मधेपुरा के बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने तीन दिवसीय ‘मेगा टेक फेस्ट’ टेक्निकल कंपटीशन में भाग लिया और अपने महाविद्यालय का नाम रोशन किया। यह प्रतियोगिता बिहार-झारखंड के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों के लिए आयोजित किया गया – विगत 27-28-29 सितंबर को के दरमियान, गया कॉलेज आफ इंजीनियरिंग के परिसर में।
बता दें कि अभावों में रहकर भी पढ़ाई के प्रति समर्पित छात्र अपने शिक्षण संस्थान को गौरवान्वित कर ही देता है। भले ही बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों राज्यों के अभियंत्रण महाविद्यालयों की तुलना में कमजोर क्यों न हो, परंतु मधेपुरा इंजीनियरिंग कॉलेज के कंप्यूटर साइंस ब्रांच, के छात्र अमरजीत कुमार की टीम (अमरजीत कुमार, पुष्कर कुमार व मो.तमन्ना) ने संयुक्त रूप से ‘एंड्रॉयड एप डेवलपर में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया…… जिसके लिए उन्हें मेडल के साथ ₹1,000 देकर सम्मानित किया गया।
यह भी जानिए कि जहाँ ‘रोबोबार’ में श्रवण साहू, पुष्कर कुमार, रोशन कुमार व निरंजन कुमार की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया….. जिसके लिए उस टीम को मेडल के साथ ₹800 का पुरस्कार दिया गया। वहीं रोबोटिक्स में अरविंद कुमार, निरंजन कुमार, चंदन कुमार, शारदा-शिल्पा एवं प्रियाराज की टीम ने भी द्वितीय स्थान प्राप्त कर मेडल के साथ ₹800 का पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावे टेक्नोवेशन साइंस क्लब के द्वारा प्रशिक्षित छात्र को बेस्ट इंजीनियरिंग अवार्ड से नवाजा गया।
बता दें कि इन कारनामों की जानकारी पाकर बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों, प्राध्यापकों एवं अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई तथा प्रधानाचार्य डॉ.सी.पी.सिंह ने छात्रों को बधाई दी एवं शिक्षकों की सराहना की। इस अवसर पर टेक्नोवेशन साइंस क्लब के इंचार्ज प्रो.एम.के.मंगलम ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यहाँ के छात्रों में टैलेंट की कोई कमी नहीं है बल्कि संसाधनों की कमी रहने के कारण ही वे अपनी प्रतिभा को नई-नई उड़ान के साथ दिखा नहीं पाते हैं।
‘आतंक’ को उद्योग की तरह प्रश्रय देने वाला पाकिस्तान आर्थिक रूप से जर्जर हो चुका है। देश के अंदर बढ़ते भुगतान संतुलन संकट से निपटने की खातिर वह अब अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शरण में है। सोमवार को पाकिस्तान सरकार ने बेलआउट पैकेज के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से मदद मांगने की घोषणा कर दी। बता दें कि अमेरिका ने इस बेलआउट पैकेज को लेकर आईएमएफ को पहले ही चेताया था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आईएमएफ को चेतावनी देते हुए कहा है कि बेलआउट के जरिए मिलनेवाली सहायता का प्रयोग पाकिस्तान चीन से लिए कर्ज चुकाने में कर सकता है।
बहरहाल, पाकिस्तान ने शुरुआती हिचकिचाहट और विलंब के बाद यह कदम उठाने की घोषणा की है। आईएमएफ से संपर्क करने का निर्णय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने लिया है। गौरतलब है कि इमरान ने देश की अर्थव्यवस्था को सहायता पहुंचाने के लिए इस तरह के कदमों का अतीत में विरोध किया था। पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर के अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा इस फैसले को मंजूरी दिए जाने के बाद आईएमएफ से बातचीत शुरू की जाएगी।
