Tag Archives: dr. madhepuri

मधेपुरा में राज्यस्तरीय कबड्डी का महाकुम्भ

बिहार के 38 जिलों से आये बालक-बालिकाओं की टीम के रंग-बिरंगे ड्रेसों, पताकों एवं तिरंगों से उत्प्लावित बी.एन.मंडल स्टेडियम में कबड्डी के त्रि-दिवसीय (22-24 सितंबर) भव्य समारोह की अध्यक्षता कर रहे मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने उद्घाटनकर्ता के रूप में राष्ट्रीय नेता व सांसद शरद यादव सहित अन्य विधायकगण व मान्यजन सहित उपस्थित खिलाड़ियों-दर्शकों का स्वागत किया | इस अवसर पर डीएम मो.सोहैल एवं एस.पी.विकास कुमार ने कहा कि सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था है | यहां कानून का राज है | देर रात तक कबड्डी का आनंद लें | जमकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें |

National Leader and M.P. Sri Sharad Yadav honoured by D.D.C. Mithilesh Kumar in the inaugural function of Inter District State Kabaddi Competition at BN Mandal Stadium Madhepura .
National Leader and M.P. Sri Sharad Yadav honoured by D.D.C. Mithilesh Kumar in the inaugural function of Inter District State Kabaddi Competition at B.N. Mandal Stadium Madhepura .

सर्वप्रथम उद्घाटनकर्ता सांसद शरद यादव सहित विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, प्रो.रमेश ऋषिदेव, निरंजन मेहता, डी.एम.  मो.सोहैल, एस.पी. विकास कुमार, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, जेडीयू जिलाध्यक्ष प्रो.विजेन्द्र प्रसाद यादव को अंगवस्त्रम-पाग व पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया | पुनश्च, अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कबड्डी के इस महाकुंभ का विधिवत उद्घाटन किया गया |

Dr.Madhepuri honoured by a popular C.D.P.O. of Madhepura District during State Kabaddi Competition at BN Mandal Stadium.
Dr.Madhepuri honoured by a popular C.D.P.O. of Madhepura District during State Kabaddi Competition at BN Mandal Stadium.

उद्घाटनकर्ता शरद यादव ने अपने संक्षिप्त संबोधन में खिलाड़ियों से यही कहा कि खेलों में अच्छे प्रदर्शन से देश का मान बढ़ता है तथा देश को गौरव प्राप्त होता है | उन्होंने खिलाड़ियों से अन्य बातों के अलावा यही कहा कि अव्वल रहने पर गौरव मिलेगा और हार जाने पर फिर से जीतने की तैयारी का जज्बा हासिल होगा……….!

Exibition of grand Jhanki by the students of Tulsi Public School, Madhepura .
Exibition of grand Jhanki by the students of Tulsi Public School, Madhepura .

यह भी बता दें कि सभी जिले की टीम के कप्तान तिरंगे को थामे मंच से गुजरते रहे | स्थानीय स्कूलों द्वारा नगाड़े की चोट से उत्पन्न उत्साहवर्धक धुन बजते रहे | स्काउट-गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव पूरे माहौल को सजाते रहे | हॉली क्रॉस एवं तुलसी पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा उच्च स्तरीय झांकियां प्रस्तुत किये गये | फिर भी लोगों ने श्यामल कुमार सुमित्र एवं विकास कुमार के निर्देशन में तुलसी पब्लिक स्कूल की कुछ अधिक सराहना की |

यह भी जानें कि उद्घाटन मैच के रुप में जमुई की टीम एवं मधेपुरा की टीम के बीच भिड़ंत हुई | देर रात तक चले अन्य मैचों में दर्शकों के साथ-साथ डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, एस.पी. विकास कुमार, एन.डी.सी. मुकेश कुमार, कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार, स्काउट एवं गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव, थानाध्यक्ष मनीष कुमार, डी.पी.एस.  के निदेशक किशोर कुमार आदि बेहतर व्यवस्था में लगे रहे |

सम्बंधित खबरें


शिक्षक शिव कुमार की मनी जयन्ती

अनुशासनिक प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्धि प्राप्त विज्ञान के प्रसिद्ध शिक्षक रहे शिव कुमार प्रसाद की 79 वीं जयंती समारोह का आयोजन उनके आवासीय परिसर में संपन्न हुआ | समारोह की अध्यक्षता जहां साहित्यकार व समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने की वहीं दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन टी.एम. भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति डॉ के.के. मंडल ने किया |

समारोह में डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि सरीखे ख्यातिप्राप्त हिन्दी के शिक्षक, प्रधानाचार्य एवं संस्थापक कुलपति को उद्घाटनकर्ता डॉ.के.के.मंडल एवं डॉ. मधेपुरी ने अंगवस्त्रम व कलम देकर सम्मानित किया | डॉ.रवि ने शिवकुमार बाबू की बहुआयामी प्रतिभाओं को उजागर करते हुए कहा कि वे भी विधायक, सांसद कहलाने के बजाय ताजिंदगी शिक्षक ही कहलना चाहते हैं |

Founder V.C. Dr.R.K.Yadav Ravi honoured by Dr.K.K.Madal & Dr.Madhepuri .
Founder V.C. Dr.R.K.Yadav Ravi honoured by Dr.K.K.Madal & Dr.Madhepuri .

