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मधेपुरा विधानसभा क्षेत्र से सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल के बाद प्रो.चन्द्रशेखर ही बने बिहार सरकार के कबीना मंत्री

बिहार में पहली बार 16वीं विधानसभा चुनाव में राजद-जदयू एवं कांग्रेस समन्वित महागठबंधन की सरकार बनी है जो लालू-शरद-सोनिया के ताकतवर धर्मनिरपेक्ष विचारों का फल है | इस महागठबंधन की सरकार में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में पाँचवीं बार शपथ ग्रहण किया है तथा पहली बार उपमुख्यमंत्री बने हैं तेजस्वी यादव और आपदा प्रबंधन के कबीना मंत्री बने हैं- प्रो.चन्द्रशेखर |

यूँ तो मधेपुरा  जिले के प्रथम कबीना मंत्री (विधि मंत्री) बने शिवनंदन प्रसाद मंडल परन्तु मधेपुरा  विधानसभा क्षेत्र से प्रथम कबीना मंत्री बनने वाले बी.पी.मंडल के बाद प्रो.चन्द्रशेखर को ही कबीना मंत्री के रूप में जनता-जनार्दन की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है |

Dr.Bhupendra Madhepuri blessing the honourable minister Prof. Chandrashekhar.
Dr.Bhupendra Madhepuri blessing the honourable minister Prof. Chandrashekhar.

6 दिसम्बर 2015 को स्थानीय रासविहारी उच्च विद्यालय का वह ऐतिहासिक मंच और दर्शकों-सम्मानकर्ताओं से खचाखच भरा वह मैदान माननीय मंत्री प्रो.चंद्रशेखर के अद्वितीय एवं अपूर्व नागरिक महाअभिनंदन का गवाह बना- जिसे देखकर समाजसेवी एवं साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विगत कालखंडों में इस मंच पर पधारे समाजवादी चिंतकों डॉ.लोहिया, भूपेन्द्र नारायण मंडल, चौधरी चरण सिंह, लोकनायक जयप्रकाश………. कर्पूरी ठाकुर आदि की चर्चा करते हुए अपने संबोधन के अन्त में अपने अनुज प्रो.चन्द्रशेखर को आशीर्वचन के रूप में यही कहा-

शिवनंदन-भूपेन्द्र बने रे, जिस कोसी तट की हरियाली !
शेखर उसी चमन का तुम भी, बन जा एक यशस्वी माली !!

Massive gathering for felicitating Cabinet Minister Prof.Chandrashekhar.
Massive gathering for felicitating Cabinet Minister Prof.Chandrashekhar.

11 बजे दिन से 5 बजे शाम तक चले मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर के इस महानागरिक सम्मान समारोह में विशिष्ठ अतिथियों के रूप में शरीक हुए- पूर्व पर्यटन मंत्री अशोक कुमार सिंह, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, विधायक रमेश ऋषिदेव, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला, वयोवृद्ध राजद नेता जगदीश प्रसाद यादव एवं राजद के जिला अद्यक्ष प्रो.खालिद, जदयू के सियाराम यादव, कांग्रेस के सत्येन्द्र सिंह, पूर्व प्रमुख सियाशरण यादव, डॉ.विजेंद्र, नरेश पासवान, डॉ.शांति यादव, गुड्डी देवी, प्रधान जी, डॉ.अरुण, पारो जी सहित जिले के कोने-कोने से आये महागठबंधन के सभी प्रखंडों के अद्यक्ष, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारीगण, किसान-मजदूर-छात्र-नौजवान तथा माता-बहनों की उपस्थिति में सम्मानित होनेवाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों के साथ-साथ समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी को भी माननीय मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर ने शाल ओढ़ाकर एवं माला पहनाकर केवल सम्मानित ही नहीं किया बल्कि अपने सामाजिक ऋण को हल्का भी किया और आगे भी इस ऋण को अपनी सरकार के माध्यम से चुकाते रहने का संकल्प बार-बार दुहराया भी |

Samajsevi Sahityakaar Dr.Bhupendra Madhepuri being honoured by Minister Prof.Chandrashekhar .
Renowned Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri being honoured by Minister Prof.Chandrashekhar at Madhepura .

