बिहार की नीतीश सरकार के बिजली मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में घोषणा की कि 2022 के 22 मार्च तक हर खेत तक पहुंच जाएगी बिजली। ऐसा इसलिए होगा कि की कभी यही बिजली मंत्री ने ऐलान किया था कि यदि 24 घंटे बिजली नहीं दूंगा तो वोट मांगने नहीं आऊंगा और वैसा करके दिखाया। वादा पूरा किया…… उनके द्वारा उक्त घोषणा पर भी लोगों को भरोसा है और वैसा करके दिखाएंगे मंत्री, आलाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण।
बता दें कि अब तक 3 लाख से अधिक किसानों को सिंचाई हेतु बिजली का कनेक्शन दे दिया गया है। शेष के लिए नीतीश सरकार द्वारा इस काम हेतु 1329 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। जिसका टेंडर भी हो चुका है।
चलते-चलते यह भी जानिए कि किसानों को कृषि कार्य हेतु 65 पैसे प्रति यूनिट की दर पर बिजली दी जा रही है। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र ने कहा कि किसानों को दिए जाने वाले अनुदान के मद में वित्तीय वर्ष 2021 में ₹6000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा “वन नेशन वन टेरिफ” फार्मूला के लागू होने पर बिजली सस्ती मिलने लगेगी।
नवनिर्मित आरआर ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल स्कूल (साहूगढ़ रोड) का उद्घाटन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.आरकेपी रमण, प्रति कुलपति डॉ.आभा सिंह, पूर्व परीक्षा नियंत्रक सह कुलसचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, सौम्य स्वभाव के सहज व्यक्तित्व वाले सदर एसडीएम नीरज कुमार सहित स्कूल के निदेशक राजेश कुमार राजू एवं प्राचार्य कविता सिंह आदि अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बाद में स्कूली बच्चों ने नृत्य के साथ स्वागत गान प्रस्तुत किया। स्कूल प्रबंधन द्वारा अंगवस्त्रम एवं पौधे के साथ अतिथियों का सम्मान किया गया।
बता दें कि उद्घाटन संबोधन में जहां कुलपति प्रो.(डॉ.)रमण ने कहा कि कोसी इलाके के लिए यह स्कूल मील का पत्थर साबित होगा और प्रकृति की गोद में बना यह विद्यालय रोजगार परक शिक्षा मंदिर बने यही शुभकामना है, वहीं प्रति कुलपति डॉ.आभा ने विशाल परिसर को देखते ही यही कहा कि यह विद्यालय बच्चों के विकास के लिए उपयुक्त है।
VC Dr.RKP Raman, Samajsevi B.N.Yadav Madhepuri, Pro.VC Dr.Aabha Singh, SDM Neeraj Kumar and others taking part in inaugural function of RR Green Field International School, Madhepura .
जानिए कि जहां मधेपुरा के विधायक व पूर्व मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर ने फीता काटने के बाद समयाभाव के कारण संक्षेप में यही कहा कि मधेपुरा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्कूल खोलना प्रशंसनीय कदम है, परंतु यहां गरीब व वंचित बच्चों का रियायती दर पर नामांकन हो- यह स्कूल प्रबंधन का सराहनीय कदम होगा, वहीं समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.मधेपुरी ने विशाल परिसर वाले इस स्कूल को देखकर यही कहा कि भारत सरकार नई शिक्षा नीति लागू करने जा रही है जिसमें खेल को अनिवार्य रूप से पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है। यहां के बच्चे शिक्षा और खेल दोनों में मधेपुरा को गौरवान्वित करते रहेंगे।
सदर एसडीएम नीरज कुमार ने अपने स्कूली जीवन को संदर्भित करते हुए कहा कि शिक्षा वह ताकत है जिससे जीवन में परिवर्तन तो होता ही है साथ ही सभी प्रकार के अभाव भी मिट जाते हैं, वहीं स्कूल के निदेशक एवं प्राचार्य दोनों ने यही कहा कि बच्चों के लिए कार्य करना हमारे जीवन की बड़ी चाहत रही है और बच्चों को ऊंचाई तक ले जाना हमारा लक्ष्य। मौके पर प्राचार्य डाॅ.अशोक कुमार, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ,मिथिलेश कुमार, वरिष्ठ सर्जन डॉ.डीके सिंह, नप के मुख्य पार्षद सुधा यादव, प्रो.जवाहर पासवान, पीजी विभागाध्यक्ष (जूलॉजी) प्रो.अरुण कुमार, डॉ.नेहा, डाॅ.प्रणव, डॉ.असीम प्रकाश, स्कूल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राम सुंदर साह, अध्यक्ष किशोर कुमार, सचिव चंद्रिका यादव, अरविंद प्राणसुखका, भास्कर, निखिल, राहुल, संजीव, सुदेश, सागर, बुलबुल, ध्यानी यादव आदि।
