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मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय भोपाल से प्रशिक्षित मो. शहंशाह ने पेश की एक अदभुत प्रस्तुति..!

टी.पी. कॉलेज के विशाल सभा भवन में ठसमठस भरे दर्शकों के समक्ष मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय, भोपाल से प्रशिक्षण प्राप्त मो. शहंशाह ने  मधेपुरा में ‘नवाचार रंग मंडल’ का गठन कर अपनी प्रथम प्रस्तुति – ‘कुमतिनगर का किस्सा’ – का सफल निर्देशन एवं मंचन कर खूब तालियाँ बटोरीं। कार्यक्रम की सफलता हॉल के अन्दर बारम्बार बज रही तालियों की अनुगूंज और बाहर खड़े दर्शकों द्वारा आँकी जाती रही।

संसाधनों की कमी के बावजूद भी हास्यशैली पर आधारित लेखक राजकमल नायककृत  “कुमतिनगर का किस्सा” अपने उद्देश्य में सफल होता है और दर्शकों पर पूरा प्रभाव छोड़ता है।

एक राज्य है कुमतिनगर, जहाँ का राजा अपने राज्य में लोगों के शिक्षित होने पर पाबंदी लगा देता है। फिर भी गुरु की भूमिका निभाने वाले मो. शहंशाह अपने एक शिष्य ‘आनंद’ के साथ कुमतिनगर के लोगों को पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। आरम्भ में शिष्य ‘आनंद’ गुरु एवं गुरु ग्रन्थ की अनदेखी कर और लोगों को ठग कर बस अच्छा-अच्छा भोजन ग्रहण करने में लग जाता है। इसके बावजूद राजा ‘आनंद’ को कोतवाल बना देता है। दूसरी तरफ शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने वाले गुरु (मो. शहंशाह) पर राजद्रोह करार कर सिर कलम करने की घोषणा कर देता है।

अचानक कोतवाल बने शिष्य ‘आनंद’ का अंतर्मन जागृत हो जाता है। वह गुरु को सूली पर नहीं चढ़ाने के लिए राजा से प्रार्थना करता है। इसी के साथ शिष्य के अंतर्मन में शिक्षा-शिक्षक एवं ग्रन्थ के प्रति सम्मान व संस्कार जाग उठता है। ऐसा लगता है जैसे शिष्य का स्वप्न टूट चुका हो।

Students & Guardians observing Play “Kumati Nagar ka Kissa” in T.P. College Sabha Bhawan
Students & Guardians observing Play “Kumati Nagar ka Kissa” in T.P. College Sabha Bhawan

कालांतर में वह शिष्य ‘आनंद’ अपने गुरु (मो. शहंशाह) के साथ शिक्षा के प्रचार-प्रसार में अहर्निश इस कदर काम करने लगता है जैसे आधुनिक बिहार के निर्माता अमर स्वतंत्रता सेनानी एवं बिहार के प्रथम विधि मंत्री बाबू शिवनंदन प्र. मंडल के जीवन-दर्शन –

….Not a single soul should remain uneducated on the Earth.

को कुमतिनगर की घरती पर जन-जन तक ले जाने के बाद ही दम लेंगे दोनों। दोनों गुरु-शिष्य मिलकर ज्ञान के तिरस्कार को खत्म करते हैं और विनाश के द्वार को बंद कर देते हैं।

टी.पी. कालेज के विशाल सभागार में “नवाचार रंग मंडल” की प्रथम प्रस्तुति ‘कुमतिनगर का किस्सा’ का उद्घाटन प्रधानाचार्य डॉ. एस.एल.एस. जौहरी, डॉ. मधेपुरी, प्रो. एस. के. यादव, डॉ. जे. पासवान, डॉ. के.डी. यादव, दशरथ प्र. सिंह, ध्यानी यादव आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर डॉ. विश्वनाथ विवेका, डॉ. अरुण, प्रो. अद्री, डॉ. अरविन्द एवं रुपेश कुमार आदि की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. जौहरी ने कहा कि कला और संस्कृति जीवन को संस्कारित करती है। जीवन का अहम हिस्सा बनकर उसे आगे बढाती है। मौके पर अन्य वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ भी प्रतिभाओं के सामने बाधा बनकर खड़ा नहीं रह सकता।

वहीँ डॉ. मधेपुरी ने कहा कि मधेपुरा के नाम को रोशन करने वाली प्रतिभाओं के प्रतीक – सोनी, पायल, रियांशी, रवि, हर्षवर्धन सिंह राठौड़, मो. शहंशाह आदि – को आर्थिक मदद देते रहने के लिए वे हमेशा खड़े रहे हैं और भविष्य में भी प्रतिभाओं के रास्ते में पैसे की बाधा को दूर करने के लिए वे हमेशा तत्पर व मुस्तैद रहेंगे। नाटक की सफलता के लिए मो. आतिफ, इमरान, दीपक, राहुल, रवि, बमबम, श्रीकांत, संदीप, कैसर, आनंद, सुमित, निशा, कार्तिक के साथ-साथ गायक रोशन कुमार, अंशु, गुड्डू, प्रिया, कशिश, परवीण आदि ने अपनी अच्छी उपस्थिति दर्ज करायी।

