सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल के राजकीय जयन्ती समारोह- 2015 की अद्यक्षता कर रहे थे मधेपुरा के जिला पदाधिकारी मो.सोहैल | बिहार सरकार के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित केबिनेट मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव और विशेष रूप से उपस्थित राष्ट्रीय नेता शरद यादव सहित विधायक द्वय प्रो.चंद्रशेखर, प्रो.रमेश ऋषिदेव, पार्षद विजय वर्मा, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्र. निराला एवं मणिन्द्र कुमार मंडल आदि गणमान्यों से डॉ.मधेपुरी ने उद्गार व्यक्त करने के क्रम में कहा कि विगत वर्षों में विश्व में केवल दो ही नाम होठों पर गूंजते रहे – एक मंडल और दूसरा मंडेला |
मंडेला को तो भारतरत्न से सम्मानित कर दिया गया लेकिन मंडल को भारतरत्न अबतक नहीं दिया गया है जिसके लिए डॉ.मधेपुरी द्वारा विगत कई वर्षों से लगातार आवाज उठाई जा रही है |
इस बार भी डॉ.मधेपुरी ने राष्ट्रीय अद्यक्ष जदयू शरद यादव, मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव आदि के समक्ष मंच से कहा कि मंडल आयोग के अद्यक्ष बी.पी.मंडल 01 वर्ष 8 महीना 22 दिनों तक घड़ी की सूई की तरह बिना रुके व बिना विश्राम किये कश्मीर से कन्याकुमारी तक और गुजरात से बंगाल की खाड़ी तक चलते रहे तथा भिन्न-भिन्न संस्थानों में जा-जाकर उन्होंने सभी धर्मों एवं सभी वर्णों के 3743 जातियों के सामाजिक व शैक्षिक रूप से पिछड़े लोगों को रेखांकित किया और उन्हें आरक्षण दिए जाने के लिए सिफारिशें की | सम्पूर्ण भारत के लिए ऐसी सम्यक दृष्टि रखने वाले बी.पी. मंडल को भारतरत्न दिए जाने की मांग बिलकुल जायज है |
यूँ तो डॉ.मधेपुरी समाजवादी चिन्तक राम मनोहर लोहिया, भूपेन्द्र नारायण मंडल व कर्पूरी ठाकुर सहित होमी जहाँगीर भाभा को भी भारतरत्न दिए जाने के लिए आवाज उठाते रहे हैं |
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग आयोग-2 यानी मंडल आयोग के अद्यक्ष व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बी.पी.मंडल यानी विन्धेश्वरी प्रसाद मंडल एक ऐसा नाम है जो मधेपुरा की समाजवादी धरती के सम्मान को शिखर तक पहुंचा दिया | उसी सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल के मंडल कमीशन की रिपोर्ट को वी.पी.सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल में संसद के पटल पर रखवाने, बहस कराने और उसे लागू कराने में जदयू के राष्ट्रीय अद्यक्ष शरद यादव ने कितनी कुर्वानियाँ दी यह सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाते हैं |
25 अगस्त 1992 को मंडल के समाधि-स्थल से मंडल रथ पर सवार होकर यही शरद लगभग तीन महीने तक बिना रुके, बिना थके और बिना झुके- देश के छोटे-बड़े किसी-किसी शहर में छिटपुट वारदातों को झेलते हुए 07 नवम्बर 1992 को दिल्ली पहुँचकर सबों को मंडल आरक्षण का गूढ़ तत्व समझाते हैं | रास्ते से लेकर घर तक उन्हें कितनी यातनाएं सहनी पड़ी यह किसी से छिपी नहीं है | आरक्षण की आग में यह शरद केवल झुलसकर ही निकल गया यही क्या कम है | उनके शरीर का पोर-पोर तोड़ दिया गया – ये सारी बातें डॉ.मधेपुरी ने मुरहो में आयोजित बी.पी.मंडल राजकीय जयन्ती समारोह में मंडल मसीहा शरद यादव के बाबत कही |