शिवकुमार प्रसाद यादव मेमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्षा करुणा कुमारी एवं सचिव प्रो. रीता द्वारा आयोजित क्विज प्रतियोगिता में सफलतम तीन प्रतिभागियों- अमन राज, हेमंत राज एवं कोमल कुमारी को पुरस्कृत किया गया | इस कार्यक्रम में सहयोगी रहे प्रो. चंद्रशेखर-किशोर, रीना कुमारी आदि |

उद्घाटनकर्ता डॉ.के.के. मंडल सहित मुख्य अतिथि डॉ.अरुण कुमार मंडल, मंच संचालक डॉ. विनय कुमार चौधरी, प्रो. श्यामल किशोर यादव, स्वागताध्यक्ष दशरथ प्रसाद सिंह, डॉ. इंद्र नारायण यादव, डॉ. आलोक कुमार, हरिनंदन यादव, रघुनाथ यादव, आनंद मंडल, अनिल कुमार, डॉ. विभा कुमारी आदि ने शिवकुमार बाबू की कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासनिक प्रतिबद्धता के साथ-साथ उनके आदर्श विचारों की जमकर चर्चाएं की तथा स्तुत्य बताया |

अंत में अध्यक्षीय भाषण में डॉ. मधेपुरी ने अपने आदिगुरु लक्ष्मी प्रसाद सिंह से लेकर लाला सुरेंद्र प्रसाद, जलधर झा जलदेव, युगल राम प्रेम, लक्ष्मी बाबू, नंदकिशोर बाबू, सी.पी. सिंह साहब, गोविंद बाबू आदि शिक्षकों का स्मरण करते हुए तथा अपने प्रिय शिक्षक शिवकुमार बाबू को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए यही कहा कि कर्तव्य निष्ठा एवं आदर्श चरित्र व व्यक्तित्व के बल पर ही इन्होंने समाज में अपनी अमिट पहचान बनाई, राष्ट्र निर्माता बने और समाज का रक्षक-रहवर व रखवाला बने |

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में भजन-संध्या का आयोजन किया गया जिसमें अरुण कुमार बच्चन, राम अवध सिंह, प्रो. रीता कुमारी, रवि रंजन आदि के गायन-वादन ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा | डॉ. विनय कुमार चौधरी ने मंच संचालन किया और प्रो. रीता ने धन्यवाद ज्ञापन किया |

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा समाहरणालय में हिन्दी दिवस की गूँज

समाहरणालय सभाकक्ष में मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल की अध्यक्षता में 14 सितंबर को अधिकारियों, साहित्यनुरागियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया, जिसमें प्रेस प्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही ।

हिन्दी दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए अध्यक्ष सह जिला पदाधिकारी मो.सोहैल ने कहा कि अब प्रशासनिक अधिसूचनाएं, आदेश-निर्देश, सेवा नियमावली सहित समस्त प्रगति-प्रतिवेदन आदि मुस्तैदी के साथ हिन्दी में लिखी जायेगी । जिलाधिकारी ने हिन्दी के संबर्धन के बाबत विस्तार से उद्गार व्यक्त करते हुए अंत में यही कहा कि सभी न्यायालयों में निष्पादन किये जानेवाले वादों के निर्णय को अच्छी हिन्दी में निर्गत करनेवाले कर्मियों का नाम राजभाषा विभाग की ओर से दिये जाने वाले पुरस्कार हेतु अनुशंसा की जायगी । उन्होंने हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी के उन्नयन हेतु महत्वपूर्ण विचारणीय सतरह बिंदुओं की टंकित प्रतियां भी वितरित कराई ।

इस अवसर पर प्रो.श्यामल किशोर यादव, प्रो.प्रदीप झा, पत्रकार तर्बसु, चंदन कुमार, शंकर कुमार आदि ने भी हिन्दी के महत्व एवं उसकी उपयोगिता पर विचार व्यक्त किये ।

यह भी बता दें कि समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में तुर्की रिपब्लिक के संस्थापक कमाल अतातुर्क के संकल्प को याद करते हुए समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल द्वारा कभी भारतीय संसद में हिन्दी के उन्नयन हेतु माननीय अध्यक्ष से कही गई बातों को उद्घृत किया- अध्यक्ष महोदय ! हिन्दी के लिए मैं पागल नहीं हूं, परंतु भारत में अंग्रेजी को बनाये रखने की कोशिश भारतीय गणतंत्र के साथ विश्वासघात है ।                        

