जापान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना हुए नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चार दिन की जापान यात्रा पर रविवार को दिल्ली रवाना हो गए। वे दिल्ली से सोमवार की सुबह जापान पहुंचेंगे। वहाँ 20 फरवरी को टोक्यो और 21 फरवरी को ओसाका में निवेशकों के साथ उनकी बैठक होगी। इसके अलावा वे प्राचीन शहर क्योटो भी जाएंगे।

इस मौके पर बड़ी संख्या में जदयू के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने 1, अणे मार्ग और हवाई अड्‌डे पर जाकर मुख्यमंत्री को विदाई दी। उन्हें शुभकामना देने वालों में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य बशिष्ठ नारायण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा में संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद संतोष कुशवाहा, मुख्य प्रवक्ता व विधानपार्षद श्री संजय सिंह, कोषाध्यक्ष व विधानपार्षद प्रो. रणवीर नंदन आदि प्रमुख हैं।

बता दें कि नीतीश कुमार के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान गया है, जिसमें पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पथ निर्माण प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, भवन निर्माण प्रधान सचिव चंचल कुमार, उद्योग प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, आईजी बच्चू सिंह मीणा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल सिंह, बीआईए के अध्यक्ष केपीएस केसरी और बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष ओपी साह शामिल हैं।

गौरतलब है कि बिहार में निवेश, पटना मेट्रो, सड़क, भवन निर्माण, अन्य आधारभूत संरचना, पर्यटन, ऊर्जा, हॉस्पिटैलिटी और औद्योगिक क्षेत्र में संभावनाओं को लेकर जापान यात्रा के दौरान चर्चा होगी। उम्मीद की जा रही है कि इस दौरे पर पटना से बोधगया के बीच चलाए जाने के लिए प्रस्तावित मिनी बुलेट-मेट्रो टाइप ट्रेन की चर्चा पर भी औपचारिक तौर पर मुहर लग जाएगी।

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जानें, नीरव मोदी का ये घोटाला कितना बड़ा है!

इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट या सोशल मीडिया – जरिया जो भी रहा हो, नीरव मोदी को आप जान जरूर गए होंगे। अरबपति हीरा व्यापारी नीरव मोदी, जिसने देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर 11 हजार 300 करोड़ का घोटाला कर डाला। यह देश का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला बताया जा रहा है।

बहरहाल, 11 हजार 300 करोड़ बहुत बड़ी रकम है, इतनी बड़ी कि एक सामान्य क्या विशिष्ट कोटि में आने वाला भारतीय भी अपनी पूरी उम्र में ऐसी रकम के बारे में सोचने या लिखने तक की हिमाकत नहीं कर सकता। धनपतियों की किंवदंती बन चुके टाटा, बिड़ला या अंबानी भी इस रकम के बारे में बहुत सोच-संभल कर कुछ बोलेंगे। ऐसे में ये जानना सचमुच दिलचस्प होगा कि असल में ये रकम कितनी बड़ी है? चलिए, जानने की कोशिश करते हैं।

जैसा कि आप जानते हैं, इसी महीने संसद में पेश हुए मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश के लिए एक बड़े तोहफे की घोषणा की। यह तोहफा ‘मोदी केयर’ के नाम से चर्चा में है। इसके तहत सरकार देश के 10 करोड़ परिवार यानि 50 करोड़ लोगों को 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा देगी। इसे दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम कहा जा रहा है और बजट में इसके लिए 2 हजार करोड़ रुपये का आवंटन भी किया गया है।