बता दें कि अगर पाकिस्तान सरकार आईएमएफ के पास जाती है तो यह उसका अभी तक का तेरहवां बेलआउट पैकेज होगा। यूएस इंस्टिट्यूट ऑफ पीस के सेहर तारीक कहते हैं, ‘निर्यात मंदा है, कर्ज बढ़ता जा रहा है, संकेत बेहद खराब हैं।’ वैसे देखा जाए तो पाकिस्तान के पास चीन से कर्ज लेने का भी एक विकल्प मौजूद है। फिर भी, आईएमएफ से मिले या चीन से, कर्ज में पहले से डूबे पाकिस्तान के लिए कोई भी नया कर्ज लेना शुभ तो नहीं ही है। खासकर, तब तो हरगिज नहीं जबकि उसका अतीत गवाह है कि उसने कभी कर्ज का ‘सदुपयोग’ नही किया।
भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (नॉर्थ कैंपस) के हिन्दी स्नातकोत्तर विभाग द्वारा ‘मीडिया और सृजनात्मक लेखन’ पर आयोजित सेमिनार में समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा हिन्दी विभाग को दान स्वरूप दिये गये एक स्पीकर सेट व भव्य दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए विद्वान कुलपति प्रो.(डॉ.)अवध किशोर राय ने उपस्थित श्रोताओं की करतल ध्वनि के बीच डॉ.मधेपुरी को गर्मजोशी के साथ शुभकामनाएं दी……. साथ-साथ दान देने वाली ऐसी प्रवृत्ति की हृदय से सराहना भी की। ज्ञातव्य है कि चन्द महीने पूर्व हिन्दी विभाग के एक कार्यक्रम के उद्घाटन करने के क्रम में प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली ने उक्त दान के बाबत स्वयं घोषणा की थी जिसके पूरा होने पर प्रोवीसी डॉ.अली ने मधेपुरा के कलाम कहे जानेवाले डॉ.मधेपुरी की जमकर तारीफ की………।
Samajsevi Sahityakar & Former University Professor of Physics Dr.Bhupendra Madhepuri receiving honour for his generosity from Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Ray at North Campus BNMU Madhepura.
बता दें कि कुलपति डॉ.राय ने मीडिया को ज्यादा सृजनात्मक होने की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पत्रकारों को दोनों पक्षों की बातों को रखनी चाहिए। आगे भारत के विकास में मीडिया के रचनात्मक सहयोग की आवश्यकताओं पर बल देते हुए उन्होंने यही कहा कि अब मीडिया समाज और देश का आईना बन चुका है जिसमें समाज अपनी अच्छाइयों एवं बुराइयों को साफ-साफ देख सकता है। कुलपति ने न केवल मीडिया द्वारा रचनात्मक एवं सृजनात्मक लेखन के लिए उसे साहित्य से सानिध्य बनाये रखने पर बल दिया बल्कि यह भी कहा कि इसके लिए मीडिया को पहले से कहीं ज्यादा सृजनात्मक और संवेदनशील होना होगा तथा छात्रों को कॉलेज आने के लिए जागरूक भी करना होगा…… अखबारों में उच्च शिक्षा हेतु एक विशेष कॉलम यथाशीघ्र बनाना होगा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सह प्रति कुलपति डॉ.फारूक अली ने अपने संबोधन में यही कहा कि मीडिया हाउसों के बीच एक दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ लगी है जबकि मीडिया को हमेशा तथ्य परक खबरों को ही तवज्जो देनी चाहिए। यदा-कदा जल्दबाजी में अपुष्ट समाचार को प्रकाशित एवं प्रसारित किये जाने के कारण कई बार समाज को बहुत बड़ी क्षति उठानी पड़ती है……. विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार ने हाल-फिलहाल मीडिया के साथ अपने भोगे हुए अनुभवों को निर्भीकतापूर्वक साझा किया तथा मीडिया के अच्छे एवं बुरे पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला …..!
