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राजकिशोर बने मुखिया संघ के अध्यक्ष

सदर प्रखंड मधेपुरा में कुल सतरह पंचायतों के मुखिया संघ की बैठक सोमवार को प्रखंड मुख्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गयी जिसमें मुखिया संघ का प्रखंड स्तरीय चुनाव बिना किसी प्रकार के चुनाव-प्रक्रिया को अपनाये सर्वसम्मति से किया गया |

यह भी बता दें कि जहां मधेपुरा प्रखंड स्तरीय मुखिया संघ के चुनाव प्रक्रिया की अध्यक्षता की साहुगढ़ पंचायत-टू के मुखिया अरविंद कुमार ने वहीं साहुगढ़ पंचायत-वन के पूर्व मुखिया एवं वर्तमान उप प्रमुख जयकांत यादव द्वारा चुनाव पर्यवेक्षक के रुप में चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराया गया | इस अवसर पर सर्वप्रथम सर्वसम्मति से बराही पंचायत के मुखिया राजकिशोर यादव को मधेपुरा प्रखंड मुखिया संघ का अध्यक्ष चुना गया |

यह भी जानें कि मुखिया संघ में ‘म’ का ही वर्चस्व रहा- जहां महेशुआ मुखिया देवकी देवी को सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुना गया वहीं मठाही मुखिया परमानंद यादव को सचिव और मधुबन मुखिया पवन को कोषाध्यक्ष | पर्यवेक्षक एवं अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि वार्ड से लेकर प्रखंड स्तर तक की विभिन्न समस्याओं को संगठित होकर निष्पादित करने के लिए ही पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया है |

बैठक में विभिन्न पंचायतों के मुखिया तथा मुखिया पति भी अंत तक उपस्थित रहे | अध्यक्ष चुने जाने के बाद राजकिशोर यादव ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि वे संघ की भावना को कद्र करते हुए प्रखंड में विकास कार्यों को गति प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे |

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आस्था का महाकुंभ है सिंहेश्वर स्थान मंदिर

देवाधिदेव महादेव की नगरी सिंहेश्वर में सावन की तीसरी सोमवारी (8 अगस्त 2016) को डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु शिवभक्तों के “हर-हर महादेव” की जयघोष से दिन भर गूंजता रहा बाबा भोलेनाथ का मंदिर | सदैव सदाशिव भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा और पूजा-अर्चना के साथ सभी श्रद्धालु जलाभिषेक करते रहे |

यह भी बता दें कि सिंहेश्वर की सडकों पर सिर्फ और सिर्फ शिवभक्त ही दिख रहे थे- कुछ दंड प्रणाम देते हुए तो कुछ डाक बम के मनमोहक रूपों में सजे हुए | यूँ सर्वाधिक तादाद में आम श्रद्धालु थे | दण्डप्रणामी भी कम नहीं- कुछ मन्नते मांगने के लिए तो कुछ की मन्नतें पूरी हुई इसलिए | शाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही |

Hon'ble Member of Mandir Trust Committee Dr.Bhupendra Madhepuri discussing with Mandir Prabhari for better Comforts and Conveniences to all Shradhalues.
Hon’ble Member of Mandir Trust Committee Dr.Bhupendra Madhepuri discussing with Mandir Prabhari for better Comforts and Conveniences to all Shradhalues.

यह भी जान लें कि सावन के प्रत्येक सोमवार की रात में बाबा का ‘श्रृंगार पूजा” करने के लिए श्रद्धालु भक्तो को साल-दो-साल पूर्व से ही लाइन लगाना पड़ता है, आरक्षण कराना पड़ता है | इस तीसरे सोमवारी को मधेपुरा के वृंदावन नर्सिंग होम के चिकित्सक दंपति डॉ.वरुण कुमार व डॉ.रश्मि भारती द्वारा बाबा का ‘श्रृंगार पूजा’ कराने हेतु एक वर्ष पूर्व ही लाइन लगाया गया था |

