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जिले के गम्हरिया प्रखंड में कबड्डी द्वारा मतदाता जागरूकता

मधेपुरा के गम्हरिया प्रखंड में मधेपुरा जिलापदाधिकारी मो.सोहैल के निदेशानुसार मतदाता जागरूकता कार्यक्रम कबड्डी के माध्यम से पारसमणि उच्चविद्यालय बभनी में आयोजित किया गया जिसका उद्घाटन जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार द्वारा किया गया | खिलाड़ियों से परिचय करने से लेकर पारितोषिक वितरण तक सचिव अरुण कुमार ने खिलाड़ियों एवं उपस्थित ग्रामीण दर्शकों से अपील किया कि वे मतदान के दिन (5 नबम्बर) अपने एवं पड़ोसियों के घर के सभी वृद्धजनों को मतदान केंद्र तक ले जाने में सहयोग करेंगे ताकि मतदान प्रतिशत में इस चुनाव में काफी वृद्धि हो पाये|

Secretary Kabaddi Sangh meeting with Players .
Secretary Kabaddi Sangh Arun Kumar meeting with Players .

खेल के दरमियान निर्णायकों की भूमिका बखूबी निभाने वालों में प्रमुख रहे प्रवीण कुमार, मनीष कुमार, अविनाश कुमार, हरिश्चन्द्र मंडल, आनन्द, रीतेश, रुपेश एवं मो.मोईन | सहयोग मिला प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार सहित शिक्षकगण दिनेश कर्ण, रुपेश कुमार एवं अन्य का |

सचिव ने मधेपुरा अबतक को बताया कि बालक वर्ग के फाइनल में पारसमणि उच्च विद्यालय 36 अंक प्राप्त कर विजेता और 33 अंकों के साथ मध्य विद्यालय बभनी उपविजेता बना | बालिका वर्ग में 45 अंक प्राप्त कर पारसमणि उच्चविद्यालय बभनी जहाँ विजेता बना वहीं मध्य विद्यालय बभनी 44 अंक प्राप्त कर उपविजेता | अन्त में उपस्थित दर्शकों को यह कहते हुए कि वोट आपका हथियार है, अधिकार है | वोट करें | बिना किसी दवाब एवं प्रलोभन के वोट अवश्य करें !!

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डी.एम. मो.सोहैल का निर्देश- वोटिंग के लिए 31 अक्टूबर तक जिले के सभी प्रखंडों में कबड्डी करेगी मतदाताओं को जागरूक

मतदाताओं को मतदान करने हेतु जागरूक करने के एक नहीं अनेक उपाय लगाये जा रहे हैं | मधेपुरा के जिला निर्वाची पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी मो.सोहैल द्वारा एक नायाब तरीका का श्री गणेश किया गया है ( 25 अक्टूबर से 31 अक्टूबर ) तक जिले के सभी प्रखंडों में कबड्डी के खेल को आयोजित कर मतदाताओं को जागरूक करने का निदेश दिया गया है | मो.सोहैल ने खेल के संचालन के लिए जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार सहित सम्बन्धित प्रखंड के बी.डी.ओ. एवं बी.ई.ओ. तथा आवश्यकतानुसार अन्य पदाधिकारियों को भी यह दायित्व सौंपा है |

25 अक्टूबर को स्थानीय एस.एन.पी.एम.हाई स्कूल के मैदान में खेल में अभिरुचि रखनेवाले शिक्षक अविनाश कुमार, शिक्षिका मीरा कुमारी, प्रवीण कुमार, मनीष कुमार, संजीव कुमार, रामकृष्ण यादव आदि की सक्रिय सहभागिता देखी गई |

Secretary Arun Kumar introducing Players to Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri .
Secretary Arun Kumar introducing Players to Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri .

आरम्भ में एस.एन.पी.एम.हाई स्कूल के खेल मैदान में मुख्यरूप से समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की उपस्थिति में जिला नजारत उप समाहर्ता मुकेश कुमार द्वारा नारियल फोड़कर खेल का श्री गणेश किया गया और अद्यक्ष के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी दिवाकर कुमार मौजूद थे | डॉ.मधेपुरी खेल के अन्त तक खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते रहे तथा यही कहते रहे कि कीर्तिमान स्थापित करनेवाले खिलाड़ियों को सरकार भी खेलनीति के तहत नौकरियां देकर प्रोत्साहित करेंगी |

बालिकाओं की चार टीमें जो मलिया, जीबछपुर, भर्राही एवं राजपुर मध्य विद्यालयों से आई तथा बालकों की चार टीमें जो मलिया, मधुवन, राजपुर एवं भर्राही मध्य विद्यालयों से आई- इन टीमों में से एक नहीं अनेक बार नेशनल खेलने वाले खिलाड़ी मौजूद देखे गये | खेल का परिणाम यही हुआ कि मध्य विद्यालय भर्राही की खेल शिक्षिका मीरा कुमारी के कुशल नेतृत्व में लड़के-लड़कियों की दोनों टीमें बाजी मार गई | द्वितीय स्थान पर रही मध्य विद्यालय मलिया की बालिका टीम एवं बालक वर्ग में मध्य विद्यालय मधुवन द्वितीय स्थान पर रहे |

Kabaddi Players in their best Performances .
Kabaddi Players of Boys Group with their best Performances .