डॉ. मधेपुरी ने यह भी कहा – “भारत में प्रतिदिन लाखों बच्चे जन्म ग्रहण करते हैं, लेकिन कुछ ही बच्चे ऐसे होते हैं जो अपने पौरुष-पुरुषार्थ एवं संकल्प व् ईमानदारी की बदौलत कुछ ऐसा कर गुजरते हैं कि लोग यह जानने को उत्सुक हो जाते हैं कि वह बच्चा कहाँ जन्म लिया और बड़ा होकर समाज और देश को क्या दिया ? ऐसे ही बच्चों में एक हुए – बी.पी.मंडल जिनका नाम लेते ही श्रद्धा से सिर झुक जाता है | कालान्तर में वही मंडल रिपोर्ट तैयार करने में 01 वर्ष 08 महीना 22 दिनों तक घड़ी की सुई की तरह चलते रहे, कभी रुके नहीं | कश्मीर से कन्याकुमारी और राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक घूम-घूम कर उन्होंने सभी धर्मों एवं सभी वर्णो के 3743 जातियों को रेखांकित किया जो सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े थे | उन्हें विशेष अवसर दिए जाने की सिफारिश कर 31 दिसम्बर 1980 को तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी के समक्ष समर्पित कर मधेपुरा आ गये |”
नगरपालिका के तत्कालीन वाईसचेयरमेन डॉ. मधेपुरी द्वारा अद्यक्ष की अनुपस्थिति में भव्य नागरिक अभिनन्दन समारोह की अद्यक्षता करने से सकुचाने पर बी.पी.मंडल ने उनसे यही कहा था – “जब मैं आनरेरी मजिस्ट्रेट हुआ करता था तो एक बार म्युनिसिपल एक्ट पढने का मौका मिला, जिसमें लिखा है- Even in the temporary absence of the chairman, vice-chairman is entitled to discharge all the duties of the chairman .” तभी डॉ. मधेपुरी ने उस बी.पी.मंडल-अभिनन्दन समारोह की अद्यक्षता की |
इस समारोह के अद्यक्ष जिला पदाधिकारी मो.सोहैल ने बिहार सरकार के प्रतिनिधि मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, राष्ट्रीय अद्यक्ष जदयू शरद यादव सहित विधायक, पार्षद एवं गण्यमान्य का स्वागत किया | सबों ने मंडल जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया | सर्व धर्म प्रार्थना की गई |
मंडल मसीहा शरद यादव ने अपनी कबीर वाणी का उद्घोष करते हुए कहा कि आगे जो कोई सिविल सर्विसेज में चुनकर जिला का नाम रोशन करेगा उसे यहाँ बुलाकर सम्मानित करना ही मंडल की सच्ची श्रद्धांजलि होगी | परीक्षा में नक़ल बन्द करो तभी देश और समाज आगे बढेगा वरना शरद यादव को यहाँ बुलाने का क्या फायदा !
बिहार सरकार के भूमि सुधार व विधि मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, विधायक रमेश ऋषिदेव, प्रो.चंद्रशेखर, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, पूर्व विधायक मणीन्द्र कुमार मंडल, परमेश्वरी प्र.निराला, डॉ.ए.के.मंडल, पूर्व मुखिया सुभाष चन्द्र यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.आलोक कुमार, मुखिया नीलम देवी आदि ने बी.पी.मंडल के विशाल व्यक्तित्व की चर्चा की और गागर में सागर भरने का प्रयास किया |
People attending B.P.Mandal Jayanti Samaroh
अंत में अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार निराला द्वारा पुलिस कप्तान कुमार आशीष सहित जिला एवं अनुमंडल के सभी उपस्थित पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभा समाप्ति की घोषणा की गई |
जदयू के राष्ट्रीय अद्यक्ष शरद यादव रविवार की शाम में मधेपुरा पहुँचे | स्वाभिमान रैली की तैयारी को लेकर वे 27 अगस्त तक कोसी के भ्रमण पर रहेंगे | सोमवार को सहरसा में और मंगलवार को मधेपुरा में रहेंगे शरद यादव | बी.पी.मंडल की राजकीय जयन्ती समारोह में भाग लेने वे मुरहो जायेंगे | बुधवार को सुपौल जिला का दौरा करेंगे |