यूँ बारह बजे रात तक चली इस ‘श्रृंगार पूजा’ कार्यक्रम में चिकित्सक दंपति द्वारा मंदिर की सजावट व पूजनोत्सव सामग्रियों से लेकर आमंत्रित श्रद्धालुओं सहित साधु-संतों, निर्धन-असहायों को सुरुचि पूर्ण भोजन कराने तक में उत्साह में कोई कमी नहीं देखी गई |

इस श्रृंगार-पूजा कार्यक्रम में मधेपुरा के पूर्व सांसद व संस्थापक कुलपति डॉ.आर.के. यादव रवि, साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ, पूर्व प्राचार्य श्यामल किशोर यादव, डॉ.हीराकांत मंडल, डॉ.अरविंद श्रीवास्तव व बालकृष्ण यादव के अतिरिक्त न्यासकर्मी व महिलाओं ने देर तक अपनी भागीदारी निभाई | इसके अलावे अंत तक उपस्थित रहे चिकित्सकगण- डॉ.डी.के. सिंह, डॉ.आलोक निरंजन, डॉ.नृपेंद्र नारायण सिंह, डॉ.लक्ष्मण, डॉ.पी.के.  मधुकर आदि मंदिर न्यास समिति के सदस्य धर्मनाथ ठाकुर, सुधीर ठाकुर एवं एस.बी.आई. पदाधिकारी अविनाश, आशीष सहित अशोक आनंद, रामनारायण कौशिक, बैजनाथ रजक, विवेक कुमार आदि जैसे आस्थावान लोगों ने कार्यक्रम के अंत तक उपस्थिति बनाये रखा |

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डॉ.राम नरेश हुए सम्मानित

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत स्नातकोत्तर मैथिली विभागाध्यक्ष डॉ.राम नरेश सिंह को भारत सरकार द्वारा भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय का स्वतंत्र निदेशक बनाए जाने पर भारत साहित्य संगम के बैनर तले आयोजित कवि गोष्ठी के अवसर पर मधेपुरा के बुद्धिजीवियों द्वारा सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर सम्मान समारोह के अध्यक्ष डॉ.अमोल राय ने डॉ.सिंह की उपलब्धियों एवं व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला एवं अंगवस्त्रम-पग व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया | प्राचार्य डॉ.श्यामल किशोर यादव, डॉ.आर.के.पी. रमण, डॉ.ललन चौधरी एवं हिन्दी पीजी विभागाध्यक्ष डॉ.नारायण यादव ने अपने उद्गार में कहा कि डॉ.सिंह को भाषा विज्ञान के निदेशक के अतिरिक्त राजभाषा हिन्दी की प्रगति के बाबत भी केंद्र सरकार द्वारा समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है |

डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने उद्गार में यही कहा कि डॉ.रामनरेश सिंह के समर्पण और निष्ठा के साथ काम करते रहने के फलस्वरूप भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें बिना मांगे सम्मान दिया- यह उस पार्टी की विशेषता की पहचान है |

इस अवसर पर डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप के संयोजक में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें डॉ.मधेपुरी, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.अरुण कुमार, सियाराम यादव मयंक आदि ने अपनी प्रतिनिधि कविता का पाठ किया | कार्यक्रम में प्रमुख रुप से उपस्थित रहे- अधिवक्ता मो.अलाउद्दीन, प्रो.राम नारायण साह, भाजपा के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार यादव, आनंद मंडल, मुखिया स्वदेश कुमार, पूर्व प्रमुख विकास चंद्र यादव, प्रो.(डॉ.)आर. रहमान, मो.अहद आदि |

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धाविका गीतांजलि की याद में रोडरेस का आयोजन

अल्पायु में ही मधेपुरा को अलविदा कहने वाली उड़नपरी गीतांजलि के तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर सैकड़ों धावक-धाविकाओं को जिला परिषद की अध्यक्षा श्रीमती मंजू देवी, जिप सदस्य प्रकाश नारायण, डॉ मधेपुरी, डॉ.सच्चिदानंद यादव, डॉ.विनय चौधरी आदि  ने रोड रेस प्रतियोगिता के शुभारंभ में हरी झंडी दिखाई |

पुनः शहर के गणमान्य सहित एएसपी राजेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार निराला, मधेपुरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, सिंडिकेट सदस्य डॉ.जवाहर पासवान, साहित्यकार डॉ.काश्यप, डॉ विनय चौधरी, डॉ अरुण कुमार, श्रीसंत कुमार, अरुण कुमार आदि ने पुष्पांजलि करने के बाद अपने-अपने उद्गार व्यक्त किए |

कार्यक्रम का समापन प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आए धावक एवं धाविकाओं को “रनिंग शूज व जर्सी” देकर किया गया | कार्यक्रम का संचालन पी.यदुवंशी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ.आलोक कुमार ने |

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अलविदा, पारले-जी !