जिले के सभी प्रखंडों में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ियों द्वारा कबड्डी खेल कर मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है | एक भी मतदाता बूथ तक जाने से पहले अकारण कहीं रुक नहीं जाय इसके लिए उन्हें खेल-खेल कर जागरूक किया जा रहा है |

अनेकों बार नेशनल खेलने वाले कबड्डी खिलाड़ी संजीव कुमार, खुशबू एवं लूसी ने मधेपुरा अबतक को बताया कि चुनाव के दिन सभी मतदाता बूथ तक चलकर जायेंगे और वोट डालेंगे क्योंकि लोकतंत्र में सबसे बड़ा हथियार उनका अपना वोट है | आप भी वोट करें ! वोट जरूर करें !!

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अब ‘ज्ञान’ मिला नागमणि को कि भाजपा के ‘एजेंट’ हैं मुलायम-पप्पू..!

राजनीति में और वो भी आज की राजनीति में पाला बदलना कोई आश्चर्य की बात नहीं। ‘मौसम’ और ‘अवसर’ के हिसाब से प्रतिबद्धता ‘बदल लेना’ और यहाँ तक कि ‘बदलते ही रहना’ भी किसी को अब चौंकाता नहीं। लेकिन पाँच में से दो चरणों के चुनाव के बाद अगर आपको ये ‘ज्ञान’ मिले कि कल तक आप जिनके साथ खड़े थे उनके कारण सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता ‘खतरे’ में थी और जिन्हें आप कोसते नहीं थक रहे थे दरअसल वही सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता नाम की दोनों ‘चिड़िया’ को तथाकथित ‘खतरे’ से बाहर निकाल सकते हैं, तो इसे क्या कहेंगे आप..? जाहिर तौर पर राजनीतिक अवसरवादिता की ये पराकाष्ठा है और पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा वर्तमान में समरस समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नागमणि बिहार में सम्भवत: इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं। लालू प्रसाद यादव से ‘मौसम वैज्ञानिक’ का खिताब पा चुके रामविलास पासवान से भी बड़े। अब तक कोई ऐसी पार्टी नहीं है जिसमें नागमणि जाकर ना हो आए हों।

नागमणि ने कल 24 अक्टूबर को प्रेस कांफ्रेंस कर बिहार चुनाव के अगले तीन चरणों में जदयू-राजद-कांग्रेस के महागठबंधन को समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने ‘संकेत’ में कुछ कहने की जगह सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के संरक्षक पप्पू यादव भाजपा के ‘एजेंट’ हैं। उन्होंने कहा कि दोनों दल भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। दोनों दलों ने ज्यादातर टिकट यादव और मुसलमानों को दिया है ताकि उनके मतों का बिखराव हो और भाजपा को इसका लाभ मिले। बकौल नागमणि भाजपा के कारण बिहार में सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता खतरे में पड़ गई है, ऐसे में उन्होंने महागठबंधन का साथ देने का निर्णय लिया है।

नागमणि ने यह भी कहा कि पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित एवं अल्पसंख्यकों के हक-हुकूक के लिए नीतीश कुमार और लालू प्रसाद की जोड़ी ने शहीद जगदेव की नीति और सिद्धांतों पर चलने का वादा किया है। लेकिन नागमणि ये नहीं कह पाए कि ये ‘वादा’ वो नीतीश-लालू से चुनाव शुरू होने के पूर्व क्यों नहीं ले पाए। खैर, जो ‘डील’ तब नहीं हुई, वो अब हो गई। वैसे बता दें कि नागमणि शहीद जगदेव के पुत्र हैं और अब तक के राजनीतिक करियर में उन्होंने जो भी हासिल किया है वो इसी कारण। 2005 में नीतीश कुमार की पहली सरकार में इनकी पत्नी मंत्री भी रह चुकी हैं।

गौरतलब है कि नागमणि से पहले एनसीपी के महासचिव तारिक अनवर ने तीसरे मोर्चे से अलग होने की घोषणा की थी। तारिक अनवर तीसरे मोर्चे की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा थे लेकिन मुलायम ने बिहार आकर भाजपा के पक्ष में लहर होने की बात कह दी और ऐसे में तारिक के लिए मोर्चे से अलग होने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।

पहले तारिक अनवर (एनसीपी) और अब नागमणि (समरस समाज पार्टी) के अलग होने के बाद जो चार पार्टियां तीसरे मोर्चे में रह गई हैं, वो हैं मुलायम की समाजवादी पार्टी, पप्पू यादव की जनअधिकार पार्टी, देवेन्द्र यादव की समाजवादी जनता पार्टी और पीए संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी। इसमें कोई दो राय नहीं कि मुलायम की अगुआई वाले इस तीसरे मोर्चे में शामिल पार्टियों की ‘तैयारी’ और ‘तालमेल’ की बात अब हास्यास्पद हो चली है।

 मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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जानिये मधेपुरा जिले के चार विधानसभाओं के साठ उम्मीदवारों के चुनाव चिन्ह

निर्वाची पदाधिकारी सह मधेपुरा एस.डी.एम.संजय कुमार निराला ने मधेपुरा अबतक को बताया कि विधानसभा चुनाव क्षेत्र- 73 के चुनावी मैदान में कुल 18 प्रत्याशी रह गये हैं तथा एक इ.वी.एम. में 16 बटन ही होते हैं | अत: मधेपुरा विधानसभा के 272 मतदान केन्द्रों के हर एक बूथ पर दो-दो इ.वी.एम.मशीन लगाये जायेंगे | उन्होंने यह भी कहा कि एक मशीन में 16 उम्मीदवारों के नाम व चुनाव चिन्ह होंगे तथा दूसरे में NOTA (यानी None of the Above) सहित दो उम्मीदवारों के नाम व चुनाव चिन्ह रहेंगे | जिन मतदाताओं को एक भी प्रत्याशी को नहीं चुनने की इच्छा हो तो वे NOTA का बटन दबायेंगे |

