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क्या मोदी की नोटबंदी से देश को मिलेगी आर्थिक आजादी ?

8 नवम्बर 2016 से देश में 500 और 1000 के नोट पर जैसे ही मोदी सरकार द्वारा नोट ऑफ इंट्रोगेशन (?) लगायी गई, वैसे ही अखबार नबीसों द्वारा बुद्धिजीवियों, अर्थशास्त्रियों, व्यापारियों एवं शिक्षाशास्त्रियों की गोष्ठियां बुलाई जाने लगी- जिसमें लोगों द्वारा भोगी जा रही परेशानियों के बावजूद नोटबंदी के कारण “कालेधन” पर चोट और देश को मिलने वाली आर्थिक आजादी की चर्चाएं शुरु हो गई |

चन्द नेताओं को छोड़कर भारत के सवा सौ करोड़ लोग देश को आगे ले जाने के लिए परेशानियों की गठरियाँ माथे पर लिए और नोटबंदी की सराहना करते हुए एक दूसरे के पीछे सड़कों पर लाइन में खड़े दिखाई देने लगे |

यह भी बता दें कि 5 हफ्ते बीत जाने के बाद भी यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा | तभी तो स्थानीय पार्वती सायंस कॉलेज में- “नोटबंदी एक आर्थिक क्रान्ति” विषय पर नवगठित “उड़ान फाउंडेशन” के बैनर तले रविवार को एक परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन अध्यक्ष डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, पी.एस. कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य सह संयोजक डॉ.रामचन्द्र प्रसाद मंडल एवं मुख्य अतिथि मंडल विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री प्रो.प्रज्ञा प्रसाद ने सम्मिलितरुप से किया |

इस अवसर पर परिचर्चा में भाग लेते हुए सभी शिक्षाविदों ने नोटबंदी के पक्ष में अपना विचार व्यक्त किया | जहां प्रखर वक्ता डॉ.रामचन्द्र प्रसाद मंडल सहित प्रो.प्रज्ञा प्रसाद, वेदव्यास कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आलोक कुमार, चर्चित समाजशास्त्री डॉ.आलोक कुमार, पूर्व प्राचार्य सोनेलाल कामत आदि ने कहा कि नोटबंदी का निर्णय आतंकवाद एवं नक्सलवाद सरीखे अन्य चरमपंथी मानवता विरोधी ताकतों को कमजोर करनेवाला है वहीँ प्रखर साहित्यकार डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप, प्रो.मणि भूषण वर्मा एवं दशरथ प्रसाद सिंह सहित डा.मधुसूदन यादव, प्रो.ऋषिदेव अद्री, राहुल यादव, मो.राही आदि ने नोटबंदी को कालेधन पर अंकुश बताया |

यह भी जानिये कि ग्रामीण परिवेश से आये बड़गांव के चाणक्य मिश्र ने तो नायाब विचार व्यक्त करते हुए यही कहा कि दवाई की तरह यदि नोट पर भी एक्सपाइरी डेट (10 वर्ष का) अंकित कर दिया जाय तो नोट सदा गतिशील रहेगा बल्कि पूर्व जैसा ठहरा हुआ कालाधन बनकर कभी मुंह काला नहीं होने देगा |

अंत में अपने अध्यक्षीय संबोधन के आरम्भ में जहां डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने “उड़ान फाउंडेशन” के लिए यही कहा कि तेरी उड़ान में कभी विराम ना हो वहीँ नोटबंदी के बाबत डॉ.मधेपुरी ने कहा- जहां नोटबंदी नमो की राष्ट्रीय क्रांति है वहीँ शराबबंदी नीतीश की समाजिक क्रान्ति |

मौके पर उपेन्द्र रजक, मो.राही, एस.एस.भारती, गणेश कुमार, आनंद कुमार, प्रो.विश्वमोहन प्रसाद, नंदन कुमार आदि की उपस्थिति देर तक बनी रही | अंत में रुद्र नारायण यादव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ विचार गोष्ठी के समापन की घोषणा कर दी गई |

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मधेपुरा चल पड़ा हिन्दी शब्द स्पर्धा की नई राह पर