सुबह की चाय अब फीकी लगेगी, पड़ोस की छोटी दूकान से लेकर बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर तक आँखें अनायास ही उसे ढूंढेंगी पर वो नहीं मिलेगी… जी हाँ, बचपन की यादों का एक कोना हमेशा के लिए सूना कर ‘पारले-जी’ बंद हो गया। ‘पारले-जी’, जो कहने को एक बिस्कुट था पर किसी जिगरी दोस्त से कम ना था। ना जाने कितनी एकाकियों और कितनी ही यात्राओं में साथ निभाया था उसने। पर बाज़ार के बदले समीकरणों में वो टिका ना रह पाया। पिछले महीने के आखिर में मुंबई के विले पार्ले स्थित पारले-जी की 87 साल पुरानी फैक्ट्री आखिरकार बंद हो गई। फैक्ट्री बंद होने का कारण इसके प्रोडक्शन का कम होना बताया जा रहा है।

अपने जमाने के इस मशहूर बिस्कुट का ‘पारले-जी’ नामकरण इसकी फैक्ट्री के विले पार्ले में होने के कारण हुआ था, पर ज्यों-ज्यों इसका नाम और स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़ता गया, ये बिस्कुट विले पार्ले का पर्याय होता चला गया। पता नहीं इस इलाके के लोग इसकी फैक्ट्री के बंद होने को कैसे पचा पाएंगे जब सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर हम सब इसके बंद होने पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि कम्पनी प्रबंधन ने फिलहाल 10 एकड़ में फैले और 300 कर्मचारियों वाले विले पार्ले यूनिट को ही बंद करने का फैसला किया है, पर निकट भविष्य में बाकी यूनिटें भी बंद की जा सकती हैं।

बहरहाल, बता दें कि ‘पारले प्रोडक्ट्स प्राईवेट लिमिटेड’ की ओर से इस फैक्ट्री की स्थापना 1929 में हुई थी पर शुरू में यहाँ मिठाईयाँ और टॉफियाँ बनाई जाती थीं। इस बिस्कुट का उत्पादन दस साल बाद यानि 1939 में शुरू किया गया था। अपने उत्पादन के समय से ही ये बिस्कुट ग्लूकोज युक्त एनर्जी बूस्टर के तौर पर पूरे देश में जानी जाने लगी। शुरू में इस बिस्कुट को ‘ग्लूको’ नाम से बाजार में उतारा गया था। लेकिन, बाद में इसका नाम बदलकर ‘पारले-जी’ रख दिया गया। स्मरण करा दें कि पारले-जी का ‘जी’ जीनियस का छोटा संक्षिप्त रूप था।

बता दें कि पारले-जी भारत में बिकने वाला सबसे बड़ा बिस्कुट ब्रांड था। देश में बिस्कुट के 40% बाजार पर इसका कब्जा था। 2009-10 के आंकड़ों के अनुसार ‘पारले-जी’ की बिक्री दुनिया के चौथे सबसे बड़े बिस्कुट उपभोक्ता मुल्क चीन से भी ज्यादा थी। भारत से बाहर ये यूरोप, ब्रिटेन, कनाडा आदि में भी उपलब्ध था। ये अकेला एक ऐसा बिस्कुट था जो शहर और गांव दोनों जगह एक ही मूल्य पर बिकता था और इसकी लोकप्रियता दोनों ही जगह एक समान थी।