पुन: श्री निराला ने बताया कि मधेपुरा विधानसभा के सभी 272 बूथों पर VVPat (Voter Verified Paper audit trail) Machine लगाये जायेंगे ताकि मतदाता अपने दिए गये मत की संपुष्टि भी कर लें कि उनका मत चाहने वाले उम्मीदवार को मिल गया |

बहरहाल, मधेपुरा अबतक को मतदाताओं से प्राप्त जानकारियों के अनुसार यह कहा जा सकता है कि कोसी के अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में महागठबंधन, जन अधिकार पार्टी एवं एन.डी.ए. के बीच ही त्रिकोणात्मक संघर्ष होने की उम्मीद है | विशेष यह कि अब तो जिले के चारो विधानसभा क्षेत्रों में महागठबंधन को चुनौती दिए जाने की संभावना को लेकर जहाँ-तहाँ गांवों में जन अधिकार पार्टी की चर्चा भी आरम्भ हो गई है |

तभी तो बिहारीगंज विधानसभा क्षेत्र- 71 के ग्रामीण मतदाताओं के बीच जन अधिकार पार्टी के युवा उम्मीदवार श्वेतकमल फिलहाल हॉकी के जादूगर ध्यानचंद की तरह अपने चुनाव चिन्ह हॉकी स्टिक व बॉल के साथ तेजी से आगे बढ़ने की चर्चा में आने लगे हैं |

वहीं सिंहेश्वर सुरक्षित क्षेत्र (256 बूथ)के निर्वाची पदाधिकारी रवि शंकर शर्मा, बिहारीगंज क्षेत्र (255 बूथ)के निर्वाची पदाधिकारी मुकेश कुमार एवं आलमनगर क्षेत्र (279 बूथ)के निर्वाची पदाधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि सभी उम्मीदवारों को प्रतीक चिन्ह आवंटित कर दिए गये हैं – जो निम्न प्रकार हैं :-

