इस बार 15 अगस्त से बिहार प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) एक विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। इस दिन झंडोत्तोलन के बाद जदयू के सभी सक्रिय व सामान्य सदस्य एवं पार्टी में आस्था रखनेवाले सभी व्यक्ति एक-एक पेड़ लगाएंगे तथा अपनी जमीन पर कम-से-कम पांच पेड़ लगाने एवं पर्यावरण व जल संरक्षण का संकल्प लेंगे।
गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने 9 अगस्त को पृथ्वी दिवस के अवसर पर पटना के ज्ञान भवन में जल-जीवन-हरियाली अभियान के जागरुकता कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की है। प्रारंभ से ही पर्यावरण को लेकर जदयू की प्रतिबद्धता रही है। जदयू देश की पहली पार्टी है जिसने पूर्व में भी वृक्षारोपण को पार्टी के सदस्यता अभियान से जोड़ा है और जदयू का सदस्य बनने के लिए इसे अनिवार्य किया है।
इसी आलोक में बिहार प्रदेश जदयू के अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह एवं राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह के निर्देशानुसार 15 अगस्त को जदयू के बूथ, पंचायत, प्रखंड, जिला एवं प्रदेश स्तर के सभी नेता व कार्यकर्ता झंडोत्तोलन के उपरांत एक-एक पेड़ लगाएंगे। इस दिन जदयू के सभी सदस्य संकल्प पत्र भी पढ़ेंगे जिसके तहत हर सदस्य अपनी जमीन पर कम-से-कम पांच पेड़ लगाने तथा जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेंगे।
सामाजिक सरोकार को लेकर जदयू और इसके नेता नीतीश कुमार की अलग पहचान रही है। पर्यावरण को लेकर नीतीश कुमार सदैव अत्यंत संवेदनशील रहे हैं। वैसे भी देखा जाय तो जल व पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है, जिसे हमने नहीं समझा तो हमारी आने वाली पीढ़ी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। आज जरूरत इस बात की है कि हम सभी पर्यावरण के सजग प्रहरी के तौर पर काम करें। बहरहाल, जदयू को उसकी सार्थक पहल के लिए बधाई और साधुवाद।
Monthly Archives: August 2019
66वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: ‘अंधाधुन’, ‘बधाई हो’ और ‘उरी’ की धूम
66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा शुक्रवार को कर दी गई। इसमें फीचर फिल्म की श्रेणी में 31 और नॉन फीचर फिल्म की श्रेणी में 23 पुरस्कार दिए गए। इस बार के पुरस्कार समारोह में हिन्दी फिल्मों ‘अंधाधुन’, ‘बधाई हो’, ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘पद्मावत’ और ‘पैडमैन’ की धूम रही। आयुष्मान खुराना और तब्बू की फिल्म ‘अंधाधुन’ को इस साल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला। आयुष्मान की ही ‘बधाई हो’ ने सर्वश्रेष्ठ चर्चित फिल्म का पुरस्कार जीता। उधर ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (विक्की कौशल), सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (आदित्य धर), सर्वश्रेष्ठ साउंड डिजाइन और बेस्ट बैकग्राउंड म्यूजिक का पुरस्कार अपने नाम किया। वहीं दर्शकों द्वारा खूब सराही गई अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ‘पैडमैन’ ने अपेक्षा के अनुरूप सामाजिक विषयों पर बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता।
