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बिहार चुनाव की घोषणा, पाँच चरणों में मतदान, आचारसंहिता लागू

बिहार विधानसभा चुनाव 12 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच पाँच चरणों में होंगे। वोटों की गिनती 8 नवंबर को होगी। 12 नवंबर तक सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने नई दिल्ली में इसकी घोषणा की। घोषणा के साथ ही तत्काल प्रभाव से चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं तथा मतदाताओं की कुल संख्या 6 करोड़ 98 लाख है। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को खत्म हो रहा है।

ये विधानसभा चुनाव कई मायनों में ख़ास होगा। मतदान के चरणों के बीच ओपिनियन पोल की इजाजत नहीं होगी। अन्तिम चरण का मतदान खत्म होने के आधे घंटे बाद तक एक्ज़िट पोल पर भी पाबंदी लगी रहेगी। इस बार चुनाव में प्रत्येक ईवीएम में उम्मीदवारों की तस्वीर भी लगी होगी।

चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है –

पहला चरण  :

कुल सीटें – 49, दस जिलों (समस्तीपुर, बेगुसराय, खगड़िया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नवादा, जमुई) में चुनाव, नोटिफिकेशन की तिथि – 16 सितंबर, नामांकन की अंतिम तिथि – 23 सितंबर, स्क्रूटनी – 24 सितंबर, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि – 26 सितंबर, मतदान – 12 अक्टूबर।

दूसरा चरण  :

कुल सीटें – 32, छह जिलों (रोहतास, जहानाबाद, कैमूर, अरवल, औरंगाबाद, गया) में चुनाव, नोटिफिकेशन की तिथि – 21 सितंबर, नामांकन की अंतिम तिथि – 28 सितंबर, स्क्रूटनी – 29 सितंबर, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि – 1 अक्टूबर, मतदान – 16 अक्टूबर।

तीसरा चरण  :

कुल सीटें – 50, छह जिलों (सारण, वैशाली, नालंदा, पटना, भोजपुर, बक्सर) में चुनाव, नोटिफिकेशन की तिथि – 1 अक्टूबर, नामांकन की अंतिम तिथि – 8 अक्टूबर, स्क्रूटनी – 9 अक्टूबर, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि – 12 अक्टूबर, मतदान – 28 अक्टूबर।

चौथा चरण  :

कुल सीटें – 55, सात जिलों (पश्चिमी एवं पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, सीवान, गोपालगंज) में चुनाव, नोटिफिकेशन की तिथि – 7 अक्टूबर, नामांकन की अंतिम तिथि – 14 अक्टूबर, स्क्रूटनी – 15 अक्टूबर, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि – 17 अक्टूबर, मतदान – 1 नवम्बर।

पाँचवां चरण  :

कुल सीटें – 57, नौ जिलों (मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा) में चुनाव, नोटिफिकेशन की तिथि – 8 अक्टूबर, नामांकन की अंतिम तिथि – 16 अक्टूबर, स्क्रूटनी – 17 अक्टूबर, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि – 19 अक्टूबर, मतदान – 5 नवम्बर।

मतगणना  : 8 नवंबर

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जीतना है बिहार, भाजपा ‘यादव’ की ताजपोशी को तैयार..!

दिल्ली से सबक लेकर भाजपा बिहार में केवल नरेन्द्र मोदी का चेहरा आगे कर चुनाव की तैयारी में जुटी थी। एक ‘अनार’ के लिए भाजपा में इतने बीमार हैं कि पार्टी के लिए किसी निष्कर्ष पर पहुँचना सचमुच मुश्किल था। उधर इस मामले को महागठबंधन ने समय रहते समझदारी से सुलझा लिया। वहाँ नीतीश कुमार जैसा सर्वमान्य चेहरा था भी। आज जबकि बाकी समीकरण कमोबेश भाजपा के पक्ष में दिख रहे हैं, केवल यही उसके लिए कमजोर नस साबित हो रहा है। महागठबंधन के नेता हुंकार रहे हैं कि दम है तो भाजपा किसी को आगे करे क्योंकि उन्हें पता है कि भाजपा के लिए ऐसा करना मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डालने जैसा होगा। भाजपा ने जरा भी चूक की नहीं कि डर है कि कहीं ‘दिल्ली’ ना दुहरा जाय।