आपको बता दें कि आर्थिक मामलों के जानकारों ने जब यह संदेह जताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का फंड पर्याप्त नहीं है तो सरकार की ओर से कहा गया कि यह आरंभिक आवंटन है और जरूरत के हिसाब से और फंड की व्यवस्था की जाएगी। ‘मोदीकेयर’ पर कुल खर्च कितना आएगा, यह आंकड़ा हालांकि अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन बकौल नीति आयोग 50 करोड़ लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस देने में करीब 11 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसका वहन केंद्र और राज्य मिलकर करेंगे। इसका मतलब यह है कि नीरव मोदी के घोटाले की रकम और सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना ‘मोदीकेयर’ पर संभावित खर्च की राशि बराबर है। वैसे पीएनबी घोटाले का मोदी सरकार की इस योजना पर शायद ही कोई असर पड़े, लेकिन यह तुलना घोटाले की गंभीरता को तो जाहिर करता ही है।

जब बात चली ही है तो कुछ अन्य खर्चों को भी जानें, जिनसे इस घोटाले की तुलना दिलचस्प होगी। मसलन, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी को बजट भाषण में 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाले भारत नेट प्रॉजेक्ट की चर्चा करते हुए ऐलान किया था कि सरकार टेलिकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसी तरह लाखों लोगों को रोजगार देने वाले मछली पालन और पशुपालन व्यवसाय के लिए भी केन्द्रीय बजट में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उधर उत्तर प्रदेश में गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना तहत पक्का मकान दिलाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्ष 2018-19 के बजट में 11,500 करोड रुपये का प्रावधान किया है।

अब शायद आपको अंदाजा हो रहा होगा कि नीरव मोदी के घोटाले की रकम वास्तव में कितनी बड़ी है। लेकिन हद तो यह है कि यहां भारत में उसको लेकर हाहाकार मचा हुआ है, और उधर वो मीडिया में आ रही ख़बरों के मुताबिक न्यूयॉर्क में दुनिया के सबसे बड़े होटलों में शुमार एक होटल के आरामगाह में ऐश कर रहा है..! आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी, कुछ करें ऐसे ‘मोदियों’ का..!!

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप

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त्रि-दिवसीय पाँचवें सिंहेश्वर महोत्सव का भव्य उद्घाटन !

ऋषि श्रृंग की पावन नगरी में त्रि-दिवसीय पाँचवें सिंहेश्वर महोत्सव का भव्य उद्घाटन शुक्रवार को सिंहेश्वर पशु हाट परिसर के सर्वाधिक आकर्षक मंच पर संध्या 4:00 बजे जिला प्रशासन के पदाधिकारियों एवं गणमान्यों की उपस्थिति में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में मंत्री रहे जनसेवी विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी एवं समाजसेवी व सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने दीप प्रज्वलित कर संयुक्तरूप से उद्घाटन किया |

बता दें कि दूरदर्शन ऑल इंडिया रेडियो से आई एंकर रूपम त्रिविक्रम ने अपनी मधुर आवाज से कार्यक्रम का आगाज करते हुए सर्वप्रथम सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को पाँचवें महोत्सव में उद्गार व्यक्त करने हेतु आवाज दी |

डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि शिव ऊर्जा का श्रोत है | शिवलिंग का स्वरूप परमाणु रिएक्टर की तरह होता है जिसकी ऊर्जा अनंत है | शिवलिंग जहाँ स्थापित होता है वहाँ की ऊर्जा से आस-पास का क्षेत्र सकारात्मकता से भरपूर होता है | उन्होंने कहा कि जिसे कोई स्वीकार नहीं करता उसे शिव स्वीकार लेता है | शिव के प्रेम में त्याग, तप और समर्पण भरा होता है | शिव से सीखिए- डिप्रेशन को डमरु बजाकर भगाना |

अंत में डॉ.मधेपुरी ने भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के स्कूली दिनों की चर्चा करते हुए कहा कि वे नमाज पढ़ने के बाद प्रतिदिन रामेश्वरम के शिव मंदिर की परिक्रमा किया करते थे | नटराज शिव का चित्र डॉ.कलाम इसीलिए हमेशा अपने पास रखते कि वे मिसाइल की कठिनतम समस्याओं को भी नाचते-गाते हल कर लिया करते | उन्होंने कहा कि शिव अर्धनारीश्वर है तभी तो वे नारी को शक्ति का स्रोत मानते हैं | वे देवों के देव हैं, तभी तो हर विरोधाभास को अपने अंदर समाहित कर लेते हैं |

जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी ने अपने संक्षिप्त सारगर्भित संबोधन में यही कहा कि सिंहेश्वर महोत्सव में विभिन्न संस्कृतियों की झलक आपको मिलेगी | आप शांति और भाईचारा बनाये रखिए तथा 3 दिनों तक भरपूर आनंद लीजिए |

अंत में समारोह के मुख्य आकर्षण लोकप्रिय मंत्री रहे आलमनगर के जनप्रिय विधायक नरेन्द्र नारायण यादव ने विस्तार से शिव-पार्वती परिवार की विविधताओं को संदर्भित करते हुए बाल विवाह एवं दहेज बंदी की चर्चाएं की और कहा कि इन दिनों बिहार सरकार भी इन दोनों का विरोध करते हुए उसे जड़ से उखाड़ने का प्रयास कर रही है | उन्होंने यह भी कहा कि शिव गरीबों-वंचितों के देवता हैं | हमारा देश आध्यात्मिक देश है, ऋषियों का देश है |

आरंभ में स्वर शोभिता संगीत महाविद्यालय की निदेशिका हेमलता ने बच्चियों के नृत्य व गायन द्वारा एसपी विकास कुमार, डीडीसी मुकेश कुमार, एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, स्काउट एंड गाइड के जयकृष्ण यादव सहित अतिथियों का भरपूर स्वागत किया | देर रात तक गया के कलाकारों द्वारा महाआरती, पूर्वोत्तर कलाकारों की प्रस्तुति के साथ-साथ वाई शंकर मूर्ति की मनभावन प्रस्तुति दर्शकों की तालियाँ बटोरती रही |

उद्घाटन कार्यक्रम सत्र का धन्यवाद ज्ञापन सदर एसडीएम संजय कुमार निराला ने किया – मंचासीन मान्यजनों के साथ-साथ दर्शक दीर्घा में बैठे मीडिया मेन के अतिरिक्त विभिन्न दलों के अध्यक्ष सचिव- शौकत अली, राजीव जोशी, नरेश पासवान, सत्येन्द्र सिंह, ध्यानी यादव, अशोक चौधरी आदि सहित स्थानीय बीडीओ अजीत कुमार, सीओ कृष्ण कुमार व दर्शको को भी |

चलते-चलते शिवभक्तों को यह भी बता दें कि मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने सिंहेश्वर में 1-1 महीने का वर्ष में दो बार मेला लगाने का प्रावधान कर दिया है | एक शिवरात्रि में और दूसरा सावन के महीने में, बिल्कुल देवघर की तरह ही |

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भोले बाबा में समर्पित भक्तों का सदा भला ही होता है |

रामायण काल से ही कामना लिंग के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त ऋषि श्रृंग की पावन नगरी सिंहेश्वर स्थान का चप्पा-चप्पा महाशिवरात्रि यानि बुधवार को दिनभर देवाधिदेव महादेव के जयघोष “हर हर महादेव” की जयकारों से गूंजता रहा |

बता दें कि जिले के लिए समर्पित डायनेमिक डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार द्वारा समीपवर्ती राष्ट्र नेपाल से लेकर मिथिलांचल एवं सीमांचल के विभिन्न जिलों से आनेवाले लगभग 2 लाख श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ की सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन जोन में सुरक्षा बलों को लगाया गया है | ट्रैफिक नियंत्रण के लिए 300 पुलिसबलों, महिलाओं की सुरक्षा के निमित्त 70 महिला पुलिस तथा एक महीना चलने वाले मेला के लिए 150 अतिरिक्त पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसबल मंगाया गया है | ड्यूटी में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है डीएम- एसपी ने |