आयुष्मान खुराना के लिए इस बार के पुरस्कारों में दोहरी खुशी छिपी थी। उनकी फिल्म ‘अंधाधुन’ ने केवल सर्वश्रेष्ठ हिन्दी फिल्म का ही पुरस्कार नहीं जीता बल्कि इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी मिला। उन्हें यह पुरस्कार ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के विक्की कौशल के साथ संयुक्त रूप से मिला। वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दक्षिण भारतीय अभिनेत्री कीर्ति सुरेश को तेलुगु फिल्म ‘महानती’ के लिए दिया गया। सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मराठी फिल्म ‘चुम्बक’ के लिए स्वानंद किरकिरे को, जबकि सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार फिल्म हिन्दी फिल्म ‘बधाई हो’ के लिए सुरेखा सीकरी को मिला।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध निर्देशक संजय लीला भंसाली को 66वें फिल्म पुरस्कार से विशेष उपलब्धि हासिल हुई। इस बार उन्होंने अपनी फिल्म ‘पद्मावत’ के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार जीता। वहीं फिल्म के गाने ‘घूमर’ के लिए कृति महेश और ज्योति तोमर को सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर चुना गया। बेस्ट प्लेबैक सिंगर का पुरस्कार भी ‘पद्मावत’ के नाम रहा। अरिजीत सिंह ने इस फिल्म के गाने ‘बिन्ते दिल’ के लिए यह पुरस्कार जीता।
अन्य पुरस्कारों में बेस्ट एक्शन डायरेक्टर का पुरस्कार कन्नड़ फिल्म ‘केजीएफ’ के लिए प्रशांत नील ने हासिल किया। उधर बेस्ट फिल्म क्रिटिक का पुरस्कार ब्लेस जॉनी और अनंत विजय को मिला। क्षेत्रीय फिल्मों की बात करें तो ‘बारम’ को सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म, ‘महानती’ को सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म, ‘एक जे छीलो राजा’ को सर्वश्रेष्ठ बंगला फिल्म, ‘हरजीता’ को सर्वश्रेष्ठ पंजाबी फिल्म, ‘हामिद’ को सर्वश्रेष्ठ उर्दू फिल्म, ‘रेवा’ को सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म, ‘भोंगा’ को सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म और ‘टर्टल’ को सर्वश्रेष्ठ राजस्थानी फिल्म का पुरस्कार मिला। उत्तराखंड ने मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार जीता।
चलते-चलते बता दें कि इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल अप्रैल में होती है, लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव की वजह से पुरस्कार की घोषणा देर से हुई।
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रतन चन्द द्वार का उद्घाटन और कीर्ति नारायण मंडल प्रतिमा का अनावरण किया कुलपति ने
सम्पूर्ण कोसी क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाने में कीर्ति नारायण मंडल का अहम योगदान है जिसे आनेवाला समय सदा याद करेगा | विश्व इतिहास में कीर्ति बाबू जैसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिलता | उनका योगदान पंडित मदन मोहन मालवीय से भी बड़ा है | कीर्ति बाबू बिहार के नेल्सन मंडेला थे……. ये बातें 7 अगस्त (बुधवार) को टीपी कॉलेज के विशाल प्रशाल में उनके 103वें जन्मोत्सव समारोह के अवसर पर उद्घाटनकर्ता के रूप में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने कही |
बता दें कि इससे पहले कुलपति ने सर्वप्रथम संस्थापक प्राचार्य के नाम वाले ‘रतन चन्द द्वार’ का उद्घाटन व अनावरण किया। स्मार्ट क्लास व आईक्यूए कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कीर्ति विज्ञान परिसर में ‘कीर्ति बाबू की प्रतिमा’ का अनावरण किया। इस दरमियान सजावट और स्वागत की भरपूर व्यवस्था….. दोनों तरफ एनसीसी छात्र-छात्राओं की कतारें…… तथा पुष्प पंखुड़ियों की फुहारें…. और उत्साह-उमंग में डूबे प्राचार्य डॉ.के.पी.यादव, सिंडीकेट सदस्य डॉ.पी.एन.यादव और समाजसेवी डॉ.बीएन यादव मधेपुरी सहित प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली एवं उनकी पूरी टीम जिसे देख कर ही तो कुलपति ने जहाँ अपने संबोधन में यहाँ तक कह दिया कि टीपी कॉलेज NAAC द्वारा ग्रेड ‘A’ प्राप्त करने की सारी शर्तों को पूरा करता है, वहीं डॉ.मधेपुरी द्वारा अपने संबोधन में प्रधानाचार्य डॉ.केपी यादव से यही कहते हुए सुने जाते रहे कि मातृपक्ष (पार्वती साइंस कॉलेज) को तो आपने अपने कार्यकाल में NAAC दिला दिया अब पितृपक्ष (ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय) को देखिए….. आगे कुलपति डॉ.राय की इस उद्घोषणा पर सभा भवन देर तक तालियों की अनुगूँज से गूंजता रहा।