विश्व महिला दिवस के मौके पर 8 मार्च (सोमवार) को राज्य भर में 1 लाख 8 हजार 703 महिलाओं को भारत में बने कोरोना टीका दिए जाने हेतु टीका केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीण विकास द्वारा विशेष तैयारी की गई।
बता दें कि सूबे की 50 वर्ष से अधिक उम्र की सभी महिलाओं के टीकाकरण हेतु विशेष अभियान चलाया स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न टीमों ने। जबकि एक टीम में 5 सदस्य देखे गए- 1.आधार कार्ड व मास्क की जांच हेतु, 2. सुई देने हेतु एएनएम, 3. डाटा एंट्री ऑपरेटर, 4.भीड़ नियंत्रित करने हेतु एवं 5. टीका लने के बाद निगरानी हेतु।
जानिए कि महिला दिवस पर कोरोना टीकाकरण को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति ने 87,438 आशा कार्यकर्ताओं एवं 4253 आशा फैसिलिटेटर की तैनाती की है। इनके एवं जीविका दीदियों के सहयोग के माध्यम से राज्य भर में महिलाओं को टीकाकरण केंद्रों पर लाया गया। सभी सिविल सर्जनों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस अभियान को सफल बनाने हेतु राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने पूर्व में ही निदेश जारी किया था।
चलते-चलते यह भी कि महिला दिवस के दिन जेल में पढ़ी-लिखी महिला कैदियों को दी गई किताबें और रेलगाड़ियों के आवागमन की कमान भी संभालती रही महिलाएं। भला क्यों नहीं, पूरे परिवार के कोरोना पीड़ित होने पर भी महिलाओं ने जब घर के सदस्यों की सेवा करने में कभी कोताही नहीं की तो उन्हें फाइटर विमान उड़ाने में क्यों हिचकिचाहट होगी….।
मधेपुरा नगर परिषद के वार्ड नंबर- 1 के साहित्यकार नगर में डॉ.मधेपुरी मार्ग पर स्थित जन लेखक संघ के केंद्रीय कार्यालय का शिलान्यास 7 मार्च (रविवार) को बीएन मंडल विश्वविद्यालय में कुलानुशासन व कुलसचिव रह चुके प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कोसी अंचल के तीनों जिले सहरसा, सुपौल एवं मधेपुरा के लेखक व कवियों की उपस्थिति में किया।
Former Kulsachiv & Kulanushasak Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri placing the foundation stone on the occasion of Shilanyas of New office building of Bhartiya Janlekhak Sangh at Dr.Madhepuri Marg, Madhepura.
बता दें कि उद्घाटन कार्यक्रम संपन्न होने के बाद विश्व विख्यात कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु के शताब्दी जन्म जयंती के अवसर पर कुछ देर बाद वहीं पर सप्ताहिक जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ.मधेपुरी ने विस्तार से रेणु जी के साहित्यिक अवदानों एवं देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम में उनके सर्वोत्कृष्ट क्रांतिकारी विचार व आचरण की चर्चा करते हुए कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय का नाम रेणु जी के नाम पर हो। इस कार्य हेतु उन्होंने पूर्व में भी किए गए अपने प्रयासों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे इस बाबत मुख्यमंत्री को भी पत्र लिख चुके हैं।
इस अवसर पर मंडल विश्वविद्यालय से सीनेट-सिंडीकेट सदस्य डॉ.जवाहर पासवान, विश्वविद्यालय कर्मियों को नेतृत्व प्रदान करने वाले, सुलझे सोच वाले व सीनेट सदस्य रह चुके हीरा प्रसाद सिंह सहित डॉ.ओम प्रकाश ओम, ई.हरीश्चंद्र प्रसाद मंडल, महासचिव महेंद्र नारायण पंकज आदि ने विस्तार से उनकी लेखनी व क्रांतिकारी विचारों सहित संस्मरणों की चर्चाएं की। सुकवि प्रमोद कुमार सूरज एवं राकेश कुमार द्विजराज आदि ने अपनी ओजपूर्ण कविताओं का पाठ किया।
अध्यक्ष मंडल के सदस्य रहे डॉ.भूपेन्द्र भूप एवं कामेश्वर राय। मंच संचालन किया सचिव गजेंद्र कुमार ने। धन्यवाद ज्ञापन किया साहित्यसेवी सुभाष कुमार ने।