हिन्दी को ऊंचाई प्रदान करने हेतु जिले के 27 स्कूलों के वर्ग- 1 से 10 तक के स्कूली बच्चों के बीच द्वितीय अन्तर विद्यालय हिन्दी शब्द स्पर्धा- 2016 का वृहत आयोजन पार्वती सायंस कॉलेज के बड़े-बड़े हॉल में किया गया जिसमें छोटे-बड़े 625 बच्चों के छह अलग-अलग ग्रुपों में अलग-अलग रोचक प्रश्न-पत्रों के साथ परीक्षाएं ली गई |

वे छह ग्रुप इस प्रकार हैं- किडोज-1, किडोज-2, सब-जूनियर (तृतीय-चतुर्थ वर्ग), जूनियर (पंचम-षष्टम वर्ग), सीनियर (सप्तम-अष्टम वर्ग) और सुपर सीनियर (नवम-दशम वर्ग) |

यह भी बता दें कि प्रारंभिक परीक्षा 11 दिसंबर को संपन्न हुई तथा फाइनल 18 दिसंबर को उन्हीं छात्रों की परीक्षा ली जायेगी जो इस परीक्षा में क्वालीफाय करेंगे | फाइनल परीक्षा में सभी छह कोटियों में टॉप 10 यानि कुल 60 प्रतिभागी छात्रों को मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्रों के साथ निर्धारित की जानेवाली तिथि को उत्सवी माहौल में समारोहपूर्वक पुरस्कृत किया जायगा |

बता दें कि आरम्भ में जब इंगलिश स्पेलिंग बी. चैंपियनशिप का यहां आयोजन किया गया था तभी पुरस्कार वितरण के दरमियान मधेपुरा के तत्कालीन एस.पी.  कुमार आशीष (भा.पु.से.) ने समाजसेवी-साहित्यकार व संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित अध्यक्ष व कुलानुशासक डॉ.विश्वनाथ विवेका एवं सचिव सावंत कुमार रवि – सोनीराज आदि से इसे हिन्दी में भी कराने की पुरजोर चर्चाएं की  थी और तभी से इसकी लोकप्रियता बढ़ती चली जा रही है- यानि हिन्दी शब्दों के प्रति जागरूकता आने से वे शुद्ध-शुद्ध लिखने-पढ़ने और शुद्ध उच्चारण के साथ बोलने लगे हैं |

हिन्दी शब्द स्पर्धा की इस द्वितीय प्रारंभिक परीक्षा को संपन्न करने में अन्त तक देखे गये- संरक्षक डॉ.मधेपुरी, पीएस कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ.रामचंद्र प्रसाद मंडल, सचिव सावंत कुमार रवि सहित कोषाध्यक्ष सोनी राज, अमित कुमार अंशु, विजय कुमार, रजाउल आलम, मनीष राज, रवि कुमार, अजय कुमार गोविंद एवं रियांशी-शिल्पी-कोमल-शिल्पा आदि |

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भूख मानवाधिकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती

बिहार मानवाधिकार आयोग एवं मधेपुरा जिला प्रशासन के तत्वावधान में समाहरणालय सभा-भवन में आयोजित “अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस” का उद्घाटन मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल, मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमती मंजू देवी, अध्यक्षता एडीएम मो.मुर्शीद आलम एवं संचालन समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने किया |

यह भी बता दें कि विषय प्रवेश करते हुए सर्वप्रथम डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में “भूख” को मानवाधिकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि यू.एन.ओ. द्वारा सर्वप्रथम 10 दिसंबर, 1948 को मानवाधिकारों की घोषणा की गई-

“प्रत्येक व्यक्ति स्वतंत्र पैदा होता है और उसे गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए समान अधिकारों की जरूरत होती है |” 

Dr.Bhupendra Madhepuri delivering speech at Samaharnalaya Sabha Bhawan Madhepura.
Dr.Bhupendra Madhepuri delivering speech at Samaharnalaya Sabha Bhawan Madhepura.

उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक समानता के लिए संघर्ष के साथ-साथ दासता-वेदना एवं अमानुषिक अत्याचार को निर्मूल करने हेतु आज के दिन हमें संकल्प लेना होगा |

आगे कोशी वूमन डिग्नीटी फोरम की अध्यक्षा डॉ.शांति यादव ने विस्तार से मानवाधिकारों पर चर्चा करते हुए अंत में कहा कि भोजन का अधिकार, काम करने का अधिकार तथा शिक्षा का अधिकार भी मानवाधिकार के अंतर्गत समाहित है | डॉ.यादव ने यह भी कहा कि मानवाधिकार मूलतः एक पाश्चात्य संकल्पना है जिसकी जड़ें भारत में भी गहराती गई हैं |

जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी ने गरीबों के कार्यो को जल्द निष्पादित करने हेतु कार्यालय कर्मियों को सलाह दी और साधुवाद भी | समाजसेवी मो.शौकत अली, मो.महताब, विजय कुमार झा सहित कई अधिकारी-पदाधिकारी ने इस अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति को कम-से-कम दस-दस व्यक्तियों को जागरुक करने हेतु संकल्प लेने की बातें कही |

अंत में जिलाधिकारी मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने उदघाटित करते हुए अपने संबोधन में यही कहा कि ‘मनुष्याधिकार’ की जगह ‘मानवाधिकार’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि स्त्री, पुरुष व नपुंसक तीनों मिलाकर मानव कहलाता है | उन्हीं तीनों यानी मानव के लिए सेवा के अधिकार की, सम्मान की रक्षा करना ही मानवाधिकार के दायरे में आता है |

अंत में डॉ.मधेपुरी द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अल्पाहार पैक के साथ समारोह समाप्ति की घोषणा की गई |

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आगे बढ़ने के लिए पढ़ना पड़ता है और………..!

हॉली क्रॉस स्कूल द्वारा वार्षिक खेलकूद समारोह- 2016 को ऐसा उत्सवी माहौल का स्वरूप सचिव गजेन्द्र कुमार एवं प्राचार्या डॉ.वन्दना कुमारी द्वारा दिया गया जैसा यह स्कूल पूरे साल भर बच्चों के पठन-पाठन हेतु नित्य नये-नये उत्साहवर्धक व्यवहारिक प्रयोगों को जुटाने में लगा रहता है |

यह भी बता दें कि उद्घाटन सत्र के आरम्भ में जहां स्कूली बच्चे-बच्चियों द्वारा पुष्प-पंखुड़ियों व पुष्पांजलियों द्वारा उद्घाटनकर्ता के रूप में जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल, मुख्य अतिथि की भूमिका में समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं स्पेशल गेस्ट के रुप में सिविल जज श्री नीरज कुमार का भाव-भीनी स्वागत किया गया वहीं मंचासीन होने पर स्कूल-परिवार की ओर से अंगवस्त्रम व पुष्पगुच्छादि के साथ “अतिथि देवोभव” की तरह सुस्वागतम गीत अर्पित किया गया | लगे हाथ प्राचार्या डॉ.वन्दना कुमारी ने स्वागत भाषण के दरमियान कहा कि बच्चे-बच्चियों के बेहतरीन भविष्य के लिए यह विद्यालय अहर्निश काम करता है |

From LtoR Judge Sri Neeraj Kumar, DM Md.Sohail and Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri inaugurating annual function at Holy Cross School Madhepura.
From LtoR Judge Sri Neeraj Kumar, DM Md.Sohail and Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri inaugurating annual function at Holy Cross School Madhepura.

उद्घाटन भाषण देते हुए डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने कहा कि हॉली क्रॉस जिले के सर्वश्रेष्ठ स्कूल कहलाने योग्य है | यहां के छात्र मेडिकल व इंजीनिरिंग में कम्पीट करने लगे है | इसके लिए उन्होंने स्कूल के शिक्षकों एवं प्रबंधन को बधाई दी |

डॉ.मधेपुरी ने अपने सम्बोधन में कहा कि आगे बढ़ने के लिए पढ़ना पड़ता है और स्वस्थ रहने के लिए खेलकूद में भाग लेते रहना पड़ता है | उन्होंने डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए कहा कि सूरज की तरह चमकने के लिए सूरज की तरह जलना पड़ता है |

खेलकूद प्रतियोगिता में दौड़, लम्बी कूद, शॉट पुट, जेबलीन थ्रो, कबड्डी आदि में विभिन्न वर्गों की छात्र-छात्राओं ने भाग लिया | 50 मीटर दौड़ में प्रथम-द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रही- अन्नु-संध्या रानी एवं रत्ना भारती……….|