माननीय मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर ने भ्रष्टाचार-अनाचार-दुराचार के संवाहकों को कठोर दण्ड देने का संकल्प लेते हुए उपस्थित जनमानस के माध्यम से क्षेत्र के लोगों के बीच यह पैगाम प्रेषित किया कि-

मेरा घर खुला है, खुला ही रहेगा तुम्हारे लिए !
मोबाइल भी खुला ही रहेगा, तुम्हारी सेवा के लिए !!

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हिन्दुस्तान ओलंपियाड-2016 का भव्य आयोजन 19 जनवरी को

सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला अखबार ‘हिन्दुस्तान’ आने वाले नये वर्ष में शहरी प्रतिभाओं के साथ-साथ ग्रामीण प्रतिभाओं को भी नई पहचान एवं बेहतर प्लेटफार्म देने की तलाश में कदम बढ़ा चुका है | “हिन्दुस्तान ओलंपियाड-2016” का यह आयोजन 19 जनवरी को हिन्दुस्तान अखबार- मधेपुरा के ब्युरो चीफ अमिताभ के बांकुड़ों द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किये जाने का निश्चय किया गया है | इस ओलंपियाड में तीसरी कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी अलग-अलग चार ग्रुपों में भाग ले सकते हैं जहाँ उन प्रतिभागियों को अग्नि-परीक्षाओं से गुजरकर मंजिल को पाने के लिए जद्दोजहद करना पड़ेगा | संघर्षपूर्ण सीढ़ियों को चढ़कर उन्हें खुद को राज्यस्तरीय प्रथम पुरस्कार 30 हजार रु., द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रु. एवं तृतीय पुरस्कार 10 हजार का हकदार साबित करना होगा |

इन पुरस्कारों के अतिरिक्त प्रिन्ट यूनिट स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र/छात्राओं को प्रथम पुरस्कार 5100 रु., द्वितीय पुरस्कार 3100रु. एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 2100रु. की नगद राशि दी जायेगी |

यदि आप प्रतिभावान छात्र हैं और बेहतर प्लेटफार्म की तलाश में रहते हैं तो हिन्दुस्तान अख़बार में छपे फार्म के प्रारूप के अनुसार आवेदन को भरकर 200/-रु. निबंधन शुल्क के साथ अपना निबंधन अपने विद्यालय प्रधान के माध्यम से शीघ्रातिशीघ्र करा ही लीजिए |

Madhepura Abtak को डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से यह जानकारी मिली कि विगत वर्ष भी “हिन्दुस्तान प्रतिभा सम्मान-2015” का भव्य एवं यादगार आयोजन भू.ना.मंडल वि.वि. आडिटोरियम में आयोजित किया गया था | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा- स्पर्धा के इस युग में प्रतिभा को पग-पग पर नई पहचान दिलाने एवं ऊँचाई तक ले जाने के लिए हिन्दुस्तान का यह नायाब आयोजन- “हिन्दुस्तान ओलंपियाड-2016” अनोखा भी है और सर्वाधिक प्रशंसनीय भी |

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नीतीश सरकार के नये मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर को- मंडल वि.वि.मधेपुरा में इंजीनियरिंग कॉलेज महानिर्माण को पंख लगाने के लिए बधाई दी डॉ.मधेपुरी ने

सबसे पहले तो यह जानिये कि मधेपुरा  में भूपेन्द्र नारायण मंडल वि.वि. के बीजारोपण का श्री गणेश कैसे हुआ ? मधेपुरा के भूपेन्द्र चौक (कॉलेज चौक) पर नवनिर्मित ‘भूपेन्द्र स्मारक’ के उद्घाटन-अनावरण के लिए मंडप पर राष्ट्रीय त्रिमूर्ति लालू-शरद-नीतीश एक साथ उपस्थित हुए- उनके जन्मदिन 1 फरवरी की जगह बढाई गई तिथि 4 फरवरी 1991 को | मंडप पर चढ़ते ही मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने प्रतिमा स्थल निर्माण के संयोजक डॉ.मधेपुरी से कहा- “मनीषी भूपेन्द्र के स्मारक का मंडप तो बहुत खूबसूरत बना है लेकिन मूर्ति का साइज बहुत छोटा है……|”

प्रत्युत्तर में विनम्र होकर डॉ.मधेपुरी ने यही कहा था- “श्रीमान ! आप चाहेंगे तो पाँच मिनट में साईज  बड़ा हो जाएगा……. बहुत दिनों से मधेपुरा   के लोग एक वि.वि. के लिए संघर्ष कर रहे हैं…… आज ही इनके नाम एक वि.वि. की घोषणा कर दीजिए श्रीमान !! कर दीजिए ना… !!!”