इस दौरान कई लंबित योजनाओं का शिलान्यास करेंगे और कुछ जो पूरी हो चुकी है उसका उद्घाटन भी करेंगे | वे इस इलाके में 27 अगस्त तक रहकर 30 अगस्त को पटना गाँधी मैदान में होने वाली महागठबंधन की महारैली में सर्वाधिक भागीदारी सुनिश्चित करेंगे |
मंडल मसीहा शरद यादव को अपने मधेपुरा निवास से निकलकर मुरहो मंडल जयन्ती में दस मिनट बिलम्ब से पहुँचने का कारण यह हुआ कि वित्तरहित शिक्षकों ने उनके मेन गेट को जाम कर दिया था |
कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के अम्बिका सभागार में तुलसी जयन्ती का एक दिवसीय समारोह आयोजित किया गया, जिसकी अद्यक्षता तिलका मांझी वि.वि. में प्रतिकुलपति रह चुके डॉ.के.के.मंडल ने किया | डॉ.मंडल ने अपने अद्यक्षीय भाषण में तुलसीकृत रामायण के सुन्दरकाण्ड को सुन्दरकाण्ड क्यों कहा जाता है – की सारगर्भित व्याख्या कर सुधि श्रोताओं का मन मोह लिया |
इस अवसर पर समारोह का उद्घाटन करते हुए भू.ना.मंडल वि.वि. के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद तथा दर्जनों पुस्तक के रचनाकार साहित्यकार डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि ने तुलसीकृत रामचरितमानस सहित विनय पत्रिका, कवितावली, दोहावली व अन्य ग्रंथों की पंक्तियों को करीने से उद्धृत करते हुए उपस्थित साहित्यनुरागियों एवं स्कूली बच्चों के बीच तथ्यों को इस तरह परोसा कि लगा जैसे तुलसी दास आज भी प्रासंगिक हैं | डॉ.रवि ने रामचरितमानस को समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र तथा मनोविज्ञान सहित जीवन दर्शन का भंडार सिद्ध करते हुए दर्शकों के बीच देर तक जैसे अमृत वर्षाते रहे और तालियाँ बटोरते रहे |
Tulsi Das Jayanti at Madhepura
सम्मेलन के सचिव डॉ.मधेपुरी ने तुलसी साहित्य के सहारे भौतिकी में “दर्पण” की परिभाषा समझाने के अदभुत इल्म से श्रोताओं को हैरत में डाल दिया | डॉ. मधेपुरी द्वारा स्कूली बच्चों के बीच “तुलसी आज भी प्रासंगिक है” विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित कराया गया, जिसमें चयनित तीन प्रतिभागियों आस्था प्रिया, अदिति परमार एवं आर्चि परमार को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में रामचरितमानस, विनय पत्रिका आदि क्रमशः उद्घाटनकर्ता, अद्यक्ष एवं सचिव द्वारा दिया गया | इस अवसर पर विचार व्यक्त करने वालों में प्रमुख हैं – माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव रहे रघुनाथ यादव, अवकाशप्राप्त शिक्षक प्राण मोहन यादव एवं सियाराम यादव मयंक आदि |
द्वितीय सत्र में कवि गोष्ठी का संचालन उपसचिव उल्लास मुख़र्जी द्वारा किया गया | देर शाम तक चले गोष्ठी में अपनी प्रतिनिधि कविताओं के साथ सस्वर पाठ किया- सुकवि सियाराम यादव मयंक ने | साथ ही राजू भैया, उल्लाष मुखर्जी, डॉ.मधेपुरी, राकेश कुमार द्विजराज आदि ने भी कविताओं का पाठ किया | अन्त में उपसचिव उल्लाष मुखर्जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया |
कुलपति डॉ. विनोद कुमार के निदेशानुसार वि.वि. परीक्षा नियन्त्रक डॉ.नवीन कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि बी.एड. परीक्षा-2015 के लिए दो परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं |
परीक्षा नियन्त्रक डॉ.कुमार ने बताया कि भू.ना.मंडल वि.वि. में बी.एड.-2015 की परीक्षा 08(आठ) सितम्बर से शुरू होगी | उन्होंने कहा कि कुलपति ने बी.एड.परीक्षा के लिए दो परीक्षा केन्द्र बनाये जाने की स्वीकृति दी है |