मधेपुरा विधानसभा

कुल – 18 प्रत्याशी

नाम – दल – चुनाव चिन्ह

1. प्रो. चंद्रशेखर – राजद – लालटेन

2. कपिलदेव पासवान – बीएसपी – हाथी

3. गणेश मानव – सीपीआई(एम)- हथौड़ा, हंसिया और सितारा

4.विजय कुमार विमल – भाजपा – कमल

5. अशोक कुमार – जनअधिकार पार्टी – हॉकी और बॉल

6.ओमप्रकाश भारती- मानववादी जनता पार्टी – मोतियों का हार

7. कमल कुमार – सर्वजन कल्याण लोकतांत्रिक पार्टी – आदमी व पाल युक्त नौका

8. कामेश्वर यादव – भारतीय जनक्रांति दल(डेमो.)- मोमबत्ती

9. मु.ताहिर- नेशनल रोड मेप पार्टी ऑफ इंडिया – गैस का चूल्हा

10.दिनेश यादव उर्फ फौजी – गरीब जनता दल(सेकुलर) – ऑटो रिक्शा

11. मनीष कुमार -बहुजन मुक्ति पार्टी – फ्राक

12.बिजेंद्र यादव – जनता दल राष्ट्रवादी – डोली

13. विनोद कुमार – हिंद कांग्रेस पार्टी- प्रेशर कूकर

14. अलाउद्दीन – निर्दलीय -कांच का गिलास

15.मु. अली – निर्दलीय – एअरकंडीशनर

16. ज्योति मंडल – निर्दलीय – कप और प्लेट

17. विशाल कुमार – निर्दलीय – अलमीरा

18.सुरेश प्रसाद यादव- निर्दलीय- फूलगोभी

सिंहेश्वर विधानसभा – सुरक्षित

कुल – 12 प्रत्याशी

नाम – दल – चुनाव चिन्ह

1. मंजू देवी – हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा – टेलीफोन

2. इंदो देवी – बहुजन समाज पार्टी – हाथी

3. रमेश ऋषिदेव- जदयू – तीर

4. राजकिशोर सरदार – सीपीआई (एम) – हथौड़ा, हसिया और सितारा

5. अमित कुमार भारती – जनअधिकार पार्टी – हॉकी और बॉल

6. उपेंद्र राम – गरीब जनता दल सेकुलर – ऑटो रिक्शा

7.: दिनेश ऋषिदेव- नेशनल रोड मेप पार्टी ऑफ इंडिया – गैस का चूल्हा

8. ललन पासवान – जनता दल राष्ट्रवादी- डोली

9. संजय पासवान – भारतीय जनक्रांति दल -मोमबत्ती

10. आगमलाल ऋषिदेव – निर्दलीय – अलमीरा

11. अच्छेलाल शर्मा – निर्दलीय – बाल्टी

12. जगदेव राम – निर्दलीय- एअर कंडीशनर

बिहारीगंज विधानसभा

कुल – 15

नाम – दल – चुनाव चिन्ह

1. नवीन कुमार मेहता – भारत विकास मोर्चा – कप और प्लेट

2. कौशल कुमार – भारतीय जनक्रांति दल (डेमो.)- मोमबत्ती

3. निरंजन कुमार मेहता – जदयू – तीर

4. कमलेश मेहता – निर्दलीय- ऑटो रिक्शा

5. प्रतिभा कुमारी – बसपा – हाथी

6. रविंद्र चरण यादव – भाजपा – कमल

7. ब्रह्माचारी विष्णु प्रभाकर – निर्दलीय- मोतियों का हार

6. अभय चंद्र झा – शिवसेना – अलमीरा

9. मनोज कुमार यादव – निर्दलीय – सिलाई मशीन

10. मिथिलेश कुमार मेहता – जेएमएम – एयरकंडीशनर

11. निखिल कुमार झा – भाकपा – हंसिया एवं गेहूं की बाली

12. श्वेत कमल – जन अधिकार पार्टी – हॉकी और बॉल

13. बेबी देवी – निर्दलीय – गुब्बारा

14. ख्वाजा गुलाम हुसैन – निर्दलीय – बांसुरी

15. शांति देवी – निर्दलीय – चूड़ियां

आलमनगर विधानसभा

कुल – 15

नाम – दल – चुनाव चिन्ह

1. गोपाल कुमार – निर्दलीय – अलमीरा

2. नरेंद्र नारायण यादव – जदयू – तीर

3. संदीप कुमार – जनता दल राष्ट्रवादी – डोली

4. चंदन सिंह – लोजपा – बंगला

5. प्रशांत कुमार सिन्हा – निर्दलीय – चूड़ियां

6. श्यामदेव पासवान – निर्दलीय – एयरकंडीशनर

7. रचना कुमारी – बहुजन मुक्ति पार्टी – चारपाई

8. बनारसी मंडल – निर्दलीय – गुब्बारा

9. रामदेव सिंह – भाकपा – बाल और हंसिया

10. जयप्रकाश सिंह – जनअधिकार पार्टी  – हॉकी और बॉल

11. मुख्तार – गरीब जनता दल सेकुलर – ऑटो रिक्शा

12. निर्मल पासवान – जेएमएम – तीर कमान

13. राजेंद्र प्रसाद महतो – निर्दलीय – फलों से युक्त टोकरी

14. रविंद्र सिंह – बसपा – हाथी

15. शशिभूषण सिंह – निर्दलीय – बल्ला

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‘शत्रु’ का कहा ‘सच’ है या ‘शत्रुता’..?

बिहार में दो चरण के मतदान के बाद क्या सचमुच भाजपा नेताओं के चेहरे पर हवाईयां उड़ रही हैं..? पहले और दूसरे चरण की वोटिंग के बाद कोई ‘स्पष्ट रुझान’ ना देख क्या भाजपा के तमाम रणनीतिकारों को ‘दिल्ली’ जैसी कोई सम्भावना दिखने लगी है..? क्या उम्मीद के विपरीत परिणाम की आशंका से प्रधानमंत्री मोदी की बिहार की कई प्रस्तावित रैलियां रद्द की गई हैं..? इन सारे सवालों के जवाब तो खैर समय आने पर मिलेंगे लेकिन भाजपा के अपने ही ‘घर’ के भीतर से जो बयान सामने आया है वो ‘समय’ से पहले ‘समय’ को आमंत्रित करने जैसा है।

भाजपा के घर के भीतर से ये बयान बीच चुनाव में ‘शत्रु’ के अलावे कौन दे सकता है भला। जी हाँ, ‘शत्रु’ यानि शत्रुघन सिन्हा। बीते 17 अक्टूबर को चैनल न्यूज़ 18 के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि “बिहार में पहले दो चरण के मतदान के बाद प्रदेश बीजेपी नेताओं के चेहरे की हवाईयां उड़ी हुई हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि अन्तिम समय में प्रधानमंत्री की जनसभाओं की संख्या कम करने से क्या नकारात्मक संदेश नहीं जा रहा है..? ‘शत्रु’ ने बिना रुके यह भी कहा कि भाजपा के नेता “हम तो डूबे सनम, तुमको भी ले डूबेंगे” वाली कहावत चरितार्थ कर रहे हैं।

पहले सिनेमा, फिर राजनीति में अलग पहचान रखने वाले और अब अलग-थलग पड़ गए भाजपा सांसद शत्रुघन सिन्हा की नाराज़गी कोई नई बात नहीं। अपनी पार्टी के निर्णयों और नेताओं को लेकर आए दिन अपने बयानों से वो पार्टी को असहज स्थितियों में डालते रहे हैं। लेकिन इस बार उन्होंने जो कहा है और वो भी बिहार के बीच चुनाव में, भाजपा को उससे बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

बहरहाल, शत्रुघन सिन्हा ने क्या कहा उसे भूल भी जाएं तो भी इस ‘थ्योरी’ को सिरे से नकारना मुश्किल है कि अगर ‘धुआँ’ है तो कम या ज्यादा कहीं ‘आग’ भी होगी ही। और फिर ‘शत्रु’ की बात की पुष्टि करते दिख रहे कुछ घटनाक्रम भी हैं जिन पर निगाह डालनी होगी। सबसे पहले तो ये कि ‘द वीक’ की ख़बर के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बिहार में प्रस्तावित रैलियों मे से छह रैलियाँ रद्द कर दी गई हैं। यही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बिहार में लगे बड़े-बड़े पोस्टरों को उतारा जा रहा है। माना जा रहा है कि ऐसा उम्मीद के विपरीत नतीजे आने की स्थिति में बड़े नेताओं को ‘बचाने’ के लिए किया जा रहा है। मोदी और शाह की जगह सुशील कुमार मोदी, नंदकिशोर यादव, मंगल पांडेय, सीपी ठाकुर, हुकुमदेव नारायण यादव, अश्विनी चौबे जैसे स्थानीय नेताओं के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। और तो और पार्टी ने अपना चुनावी नारा तक बदल दिया है। पहसे नारा था “अबकी बार, मोदी सरकार”, फिर इसे बदलकर किया गया “बदलिए सरकार, बदलिए बिहार” और अब कहा जा रहा है “विकास की होगी तेज रफ्तार, जब केन्द्र-राज्य में एक सरकार।”