यह जानिये कि डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) के निर्देशानुसार स्थिति पर नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसकी जिम्मेदारी एएसपी राजेश कुमार को दी गई है | एसपी विकास कुमार द्वारा मेला में विधि व्यवस्था के नियंत्रण के लिए अतिरिक्त मेला थाना स्थापित कर इंस्पेक्टर शंभु कुमार को थानाध्यक्ष बनाया गया है |

Prajapita Brahma Kumari Ishwariya Vishwavidyalaya incharge Rajyogini Ranju Didi welcoming Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri , DM Md.Sohail , SDM Sanjay Kumar Nirala , CS Dr.Gadadhar Pandey and others after the inauguration of Brahma Kumari Stall at Singheshwar Mela Campus.
Prajapita Brahma Kumari Ishwariya Vishwavidyalaya incharge Rajyogini Ranju Didi welcoming Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri , DM Md.Sohail , SDM Sanjay Kumar Nirala , CS Dr.Gadadhar Pandey and others after the inauguration of Brahma Kumari Stall at Singheshwar Mela Campus.

यह भी बता दें कि बिहार सरकार के एस-सी, एस-टी कल्याण मंत्री द्वारा अपरिहार्य कारणवश मेला उद्घाटन कार्यक्रम में नहीं आने पर लगभग 2 घंटे विलंब से जिलापदाधिकारी मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, समाजसेवी भूपेन्द्र मधेपुरी एवं सरोज सिंह, दिवाकर सिंह सरीखे गणमान्यों की उपस्थिति में जहाँ सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष समीर कुमार झा द्वारा ‘धन्यवाद गेट’ पर फीताकाटकर मेले का उद्घाटन किया गया वहीं डीआरडीए मंच संचालन कर्ता सदर एसडीएम संजय कुमार निराला द्वारा सर्वप्रथम सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को उमापति महादेव के प्रति उद्गार व्यक्त करने हेतु आमंत्रित किया गया और डॉ.मधेपुरी के संबोधन के बाद पुनः न्यास अध्यक्ष सहित मंचासीन गणमान्यों द्वारा सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर मेले का विधिवत उद्घाटन कराया गया |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating stall along with DM Md.Sohail, SP Vikas Kumar and others at Singheshwar Mela .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating stall along with DM Md.Sohail, SP Vikas Kumar and others at Singheshwar Mela .

इस अवसर पर डीएम मो.सोहैल ने कहा कि भोलेनाथ की कृपा से ही जिले में विकास कार्यों की गंगा बह रही है | बाबा भोलेनाथ खुद तो किसी कार्य को करते नहीं बल्कि किसी न किसी को उसके लिए माध्यम बनाते हैं | उन्होंने वरदान माँगा कि भोलेनाथ की कृपा जिले पर बनी रहे और जिला तेजी से तरक्की करता रहे |

जहाँ एसपी विकास कुमार ने आनेवाले श्रद्धालु शिव भक्तों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए आश्वस्त किया वहीं न्यास समिति सदस्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि जो बाबा भोले में समर्पण का भाव रखते हैं उसका हमेशा भला होता है | उन्होंने भारत के राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण संप्रेषित करते हुए कहा कि मस्जिद में नमाज अता करने के बाद रामेश्वरम के शिव मंदिर की परिक्रमा करने वाला एवं पेपर बेचनेवाला बालक बाबा की कृपा से ही कालांतर में रामेश्वरम से राष्ट्रपति भवन तक की यात्रा पूरी कर ली….. और डीएम मो.सोहैल एवं मनोहर लाल भगवान दास टेकरीवाल परिवार के भोलेनाथ के प्रति समर्पण की चर्चा करते हुए कहा कि जहां डीएम मो.सोहैल ने दो-दो बार उत्कृष्ट कार्यों के लिए सीएम द्वारा पुरस्कृत हुए वहीं पटना में डीएम व कमिश्नर रहे रमेश अभिषेक पी.एम. द्वारा प्रशंसित हो रहे हैं…… स्विट्जरलैंड व अन्य देशों में साथ व शामिल हो रहे हैं……|