वस्त्र-रूप व मंच सज्जा सहित विभिन्न प्रकार के सहयोग के लिए सोनी राज, प्रीति, शिवानी, दिलखुश, अंजलि, आदित्य, शुभम-अमल-मिथुन सहित शहनवाज-शकील एवं उज्ज्वल-हर्षवर्धन-रिजवान-विजय आदि पताका फहराते रहे। मंच संचालन अंशु एवं हर्षवर्धन सिंह राठौड़ ने किया।

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मधेपुरा में जारी है मानवता के विरुद्ध घृणित अपराध

बाल कल्याण समिति मधेपुरा द्वारा विगत एक्स-मास की छुट्टी में 10 बच्चों को मजदूरी कराने के लिए दिल्ली-पंजाब ले जा रहे गिरोह से छुटकारा दिलाकर उन्हें उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया |

‘Madhepura Abtak’ को प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसे घृणित अपराध के तीन ठीकेदारों द्वारा मधेपुरा जिले के विभिन्न गाँवों के दस किशोरों को माँ की ममतामयी छांव से दूर ले जाने का प्लान रचा गया | फलस्वरूप उन दसो-बालकिशोरों –आलमनगर के एक मुकेश कुमार, रतवाड़ा के तीन- ध्रुव-मिथुन-सौरभ कुमार, खुरहान के दो- राधे और रिपन, चिरौरी के कन्हैया, गंगापुर के पवन, मोरसंडा के गौरव कुमार एवं घुरगाँव के रविन्द्र कुमार को वे तीनो घृणित अपराध कर्मी अपने कब्जे में कर लिये |

ये सभी किशोर सरकारी स्कूल के वर्ग 3 से 8 में पढने की बात कहते रहे जिनमें से चार तो मधेपुरा अबतक को स्कूली ड्रेस में ही दिखे | ऐसे उन्मुक्त बचपन को बाल मजदूरी की खाई में गिरने से पहले ही जी.आर.पी. की सूचना पर चाईल्ड लाइन सहरसा के अधिकारियों ने छापेमारी कर अपने कब्जे में ले लिया और माँ-बाप के ममत्व भरे मंदिर में पूजा-अर्चना करने हेतु वापस करने के लिए बाल कल्याण समिति (सी.डब्लू.सी.) सहरसा को हस्तगत करा दिया |

सी.डब्ल्यु.सी के सदस्य डॉ.नरेश रमण एवं अध्यक्ष पूनम कुमारी दास ने मुक्त कराये गये इन बाल मजदूरों की सूचना सहरसा श्रम अधीक्षक को दे दी  | बच्चों ने बताया कि बिना अभिभावकों की सहमति के वे इन मानव व्यापारियों द्वारा दिये गये लोभ के कारण उनके साथ जाने को तैयार हुए थे जबकि बच्चों ने ठीकेदारों के नाम तक नहीं जानने की बात स्वीकार की |

सी.बी.आई. के हालिया रिपोर्ट के अनुसार 8 हजार मासूम बच्चियों को दिल्ली के रास्ते दुबई भेजा गया – जिसमें अधिकांश किशोरियों के माता-पिता के बिहार,झारखंड और बंगाल से होने की बात कही गई है | जरा सोचिये तो सही, ममता को तरसता मासूम बच्चा अपने माँ-बाप से अलग होकर कैसे रहता होगा  !!

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प्रखर शिक्षाविद एवं कुशल राजनीतिज्ञ डॉ.एम.पी.यादव की जयन्ती टी.पी.कॉलेज सभागार में समारोहपूर्वक मनी

प्रधानाचार्य, प्रतिकुलपति एवं कुलपति रह चुके कुशल राजनीतिज्ञ डॉ.महावीर प्रसाद यादव की 90वीं जयन्ती समारोह का आयोजन “डॉ.महावीर सामाजिक एवं सांस्कृतिक शोध संस्थान” ट्रस्ट के बैनर तले श्रद्धापूर्वक किया गया जिसकी सफलता के लिए उनके पुत्र डॉ.अरुण एवं पुलिस इन्स्पेक्टर मनोज कुमार की आकुल-व्याकुल उपस्थिति सराहनीय रही | बन्धु द्वय ने बिहार सरकार के वरिष्ठतम मंत्री व उद्घाटनकर्ता बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव सहित मंचासीन सभी अतिथियों को पुष्प-गुच्छ के साथ चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया |

