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देश की तरक्की के लिए युवा आगे बढ़ें- डॉ. मधेपुरी

भाग-दौड़ भरी जिंदगी के गुजरे वर्षों में साहुगढ़ गांव के एक सेवानिवृत सैनिक दिलीप यादव देश की सेवा करते-करते अब सामाजिक सेवा भी नायाब तरीके से कर लिया करते हैं | विगत 3 वर्षों से जयपालपट्टी चौक पर राधाकृष्ण स्वीट्स कॉर्नर चलाने वाले सैनिक दिलीप यादव अपने आस-पास से दुकान पर आनेवाले युवाओं पर नजर रखते हैं | उनमें देश प्रेम एवं सामाजिक सद्भाव की भावनाओं को परखते हैं | आचरण, विचार एवं व्यवहार में स्वयं को सर्वश्रेष्ठ साबित करनेवाले एक युवा को प्रतिवर्ष समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा सम्मानित करवाते हैं |

इस वर्ष भी जब लोग एक-दूसरे को नये वर्ष की शुभकामनाएं प्रेषित कर रहे होते हैं तभी सेवानिवृत्त सैनिक दिलीप यादव की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी शिक्षाविद डॉ.मधेपुरी के कर कमलों द्वारा, सैनिक श्री यादव के मापदंडों पर खड़ा उतरनेवाले, युवाश्री कक्कू कुमार को पुरस्कृत किया जा रहा होता है |

इस अवसर पर शिक्षाविद प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अरुण कुमार एवं वार्ड पार्षद ध्यानी यादव आदि की उपस्थिति में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि एक सैनिक द्वारा देश सेवा के बाद इस तरह समाजसेवा करते रहना निश्चय ही अनुकरणीय ही नहीं बल्कि सर्वाधिक प्रशंसनीय कार्य है | इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करना शहर के लिए अच्छी बात है | उन्होंने कहा कि अपसंस्कृतिवाद की चपेट में आकर युवावर्ग भटकाव की स्थिति में आ गया है- जिससे समाज कमजोर होता जा रहा है | अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि देश की तरक्की के लिए युवा वर्ग को आगे आना होगा |

यह भी कि प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अरुण कुमार एवं लोकप्रिय वार्ड पार्षद ध्यानी यादव ने अपने संबोधनों में यही कहा कि उपयोगी होने के बावजूद मोबाइल एवं कंप्यूटर के गलत इस्तेमाल से युवावर्ग द्वारा देश की तरक्की के लिए मिलनेवाली शक्ति कमजोर पड़ रही है | सबों ने बेहतर कल के लिए इस तरह के कार्यक्रमों की सराहना की | मौके पर प्रो.हरेकृष्ण यादव, पारो यादव, आनंद अग्रवाल, सीताराम यादव, शंभू यादव, ललन यादव, गजेंद्र-अभिषेक-श्रवण, सिंटू, विक्की आदि की उपस्थिति में वार्ड नंबर 18 के एक युवा कुणाल राज को भी विशेषरूप से सम्मानित किया गया |

                        (साभार दैनिक जागरण)

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मेहनतकशों की पीड़ा को महसूसता रहा दुष्यन्त !

किसान संसद के अध्यक्ष आद्यानंद यादव एवं सचिव शंभू शरण भारतीय द्वारा गजलकार दुष्यंत कुमार की पुण्यतिथि समारोह डी.आर.डी.ए. के झल्लू बाबू सभागार में आयोजित किया गया जिसका शुभारंभ तो किया डीडीसी मिथिलेश कुमार ने परंतु मुख्य अतिथि के रुप में डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, रुपेश रूपक, शम्भू नाथ अरुणाभ, ध्रुव नारायण सिंह राई, डॉ.विश्वनाथ सर्राफ, अभिनंदन मंडल, सियाराम मयंक, ई.हरिश्चंद्र मंडल सहित सभी कवियों की कविताओं एवं गज़लों में दलितों शोषितों और मेहनतकश किसानों की आहत भावनाओं की स्पष्ट झलक अंत तक देखने को मिलती रही |