यह भी जानिए की विशिष्ट अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मीडिया को सत्ता एवं समाज के बीच की कड़ी बताते हुए तथा टैगोर-गांधी-विवेकानंद एवं डॉ.कलाम को संदर्भित करते हुए कहा कि हम समाज की बेहतरी के लिए कितना सकारात्मक सोच रखते हैं…….. उसका आकलन आम लोगों को भी करने की जरूरत है क्योंकि समाज रास्ते से भटक गया है……. उसे जगाना मीडिया का ही नहीं….. शिक्षकों का भी दायित्व है।
आगे जहाँ डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मीडिया के सकारात्मक लेखन से कई प्रकार की सामाजिक समस्याओं का समाधान हो जाता है वहीं हिंदुस्तान के ब्यूरो चीफ सरोज कुमार ने सोशल मीडिया को जिम्मेदार होने की जरूरत बताते हुए कहा कि मीडिया तो समाज में समाचारों के संप्रेषण का माध्यम है।
एक ओर जहाँ सीनेटर-शिक्षक डॉ.नरेश कुमार ने कहा कि सृजनशील बनकर ही मीडिया समाज को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है वहीं पूर्व एचओडी डॉ.इंद्र नारायण यादव ने चैनल द्वारा किसानों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक नहीं उठाये जाने की चर्चा की।
समापन के सिलसिले में सृजनात्मक लेखन के जरिये अखबारों को ऊंचाई प्रदान करने वाले पत्रकारों- प्रो.संजय परमार, प्रो.सुरेंद्र कुमार, मनीष कुमार, दिलखुश आदि को कुलपति द्वारा सम्मानित किये जाने के साथ-साथ मुक्तहस्त से दान देने की प्रवृत्ति पालक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को भी उन्होंने सम्मानित किया।
सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए हिन्दी के एचओडी डॉ.सीताराम शर्मा ने मीडिया में सकारात्मकता के हो रहे ह्रास पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि मीडिया को जरूरत है समाज के हर पहलू पर सकारात्मकता के साथ काम करने की। सफल मंच संचालन करते हुए डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप ने कहा कि मीडिया का मूल- सृजन एवं कल्याण है। उपस्थित सभी विभागाध्यक्षों, छात्रों ,आगंतुकों एवं अतिथियों को शोधकर्ता सोनम सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया। आयोग ने छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव कराने की घोषणा की है। बाकी चार राज्यों – मध्य प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान और तेलंगाना में – एक ही चरण में चुनाव कराए जाएंगे। चुनावों की घोषणा के साथ ही सभी पांच राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
आयोग की घोषणा के मुताबिक छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 18 सीटों पर 12 नवंबर को वोटिंग होगी। इसके बाद दूसरे चरण में 72 विधानसभा क्षेत्रों में 20 नवंबर को चुनाव होंगे। जबकि मध्य प्रदेश और मिजोरम में एक ही चरण में 28 नवंबर को वोटिंग होगी। इसी तरह राजस्थान और तेलंगाना में चुनाव आयोग ने सात दिसंबर को वोटिंग कराने का ऐलान किया है। मतगणना 11 दिसंबर को होगी और उसी दिन परिणाम आ जाएंगे।
बहरहाल, चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के ऐलान के साथ ये पांचों राज्य चुनावी मोड में आ गए हैं। ये चुनाव 2019 के आम चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लिए एक रीजनल टेस्ट के तौर पर सामने हैं, तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए भी अपनी नेतृत्व क्षमता को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब देने का अवसर होगा। खासकर इन चुनावों का महत्व भाजपा के लिए बढ़ जाता है क्योंकि पांच में से तीन राज्यों- पश्चिम में राजस्थान, सेंट्रल में मध्य प्रदेश और पूर्व में छत्तीसगढ़ में उसकी सरकार है। यहां बीजेपी को अपनी सत्ता बचानी है और बाकी के दो राज्यों में बेहतर प्रदर्शन करके दिखाना है।
सहरसा में कोसी महोत्सव एवं शिव की नगरी में सिंहेश्वर महोत्सव के तर्ज पर मधेपुरा में भी बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा गोपाष्टमी मेला को पहली बार राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया गया। गोपाष्टमी महोत्सव का आयोजन 15 नवंबर से किया जायगा। पूर्व में इस मेला को विस्तार दिया गौशाला समिति के सचिव पृथ्वीराज यदुवंशी ने जिसके चलते गोपाष्टमी मेला को महोत्सव का दर्जा तो मिला ही- साथ ही पहली बार 20 लाख रुपए आवंटित होने की पुष्टि समाजसेवी डॉ.मधेपुरी द्वारा पूछे जाने पर आयोजन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे सदर एसडीएम बृंदा लाल ने की।