मौके पर एएसपी राजेश कुमार, स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव, टेबल टेनिस के प्रदीप श्रीवास्तव, क्रिकेट के त्रिदीप गांगुली, खेलगुरु संत कुमार, संजीव कुमार, व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अशोक चौधरी, माया विद्या निकेतन की प्राचार्या चन्द्रिका यादव, पत्रकार पृथ्वीराज यदुवंशी, ब्यूरोचीफ जागरण धर्मेन्द्र भारद्वाज, ब्यूरोचीफ प्रभात खबर रुपेश कुमार, दिलखुश, प्रवीर आशीष कुमार आदि सहित छात्र-छात्राएं शिक्षक-अभिभावक उपस्थित देखे गये |

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वैशाली राज्यस्तरीय युवा उत्सव में मधेपुरा की धमक !

जहां कुछ ही महीने पूर्व मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल की टीम ने बी.एन.मंडल स्टेडियम में राज्यस्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता को राष्ट्रीय स्तर की ऊंचाई प्रदान करने में सफलता पाई और बालक-बालिका दोनों वर्गों के खिलाड़ियों की दमदार प्रदर्शन कर फाइनल में भी अपना जगह बनाई- वहीं वैशाली जिले में आयोजित हो रहे त्रिदिवसीय राज्यस्तरीय युवा उत्सव में मधेपुरा जिले की धमाकेदार उपस्थिति दर्ज कराने डी.एम. मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने कला स्थायी समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं मो.शौकत अली की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर (15-35 वर्ष वाले) सभी प्रतिभागी कलाकारों को यह कहते हुए विदा किया कि सभी कलाकार पूरे अनुशासन में रहकर मधेपुरा जिला का नाम रोशन करेंगे और कोई किसी तरह की परेशानी महसूसेंगे तो समाधान के लिए सीधे हमसे बात करेंगे |

यह भी बता दें कि शास्त्रीय नृत्य व संगीत में श्रेष्ठता प्राप्त स्वर शोभिता महाविद्यालय की हेम-लता की टीम से लेकर नाटक में मो.शहंशाह की टीम सहित वाद्य-वादन एवं सुगम संगीत आदि अन्य विधाओं में अपनी धमाकेदार उपस्थिति तथा प्रस्तुति देने हेतु दो बसों में तक़रीबन सौ के लगभग कलाकार सवार हुए | एक बस में महिला कलाकारों ने जगह ली इसका नेतृत्व स्थाई समिति की सदस्या श्रीमती रेखा यादव एवं दूसरी बस पुरुष दल के लिए जिसका नेतृत्व नवोदय विद्यालय के आचार्य डॉ.रवि रंजन के हाथों सौंपा गया | मौके पर कलाकारों के उत्साह वर्धन के लिए मधेपुरा के दर्जनों कलाप्रेमी लोग उपस्थित थे |

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आर्ट्स टीचिंग प्वाइंट का शुभारम्भ

सदर प्रखंड के भर्राही बाजार के आस-पास के साधारण एवं गरीब परिवार के छात्र-छात्राओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने और नियमितरुप से कम खर्च में सोशल सायन्स के विषयों को सुव्यवस्थित ढंग से पढ़ाने के लिए गुलशन कुमार, अंशुमन कुमार, मुकेश कुमार आदि का यह सोच समाज को आगे ले जाने में सहयोग करता रहेगा |

इस नायाब कार्यक्रम में समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा मुख्यअतिथि व शिक्षानुरागी सूर्य नारायण मंडल की उपस्थिति में उद्घाटन करते हुए उपस्थित बच्चे-बच्चियों व अभिभावकों को बिहार के प्रथम विधि मंत्री शिवनन्दन प्रसाद मंडल के अन्तर्मन में सदा पलते रहे विचारों से अवगत कराया और कहा-

Educate your children, Educate all of your children and Educate everyone of your children.       

इसके अतिरिक्त उद्घाटन कर्ता डॉ.मधेपुरी ने शिवनंदन बाबू के जीवन के सर्वश्रेष्ठ दर्शन को दर्शकों के सामने परोसते हुए कहा-

No soul should remain uneducated on the Earth.     