टीपी कॉलेज के सभा भवन में उद्घाटनकर्ता डॉ.ए.के.राय सहित अतिथियों- प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, टीएमबी के पूर्व प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल, श्रेष्ठतम प्राचार्य डॉ.केएन ठाकुर, कुलसचिव डॉ.कपिल देव प्रसाद, सिंडीकेट सदस्य डॉ.परमानंद यादव व डॉ.जवाहर पासवान, डीएसडब्ल्यू शिवमुनि यादव, डीन मेडिसिन डॉ.अशोक कुमार यादव एवं अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य डॉ.केपी यादव आदि का प्रो.नेहा की टीम द्वारा स्वागत गान तथा मंचसंचालक डॉ.उदय कृष्ण की उद्घोषणा के साथ बुके व अंगवस्त्रम आदि से भरपूर स्वागत किया गया।
जहाँ प्रति कुलपति डॉ.फारूक अली ने अपने संबोधन में कहा कि कीर्ति बाबू का सोच बहुत बड़ा था इसीलिए हम सभी उनकी जिंदगी के बाद भी उनका गुण गा रहे हैं वहीं सारे अतिथियों एवं वरिष्ठ प्राध्यापकों व प्राचार्यों प्रो.सच्चीदानंद यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अमोल राय, डॉ.अशोक कुमार, डॉ.सुधांशु शेखर आदि ने एक स्वर से यही कहा कि शिक्षा जगत के विश्वकर्मा कीर्ति नारायण मंडल का योगदान अविस्मरणीय है…… उनकी गाथा अमर है….. और मधेपुरा ही नहीं कोसी वासी भी उनके ऋणी हैं।
इस अवसर पर जहाँ चिकित्सा संकायाध्यक्ष डॉ.अशोक कुमार यादव (कीर्ति बाबू के भतीजे) ने कहा कि मधेपुरा संस्कार व संस्कृति की धरती है। वहीं डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा….. कुलपति महोदय ! आपने जिस रतन चन्द द्वार का चंद मिनट पूर्व उद्घाटन किया है उस रतन बाबू से मिलने इसी गेट से पैदल चल कर आते थे- राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर, गोपाल सिंह नेपाली, कलक्टर सिंह केशरी, जानकी बल्लभ शास्त्री, जनार्दन झा द्विज…… आदि-आदि कवि….. लेखक….. विद्वान। और आगे डॉ.मधेपुरी ने यहीी कह कि एक पंक्ति में कीर्ति बाबू को जानने का अर्थ होता है- बुद्ध, नानक और कबीर को जानना यानि व्यक्तिगत कुछ नहीं रखना…… सब कुछ जनहित में समर्पित कर देना।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया डॉ.के.के.मंडल ने। अध्यक्षीय वक्तव्य के साथ प्रधानाचार्य डॉ.केपी यादव ने कहा कि कीर्ति बाबू की राह पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनका योगदान सदा अविस्मरणीय रहेगा। उनके गाँव से आये लोगों के साथ-साथ कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव, सीनेटर रंजन यादव, काउंसिल मेंबर सोनू यादव, डॉ.सुभाष प्रसाद सिंह आदि सबों धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की प्रधानाचार्य ने।
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गीताञ्जलि रोड रेस में संजीव और सुनीति को मिला प्रथम पुरस्कार
मधेपुरा की बेटी ‘गीताञ्जलि’ की स्मृति को कायम रखने हेतु विगत 5 वर्षों से खेल प्रशिक्षक संत कुमार की अध्यक्षता में जिले के धावक एवं धाविकाओं के बीच रोड रेस का आयोजन किया जाता रहा है। इस आयोजन में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के धावक-धाविकाओं को विशेष अवसर प्राप्त होता रहा है। साथ ही कबड्डी संघ के जिला सचिव अरुण कुमार का भी सहयोग इस कार्यक्रम को प्राप्त होता रहा है।
बता दें कि गीतांजलि को खेल प्रतिभा के चलते ही बिहार पुलिस में सीधी नियुक्ति मिली थी। इसलिए कि गीतांजलि ने राष्ट्रीय स्तर पर 400, 800 एवं 1500 मीटर रेस के अतिरिक्त रोड रेस आदि प्रतियोगिताओं में दर्जनों मेडल जीतकर बिहार को गौरवान्वित करती रही थी। तभी तो सरकार के निर्देशानुसार उसे केवल खेल को प्रमोट करने के लिए लगातार पुलिस खेल कैंप जमशेदपुर में ही रखा गया था।