उद्घाटन कार्यक्रम के अंत में डीडीसी सह मंदिर न्यास समिति सचिव मुकेश कुमार द्वारा मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित सिंहेश्वर प्रखंड के स्वयंसेवी संगठनों के सचिव व अध्यक्षों, व्यापार संघ के अशोक भगत, डॉ.दिवाकर सिंह, सियाराम यादव सहित ट्रस्ट सदस्यों व कर्मियों को साथ-साथ प्रशासनिक पदाधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा अध्यक्ष डीएम मो.सोहैल के निर्देशानुसार कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई |

समारोह समापन के साथ ही डीएम, एसपी, डीडीसी, एसडीएम, एएसपी सहित ट्रस्ट मेम्बर डॉ.मधेपुरी व स्काउट-गाइड प्रशिक्षण आयुक्त जय कृष्ण यादव आदि गणमान्यों द्वारा दर्जनों स्टाल का उद्घाटन किया गया जिसमें प्रमुख हैं- कृषि मीना बाजार, स्काउट एण्ड गाइड, वर्मी कंपोस्ट, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, नारियल बोर्ड, मंदिर न्यास समिति कार्यालय के नये भवन उद्घाटन कार्यक्रम…… आदि |

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शिवलिंग का वैज्ञानिक रहस्य

क्या आप शिवलिंग का वैज्ञानिक रहस्य जानते हैं? या आप बता सकते हैं कि शिवलिंग पर जल और बेलपत्र क्यों चढ़ाते हैं? चलिए, जानने की कोशिश करते हैं। आप शिवलिंग के वैज्ञानिक विश्लेषण के प्रारंभ में ही चौंक जाएंगे जब ये जानेंगे कि वास्तव में शिवलिंग एक प्रकार के न्यूक्लियर रिएक्टर हैं। जी हाँ, शिवलिंग और न्यूक्लियर रिएक्टर में काफी समानताएं हैं। आप गौर से देखें तो दोनों की संरचनाएं एक-सी हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो दोनों ही कहीं-न-कहीं उर्जा से संबंधित हैं। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह कि शिवलिंग पर लगातार जल प्रवाहित करने का नियम है। देश में, ज्यादातर शिवलिंग वहीं पाए जाते हैं जहां जल का भंडार हो, जैसे नदी, तालाब, झील इत्यादि। आप खंगाल कर देख लें, विश्व के सारे न्यूक्लियर प्लांट भी पानी (समुद्र) के पास ही हैं।

अब आगे बढ़ें। शिवलिंग की संरचना बेलनाकार होती है और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के रिएक्टर की संरचना भी बेलनाकार ही है। अगली खास बात यह कि न्यूक्लियर रिएक्टर को ठंडा रखने के लिये जो जल का इस्तेमाल किया जाता है उस जल को किसी और प्रयोग में नहीं लाया जाता। उसी तरह शिवलिंग पर जो जल चढ़ाया जाता है उसको भी प्रसाद के रूप में ग्रहण नहीं किया जाता है।

अरे रुकिए, बात अभी पूरी हुई कहाँ है! आगे सुनें। जैसा कि हम सभी जानते हैं, शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं की जाती है। जहां से जल निष्कासित हो रहा है, उसको लांघा भी नहीं जाता है। ऐसी मान्यता है कि वह जल आवेशित (चार्ज) होता है। उसी तरह से जिस तरह से न्यूक्लियर रिएक्टर से निकले हुए जल को भी दूर ऱखा जाता है।

अब यह भी जानें कि शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और आक क्यों चढ़ाते हैं। ऐसा इसलिए कि सभी ज्योतिर्लिंगों के स्थानों पर सबसे ज्यादा रेडिएशन पाया जाता है। शिवलिंग और कुछ नहीं बल्कि न्यूक्लियर रिएक्टर ही हैं तभी उनपर जल चढ़ाया जाता है, ताकि वो शांत रहे। महादेव के सभी प्रिय पदार्थ जैसे बिल्वपत्र, आक, धतूरा, गुड़हल आदि सभी न्यूक्लियर एनर्जी सोखने वाले हैं। एक बात और, शिवलिंग पर चढ़ा पानी भी रिएक्टिव हो जाता है तभी जल निकासी नलिका को लांघने का नियम आप कहीं नहीं पाएंगे।