मौके पर जिला आदिवासी कला केंद्र के संस्थापक संजय कुमार सहित भित्ति चित्रकला को कागज एवं कैनवास पर करीने से अंकित करने की मुहिम में जुटे रेखा टुडू, अनीता मुर्मू, चांदमुनी मुर्मू, सुनिता हांसदा, सूरजमुनी सोरेन, खुशबू बास्की, सुनीता मरांडी, सुनीता हसदा एवं सुनीता बास्की की पेंटिंग की सराहना की गयी तथा डीडीसी मिथलेश कुमार द्वारा अंगवस्त्रम एवं नगद राशि भेंटकर उन्हें सम्मानित किया गया |

यह भी बता दें कि एस.सी.ई.आर.टी. के- कला समेकित अधिगम शिक्षण प्रणाली में जिला प्रतिनिधि सुजीत कुमार सिंह, औषधीय किसान रामदेव रमण सहित आनंद कुमार, उमेश कुमार, भारती कुमारी, डॉ.सुरेश भूषण, मधुमाला भारतीय, श्वेता शरण भारतीय, दीपशिखा भारतीय, गोलू कुमार, वशिष्ठ कुमार, सोनू कुमार सुमन सहित दर्जनों दर्शकों की उपस्थिति में जहां अभिनंदन मंडल और डॉ.विश्वनाथ सर्राफ के गीत-गजल तालियां बटोरती रहीं वहीं सचिव शंभू शरण भारतीय एवं उनके गुरु डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की गजलें सुधी श्रोताओं को गम्भीर चिंतन की गहराई में उतारती रही ।

काफी देर तक चले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जहां किसान संसद के अध्यक्ष आद्यानंद ने की, वहीं संचालन सचिव शंभू शरण भारतीय तथा धन्यवाद ज्ञापन रामदेव रमण ने किया |

 

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उठाओ कलम ! सरकलम हो रहा है……..!!

भारतीय जन लेखक संघ के बैनर तले राष्ट्रीय परिसंवाद सह कवि सम्मेलन का आयोजन टी.पी. कॉलेजिएट के प्रांगण में किया गया | स्कूली बच्चियों द्वारा दिल्ली से आये साहित्यकार प्रो.रतन लाल, प्रो.सूरज मंडल, मध्य प्रदेश भोपाल से प्रो.प्रतिमा यादव, सचिव श्री अवधेश सिंह, झारखंड से प्रो.विकास कुमार सहित बिहार के विभिन्न जिलों से पधारे नामचीन साहित्यानुरागियों के स्वागत में सुमधुर स्वर के साथ स्वागतगान प्रस्तुत किया गया | साथ ही जलेस के राष्ट्रीय महासचिव महेन्द्र नारायण पंकज व जिला सचिव गजेंद्र कुमार द्वारा आगत अतिथियों का अंगवस्त्रम-सम्मानपत्रम के साथ भावपूर्ण स्वागत-सत्कार किया गया | लगे हाथ सुकवि जयकांत ठाकुर ने सम्मेलन में पधारे सभी कलमजीवियों को अपने मार्मिक शब्दों एवं सर्वोत्कृष्ट भावों से लैस गीत- “उठाओ कलम ! सरकलम हो रहा है……!!” गाकर सर्द मौसम में भी गर्माहट पैदा कर दिया |

जहां उद्घाटनकर्ता के रूप में हिन्दू कॉलेज दिल्ली के प्रो.(डॉ.)रतन लाल ने संविधान एवं परंपराओं की चर्चाएं विस्तार से करते हुए अपने संबोधन में कहा कि मन में बैठे मनुवादी विचारों का दहन करना जरूरी है वहीं उन्होंने बुद्धिजीवी लेखकों के अंतर्मन में विरोध के तेवर होने की चर्चा करते हुए यह भी कहा कि इतिहास हमें नजरअंदाज करने का खेल खेल रहा है |

Dr.Shanti Yadav receiving Angabastram & Certificate by Dr.Pratima Yadav of Bhopal, Madhya Pradesh.
Dr.Shanti Yadav receiving Angabastram & Certificate by Dr.Pratima Yadav from Bhopal, Madhya Pradesh.