मौके पर डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि 70 वर्षों से हिन्दी तेजी से आगे बढ़ने के बजाय कदम ताल करती रही है । यदि कमाल अतातुर्क की तरह होता हमारे संकल्पों में जान तो हम भी जीत लिए होते आसमान……..! अंत में डी.पी.ओ.राखी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापित कर निदेशानुसार समारोह के समापन की घोषणा की ।

सम्बंधित खबरें


अब टिफिन के बाद भी हाजिरी होगी छात्रों की

कभी तो चीन, जापान और जर्मनी जैसे देशों के विद्यार्थी बिहार के विक्रमशिला और नालंदा विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए आते थे | वे सारे विदेशी भिन्न-भिन्न विद्याएं सीख-सीख कर अपने-अपने घर जाते थे  | वो भी एक समय था जब भारत की विद्याएं दुनिया भर में फैलती रही….. तब जब पांचवी शताब्दी में कदाचित आर्यभट्ट जैसे गणितज्ञ नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति हुआ करते थे | बिहार में जन्मे उसी आर्यभट्ट के लिए विश्वविख्यात वैज्ञानिक आइंस्टाइन ने कहा है- “मैं आर्यभट्ट के सामने सिर झुकाता हूँ जिन्होंने विश्व को गणित का ज्ञान दिया अन्यथा आज तक जितने भी आविष्कार दुनिया में हुए हैं उनमें से आधा भी संभव नहीं हो पाता |”                        

परन्तु सोचिए तो सही, आज हमारी शिक्षा व्यवस्था को क्या हो गया है ? कौन सा रोग पकड़ लिया है ? लड़के नामांकन कराते हैं और स्कूल नहीं जाते हैं | अभिभावकों को ही नहीं बल्कि शिक्षकों को भी छात्रोपस्थिति के लिए नए-नए उपाय ढूंढने को विवश होने पड़ते हैं |

फिर भी स्थिति में सुधार होते नहीं देखकर मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल को जिले के +2 और हाई स्कूलों के प्रधानों के साथ, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों के साथ झल्लूबाबू सभागार में बैठक बुलाकर हर तरह की समस्याओं की जानकारी लेने के बाद कुछ कठोर निर्णय लेने पड़ते हैं- सात दिनों तक स्कूल नहीं आनेवाले छात्रों का नाम काट दिया जायेगा | अबसेंट रहनेवाले छात्रों से प्रतिदिन दो रुपये अनुपस्थिति दंड वसूल किया जायेगा | इतना ही नहीं, टिफिन के बाद भी छात्रों की हाजिरी ली जायेगी और गैरहाजिर हुए छात्रों से 4 रुपये दंड शुल्क वसूले जायेंगे |

यह भी बता दें कि जिलाधिकारी मो.सोहैल ने धैर्यपूर्वक विद्यालय प्रधानों की सारी समस्याओं को सुना और अपने कनीय पदाधिकारियों को तत्क्षण निदेश देकर समाधान भी करते चले गये | डी.एम. मो.सोहैल  द्वारा रासबिहारी विद्यालय की एच.एम. रंजना कुमारी, विद्या मंदिर कलासन के एच.एम. मो.हुसैन अहमद, केशव कन्या की विभा कुमारी तथा रानीपट्टी के एच.एम.दिनेश यादव आदि की समस्याओं के अविलम्ब निदान हेतु डी.ई.ओ. बद्री नारायण मंडल को आवश्यक निदेश भी दिये गये | डी.एम. मो.सोहैल ने स्कूल प्रबंधन समिति से स्कूल की देख-रेख मुस्तैदी से करने का अनुरोध भी किया और कहा कि रूटीन के अनुसार विद्यालय में पढ़ाई हो…….|

सम्बंधित खबरें


शिक्षक दिवस पर गूंज उठा 5 सितंबर

चाहे जिले के किसी कोने का प्राईवेट चिल्ड्रेन स्कूल हो या सरकारी प्राथमिक – मध्य विद्यालय, या फिर उत्क्रमित +2 विद्यालय ही क्यों ना हो…… भारतीय संस्कृति के संवाहक व सर्वोत्कृष्ट दार्शनिक भारतरत्न डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितंबर की अनुगूंज तीन सितंबर की शाम से ही गूंजने लगी |

यह बता दें कि 3 सितंबर की शाम को ही प्राइवेट स्कूल्स एण्ड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सह दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल, डॉ.मधेपुरी मार्ग, मधेपुरा के निदेशक किशोर कुमार एवं एसोसिएशन के सचिव सह माया विद्या निकेतन, शहीद चुल्हाय मार्ग, मधेपुरा की निदेशिका चंद्रिका यादव ने जिले के लगभग 100 शिक्षकों को हरी झंडी दिखाकर ‘अमन रथ’ से पटना एस.के.मेमोरियल हॉल में 4 सितंबर को नीतीश सरकार के शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी के द्वारा सम्मानित होने हेतु रवाना किया |