कोसी प्रमंडल के लिए भू.ना.मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, साहुगढ़- मधेपुरा और पूर्णिया प्रमंडल के लिए पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है | दोनों परीक्षा केन्द्रों पर बी.एड. की परीक्षा 08 सितम्बर से प्रारम्भ होगी और परीक्षा की अवधि 12.00 दिन से 3.00 बजे यानी तीन घंटे की होगी | इस परीक्षा का विस्तृत प्रोग्राम सम्बन्धित केन्द्राधीक्षकों एवं कॉलेजों को शीघ्र भेज दिया जायेगा |
भू.ना.मंडल वि.वि.आडिटोरियम में गुरुवार को जिले के पाँच बाल वैज्ञानिक सहित 400 प्रतिभा संपन्न छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया | इस भव्य कार्यक्रम का श्री गणेश दीप प्रज्जवलित कर कुलपति डॉ.विनोद कुमार, डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी, कुलसचिव डॉ.के.पी.सिंह, डी.एम. मो.सोहेल, एस.पी. कुमार आशीष ने संयुक्त रूप से किया |
समारोह को सम्बोधित करते हुए कुलपति डॉ.विनोद कुमार ने कहा कि छात्रों को ऊंचाई तक जाने के लिए अनुशासन को अपने जीवन में अपनाना होगा | प्रतिभावान अनुशासित छात्रों को सम्मानित किये जाने पर उनमें आत्मविश्वास पैदा होता है | कुलसचिव कुमारेश प्र.सिंह ने कहा कि प्रतिभा को सम्मानित किये जाने पर हौसला बढ़ता है |
डी.एम. मो.सुहेल ने कहा कि छात्र रूटीन बनाकर उसके अनुरूप पढ़ें तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमेगी | एस.पी. कुमार आशीष ने कहा कि प्रभात खबर द्वारा ग्रामीण छात्रों को मंच दिए जाने से उन्हें उच्च शिक्षा के प्रति आकर्षण बढ़ता है | डॉ.अरुण कुमार मंडल, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अशोक कुमार, ई.प्रभाष कुमार एवं डॉ.जौहरी व डॉ.जवाहर पासवान ने प्रभात खबर को इस तरह का सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए सर्वाधिक शुभकामनाएँ दी और कहा कि सम्मानित होने वाले बच्चों में अपनी जिम्मेदारियों एवं दायित्वों के निर्वहन की समझ बढ़ती है और वे अपने एवं देश के भविष्य निर्माण में बखूबी जुटने लगते हैं |
Dr.Madhepuri bestowing rewards to the students .
वहीँ पुरस्कार वितरण करने के बाद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने प्रभात खबर में अंकित “बिहार जागे. . . . देश आगे” के ऊपर उड़ते हुए पंछी को दिखाकर कहा – “छात्रो ! तेरी उड़ान में कभी विराम ना हो | तुम्हारे मन में लगन एवं अंतर्मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो पहाड़ भी तुम्हें नहीं रोक पायेगा |” उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छा-शक्ति के कारण ही तो बिना हाथों वाली जेसिका कोक्स आकाश में हवाई जहाज उड़ा रही है और बड़े-बड़े जलसों में पैरों से पियानो बजा रही है | साथ ही, कसवा अंचल कार्यालय के अनुसेवक श्याम सुन्दर साह की पुत्री ललिता आई.ए.एस. बनकर पूर्णिया जिला की प्रथम महिला डी.एम. बन पिता का नाम रोशन कर रही है |
डॉ.मधेपुरी ने ब्यूरो चीफ रुपेश कुमार सहित प्रभात खबर परिवार को बार-बार शुभकामनाएं दी और बच्चों को संदेश – “मेरे बच्चो ! तुम कभी खुद को असहाय मत समझना | तुम्हारे अन्दर दैवीय शक्ति छिपी है | हमेशा कलाम को स्मरण करते हुए उसमें पंख लगाते रहना और उड़-उड़ कर ऊंचाईयों तक पहुँचते रहना | ”
People attending Prabhat Khabar Pratibha Samman Samaroh at BNMU .