मुख्य अतिथि के रुप में सूर्य नारायण मंडल ने यही कहा कि शिक्षा के विकास के प्रति हम सजग रहे हैं और ताजिन्दगी सजग रहेंगे |

इस अवसर पर स्थानीय विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी द्वारा मेडल व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया | सम्मानित होने वाली छात्राएं- लूसी-सोनी-पूजा भारती-रुपम-मनीषा-कल्पना आदि रही | अंत में निदेशक गुलशन कुमार द्वारा उपस्थित अभिभावकों सुरेंन्द्र प्रसाद गुप्ता, उपेन्द्र साह, मृत्युंजय कुमार, विवेक सिंह आदि से सहयोग की कामना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया |

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मधेपुरा में अंबेडकर की पुण्यतिथि पर महोत्सवी धूम

एक ओर जहाँ डायनेमिक डी.एम. मो. सोहैल एवं डीडीसी मिथिलेश कुमार की टीम ने समाहरणालय स्थित बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर भारत के संविधान निर्माता के रूप में सदा याद किए जाएंगे वहीं दूसरी ओर अंबेडकर की पुण्यतिथि पर टी.पी. कॉलेज के अंबेडकर कल्याण छात्रावास में प्रधानाचार्य डॉ. एच.एल.एस. जौहरी, छात्रावास अधीक्षक डॉ. जवाहर पासवान, प्रो. दयानंद यादव सहित प्राध्यापकों एवं छात्रों ने विस्तार से उनके जीवन-संघर्ष की चर्चा कीं तथा समाज की बेहतरी के लिए उनके जीवन-दर्शन को सामाजिक धरातल पर उतारने की सीख दी।

यह भी बता दें कि जहाँ एक ओर विभिन्न संगठनों सहित जनाधिकार पार्टी से लेकर पी.एस. कॉलेज में एबीवीपी द्वारा अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक ले जाने के लिए मधेपुरा में कार्यक्रमों की झड़ी लगा दी गई, वहीं स्थानीय शिवनंदन प्रसाद मंडल विधि महाविद्यालय में जदयू के बैनर तले जदयू के जिलाध्यक्ष प्रो. विजेन्द्र नारायण यादव की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जदयू के उक्त कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने डॉ. अंबेडकर के जीवन-दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि बिना संघर्ष के कोई भी परिवर्तन संभव नहीं है। डॉ. मधेपुरी ने जिला महिला सेल की अध्यक्षा मीना, डॉ. रत्नदीप, मंच संचालक डॉ. नीलाकांत, जिला संगठन प्रभारी भगवान चौधरी सहित विधायक रमेश ऋषिदेव, नरेश पासवान, कमल राम, हरिनंदन यादव, अशोक चौधरी एवं शिवनारायण-अमलेश-प्रदीप सरीखे उपस्थित जुझारू कार्यकर्ताओं एवं वक्ताओं को संबोधित करते हुए मधेपुरा के अतीत की विस्तार से चर्चा की और कहा कि बिना अतीत को जाने हम ना तो अपने भविष्य को गढ़ सकते हैं और ना वर्तमान में एक कदम आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने अंबेडकर के साथ-साथ रासबिहारी लाल मंडल, शिवनंदन प्रसाद मंडल, भूपेन्द्र नारायण मंडल, बी.पी. मंडल, संविधान सभा सदस्य कमलेश्वरी प्रसाद यादव आदि महापुरुषों द्वारा सामाजिक उत्थान में किए गए कार्यों की भी विस्तार से चर्चा की। अंत में देश की एकता एवं अखंडता के संकल्प के साथ डॉ. नीलाकांत ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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मधेपुरा कॉलेज में मना भव्य एनसीसी दिवस

एक ओर जहां जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में एनसीसी दिवस के अवसर पर पोस्टर निर्माण से लेकर पौध रोपण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता सहित भिन्न-भिन्न प्रकार के आयोजन किये गये वहीं मधेपुरा कॉलेज में प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार द्वारा आयोजित दो दिवसीय आयोजन का उद्घाटन समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने दीप प्रज्वलित कर किया |

The audience enjoying N.C.C. Day celebrations- 2016 in the Hall of Madhepura College , Madhepura
The audience enjoying N.C.C. Day celebrations- 2016 in the Hall of Madhepura College , Madhepura.