सम्मान समारोह की अध्यक्षता कर रहे संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद एवं मुख्य अतिथि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री प्रो.डॉ.अब्दुल गफूर की उपस्थिति में सभी जिले के शिक्षकों को मोमेंटो आदि देकर सम्मानित किया शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी ने | राज्य के डायनेमिक शिक्षा मंत्री डॉ.चौधरी इस परंपरा को और अधिक मजबूती प्रदान करने जा रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि दक्षिण कोरिया में शिक्षकों को वे सारे अधिकार प्राप्त हैं जो अधिकार भारत में मंत्रियों को है | और फ्रांस के न्यायालयों में केवल शिक्षकों को ही कुर्सी पर बैठने का अधिकार दिया गया है |

Retired H.M. & Presently Member of Syndicate ( B.N.M.U.) Sri Vidyanand Yadav honoured by Bharat Sahitya Sangam in presence of Dr.Madhepuri, Dr.Amol Ray (President) , Dr.Ashok kumar, Dr.Ram Naresh Singh & others onTeachers' Day .
Retired H.M. & Presently Member of Syndicate ( B.N.M.U.) Sri Vidyanand Yadav honoured by Bharat Sahitya Sangam in presence of Dr.Madhepuri, Dr.Amol Ray (President) , Dr.Ashok kumar, Dr.Ram Naresh Singh & others onTeachers’ Day .

जहाँ मधेपुरा के सभी शिक्षण संस्थानों में राधाकृष्णन जयंती पर दिनभर उत्सवी माहौल के बीच शिक्षकों को सम्मानित किया जाता रहा वहीं शाम में  डॉ.अमोल राय की अध्यक्षता में भारत साहित्य संगम के बैनर तले वयोवृध्द शिक्षक, सिंडिकेट सदस्य विद्यानंद यादव को अंगवस्त्रम व पाग तथा प्रशस्ति-पत्र देकर शिक्षकों व साहित्यकारों द्वारा सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर डॉ.विनय कुमार चौधरी के एकल काव्यपाठ का उद्घाटन डॉ.मधेपुरी, डॉ.अमोल राय, डॉ.अशोक कुमार, डॉ.इंद्र नारायण यादव, प्रो.श्यामल किशोर, डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, डॉ.रामनरेश सिंह, डॉ.आर.के.पी.रमण, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.आलोक कुमार, विकास, सुभाष आदि ने   सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर किया |

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा कॉलेज में भव्य शिक्षक दिवस सह सम्मान समारोह