मुख्य अतिथि के रुप में मध्य प्रदेश (भोपाल) से आई विदुषी डॉ.प्रतिमा यादव ने जहां अपने सारगर्भित संबोधन में किस्से एवं कहानियों का उदाहरण देते हुए यही कहा कि धीरे-धीरे क्रांति यात्रा शव यात्रा में बदल जाती है वहीं डॉ.यादव ने संदेश स्वरूप यही कहा कि उच्च मानव की श्रेणी में आने की कोशिश निर्भीकतापूर्वक करनी चाहिए तथा मेहनत करके अपनी मुकाम हासिल करने का हौसला भी बनाये रखना चाहिए तभी मुख्यधारा से बिछड़े हुए साहित्यकारों की सृजनात्मक पहचान बन पायेगी |

जहां भाजलेस के राष्ट्रीय महासचिव महेन्द्र नारायण पंकज के समर्पण की सबों ने सराहना की वहीं श्री पंकज ने संगठन के उद्देश्यों की जानकारी सभी लेखनकर्मियों को विस्तार से दी |

Audience enjoying the performances of the function.
Audience enjoying the performances of the function.

यह भी बता दें कि जहां सचिव अवधेश सिंह, डॉ.शांति यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.सूरज मंडल, डॉ.विनय कुमार चौधरी सहित अन्य साहित्यसेवियों ने पिछड़े-आंदोलनों को प्रवाह देने के लिए साहित्य लेखन की चर्चा की और संकल्प लिया वहीं सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे डॉ.इन्द्र नारायण यादव व स्वागताध्यक्ष के रूप में विद्यालय प्रधान डॉ.सुरेश कुमार भूषण ने यही कहा कि भविष्य में साहित्यिक-लेखन को मजबूती प्रदान करने हेतु हमें जूझना होगा |

इस अवसर पर हरिश्चन्द्र मंडल, जयकांत ठाकुर, प्रो.दयानंद, डॉ.जगदीश नारायण प्रसाद, डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डॉ.अविनाश कुमार आदि ने अपने विचार व्यक्त किये |

दूसरे सत्र में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ.शांति यादव एवं संचालन प्रमोद कुमार सूरज ने किया | देर रात तक सुरेंद्र भारती, अलका वर्मा, अनुपम जी, संतोष सिन्हा, शंभू शरण भारती, राकेश कुमार द्विजराज एवं दूर-दूर से आये युवा कवियों ने भी अपनी मनभावन प्रस्तुति से श्रोताओं का मनोरंजन करते रहे |

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क्या मोदी की नोटबंदी से देश को मिलेगी आर्थिक आजादी ?

8 नवम्बर 2016 से देश में 500 और 1000 के नोट पर जैसे ही मोदी सरकार द्वारा नोट ऑफ इंट्रोगेशन (?) लगायी गई, वैसे ही अखबार नबीसों द्वारा बुद्धिजीवियों, अर्थशास्त्रियों, व्यापारियों एवं शिक्षाशास्त्रियों की गोष्ठियां बुलाई जाने लगी- जिसमें लोगों द्वारा भोगी जा रही परेशानियों के बावजूद नोटबंदी के कारण “कालेधन” पर चोट और देश को मिलने वाली आर्थिक आजादी की चर्चाएं शुरु हो गई |

चन्द नेताओं को छोड़कर भारत के सवा सौ करोड़ लोग देश को आगे ले जाने के लिए परेशानियों की गठरियाँ माथे पर लिए और नोटबंदी की सराहना करते हुए एक दूसरे के पीछे सड़कों पर लाइन में खड़े दिखाई देने लगे |

यह भी बता दें कि 5 हफ्ते बीत जाने के बाद भी यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा | तभी तो स्थानीय पार्वती सायंस कॉलेज में- “नोटबंदी एक आर्थिक क्रान्ति” विषय पर नवगठित “उड़ान फाउंडेशन” के बैनर तले रविवार को एक परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन अध्यक्ष डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, पी.एस. कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य सह संयोजक डॉ.रामचन्द्र प्रसाद मंडल एवं मुख्य अतिथि मंडल विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री प्रो.प्रज्ञा प्रसाद ने सम्मिलितरुप से किया |