प्रभात खबर द्वारा आयोजित इस प्रतिभा सम्मान समारोह को सफल बनाने में मधेपुरा-चकला चौक, पृथ्वी द्वार स्थित होली क्रॉस स्कूल के सचिव व प्रधानाचार्य गजेन्द्र कुमार व वंदना घोष, साउथ पॉइंट के निक्कू नीरद ब्रदर्स, माया विद्या निकेतन; शहीद चुल्हाय मार्ग की शशिप्रभा व हर्षवर्धन सिंह राठोड़, समिधा ग्रुप के संदीप शांडिल्य, दार्जीलिंग पब्लिक स्कूल; डॉ.मधेपुरी मार्ग के बाल वैज्ञानिक शिव कुमार व आशीष कुमार, किड्स वर्ल्ड सिंहेश्वर, मॉडर्न पब्लिक स्कूल तथा ज्ञानदीप निकेतन के चिरामणि यादव आदि अन्त तक हटे नहीं बल्कि डटे रहे |
समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित रहे – डॉ.शैलेन्द्र कुमार परिसम्पदा पदाधिकारी, फर्जी हास्य कवि डॉ.अरुण कुमार, थानाद्यक्ष सुमन कुमार सिंह, डॉ.शम्भुशरण भारतीय, प्रो.कपिलदेव प्रसाद, मो.मुस्ताक, राहुल कुमार, आनंद कुमार, संजीव कुमार, कुंदन कुमार, मिस्टर जी, विवेक आदि | उद्घोषक के रूप में मानव सिंह ने खूब तालियाँ बटोरी |
30 अगस्त यानी रविवार को नीतीश-लालू-सोनिया के महागठबंधन द्वारा पटना के गाँधी मैदान में महारैली का आह्वान किया गया है | उस स्वाभिमान महारैली को सफल बनाने हेतु 19 अगस्त को भूपेन्द्र कला भवन मधेपुरा में काँग्रेस के जिला अद्यक्ष सत्येन्द्र सिंह की अद्यक्षता में जदयू के माननीय मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव ने अपने काफिले के साथ एवं राजद के पूर्व मंत्री राजेन्द्र प्रसाद यादव ने अपने दल के कर्मियों के साथ उपस्थित होकर देर शाम तक बैठक की |
कार्यकर्ताओं द्वारा मधेपुरा जिले की शानदार उपस्थिति हेतु ढेर सारे सुझाव दिए गये | यह भी तय हुआ कि गाँव-गाँव जाकर कार्यकर्ता लोगों को महारैली में जाने का आह्वान करें | यह स्मिता का सवाल है |
मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, राजेन्द्र प्रसाद यादव, विधायक प्रो.चन्द्रशेखर, प्रो. रमेश ऋषिदेव, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला सहित सभी दल के सभी प्रकोष्ठों के अद्यक्ष-सचिव ने कहा कि हर हाल में स्वाभिमान महारैली को सफल बनाना है | इस अवसर पर नेता जगदीश प्रसाद यादव, प्रो.अरविन्द कुमार, ई.प्रभाष कुमार, सियाराम यादव, मो.खालिद, बी.बी.प्रभाकर, प्रो.विजेंद्र ना.यादव, गुड्डी देवी, विजेन्द्र यादव, महेन्द्र पटेल, गोवर्धन मेहता, विष्णुदेव विक्रम, रूद्र ना.यादव, पारो यादव, बुलबुल सिंह, अशोक चौधरी, सत्यजीत यादव, जयकांत, अमरेश आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे |
मधेपुरा कॉलेज में आयोजित कुसहा त्रासदी की सातवीं वर्षगांठ पर आयोजित “जनसंसद” में गावों से आये तब से परेशान नर-नारियों के घावों पर मरहम-पट्टी लगाने के लिए अतिसंवेदनशील इनक्लाबी महेन्द्र यादव पटना से मधेपुरा पहुँच गये | मंच संचालन के दरमियान महेन्द्र यादव ने राम लगन निराला, रामजी दास, विजय प्रताप, डॉ.मधेपुरी, विजय वर्मा, किशोर व मिराज सहित डॉ.संजय, डॉ.शंकर, अशोक सिन्हा, हर्षवर्धन सिंह राठोड़, भीम सिंह, सुभाष चन्द्र, बंटी-विकास आदि को भी कुसहा त्रासदी सहित तूफान व भूकम्प पीड़ित बेजुबानों के जुवान बनने का अवसर- प्रो.सचिन्द्र की अद्यक्षता- में दिया |
इस जन संसद में दर्जनों नर-नारियों के हाथों में इक्कीस सौ या इक्कावन सौ का सरकारी चेक दिखा जिन्हें वे महीनों-महीनों से ले-लेकर बैंक का चक्कर लगाते रहे हैं, लेकिन अबतक भुगतान नहीं हो पाया है | क्या कर रहे हैं भारतीय संसद के सदस्यगण ?