कॉलेज, कौशल्या ग्राम के विशाल सभा भवन में डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन ( 5 सितंबर ) पर प्रधानाचार्य डॉ.अशोक कुमार की अध्यक्षता में “शिक्षक दिवस सह शिक्षक सम्मान दिवस” समारोह का भव्य आयोजन किया गया | समारोह के उद्घाटनकर्ता थे भौतिकी के विद्वान, साहित्यकार व समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, मुख्य अतिथि टी.पी. कॉलेज में राजनीति शास्त्र के विभागाध्यक्ष रहे डॉ.के.एन.ठाकुर, विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, पीजी मैथिली के विभागाध्यक्ष सह भारत सरकार के हैवी इंडस्ट्री के निदेशक डॉ.राम नरेश सिंह सहित पूर्व सीसीडीसी डॉ.अमोल राय, डॉ. विनय कुमार चौधरी, डॉ. उदयकृष्ण, डॉ. विज्ञानानन्द सिंह आदि |
समारोह के प्रथम चरण में छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए स्वागत गान के बाद पुष्पगुच्छ देकर अतिथियों का स्वागत किया गया | इस अवसर पर डॉ.के.एन.ठाकुर, डॉ.रामनरेश सिंह एवं डॉ.सुरेश प्रसाद यादव को पाग व अंगवस्त्रम के साथ सम्मानित किया गया |
डॉ. राधाकृष्णन की जयन्ती ‘शिक्षक दिवस’ का उद्घाटन डॉ. मधेपुरी सहित अन्य अतिथिगण द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया तथा उनके तैल चित्र पर सबों ने पुष्पांजलि किया |
उद्घाटनकर्ता डॉ. मधेपुरी ने सर्वप्रथम अपने उद्घाटन भाषण में डॉ.एस.राधाकृष्णन के साथ बिताए लम्हों की विस्तारपूर्वक चर्चाएं की | अपने संबोधन में डॉ. मधेपुरी ने कहा कि वे सर्वाधिक सौभाग्यशाली रहे हैं  जिन्हें भारत के उन महामहिम राष्ट्रपति त्रय- डॉ.राधाकृष्णन, डॉ.जाकिर हुसैन एवं डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम के दिव्य दर्शन, अमरवाणी श्रवण एवं श्री गुरु चरण सरोज रज के स्पर्शन का अवसर भी परमपिता परमेश्वर ने दिया जिन्हें महामहिम राष्ट्रपति बनने से पूर्व महान शिक्षक होने के चलते ही ‘भारत रत्न’ जैसे सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया | यूं प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ.राजेंद्र प्रसाद के दर्शन-स्पर्शन के अतिरिक्त राजधानी पटना के सदाकत आश्रम से मुख्य सड़कों पर निकाली गई उनकी अंतिम यात्रा बांस घाट तक जाने और पंचतत्व में विलीन होते देखने का अवसर भी प्राप्त हुआ था |
डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात दार्शनिक, महान शिक्षाविद, उत्कृष्ट वक्ता एवं आस्थावान विचारक डॉ.राधाकृष्णन का नाम लेते ही प्रत्येक शिक्षक का सिर श्रद्धा से झुक जाता है | उन्होंने कहा कि डॉ.राधाकृष्णन दर्शनशास्त्र जैसे गंभीर विषय को भी अपनी शैली की नवीनता से इस कदर सरल और रोचक बना देते थे जिस कारण वे अपने छात्रों का स्नेह और आदर सदेव अर्जित करते रहे |
मुख्य अतिथिगण डॉ.के.एन.ठाकुर, विशिष्ट अतिथि गण डॉ.रामनरेश सिंह, डॉ.सुरेश प्र.यादव, डॉ.अमोल राय, डॉ.उदयकृष्ण, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.विज्ञानानंद सिंह आदि ने अपने-अपने संबोधन में विस्तार से शिक्षकों की महत्ता पर प्रकाश डाला, डॉ.राधाकृष्णन के विभिन्न आयामों की चर्चाएं की तथा राष्ट्रवादी सोच की आवश्यकता पर बल दिया | साथ ही वक्ताओं ने जहाँ शिक्षक दिवस की महत्ता की चर्चाएं की वहीं कालेज के बेहतरीन प्रबंधन के लिए प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार सहित कॉलेज कर्मियों की भूरि-भूरि प्रशंसा भी की | मौके पर डॉ.मुस्ताक मोहम्मद,  डॉ.अभय कुमार, सोनम कुमारी, डॉ.भगवान कुमार, किरण कुमारी, डॉ.सिद्देश्वर काश्यप, सचिव सच्चीदानंद, ब्रजेश मंडल आदि मौजूद थे |
अंत में अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य डॉ.अशोक कुमार ने विनम्रतापूर्वक कहा कि जो कुछ सर जमीन पर देखा जा रहा है वह उनके और महाविद्यालय परिवार के समर्पण एवं प्रतिबद्धता का फल है | मंच संचालन गौतम कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अध्यक्ष के निदेशानुसार समापन की घोषणा की गई |

सम्बंधित खबरें


बी.एन.एम.यू. का हिन्दी पी.जी. सर्वाधिक जीवंत

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय परिसर स्थित पी.जी. हिन्दी विभाग में शुक्रवार को प्रधानमंत्री के ‘एक कदम स्वच्छता की ओर’ कार्यक्रम के तहत विभागाध्यक्ष डॉ. इन्द्र नारायण यादव के नेतृत्व में विभागीय छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया | स्वच्छता कार्यक्रम में मुख्य रुप से विभागीय प्राध्यापक-आचार्य-प्राचार्य डॉ. विनय कुमार चौधरी, डॉ. सिद्धेश्वर काश्यप सहित युवा रंगकर्मी विकास कुमार, कृष्ण मुरारी, अशोक, राजेश, सियाराम, राजकिशोर, सुनीला आदि दर्जनों छात्र-छात्राएं सम्मिलित होती गयीं |
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. यादव ने कहा कि परिसर को स्वच्छ रखना हम सब की जिम्मेदारी है | उन्होंने कहा कि स्वच्छ शरीर में ही स्वच्छ मानसिकता का विकास होता है | इस प्रकार का स्वच्छता अभियान सभी विभागों में चलाते रहना चाहिए तथा आगे बढ़-चढ़ कर सभी लोगों को सहयोग करना चाहिए | इससे पर्यावरण की स्वच्छता कायम रखी जा सकेगी तथा हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा | डी.डी.टी. का छिड़काव तो सावन-भादव में सोने पे सुहागा ही माना जाएगा | सफाई के बाद डी.डी.टी. का छिड़काव भी किया गया |

Dr.Sidheshwar Kashyap receiving Aarsi Rajat Smriti Samman Certificate and Momento etc.
Dr.Sidheshwar Kashyap receiving Aarsi Rajat Smriti Samman Certificate and Momento etc.