इस अवसर पर परिचर्चा में भाग लेते हुए सभी शिक्षाविदों ने नोटबंदी के पक्ष में अपना विचार व्यक्त किया | जहां प्रखर वक्ता डॉ.रामचन्द्र प्रसाद मंडल सहित प्रो.प्रज्ञा प्रसाद, वेदव्यास कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आलोक कुमार, चर्चित समाजशास्त्री डॉ.आलोक कुमार, पूर्व प्राचार्य सोनेलाल कामत आदि ने कहा कि नोटबंदी का निर्णय आतंकवाद एवं नक्सलवाद सरीखे अन्य चरमपंथी मानवता विरोधी ताकतों को कमजोर करनेवाला है वहीँ प्रखर साहित्यकार डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप, प्रो.मणि भूषण वर्मा एवं दशरथ प्रसाद सिंह सहित डा.मधुसूदन यादव, प्रो.ऋषिदेव अद्री, राहुल यादव, मो.राही आदि ने नोटबंदी को कालेधन पर अंकुश बताया |

यह भी जानिये कि ग्रामीण परिवेश से आये बड़गांव के चाणक्य मिश्र ने तो नायाब विचार व्यक्त करते हुए यही कहा कि दवाई की तरह यदि नोट पर भी एक्सपाइरी डेट (10 वर्ष का) अंकित कर दिया जाय तो नोट सदा गतिशील रहेगा बल्कि पूर्व जैसा ठहरा हुआ कालाधन बनकर कभी मुंह काला नहीं होने देगा |

अंत में अपने अध्यक्षीय संबोधन के आरम्भ में जहां डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने “उड़ान फाउंडेशन” के लिए यही कहा कि तेरी उड़ान में कभी विराम ना हो वहीँ नोटबंदी के बाबत डॉ.मधेपुरी ने कहा- जहां नोटबंदी नमो की राष्ट्रीय क्रांति है वहीँ शराबबंदी नीतीश की समाजिक क्रान्ति |

मौके पर उपेन्द्र रजक, मो.राही, एस.एस.भारती, गणेश कुमार, आनंद कुमार, प्रो.विश्वमोहन प्रसाद, नंदन कुमार आदि की उपस्थिति देर तक बनी रही | अंत में रुद्र नारायण यादव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ विचार गोष्ठी के समापन की घोषणा कर दी गई |

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मधेपुरा चल पड़ा हिन्दी शब्द स्पर्धा की नई राह पर

हिन्दी को ऊंचाई प्रदान करने हेतु जिले के 27 स्कूलों के वर्ग- 1 से 10 तक के स्कूली बच्चों के बीच द्वितीय अन्तर विद्यालय हिन्दी शब्द स्पर्धा- 2016 का वृहत आयोजन पार्वती सायंस कॉलेज के बड़े-बड़े हॉल में किया गया जिसमें छोटे-बड़े 625 बच्चों के छह अलग-अलग ग्रुपों में अलग-अलग रोचक प्रश्न-पत्रों के साथ परीक्षाएं ली गई |

वे छह ग्रुप इस प्रकार हैं- किडोज-1, किडोज-2, सब-जूनियर (तृतीय-चतुर्थ वर्ग), जूनियर (पंचम-षष्टम वर्ग), सीनियर (सप्तम-अष्टम वर्ग) और सुपर सीनियर (नवम-दशम वर्ग) |

यह भी बता दें कि प्रारंभिक परीक्षा 11 दिसंबर को संपन्न हुई तथा फाइनल 18 दिसंबर को उन्हीं छात्रों की परीक्षा ली जायेगी जो इस परीक्षा में क्वालीफाय करेंगे | फाइनल परीक्षा में सभी छह कोटियों में टॉप 10 यानि कुल 60 प्रतिभागी छात्रों को मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्रों के साथ निर्धारित की जानेवाली तिथि को उत्सवी माहौल में समारोहपूर्वक पुरस्कृत किया जायगा |