और उसी दिन 5बजे शाम में रासबिहारी उच्च विद्यालय के मैदान में शरद-नीतीश एवं डॉ.रवि, राधाकान्त यादव सहित सिंहेश्वर के तत्कालीन विधायक राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, परमेश्वरी प्र.निराला, शशिशेखर यादव, विजय कुमार वर्मा…… डॉ.मधेपुरी और पच्चीसो हजार उपस्थित दर्शकों को सम्बोधित करते हुए क्रांतिकारी मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने यही उद्घोष किया था-

“मैं आज 4 फरवरी 1991 के दिन बिहार सरकार की ओर से मधेपुरा  की समाजवादी धरती को एक विश्वविद्यालय देने की घोषणा करता हूँ….. और अब इस इलाके के विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की पढाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा |”

…….और आज आपके सामने एक सौ तीन एकड़ के परिसर में भव्य स्वरुप ग्रहण कर रहा है- हमारा, आपका और हम सबों का यह भू.ना.मंडल वि.वि. | उसी परिसर में कर्पूरी मेडिकल कॉलेज एवं बी.पी.मंडल इंजिनियरिंग कॉलेज के लिए क्रमशः 30 एकड़ एवं 10 एकड़ जमीन आवंटित करते हुए नीतीश सरकार द्वारा कदाचित् आठ वर्ष पूर्व ही कॉलेज द्वय के निर्माण की घोषणा की गई थी- जिसमें मेडिकल कॉलेज का निर्माण तो 800 करोड़ से अधिक राशि के साथ आकाश की ऊँचाईयों को छूने लगा है, परन्तु इंजिनियरिंग कॉलेज की संचिका न जाने कहाँ अटक गई | जबकि 2014 के सितम्बर माह में ही राज्य केबिनेट ने इसके भवन निर्माण हेतु 135 करोड़ 74 लाख रु. की स्वीकृति भी दे दी है |

जब इस बाबत मधेपुरा अबतक इसी वि.वि. में वर्षों विकास पदाधिकारी के रूप में सेवारत रहे डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से चर्चा की, तो डॉ.मधेपुरी ने कहा- दैनिक जागरण में समाचार पढने के बाद उन्होंने जिले के एकमात्र मंत्री प्रो.चंद्रशेखर से बातें की और मंत्रीजी ने उत्साहवर्धक तथ्यों एवं किये गये प्रयत्नों का इस प्रकार खुलासा किया-

“सर्वप्रथम केबिनेट द्वारा भवन निर्माण का काम ‘आधारभूत संरचना निगम’ को दिया गया था जिसने डी.पी.आर. भी तैयार कर ली | परन्तु गत वर्ष केबिनेट ने यह काम ‘भवन निर्माण विभाग’ को सौंप दिया | दोनों विभागों के बीच तालमेल के अभाव के कारण विलम्ब हो गया | भवन निर्माण के मुख्य अभियन्ता जल्द ही टेंडर कराकर कार्यारम्भ कराने जा रहे है- जिसके लिए मैं प्रयत्नशील हूँ…….|”

मंत्री प्रो.चंद्रशेखर के प्रयत्नों के लिए समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने मधेपुरा  के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, एवं छात्र-अभिभावकों की ओर से उनको हृदय से बधाई दी है तथा अग्रेतर सकारात्मक प्रयास करते रहने के लिए ज़िलापदाधिकारी मो.सोहैल सहित दैनिक जागरण को भी साधुवाद दिया है |

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मधेपुरा में त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय लोक नाट्य महोत्सव

जहाँ 20 नवम्बर से पटना के गाँधी मैदान में नीतीश कुमार द्वारा पाँचवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली जा रही हो और अब तक की सबसे युवा सरकार गठित कर बिहार में कानून का राज स्थापित करने हेतु बैठकें की जा रही हो- वहीँ मधेपुरा के भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में 22 नवम्बर से भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, कोलकाता के निदेशक डॉ.ओमप्रकाश भारती द्वारा ‘भारत लोकरंग’ के बैनर तले त्रि-दिवसीय ‘राष्ट्रीय लोक नाट्य महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा हो और जिसमें बिहार, उड़ीसा, बंगाल, मध्यप्रदेश, और छत्तीसगढ़ के युवा कलाकारों के अदभुत कला-प्रदर्शन के जरिये जनमानस में नई चेतना का संचार किया जा रहा हो- तो बिहार को आगे बढ़ने से भला कोई रोक सकेगा क्या ?