प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में ताबड़तोड़ रैलियां कीं, दोनों हाथों से पैकेज लुटाया, बाकी नेताओं ने भी दिल्ली-पटना एक कर दिया लेकिन इसी एक ‘कमजोरी’ से भाजपा बैकफुट पर चली जाती है। इसका एक नजारा भागलपुर में दिखा जब मोदी की चौथी परिवर्तन रैली में उनके बाद की सारी तालियां जीतन राम मांझी बटोर ले गए। तब उन्होंने जरूर इस बात को शिद्दत से महसूस किया होगा कि इसका कारण भाजपा के पास बिहार में किसी एक ‘चेहरे’ का ना होना है।

बहरहाल, मोदी और उनके रणनीतिकार लगता है इसका तोड़ निकालने के बहुत करीब पहुँच चुके हैं। भाजपा की कोशिश यहाँ एक तीर से दो निशाना साधने की है। पार्टी चाहती है कि ‘चेहरा’ ऐसा हो कि भाजपा का वोटबैंक बिखरे नहीं और महागठबंधन के वोटबैंक में सेंध लग जाय सो अलग।

चुनाव के लिहाज से बिहार के जातिगत समीकरणों को देखते हुए भाजपा की मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे की तलाश किसी ‘यादव’ पर जाकर खत्म होती दिखती है। इसका सबसे बड़ा कारण है लालू का ‘माय’ समीकरण। नीतीश के वोटबैंक का तोड़ उपेन्द्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी के रूप में भाजपा के पास है। मुस्लिम का वोट उसे मिलना नहीं है। रह गए यादव जिनकी तादाद बिहार में 14 प्रतिशत है और जो तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद बहुतायत में लालू के पीछे लामबंद हैं इस बार। इस बड़े वोटबैंक में सेंध लगाए बिना भाजपा आश्वस्त नहीं हो सकती है।

हालांकि भाजपा ने यादवों को तोड़ने की तैयारी पहले ही शुरू कर दी थी। धर्मेन्द्र प्रधान की जगह भूपेन्द्र यादव को बिहार का प्रभारी बनाना, लालू के ‘हनुमान’ रामकृपाल को मंत्रीमंडल में लेना और स्वयं मोदी का बिहार आकर गुजरात का संबंध ‘यदुवंश’ से जोड़ना इसके उदाहरण हैं। पप्पू की पीठ पर हाथ रखना भी भाजपा की इसी कोशिश का हिस्सा है। इतना सब कुछ कर लेने के बाद शायद अब भाजपा आखिरी बचा ‘ब्रह्मास्त्र’ भी छोड़ देने का मन बना रही है। जी हाँ, चौंकिए नहीं। बहुत सम्भव है कि पार्टी किसी ‘यादव’ को अपना ‘चेहरा’ बनाकर पेश करे।

वैसे अगर जातिगत समीकरणों को किनारे कर दें तो सुशील कुमार मोदी शायद मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी की पहली और स्वाभाविक पसंद होते। केन्द्र में पैठ रखनेवाले रविशंकर प्रसाद, शालीनता से समीकरण बिठानेवाले राधामोहन सिंह, तेजतर्रार महासचिव राजीवप्रताप रूडी, बिहार में पार्टी के मुस्लिम चेहरे शाहनवाज हुसैन और बिहार भाजपा के अध्यक्ष मंगल पांडेय का भी अपने-अपने हिसाब से दावा है। रेस में सीपी ठाकुर, अश्विनी चौबे, गिरिराज सिंह और प्रेम कुमार भी हैं लेकिन बहुत पीछे।