बता दें कि आरम्भ में जब इंगलिश स्पेलिंग बी. चैंपियनशिप का यहां आयोजन किया गया था तभी पुरस्कार वितरण के दरमियान मधेपुरा के तत्कालीन एस.पी.  कुमार आशीष (भा.पु.से.) ने समाजसेवी-साहित्यकार व संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित अध्यक्ष व कुलानुशासक डॉ.विश्वनाथ विवेका एवं सचिव सावंत कुमार रवि – सोनीराज आदि से इसे हिन्दी में भी कराने की पुरजोर चर्चाएं की  थी और तभी से इसकी लोकप्रियता बढ़ती चली जा रही है- यानि हिन्दी शब्दों के प्रति जागरूकता आने से वे शुद्ध-शुद्ध लिखने-पढ़ने और शुद्ध उच्चारण के साथ बोलने लगे हैं |

हिन्दी शब्द स्पर्धा की इस द्वितीय प्रारंभिक परीक्षा को संपन्न करने में अन्त तक देखे गये- संरक्षक डॉ.मधेपुरी, पीएस कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ.रामचंद्र प्रसाद मंडल, सचिव सावंत कुमार रवि सहित कोषाध्यक्ष सोनी राज, अमित कुमार अंशु, विजय कुमार, रजाउल आलम, मनीष राज, रवि कुमार, अजय कुमार गोविंद एवं रियांशी-शिल्पी-कोमल-शिल्पा आदि |

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भूख मानवाधिकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती

बिहार मानवाधिकार आयोग एवं मधेपुरा जिला प्रशासन के तत्वावधान में समाहरणालय सभा-भवन में आयोजित “अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस” का उद्घाटन मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल, मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमती मंजू देवी, अध्यक्षता एडीएम मो.मुर्शीद आलम एवं संचालन समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने किया |

यह भी बता दें कि विषय प्रवेश करते हुए सर्वप्रथम डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में “भूख” को मानवाधिकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि यू.एन.ओ. द्वारा सर्वप्रथम 10 दिसंबर, 1948 को मानवाधिकारों की घोषणा की गई-

“प्रत्येक व्यक्ति स्वतंत्र पैदा होता है और उसे गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए समान अधिकारों की जरूरत होती है |” 

Dr.Bhupendra Madhepuri delivering speech at Samaharnalaya Sabha Bhawan Madhepura.
Dr.Bhupendra Madhepuri delivering speech at Samaharnalaya Sabha Bhawan Madhepura.

उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक समानता के लिए संघर्ष के साथ-साथ दासता-वेदना एवं अमानुषिक अत्याचार को निर्मूल करने हेतु आज के दिन हमें संकल्प लेना होगा |

आगे कोशी वूमन डिग्नीटी फोरम की अध्यक्षा डॉ.शांति यादव ने विस्तार से मानवाधिकारों पर चर्चा करते हुए अंत में कहा कि भोजन का अधिकार, काम करने का अधिकार तथा शिक्षा का अधिकार भी मानवाधिकार के अंतर्गत समाहित है | डॉ.यादव ने यह भी कहा कि मानवाधिकार मूलतः एक पाश्चात्य संकल्पना है जिसकी जड़ें भारत में भी गहराती गई हैं |

जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी ने गरीबों के कार्यो को जल्द निष्पादित करने हेतु कार्यालय कर्मियों को सलाह दी और साधुवाद भी | समाजसेवी मो.शौकत अली, मो.महताब, विजय कुमार झा सहित कई अधिकारी-पदाधिकारी ने इस अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति को कम-से-कम दस-दस व्यक्तियों को जागरुक करने हेतु संकल्प लेने की बातें कही |

अंत में जिलाधिकारी मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने उदघाटित करते हुए अपने संबोधन में यही कहा कि ‘मनुष्याधिकार’ की जगह ‘मानवाधिकार’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि स्त्री, पुरुष व नपुंसक तीनों मिलाकर मानव कहलाता है | उन्हीं तीनों यानी मानव के लिए सेवा के अधिकार की, सम्मान की रक्षा करना ही मानवाधिकार के दायरे में आता है |

अंत में डॉ.मधेपुरी द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अल्पाहार पैक के साथ समारोह समाप्ति की घोषणा की गई |

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आगे बढ़ने के लिए पढ़ना पड़ता है और………..!

