भूपेन्द्र प्रतिमा स्थल सहित वृद्धाश्रम तक की बातें डीएम के समक्ष रखी डॉ.मधेपुरी ने

समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने भूपेन्द्र प्रतिमा स्थल पर हो रही कठिनाइयों से डीएम श्याम बिहारी मीणा (भाप्रसे) को अवगत कराने हेतु मोबाइल से खींची गई तस्वीरें भी दिखाई। जिलाधिकारी ने तुरंत एनएच- 106 के इंजीनियर से बातें की और उन्हें बतायी गयी कठिनाइयों के समाधान करने को कहा।

यह भी बता दें कि एक दिन कबल डॉ.मधेपुरी ने अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार से मिलकर उक्त जानकारियां दी थी जबकि एसडीओ मधेपुरा ने डॉ.मधेपुरी को आश्वस्त किया था कि प्रतिमा के दोनों तरफ से सड़क जाएगी और 15-20 फीट तक ढाल इस कदर बनेगा कि किसी भी बुजुर्ग तक को भी चलने में कठिनाई नहीं होगी।

डॉ.मधेपुरी ने डीएम साहब से सिंहेश्वर के वरिष्ठ नागरिक संघ के सदस्यों के अनुरोध पर वृद्धाश्रम हेतु बातें की। डेलिगेशन के लिए समय की मांग की चर्चा सुनते ही डीएम मीणा ने संबंधित पदाधिकारी को बुलाकर बातें की और सरकार द्वारा प्रत्येक जिला में वृद्धाश्रम हेतु भेजी गई चिट्ठी को प्रस्तुत करने हेतु निर्देश भी दिया। डॉ.मधेपुरी ने जिले में केंद्रीय विद्यालय के साथ-साथ शहीद पार्क में एक और शहीदी पट्टिका बढ़ाने की चर्चा की। इस पर जिलाधिकारी ने कहा आप इसे बना लें, मैं केवल स्वीकृति दे सकता हूं। डीएम मीणा ने कहा कि जिले की ओर से केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध है। शेष कार्य केंद्रीय विद्यालय संगठन का है, इसे जल्द ही पूरा हो जााना चाहिए।

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लॉर्ड बुद्धा कोसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का 11वाँ स्थापना दिवस मना, छात्रों द्वारा भव्य प्रदर्शन

सर्जन डॉ.प्रभात कुमार सिंह और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.कल्याणी सिंह द्वारा वर्ष 2012 में स्थापित एलबीकेएमसीएच दिनांक 16 सितंबर को अपना 11वां स्थापना दिवस उत्साह पूर्वक मनाया। अनुभवी प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार यादव एवं अन्य कॉलेज कर्मियों द्वारा बुद्धा मेडिकल कॉलेज के आलीशान भवनों को दुल्हन की तरह सजाया गया था। छात्र-छात्राओं द्वारा रात तक रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।

सर्वप्रथम संस्थापक डॉ.पीके सिंह, डॉ.कल्याणी सिंह, मुख्य अतिथि प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार यादव आदि द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया गया। तत्पश्चात संस्थापक निदेशक डॉ.पीके सिंह द्वारा अपने संबोधन में छात्रों को उत्साहित करते हुए यही कहा गया कि 2025 तक वे किसी युवा को यह भार सौंपना चाहेंगे।

मुख्य अतिथि के रूप में बीएन मंडल विश्वविद्यालय में कुलानुशासन  व कुलसचिव रह चुके डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने बुद्धा मेडिकल कॉलेज के संस्थापक सहित छात्रों व कर्मियों को संबोधित करते हुए अत्यंत रोचक संदेश देते रहे और जमकर तालियां बटोरते रहे। उन्होंने संस्थापक डॉ.पी के सिंह से कहा कि उम्र को दराज में रख दो उम्र दराज मत बनो…। डॉ.मधेपुरी ने बुद्ध, नानक और कबीर को संदर्भित करते हुए छात्रों व कर्मियों को संदेश देते रहे। अंत में उन्होंने भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता लेखक डॉ.ए केरौल की पुस्तक “मैन द अननोन” चिकित्सकों एवं मेडिकल छात्रों के लिए गीता और कुरान के समान है तथा मरीजों के लिए संजीवनी। इस अवसर पर सर्जन डॉ.डीके सिंह, डॉ.आरके पप्पू एवं बिंदेश्वरी प्रसाद यादव आदि गणमान्य मौजूद थे।