यादव चेहरे की बात आती है तो सामने सबसे पहले नंदकिशोर यादव दिखते हैं जो सदन में भाजपा के नेता हैं। पूर्व में मंत्री, नेता विरोधी दल और बिहार में पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी वरिष्ठता पर कोई संदेह नहीं लेकिन सुशील कुमार मोदी खेमे को वो शायद ही रास आएं। दूसरा नाम रामकृपाल यादव का है। लेकिन पार्टी में पैर रखते ही सीधा केन्द्र में उनके मंत्री बन जाने को ही कई लोग पचा नहीं पाए हैं। ऐसे में उनके विरोध में सभी ‘खांटी’ भाजपाई एकजुट हो जाएं तो कोई आश्चर्य की बात नहीं। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए भाजपा ऐसे चेहरे को लाना चाहेगी जो किसी ‘खास’ खेमे का ना हो, पार्टी में पुराना हो, छवि अच्छी हो, ‘केन्द्र’ के निर्देश पर काम करे, ज्यादा महत्वाकांक्षी ना हो और यादव तो हो ही। ऐसा एक नाम हुकुमदेव नारायण यादव का हो सकता है जो अभी मधुबनी से सांसद हैं और केन्द्र में मंत्री भी रह चुके हैं।

बहरहाल, भाजपा किस चेहरे को आगे करती है, ये कहना  भले ही मुश्किल हो, ताजपोशी किसी ‘यादव’ की होगी इसकी सम्भावना प्रबल है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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पुनः ग्रहण की चपेट में आ गई – बीएड की परीक्षा तिथि

भू.ना.मंडल वि.वि. के विभिन्न महाविद्यालयों के 8 सितम्बर से निर्धारित 2015 की बीएड. परीक्षाओं को माननीय कुलपति डॉ.विनोद कुमार के निदेशानुसार स्थगित कर दी गई है |

वि.वि. परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि कुछ अपरिहार्य कारणों से 8 सितम्बर 2015 से होने वाली बीएड की परीक्षाएं अब पूर्व से निर्धारित दोनों केन्द्रों पर दिनांक 23 सितम्बर 2015 से होगी |

ज्ञातव्य हो कि पूर्व निर्धारित दोनों परीक्षा केन्द्रों में से एक कोसी प्रमंडल में और दूसरा पूर्णिया प्रमंडल में सुनिश्चित किया गया था | कोसी प्रमंडल के परीक्षार्थियों का केन्द्र भू.ना.मंडल वाणिज्य महाविद्यालय साहुगढ़-मधेपुरा और पूर्णिया प्रमंडल के परीक्षार्थियों के लिए पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया निर्धारित किया गया था |

अब 23 सितम्बर 2015 से बी.एड. की परीक्षाएं उन्हीं दोनों परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जायेगी | परीक्षा का विस्तृत प्रोग्राम सम्बन्धित केन्द्राधीक्षकों एवं महाविद्यालयों को यथासमय भेज दिया जाएगा |

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श्री कृष्ण मंदिर में शिक्षक दिवस एवं जन्माष्टमी साथ-साथ संपन्न

यह एक अदभुत संयोग है कि शिक्षक दिवस और जन्माष्टमी साथ-साथ | यह दोनों महोत्सव श्री कृष्ण मंदिर में आज संपन्न हो रहा है | संसार की जितनी भी माताएं हैं चाहे वो हिन्दू-मुस्लिम, सिक्ख-ईसाई, जैन-पारसी किसी भी धर्म को मानने वाली हो- वह माँ दस मास तक अपना रुधिर पिलाकर तथा जीवन का अंश खिलाकर बच्चे को जन्म देती है, पालती व बड़ा करती है | फिर गुरु उन बच्चों को पसीना बहा-बहाकर संस्कारित करता है, आगे बढाता है और ऊंचाई प्रदान करता है – ये बातें डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने नव निर्माणाधीन विशाल श्री कृष्ण मंदिर में शिक्षकों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही |

Devotees, Students and Teachers celebrating Shri Krishna Janmashatmi and Teachers' Day collectively at under-construction site of Sri Krishna Mandir Madhepura .
Devotees, Students and Teachers celebrating Shri Krishna Janmashatmi and Teachers’ Day collectively at under-construction site of Sri Krishna Mandir Madhepura .