आंचलिक कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु की शताब्दी जयंती के साथ ही बिहार विधानसभा में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने घोषणा की कि अब प्राइमरी विद्यालयों के छात्रों को स्थानीय भाषा यानि मैथिली, अंगिका, बज्जिका, मगही, भोजपुरी सहित अन्य भाषाओं में शुरुआती शिक्षा दी जाएगी। श्री चौधरी ने कहा कि यह व्यवस्था जल्द ही शुरू हो जाएगी जिसकी तैयारी कर ली गई है।
शिक्षा मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह वर्ष विश्व विख्यात आंचलिक कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु की जन्मशती वर्ष है। फलस्वरूप शिक्षा विभाग ने रेणु जन्मशती एवं बापू के आदर्शो को आधार बनाते हुए स्कूली शिक्षा में यह बड़ी पहल की है।
शिक्षामंत्री ने यह भी कहा कि इन दोनों महापुरुषों का मानना था कि बच्चों को उनकी अपनी भाषा में शुरुआती शिक्षा देने से उन्हें ज्ञान अर्जित करने में काफी सहूलियत होगी। महापुरुषों की ऐसे विचारों से प्रभावित होकर समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी दोबारा अपनी भावना को पंख लगाते हुए कहा कि वर्तमान नीतीश सरकार द्वारा विश्वविख्यात आंचलिक कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु के नाम पर पूर्णिया विश्वविद्यालय का नाम करने हेतु उनके जन्म शताब्दी वर्ष पर सकारात्मक विचार का श्रीगणेश हो…।
राधा-कृष्ण संगम ट्रस्ट द्वारा आयोजित नाईट क्रिकेट के महाकुंभ कोसी प्रीमीयर लीग- 2021, सीजन- 3 का उद्घाटन दीप जलाने के बाद केक काटकर किया गया। यह उद्घाटन कार्यक्रम 5 मार्च यानि शुक्रवार की रात्रि में टीपी कॉलेज के मैदान में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.(डॉ.) राम किशोर प्रसाद रमण, समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, कुलसचिव डॉ.कपिलदेव प्रसाद, प्राचार्य डॉ.केपी यादव, एसडीएम नीरज कुमार, एसडीपीओ अजय नारायण यादव सहित ट्रस्ट के अध्यक्ष पृथ्वीराज यदुवंशी व सचिव डॉ.आरके पप्पू आदि द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
बता दें कि उद्घाटन के बाद मैदान में मौजूद सहरसा तथा सुपौल के दोनों टीमों के खिलाड़ियों एवं अम्पायरों का परिचय उद्घाटनकर्ता कुलपति डॉ.आरकेपी रमण सहित अन्य अतिथियों से कराया गया। इस दरमियान मनभावन आतिशबाजी कार्यक्रमों का आनंद दर्शकों सहित अतिथियों ने उठाया। इस आयोजन में भरपूर सहयोग देने वालों में- पीजी जूलॉजी के विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, शिशु चिकित्सक डॉ. एलके लक्ष्मण, डॉ.इंदु कुमारी, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, डॉ.आरके पप्पू, चंद्रशेखर व गहिल फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड आदि हैं।
उद्घाटन कर्ता के रूप में कुलपति डॉ.आरकेपी रमण ने अपने संबोधन में खेल के महत्व को बताते हुए अपने स्कूली जीवन में खेले गए फुटबॉल के संस्मरण को साझा किया। कुलपति ने खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने हेतु आशीर्वाद भी दिया।
मुख्य वक्ता के रूप में शिक्षाविद-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने खिलाड़ियों से यही कहा- “खेल ऐसा क्षेत्र बनता जा रहा है जो आज की दुनिया में देश की छवि के साथ-साथ देश की शक्ति का परिचय कराता है। आपके खेल से दुनिया में भारत को पहचान मिलती है। आप खेल के मैदान में अकेले नहीं होते बल्कि 130 करोड़ भारतवासी आपके साथ होते हैं। यही कारण है कि भारत सरकार नई शिक्षा नीति में खेल को अनिवार्य करने जा रही है और पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने जा रही है तथा प्रत्येक जिले में ‘खेलो इंडिया’ केंद्र बनाने जा रही है।”