इस बिस्कुट की लोकप्रियता का बड़ा कारण इसका विज्ञापन का तरीका था जो 80 के दशक में सबसे अलग था। ये वो दौर था जब आम आदमी के जीवन में टेलीविजन का नया-नया प्रवेश हुआ था। टेलीविजन की चमकदार जीवन शैली जब अपने साथ विज्ञापन को भी लेकर आई तो आम भारतीय उस जादू में खो-सा गया। इसी दौर में ‘पारले-जी’ ने तकनीक के साथ नये प्रयोग किए। साल 1979 में उसने एनिमेशन के द्वारा एक छोटी-सी बच्ची की तस्वीर को अपने पैकेट पर अंकित किया। ये तस्वीर ‘पारले-जी’ की लोकप्रियता का बड़ा आधार साबित हुई। अब भी लोगों के जेहन में वो बच्ची बसी हुई है और इस आधुनिक युग में भी उस तस्वीर के एनिमेटेड होने पर किसी को यकीन नहीं आता। सोचिए इस बिस्कुट का कैसा जादू था लोगों पर।

एक नहीं, दो नहीं बल्कि तकरीबन छह पीढ़ियों को अपने मोहपाश में बांधे रखने वाले ‘पारले-जी’ को चलिए बड़े प्यार से अलविदा कहें।

पुनश्च:

कम्पनी के प्रबंधन का दावा है कि उत्पादन लगातार गिर रहा था। इसका मतलब है कि बाज़ार में कम्पनी की डिमांड गिर रही थी, जिससे उत्पादन कम हो रहा था। लेकिन बिस्कुट बाज़ार में जिस कम्पनी की तूती बोलती हो उसके लिए यह बात पचती नहीं कि बाज़ार में बिस्कुट की डिमांड कम हो रही थी। दूसरी बात ये कि क्या सिर्फ मुंबई यूनिट का उत्पादन गिर रहा था या फिर देश भर में जहाँ पारले का उत्पादन होता है, उन यूनिटों की भी यही स्थिति है? अगर दूसरी जगहों पर इस तरह की बात नहीं थी तो मुंबई में यह कैसे हो सकता है? कहीं फैक्ट्री बंद होने के पीछे रीयल स्टेट बाज़ार का दबाव तो काम नहीं कर रहा? हम इस बात को नज़रअंदाज नहीं कर सकते कि मुंबई के इस उपनगर में जमीन 25 से 30 हज़ार रुपये प्रति स्क्वायर फीट की दर से बिक रही है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

 

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इप्टा मधेपुरा द्वारा प्रेमचन्द की जयन्ती मनायी गई

बी.पी.मंडल नगर भवन में मधेपुरा द्वारा महान उपन्यासकार व कथाकार प्रेमचन्द की जयंती इप्टा-अध्यक्ष डॉ.नरेश कुमार की अध्यक्षता में धूमधाम से मनायी गई | इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा स्थल-चित्रकारी प्रतियोगिता आयोजित की गई | साथ ही  प्रेमचन्द रचित कहानी ‘सद्गति’ पर आधारित नाटक का सफल मंचन सुभाष चंद्रा की टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया |

प्रेमचन्द की 136 वीं जयंती समारोह का शुभारंभ उद्घाटनकर्ता डी.एम. मो.सोहैल, मुख्यअतिथि एस.पी. विकास कुमार, इप्टा के संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, प्राचार्या चंद्रिका यादव, डॉ.नरेश कुमार आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर किया |

इस अवसर पर उद्घाटनकर्ता जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि महान कथाकार प्रेमचन्द ने अपने समस्त साहित्य में सामंतवाद और पूंजीवाद को बेनकाब करने का स्तुत्य प्रयास किया है | साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रेमचन्द ने भारत की गंगा-जमुनी संस्कृति की गहराई को करीने से उकेरा है |

मुख्य अतिथि जाँवाज एसपी विकास कुमार ने कहा कि न्याय व शांति बनाये रखने में प्रेमचन्द की रचनाएं समाज की हकीकत बयाँ करती रही हैं | उन्होंने कार्यक्रम की हृदय से सराहना की |