डॉ.मधेपुरी ने गुरु-शिष्य परम्परा की सर्वश्रेष्ठ जोड़ी के रूप में कृष्ण के ज्ञान और अर्जुन के कर्म को सर्वोत्कृष्ट कहा | साथ ही विक्रमशीला, नालंदा विश्वविद्यालयों की चर्चा की और अपने गुरु जलधर झा जलदेव को याद करते हुए कहा- “सीख-सीख कर गये विदेशी अपने घर में, फैली भारत की विद्याएँ दुनियाँ भर में ” ! आजाद भारत में तीन ऐसे महान शिक्षक हुए- जो कालान्तर में भारत के राष्ट्रपति भी बने, लेकिन शिक्षक रहते हुए वे “भारतरत्न” से सम्मानित हुए | उस त्रिमूर्ति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ.जाकिर हुसैन, डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि 5 सितम्बर 1888 को जन्मे राधाकृष्णन के जन्म दिन को भारत में 5 सितम्बर 1958से “शिक्षक दिवस” के रूप में मनाया जाने लगा | आरम्भ में डॉ.जाकिर हुसैन जामिया मिलिया के शिक्षक और डॉ.कलाम अन्ना वि.वि. के शिक्षक रहे | डॉ.कलाम तो राष्ट्रपति की जगह खुद को शिक्षक कहलाना ही सर्वाधिक पसंद करते रहे |

वहीँ प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ.राधाकृष्णन विदेशों में भी गीता का ज्ञान लोगों में बांटते रहे और भारतीय दर्शन का पताका लहराते रहे | उन्होंने सबों से अनुरोध किया कि इस मंदिर को पूरा करने में अपना सहयोग दें | अद्यक्ष परमेश्वरी प्रसाद यादव, अजय कुमार आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये | कार्यक्रम में मुख्यरूप से उपस्थित रहे- प्रो.सच्चीदानंद, कमलेश्वर प्रसाद यादव, अमरेन्द्र प्रसाद यादव, राकेश कुमार, विशेश्वर यादव, दिनेश प्रसाद यादव आदि | एक सप्ताह से व्यास गद्दी के प्रवचनकर्ता श्री श्री 108 श्री राजेंद्र महाराज की सबों ने सराहना की |

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मेडिकल छात्रों की एम.एस./एम. डी./ डिप्लोमा परीक्षा की तिथि बढ़ी

यूं तो बिहार के भू.ना.मंडल वि.वि. में लगभग आधे दर्जन मेडिकल कॉलेज कार्यरत होने ही वाले हैं जिसमें वि.वि. मुख्यालय का कर्पूरी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लगभग एक हज़ार करोड़ की राशि से बन रहा है, जिसका निर्माण कार्य प्रगति पर है |

बहरहाल बी.एन.एम.यू. के अंतर्गत पूर्व से चल रहे दोनों मेडिकल कॉलेजों – एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज, करतार नगर, किशनगंज एवं कटिहार मेडिकल कॉलेज, कटिहार के पोस्ट ग्रेजुएट क्लास की एम.एस. / एम.डी. एवं डिप्लोमा – 2014 (सकेण्ड) तथा 2015 (फर्स्ट) की सैधान्तिक परीक्षा तिथि जो 07 सितम्बर से पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया केंद्र पर घोषित कार्यक्रमों के अनुसार होनी थी – उसे निदेशानुसार स्थगित कर दी गयी और अब ये परीक्षाएं 28 सितम्बर से पुनः पूर्व निर्धारित केंद्र एवं समय पर होगी | सम्बंधित कॉलेजों एवं परीक्षा केंद्र को कार्यक्रम की सूचना ससमय दे दी जाएगी |