दर्शकों ने देर रात तक नाइट क्रिकेट के खेल का भरपूर आनंद उठाया। अंततः जीत हुई सुपौल की टीम की। सहरसा की टीम पिछड़ गई। दर्जनों टीमें पूरी तैयारी साथ उतर रही हैं। मार्च 14 तक यह कोसी प्रीमियर लीग नाइट क्रिकेट, सीजन- 3 चलेगा। अंतिम दिन विजेता टीम को हर्षवर्धन कप और ₹51000 की राशि तथा उपविजेता टीम को धनराज कप और ₹35000 की राशि प्रदान की जाएगी। मौके पर मौजूद रहे बीडीओ सदर आर्य गौतम, थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह, प्रशांत कुमार, शंभू नारायण यादव, राजीव कुमार, रिंकी यदुवंशी आदि।
कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सचिव एवं समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने वैश्विक चेतना के विराट लेखक फणीश्वर नाथ रेणु को कोरोना के पुनः लौटने के कारण अपने ‘वृंदावन’ निवास पर ही याद किया। रेणु जी की 100वीं जयंती के अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित साहित्यानुरागी बच्चों से कहा कि रेणु जी सरीखे रचनाकार का जीवन तो मृत्यु के बाद भी अमर होता है।
यह भी जानिए कि रेणु जी की शताब्दी जयंती (4 मार्च, 2021) के दिन विश्व के 11 देशों के साहित्यकारों द्वारा उनके जीवन को सार्थक जीवन साबित करने हेतु आयोजित वेबीनार का रसास्वादन कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष व कोसी क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने भी जमकर किया।
बकौल डॉ.मधेपुरी- 1976 में जब डॉ.मधेपुरी बीएन मंडल वाणिज्य महाविद्यालय के निर्माण के क्रम में फारबिसगंज में पद यात्रा पर थे तभी “मैला आंचल” (डाक्टर बाबू) फिल्म की शूटिंग चल रही थी। उन्होंने दिनभर रेणु जी के परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताया और निर्देशक नवेंदु घोष व सिने कलाकार मोहन चोटी के साथ शूटिंग में भाग भी लिया। डॉ.मधेपुरी के अनुसार मैला आँचल समाज निर्माण का एक सच्चा दस्तावेज है। रेणु उत्कृष्ट लेखक ही नहीं बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सर्वोत्कृष्ट क्रांतििकारी भी रहे हैं।
अंत में जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि लोकनायक जेपी के नेतृत्व में हुए संपूर्ण क्रांति के आंदोलन में भी रेणु जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, तभी तो मुख्यमंत्री से लेकर महामहिम राज्यपाल सहित सब के सब उनकी तस्वीर पर श्रद्धा के पुष्पअर्पित करते देखे गए।
एशियाई खेलों में रजत पदक विजेता एवं स्टार फर्राटा धाविका हीमा दास को असम के मुख्यमंत्री सर्वदानंद सोनोवाल ने डीएसपी के लिए नियुक्ति-पत्र सौंपा। आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा प्रदेश सरकार के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद थे। अपने संबोधन में हीमा ने कहा कि वह खुदऔर उसकी मां भी आरंभ से ही पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखती आई थी, जो आज पूरी हुई। उन्होंने कहा कि मुझे सब कुछ खेलों की वजह से ही मिला है।
डीएसपी हीमा ने अंत में यही कहा- मैं प्रदेश में खेल की बेहतरी के लिए काम करूंगी तथा असम को हरियाणा की तरह बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला राज्य बनाने की भरपूर कोशिश करूंगी…… अपने कैरियर को ऊंचाई प्रदान करने की कोशिश भी करती रहूंगी।
चलते-चलते यह भी कि भारत सरकार नई शिक्षा नीति में खेल को अनिवार्य करने जा रही है। बकौल प्रधानमंत्री मोदी- खेल ऐसा क्षेत्र बन गया है जो आज की दुनिया में देश की छवि के साथ-साथ देश की शक्ति का परिचय कराता है। खेल अब पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा होने जा रहा है….. आप खेल के मैदान में अकेले नहीं होते बल्कि 130 करोड़ देशवासी आपके साथ होते हैं। आपके खेल से दुनिया में भारत को पहचान मिलती है। अब प्रत्येक जिले में “खेलो इंडिया” केंद्र बनेगा और जम्मू-कश्मीर बनेगा शीत खेलों का गढ़…।
अंत में समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने खेल के प्रति रुझान को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी एवं असम के मुख्यमंत्री सर्वदानंद सोनोवाल को बधाई देते हुए कहा कि जब दो टीमें मैदान में उतरती है तो कोई जीत को दोहराना सिखती है और जो टीम हार जाती है वह नई राह खोजना सिखती है।