बता दें कि दो दिवसीय सरकारी महोत्सव एवं लगभग 1 सप्ताह का गौशाला समिति की ओर से गोपाष्टमी मेला होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्थानीय कलाकारों के अतिरिक्त दो दिवसीय गोपाष्टमी महोत्सव में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकार बुलाये जायेंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि महोत्सव में कृष्ण लीला, राधा-कृष्ण पर प्रवचन, डांडिया, कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित किया जायेगा। साथ ही खेल आदि के आयोजन हेतु चर्चा भी की गई।
अध्यक्ष सदर एसडीएम बृंदा लाल ने कहा कि महोत्सव के सारे क्रिया-कलापों में पारदर्शिता के साथ राशि खर्च की जायेगी और आयोजन हेतु दूसरी बैठक में आवश्यक समितियों का गठन भी किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम निर्णय जिला अधिकारी के निर्देशानुसार ही स्वीकार्य होगा।
समाजसेवी साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं प्रोफेसर श्यामल किशोर यादव ने स्मारिका प्रकाशन की चर्चा की जिसे अगली बैठक में विचारार्थ रखा जायेगा। बैठक में प्रो.जटाशंकर यादव, डॉ.नायडू, डॉ.आर.के.पप्पू, डॉ.रवि रंजन, प्रो.रीता कुमारी, प्रो.अरुण कुमार बच्चन, प्रो.गणेश प्रसाद, रिंकी यदुवंशी, रविंद्र प्रसाद यादव, राजेश सर्राफ, संजय कुमार जायसवाल, देव नारायण साह, विकास कुमार, आर.पी.यादव, मुकेश कुमार, ई.मयंक, ई.अभिनव आदि उपस्थित थे।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने गुरुवार को जदयू समाज सुधार वाहिनी के सामाजिक चेतना महासम्मेलन रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर विधानपार्षद श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, समाज सुधार वाहिनी की अध्यक्ष डॉ. रंजू गीता, प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी अनिल कुमार तथा बड़ी संख्या में वाहिनी की नेत्रियां मौजूद रहीं जिनमें प्रदेश महासचिव डॉ. आसमां परवीन, वरिष्ठ नेत्री मालती सिंह, किरण रंजन, देवयंती यादव, रीना चौधरी, अरुणा देवी, मधुशिला सिंह, कल्याणी सिंह, डॉ. ललिता, विनीता स्टेफी, शफक बानो आदि प्रमुख हैं।
इस मौके पर बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि जदयू समाज सुधार वाहिनी का ये रथ बिहार की महिलाओं की मौन क्रांति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की बेटियों और बहनों को नया आसमान मिला है, जिसमें ऊँची उड़ान भरने के लिए सभी तरह की सुविधाएं और अवसर उनकी सरकार दे रही है।
वाहिनी की अध्यक्ष डॉ. रंजू गीता ने कहा कि 7 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में भव्य सामाजिक चेतना महासम्मेलन का आयोजन होगा जिसका उद्घाटन जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह तथा मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह होंगे। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश अध्यक्ष द्वारा रवाना किए गए रथ का उद्देश्य सामाजिक चेतना महासम्मेलन को ऐतिहासिक बनाना और सामाजिक चेतना अभियान को घर-घर पहुँचाना है।
प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि वाहिनी द्वारा आयोजित इस महासम्मेलन में राज्य भर से बड़ी संख्या में महिलाएं जुटेंगी। राज्य के कोने-कोने से आ रही महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा का हर तरह से ध्यान रखा जाएगा।
कहीं अकेले बापू को, तो कहीं बापू के साथ ‘जय जवान जय किसान’ के उद्घोषक लाल बहादुर शास्त्री को- मधेपुरा से मोतिहारी तक 2 अक्टूबर को याद किया जाता है। दोनों महापुरुषों का जीवन भारतवासियों को अहर्निश प्रेरणा देता है।
Samajsevi Dr.Madhepuri, known as Kalam of Madhepura , after cleaning Dr.A.P.J.Abdul Kalam Park with the help of Children & their Guardians on the 150th Gandhi Jayanti at Madhepura.