इस त्रि-दिवसीय कार्यक्रम का श्री गणेश सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर डॉ.शांति यादव, डॉ.सुप्रिया अनुजा, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.आलोक कुमार, दशरथ प्र.सिंह, रमण जी, डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.अमोल राय एवं डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा किया गया | दीप प्रज्ज्वलित करने के बाद डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि जब कला और संस्कृति की बात आती है तो मधेपुरा के संस्कृति प्रेमियों के मानस पटल पर केवल और केवल एक नाम उभर कर सामने आता है- डॉ.ओमप्रकाश भारती | सभी कलाप्रेमियों को संदेश के रूप में यही कहा डॉ.मधेपुरी ने-

साहित्य संगीत कलाविहीन: साक्षात पशु: पुच्छ विशानहीन: !

Samajsevi Shaukat Ali encouraging artists at Bhupendra Smriti Kala Bhavan Madhepura .
Samajsevi Shaukat Ali encouraging artists at Bhupendra Smriti Kala Bhavan Madhepura .

साथ ही मधेपुरा में साहित्य-संस्कृति-कला को गति देने वाले समाजसेवी शौकत अली,इप्टा के सुभाष चन्द्र, जर्नलिस्ट अमिताभ, तुरवसु, सूनीत, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, संदीप शांडिल्य, आनन्द आदि को भी डॉ.मधेपुरी ने हृदय से साधुवाद दिया |

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दीपावली में दो गिफ्ट देने के बाद दिया मोदी सरकार ने बिहार को छठ पर्व का एक और उपहार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने बिहार के चुनावी नतीजों के तुरत बाद ही दीपावली के अवसर पर मधेपुरा को रेल विद्युत् इंजन कारखाना निर्माण हेतु 20 हजार करोड़ और छपरा के मढोरा को डीजल इंजन कारखाना निर्माण हेतु 15 हजार करोड़ का दो बम्पर गिफ्ट दिया ही था कि लगे हाथ छठ पर्व के तुरत बाद मुंगेर में गंगा नदी पर रेल-रोड पुल को अगले वर्ष के मध्य तक पूरा करने हेतु 2774 (दो हजार सात सौ चौहत्तर) करोड़ का एक पवित्र उपहार भी दे दिया है |

ध्यातव्य है कि छठ जैसे पवित्र पर्व के बाद यह पवित्र उपहार तब दिया गया है जबकि बिहार में महागठबंधन द्वारा निराश करने वाले विधानसभा के चुनावी नतीजों से भाजपा को रु-ब-रु होना पड़ा | बावजूद इसके नरेन्द्र मोदी की सरकार द्वारा बिहार के विकास की प्रतिबद्धता में कोई कमी नजर नहीं आना निश्चय ही लोगों के दिल में जगह बनाने का एक नायाब प्रयास है | ऐसे प्रयास की प्रशंसा अवश्य होनी चाहिए |

मधेपुरा अबतक ने जब समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से इस बाबत चर्चा की तो डॉ.मधेपुरी ने कहा कि सबसे अधिक प्रशंसा तो मोदी सरकार की तब होगी जब माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के “बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने वाले प्रयास” को केन्द्र सरकार द्वारा ऐन मौके पर स्वीकार कर ली जाय | डॉ.मधेपुरी ने मधेपुरा से प्रो.चन्द्रशेखर को मंत्री बनाये जाने पर उन्हें बधाई दी |

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डॉ.मधेपुरी ने नेशनल टे.टे. खिलाड़ियों को ‘विजयी भव:’ का आशीर्वाद दिया  !!