परीक्षा नियंत्रक डॉ. नवीन कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि कुलपति के निदेशानुसार बिहार के महामहिम राज्यपाल का पूर्णिया में 06 सितम्बर को होने वाले कार्यक्रम के मद्देनज़र उपर्युक्त परीक्षा की तिथि बढाकर 28 सितम्बर कर दी गई है | डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि छुटे हुए छात्रों को 19 सितम्बर तक परीक्षा फॉर्म भरने की निदेशानुसार स्वीकृति भी दी जाती है |

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शिक्षक सत्यनारायण झा को राष्ट्रपति पुरस्कार

भारतीय गणतंत्र के महामहिम राष्ट्रपति रहे विश्वविख्यात शिक्षक डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस 5 सितम्बर को 1958 से “शिक्षक दिवस” के रूप में मनाया जाता है | इस अवसर पर प्राइमरी, मिडिल एवं उच्च विद्यालयों के सराहनीय एवं प्रशंसनीय शैक्षणिक कार्यों के लिए चयनित शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रतिवर्ष राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाता है |

इस सम्मान में प्रत्येक राज्य का हिस्सा होता है जो वहां के शिक्षकों की संख्या पर निर्धारित किया जाता है | संस्कृत, परशियन एवं अरबी के शिक्षकों के लिए 20 (बीस) पुरस्कार आरक्षित कर दिए गये हैं | पूर्व की भांति इस वर्ष भी 5 सितम्बर को चयनित प्रत्येक शिक्षक को एक मैडल, प्रशस्ति पत्र एवं 25,000/- रुपए देकर सम्मानित करेंगे महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी | ज्ञातव्य हो कि इस वर्ष से केन्द्र सरकार द्वारा इस राशि को बढ़ाकर 50,000/- रुपया कर दिया गया है |

5 सितम्बर को महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के हाथों सम्मानित होने वाले पारसमणि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बभनी के सेवानिवृत शिक्षक सत्यनारायण झा को बभनी के ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ दिल्ली के लिए उत्सवी माहौल में विदा किया | आयोजित समारोह में वक्ताओं ने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि गाँव में नि:शुल्क रेणु बाल सुधार केन्द्र चलनेवाले तथा राजकीय स्तर तक के कई पुरस्कारों से अबतक सम्मानित हो चुके सेवानिवृत शिक्षक सत्यनारायण झा को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने से बभनी की धरती धन्य हो गई | पारसमणि हाई स्कूल भी आज गौरवान्वित हो रहा है | उसी स्कूल के छात्र रहे हैं सत्यनारायण झा | वहीँ पर विद्यालय प्रधान बनकर बच्चों में ज्ञान बाँटते रहे, जिन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकेगा | विद्व्तजन रामशरण भगत, हरिहर झा, प्रदीप कुमार आदि ने कहा कि अभी भी हमलोग उनसे सीख रहे हैं | मौके पर लड्डू बाबू, सतो बाबू, प्रेम बाबू, मीणा झा, प्रमोद सिंह, रमेश सिंह आदि मौजूद थे |

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साउथ पॉइंट का कौशिक बना बिहार चैंपियन

एबेकस प्रतियोगिता में साउथ पॉइंट पब्लिक स्कूल के मेधावी छात्र कौशिक कुमार ने बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिला का नाम रोशन किया है | इंदौर  में आयोजित नेशनल एबेकस प्रतियोगिता 2015-16 में मास्टर माइंड एबेकस मेन्टल अरिथमेटिक प्रोग्राम के तहत कौशिक ने यह सर्वोत्कृष्ट सम्मान प्राप्त किया | श्री पंकज सिंह के सुपुत्र वर्ग तीन के छात्र कौशिक कुमार ने पूर्व में भी कई प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त कर माता-पिता सहित अपने स्कूल एवं मधेपुरा का नाम रोशन किया है |

साउथ पॉइंट पब्लिक स्कूल के निदेशक निक्कू नीरज सहित स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रतिभावान छात्र कौशिक को प्रोत्साहित करने हेतु सम्मान समारोह आयोजित किया गया जिससे पंकज-परिवार ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण मधेपुरा जिला गौरवान्वित हुआ है |