कार्यक्रम का श्रीगणेश “महावीर द्वार” शिलान्यास से आरम्भ किया गया तथा सभागार में सर्वप्रथम उनके तैलचित्र पर उद्घाटनकर्ता माननीय मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, पूर्व कुलपति डॉ.जयकृष्ण प्रसाद यादव, डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डॉ.के.एन.ठाकुर, प्राचार्य-अध्यक्ष डॉ.एच.एल.एस.जौहरी, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, विधायक रमेश ऋषिदेव, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला, प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल, पूर्व विधायक दिलकेश्वर मेहता सहित स्वागताध्यक्ष डॉ.शिवनारायण यादव, संयोजक डॉ.शैलेन्द्र कुमार, निवेदक डॉ.परमानन्द यादव, उद्घोषक डॉ.उदयकृष्ण व अंचलाधिकारी मिथिलेश कुमार आदि के साथ-साथ सभाभवन में महावीर बाबू के श्रद्धावनत शिष्यगण तथा उनमें आस्था रखनेवाले शिक्षानुरागी-बुद्धिजीवी, छात्र-छात्राओं द्वारा पुष्पांजलि अर्पित किया गया और संस्मरण, स्नेह एवं हृद्योदगार व्यक्त किया गया- जिनमें प्रमुख रूप से उपस्थित देखे गये सहरसा से गोपाल बाबू, डॉ.विद्यानंद मिश्र, सुपौल से केशर कुमार सिंह, डॉ.नरेश कुमार, आरक्षी निरीक्षक गजेन्द्र कुमार, प्रो.रीता कुमारी, शम्भू ना.यादव, प्रो.विजेन्द्र ना.यादव, पूर्व प्रमुख सिया शरण यादव, सीनेट सदस्य विद्यानन्द यादव आदि |

फिर उस महामना डॉ.महावीर की तरह चारो ओर शिक्षा के प्रकाश को फैलाने के लिए दीप प्रज्वलित कर सबों ने उनके प्रति उदगार व्यक्त किया | उदगार व्यक्त करने वालों में सहरसा के गोपाल बाबू ने एक मिनट में यही कहा- हरि अनंत हरि कथा अनंता……|

Intellectuals attending 90th Jayanti Samaroh of Dr.M.P.Yadav at T.P.College Sabha Bhavan Madhepura .
Intellectuals attending 90th Jayanti Samaroh of Dr.M.P.Yadav at T.P.College Sabha Bhavan Madhepura .

फिर डॉ. विद्यानंद मिश्र, सुपौल के केशर सिंह सहित प्रो.रीता कुमारी,डॉ.नरेश कुमार, प्रो. बिजेंद्र ….. आदि प्रमुख रहे जिन्होंने महावीर बाबू के विभिन्न स्वरूपों , संस्मरणों एवं कार्यों की चर्चाएँ की |

ज्योहिं अध्यक्ष – स्वागताध्यक्ष द्वारा वक्ताओं पर समय की पावंदी लगाई गई कि इसी बीच डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में बस इतना ही कहा – महानुभाव ! संस्थापक प्राचार्य श्रधेय रतनचन्द ने वट वृक्ष के जिस नन्हें से शिक्षा बीज ( टी.पी.कालेज) को मधेपुरा की माटी में खड़ा किया था और कालांतर में जिसे डॉ.महावीर विश्वकर्मा बनकर इतना विराट बना दिया उसे समय के दो मिनट वाली कटोरी में समा देना क्या संभव होगा – शिवनारायण बाबू ! क्या इस पुनीत अवसर पर उद्घाटनकर्ता महोदय को भी संबोधित न करूँ जो बिहार सरकार के हाथ-पैर जैसे मंत्री नहीं बल्कि सरकार की रीढ कहे जाने वाले वरीय मंत्री हैं – बिजेंद्र बाबू ! जिन्होंने मधेपुरा को शिक्षा का हब बनाने के लिए बी.एन.एम.यू.निर्माण से लेकर कर्पूरी मेडिकल कालेज, बी.पी. मंडल इंजिनियरिंग कालेज के लिए लगभग एक हजार करोड की राशि अपने वित्त मंत्रित्वकाल में दिया था | इसी क्रम में मंचासीन अतिथियों ने विस्तार से महावीर बाबू के गुणों की चर्चा की |

अंत में उद्घाटनकर्ता माननीय मंत्री बिजेंद्र प्र.यादव ने अपने संबोधन में कहा कि रतनचंद एवं महावीर बाबू जैसे पुरुखों को याद कर हम ज्ञान अर्जित करके आगे बढ़ने का रास्ता तलाश सकते हैं | ऐसे ही लोग काम के बल पर पद से ऊपर उठ जाते हैं | शिक्षक, शिक्षा एवं शिक्षालयों में सुधार लाने के बाबत उन्होंने महात्मा गाँधी एवं टैगोर के बीच के संस्मरण सुनाकर यही कहा कि सिर्फ कहने से ही नहीं बल्कि करने से ही काम होता है | अंत में सदाशिव टेम्पुल एवं माया निकेतन की शिक्षिका शशि प्रभा के निर्देशन में छात्राओं ने “महावीर–गीत” प्रस्तुत किया | प्रो.विष्णुदेव यादव ने धन्यवाद् ज्ञापन किया |