हालांकि चुनावी मामलों के कई जानकार इसे भाजपा की सोची-समझी रणनीति बता रहे हैं। दूसरे चरण के मतदान के ठीक पहले भाजपा ने एक नए तरीके का विज्ञापन दिया जिसमें किसी नेता का फोटो नहीं, सिर्फ 11 वादे थे और शीर्षक था “भाजपा का साथ, सबका विकास।”  इसके अलावे एक और पोस्टर है जिस पर एक ओर रामविलास-मांझी-कुशवाहा और दूसरी ओर सुशील कुमार मोदी-नंदकिशोर यादव-मंगल पांडेय की तस्वीरें हैं। कहा जा सकता है कि भाजपा प्रचार में अपने केन्द्रीय और स्थानीय नेताओं के बीच ‘संतुलन’ बनाए रखने के लिए ऐसा कर रही है। जहाँ तक रैलियों की बात है, तो कुछ रैलियां अगर रद्द भी कर दी गई हों, फिर भी अभी प्रधानमंत्री की लगभग 40 सभाएं होनी हैं।

राजनीति का तकाजा है कि शत्रुघन के बयान की व्याख्या भाजपा के विरोधी अपनी तरह से करेंगे और भाजपा उसका जवाब अपने तरीके से देगी। लेकिन ‘शत्रु’ ने जो कहा वो ‘सच’ था या ‘शत्रुता’ थी उनकी, ये देखने की बात होगी।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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कोसी में बड़ी पार्टियों के बड़े नेताओं द्वारा की गई महिलाओं की उपेक्षा

कोसी अंचल में विधानसभा की तेरह सीटें हैं जिनमें तीनों जिले मधेपुरा, सहरसा और सुपौल में एक-एक सीट सुरक्षित है | नारी सशक्तिकरण के इस दौर में तेरह सीटों में केवल तीन महिलाओं को प्रत्याशी बनाया गया है | तुर्रा तो यह है कि तीनों के तीनों सुरक्षित क्षेत्रों से ही |

मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर सुरक्षित सीट से हम पार्टी द्वारा उम्मीदवार बनाया गया है मंजू सरदार को | सहरसा जिले के सोनवरसा सुरक्षित सीट से प्रत्याशी बनी है लोजपा नेत्री सरिता पासवान | कोसी के तीसरे जिले सुपौल के त्रिवेणीगंज सुरक्षित सीट से महागठबंधन की ओर से उम्मीदवार बनाया गया है वीणा देवी को | याद करें, 2010 के चुनाव में तीन महिलाओं में दो को सामान्य सीट से उम्मीदवार बनाया गया, केवल एक को ही सुरक्षित सीट से टिकट दिया गया था |

कितनी विडंबना है ! आज की तारीख में भी महिलाओं को अबला मान कर सुरक्षित क्षेत्र की ओर ढकेलने में लगी है ये राजनीतिक पार्टियाँ ! जबकि सभी जानते हैं कि आज बिना हाथ वाली 32 वर्षीया जेसिका कोक्स हवाई जहाज उड़ाती है और महिलाएं फाइटर विमानों में पायलट भी बनती हैं | बहरहाल नारी सशक्तिकरण की दुहाई देने वाली पार्टियों के बड़े-बड़े राजनेताओं की सोच को दीमक क्यों चाटने लगा है ?

चुनाव आयोग के द्वारा जारी किये गये आंकड़े बताते हैं कि कोसी अंचल के तेरहो विधानसभा क्षेत्रों में वोटरों की कुल संख्या 33 लाख 20 हजार 678 है, जिसमें महिला मतदाताओं की संख्या 15 लाख 76 हजार 265, यानी महिला वोटरों की संख्या 48% है | सोचिये तो सही 13 में तीन महिलाएं और तीनों सुरक्षित सीट पर ही- कहाँ चला गया संविधान प्रदत्त समानता का अधिकार और नर-नारी को बराबरी का दर्जा ….!!!

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एक ओर दुर्गा-काली…… जैसी पूजी जानेवाली देवियाँ और दूसरी ओर भ्रूण हत्याएं झेल रही बेटियाँ !

“ संवदिया ” के बैनर तले स्थानीय एम.एस.पब्लिक स्कूल के परिसर में मंजरी श्रीवास्तव के नाटक “खौफ” की प्रस्तुति की गई जिसका सफल निर्देशन मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षण प्राप्त मो.शहंशाह द्वारा किया गया | सम्पूर्ण प्रस्तुति में भ्रूण-हत्या, दहेज़ व बलात्कार को ही चित्रित नहीं किया गया बल्कि सम्पूर्ण भारतीय वांगमय की संस्कृति को उकेरते हुए तेजी से विलोपित हो रहे नारी सम्मान को भी दर्शाया गया |

नाटक ‘खौफ’ को केवल तीन कलाकारों द्वारा मंचित किया गया | मुख्य भूमिका में निर्देशक मो.शहंशाह के साथ-साथ रवि वर्मा एवं मास्टर शिवम् ने शानदार अभिनय की प्रस्तुति से दर्शकों को हिलने नहीं दिया, बल्कि अन्त तक बांधे रखा |

रंग मंच की व्यवस्था, वेश-भूषा, प्रकाश-ध्वनि, अभिनेताओं की भाव-भंगिमा एवं गीत-रचना सहित मंच सज्जा, रूप-सज्जा एवं सुर-संगीत के लिए सजग होकर अन्त तक लगे रहे- सोनीराज, कार्तिक कुमार, अमित कुमार अंशु, मो.आतिफ, रुपेश-मिथुन-रौशन, प्रीती-रवि-प्रिया, राजकुमार एवं दिलखुश |

आरम्भ में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा आगत अतिथियों के लिए स्वागत गान प्रस्तुत किया गया | फिर कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित प्रो.श्यामल किशोर, डॉ.विनय चौधरी, डॉ.आलोक कुमार, प्राचार्य शिव नारायण मंडल, सचिव मकेश्वर यादव ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया |

Dr.Bhupendra Madhepuri delivering inaugural speech.
Dr.Bhupendra Madhepuri delivering inaugural speech.