प्राचार्य ए.के.सरकार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि इस प्रतियोगिता में बिहार से लगभग 150 बच्चों ने भाग लिया था | उन्होंने यह भी कहा कि छात्र कौशिक कुमार शुरू से ही पढाई में अव्वल रहा है, परन्तु हाल की मेहनत ने उसे इस ऊंचाई तक पहुंचा दिया |

मौके पर शहर के समाजसेवियों एवं शिक्षाप्रेमियों के साथ-साथ साउथ पॉइंट पब्लिक स्कूल के शिक्षकों राम कुमार, अभिषेक कुमार, नूतन आर्या, आलोक-गणेश-मिथिलेश आदि ने निरंतर आगे बढ़ने एवं मधेपुरा का नाम आगे बढाने के लिए कौशिक को ह्रदय से आशीर्वाद दिया है, साधुवाद दिया है |

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आई.ए.एस. में सफल आदित्य हुए सम्मानित

कुमारखंड प्रखंड के सिकियाहा गाँव के साधारण किसान दम्पति शम्भू प्रसाद व संजू देवी के सुपुत्र आदित्य आनन्द ने आई.ए.एस. की परीक्षा में सफल होकर जिले का नाम रोशन किया | तुलसी पब्लिक स्कूल द्वारा झल्लू बाबू सभागार में आनन्द के लिए एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें उनके प्रारम्भिक शिक्षक भोला शर्मा उपस्थित थे | भोला शर्मा सरीखे गुरु के गुरु डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा आदित्य आनन्द को सम्मानित किया गया |

Students attending felicitation function at Jhallu Babu Sabhagar, Madhepura.
Students attending felicitation function at Jhallu Babu Sabhagar, Madhepura.

सभागार में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों एवं शिक्षकों की भीड़ थी | सम्मान समारोह का उद्घाटन करते हुए सशक्त व विकासोन्मुखी जिला पदाधिकारी मो.सोहैल ने कहा कि नियमित व ईमानदार अध्ययन से ही छात्रों को सफलता मिलती है | उन्होंने यह भी कहा कि जिले में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं की कमी नहीं है, केवल जरुरत है सबको मिलकर कदाचार पर अंकुश लगाने की | इस अवसर पर डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार भी उपस्थित थे |

वहीँ डॉ. मधेपुरी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं गणमान्यों से यही कहा कि जिला पदाधिकारी कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए तथा आरक्षी अधीक्षक अपराध मुक्त मधेपुरा के लिए संकल्पित हैं | उन्होंने यह भी कहा कि छात्र नकल छोड़कर पढाई करें तथा जिला प्रशासन को सहयोग करें तो निश्चय ही सफलता उनके कदम चूमेगी | केवल इतना ही ख्याल रहे कि आपकी उड़ान में कभी विराम न हो, बाधाएँ तो आती ही रहेंगी |

इस अवसर पर प्रो.श्यामल किशोर यादव व डॉ.आलोक कुमार ने भी छात्रों को संबोधित किया | आदित्य ने घंटों छात्रों को पढाई के गूढ़ बताये, उनके प्रश्नों के जवाब दिए तथा समस्याओं के समाधान दिए | आनन्द-विकास सरीखे सहयोगियों के बीच तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

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प्रथम प्रमुख कपिलदेव बाबू की प्रतिमा का अनावरण सम्पन्न

1975 से 2001 तक मधेपुरा प्रखंड के प्रथम प्रमुख रहे स्मृतिशेष कपिलदेव प्रसाद मंडल की प्रतिमा का अनावरण प्रखंड कार्यालय परिसर में बुधवार को राष्ट्रीय नेता शरद यादव द्वारा किया गया | इस अवसर पर पूर्व सांसद डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला, आई.एम.ए. के अद्यक्ष डॉ.मिथिलेश कुमार सहित शहर के गणमान्यों एवं ग्रामीण किसान-मजदूर-नौजवानों की अच्छी खासी उपस्थिति रही |