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भभुआ के कारण दांव पर राजद-कांग्रेस का रिश्ता

भाजपा विधायक आनंद भूषण पांडेय के निधन से खाली हुई सीट को लेकर राजद और कांग्रेस का रिश्ता दांव पर है। एक ओर जहां राजद इस सीट पर अपने उम्‍मीदवार खड़ा करने को पूरी तरह तैयार है तो दूसरी ओर कांग्रेस भी यहां उम्‍मीदवार उतारने की जिद पर अड़ी है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह का कहना है कि उऩकी पार्टी यहां अपनी ताकत दिखायेगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कौकब कादरी तो यहां तक कहते हैं कि राजद अगर भुभआ देने को राजी नहीं हुआ तो कांग्रेस उपचुनाव वाली तीनों सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। उधर राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव भभुआ पर कांग्रेस के दावे को खारिज करते हुए कहते हैं कि सामाजिक समीकरण और पकड़ के हिसाब से राजद का यहां मजबूत आधार है। साथ ही भोला कांग्रेस से मतभेद दूर कर लेने का दावा भी करते हैं।

बता दें कि 1990 के पहले भभुआ कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन बाद में राजद ने यहां कब्जा जमा लिया। हालांकि 2005 फरवरी के बाद से राजद भी कांग्रेस की तरह यहां लगातार पिछड़ता चला गया और मुख्य मुकाबले से भी गायब हो गया। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए 2005 के अक्टूबर में हुए चुनाव में बसपा ने यहां अपनी उपस्थिति दर्ज की। यही कारण है कि मायावती की निगाह भी इस पर जमी हुई है। बिहार में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भरत बिंद का दावा है कि पार्टी आलाकमान ने उन्हें चुनाव लडऩे की इजाजत दे दी है।

बहरहाल, भभुआ विधानसभा सीट को लेकर राजद, कांग्रेस और बसपा में मची इस होड़ से एनडीए के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता के सपने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बिहार में महागठबंधन के बिखरने के बाद लालू प्रसाद यादव ने दावा किया था कि भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय मोर्चा बनाने के लिए वे मायावती, मुलायम और ममता बनर्जी को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की पहल करेंगे। देखा जाय तो भभुआ में लालू के इस दावे की भी परख होनी है।

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मंडल विश्वविद्यालय की रजत जयंती में शामिल होंगे सत्यपाल मलिक

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के रजत जयंती समारोह को आगामी मई माह में भव्य तरीके से मनाने के लिए कुलपति डॉ.ए.के.राय की अध्यक्षता में शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में कुछ अहम निर्णय लिए गये |

बता दें कि रजत जयंती समारोह में राज्यपाल सह महामहिम कुलाधिपति सत्यपाल मलिक सहित कई गणमान्यों को बुलाने के निर्णय के साथ-साथ एक राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार भी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है | विश्वविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन के आयोजन हेतु तैयारी शुरू करने का भी निर्णय लिया गया | इसके अलावे विश्वविद्यालय क्षेत्रांतर्गत सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित तथा आपदा प्रबंधन को मजबूती प्रदान करने हेतु कॉलेजों के सभी एनएसएस टीमों को एक्टिवेट करने का निर्णय लिया गया |

यह भी जानिये कि रजत जयंती समारोह को भव्यता प्रदान करने हेतु नवनिर्मित नार्थ कैंपस का वास्तुविद के सहयोग से मास्टर प्लान बनाने का भी निर्णय लिया गया | साथ ही यह भी कि सिल्वर जुबली हॉल के निर्माण हेतु यूजीसी को प्रस्ताव भेजा जाय |