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समाज का रक्षक एवं रखवाला होता है शिक्षक

भूपेन्द्र चौक मधेपुरा स्थित शांति आदर्श मध्य विद्यालय में गुरुवार (31 दिसम्बर 2015) को सेवानिवृत होनेवाली प्रधानाध्यापिका श्रीमती सरला कुमारी की विदाई एवं पदभार ग्रहण करनेवाली प्रधानाध्यापिका श्रीमती लता कुमारी का स्वागत समारोह विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित किया गया |

वक्ताओं की लम्बी सूची होने के बाबजूद सबों ने श्रीमती सरला के लम्बे कार्यकाल में किये गये कार्यों, स्कूल संचालनों से जुड़े तथ्यों को गागर में सागर भरने की कुशलता के साथ सम्पन्न किया | उनके सरल स्वभाव एवं अहंकार शून्य चरित्र की सराहना सबों ने की |

Teachers and Students attending Vidai Samaroh
Teachers and Students attending Vidai Samaroh

विदाई समारोह जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई और विशेष रूप से संघ के पदाधिकारीगण की उपस्थिति देखी गई | शिक्षक संघ के सचिव लाल बहादुर यादव, राज्य प्रतिनिधि आशीष कुमार, पूर्व प्रधानाध्यापिका प्रभावती देवी, द्रौपदी कुमारी, शैल कुमारी, माधुरी कुमारी सिन्हा, धर्मशीला-रेखा सहित समाजसेवी शौकत अली, वरीय अधिवक्ता सी.डी.सिंह आदि द्वारा अपने उद्गार व्यक्त किये गये |

पूर्व सचिव बैद्यनाथ यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

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मधेपुरा नागरिक संसद ने याद किया दुष्यन्त कुमार को

 मेरे सीने में नहीं, तेरे ही सीने में सही |
हो जहाँ भी आग लेकिन, आग जलनी चाहिए ||

– दुष्यन्त कुमार

हिन्दी फन के मशहूर शायर दुष्यन्त कुमार (त्यागी) जीवन के 45वें वसंत पूरा करने से पहले ही (31 दिसम्बर 1975) दुनिया को यही कहकर अलविदा कह दिया- “कुछ भी बन बस कायर मत बन……!”

दो दशकों से साहित्यिक गतिविधियों को जारी रखने वाले मधेपुरा नागरिक संसद के सचिव शम्भु शरण भारतीय सदा दुष्यन्त कुमार को ओढ़ते-बिछाते रहे और उनकी स्मृति को तरोताजा बनाये रखने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के आधे दर्जन वैज्ञानिकों सर्वश्री डॉ.मिथिलेश कुमार राय, डॉ.सुनील कुमार सिंह, डॉ.आर.पी.शर्मा, डॉ.सुनील कुमार, डॉ.शशिप्रकाश विश्वकर्मा, (सभी कृषि अनुसंधान केंद्र में कार्यरत) एवं राजन बालन आत्मा के परियोजना निदेशक सहित प्रगतिशील कृषक राधेश्याम प्रसाद व आयुर्वेदिक महिला वैज्ञानिक सलाहकार श्रीमती मधुमाला कुमारी के साथ-साथ स्थानीय अखबारों के चार व्यूरो चीफ सर्वश्री अमिताभ (हिन्दुस्तान), धर्मेन्द्र भारद्वाज(जागरण), डॉ.रुपेश रूपक (प्रभात खबर) एवं राकेश सिंह(मधेपुरा टाइम्स) और अवकाशप्राप्त शिक्षक रमेश चन्द्र यादव को सम्मान समारोह के उद्घाटनकर्ता- पूर्व सांसद व मंडल वि.वि. के संस्थापक कुलपति एवं प्रखर साहित्यकार डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि द्वारा अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया |

उद्घाटनकर्ता डॉ.रवि ने दुष्यन्त-साहित्य को संवेदना की कोख से जन्म ग्रहण करने के कई माकूल व मानक उदाहरण पेश कर दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया | उन्होंने विस्तार में जाकर कभी प्रेमचन्द की होरी की विकलता में काव्यत्व की गरिमा छिपे रहने की चर्चा की तो कभी आदि कवि वाल्मिकी के कामरत क्रोंच पंक्षियों का बिम्ब सामने खड़ाकर खूब तालियाँ बटोरी |

समारोह की अध्यक्षता कर रहे जनकवि शंभुनाथ अरुणाभ ने अपनी मिटटी की सौंधी महक से चतुर्दिक खुशबू फैला दी | वहीं मुख्यअतिथि के रूप में बी.एन.एम्.यू. के स्नातकोत्तर हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ.इन्द्र नारायण यादव ने दुष्यन्त के जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला |

काव्य गोष्ठी में अनेक कवियों ने अपनी प्रतिनिधि रचना पढ़कर साहित्यानुरागियों के हृदय में जगह बना ली | अवकाशप्राप्त शिक्षक सियाराम यादव ‘मयंक’ की गजल की ये पंक्तियाँ-

जिंदगी को हवा दीजिये, बेहया को हया दीजिये
छा रहा है अँधेरा मयंक, रौशनी तो जला दीजिये

खूब तालियाँ बटोरी |

कृषि पर आधारित गीत गाने वाले राजन बालन उससे इतर गीत गाकर लोगों को खूब गुदगुदाया | नागरिक संसद के स्थायी अद्यक्ष आध्यानंद यादव की ‘सड़क से सड़क पर’ लोगों को खूब भाया | सचिव शम्भु शरण भारतीय एवं सुकवि हरेराम भगत श्रोताओं के हृदय को छूने की भरपूर कोशिश की |

अन्त में शम्भु शरण भारतीय ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

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मधेपुरा में सुपर थर्टी के तर्ज पर सुपर सिक्सटी का शुभारम्भ

Madhepura को मुख्यमंत्री डॉ.जगन्नाथ मिश्र द्वारा 9 मई 1981 को जिला घोषित किया गया था – जिला के प्रथम डी.एम. श्री एस.पी.सेठ एवं प्रथम एस.पी. श्री अभयानंद के साथ रासबिहारी उच्च विद्यालय के मंच से | वही अभयानंद कालान्तर में बिहार के डी.जी.पी. तो बने ही, परन्तु उनकी ख्याति “सुपर थर्टी” को लेकर आकाश तक पहुँच गयी |

लगभग पैंतीस वर्षों के बाद भी अभयानंद का असर यहाँ बरक़रार है जिसके तर्ज पर वर्तमान शिवनंदन प्र.मंडल (एस.एन.पी.एम.) उच्च माध्यमिक विद्यालय मधेपुरा  के एच.एम. डॉ.निरंजन कुमार के नेतृत्व में स्कूल के शिक्षकों ने ‘सुपर सिक्सटी’ के चयन हेतु नवमी कक्षा के 200 छात्रों की परीक्षा ली | एक घंटे की परीक्षा में विभिन्न विषयों से सम्बंधित सवाल पूछे गये |

इन परीक्षार्थियों में से बिना किसी विभेद के सिक्सटी प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर स्कूल के शिक्षकों द्वारा स्पेशल क्लास लिया जायगा | अब इन छात्रों को कहीँ टयूशन पढ़ने की जरुरत नहीं पड़ेगी | वे सुपर थर्टी में भी जगह पा लेंगे |

Madhepura Abtak द्वारा जब समाजसेवी–शिक्षाविद Dr.B.N. Madhepuri से इस बाबत कुछ प्रतिक्रिया माँगी गयी तो उन्होंने कहा कि पूर्व डी.जी.पी. अभयानंद, पूर्व डी.एम. गोपाल मीणा एवं वर्तमान डी.एम. मो.सोहैल के शिक्षा के उन्नयन के प्रति कटिबद्धता का असर अब दिखने लगा है |

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डी.एम. मो. सोहैल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर किया एक दिवसीय चिन्तन शिविर का आयोजन

Madhepura  जिले के डायनेमिक जिला पदाधिकारी जनाव मो.सोहैल साहब के निदेशानुसार गुणवत्तापूर्ण प्रारम्भिक शिक्षा हेतु रविवार को बी.एन.मंडल स्टेडियम में जिले के तेरहो प्रखंड के सभी प्राथमिक, मध्य एवं नवसृजित स्कूलों के एच.एम. की बैठक आयोजित की गयी | इस एक दिवसीय चिंतन शिविर का मुख्यअतिथि कहिए, उद्घाटनकर्ता या सर्वेसर्वा सब कुछ डी.एम. मो.सोहैल थे और शिक्षा विभाग से जुड़े सारे पदाधिकारीगण |

इस चिन्तन शिविर में केवल एक ही शिक्षाविद् व जनसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी को मुख्यवक्ता के रूप में आमन्त्रित किया गया था जिन्होंने अपने लम्बे तकरीर में भारतरत्न डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को जीवन्त कर दिया और प्रधानाध्यापकों को जगा-जगा कर खूब तालियाँ बटोरी |

शिविर में डी.एम. मो. सोहैल ने प्रारम्भिक शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने एवं विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण पुनर्स्थापित करने को लेकर एक दर्जन ठोस निर्देश देते हुए यह भी चेतावनी दी कि या तो शिक्षक निर्देशों का अक्षरश: पालन करें व अपनी कार्यशैली में सुधार लायें या फिर कठोर कारवाई के लिए मानसिक रूप से अपने को तैयार करने में लग जायें |

Interaction between DM and HM regarding the problems of the Schools .
Interaction between DM and HM regarding the problems of the Schools .