प्रतिमा अनावरण के बाद राष्ट्रीय अद्यक्ष जदयू शरद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक पंचायती राज का विकास नहीं होगा तब तक भारतीय लोकतंत्र सफल नहीं होगा | पूर्व सांसद डॉ.रवि ने कहा कि आजीवन समाजवादी राह के राही बने रहे कपिलदेव बाबू |

कपिलदेव बाबू को अभिभावक मानने वाले विजय कुमार वर्मा ने कहा कि वे सामाजिक संतुलन कायम रखने में आजीवन निर्भीकता का परिचय देते रहे | पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला ने कहा कि बाढ़ के दिनों में वे खुद कुदाल लेकर ग्रामीणों के साथ नदी का रुख मोड़ने का काम करते रहे |

सभा की अद्यक्षता शिवनारायण और मंच का संचालन मुखिया रामचन्द्र दास ने किया | निर्धन ग्रामीण महिलाओं के बीच साड़ियाँ बाँटने की व्यवस्था उनके पुत्र त्रय यशवंत, बलवंत एवं मनीष ने किया जिसे शरद यादव द्वारा बांटी गई |

मौके पर डॉ. डी.के.सिंह, डॉ.अरुण कुमार, प्रो.विजेंद्र नारायण यादव, के.बी.क्रांति, मदन सिंह, अमलेश कुमार, गुड्डी देवी, अशोक चौधरी, महेंद्र पटेल, एवं जदयू ज़िलाद्यक्ष सियाराम यादव आदि उपस्थित थे |

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रासबिहारी लाल मंडल की पुण्य तिथि मनाई गयी

स्थानीय राजकीयकृत रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में अमर स्वतंत्रता सेनानी बाबू रासबिहारी लाल मंडल की 97 वीं पुण्य तिथि सादगीपूर्वक मनाई गई | मुख्य अतिथि के रूप में विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने छात्रों एवं गणमान्यों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में महती भूमिका निभाने वाले रासबिहारी लाल मंडल समतामूलक समाज के निर्माता थे | आज़ादी के लिए लड़नेवाले आन्दोलनकारियों को उन्होंने नेतृत्व प्रदान किया और फिरंगियों के दांत खट्टे कर दिये |

Students attending Death Anniversary Meets at Ras Bihari Uchh Vidalaya
Students attending Death Anniversary Meets at Ras Bihari Uchh Vidalaya

डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि रासबिहारी बाबू  हिन्दी, उर्दू, बंगला, फारसी, अंग्रेजी एवं संस्कृत आदि कई भाषाओं के विद्वान थे | उन दिनों जब मीडिया आज की तरह सशक्त नहीं थी तक उनके मुरहो निवास पर हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू एवं बंगला का समाचार पत्र नियमित रूप से आता था |

डॉ. मधेपुरी ने अन्य बातों की चर्चा करते हुए जोर देकर यह भी कहा कि यदि समाजसुधारक रासबिहारी न हुए होते तो यादव समुदाय आज शूद्रों की कोटि में ही रह गया होता | उन्होंने ही कृषि एवं दुग्ध-उत्पादन को व्यापार बताकर गोप समुदाय को शुद्र से वैश्य बनाने की पुरजोर कोशिश की थी – जबकि आज की तारीख़ में उच्चकोटि के लोग भी शूद्र व दलित बनने के जुगाड़ में लगे दिखते हैं |

अपने संबोधन में डॉ.ऐ.के. मंडल, प्रतिकुलपति डॉ.के.के. मंडल, प्राचार्य श्यामल किशोर यादव एवं विद्वान प्रो. प्रभाष चंद्रा ने उनकी निर्भीकता और ईमानदारी की चर्चाएँ की | कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या रंजना कुमारी तथा मंच संचालन प्राध्यापक राजेन्द्र प्र. यादव ने किया | इस अवसर पर डॉ. आलोक कुमार, प्राण मोहन यादव, डॉ. श्याम सुन्दर यादव, नवीन कुमार, गोपाल आदि मुख्यरूप से मौजूद थे |

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