रजत जयंती समारोह को विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि मानते हुए कुलपति डॉ.राय ने कई उप-समितियों के गठन हेतु निर्णय लिया जिसके तहत स्वागत समिति, स्मारिका प्रकाशन समिति, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति तथा पूर्ववर्ती छात्र आयोजन समिति आदि का गठन किया जायेगा |

रजत जयंती समारोह को भव्य तरीके से आयोजित करने हेतु विभिन्न समितियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ देने के लिए बैठक में उपस्थित हुए – प्रतिकुलपति डॉ.फारूख़ अली, वित्त परामर्शी सी आर डीगवाल, डीएसडब्ल्यू डॉ.सुनील कांत मिश्रा, सोशल सायंस डीन डॉ.शिवमुनि यादव, वित्त पदाधिकारी एच के सिंह, बी.एन.मुस्टा के महासचिव सह अधिषद सदस्य डॉ.नरेश कुमार आदि |

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उमा ने ‘असमय’ क्यों की ये घोषणा?

पिछले तीन दशकों में जिन कुछ नेताओं ने भाजपा की पहचान और स्थान बनने में बड़ी भूमिका निभाई है, उनमें एक नाम अत्यंत मुखर फायर ब्रांड नेता और वर्तमान केन्द्रीय मंत्री उमा भारती का भी है, इसमें कोई दो राय नहीं। पर ना जाने अचनाक क्या हुआ कि उमा भारती ने अपनी उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा, ‘अब मैं कोई चुनाव नहीं लड़ूंगी, मगर पार्टी के लिए काम करती रहूंगी।’ ‘संन्यासिन’ का सक्रिय राजनीति से अचानक इस तरह ‘संन्यास’ समझ से परे है! खास तौर पर तब जबकि मध्यप्रदेश के चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। कहीं ये पश्चिम बंगाल और राजस्थान के उपचुनावों में भाजपा को मिली हार का आफ्टर इफेक्ट तो नहीं?

बहरहाल, उमा का कहना है कि वह दो बार सांसद रही हैं और पार्टी के लिए काफी काम किया है, उसी के चलते इतनी कम उम्र में उनका शरीर जवाब देने लगा है। कमर और घुटनों में दर्द के चलते चलने-फिरने में परेशानी होती है। हालांकि पार्टी के लिए वह प्रचार करती रहेंगी। राम मंदिर के सवाल पर उन्होंने कहा कि न्यायालय अपना फैसला सुना चुका है, लिहाजा आपसी सहमति से राम मंदिर का निर्माण हो जाना चाहिए।

बता दें कि उमा भारती खजुराहो, भोपाल के बाद वर्तमान में झांसी से सांसद हैं। वह बड़ा मलेहरा और चरखारी से विधायक रह चुकी हैं। उमा भारती बुंदेलखंड की बड़ी प्रभावशाली नेता और पूरे देश में हिंदूवादी नेता के तौर पर अपनी पहचान रखती हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उमा भारती के इस ऐलान को लेकर राजनीति के गलियारे में कई तरह के कयास लगने लगे हैं। देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस स्थिति से कैसे निबटती है!

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एक जान बचाने के लिए कोसी को अब मिली 7 करोड़ की राशि

मधेपुरा-सहरसा-सुपौल व पूर्णिया यानि कोसी-सीमांचल क्षेत्र में 142 मानव रहित रेल फाटकों को मानवसहित फाटक बनाकर एक-एक कीमती जान बचाने के लिए 7 करोड़ की राशि रेल मंत्रालय ने अब दिया है जबकि कितनी बेशकीमती जानें जा चुकी हैं |

बता दें कि जहाँ सहरसा-फारबिसगंज के बीच कुल 82 मानवरहित रेल फाटकों को मानव सहित करने के लिए दो करोड़ की राशि दी गयी है वहीं सकरी-निर्मली के बीच कुल 16 अनमैंड फाटक समाप्ति के लिए दो करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है |