डॉ.मधेपुरी ने उद्घाटन भाषण के क्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं अभिभावकों से कहा- आप अपने बच्चों को जो भी बनाना चाहें वो बनायें, लेकिन रंग कर्म से उन्हें विमुख नहीं होने दें ……| उन्होंने यह भी कहा कि मो.शहंशाह अपने नाटकीय कौशल एवं संवादों के जरिये दर्शकों पर अपने अभिनय का गहरा प्रभाव छोड़ता रहा है |

डॉ.मधेपुरी ने मधेपुरा अबतक को बताया कि शहंशाह के साथ-साथ रवि और शिवम् के अभिनय का प्रवाह उपस्थित दर्शकों को क्षण-दो-क्षण के लिए व्रह्मा-विष्णु-महेश की यादें दिला जाती हैं एवं माँ की यादों को तरोताजा कर जाती हैं | इसके अलावे इन कलाकारों के स्वरों के उतार-चढ़ाव एवं प्रस्तुति के लहजे, यह कि – माँ चाहिए, बहन चाहिए, बहु चाहिए……. लेकिन बेटी नहीं चाहिए…. को सुन-सुनकर नाटकीय प्रदर्शन के दौरान श्रोताओं की आँखें नम हो गई | अभिनय के इन्हीं रूपों एवं स्वरूपों के प्रयोग से ही तो चतुर्दिक रसानुभूति उत्पन्न होने लगी जिसे इन नवोदित कलाकारों की सफलता मानी जा सकती है |

उपस्थित गणमान्यों प्राचार्य श्यामल किशोर यादव, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.विनय कुमार चौधरी आदि ने भी अपने-अपने संबोधन में कलाकारों को खूब प्रोत्साहित किया |

Artists of Samvadiya Group.
Amit Kumar Anshu introducing Artists of Samvadiya Group.

अन्त में संवदिया के सचिव सुकेश राणा ने अपने सभी कलाकारों अंजलि-इमरान-आदित्य एवं कुणाल-अमल-उज्जवल सहित शिवानी-शाहनवाज-शकील के साथ मतदाता जागरण गीत की प्रस्तुति देकर कलाकारों को अच्छे प्रदर्शन हेतु साधुवाद दिया | मंच संचालन अमित कुमार अंशु एवं धन्यवाद ज्ञापन अमल कुमार सिंह द्वारा किया गया |

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ये हैं मधेपुरा से विधानसभा की चार सीटों के लिए 61 उम्मीदवार

मधेपुरा जिला में चार विधानसभा क्षेत्र हैं – आलमनगर, बिहारीगंज, सिंहेश्वर (सुरक्षित) एवं जिला मुख्यालय मधेपुरा। 16 अक्टूबर को स्क्रूटनी के दिन दो लोगों की उम्मीदवारी रद्द होने के साथ इन चारों क्षेत्रों के लिए कुल 61 प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। अब देखना ये है कि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर तक इनमें से कौन-कौन ‘रणछोड़’ बनेंगे और कितने उम्मीदवार 20 अक्टूबर को अपना-अपना चुनाव-चिह्न लेकर 5 नवंबर तक मैदान में डटे रहेंगे।

आलमनगर (क्षेत्र संख्या 70)

इस क्षेत्र से कुल 15 प्रत्याशी मैदान में हैं। नरेन्द्र नारायण यादव (जदयू), चंदन सिंह (लोजपा), रामदेव सिंह (सीपीआई), जयप्रकाश सिंह (जनअधिकार पार्टी), रविन्द्र सिंह (बसपा), संदीप कुमार (जनता दल राष्ट्रवादी), रचना कुमारी (बहुजन मुक्ति पार्टी) और मो. मुख्तार आलम (जनता दल सेक्यूलर) के अलावे सात निर्दलीय उम्मीदवार हैं। इन उम्मीदवारों के नाम हैं – गोपाल कुमार, बनारसी मंडल, श्यामदेव पासवान, प्रशांत कुमार सिन्हा, राजेन्द्र महतो, शशिभूषण सिंह एवं निर्मल पासवान।

बिहारीगंज (क्षेत्र संख्या 71)

इस क्षेत्र से कुल 16 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। निरंजन कुमार मेहता (जदयू), डॉ. रविन्द्र चरण यादव (भाजपा), प्रतिभा कुमारी (बसपा), श्वेत कमल (जन अधिकार पार्टी), निखिल कुमार झा (सीपीआई), अभय चन्द्र झा (शिवसेना), कौशल कुमार (भारतीय जन क्रांति दल) और नवीन कुमार मेहता (भारत विकास मोर्चा) जहाँ विभिन्न दलों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वहीं आठ निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं। इनके नाम हैं – मनोज कुमार यादव, ब्रह्मचारी विष्णु प्रभाकर, कमलेश मेहता, मिथिलेश मेहता, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, बेबी कुमारी मंडल एवं मो. गुलाम हुसैन।