हॉली क्रॉस स्कूल द्वारा वार्षिक खेलकूद समारोह- 2016 को ऐसा उत्सवी माहौल का स्वरूप सचिव गजेन्द्र कुमार एवं प्राचार्या डॉ.वन्दना कुमारी द्वारा दिया गया जैसा यह स्कूल पूरे साल भर बच्चों के पठन-पाठन हेतु नित्य नये-नये उत्साहवर्धक व्यवहारिक प्रयोगों को जुटाने में लगा रहता है |

यह भी बता दें कि उद्घाटन सत्र के आरम्भ में जहां स्कूली बच्चे-बच्चियों द्वारा पुष्प-पंखुड़ियों व पुष्पांजलियों द्वारा उद्घाटनकर्ता के रूप में जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल, मुख्य अतिथि की भूमिका में समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं स्पेशल गेस्ट के रुप में सिविल जज श्री नीरज कुमार का भाव-भीनी स्वागत किया गया वहीं मंचासीन होने पर स्कूल-परिवार की ओर से अंगवस्त्रम व पुष्पगुच्छादि के साथ “अतिथि देवोभव” की तरह सुस्वागतम गीत अर्पित किया गया | लगे हाथ प्राचार्या डॉ.वन्दना कुमारी ने स्वागत भाषण के दरमियान कहा कि बच्चे-बच्चियों के बेहतरीन भविष्य के लिए यह विद्यालय अहर्निश काम करता है |

From LtoR Judge Sri Neeraj Kumar, DM Md.Sohail and Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri inaugurating annual function at Holy Cross School Madhepura.
From LtoR Judge Sri Neeraj Kumar, DM Md.Sohail and Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri inaugurating annual function at Holy Cross School Madhepura.

उद्घाटन भाषण देते हुए डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने कहा कि हॉली क्रॉस जिले के सर्वश्रेष्ठ स्कूल कहलाने योग्य है | यहां के छात्र मेडिकल व इंजीनिरिंग में कम्पीट करने लगे है | इसके लिए उन्होंने स्कूल के शिक्षकों एवं प्रबंधन को बधाई दी |

डॉ.मधेपुरी ने अपने सम्बोधन में कहा कि आगे बढ़ने के लिए पढ़ना पड़ता है और स्वस्थ रहने के लिए खेलकूद में भाग लेते रहना पड़ता है | उन्होंने डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए कहा कि सूरज की तरह चमकने के लिए सूरज की तरह जलना पड़ता है |

खेलकूद प्रतियोगिता में दौड़, लम्बी कूद, शॉट पुट, जेबलीन थ्रो, कबड्डी आदि में विभिन्न वर्गों की छात्र-छात्राओं ने भाग लिया | 50 मीटर दौड़ में प्रथम-द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रही- अन्नु-संध्या रानी एवं रत्ना भारती……….|

मौके पर एएसपी राजेश कुमार, स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव, टेबल टेनिस के प्रदीप श्रीवास्तव, क्रिकेट के त्रिदीप गांगुली, खेलगुरु संत कुमार, संजीव कुमार, व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अशोक चौधरी, माया विद्या निकेतन की प्राचार्या चन्द्रिका यादव, पत्रकार पृथ्वीराज यदुवंशी, ब्यूरोचीफ जागरण धर्मेन्द्र भारद्वाज, ब्यूरोचीफ प्रभात खबर रुपेश कुमार, दिलखुश, प्रवीर आशीष कुमार आदि सहित छात्र-छात्राएं शिक्षक-अभिभावक उपस्थित देखे गये |

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वैशाली राज्यस्तरीय युवा उत्सव में मधेपुरा की धमक !