भारत में पुनः कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी होने लगी है। मार्च चढ़ते ही 16 हजार से ज्यादा मामले प्रतिदिन सामने आने लगे हैं और 100 से अधिक लोगों की मौतें भी 24 घंटे में होने लगी है।
कोरोना से जंग जारी रखने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने 1 मार्च से 20 हजार निजी केंद्रों पर अधिकतम ₹250 में कोरोना वैक्सीन की एक डोज की कीमत तय किया है। इसमें ₹150 टीके की कीमत है और ₹100 सर्विस चार्ज के रूप में वसूलने की अनुमति दी गई है।
यह भी सूचित किया गया है कि 1 मार्च से 45 से 59 साल के ऐसे लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया जाएगा जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। वैसे लोगों को अपनी बीमारी से जुड़ा सर्टिफिकेट साथ में रखना होगा। साथ ही 60 साल या इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए भी टीकाकरण शुरू किया जाएगा।
चलते-चलते यह भी जानिए कि अब तक देश में डेढ़ करोड़ के करीब टीकाकरण हो चुका है। दूसरे चरण के पहले दिन 1 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने जन्मदिन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित गृह मंत्री ने टीका लेकर जो सिलसिला शुरू किया उसे आगे मंगलवार को भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन आदि जारी रखते रहे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने तो अपनी पत्नी के साथ एक प्राइवेट अस्पताल में स्वदेशी कोविड टीके “कोवैक्सीन” की पहली खुराक लिया और 250-250 रूपये भुगतान किए।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में वैज्ञानिक प्रोफेसर सीवी रमण को याद किया गया। डॉ. सीवी रमण ने 28 फरवरी 1928 को ‘रमण इफेक्ट’ की खोज की और उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 1987 से प्रतिवर्ष 28 फरवरी को देश में ‘नेशनल साइंस डे’ मनाया जाता है।
मंडल विश्वविद्यालय के नॉर्थ परिसर में भौतिकी के विभागाध्यक्ष डॉ.अशोक कुमार की अध्यक्षता में विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित करने हेतु छात्रों को विभागाध्यक्ष व अन्य शिक्षकों द्वारा प्रोत्साहित किया गया। फलस्वरूप, दर्जनों प्रोजेक्ट्स का आयोजन किया गया।
विज्ञान दिवस के अवसर पर इस साइंस प्रोजेक्ट का उद्घाटन कुलपति प्रो.(डॉ.)आरकेपी रमण ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भौतिकी के यूनिवर्सिटी प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी एवं प्रो.(डॉ.)जगन्नाथ ठाकुर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सीनेटर प्रो.(डॉ.) नरेश कुमार व डीन प्रो.(डॉ.)अशोक कुमार यादव थे।
Former University Professor of Physics Dr.B.N.Yadav Madhepuri along with VC Prof.(Dr.)RKP Raman and Prof.(Dr.)JN Thakur & others watching science projects on the occasion of National Science Day at BNMU Madhepura.
सबों ने छात्र-छात्राओं के इलेक्ट्रॉनिक्स पर आधारित स्मार्ट डस्टबिन, विजिटर काउंटर एवं ऑटोमेटिक लाइटिंग सिस्टम आदि की भरपूर सराहना की। कुलपति ने इसे विभाग में लगाने की स्वीकृति भी दी। भ्रमण के क्रम में छात्राओं के प्रोजेक्टस को देखकर डॉ.मधेपुरी ने सभी अतिथियों के समक्ष कहा कि डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम बोला करते थे- बच्चा ही पहला वैज्ञानिक रहा होगा। प्रो.ठाकुर ने प्रतिभागियों से कहा कि मानव शरीर पर किरणों के प्रभाव की जानकारी अवश्य रखनी चाहिए। सबों ने प्रयोगशाला को उन्नत बनाने की चर्चा की।
अध्यक्ष डॉ.अशोक कुमार ने कहा कि 35वें नेशनल साइंस डे दो दिनों तक मनाया जाएगा, जिसमें प्रो.(डॉ.)विमल सागर, प्रो.(डॉ.)कामेश्वर कुमार, प्रो.(डॉ.)दिनेश कुमार सिंह, प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, पीआरओ सुधांशु शेखर सहित सभी विभागीय कर्मियों का भी सहयोग सराहनीय एवं प्रशंसनीय रहा।