समारोह को संबोधित करते हुए जहां इप्टा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो.शचीन्द्र ने प्रेमचन्द के सपनों को साकार करने का व्रत लिया वहीँ इप्टा के संरक्षक डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में ‘इप्टा’ नाम देने वाले विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ.होमी जहांगीर भाभा को एटॉमिक एनर्जी के क्षेत्र में भारत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ‘भारतरत्न’ से सम्मानित किए जाने की पुरजोर वकालत की  | हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ.इंद्र नारायण यादव एवं माया विद्या निकेतन प्राचार्या चंद्रिका यादव ने भी अपने उद्गार व्यक्त किये |

The youngest kid Aditya from Kid Zee Madhepura receiving medal & certificate at BP Mandal Townhall , Shahid Chulahay Marg Madhepura.
The youngest kid Aditya from Kid Zee Madhepura receiving medal & certificate at BP Mandal Townhall , Shahid Chulahay Marg Madhepura.

चित्रकारी प्रतियोगिता में तीन छात्राएं प्रशहित, रीमा एवं सीमा को तथा सबसे कम उम्र के प्रतिभागी किडजी स्कूल के आदित्य एवं एस.एन.पी.एम. की छात्रा शशि तब्बसुम को प्रो.शचीन्द्र, डॉ.मधेपुरी, प्राचार्या चंद्रिका यादव व निरंजन कुमार आदि ने मेडल एवं प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत तथा सम्मानित किया | अंत में डॉ.आलोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

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प्रभात खबर द्वारा प्रतिभा सम्मान- 2016 आयोजित

विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में प्रभात खबर द्वारा शहर एवं गांव के स्कूली प्रतिभावान बच्चे-बच्चियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया | समारोह का उद्घाटन कोसी प्रमंडल के आयुक्त के.जंगबहादुर (I.A.S.) ने दीप प्रज्वलित कर किया | इस अवसर पर मधेपुरा जिले के गण्यमान्यों सहित डायनेमिक डी.एम. एवं एस.पी. भी उपस्थित थे |

जिले के तेरहो प्रखंड के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को गण्यमान्यों द्वारा पुरस्कृत किया गया |

इस अवसर पर स्कूली बच्चे-बच्चियों द्वारा गीत-संगीत के बेहतरीन कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी की गई | गणमान्यों द्वारा बच्चों को सीख एवं संदेश भी दियें गये | डी.एम. मो.सोहैल ने कहा कि जिले के पदाधिकारीगण को एक-एक स्कूल गोद लेने का निर्देश दिया गया है |

लगभग 5 घंटे तक चले इस कार्यक्रम में बच्चे-बच्चियों को जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी एवं अन्य गणमान्यों द्वारा पुरस्कृत किया गया | सबों ने प्रभात-खबर की सराहना की और मंच संचालक मानवजी ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह समाप्ति की घोषणा की |

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प्रेमचन्द जयंती पर एकल काव्य पाठ

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मलेन संस्थान के ‘अम्बिका सभागार’ में 31 जुलाई (रविवार) को महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचन्द की जयंती पर सुकवि अरविंद ठाकुर (सुपौल) द्वारा समकालीन प्रेम कविताओं का एकल पाठ किया गया |

समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने की, आशीर्वचन संस्थापक कुलपति डॉ.रामेन्द्र कुमार यादव रवि एवं प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल ने दिया और अंगवस्त्रम, पाग एवं पुष्प गुच्छ से कवि अरविंद ठाकुर को सम्मानित किया संस्थान के सचिव डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने |

Sammelan Sachiv Dr.Bhupendra Madhepuri honouring Sukavi Arvind Thakur by presenting Angavastram, Paag and Bouquet at Kaushiki Ambika Sabhagaar Madhepura.
Sammelan Sachiv Dr.Bhupendra Madhepuri honouring Sukavi Arvind Thakur by presenting Angavastram, Paag and Bouquet at Kaushiki Ambika Sabhagaar Madhepura.

