जिप उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, माया के अध्यक्ष राहुल यादव आदि सहित सभी अतिथियों को शाॅल एवं गुलाब के पौधे देकर सम्मानित किया कबड्डी के लाइफ लाइन सचिव अरुण कुमार ने। रेफरी बोर्ड के चेयरमैन मनीष कुमार के सहयोगी बने रहे प्रवीण कुमार, गुलशन कुमार, राहुल कुमार, रितेश, नीरज, सुमित, मनोज, अविनाश, मनीष आदि सहित 25 तकनीकी पदाधिकारीगण।
मधेपुरा टीपी कॉलेज के मैदान में पूर्व की भांति इस बार भी 10 दिवसीय (5 से 14 मार्च तक) नाइट क्रिकेट प्रीमियर लीग 2021 सीजन- 3 का भव्य आयोजन राधा कृष्ण संगम ट्रस्ट के अध्यक्ष पृथ्वीराज यदुवंशी, सचिव चिकित्सक डॉ.आरके पप्पू एवं सभी सदस्यों के सहयोग से किया गया। कोसी अंचल की दर्जनों टीमों के बेहतरीन खिलाड़ियों को स्थानीय खेल प्रेमियों द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कार के साथ सर्वाधिक प्रोत्साहित किया गया। प्रतिदिन सम्मान देने व प्रोत्साहित करने वालों में प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी एवं उनके छात्र प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार, विभागाध्यक्ष जंतु विज्ञान बीएनएमयू का प्रशंसनीय योगदान भी आयोजन समिति को मिलता रहा।
खेल जगत के नवोदित खिलाड़ी हर्षवर्धन सिंह की स्मृति को कायम रखने हेतु 51 हजार की राशि के साथ विजेता एमएस धोनी टीम को ट्रॉफी प्रदान किया उनके माता-पिता शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.एलके लक्ष्मण व श्रीमती इंदु कुमारी ने तथा डॉ.आरके पप्पू 31 हजार की राशि के साथ अपने पिता श्री धनराज के सम्मान में उपविजेता अंतरिक्ष टीम को सम्मानित किया।
विधायक, सांसद, शिक्षा मंत्री, प्रति कुलपति व कुलपति रह चुके डॉ.महावीर प्रसाद यादव के सुपुत्र व स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार ने भी सभी प्रकार के ट्राफी हेतु ₹51000 आयोजन के लाइफ लाइन पृथ्वीराज यदुवंशी को खामोशी के साथ प्रदान किया। कुछ लोग गुप्त दान भी दिए। युवाओं को सराहनीय सहयोग मिला। संगीत सेलिब्रिटी प्रिया राज और सहयोगी के अतिरिक्त वकील वाका की टीम भी सराहनीय योगदान दिया।
मधेपुरा के जिला पदाधिकारी श्याम बिहारी मीणा (कप्तान) और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार (उप कप्तान) जब प्रशासन इलेवन की ओर से बैटिंग कर रहे थे और कैप्टन मीणा की टीम कैप्टन यदुवंशी की टीम से जीत गई। मधेपुरा के बच्चे-बुजुर्ग एवं खेल प्रेमियों द्वारा उनके बेहतरीन प्रदर्शन की चर्चा सरेआम हो गई। खेल के अंत में डीएम मीणा ने अपने संबोधन में बच्चों को सीख देते हुए बस यही कहा- मैं जिंदगी को इस तरह जीता हूं, जब खेलता हूं तो बस खेलता हूं…. जब पढ़ता हूं तो केवल पढ़ता हूं और किसी चीज को देखता हूं तो देखना ही बन जाता हूं।
एसपी योगेंद्र कुमार ने कहा कि मुझे तो आज का यह खेल बचपन की याद ताजा कर दिया है….। अंत में शिक्षाविद डॉ.मधेपुरी ने डीएम, एसपी सहित एडीएम उपेंद्र कुमार, एडीएम शिव कुमार शैव, ओएसडी बिरजू दास एवं अन्य पदाधिकारियों मनोहर कुमार, अभिषेक कुमार आदि सबों का ध्यान आकृष्ट करते हुए बस इतना ही कहा-
उर्दू निदेशालय मंत्रिमंडल सचिवालय, बिहार पटना द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार जिला मुख्यालय के भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, कार्यशाला व मुशायरा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम श्याम बिहारी मीणा (भाप्रसे) एवं समाजसेवी-साहित्यकार डॉ भूपेन्द्र मधेपुरी ने उर्दू भाषा कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी मोहम्मद कबीर, विशेष पदाधिकारी बिरजू दास, समाजसेवी शौकत अली आदि की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