जहां कुछ ही महीने पूर्व मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल की टीम ने बी.एन.मंडल स्टेडियम में राज्यस्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता को राष्ट्रीय स्तर की ऊंचाई प्रदान करने में सफलता पाई और बालक-बालिका दोनों वर्गों के खिलाड़ियों की दमदार प्रदर्शन कर फाइनल में भी अपना जगह बनाई- वहीं वैशाली जिले में आयोजित हो रहे त्रिदिवसीय राज्यस्तरीय युवा उत्सव में मधेपुरा जिले की धमाकेदार उपस्थिति दर्ज कराने डी.एम. मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने कला स्थायी समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं मो.शौकत अली की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर (15-35 वर्ष वाले) सभी प्रतिभागी कलाकारों को यह कहते हुए विदा किया कि सभी कलाकार पूरे अनुशासन में रहकर मधेपुरा जिला का नाम रोशन करेंगे और कोई किसी तरह की परेशानी महसूसेंगे तो समाधान के लिए सीधे हमसे बात करेंगे |

यह भी बता दें कि शास्त्रीय नृत्य व संगीत में श्रेष्ठता प्राप्त स्वर शोभिता महाविद्यालय की हेम-लता की टीम से लेकर नाटक में मो.शहंशाह की टीम सहित वाद्य-वादन एवं सुगम संगीत आदि अन्य विधाओं में अपनी धमाकेदार उपस्थिति तथा प्रस्तुति देने हेतु दो बसों में तक़रीबन सौ के लगभग कलाकार सवार हुए | एक बस में महिला कलाकारों ने जगह ली इसका नेतृत्व स्थाई समिति की सदस्या श्रीमती रेखा यादव एवं दूसरी बस पुरुष दल के लिए जिसका नेतृत्व नवोदय विद्यालय के आचार्य डॉ.रवि रंजन के हाथों सौंपा गया | मौके पर कलाकारों के उत्साह वर्धन के लिए मधेपुरा के दर्जनों कलाप्रेमी लोग उपस्थित थे |

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आर्ट्स टीचिंग प्वाइंट का शुभारम्भ

सदर प्रखंड के भर्राही बाजार के आस-पास के साधारण एवं गरीब परिवार के छात्र-छात्राओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने और नियमितरुप से कम खर्च में सोशल सायन्स के विषयों को सुव्यवस्थित ढंग से पढ़ाने के लिए गुलशन कुमार, अंशुमन कुमार, मुकेश कुमार आदि का यह सोच समाज को आगे ले जाने में सहयोग करता रहेगा |

इस नायाब कार्यक्रम में समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा मुख्यअतिथि व शिक्षानुरागी सूर्य नारायण मंडल की उपस्थिति में उद्घाटन करते हुए उपस्थित बच्चे-बच्चियों व अभिभावकों को बिहार के प्रथम विधि मंत्री शिवनन्दन प्रसाद मंडल के अन्तर्मन में सदा पलते रहे विचारों से अवगत कराया और कहा-

Educate your children, Educate all of your children and Educate everyone of your children.       

इसके अतिरिक्त उद्घाटन कर्ता डॉ.मधेपुरी ने शिवनंदन बाबू के जीवन के सर्वश्रेष्ठ दर्शन को दर्शकों के सामने परोसते हुए कहा-

No soul should remain uneducated on the Earth.     

मुख्य अतिथि के रुप में सूर्य नारायण मंडल ने यही कहा कि शिक्षा के विकास के प्रति हम सजग रहे हैं और ताजिन्दगी सजग रहेंगे |

इस अवसर पर स्थानीय विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी द्वारा मेडल व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया | सम्मानित होने वाली छात्राएं- लूसी-सोनी-पूजा भारती-रुपम-मनीषा-कल्पना आदि रही | अंत में निदेशक गुलशन कुमार द्वारा उपस्थित अभिभावकों सुरेंन्द्र प्रसाद गुप्ता, उपेन्द्र साह, मृत्युंजय कुमार, विवेक सिंह आदि से सहयोग की कामना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया |

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मधेपुरा कॉलेज में मना भव्य एनसीसी दिवस

एक ओर जहां जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में एनसीसी दिवस के अवसर पर पोस्टर निर्माण से लेकर पौध रोपण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता सहित भिन्न-भिन्न प्रकार के आयोजन किये गये वहीं मधेपुरा कॉलेज में प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार द्वारा आयोजित दो दिवसीय आयोजन का उद्घाटन समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने दीप प्रज्वलित कर किया |

The audience enjoying N.C.C. Day celebrations- 2016 in the Hall of Madhepura College , Madhepura
The audience enjoying N.C.C. Day celebrations- 2016 in the Hall of Madhepura College , Madhepura.