बता दें कि जहाँ कुलपति डॉ.राय ने धावकों से कहा कि कड़ी मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाली गीतांजलि से सीख लेनी चाहिए वहीं पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.मधेपुरी ने कहा कि उद्देश्य कितना भी बड़ा हो…… फिर भी यदि व्यक्ति उसे पूरा करने का संकल्प ले लेता है तो उसे पूरा कर दिखाता है। उन्होंने कहा कि यदि आज गीताञ्जलि जीवित रहती तो निश्चय ही पूरे देश के खिलाड़ियों की प्रेरणास्रोत रही होती।
जहाँ 75 धावकों के रोड रेस में प्रथम संजीव कुमार , द्वितीय सूरज कुमार एवं तृतीय इकहरा गाँव के संजीव कुमार वहीं मात्र 10 धाविकाओं के रोड रेस में प्रथम सुनीति कुमारी, द्वितीय जूली कुमारी एवं तृतीय रही पिपराही गाँव की स्वाति कुमारी। आयोजन समिति की ओर से उन्हें भी पुरस्कृत किया गया जिन्होंने दौड़ पूरी की।
चलते-चलते यह भी कि इस आयोजन को सफल बनाने में अंत तक देखे गये- जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण उर्फ मुन्ना जी, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर कुमार, डॉ.आलोक कुमार, सतीश कुमार, चंद्रभानु कुमार, पिंटू कुमार, अभिमन्यु, अंकेश, प्रेम, जवाहर, अभिनव, अखिलेश एवं सबपर नजर रखने वाले सुशील कुमार मंडल आदि।
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नहीं रहीं सुषमा स्वराज
दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री, भारत की पूर्व विदेश मंत्री व भाजपा की अत्यंत सम्मानित नेत्री, जिनकी प्रतिष्ठा दलगत सीमाओं से ऊपर थी, सुषमा स्वराज का मंगलवार रात निधन हो गया। रात 9 से 10 बजे के बीच दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें दिल्ली स्थित एम्स ले जाया गया, जहां से उनका लौटना नहीं हो पाया और अपने व्यक्तित्व और वक्तृता के लिए विशिष्ट पहचान रखने वाली सुषमा जी 67 साल की उम्र में इस दुनिया से रुखसत हो गईं।
अजीब संयोग देखिए कि अपनी मृत्यु के महज कुछ घंटे पहले ही सुषमा जी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने पर बधाई दी थी। अपने इस आखिरी ट्वीट में उन्होंने लिखा था – प्रधानमंत्री जी, आपका हार्दिक अभिनन्दन। मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी। इस ट्वीट के कुछ घंटे बाद ही देश ने जाना कि वे नहीं रहीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए बिल्कुल सही कहा कि ‘भारतीय राजनीति का एक गौरवशाली अध्याय खत्म हो गया। एक ऐसी नेता जिन्होंने जनसेवा और गरीबों का जीवन संवारने के लिए अपनी जिंदगी समर्पित कर दी, उनके निधन पर भारत दुखी है। सुषमा स्वराज जी अपनी तरह की इकलौती नेता थीं, वे करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा की स्रोत थीं।’
अद्भुत वक्ता और विदुषी के रूप में पहचान बनाने वाली सुषमा स्वराज मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री थीं। वे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी मंत्री रही थीं। 1977 में वे हरियाणा सरकार में मंत्री बनी थीं और सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया था।
16वीं लोकसभा में सुषमा स्वराज मध्य प्रदेश के विदिशा से सांसद चुनी गई थीं। इस बार के चुनाव में उन्होंने खराब स्वास्थ्य की वजह से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। पिछली सरकार में विदेश मंत्री रहते हुए सोशल मीडिया पर शिकायतों को सुनने और उनका त्वरित निपटारा करने के कारण उनकी लोकप्रियता में और इजाफा हुआ था। विचारों की स्पष्टता, व्यक्तित्व की गरिमा और सांस्कारिक भव्यता के कारण वे हमेशा याद की जाएंगी। उन्हें ‘मधेपुरा अबतक’ की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि।