यह भी बता दें कि बनमनखी-बिहारीगंज के बीच 22 मानवरहित फाटक समाप्ति के लिए जहाँ दो करोड़ का प्रावधान किया गया है वहीं बनमनखी-पूर्णिया के बीच उतने ही मानवरहित यानि 22 फ़ाटक को मानवसहित बनाने के लिए एक करोड़ का आवंटन दिया गया है |

यह भी जानिये कि जहाँ कोसी-सीमांचल में अब 7 करोड़ से 142 फाटक मानवसहित होगा वहीं इस क्षेत्र में अब लगभग 563 करोड़ की राशि से रेल मंत्रालय द्वारा 15 परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाएगा | इन 15 परियोजनाओं में बनमनखी-बिहारीगंज आमान परिवर्तन, सरायगढ़ में रेल महासेतु निर्माण, सहरसा-फारबिसगंज-सकरी-लौकहा-निर्मली तक 400 करोड़ मात्र की राशि से ब्रॉडगेज, सुपौल-अररिया नई रेल लाइन के साथ-साथ बिहारीगंज-कुरसेला नई रेल लाइन एवं मानसी-सहरसा-पूर्णिया रेल खंड में सिग्नल दूर संचार संबंधी ऑप्टिक फाइबर केबल कार्य के लिए 50 लाख की राशि स्वीकृत की गई है |

फिलहाल मधेपुरा विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री को 18 करोड़ और 127 किलोमीटर नई रेल लाइन के कार्यारंभ के लिए दो करोड़ 10 लाख के अतिरिक्त जोगबनी-विराटनगर, अररिया-गलगलिया, खगड़िया-कुशेश्वर स्थान, दरभंगा-कुशेश्वर स्थान रेल लाइन निर्माण हेतु कार्यारम्भ के लिए 61 करोड़ की राशि आवंटित कर दी गई है | देर से ही सही, मधेपुरा से सिंघेश्वर स्थान होते हुए वीरपुर यानि नेपाल की सीमा तक भारतीय रेल आज नहीं तो कल अवश्य पहुंचेगी |

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न्याय यात्रा पर तेजस्वी

लालू की अनुपस्थिति में राजद की कमान संभाल रहे तेजस्वी प्रसाद यादव शुक्रवार को न्याय यात्रा पर निकले। पूर्व उपमुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा कि अनंत हेगड़े संविधान और मोहन भागवत आरक्षण को खत्म करने की बात करते हैं। इन सभी लोगों के खिलाफ हमारी न्याय यात्रा है। न्याय यात्रा के लिए तैयार किए गए विशेष रथ में सवार होकर निकलने के पूर्व तेजस्वी मीडिया से मुखातिब थे।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लचर है। बकौल तेजस्वी, केंद्र व राज्य सरकार के पास एक ही काम बचा है – लालू परिवार को फंसाओ, उन्हें खत्म करो। उन्होंने भाजपा नेता व केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से 2014 के चुनाव घोषणा पत्र में विवादित जमीन का जिक्र नहीं करने पर इस्तीफे की मांग की और तंज कसते हुए कहा कि हमसे परेशान हैं, तो हमें भी पाकिस्तान भिजवा दें।

बता दें कि तेजस्वी अपनी मां पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी एवं बड़े भाई व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव का आशीर्वाद लेकर संविधान बचाओ न्याय यात्रा के लिए निकले। दस सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के आवास पर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे ने भी उन्हें आशीष दिया। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि करोड़ों लोगों की दुआएं तेजस्वी के साथ है। वे सभी की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे और धर्मनिरपेक्षता व सामाजिक न्याय की धारा को मजबूत करेंगे।

बहरहाल, प्रथम चरण की पांच दिवसीय यात्रा के दौरान तेजस्वी सीमांचल के चार जिलों कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज एवं अररिया में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। यात्रा का पहला पड़ाव कटिहार है।

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