यह भी बता दें कि समारोह का श्रीगणेश सम्मेलन के सचिव डॉ.मधेपुरी ने, प्रेमचंद को दिये गये श्रद्धांजलि के दो शब्दों के साथ, सुकवि ठाकुर के जीवनवृत का विस्तार से पाठ किया | और सम्मेलन के अध्यक्ष श्री शलम ने कोसी अंचल के स्थापित कवि बलेन्द्र नारायण ठाकुर ‘विप्लव’ को स्मरण करते हुए कहा कि सुकवि अरविंद ठाकुर ने फिलहाल साहित्य के विभिन्न विधाओं में खुद को योग्य पिता का योग्यतम पुत्र साबित कर लिया है |

भू.ना.मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.रवि ने प्रेमचंद को याद करते हुए समयाभाव के कारण ‘गोदान’ के बाबत बस इतना ही कहा कि होरी की विकलता में महाकाव्यत्व की गरिमा है | साथ ही आशीर्वचन के रूप में सुकवि श्री ठाकुर की प्रेम कविताओं को ध्यान मग्न होकर सुनने के बाद उन्होंने कहा कि प्रेम कविताओं में शब्दों के सटीक चयन के साथ-साथ विचारों के प्रवाह की प्रखर अभिव्यक्ति से ऐसा लगा कि कवि श्री ठाकुर को भोगे हुए यथार्थ के प्रेम चित्रण में महारत हासिल है तभी तो खुली खिड़की भी दीवार बन जाती है |

प्रतिकुलपति डॉ.मंडल व साहित्यकार प्रो.मणिभूषण ने प्रेम-कविताओं की समीक्षा करते हुए कहा कि ‘प्रेम’ के साथ ‘विरह’ मिलकर ही जीवन को शास्वत गति प्रदान करता है | सहरसा से आये हास्य कवि केदारनाथ गुप्ता के अतिरिक्त स्थानीय कवि दशरथ प्रसाद सिंह ‘कुलिस’, राजू भैया, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.अरविंद श्रीवास्तव, संतोष कुमार नवल, उल्लास मुखर्जी, मयंक जी, आशीष कुमार मिश्रा, कुमारी रश्मि, राकेश द्विजराज, रतन स्वरूप, किशोर श्रीवास्तव, डॉ.अरुण कुमार आदि ने भी अपनी अपनी कविताओं से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया | डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप ने कवि गोष्ठी का मंच संचालन किया |

समारोह में व्यापार मंडल के अध्यक्ष योगेंद्र प्रसाद प्राणसुखका, तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार ‘सुमित्र’, प्राचार्य डॉ.हरिनंदन यादव, सम्मेलन के आजीवन सदस्य शिव जी साह, नवाचार मंडल के संचालक मो.शहंशाह, पूर्व कुलसचिव प्रो.शचीन्द्र, आचार्य योगेश्वर, जनपथ न्यूज़ टुडे के प्रतिनिधि विकास कुमार, डॉ.अर्जुन कुमार आदि प्रमुखरूप से अंत तक मौजूद रहे |

अंत में सचिव डॉ.मधेपुरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

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तेरी उड़ान में कभी विराम न हो…..!

कवि, साहित्यकार, संगीतकार के साथ-साथ बेमिसाल शिक्षक एवं महान वैज्ञानिक डॉ.ए.पी.जे अब्दुल कलाम का निधन 27 जुलाई, 2015 को तब हुआ जब उन्होंने शिलांग में- “पृथ्वी को रहने लायक कैसे बनाया जाय” विषय पर बोलते हुए अचानक पृथ्वी को ही अलविदा कह दिया |

उसी भारतरत्न डॉ.कलाम की पुण्यतिथि के अवसर पर मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के प्रधानाचार्य डॉ.अशोक कुमार की अध्यक्षता में एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसका विषय था- ‘ग्रामीण क्षेत्र के विकास में तकनीकी शिक्षा का योगदान’ तथा आयोजनकर्ता थे इसी कॉलेज के बी.सी.ए. एवं बी.बी.ए. के छात्रगण एवं बी.सी.ए. के शिक्षक प्रो.संदीप शांडिल्य |