डी.एम. ने तन्मयतापूर्वक शिक्षकों की समस्याओं से रु-ब-रु होते हुए एक-एक का समाधान दिया और यह भी कहा कि समस्याएं कहाँ नहीं हैं | उन्हीं समस्याओं के बीच से ठोस रास्ता निकालना ही तो आपकी शैक्षणिक योग्यता की पहचान कराती है | उन्होंने खेद प्रकट करते हुए कहा कि हजार से अधिक शिक्षकों के पास स्कूल भवन निर्माण की राशि है किन्तु निर्माण कार्य अब तक अधुरा है | कई स्कूलों में घंटियाँ नहीं बजती | दस फीसदी एच.एम. को छोड़ शेष क्लास लेते ही नहीं |

डी.एम. मो. सोहैल ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि आप शिक्षक की गरीमा को वापस लायें | उन्होंने डॉ.मधेपुरी का नाम लेते हुए शिक्षकों को डॉ.कलाम एवं डॉ.मधेपुरी के बीच घटित संस्मरण की ओर इशारा करते हुए कहा कि शिक्षक का संसार में कितना सम्मान है- उसे सच्चा शिक्षक बनने के बाद ही आप महसूसेंगे |

DM Md.Sohail, Dr.Madhepuri and others standing in a Shapathgrahan Ceremony .
DM Md.Sohail, Dr.Madhepuri and others standing in a Shapathgrahan Ceremony .

भला क्यों नहीं, जब डॉ.मधेपुरी ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम से पहली बार पटना हवाई अड्डे पर (9 बजे रात, 30 दिसम्बर-2005) अपने मिलने की चर्चा की और यह कहा कि मेरे नाम के किनारे ‘शिक्षक’ लिखा देखते ही डॉ.कलाम खड़े होकर मेरा अभिवादन किये और लम्बे समय तक बैठे नहीं…… बल्कि यही बोले कि शिक्षक राष्ट्रनिर्माता होता है और उन्हें सम्मान दे रहा हूँ | यह सुनकर न जाने कितने प्रध्यानाध्यापकों की आँखें नम हो गई |

आरम्भ में शिविर का श्री गणेश करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी बद्री नारायण मंडल द्वारा एक-एक बुके देकर मुख्यअतिथि मो.सोहैल एवं मुख्यवक्ता डॉ.मधेपुरी का स्वागत किया गया | मंच संचालन जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने संयुक्त रूप से किया | शिविर की सफलता के लिए शिक्षा विभाग के पदाधिकारीगण- सुरेन्द्र प्रसाद, शिवशंकर राय, चंद्र्शेखर राय, हरि झा, आदित्य प्रकाश एवं डॉ.यदुवंश सहित प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रसाद यादव आदि को सदैव मुस्तैद देखा गया |

All the Primary and Middle Schools HM attending Shapathgrahan Samaroh .
All the Primary and Middle Schools HM attending Shapathgrahan Samaroh .

अन्त में डी.एम. मो. सोहैल ने सभी प्रधानाध्यापकों को अपने शैक्षिक क्रियाकलापों के उन्नयन के बाबत शपथ दिलाई |

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हिन्दी के लिए कोई पागल ना बने, परन्तु अंग्रेजी को बनाये रखने की कोशिश भारतीय जनतंत्र के साथ विश्वासघात है

यहाँ के सामाजिक, शैक्षिक, एवं राजनीतिक क्षेत्र के आदि पुरुष रहे हैं- बाबू रासबिहारी लाल मंडल जिन्हें लोग हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू, फारसी, बंगला, नेपाली आदि भाषाओं के अच्छे व गहरे जानकार मानते रहे हैं | वहीं आजाद भारत के प्रथम विधि मंत्री रह चुके शिवनंदन प्रसाद मंडल हिन्दी, अंग्रेजी व संस्कृत के तथा प्रथम एम.एल.सी. मो.कुदरतुल्लाह काजमी इस धरती के हिन्दी, उर्दू एवं मैथिली के विद्वान माने जाते रहे | तभी तो मो.काजमी साहब 12 वर्षों तक बिहार राज्य हिन्दी प्रगति समिति के सक्रिय सदस्य रहे तथा वर्षों रहे थे- बिहार मैथिली महासंघ के उपाध्यक्ष भी |

समाजवादी चिन्तक एवं हिन्दी-अंग्रेजी के मर्मज्ञ भूपेन्द्र नारायण मंडल की विद्वता तो भारतीय संसद में अंग्रेजी के सम्बन्ध में हो रही चर्चा के दरमियान दिए गये वक्तव्य से आंकी जा सकती है- अध्यक्ष महोदय ! मैं हिन्दी के लिए पागल नहीं हूँ, परन्तु भारत में ‘अंग्रेजी’ को बनाये रखने की कोशिश भारतीय जनतंत्र के साथ विश्वासघात है |

Sanrakshak Dr. Madhepuri inspecting Spelling Bee Championship Exam at Parvati College Madhepura.
Sanrakshak Dr. Madhepuri inspecting Spelling Bee Championship Exam at Parvati College Madhepura.