सर्वप्रथम जनाब मोहम्मद कबीर ने कार्यक्रम में आए सभी गणमान्य-शायरों, डेलीगेट्सों एवं छात्र-छात्राओं का इस्तकबाल करते हुए उर्दू भाषा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सरकार की भागीदारी एवं अपनी जिम्मेदारी को समझने हेतु किए जा रहे प्रयासों का संपूर्णता में उल्लेख किया।
डायनेमिक डीएम मीणा ने उर्दू को दिल्ली एवं लाहौर की गलियों में परवान चढ़ने वाली जुबान बताते हुए गंगा-जमुनी तहजीब को उर्दू की निशानी बताया। उन्होंने विस्तार से कहा कि कभी उर्दू पूरे भारत की भाषा बन गई थी और लोगों के दिलों में छा गई थी। उन्होंने बच्चों को उर्दू सीखने हेतु प्रेरित भी किया।
समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि उर्दू किसी खास मजहब की जुबान नहीं है। उर्दू हिंदुस्तानी भाषा है और है ज्ञान शक्ति भी। पश्चिमी यूपी, पंजाब व हरियाणा में बोली जाने वाली खड़ी बोली से निकली है उर्दू, जिसका प्रचार-प्रसार सूफी संतों ने भी किया। चौदहवीं शताब्दी में सूफी संत दौरम शाह मुस्तकीम मधेपुरा आए और यही के हो गए। इन्हीं के नाम ‘दौरम’ को ‘मधेपुरा स्टेशन’ के साथ जोड़कर ढेर सारी समस्याओं को सुलझा ली गई। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि ‘दौराम मधेपुरा’ स्टेशन तो गंगा-जमुनी तहजीब का जीता जागता उदाहरण है।
अंत में उद्गार व्यक्त करते हुए मोहम्मद शौकत अली ने कहा कि हिन्दी-उर्दू सगी बहने हैं। मौके पर निहाल अहमद, अनीस अफजल, सीडीपीओ शबाना परवीन, परवेज अख्तर, फुरकान अंसारी, अनवारूल हक आदि मौजूद थे। समारोह का संचालन शौकत अली ने किया।
विगत मार्च से वर्तमान मार्च तक यानि 1 वर्ष से शिक्षा संस्थानों में कोरोना के भय से ताले लटकते रहे। प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा भी बुरी तरह प्रभावित होती रही।
बता दें कि पिछले 200 वर्षों से अधिक समय से लगने वाले सिंहेश्वर मेला का संभवत पहली बार उद्घाटन भी नहीं हो सका। सिंहेश्वर में बिना उद्घाटन के ही शुरू हुआ महाशिवरात्रि मेला।
ऐसा क्यों ? दरअसल, कोरोना को लेकर राज्य सरकार द्वारा 31 मार्च तक सभी महोत्सव पर प्रतिबंध लगाते हुए जिला प्रशासन को पत्र प्रेषित कर दिया गया था। तब मेला लगाने को लेकर सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया। उसमें देरी होने के कारण मेला बंदोबस्ती में भी अकारण देर हो गई। अंत में मार्च 10 बुधवार को बंदोबस्ती की गई और मार्च 11 को समयाभाव के कारण बिना उद्घाटन का ही मेला शुरू हो गया। सैकड़ों वर्षो की संस्कृति में कोरोना के कारण एक दरार तो बन ही गई… सरकारी स्टाल भी नहीं लग पाया।
संसार में 70 करोड़ लोग किडनी रोग से पीड़ित हैं। इस बार वर्ल्ड किडनी डे का थीम है-” लिविंग वेल विद किडनी डिजीज”।
जानिए कि किडनी (गुर्दा) की बीमारी उन लोगों में कम प्रगति करती है जो नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, काम करते हैं। वैसे लोगों को दिल से जुड़ी समस्याएं भी कम होती है तथा जीवन में सुधार भी होता है। सक्रिय बने रहना लाभ को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होता है।
किडनी मानव शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। किडनी केयर को नजरअंदाज करने से रोग बढ़ते हैं। किडनी रोग के बढ़ते मामलों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 2006 से प्रत्येक वर्ष डब्ल्यूएचओ द्वारा 11 मार्च यानि मार्च महीने के दूसरे गुरुवार को ‘विश्व किडनी दिवस’ मनाया जाता है। जागरूकता से ही इस रोग पर लगाम लगाई जा सकती है।
चलते-चलते यह भी जाने कि किडनी मानव शरीर की गंदगी बाहर निकालने का काम करती है। किडनी जब किसी प्रकार की समस्या से घिर जाती है तो शरीर से विषैले पदार्थ को बाहर नहीं निकाल पाती है और कई प्रकार के रोग पैदा होने का खतरा बढ़ने लगता है।