चलते चलते यह भी बता दें कि विभागीय प्राध्यापक डॉ. सिद्धेश्वर काश्यप को ‘आदमखोर’ कविता संग्रह के लिए हाल ही में आरसी रजत स्मृति सम्मान से उनके रचनाशील कर्म के लिए सम्मानित किया गया है | डॉ.काश्यप ने पत्रकारिता पर भी कई पुस्तकों की रचना की है | कर्मनिष्ठ प्राध्यापक डॉ. काश्यप एवं पूर्व विभागाध्यक्ष रह चुके डॉ. विनय कुमार चौधरी डी.लीट. सरीके रचनाकारों की अपनी पहचान के कारण बी.एन.एम.यू का हिन्दी विभाग अन्य स्नातकोत्तर विभागों में सर्वाधिक जीवंत माना जाने लगा है |

सम्बंधित खबरें


कौशिकी के अम्बिका सभागार में तुलसी जयन्ती का भव्य आयोजन

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के अम्बिका सभागार में कोसी के वरिष्ठ साहित्यकार-इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की अध्यक्षता में तुलसी जयन्ती का भव्य आयोजन किया गया | इस अवसर पर मुख्य अतिथि रहे पूर्व सांसद, साहित्यकार एवं संस्थापक कुलपति डॉ. रमेंद्र कुमार यादव रवि, मुख्य वक्ता योगेंद्र प्राणसुखका, नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष तथा विशिष्ट अतिथि डॉ.के.के.मंडल प्रतिकुलपति |
आरम्भ में गोस्वामी तुलसीदास के तैल चित्र पर गणमान्यों के द्वारा पुष्पांजलि की गई | श्रद्धांजलि के चन्द शब्दों के साथ अध्यक्ष श्री शलभ ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास के रामचरितमानस से जो शील, शक्ति और भक्ति की पवित्र धारा निकलती है उसके सभी प्रसंगों में राम के आदर्श और मर्यादा का प्रतिबिंब दृष्टिगोचर होता है |

Mukhya Vakta Mr.Yogendra Pransukhka addressing Tulsi Jayanti Samaroh at Ambika Sabhagar in presence of Kaushiki President Mr.Shalabh, Sanrakaskha Dr.Ravi and Secretary Dr.Madhepuri and audience too.
Mukhya Vakta Mr.Yogendra Pransukhka addressing Tulsi Jayanti Samaroh at Ambika Sabhagar in presence of Kaushiki President Mr.Shalabh, Sanrakaskha Dr.Ravi and Secretary Dr.Madhepuri and audience too.

संरक्षक एवं मुख्य अतिथि डॉ.रवि के शिष्य योगेन्द्र प्राणसुखका ने इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रुप में विस्तार से अनेक प्रमुख प्रसंगों के बाबत उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि तुलसीदास तो युगद्रष्टा थे ही, साथ ही उन्होंने रामचरित मानस में सभी सम्प्रदायों के प्रति समन्वयकारी दृष्टिकोण अपनाकर समाज को एकता के सूत्र में बांधने का अद्भुत प्रयास किया | उन्होंने तुलसी के मानस में ज्ञान और भक्ति, शील और सौंदर्य, सगुण और निर्गुण आदि के अद्भुत समन्वय की तथा अद्वितीय व्यक्तित्व एवं कृतित्व के प्रसंगानुसार भूरि-भूरि प्रशंसा की | प्रतिकुलपति रह चुके श्री मंडल ने सुन्दर कांड को रामचरितमानस का सर्वश्रेष्ठ कांड साबित किया तथा मणि भूषण वर्मा ने चन्द पंक्तियों का बेजोड़ विश्लेषण किया |
अंत में संस्थान के संरक्षक डॉ.रवि ने अपने शिष्य योगेन्द्र को आशीर्वचन देते हुए यही कहा कि तुलसी ने अपने साम्यवादी दृष्टिकोण तथा विराट व्यक्तित्व के कारण धर्म, दर्शन,समाज, साहित्य के साथ-साथ लोकनीति एवं राजनीति आदि में इतनी ऊँचाई को पा लिया जिन्हें शब्दों में बांध पाना असंभव नहीं तो कठिन जरुर है | उन्होंने यह भी कहा कि तुलसी के रामचरितमानस को समाज एवं मानवता की व्याख्या कहना सर्वाधिक उचित है |
यह भी बता दें कि सम्मेलन के सचिव डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने इस अवसर पर मुख्यवक्ता सह अध्यक्ष नगर व्यापार मंडल योगेंद्र प्राणसुखका उर्फ लड्डू बाबू को कलम, अंगवस्त्रम एवं पाग देकर सम्मानित किया और कहा कि तुलसी विश्व साहित्य का अमूल्य धरोहर है | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि तुलसी मर रही मानवता व टूट रहे समाज के लिए संजीवनी है |
समारोह के दूसरे सत्र में डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप के संयोजकत्व में तथा सुकवि परमेश्वरी प्रसाद मंडल दिवाकर, सत्यनारायण पोद्दार सत्य एवं भगवान चन्द्र विनोद की पुण्य स्मृति में एक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें सुकवि राकेश द्विजराज, कुमारी विजयालक्ष्मी, डॉ.आलोक डॉ.अरविंद, उल्लास मुखर्जी, संतोष सिन्हा, राजू भैया,डॉ. इन्द्र नारायण यादव, प्रो.मणिभूषण वर्मा, प्रो.ऐन.के. निराला, डॉ.अरुण कुमार फर्जी कवि, विकास कुमार, दशरथ प्रसाद सिंह आदि ने अपनी प्रतिनिधि कविताओं से दर्शकों को देर तक बांधे रखा | हास्य कवियों ने खूब हंसाया भी |
समारोह में साहित्यनुरागी रघुनाथ यादव, शिवजी साह, डॉ.हरिनंदन यादव, प्राण मोहन, उपेन्द्र प्रसाद यादव, पारो बाबू, वरुण कुमार वर्मा, मंजू कुमार सोरेन, आनंद कुमार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे | तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक एवं कौशिकी के उपसचिव श्यामल कुमार सुमित्र के स्वागत सत्कार एवं आतिथ्य के बाबत किसी तरह की कमी नहीं रहने दी गई | अन्त में सचिव ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