उसी हिन्दी को प्रतिस्थापित करने के लिए ‘हिन्दी शब्द स्पर्धा’ का आयोजन क्यों किया जा रहा है- यह भी जानिये | गत वर्ष ‘स्पेलिंग बी.एसोसिएशन’  मधेपुरा द्वारा अंग्रेजी में चैंपियनशिप के पारितोषिक वितरण समारोह में आये एस.पी. आशीष कुमार ने संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी व अध्यक्ष डॉ.विश्वनाथ विवेका से हिन्दी में इसे आयोजित करने हेतु जिज्ञासा व्यक्त की थी | फलस्वरूप संरक्षक की सहमति से सचिव ने 20 दिसम्बर को एक दर्जन स्कूल के वर्ग 1 से 10 तक के लगभग 450 छात्र-छात्राओं की ‘हिन्दी शब्द प्रतिस्पर्धा परीक्षा’ पार्वती कॉलेज में आयोजित की जिसकी फाइनल परीक्षा 27 दिसम्बर को इसी कॉलेज में होगी |

इस ‘हिन्दी शब्द प्रतिस्पर्धा’ चैंपियनशिप में शहर के शिखर के स्कूल- हाली क्रास, किरण पब्लिक, जितेन्द्र पब्लिक, साउथ पॉइंट, डी.एस.एकेडेमी सहित अन्य विद्यालयों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे संपन्न कराने में संरक्षक डॉ.मधेपुरी, सचिव सावंत रवि सहित सोनीराज, मो.शंहशाह, अमित, रजाउल, रवि कुमार, मनीष, राहुल, ऋतुराज, दीपक, मो.कैशर, मो.आतिफ आदि सक्रिय देखे गये |

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भारतीय जन लेखक संघ, मधेपुरा इकाई द्वारा विरह-मिलन के प्रखर गीतकार सुबोध कुमार सुधाकर का किया गया सम्मान

भारतीय जन लेखक संघ द्वारा सुकवि ‘सुधाकर’ के लिए आयोजित सम्मान समारोह का उद्घाटन किया प्रो.दयानन्द और अध्यक्षता की भू.ना.मंडल वि.वि. के हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो.इन्द्र ना.यादव ने |

संघ के महासचिव महेन्द्र ना.पंकज, सचिव सुरेन्द्र भारती, पश्चिम बंगाल के आलोक सुन्दर सरकार, प्रो.सीताराम शर्मा, प्रो.नारायण कुमार, ई.हरिश्चन्द्र मंडल, प्रमोद कुमार सूरज, डॉ.विनय कुमार चौधरी आदि की सहभागिता से- “साहित्य में दलित एवं पिछड़ो के अस्तित्व” विषयक परिचर्चा पर गहराई से विमर्श हुआ |

Dr.Madhepuri felicitating Geetkaar Sudhakar Jee .
Dr.Madhepuri felicitating Geetkaar Sudhakar Jee .

साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कौशिकी के अद्यक्ष व सुधाकर जी के काव्य-गुरु हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की चर्चा करते हुए सुकवि ‘सुधाकर’ को पुष्प गुच्छ अर्पित कर सम्मानित किया और परिचर्चा के विषयानुरूप स्वरचित ग्रन्थ- ‘इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल’ भेंट करते हुए परिचर्चा को सर्वाधिक गंभीर भी बना दिया | अन्त में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जब भी वे उत्तर दिशा की ओर नजर उठाते हैं तो हिमालय की तरह अडिग और स्थितप्रज्ञ होकर साहित्य सृजन करते हुए नजर आते हैं- तारानन्दन तरुण और सुबोध कुमार सुधाकर एवं हिमालय की सबसे ऊँची चोटी एवेरेस्ट पर भारतीय तिरंगा को फहराती हुई नजर आती है- देश की बेटी संतोष यादव |

 Audience attending the meeting of Bhartiya Jan Lekhak Sangh at Madhepura .
Audience attending the meeting of Bhartiya Jan Lekhak Sangh at Madhepura .