Victims showing uncashed government cheques .
जब डॉ.मधेपुरी को इस मुद्दे पर कुछ कहने के लिए आमंत्रित किया गया तो उन्होंने कहा कि डपोरशंखी वादों से घिरी है सरकार | कुसहा त्रासदी के बाद यही वादे किये गये कि नया बिहार बनायेंगे लेकिन वादे कागज में ही दाबे चले गये | पचास प्रतिशत भी पुनर्वास नहीं हो पाया | उन्होंने यह भी कहा कि जिस भारतीय संसद में दोनों पक्ष लड़ते रहेंगे, पूरे सत्र में बहस कभी नहीं होगी, हमेशा अशोभनीय दृश्यों के दर्शन होते रहेंगे यानी जूते-चप्पल कुर्सी फेको-उ-अल, माइक तोड़ो-उ-अल एवं सिर फोड़ो-उ-अल के साथ-साथ महिला विधायिका की मंत्री जी द्वारा सदन में साड़ी खींचना भी जब लाखों लोगों के जनप्रतिनिधि के लिए शर्मनाक बातों के घेरे में नहीं आएगी तो इस देश का कैसा होगा भविष्य ?
डॉ. मधेपुरी ने खेद प्रकट करते हुए कहा कि यह जनसंसद आज यह प्रस्ताव पारित करे कि प्रत्येक सदन के सदस्यों की सीट पर कुर्सी के चारो तरफ सात फीट ऊँचा लोहे का पिंजरा बने जिसमें इलेक्ट्रोनिक लॉक हो, जिसे रिमोट द्वारा स्पीकर महोदय जरुरत के अनुसार खोलेंगे या बन्द करेंगे | यदि यह व्यवस्था शीघ्र नहीं होगी तो यह समझा जायेगा कि लोकतंत्र खतरे के घेरे में आ गया है |
डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि परम्परायें इतनी तेजी से टूटती जा रही हैं कि पूर्व में लोकसभा एवं विधान सभाओं के एक साथ होने वाला चुनाव अब अलग-अलग होकर करोड़ों-अरबों रुपयों का अतिरिक्त भार देश की गरीब जनता को ढोने के लिए मजबूर कर देता है |
People attending Jan Sansad at Madhepura College Madhepura
अन्त में अद्यक्षता कर रहे प्रो.सचिन्द्र महतो ने कहा कि राजसत्ता एवं समाजसत्ता के समन्वित प्रयास से देश आगे बढ़ता है | जब राजसत्ता अव्यवहारिक हो जाता है तो समाजसत्ता को आगे आने के लिए मजबूर होना पड़ता है |
आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के सहरसा में परिवर्तन रैली की। ये एक बड़ी रैली थी। मुजफ्फरपुर और गया के बाद ये तीसरी परिवर्तन रैली है। मोदी को सुनने और देखने को जैसी भीड़ जुटी और सहरसा समेत आसपास के बड़े इलाके में जो माहौल था उससे बीजेपी और एनडीए के तमाम रणनीतिकार गदगद होंगे। एक तरफ ‘महागठबंधन’ के गढ़ कोशी में ‘महा’रैली और दूसरी तरफ यहाँ आने से पूर्व आरा में बिहार के लिए ‘महा’पैकेज। बिहार जीतने की तैयारी में मोदी अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। उम्मीद की जा रही थी कि सहरसा में ही वे बिहार के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करेंगे लेकिन उन्होंने इस ‘बहुचर्चित’ और ‘बहुप्रतीक्षित’ घोषणा के लिए आरा को चुना और बिहार के लिए एक लाख पच्चीस हजार करोड़ के बड़े पैकेज की घोषणा की। इस पैकेज में बिहार को बिजली संयंत्र के लिए दिए जानेवाले चालीस हजार करोड़ शामिल नहीं हैं। इस तरह देखा जाय तो बिहार को दिया जानेवाला ‘तोहफा’ कुल एक लाख पैंसठ हजार करोड़ का है। आरा से प्रधानमंत्री मोदी ने और भी कई विकास योजनाओं की शुरुआत की।