बिहार राज्य सरकार में जहाँ पाँचवीं बार नीतीश कुमार का राजतिलक होने जा रहा है वहीँ कई बार नेशनल खेल चुके छह टे.टे. खिलाड़ी- रियांशी, पायल, मास्टर शिवम्, सहित हर्षवर्धन भदौरिया, विपुल राज एवं हिमांशु सर्राफ को राज्य का प्रतिनिधित्व करने हेतु (24 से 29 नवम्बर तक) हिमाचल प्रदेश, कोलकाता और मध्यप्रदेश के लिए जिला टेबुल टेनिस संघ के अद्यक्ष डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, सचिव प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार झा, मुकेश कुमार सहित श्यामनंदन कुमार केशरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया |

National Level T.T. Players at Town Hall Madhepura .
National Level T.T. Players at Town Hall Madhepura .

आप यह भी जानिये कि इसी मधेपुरा की मिट्टी के लाल व समाजवादी चिन्तक भूपेन्द्र नारायण मंडल ने कभी अखिल भारतीय सोशलिस्ट पार्टी का राष्ट्रीय अद्यक्ष बनकर और बी.पी.मंडल साहब ने राष्ट्रस्तरीय ‘मंडल कमीशन’ का अद्यक्ष बनकर जिस तरह मधेपुरा का नाम पूरे देश में रोशन किया है उसी तरह निकट भविष्य में ही ये छह टी.टी.स्टार राष्ट्रीय स्तर के टी.टी.प्रतियोगिता में मधेपुरा के नाम को रोशन करने के साथ-साथ बिहार का परचम लहरायेंगे और तब माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सम्मानित किये जायेंगे |

खिलाड़ियों के मनोबल को हमेशा ऊँचा बनाये रखने के लिए सतत प्रयत्नशील तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र साधुवाद के पात्र हैं |

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मधेपुरा के जयपालपट्टी चौक के रौशन कुमार हुए पुरस्कृत

यदि समाज में रहनेवाला हर एक सचेतन व्यक्ति अपने इर्द-गिर्द बसने या रहनेवाले किसी भी धर्म या सम्प्रदाय के कम-से-कम एक भी व्यक्ति को साक्षर करने या फिर सत्य एवं शुचिता के पथ से भटक रहे एक भी युवा को सुधारने में किसी भी रूप में अपना कुछ भी न्योछावर करता है या लोकहित में महज एक दीप जलाकर उसे अँधेरे से मुक्ति दिलाता है- तो उसकी चर्चा अवश्य होनी चाहिए |

ऐसे ही सचेतन व्यक्तियों में एक है- साहुगढ़ गाँव के सिहपुर टोले का भूतपूर्व सैनिक- दिलीप यादव | वही दिलीप जो बी.एस.एफ.का जवान बनकर कश्मीर से कन्याकुमारी और राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक सीमा-सुरक्षा के साथ-साथ नक्सलियों से टकराता रहा और बहादुरी का पुरस्कार पाता रहा |

सेवानिवृति के बाद वह सैनिक  Madhepura  के बी.पी.मंडल पथ (जयपालपट्टी चौक) पर जब विगत दीपावली के दिन “श्री राधा कृष्ण स्वीट्स कार्नर” का श्री गणेश करता है तो कुछ लोग उन्हें यह कहकर डराते हैं कि यहाँ की आवोहवा आपको ना तो टिकने देगा……ना जीने देगा |  लेकिन वह सैनिक डरने के बजाय आवोहवा को बदलने की सोचने लगता है | और धीरे-धीरे वह हवा में यह मेसेज देने लगता है कि दुकान के वार्षिकोत्सव के दिन जयपालपट्टी चौक के इर्द-गिर्द रहने वाले शांत-सुशील….एवं व्यवहारकुशल युवा को पुरस्कृत किया जाएगा | इस आशय का अच्छा असर देखा गया |

और आज पुन: दीपावली के दिन इसी जयपालपट्टी चौक के एक युवा रौशन कुमार, जो फोटोस्टेट आदि ठीक-ठाक करता है और चलाता भी है, के कुशल व्यवहार एवं सहयोगी विचार को एक वर्ष से आंकते रहने के बाद वही सैनिक  Madhepura  के प्रखर समाजसेवी व साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के हाथों रौशन कुमार को पुरस्कृत कराकर सर्वाधिक प्रसन्नता का अनुभव कर रहा है | इस सादे पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यरूप से सम्मिलित हुए हैं- जिला कांग्रेस आई. के अद्यक्ष सत्येन्द्र कुमार सिंह, प्रवीण कुमार उर्फ पारो जी, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, डॉ.कामेश्वर कुमार, प्रो.चन्द्रशेखर प्रसाद, फर्जी हास्य कवि डॉ.अरुण कुमार आदि |

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मधेपुरा के डॉ.असीम प्रकाश कलकत्ता में हुए सम्मानित …..!