यह भी बता दें कि एनसीसी दिवस की पूर्व संध्या पर कॉलेज के एनसीसी कैडेटों की साइकिल रैली को प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जो भूपेन्द्र चौक, बी.पी. मंडल चौक, कर्पूरी चौक, सुभाष चौक होते हुए पूरे शहर का परिभ्रमण किया |

और जहां एनसीसी दिवस पर स्वागताध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन करते हुए प्राचार्य ने उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी, अध्यक्ष ओमप्रकाश भारती सहित विशिष्ट अतिथिद्वय डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.सिद्देश्वर काश्यप के साथ-साथ लेफ्टिनेंट प्रो.गौतम कुमार व रंगकर्मी विकास कुमार को यथायोग्य संबोधन के साथ स्वागत करते हुए कहा कि एनसीसी कैडेट सदैव समर्पण व कर्मठता के साथ समाज निर्माण से लेकर राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं, वहीं कार्यक्रम का आरंभ करते हुए डॉ.काश्यप ने “माँ तुम्हें हर सलाम है” गजल को तरन्नुम में गाकर समा बांध दिया और लगे हाथ डॉ.चौधरी ने अपने संबोधन में यही कहा कि देश की अस्मिता युवा पीढ़ी से ही सुरक्षित है |

उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने एनसीसी दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि आज 1 दिसंबर को 3 दिवसों का संगम है- पहला एनसीसी दिवस, दूसरा बीएसएफ स्थापना दिवस और तीसरा विश्व एड्स दिवस | डॉ.मधेपुरी ने तीनों दिवस के मूलमंत्र के बाबत संक्षेप में यही कहा- “जागरूकता ही एड्स का इलाज है” और बीएसएफ का सर्वमान्य कठिन मंत्र है- “Duty Unto Death” तथा एनसीसी का आधुनिक गीत है- “हम सब भारतीय हैं”- यदि युवावर्ग इन मंत्रों को अपने मन-प्राणों में उतार लें तो भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए एनसीसी से बेहतर कोई रास्ता नहीं |

Best performers and small kids "Misty & Danish" along with Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri, Pr.Dr. Ashok Kumar, Rangkarmi Vikash, Om Prakash Bharti & others.
Best performers and small kids “Misty & Danish” along with Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri, Pr.Dr. Ashok Kumar, Rangkarmi Vikash, Om Prakash Bharti & others.

समारोह के दूसरे सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लगा दी निर्देशक-रंगकर्मी विकास कुमार ने | मो.ए.वजाहत लिखित एकांकी- “देश को आगे बढ़ाओ” के सराहनीय मंचन के अतिरिक्त रिकॉर्डिंग पर अनेक देशभक्ति गीतों के साथ-साथ नृत्य करते छोटे-बड़े कलाकार- ‘मिस्टी’, ‘दानिश’, ‘समर’ आदि ने घंटो दर्शकों को बांधे रखा तथा खूब तालियां बटोरी |

और अंत में डॉ.मुस्ताक मोहम्मद, कुमार राम अवध, सत्यप्रकाश, राजकुमार, एनसीसी के सभी कलाकारों व जवानों की चर्चा करते हुए कौशल्या ग्राम में आयोजित इस दो दिवसीय एनसीसी दिवस समारोह में उपस्थित अतिथियों एवं सभी सुधी श्रोताओं को धन्यवाद व साधुवाद देते हुए अध्यक्ष के निर्देशानुसार उद्घोषक द्वारा कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गयी |

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संविधान दिवस पर लिया गया संविधान पालन का संकल्प

डॉ.भीमराव अंबेडकर के निर्देशन में 2 वर्ष 11 महीने 18 दिनों में हिन्दी तथा अंग्रेजी में हाथ से लिखकर तैयार किया गया भारतीय संविधान समस्त भारतवासियों को बेहतर जीवन जीने के लिए समृद्ध संवैधानिक संदेश 26 नवंबर, 1949 से निरन्तर देता चला आ रहा है |

इस अवसर पर जहां सिविल कोर्ट के न्यायिक पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं द्वारा संविधान दिवस पर “संविधान की रक्षा” का संकल्प लिया गया, वहीं प्रखंड से लेकर जिले के प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रुप से भारत के संविधान की उद्देशिका का एक स्वर से पाठ कर संकल्प लिया गया |