बता दें कि जहां एक ओर गांधी जयंती पर विभिन्न विद्यालयों से निकाले गये बच्चों की प्रभातफेरी में शिक्षकों ने अगुवाई की वही दूसरी ओर मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी स्थानीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में सवेरे-सवेरे बच्चे एवं बड़ों को प्रेरित कर सफाई-कार्य में लगे रहे और इन दोनों हस्तियों के जीवन पर प्रकाश डालते रहे तथा ‘स्वच्छ रहो स्वस्थ रहो’ का संकल्प सबों को दिलाते रहे……..।
Sarv-Dharm Prarthna at Samaharnalaya Madhepura.
यह भी जानिए की प्रात 9:00 बजे जहां समाहरणालय परिसर में आयोजित गांधी जयंती पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा में उपस्थित डीएम नवदीप शुक्ला, एसपी संजय सिंह, डीडीसी मुकेश कुमार, एनडीसी रजनीश कुमार, जिप अध्यक्षा मंजू देवी… समाजसेवी साहित्यकार डॉ.मधेपुरी…… आदि ने गाँधी प्रतिमा पर पुष्पांजलि किया तथा जिलाधिकारी द्वारा दिलाये गये संकल्पों को दोहराया वहीं मंगलवार को ही झल्लू बाबू सभागार में आयोजित गांधी जयंती कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री के साथ मंत्री, जन प्रतिनिधि एवं अधिकारी व समाजसेवी संकल्प लेते दिखे। शहीद चुल्हाय मार्ग पर स्थित जिप डाक बंगला परिसर में गांधी-शास्त्री की तस्वीर पर पुष्पांजलि किया- अध्यक्षा मंजू देवी, उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, डीडीसी मुकेश कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं नप मुरलीगंज अध्यक्ष बौवा यादव। डॉ.मधेपुरी ने कहा – देश की एकता के लिए जरुरी है – भारतीय रेल , खेल, हिन्दी और गाँधी।
Educationist & Senior Leader of JD(U) Dr.Bhupendra Madhepuri addressing Dalit-Mahasabha & Aadiwasi Sammelan on the occasion of Gandhi Jayanti at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.
जहाँ एक ओर कुलपति डॉ.ए.के.राय की टीम द्वारा बापू पर लघुनाटक के मंचन एवं देश भक्ति कार्यक्रमों से बीएनएमयू का ऑडिटोरियम गूंज उठा वहीं दूसरी ओर बीएन मंडल स्टेडियम के सामने मनीषी भूपेन्द्र के नाम वाले कला भवन में प्रो.विजेंद्र नारायण यादव की अध्यक्षता में दलित-महादलित आदिवासी सम्मेलन में जिले के कोने-कोने से आये नर-नारी गांधी की तस्वीर पर दिन भर पुष्पांजलि करते रहे और मंच संचालक नरेश पासवान बारी-बारी से मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवीयों को बापू द्वारा दलितों के उत्थान, तथा सीएम नीतीश कुमार के सात निश्चय के बाबत उद्गार व्यक्त करने हेतु आमंत्रित करते रहे। उद्घाटनकर्ता एससी.एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव, मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री रामलषण राम रमण, पूर्व मंत्री सीताराम दास, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, प्रवक्ता निखिल मंडल आदि सहित राम गोपाल राम, पूर्व विधायक दिलेश्वर कामत, भगवान चौधरी, केएन सिंह……. प्रदेश से पंचायत तक जनसेवियों ने उद्गार व्यक्त किया।
A huge gathering in the Dalit-Mahadalit & Aadiwasi Sammelan at Bhupendra Kala Bhawan on 2nd October 2018.