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व्यापार संघ के अध्यक्ष रह चुके लड्डू बाबू की पुण्यतिथि पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित, सहयोग किया लायंस क्लब ने
मधेपुरा जिला व्यापार संघ के सुलझे सोच वाले अध्यक्ष योगेंद्र प्रसाद प्राणसुखका उर्फ लड्डू बाबू की स्मृति में उनकी पुण्यतिथि के प्रथम वर्षगांठ पर एक दिवसीय “मेगा स्वास्थ्य सेवा शिविर” का आयोजन पुरानी बाजार स्थित उनके पैतृक आवास पर किया गया | इस स्वास्थ्य जाँच शिविर में मधेपुरा लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉ.एसएन यादव एवं सचिव डॉ.आरके पप्पू की पूरी टीम का प्रशंसनीय सहयोग रहा |

बता दें कि रविवार को दिनभर इस प्राणसुखका सेवा शिविर में 400 से अधिक नर-नारियों का इलाज किया गया | सर्वाधिक लाचार लोगों का इलाज कर दवा भी मुफ्त में दी गयी | समस्त प्राणसुखका परिवार को संपूर्ण समर्पण के साथ लोगों की सेवा करते हुए देखा गया। कोई निराश होकर खाली हाथ नहीं लौटा |
यह भी जानिए कि शिविर में डॉ.एसएन यादव, डॉ.आरके पप्पू, डॉ.दिलीप कुमार सिंह, डॉ.सचिन कुमार, डॉ.पी.टूटी, डॉ.नायडू, डॉ.संजय कुमार, डॉ.वीरेंद्र कुमार, विजय कुमार झा, मणि भूषण….. सहित अन्य विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा संबंधित रोग से ग्रसित मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा जाँचोंपरांत उन्हें नि:शुल्क दवा भी दी गई | आवश्यकतानुसार मरीजों का ब्लड सुगर भी जांचा गया और दवाइयाँ दी गई |
यह भी बता दें कि शिविर का श्रीगणेश लड्डू बाबू के तैल चित्र पर लायंस क्लब के अध्यक्ष, सचिव….. सहित समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, पत्रकार रूपेश कुमार, आभाष झा, रविंद्र यादव…. आदि द्वारा पुष्पांजलि के साथ किया गया | दिनभर स्वास्थ्य शिविर में मरीज आते रहे और जाँच कराकर दवा के साथ चेहरे पर मुस्कान लेकर जाते रहे |
यह नजारा देखकर लड्डू बाबू के सुपुत्र लायन आनंद प्राणसुखका ने समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से मशविरा कर यह ऐलान भी कर दिया कि आगे स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में और अधिक जोश-खरोस के साथ लायंस क्लब द्वारा स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा | इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने कहा कि सबों से प्रेम करने वाले, कर्तव्यों के प्रति अपनी जिम्मेवारी निभाने में जिला प्रशासन की नजरों में भी अव्वल रहने वाले तथा रामचरितमानस की मर्यादाओं को जीने वाले लड्डू बाबू के लिए इससे बढ़कर बड़ी श्रद्धांजलि और क्या होगी ….. आज उनकी पुण्यतिथि के प्रथम वर्षगांठ पर शहर के नामी-गिरामी लोग उनकी सद्भावना और ईमानदारी की मिसाल देते हैं तथा उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं |
चलते-चलते यह कि जहाँ लड्डू बाबू के सानिध्य में अधिक समय बिताने वाले विजय कुमार झा ने उन्हें उद्धृत करते हुए यही कहा कि ईमानदारी से काम करने वाले का मूल्यांकन समाज कभी ना कभी तो करेगा….. वहीं व्यापार संघ के इंद्रनील घोष उर्फ बापटून दा ने कहा कि लड्डू बाबू सदैव व्यापारियों के हित में खड़े रहे और आवाज उठाते रहे |
इस अवसर पर मानवता की सेवा करते हुए देखे गये – लायन राजेश कुमार, आनंद प्राणसुखका, दिलीप खंडेलवाल, शंभू साह, ओम श्रीवास्तव, राजीव सर्राफ, पप्पू सुल्तानिया सहित लायन प्रेम कुमार, सुमन कुमार एवं अमित कुमार आदि |
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रोटरी क्लब का हाॅली क्रॉस में जिला स्तरीय टैलेंट सर्च…..