यह भी बता दें कि जहां मधेपुरा जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने यही कहा कि भारतीय संविधान संपूर्ण संसार में सराहनीय दृष्टि से देखा जाता है, अस्तु हम भारतीय नागरिकों का कर्तव्य बनता है कि हम सभी संविधान सम्मत कार्य करने के लिए संकल्पित हों- वहीँ समस्त प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों को यह कहा “कि संविधान सर्वोपरि है, इस पर कोई प्रश्न नहीं उठाया जा सकता” डी.एम.  ने संकल्प दिलाया –

“हम भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए…….. राष्ट्र की एकता……. अखंडता…….. बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प होकर…….. आज तारीख 26 नवंबर………… को एतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं |”

इस संविधान संकल्प के दरमियान डीडीसी मिथिलेश कुमार, सदर एसडीएम संजय कुमार निराला सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे | इस अवसर पर एस.एन.पी.एम. स्कूल के प्रधान डॉ.निरंजन कुमार, दुर्गा उच्च वि.घैलाढ के प्रधान सुभाष मोहन मिश्र आदि विभिन्न विद्यालयों के प्रधान के नेतृत्व में दिनभर विचार गोष्ठी, निबंध प्रतियोगिता, क्विज़ कॉन्टेस्ट एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता रहा | प्रत्येक कार्यक्रम से पूर्व छात्र-छात्राओं को संविधान के प्रस्तावना का पाठ कराया गया | संविधान दिवस के दिन उत्सवी माहौल रहा तथा छात्र-छात्राओं के बीच नई ऊर्जा का संचार भी होता रहा |

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सामाजिक क्रान्ति का श्रीगणेश होगा मद्यनिषेध से…..!

जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘नोटबंदी’ एक राष्ट्रीय क्रान्ति का रुप धारण कर चुका है वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का “शराबबंदी” सामाजिक क्रान्ति के स्वरुप में ढल चुका है |

यह भी बता दें कि मद्यनिषेध दिवस पर दिनभर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन होते रहे | प्रात: काल एस.एन.पी.एम. स्कूल के मैदान में “मद्यनिषेध मार्च” को प्रो.श्यामल किशोर यादव व डीपीओ सुरेंद्र प्रसाद ने हरी झंडी दिखाते हुए यही कहा कि नशाबंदी के आशातीत परिणाम सामने आने के बावजूद कुछ असामाजिक तत्व अभी भी इसके विरुद्ध सक्रिय हैं | नशाबंदी के बाबत वातावरण निर्माण में समन्वयक जानेश्वर शर्मा, स्काउट एण्ड गाइड के आयुक्त जय कृष्ण यादव, प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार, भीम शंकर सिंह, रेखा देवी, मुरलीधर यादव आदि को सक्रिय देखे गये |

वहीं संध्याकाल में बी.एन. मंडल स्टेडियम में लगे राष्ट्रीय व्यापार मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम हेतु बनाये गये मंच से शिक्षा व  मद्यनिषेद विभाग द्वारा आयोजित चित्रकला में सर्वश्रेष्ठ तीन प्रतिभागियों- संतोष कुमार, अंकिता काश्यप एवं ब्यूटी कुमारी तथा निबन्ध प्रतियोगिता में संदीप कुमार, रीतु रानी एवं कीर्ति लता आर्य को समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.शांति यादव एवं प्राचार्य डॉ.एच.एल.एस.जौहरी की मौजूदगी में जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) द्वारा सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर डी.एम. मो.सोहैल ने कहा कि प्रतिभाशाली छात्रों को हर जगह मिलता है सम्मान और साथ ही यह भी कि बिना पढ़ाई के बेहतर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती | अंत में उन्होंने आह्वान किया कि 21 जनवरी, 2017 को सभी लोग अपने-अपने घर से निकलकर नशाबंदी के पक्ष में ‘मानव श्रृंखला’ बनाएंगे |

मौके पर उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर राजकिशोर सिंह, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, मद्यनिषेध को समर्पित गंगा दास, स्काउट गाइड के जयकृष्ण यादव, प्रभारी डी.ई.ओ. शिव शंकर राय आदि मौजूद थे |

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