सिंहेश्वर (क्षेत्र संख्या 72/ सुरक्षित)

बाबा सिंहेश्वर की नगरी से कुल 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। रमेश ऋषिदेव (जदयू), मंजू सरदार (हम), राजकिशोर सरदार (सीपीएम), अमित भारती (जन अधिकार पार्टी), इंदो देवी (बसपा), संजय पासवान (भारतीय जनक्रांति दल डेमोक्रेटिक), ललन पासवान (जनता दल राष्ट्रवादी), उपेन्द्र राम (गरीब जनता दल सेक्यूलर) और दिनेश ऋषिदेव (नेशनल रोडमैप ऑफ इंडिया पार्टी) के अतिरिक्त तीन निर्दलीय उम्मीदवार हैं। ये हैं – अच्छे लाल शर्मा, अगमलाल ऋषिदेव एवं जगदेव राम।

मधेपुरा (क्षेत्र संख्या 73)

जिला मुख्यालय से सबसे ज्यादा 18 उम्मीदवार दो-दो हाथ कर रहे हैं। प्रो. चन्द्रशेखर (राजद), विजय कुमार विमल (भाजपा), गणेश मानव (सीपीआई-एम), डॉ. अशोक यादव (जनअधिकार पार्टी), कपिलदेव पासवान (बसपा), ओमप्रकाश भारती (मानववादी जनता पार्टी), मो. ताहिर (नेशनल रोडमैप ऑफ इंडिया पार्टी), दिनेश यादव फौजी (गरीब जनता दल सेक्यूलर), विजेन्द्र यादव (जनता दल राष्ट्रवादी), कमल कुमार (सर्वजन कल्याण लोकतांत्रिक पार्टी), मनीष कुमार (बहुजन मुक्ति पार्टी), विनोद कुमार (हिन्द कांग्रेस पार्टी) और प्रो. कामेश्वर यादव (भारतीय जनक्रांति दल डेमोक्रेटिक) के साथ-साथ पाँच निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं। इनके नाम हैं – डॉ. विशाल कुमार बबलू, ज्योति मंडल, मो. अलाउद्दीन, मो. अली एवं सुरेश यादव।

यह भी जानें कि मधेपुरा जिले के इन चारों विधान सभा क्षेत्रों में मतदान केन्द्रों की कुल संख्या 1107 तथा मताधिकार का प्रयोग करने वाले मतदाताओं की कुल संख्या 11 लाख 86 हजार 978 है। चुनाव आयोग द्वारा मतदान की तिथि 5 नवंबर (सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक) तथा मतगणना की तिथि 8 नवंबर (सुबह 8 बजे से) तय की गई है।

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बिहार चुनाव का दूसरा चरण : भय पर उत्साह की जीत

55 प्रतिशत मतदान के साथ बिहार चुनाव का दूसरा चरण भी पूरा हुआ। छह जिलों – रोहतास, जहानाबाद, कैमूर, अरवल, औरंगाबाद और गया – की जिन 32 सीटों के लिए कल मतदान हुआ उनमें 23 सीटें नक्सल प्रभावित थीं। इसके बावजूद मतदाताओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। लोकतंत्र के पर्व पर कहीं भी भय हावी नहीं हुआ। महिला मतदाताओं ने इस चरण में भी बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 2010 में इन्हीं सीटों पर 52 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार इसमें 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी स्वागत योग्य है।

वोटों के प्रतिशत की बात करें तो कैमूर में सबसे ज्यादा 57.86 प्रतिशत और अरवल में सबसे कम 52 प्रतिशत मत पड़े। वहीं रोहतास में 54.66 प्रतिशत, जहानाबाद में 56.49 प्रतिशत, औरंगाबाद में 52.50 प्रतिशत और गया में 55.54 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

दूसरे चरण में कुल 456 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इनमें 32 महिलाएं शामिल हैं। इस चरण में 86,13,870 मतदाताओं के लिए 9,119 मतदान केन्द्र बनाए गए थे और सुरक्षा की जबरदस्त व्यवस्था की गई थी। शान्तिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए अर्द्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस की कुल 993 कम्पनियां तैनात थीं।

इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (इमामगंज और मखदुमपुर), विधान सभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी (इमामगंज) और भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के तीन सम्भावित उम्मीदवार – पूर्व मंत्री और छह बार विधायक रहे प्रेम कुमार (गया), पूर्व राष्ट्रीय सचिव रामेश्वर चौरसिया (नोखा) और हाल ही में चर्चा में आए और झारखंड में संघ का चेहरा रहे राजेन्द्र सिंह (दिनारा) – शामिल हैं। भाजपा की राज्य इकाई के पूर्व प्रमुख गोपाल नारायण सिंह (नवीनगर), नीतीश सरकार के सहकारिता मंत्री जय कुमार सिंह (दिनारा), पंचायती राज मंत्री विनोद यादव (शेरघाटी) और मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन (कुटुम्बा) के भविष्य का फैसला भी इसी चरण में होना है। नीतीश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे रामधनी सिंह (करगहर) भी इसी चरण में चुनाव मैदान में हैं। बता दें कि जेडीयू से टिकट कटने पर इस बार वो सपा की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं।