रोटरी क्लब मधेपुरा द्वारा हॉली क्रॉस स्कूल की लाइब्रेरी हॉल में जिला स्तरीय टैलेंट सर्च एग्जाम-2019 की परीक्षा का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया | इस आयोजन में 10 सफल छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया |
बता दें कि पुरस्कार वितरण समारोह का उद्घाटन बीएन मंडल विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रतिकुलपति फारुख अली, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, डॉ.अमित आनंद, डॉ.पीके मधुकर, प्रो.श्यामल किशोर, डॉ.शिव मुनि यादव एवं डॉ.वंदना कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वल्लित कर किया | इस अवसर पर सफल छात्रों को नगद राशि देकर पुरस्कृत किया गया |

बता दें कि प्रथम एवं द्वितीय रहे हॉली क्रॉस के अमृतराज और ईशान कुमार जिन्हें अतिथियों द्वारा क्रमशः 11 हज़ार एवं 7 हज़ार का चेक तथा तृतीय रहे माया विद्या निकेतन के बाला कान्त को 5 हज़ार का चेक प्रदान किया गया | शेष स्थानों पर हॉली क्रॉस के दो साकेत कुमार एवं कोमल कुमार, आर.आर. ग्रीन फील्ड मधेपुरा के दो मिथुन एवं रौनक, एसएनपीएम के एक छात्र हिमांशु, ग्रीन फील्ड सिंहेश्वर के रविराज सोनू…… आदि सभी को “Certificate of Excellence” देकर सम्मानित किया गया |
बच्चों को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ.राय ने कहा कि निरंतर प्रयास से सफलता मिलती है | उन्होंने रोटरी क्लब के सार्थक प्रयास की सराहना करते हुए यह भी कहा कि ऐसी प्रतियोगिता से छात्रों का मनोबल बढ़ता है…. शिक्षा की लौ कोई भी जलाए उसे निरंतर जलती ही रहनी चाहिए | वहीं प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली ने कहा कि शिक्षा जैसे औजारों से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है | उन्होंने कहा कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती |

सम्मान समारोह में उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए बीएनएमयू के पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि दुनिया में कोशिश का कोई विकल्प नहीं | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि सूरज की तरह चुपचाप अपने काम में लगे रहो ताकि सफलता एक दिन खुद शोर मचाने लगे….. उन्होंने शिक्षकों व अभिभावकों से कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को रोटरी की भूमिका का निर्वहन करने की जरूरत है | प्रो.श्यामल किशोर एवं डॉ.शिवमुनि यादव ने भी छात्रों को बधाई दी |
रोटरी के अध्यक्ष डॉ.अमित व सचिव डॉ.मधुकर ने आगे बड़ी पुरस्कार राशि के साथ प्रतियोगिता कराने की बात कही | धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य डॉ.वंदना कुमारी ने किया वहीं मंच संचालन डॉ.प्रियदर्शनी ने | मौके पर वरीय चिकित्सक डॉ.आलोक निरंजन, डॉ.बरुण कुमार, डॉ.प्राची, डॉ.दीपक, डॉ.प्रमोद, डॉ.ओमप्रकाश सहित डॉ.चंद्रिका यादव, रूपेश कुमार, गजेंद्र कुमार, विधान चंद्र, दिनेश कृष्ण, प्रणय, राजेश सरीखे शिक्षाविद् उपस्थित थे |
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प्रेमचंद की 140वीं जयंती पर मधेपुरा इप्टा द्वारा नाटक का मंचन