शहर की चमचमाती रोशनी में ही केवल प्रतिभा नहीं चमकती बल्कि गाँवों की गलियों के अंधेरे में भी प्रतिभा अपनी रोशनी बिखेरती है | तभी तो मुरलीगंज प्रखंड के जीतापुर गांव से सटे द्वारिका टोला के आदर्श दंपति श्रीमती अनिता-डॉ.जयप्रकाश के घर जन्मे डॉ. असीम प्रकाश कोलकाता में आयोजित दो दिवसीय (31Oct – 1Nov) ऑल इंडिया एशोसिएशन ऑफ़ ग्रस्ट्रालॉजी– 2015 के कांन्फ्रेंस में आमंत्रित किये गये |

डॉ.असीम प्रकाश ने Madhepura अबतक को बताया कि इस दो दिवसीय गेस्टोकान सम्मलेन में देश-विदेश से लगभग 500 डॉक्टर भाग लेने आये थे जिसमें गेस्ट्रोइनटेसटाइन एंड लीवर डिजीज पर विस्तार से चर्चाएँ हुईं | एम.बी.बी.एस एवं एम.डी. की डिग्री के अतिरिक्त रूस और अमेरिका से डिग्रीयाँ प्राप्त करनेवाले डॉ.असीम भला किससे पीछे रहने वाले थे | कानफ्रेंस के एकेडेमिक सेशन में हेपेटाइटिस पर सर्वोत्कृष्ट व्याख्यान देने के उपलक्ष्य में डॉ.प्रकाश को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया | इस धरती पुत्र डॉ.असीम के इस सम्मान से Madhepura  ही नहीं सम्पूर्ण बिहार सम्मानित एवं गौरवान्वित हुआ है |

मॉडर्न एप्रोच टू हेपेटाइटिस बी पर विचार व्यक्त करते हुए ख्यातिप्राप्त डॉ.विजय प्रकाश के सहयोगी डॉ.असीम प्रकाश ने कहा- यह बीमारी एड्स से भी अधिक खतरनाक है | इसके भयावह फैलाव का अंदाजा तो इसी से लगाया जा सकता है कि हर बीस लोगों में से एक इसी बीमारी की चपेट में है | उन्होंने कहा कि इस बीमारी का लम्बा इलाज है जिसे पूर्णत: ठीक होने में लगभग पाँच साल तक लग सकता है |

अन्त में अपनी नवविवाहिता डॉक्टर धर्मपत्नी डॉ.नेहा की उपस्थिति में डॉ.असीम प्रकाश ने मधेपुरा ( Madhepura ) अबतक से कहा कि लोग इस बीमारी के बारे में अभी भी अनभिज्ञ हैं | लोगों को पूरी तरह सजग करने की जरुरत है | जागरूक करने के बाबत उन्होंने लोगों से इस बीमारी के मूल कारणों को यूँ गिनाया- गलत निडिल का प्रयोग, संक्रमित ब्लड चढ़ाना एवं असुरक्षित प्रसव के साथ-साथ संक्रमित लोगों से यौन सम्बन्ध बनाना आदि | डॉ.असीम प्रकाश ने पुरुष से अधिक महिलाओं पर इस बीमारी के खतरे की चर्चा की और यह भी कहा कि अब छोटे-छोटे शहरों में भी इस बीमारी का फैलाव तेजी से होने लगा है |

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लालू एवं नीतीश कुमार को बधाइयों का ताँता ……!!

बिहार में अगले पाँच साल ! केवल और केवल नीतीश कुमार !! ऐसी अदभुत जीत के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित महागठबंधन के सभी विजेताओं को डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की कोटि-कोटि हार्दिक बधाई !