गणमान्यों का परिचय कराते हुए प्रधानाचार्य डॉ.अशोक कुमार ने छात्र-छात्राओं से कहा कि इस कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी करेंगे जिन्होंने महामहिम राष्ट्रपति डॉ.कलाम की जीवनी तो लिखी ही है साथ ही राष्ट्रनिर्माता शिक्षक के रूप में उनका सानिध्य भी पाया है | मुख्य अतिथि उपकुलसचिव डॉ.नरेंद्र श्रीवास्तव व विशिष्ट अतिथि डॉ.शैलेश्वर प्रसाद, प्राचार्य डॉ.पूनम यादव आदि द्वारा उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी व अध्यक्ष डॉ.अशोक कुमार के साथ सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया गया |

Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute to Bharatratna Dr APJ Abdul Kalam at Madhepura College Madhepura .
Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute to Bharatratna Dr APJ Abdul Kalam at Madhepura College Madhepura .

यह भी बता दें कि सर्वप्रथम डॉ.कलाम के तैलचित्र पर माल्यार्पण करते हुए उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रतिदिन शाम में रामेश्वरम के गली वाली मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद वह नन्हा बालक कलाम रामेश्वरम की शिव मंदिर की परिक्रमा करता और लगे हाथ समुद्र के किनारे जाकर बालू के ढेर पर बैठकर आकाश में उड़ते पंछियों से यही कहता- ऐ पंछियों ! तेरी उड़ान में कभी विराम नहीं हो तुम झील के पानी की तरह रूकना नहीं….! डॉ.मधेपुरी ने उनके साथ बिताए अविस्मरणीय क्षणों का विस्तार से चर्चा करते हुए छात्रों को ढेर सारे संदेश दिए |

मुख्य अतिथि डॉ.श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि डॉ.प्रसाद, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार एवं प्राचार्या डॉ.पूनम यादव, प्रो.संदीप शांडिल्य ने छात्र-छात्राओं को कलाम के बताए गए मार्ग पर चलने के बहुतेरे संदेश दिये | सबों ने एक स्वर से यही कहा कि जब तक युवजन मानसिक रुप से विकसित नहीं होंगे तब तक गांव- शहर, प्रदेश और देश विकसित नहीं होगा |

सेमिनार में प्रो.विभाष चंद्र, प्रो.मनोज भटनागर, प्रो.मुस्ताक अहमद सहित गरिमा, उर्वशी व अन्य कई छात्र-छात्राओं ने भी अपना उद्गार व्यक्त किया | अंत में डॉ.कलाम की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया |

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जारी है कोसी-गंगा व महानंदा का कहर

कोसी, पूर्णिया और पूर्वी इलाकों में कोसी-गंगा व महानंदा के बढ़ते जलस्तरों के कारण बाढ़ की भयावह स्थिति हो गई है | हर तरफ डूबने से लोगों की मौत हो रही है |

यह भी बता दें कि कोसी में पानी बढ़ने से इंडो-नेपाल सीमा बांध लगभग 30 मीटर तक बह गया है | इस सीमा बांध के टूटने से भारतीय भूमि पर 100 एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई है | साथ ही कोसी के कटाव से सहरसा-मानसी रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन बंद हो गया है |

यह भी जान लें कि मधेपुरा के चौसा और आलमनगर प्रखंड की क्रमशः छह एवं तीन पंचायतें बाढ़ की चपेट में है | हर ओर एसडीआरएफ एवं मेडिकल-टीम को तैनात कर दिया गया है |

सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड के डरहरा गांव में तेज कटाव के चलते गांव पर खतरा मंडरा रहा है | अररिया जिलें में ढाई सौ से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं | हजारों एकड़ की फसलें बर्बाद हो गई है | सड़कों पर 3 फीट तक पानी बह रहा है | विगत 24 घंटे के दौरान पूर्णिया-कटिहार जिले में 8 लोगों के मरने की खबर है |

एक तरफ जहां बाढ़ प्रभावित इलाकों में सबसे ज्यादा संकट शौचालय और पशुओं की चारा को लेकर है वहीं दूसरी तरफ लोग जान-जोखिम में डालकर पुराने नाव की सवारी करते हैं | और इस सबके बावजूद सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में 24 घंटे नजर रखने के निर्देश सभी अधिकारियों एवं विभागीय कर्मियों को दिये जा रहे हैं |

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