मधेपुरा के भूपेन्द्र कला भवन में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) द्वारा कलम के जादूगर कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 140वीं जयंती के अवसर पर शरद जोशी द्वारा लिखित नाटक ‘एक था गधा उर्फ अलादाद खाँ” का मंचन किया गया | इस नाटक का निर्देशन सुभाष चंद्र तथा रूप सज्जा व प्रकाश व्यवस्थादि कपूर कुमार ने किया |
बता दें कि नाटक का उद्घाटन सदर एसडीएम वृंदा लाल, इप्टा के संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, एसडीपीओ वसी अहमद, उपाध्यक्ष प्रो.शचीन्द्र, मुख्य संरक्षक प्रो.श्यामल किशोर यादव, मुखिया लक्ष्मी कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया |
यह भी बता दें कि जहाँ सदर एसडीओ ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज दुनिया स्मार्टफोन में सिमटती जा रही है, परंतु नाटक के माध्यम से लोग किसी भी बात को आसानी से समझ सकते हैं, वहीं एसडीपीओ ने कहा कि नाटक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने व शामिल होने से मानसिक तनाव दूर होने में सहायता मिलती है |
इस अवसर पर कथा सम्राट प्रेमचंद को शब्द-सुमन अर्पित करते हुए साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि वे ऐसे साहित्यकार थे, जिनके हृदय में व्यक्ति, समाज और देश तीनों सदैव विराजता था | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि उपन्यासकार धनपत राय श्रीवास्तव उर्फ मुंशी प्रेमचंद का संपूर्ण साहित्य दलित, दमित, स्त्री, किसान और तत्कालीन समाज में हाशिये पर जी रहे लोगों की लड़ाई का साहित्य है | उसे नाटक के माध्यम से प्रस्तुति देने हेतु इप्टा मधेपुरा के जिला अध्यक्ष डॉ.नरेश कुमार की पूरी टीम को डॉ.मधेपुरी ने बधाई दी और रामकली व धोबी की मार्मिक भूमिका निर्वहन करने वाले बबलू को भी पुरस्कृत किया |
वर्तमान युग की राजनीति पर व्यंग कसने वाले इस नाटक में राजनेताओं द्वारा गरीबों को मूर्ख बना कर सत्ता हासिल करने के साथ-साथ ‘आमजनों के शोषण के तरीकों’ की नाटकीय की प्रस्तुति को भी दर्शकों ने तालियाँ बजा-बजाकर खूब सराहा |
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष, मुख्य संरक्षक सहित मुखिया लक्ष्मी कुमारी ने कार्यक्रम को संबोधित किया और अंजली-अनीषा-सानू सहित सुभाष-अमित-सुमन, शशि-राजा-शंकर, चमन-नीतीश-अमरदीप, रंजीत-सुशील आदि ने अपनी-अपनी भूमिका को जीवंत बना कर ढाई घंटे के इस नाटक के दरमियान दर्शकों को बाँधे रखा….. किसी को उठने नहीं दिया रामकली की भूमिका में भाव नृत्य का मनमोहक रूप प्रस्तुत करने वाली अनिसा कुमारी और धोबी की भूमिका में छाती पीट-पीटकर ‘अलादाद…. अलादाद…. अलादाद’ की करुण पुकार करने वाला बबलू |
मौके पर इप्टा संरक्षक डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, दशरथ प्रसाद सिंह, डॉ.आलोक कुमार, प्रो.शंभू शरण भारतीय, संदीप शांडिल्य, रितेश मोहन झा, आशीष सोना सहित उपस्थित श्रोताओं के बीच अध्यक्षीय संबोधन व धन्यवाद ज्ञापन के साथ डॉ.नरेश कुमार ने समापन की घोषणा की |
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सरकार चौकस, बालू के बिजनेस पर अब किसी का एकाधिकार नहीं
