बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज में कोसी खेल एवं सांस्कृतिक उत्सव ‘अभ्युदय’ का भव्य शुभारंभ

मधेपुरा बीपी मंडल कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग के परिसर में कोसी कमिश्नरी के मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल कॉलेज आफ इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं के लिए खेल एवं सांस्कृतिक उत्सव -2023 “अभ्युदय” का शुभारंभ 17 दिसंबर को 10:00 बजे पूर्वाह्न से प्राचार्य प्रो.अरविंद कुमार अमर की अध्यक्षता में सहरसा एवं सुपौल जिले के अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर सी प्रसाद एवं डॉ. एन मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति व अन्य अतिथियों की मौजूदगी में समारोह के मुख्य अतिथि प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र  मधेपुरी ने अपने संबोधन में जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.(डॉ.)भूपेंद्र प्रसाद एवं अतिथि के रूप में तीनों जिले के नोडल ऑफिसर इंजीनियर मुरलीधर प्रसाद  इंजीनियर अजय प्रभाकर व इंजीनियर अचिंत रंजन, बीएन मंडल विश्वविद्यालय के सीनेटर प्रो.(डॉ.) नरेश कुमार एवं एसएनपीएम के पूर्व प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार सहित सभी छात्र-छात्राओं को तीनों जिले के इतिहास से रू-ब-रू कराते हुए यही कहा कि खेल में हार जाना खेल का अंत नहीं होता, खेल में हार मान लेना खेल का अंत होता है। जिद्दी बनिए और जीतने तक खेलते रहिए। देश की एकता-अखंडता के लिए खेल आवश्यक होता है। खेल हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन गया है। आजकल खेल स्कूल, कॉलेज एवं करियर में भी स्थान बनाने लगा है। अंत में डॉ.मधेपुरी ने यही कहा कि खेल सामाजिक सद्भाव, मानसिक विकास एवं व्यक्तित्व निर्माण के लिए जरूरी होता है। खेल अनुशासन, ईमानदारी एवं धैर्य को बढ़ाता है। खेल हर खिलाड़ी के अंदर समूह के प्रति ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना उत्पन्न करता है। जहां सहरसा के प्राचार्य डॉ. आर सी प्रसाद ने कहा कि बिना हार का स्वाद चखे, सफलता नहीं मिलती वहीं सुपौल के प्राचार्य डॉ.ए.एन मिश्रा ने खिलाड़ियों से यह कहा कि इतनी तैयारी करो कि कोसी की टीम बाहर खेलने जाए। जेएनकेटी के प्राचार्य डॉ.भूपेंद्र प्रसाद ने कहा कि खेल में अच्छा करने वाले को सभी जानने लगते हैं और उसकी इज्जत बढ़ जाती है।

अंत में प्राचार्य प्रो.अरविंद कुमार अमर द्वारा अपने मंच संचालकों एवं सहयोगी डॉ.एस डी सिंह सहित सभी अतिथियों का अंगवस्त्रम एवं पौध देकर स्वागत करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। तत्पश्चात सुपौल क्रिकेट टीम टॉस जीतकर बोलिंग पसंद किया और सहरसा क्रिकेट टीम बैटिंग करने लगी। यह खेल उत्सव का कार्यक्रम 22 दिसंबर तक चलेगा जिसमें विभिन्न विधाओं के प्रतिभागीगण वॉलीबॉल, बैडमिंटन, हाई जंप, लॉन्ग जंप, 100 मीटर दौड़, टग ऑफ वॉर, शॉट पुट थ्रो, शतरंज, टेबल टेनिस, कैरम डिबेट, क्विज, पोस्टर मेकिंग, गीत गायन कंपटीशन सहित डांस व रंगोली प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगे। 22 दिसंबर को ही पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा।

 

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पीएम श्री योजना के तहत नवोदय विद्यालय सुखासन में कार्यक्रम का श्री गणेश

अतीत को जाने बिना आप अपने भविष्य को गढ़ नहीं सकते- डॉ. मधेपुरी

जवाहर नवोदय विद्यालय, सुखासन, मधेपुरा में पीएम श्री योजना के तहत प्राचार्य श्रीकांत सिंह सहित शिक्षकों व कर्मियों द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए कैरियर परामर्श एवं मार्गदर्शन विषय पर सारगर्भित स्पीच देने के लिए ख्याति प्राप्त समाजसेवी-साहित्यकार -सह- फिजिक्स के सेवानिवृत सीनियर यूनिवर्सिटी प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को 9 दिसंबर शनिवार को 3:00 बजे अपराह्न में आमंत्रित किया गया। डॉ.मधेपुरी ने अपने लगभग 2 घंटे के संबोधन में बच्चों को अपने अतीत को जानने की सलाह देते हुए कहा कि अपने अतीत को जाने बिना आप अपने भविष्य को गढ़ नहीं सकते और वर्तमान में आगे बढ़ नहीं सकते। उन्होंने छात्रों के बीच आर्यभट्ट से लेकर गांधीयन मिसाइल मैन डॉ.कलाम की विस्तार से चर्चा की। राष्ट्रकवि दिनकर की एक कविता के माध्यम से स्पीड एंड वेलोसिटी के बीच का अंतर  ‘दौड़ना और भागना’ शब्दों का सहयोग लेकर ऐसा समझाया कि छात्रों सहित शिक्षकों के चेहरे पर मुस्कान लाकर भरपूर तालियां बटोरी। स्पीच के बाद सर्वाधिक छात्राएं डॉ.मधेपुरी से मिलकर पढ़ाई के बाबत अपनी समस्याओं के समाधान तलाशने में लगी देखी गई।

आरंभ में प्राचार्य श्रीकांत ने बुके एवं शब्दों से मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित बीएन मंडल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक -सह- कुलसचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी का स्वागत करते हुए कहा कि पीएम श्री योजना के तहत संपूर्ण भारत करीब  27 हजार करोड़ की पहली किस्त के अंतर्गत कौशल विकास हेतु  यह कार्यक्रम छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षक अभय कुमार, हेमनाथ झा, हरेराम कुमार, विभूति विशाल, जितेंद्र बिष्ट, मुरलीधर झा, ममता सिंह, पूर्णिमा सिंह, सारिका अरोड़ा, शिवानी यादव, उर्मिला आदि एवं अन्य कर्मचारीगण मौजूद थे। संगीत शिक्षक विभूति विशाल के निर्देशन में शांभवी, कृतिका, अनुप्रिया, साक्षी प्रिया व आकाश ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। मंच संचालन पीजी टीचर हेमनाथ झा ने किया।

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