हालांकि सभी 32 सीटों पर कांटे का मुकाबला देखने को मिल रहा है लेकिन जिस सीट पर सबसे ज्यादा निगाहें लगी हैं वो है ‘सुरक्षित’ सीट इमामगंज। यहाँ दो दिग्गज आमने-सामने हैं। इस सीट के लिए हम के नेता जीतन राम मांझी का मुकाबला जेडीयू के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी से है। चौधरी इस सीट को पाँच बार जीत चुके हैं। दोनों उम्मीदवारों के कद और ‘सांकेतिक महत्व’ को देखते हुए एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए ये सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। हालांकि मांझी जहानाबाद की मखदुमपुर सीट से भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

महागठबंधन के लिए इस चरण में बहुत कुछ दांव पर लगा है क्योंकि पिछले चुनाव में 32 में से 19 सीटें जेडीयू ने जीती थीं। तब उसकी सहयोगी रही भाजपा के खाते में 10 सीटें गई थीं, जबकि दो सीटें राजद और एक सीट निर्दलीय के हिस्से में गई थी। इस बार महागठबंधन की ओर से जेडीयू और राजद ने 13-13 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। शेष 6 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। वहीं एनडीए की ओर से भाजपा के 16, हम के 7, रालोसपा के 6 और लोजपा के तीन उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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मधेपुरा में मनाई गई कलाम की भव्य जयन्ती

भारत के ग्यारहवें राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम के 79वें जन्म दिवस पर यूनाइटेड नेशन्स द्वारा 2010 में ही यह घोषणा की गई थी कि उनकी जयंती 15 अक्टूबर को “वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे” के रूप मनाई जाय | फिर 27 जुलाई 2015 को शिलांग में जब गाँधीयन मिसाइल मैन डॉ.कलाम ने व्याख्यान देते समय ही हृदयाघात के कारण दुनिया को अलविदा कह दिया तो 29 जुलाई 2015 को पुन: यूनाइटेड नेशन्स द्वारा कलाम के जन्म दिन 15 अक्टूबर को ‘इंटरनेशनल स्टूडेंट्स डे’ के रूप में मनाने की घोषणा कर दी गई |

Dr. Bhupendra Madhepuri addressing teachers and students on the occasion of International Students Day.
Dr. Bhupendra Madhepuri addressing teachers and students on the occasion of International Students Day.

स्थानीय तुलसी पब्लिक स्कूल द्वारा ऋषिओं की तरह जीवन जीने वाले भारत के अमूल्य रत्न डॉ.कलाम की 85वीं जयंती को मनाने हेतु भव्य समारोह का आयोजन किया गया | इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में डॉ.कलाम पर लिखी कई पुस्तकों के लेखक एवं समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के द्वारा दिए गये व्याख्यान को सुनकर शिक्षकों की ही नहीं बल्कि छात्रों की आँखें भी नम हो गई | डॉ. मधेपुरी ने कहा- मेरे प्यारे छात्रो ! भारत की पुण्य भूमि पर खोदा गया एक कुआँ है तेरा कलाम !! तुम विश्वास की बाल्टी में संघर्ष की डोरी लगाकर उस कुँए से गंगा-जमजम का जितना पानी चाहो निकालते रहना- वह कभी नहीं खाली होगा | तुम्हारा कलाम कल्पतरु है, कामधेनु है |” डॉ.मधेपुरी ने घंटों सामनेवाले को बांधे रखा और शून्य से शिखर तक यानी रामेश्वरम से राष्ट्रपति भवन तक की चित्रमय कहानी सुना-सुनाकर नयनों से अश्रुकण टपकाते रहे |

Dr. Madhepuri paying tribute to Dr. APJ Abdul Kalam.
Dr. Madhepuri paying tribute to Dr. APJ Abdul Kalam.

आरम्भ में जयन्ती समारोह का उद्घाटन डॉ. मधेपुरी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया | फिर अतिथियों-शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा डॉ.कलाम की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ | लगे हाथ मुख्य अतिथि डॉ. मधेपुरी को बुके एवं माला से निदेशक व प्राचार्य द्वारा स्वागत किया गया |

इस कार्यक्रम की विशेषता यही रही कि वर्ग एक से सात तक की कुल 23 छात्र-छात्राओं द्वारा कलाम के बाबत हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा में भाषण दिया गया | जो जितना छोटा था वह उतना बेहतरीन भाषण देता गया | शुभम स्टालिन हिन्दी में तथा अंकुश कुमार अंग्रेजी में भाषण देकर सबों को मन्त्रमुग्ध कर दिया | शेष छात्रों में सुमन कुमार, अभिमन्यु, ज्ञानेंद्र गौरव, विकास कुमार, ज्ञानेंद्र गौतम, शाश्वत, अभिनव, आशुतोष आर्यन, अमन, सत्यमेव, नवनीत, सोनू आदि में अधिकांश अंग्रेजी में ही अपना उद्गार व्यक्त किया | छात्राओं में कृष्णा, अदिति परमार, नैना कुमारी, डिम्पल, काजल, शिवानी, आस्थाप्रिया, जिया आदि संभावनाओं से भरी नजर आती रही |

Dr. Madhepuri distributing sweets among students.
Dr. Madhepuri distributing sweets among students.

सभी बच्चों को पुरस्कार देने के बाद मुख्य अतिथि डॉ. मधेपुरी ने मिठाइयाँ बांटी और टी.पी.एस. के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र सहित निर्मल कुमार, मनीषा सिंह, रेणु, रोजी, गजाला, प्रियंका, रिया, शबनम, मनोज, विभीषण, मनु, वरुण, संतोष आदि शिक्षक-शिक्षिकाओं को बच्चों की बेहतरीन तैयारी कराने हेतु हृदय से साधुवाद दिया | अन्त में प्राचार्य हरिनंदन यादव द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया |

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