अंत में सभी एक साथ भोजन कर “गांधी के सपनों के भारत” का एहसास किया और कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी जयंती पर एक बार फिर पुरजोर तरीके से शराबबंदी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई और कहा कि चाहे मुझे दफन कर दो, लेकिन बिहार में शराब हमेशा के लिए बंद रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि गांधीजी के चंपारण आने के 100वें वर्ष की शुरुआत में ही पूर्ण शराबबंदी लागू की गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान समाज सुधार के अनेक कार्यक्रम चलाए गए और इसके लिए समाज सुधार अभियान की शुरुआत की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़बड़ करने वाले लोगों के साथ कानून सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। शराबबंदी के बाद समाज में काफी परिवर्तन आया है और वातावरण बदला है। अब शांति का वातावरण है और शराब छोड़ने के बाद जो पैसे की बचत हो रही है, उसका सदुपयोग बच्चों की अच्छी शिक्षा, खान-पान एवं रहन-सहन पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘गांधीजी ने कहा था कि शराब न सिर्फ आदमियों से पैसे छिनती है बल्कि अक्ल भी छीन लेती है। शराब पीने वाला इंसान हैवान हो जाता है। शराबबंदी के लिए हमलोग पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और इससे कोई समझौता नहीं करेंगे। आप पुलिस पदाधिकारियों से भी यह कहना चाहता हूं कि आप जनता के बीच जाकर उन्हें प्रेरित करें और इसके खिलाफ लगातार अभियान चलाते रहें तथा गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 जुलाई 2015 को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में महिलाओं के एक सम्मेलन में उनकी मांग पर ही हमने शराबबंदी लागू की। इस मौके पर मंच से ही मुख्य सचिव को मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि थाने से लेकर सचिवालय, पुलिस मुख्यालय और सभी सरकारी कार्यालयों में गांधी जी की सीख को पोस्टर के जरिये प्रदर्शित किया जाए। पोस्टर में यह भी उल्लेख करें कि ‘पृथ्वी आपकी जरूरतों को पूरा कर सकती है लेकिन लालच को नहीं।’
बिहार सरकार ने सोमवार को पटना हाइकोर्ट में हलफनामा पेश करके कहा कि आगामी 25 अक्टूबर से राज्य के सभी शहरों और 25 नवंबर से ग्रामीण इलाकों में पॉलिथीन थैलों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लग जाएगा। मुख्य न्यायधीश एमआर शाह और न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की एक पीठ के समक्ष राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को यह जानकारी दी। पीठ पॉलिथीन की थैलियों पर रोक से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
गौरतलब है कि पटना हाइकोर्ट ने गया जिले के बोधगया में महाबोधि मंदिर परिसर स्थित एक तालाब के प्रदूषित होने को लेकर एक हिंदी अखबार में छपी एक खबर पर संज्ञान लिया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को प्लास्टिक से बने पॉलिथीन बैग के इस्तेमाल पर रोक लागाने के लिए कानून बनाने का निर्देश दिया था जिसमें उल्लंघन करने वालों पर अर्थदंड लगाने का प्रावधान हो।
बता दें कि बिहार सरकार ने बीते सितंबर के मध्य में प्लास्टिक से बने पॉलिथीन बैग के निर्माण, बिक्री पर प्रतिबंध के लिए एक मसौदा तैयार करते हुए इसको लेकर विभिन्न संगठनों, संस्थानों और हितधारकों से सुझाव मांगे थे। सच तो यह है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम कर रही सरकार ने पर्यावरण को लेकर कई अवसरों पर अपनी संवेदनशीलता दिखाई है, लेकिन जब तक आम नागरिक इस दिशा में सजग और सक्रिय ना हो, किसी सरकारी कोशिश का कोई अर्थ नहीं। अब जबकि बिगड़ते हालात में कोर्ट ने कमान संभाल ली है, तब कहा जा है कि स्थिति में सचमुच सकारात्मक परिवर्तन आएगा।