इस नतीजे का सही अर्थ बिहार के अन्दर और बाहर के लोगों की समझ में यही आया है कि ये सिर्फ और सिर्फ विकास,सुशासन और साम्प्रदायिक सदभाव की जीत है – केवल कहने के लिए है कि भाजपा का अहंकार ही उसे खा गया |

यह सार्वभौमिक सत्य है कि यदि कोई राजनेता सृजन के कार्यों में ध्यानमग्न होकर उसकी गहराइयों में पूर्णरूपेण उतरने लगता है तो उस विशेष कालावधि के लिए उसकी सारी ऊर्जा जनहित की योजनाओं को धरती पर उतारने में समाहित होने लगती है और वही राजनेता अहंकारमुक्त होने लगता है |

राजनीति के फिसलन भरे रास्ते पर बिना फिसले चलते रहना उतना ही कठिन है जितना तेज धारवाली नंगी तलवार पर नंगे पैर चलना कठिन है | फिरभी वैसे कठिन रास्ते पर चलकर “ बिहार के स्वाभिमान” और “ माय समीकरण” के उत्साह को चर्मोत्कर्ष पर पहुँचाकर बिहार वासियों के दिल को जीतने के लिए राजनेता द्वय नीतीश-लालू सहित पूरी टीम को हार्दिक बधाई |

नीतीश जी ! आप बिहार की राजनीति को अगले पाँच वर्षो तक नित्य नया संस्कार देते रहेंगे ताकि किसी अपनों को भी छठे वर्ष यह कहने का कोई अवसर ना मिले कि ‘आप’ को भी अहंकार छू गया बल्कि बिहार की सुशासनप्रिय तथा सांप्रदायिक सदभाव में विश्वास करने वाली विकासोन्मुखी जनता सहित राष्ट्रीय पार्टियों के अध्यक्ष – शरद यादव, लालू प्रसाद, सोनिया गाँधी….. यहाँ तक कि मुलायम सिंह यादव भी सम्मिलित रूप से यही कहने लगे…. और कहते रहे कि –

इस चन्द्रगुप्त की गद्दी पर
बैठो नीतीश तुम बार-बार !
इस बिहार की लोकभूमि पर
आना नीतीश तुम बार-बार !!

– डॉ.मधेपुरी की कलम से……

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मधेपुरा एस.पी. आशीष की माँ मुद्रिका देवी नहीं रहीं

अगले क्षण क्या होगा कोई नहीं जानता | कोई सोचा नहीं होगा कि अपने आई.पी.एस. बेटे आशीष की शादी कराये बिना और बहु को शुभाशीष दिए बिना ही माँ मुद्रिका अचानक आँखें बन्द कर लेगी…. और किसे पता होगा कि 5 नवम्बर को अपने मताधिकार का प्रयोग किये बिना ही वह माँ अपने बच्चों को छोड़कर दुनिया को अलविदा कह देगी….. जो जहाँ सुना चल दिया मधेपुरा एस.पी. निवास की ओर | ताँता लगा रहा श्रधांजलि देने वालों की |

श्रधांजलि देने के क्रम में शहर के अतिसंवेदनशील समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने हिस्से की संवेदना व्यक्त करते हुए एस.पी.आशीष कुमार से संवाददाता देवेन्द्र कुमार एवं स्थानीय डॉ.परवेज अख्तर की उपस्थिति में बस यही कहा-

आम लोगों पर जब आपदा या विपदा आती है तो आप जैसे पदाधिकारी उन पीड़ितों को सांत्वना देते हैं, परन्तु आज आपको ही इस चीज की जरुरत हो गई है | मैं आपसे यही कहूँगा- माँ माँ होती है | माँ का कोई विकल्प नहीं होता है | इसकी भरपाई कभी नहीं और कोई नहीं कर सकता | यूँ माँ को परिभाषित नहीं किया जा सकता है फिर भी किसी ने इतना ही कह पाया है – “ God can’t be everywhere, so he created Mother.”

अन्त में डॉ.मधेपुरी ने शायर डॉ.शमशाद की दो पंक्तियाँ एस.पी.आशीष को कह सुनाया-

पीकर कौन आया है यहाँ आबेहयात !
बनी है ये दुनिया एक रोज जाने के लिए !!

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