दूसरे सत्र में प्रखर गीतकार एवं क्षणदा के संपादक ‘सुधाकर’जी, जिन्होंने साहित्यिक सम्मान के रूप में राष्ट्रभाषा रत्न, साहित्य रत्न, काव्य प्रवीण तथा संपादकश्री आदि अर्जित किया है, के सम्मान में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें फर्जी हास्य कवि डॉ.अरुण कुमार, राकेश कुमार द्विजराज, धर्मेन्द्र कुमार आनन्द, प्रतिभा कुमारी, मो.अबरार आलम, उल्लास मुखर्जी, डॉ.नारायण, शम्भुनाथ अरुणाभ, संतोष सिन्हा, भूपेन्द्र यादव, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.मधेपुरी आदि ने अपनी रचनाओं से ऐसा समां बंधा कि कार्यक्रम के दोनों सत्रों में सात घंटे कैसे निकल गये, किसी को पता भी नहीं चला |

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डॉ.मधेपुरी ने की प्रो.चन्द्रशेखर से मो.कुदरतुल्लाह के नाम पर सड़क के नामकरण की माँग

अमर स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व एम.एल.सी. एवं प्रखर समाजसेवी मो.कुदरतुल्लाह काजमी की 48वीं पुण्यतिथि समारोह स्थानीय कुदरतुल्लाह यूनानी दवाखाना के प्रांगण में सम्मानपूर्वक आयोजित किया गया जिसके प्रेरक रहे हैं- डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं आयोजक मो.शौकत अली |

समारोह के उद्घाटन सत्र का श्री गणेश दीप प्रज्ज्वलित कर बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर व डॉ.मधेपुरी सहित राजद जिलाध्यक्ष मो.खालिद, वरीय नेता विजेन्द्र प्र.यादव, जिलापरिषद अद्यक्षा मंजू देवी ने किया |

Minister Prof.Chandrashekhar addressing the people in the campus of Kudratullah Unani Dawakhana, Madhepura .
Minister Prof.Chandrashekhar addressing the people in the campus of Kudratullah Unani Dawakhana, Madhepura .

माननीय मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर ने उस अजिम शख्सियत मो.कुदरतुल्लाह के सामाजिक योगदानों को रेखांकित करते हुए कहा कि आगे भी डॉ.मधेपुरी एवं शौकत अली जैसे समाजसेवी लोग उन्हें याद रखेंगे | मंत्री ने कहा कि समाज के वंचितों एवं बच्चों के लिए मधेपुरा में यूनानी दवाखाना तथा काजमी कन्या विद्यालय की स्थापना हेतु उन्होंने न केवल जमीन दान दी बल्कि आजादी खातिर यातनाएँ भी सही और जेल भी गये |

Chief Guest Dr.Madhepuri comparing Kudratullah with 1st Law Minister .
Chief Guest Dr.Madhepuri comparing Kudratullah with 1st Law Minister .

मुख्यअतिथि डॉ.मधेपुरी ने मधेपुरा के मंडल-त्रय गांधीवादी शिवनन्दन प्र.मंडल, समाजवादी भूपेन्द्र नारायण मंडल एवं सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल की चर्चा करते हुए कहा कि मो.कुदरतुल्लाह गांधीवादी शिवनन्दन प्र.मंडल के हमसफर थे | दोनों एक साथ पढ़े और आजादी की लड़ाई में संग-साथ रहकर जेल यात्रा पर भी गये | दोनों दो-दो टर्म एम.एल.ए. एवं एम.एल.सी. रहे | दोनों देश के लिए जीते रहे | देश की खातिर जीने वाला कभी मरता नहीं है |

डॉ.मधेपुरी ने सर्वप्रथम मंत्री महोदय को यह जानकारी दी कि बापू द्वारा ‘नशाबन्दी’ की घोषणा किये जाने पर कुदरतुल्लाह ने इसी सड़क पर अपने पिता की ताड़ी दूकान बंद करने हेतु धरना-प्रदर्शन किया था | फिर डॉ.मधेपुरी ने इसी रोड का नामकरण कुदरतुल्लाह मार्ग करने की माँग बिहार सरकार के मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर से की |

जहाँ विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद् अध्यक्षा मंजू देवी ने कुदरतुल्लाह के जीवन से बहुत कुछ सीखने की बातें कहीं वहीँ राजद जिलाध्यक मो.खालिद, वरीय नेता विजेन्द्र प्र.यादव ने उद्गार व्यक्त करते हुए काजमी साहब को प्रखर राष्ट्रवादी विचारक बताया | वैसे शिक्षा प्रेमी की पुण्य तिथि पर दस शिक्षकों को सम्मानित किये जाने की सराहना भी की |

People at Kudratullah Shraddhanjali Sabha .
People at Kudratullah Shraddhanjali Sabha .

अपने अध्यक्षीय भाषण में मो.शौकत अली ने उस यूनानी दवाखाने के सारे कचरे को हटाकर वहाँ आयुष चिकित्सालय की स्थापना की माँग की | मौके पर विद्वान डॉ.सैयाद परवेज आलम, मो.खतीबुर रहमान, मुर्तुजा अली, हाजी मनीरुद्दीन, अनवर जी आदि ने श्रधांजलि अर्पित की |

अंत में सेल-टैक्स एवं इनकम-टैक्स के वरीय अधिवक्ता जयनन्दन प्रसाद ने धन्यवाद् ज्ञापित किया |

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