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अंग्रेजी को बनाए रखने की कोशिश भारतीय जनक्रांति के साथ विश्वासघात- डॉ.मधेपुरी

समाहरणालय के डीआरडीए परिसर स्थित झल्लू बाबू सभागार में 70वाँ हिन्दी दिवस समारोह एडीएम रवींद्र नाथ प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र  नारायण यादव मधेपुरी, जिला निर्वाचन पदाधिकारी नीरज कुमार, जिला नजारत उप समाहर्ता संजीव तिवारी सहित ओएसडी चंदन कुमार एवं कल्याण पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अतिरिक्त समाहरणालय के विभिन्न विभागों के कर्मियों की अच्छी-खासी उपस्थिति थी। सबों ने हिन्दी को अपनाने पर जोर दिया।

सर्वपथम मुख्य वक्ता डॉ.मधेपुरी  ने अपने संबोधन में कहा कि इस अवसर पर सर्वाधिक प्रसन्नता हो रही है कि 70वें  हिन्दी दिवस की अध्यक्षता वैसी शख्सियत द्वारा की जा रही है जिन्होंने प्रशासनिक सेवा में रहते हुए दर्जनों पुस्तकें हिन्दी में लिखी है, जिन्हें बच्चे अमेजॉन पर पढ़कर लाभ उठा रहे हैं। डॉ.मधेपुरी ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए भारतीय रेल, खेल, सिनेमा, महात्मा गांधी और हिन्दी की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए यही कहा कि भारत में अंग्रेजी को बनाए रखने की कोशिश भारतीय जनक्रांति के साथ विश्वासघात है।

अंत में साहित्यकार सह अध्यक्ष एडीएम रवींद्र नाथ प्रसाद सिंह ने हिन्दी के औचित्य को विस्तार से रखते हुए कहा कि इस अवसर पर हिन्दी में बेहतर ढंग से संचिकाओं का निष्पादन करने वाले पदाधिकारियों  एवं शहर के गणमान्य हिन्दी सेवियो को भी सम्मानित किया जाना चाहिए। धन्यवाद के साथ समारोह समाप्ति की घोषणा की गई।

 

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समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने मनाया विश्व नारियल दिवस

समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने निवास ‘वृंदावन’ में नारियल दिवस मनाते हुए इसके उद्देश्यों को विस्तार से बताया। नारियल की खेती के प्रति लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने, इसकी अहमियत बताने एवं इस फसल की ओर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने के लिए कुछ लोगों के बीच डॉ.मधेपुरी ने नारियल के पेड़ों का वितरण भी किया।

जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 2009 से हर साल 2 सितंबर को दुनिया में ‘विश्व नारियल दिवस’ मनाया जाता है। प्रकृति प्रदत्त उत्पादों में एक है- ‘नारियल’ जिसके बहुमुखी उपयोग हैं। आयुर्वेदिक उपयोग के अतिरिक्त खाने-पीने एवं कॉस्मेटिक से लेकर भारतीय व विदेशी व्यंजनों में भी नारियल का उपयोग किया जाता है। डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि न केवल स्वास्थ्य के लिहाज से बल्कि आर्थिक रूप से भी नारियल महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। विश्व में नारियल उत्पादक 18 देशों में भारत भी शामिल है।  सबसे ज्यादा नारियल का उत्पादन इंडोनेशिया करता है। तभी तो इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भी विश्व नारियल समुदाय का हेड ऑफिस स्थापित किया गया है।

 

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