प्रधानमंत्री द्वारा पैकेज की घोषणा के तत्काल बाद जेडीयू ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘राजनीतिक रिश्वत’ करार दिया। जाहिर है कि जेडीयू और उसके महागठबंधन के साथी राजद और कांग्रेस को ये पैकेज रास नहीं आएगा। जेडीयू ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने को लेकर बड़ा और लम्बा अभियान चलाया है और आसन्न विधानसभा चुनाव में इस मुद्दे को केन्द्र सरकार के विरुद्ध भुनाने की कोशिश भी वो जोरशोर से करती लेकिन मोदी और उनकी पार्टी ने विशेष पैकेज से इस मुद्दे की धार कुंद करने की जबरदस्त कोशिश की है।
बिहार का जंग जीतने के लिए मोदी की ये तमाम कोशिशें कितनी ‘प्रभावी’ होंगी ये तो आनेवाला वक्त बताएगा लेकिन इनके ‘लुभावी’ होने में कोई संदेह नहीं। इसमें कोई दो राय नहीं कि भाजपा इस पैकेज का चुनावी लाभ लेना चाहती है। बहुत सोच-समझकर इस पैकेज की रूपरेखा तय की गई और घोषणा के लिए चुनाव से ठीक पहले का समय चुना गया। लेकिन कौन-सी पार्टी और केन्द्र व राज्य की कौन-सी ऐसी सरकार है जो ऐसी घोषणाओं का चुनावी लाभ नहीं लेना चाहेगी..? इस ‘महा’पैकेज से भाजपा का राजनीतिक हित भी सधता है तो सधे, बिहार का हित भी इससे सध रहा है इससे क्या इनकार करना सम्भव है..? जेडीयू ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर जो अभियान चलाया वो क्या केवल बिहार के हित के लिए था..? क्या उससे जेड़ीयू का राजनीतिक हित जुड़ा हुआ नहीं था..? अगर दलों की आपसी स्पर्द्धा में राज्य और देश का हित हो रहा हो तो ऐसी स्पर्द्धा हमेशा स्वागत योग्य है। हाँ, ये भी देखना होगा कि इस पैकेज को देने और चुनाव का मौसम बीत जाने के बाद मोदी सरकार की तत्परता बिहार के लिए कम ना हो।
पी.जी. पार्ट-1 (प्रीवियस) परीक्षा-2014 एवं पी.जी. पार्ट-2 (फाइनल) परीक्षायें दिनांक 17-08-2015 से आरम्भ हो चुकी हैं | ये परीक्षाएँ दो केन्द्रों पर चल रही हैं- एक पी.एस.कालेज मधेपुरा में एवं दूसरा एम.एल.ए.कालेज, कसवा में |
मधेपुरा अबतक को परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार से जानकारी प्राप्त हुई है कि दिनांक 18 अगस्त 2015 (मंगलवार) को दोनों परीक्षा केन्द्रों यानी पी.एस.कालेज मधेपुरा एवं एम.एल.ए. कालेज, कसवा पर होने वाली पी.जी.(प्रीवियस) एवं पी.जी.(फाइनल) की सभी विषयों की परीक्षाएँ (दोनों सिटिंग की) प्रधानमंत्री की रैली के फलस्वरूप सहरसा व अन्य जगहों से परीक्षार्थियों के आवागमन की परेशानियों के मद्देनजर स्थगित कर दी गई |
कुलपति के आदेशानुसार ये परीक्षाएँ दिनांक 28 सितम्बर 2015 को यथावत दोनों केन्द्रों पर ली जाएगी |