सम्बंधित खबरें


समाजसुधारक, राष्ट्रभक्त व शिक्षाशास्त्री रासबिहारी लाल मंडल से मधेपुरा गौरवान्वित !

रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के बैनर तले उसी के सभागार में राष्ट्रभक्त रासबिहारी जैसी शख्सियत की 98वी पुण्यतिथि समारोह पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनायी गयी जिसमें ‘आवाज़’ की भूमिका प्रशंसनीय रही |

समारोह के उदघाटनकर्ता बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर ने इस अवसर पर कहा कि रासबिहारी बाबू अपनी मिट्टी के लिए सदा संघर्ष करते रहे, शिक्षा के लिए आजीवन अलख जगाते रहे तथा स्वाधीनता आंदोलन में रवीन्द्र नाथ टैगोर, मो.मजहरुल हक एवं गोखले के साथ कार्य करते रहें | मंत्री ने कहा कि ऐसी शख्सियत की जीवनी को बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए |

यह भी बता दें कि जहां पुण्यतिथि समारोह को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी एवं विद्यालय की प्रधानाचार्या रंजना कुमारी ने कहा कि रासबिहारी बाबू शिक्षा के उन्नयन हेतु किये गये कार्यों के लिए सदा याद किये जाते रहेंगे वहीं विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष वह समारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ.सुलेंद्र कुमार एवं विद्यालय के सदस्य रह चुके प्रो.प्रभाष चंद्र एवं डॉ.ए.के.मंडल ने पारिवारिक सदस्य होने के कारण कुछ रोचक पारिवारिक चर्चाएं की |

जहां एस.डी.एम. संजय कुमार निराला ने अपने संबोधन में कहा कि मधेपुरा की धरती ने समय-समय पर ऐसी विभूतियों को जन्म दिया जिन्होंने अपने समय का इतिहास रच डाला- जिनमें अव्वल थे रासबिहारी बाबू, वहीं प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव, अवकाश प्राप्त शिक्षक राजेंद्र प्रसाद यादव एवं प्रभारी प्राचार्य डॉ.सुरेश भूषण ने उनके सामाजिक परिवर्तन की दिशा में किये गये कार्यो की चर्चाएं की |

अंतिम वक्ता के रूप में समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने संबोधित करते हुए कहा कि रासबिहारी बाबू ने अपने ननिहाल “रानीपट्टी” में नानाश्री के घर जन्म लिया था और काशी-वाराणसी की पुण्य भूमि पर अंतिम सांस ली थी | जनजीवन के कल्याण हेतु उन्होंने सारा जीवन लगा दिया | लोगों को दहेज नहीं लेने, फिजूलखर्ची पर रोक लगाने तथा केश-मुकदमों की जगह पंचायत के जरिये न्याय हासिल करने की सीख देते रहे | अंग्रेजों के दांत खट्टे करते रहे | “भारत माता का संदेश” पुस्तक लिखकर उन्होंने आजादी का बिगुल फूंका | वे आजीवन औरों के लिए जीते रहे | जो औरों के लिए जीता है वह कभी नहीं मरता | रासबिहारी बाबू भी कभी नहीं मरेंगे | डॉ.मधेपुरी ने सबों से आग्रह किया कि वे आज से कभी उनके नाम के आगे स्वर्गीय नहीं लिखेंगे और ना बोलेंगे |