बिहार में बालू के बिजनेस पर अब किसी का एकाधिकार नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को नई बालू नीति – 2019 की समीक्षा की और खान एवं भूतत्व विभाग के आला अधिकारियों को खनन से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि बालू और पत्थर सहित अन्य खनिजों के अवैध खनन को रोकने के लिए ड्रोन और सेटेलाइट का प्रयोग किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने बन रही नई बालू नीति की समीक्षा के दौरान यह भी कहा कि बिहार में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के पहाड़ों को सुरक्षित रखना है। इसका विशेष रूप से ख्याल रखें। पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ बिल्कुल ही नहीं हो, यह भी सुनिश्चित करें। जिन कुछ पहाड़ों को खुदाई के लिए चिह्नित किया गया है, उनकी जांच विशेषज्ञों से करवा लें।
खान एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर ने मुख्यमंत्री को प्रेजेंटेशन के माध्यम से यह जानकारी दी कि नई बालू नीति-2019 का उद्देश्य अवैध खनन पर रोक लगाना है। नदियों की गुणवत्ता, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखना तथा स्वामित्व एवं अन्य करों की वसूली सुविधाजनक तरीके से हो – ये नई नीति के मुख्य तत्व हैं।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, खान एवं भूतत्व मंत्री बृजकिशोर बिंद, मुख्य सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव मनीष कुमार वर्मा, अनुपम कुमार तथा अपर सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय चंद्रशेखर सिंह मौजूद रहे।
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बी.एन.एम.यू के प्रत्येक अंगीभूत कॉलेज को दो-दो लाख रूपये की स्वीकृति
खेल व सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय क्षेत्रान्तर्गत के सभी अंगीभूत कॉलेजों को राज्य सरकार के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दो-दो लाख की राशि उपलब्ध कराई जा रही है | इस दो लाख की राशि से प्रत्येक महाविद्यालय में तरंग प्रतियोगिता एवं एकलव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा |
बता दें कि जहाँ “तरंग” सांस्कृतिक कार्यक्रमों को समेटता है वहीं “एकलव्य” खेल से जुड़े कार्यक्रमों को दर्शाता है | उपलब्ध कराई जा रही राशि से प्रत्येक कॉलेज में सांस्कृतिक गतिविधि के साथ-साथ क्रीड़ा गतिविधियों को भी बढ़ावा देने हेतु इससे संबंधित आवश्यक सामानों का क्रय भी करना है |
यह भी बता दें कि सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘तरंग’ (गायन-वादन, नृत्य, पेंटिंग, फोटोग्राफी सहित साहित्यिक प्रतियोगिता) की तैयारी हेतु जहाँ हारमोनियम, तबला, ढोल, नाल, झाल, घुंघरू एवं सभी प्रकार के ड्रेस जैसे सामान खरीदा जा सकता है वहीं ‘एकलव्य’ कार्यक्रम की तैयारी को गति प्रदान करने हेतु स्थायी सामान जैसे- पोल, नेट , फुटबॉल, क्रिकेट, वालीवाॅल, टेबल टेनिस, बैडमिंटन आदि से लेकर विभिन्न प्रकार के ड्रेस व जर्सी आदि खरीदे जा सकते हैं |
मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय के क्रीड़ा परिषद के सचिव डॉ.ए.फजल द्वारा एक लाख का चेक ‘तरंग प्रतियोगिता’ के लिए एवं एक लाख का चेक ‘एकलव्य प्रतियोगिता’ के लिए प्रत्येक अंगीभूत महाविद्यालय को भेजा जा रहा है। कुलपति डॉ.राय ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं स्नातकोत्तर विभागाध्यक्षों को शीघ्रातिशीघ्र अपने-अपने महाविद्यालयों व विभागों में सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के खेलों के आयोजन करने का निदेश दिया है |


