यह भी बता दें कि एनसीसी दिवस की पूर्व संध्या पर कॉलेज के एनसीसी कैडेटों की साइकिल रैली को प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जो भूपेन्द्र चौक, बी.पी. मंडल चौक, कर्पूरी चौक, सुभाष चौक होते हुए पूरे शहर का परिभ्रमण किया |

और जहां एनसीसी दिवस पर स्वागताध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन करते हुए प्राचार्य ने उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी, अध्यक्ष ओमप्रकाश भारती सहित विशिष्ट अतिथिद्वय डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.सिद्देश्वर काश्यप के साथ-साथ लेफ्टिनेंट प्रो.गौतम कुमार व रंगकर्मी विकास कुमार को यथायोग्य संबोधन के साथ स्वागत करते हुए कहा कि एनसीसी कैडेट सदैव समर्पण व कर्मठता के साथ समाज निर्माण से लेकर राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं, वहीं कार्यक्रम का आरंभ करते हुए डॉ.काश्यप ने “माँ तुम्हें हर सलाम है” गजल को तरन्नुम में गाकर समा बांध दिया और लगे हाथ डॉ.चौधरी ने अपने संबोधन में यही कहा कि देश की अस्मिता युवा पीढ़ी से ही सुरक्षित है |

उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने एनसीसी दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि आज 1 दिसंबर को 3 दिवसों का संगम है- पहला एनसीसी दिवस, दूसरा बीएसएफ स्थापना दिवस और तीसरा विश्व एड्स दिवस | डॉ.मधेपुरी ने तीनों दिवस के मूलमंत्र के बाबत संक्षेप में यही कहा- “जागरूकता ही एड्स का इलाज है” और बीएसएफ का सर्वमान्य कठिन मंत्र है- “Duty Unto Death” तथा एनसीसी का आधुनिक गीत है- “हम सब भारतीय हैं”- यदि युवावर्ग इन मंत्रों को अपने मन-प्राणों में उतार लें तो भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए एनसीसी से बेहतर कोई रास्ता नहीं |

Best performers and small kids "Misty & Danish" along with Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri, Pr.Dr. Ashok Kumar, Rangkarmi Vikash, Om Prakash Bharti & others.
Best performers and small kids “Misty & Danish” along with Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri, Pr.Dr. Ashok Kumar, Rangkarmi Vikash, Om Prakash Bharti & others.

समारोह के दूसरे सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लगा दी निर्देशक-रंगकर्मी विकास कुमार ने | मो.ए.वजाहत लिखित एकांकी- “देश को आगे बढ़ाओ” के सराहनीय मंचन के अतिरिक्त रिकॉर्डिंग पर अनेक देशभक्ति गीतों के साथ-साथ नृत्य करते छोटे-बड़े कलाकार- ‘मिस्टी’, ‘दानिश’, ‘समर’ आदि ने घंटो दर्शकों को बांधे रखा तथा खूब तालियां बटोरी |

और अंत में डॉ.मुस्ताक मोहम्मद, कुमार राम अवध, सत्यप्रकाश, राजकुमार, एनसीसी के सभी कलाकारों व जवानों की चर्चा करते हुए कौशल्या ग्राम में आयोजित इस दो दिवसीय एनसीसी दिवस समारोह में उपस्थित अतिथियों एवं सभी सुधी श्रोताओं को धन्यवाद व साधुवाद देते हुए अध्यक्ष के निर्देशानुसार उद्घोषक द्वारा कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गयी |

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