यह भी बता दें कि समारोह का श्रीगणेश मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर, जिप अध्यक्षा, विद्यालय प्राचार्या तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया | स्वागत गान संगीत शिक्षक उपेन्द्र प्रसाद यादव की टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया | कबड्डी संघ के जिला सचिव अरुण कुमार की टीम को मेडल देकर तथा शहर में शांति व्यवस्था कायम रखने वाले विपीन कमांडो मोबाइल टीम के सदस्यों सहित जिला खेल प्रशिक्षक संत कुमार को मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर ने मोमेंटो-प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया |

इस अवसर पर रमेशचंद्र यादव, उपेंद्र प्रसाद यादव, चंद्रशेखर कुमार, मनमोहन यादव, बीरबल प्रसाद, रघुनाथ प्रसाद यादव, परमेश्वरी प्रसाद यादव आदि शहर के गणमान्य सहित छात्रों की अच्छी खासी उपस्थिति अंत तक रही | समापन भाषण के साथ प्राचार्या रंजना कुमारी ने सबों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया |

सम्बंधित खबरें


राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र मधेपुरा में मनी दादी प्रकाशमणी की 9वीं पुण्य-तिथि

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू के बैनर तले भारतीय संस्कृति एवं मानवीय मूल्यों को उजागर करने वाले तथा अनेक आध्यात्मिक रहस्यों को प्रकाश में लानेवाले इस कृष्णाष्टमी के दिन पुण्यात्मा दादी प्रकाशमणि की 9वीं स्मृति-दिवस को राजयोग प्रशिक्षण केंद्र, मधेपुरा द्वारा समारोह पूर्वक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी की अध्यक्षता में मनाया गया |

इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विशिष्ट अतिथियों- चैतन्य कुमार वर्मा, डॉ.गदाधर पांडेय. डॉ.अजय, अविनाश आशीष, डॉ.अभय कुमार, डॉ.एन.के.निराला, ओमप्रकाश सहित श्रेष्ठ व्यापारी दिनेश सर्राफ आदि की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर दादी प्रकाशमणि की 9वी पुण्य-तिथि समारोह का उद्घाटन किया |

मौके पर श्रद्धा सिक्त भावनाओं के साथ श्रद्धालु नर-नारियों ने पुण्यात्मा दादी प्रकाशमणि के तैल-चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया और उनके आदर्शों को जीवन में शामिल करने का दृढ़ संकल्प भी लिया |

Dr.Madhepuri delivering speech
Dr.Madhepuri delivering Shradhanjali Speech at Rajyog Parikshan Kendra Madhepura .

यह भी बता दें कि इस उष्मीय संध्या में पसीने से भीगने के बावजूद भी आस्था एवं विश्वास से लबालब भरी आत्माएं सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी रंजू दीदी की निर्मल वाणी को ग्रहण करती रही | उन्होंने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि त्याग और तपस्या की मूरत बनी दादी प्रकाशमणि द्वारा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय को संसार के पाचों महाद्वीपों में प्रकाशमय बनाकर पहुंचाने का काम किया गया | ऐसी अटूट, अटल एवं अथक सेवा के यू.एन.ओ.  द्वारा उन्हें 1985 में ही शांतिदूत पदक से सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर मुख्यअतिथि डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि दादी प्रकाशमणि ममता, करुणा एवं मातृत्व शक्ति से इस कदर ओत-पोत रही कि हर श्रद्धालु नर-नारी द्वारा उन्हें स्मरण करते ही अपने अंदर नारी शक्ति की अनुभूति होने लगती है | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि दुनिया में लोगों की चाहत क्या होती है ? प्रायः लोग यही चाहते हैं कि उन्हें शक्ति हो, विद्या हो और धन हो- जो आदिकाल से मातृशक्ति को ही उपलब्ध है | तभी तो दुर्गा-सरस्वती-लक्ष्मी की स्तुति…… या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रुपेण संसृता…… या फिर विद्या रूपेण संसृता…… अथवा लक्ष्मी रूपेण संसृता……. युग युग से चला आ रहा है | आपके सामने ताजा उदाहरण है- रियो ओलंपिक जहां भारत की दो बेटियों सिंधु एवं साक्षी ने हीं 125 करोड़ भारतवासियों की इज्जत बचाई जबकि हम सब मिलकर भी बेटियों की इज्जत नहीं बचा पाते हैं | आज बेटियों को बाजार से सब्जी भी लानी पड़ती है और ओलंपिक से मेडल भी | भारत की बेटी संतोष यादव को एवरेस्ट की चोटी पर भारतीय तिरंगा फहराने के लिए सारी शक्ति लगानी पड़ती है | कितनी विडंबना है कि तब भी समाज बेटियों को बोझ ही मानता आ रहा है |

अंत में सबों ने राधा-कृष्ण की जोड़ियों को मक्खन खिलाया और राजयोगिनी दीदी रंजू ने सबों को टीका लगाया | प्रसाद ग्रहण करने से पूर्व प्रजापिता को समर्पित किशोर ने सभी श्रद्धालुओं को धन्यवाद ज्ञापित किया |

सम्बंधित खबरें