मधेपुरा में जल्द बनेगा रेल थाना

अपराध के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए तथा रेल दुर्घटना या ट्रेन से गिरकर मौत हो जाने के बावजूद रेल पुलिस के देर से पहुंचने अथवा यदाकदा विधि-व्यवस्था को शीघ्रातिशीघ्र कंट्रोल न कर पाने…. आदि पर सम्यक विचार करते हुए मधेपुरा के साथ-साथ अररिया और कुरसेला में भी रेलथाना खोलने के लिए मांगे गये कागजातों के साथ कटिहार रेल एसपी डॉ.दिलीप कुमार मिश्र ने राज्य मुख्यालय से स्वीकृति प्राप्ति हेतु प्रस्ताव भेजा है। रेल थाना भवन निर्माण के लिए डीआरएम को भी 30×20 मी. जमीन चिन्हित कर देने के लिए पत्र भी लिखा गया है।

बता दें कि फिलहाल मधेपुरा , अररिया और कुरसेला रेल परिसर की निगरानी अलग-अलग जिले के रेल थानों द्वारा की जाती है | फलस्वरूप दूरी अधिक होने के कारण कभी-कभी विधि व्यवस्था की स्थिति भी बन आती है |

यह भी जानिए कि बुधमा स्टेशन तक का परिसर सहरसा रेल थाना की देख-रेख में है और उससे आगे का क्षेत्र बनमनखी रेल थाना के क्षेत्राधिकार में पड़ता है, जिसकी दूरी अधिक है। अस्तु मधेपुरा में तो रेल थाना बनना ही बनना है | कुरसेला और अररिया को भी इसी योजना में शामिल कर लिया गया है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सुपौल और सरायगढ़ में भी रेल थाना खोलने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इसमें कुछ वक्त लगेगा, क्योंकि फिलहाल सहरसा-सुपौल-सरायगढ़ रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बंद है। इस रेलखंड पर आमान परिवर्तन कार्य किया जा रहा है।

मौके पर रेल एसपी डॉ.मिश्रा ने मधेपुरा अबतक को बताया कि सभी रेल थानाध्यक्षों को 24 घंटे चेकिंग , यात्री सुरक्षा तथा नशा खुरानी की घटना नहीं हो इसके लिए हमेशा चौकसी बरतने के लिए कड़े निर्देश दिये गये हैं।

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विपक्षी दलों का शक्ति-परीक्षण है भारत बंद

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और कमजोर होते रुपये के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया है। कैलास मानसरोवर की यात्रा पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अनुपस्थिति में खुद सोनिया गांधी मोर्चा संभालेंगी। दिल्ली में सोनिया गांधी की अगुआई में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर सुबह 8 बजे से धरने पर बैठेंगे। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से बंद के दौरान शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसा न करने की अपील की है। कांग्रेस का दावा है कि 21 विपक्षी दलों और कई व्यापार संगठनों ने बंद को समर्थन दिया है।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नरेंद्र मोदी सरकार पर पिछले 52 महीनों में देश की जनता से 11 लाख करोड़ रुपये ‘लूट’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार नहीं बल्कि ‘मुनाफाखोर कंपनी’ चला रहे हैं। कांग्रेस की मांग है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए जिससे इसकी कीमतें 15 से 18 रुपये प्रति लीटर गिर सकती हैं।

सोमवार के बंद को समाजवादी पार्टी, डीएमके, एनसीपी, आरएलडी, जेडीएस, आरजेडी समेत लगभग सभी विपक्षी दलों ने समर्थन का ऐलान किया है। वाम दलों एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने भी कांग्रेस के बंद को समर्थन का ऐलान किया है। वहीं दूसरी तरफ ममता बनर्जी की टीएमसी ने बंद से खुद को दूर रखा है। टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी ने कहा कि जिस मुद्दे पर बंद बुलाया गया है, उसे हमारा समर्थन है लेकिन पार्टी किसी भी तरह के बंद या हड़ताल के खिलाफ है। वहीं एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने जहां बंद को समर्थन की कांग्रेस की अपील ठुकरा दी है, वहीं बीजू जनता दल ने तटस्थ रुख अपनाया है। बीजेडी प्रवक्ता समीर रंजन दास ने कहा, ‘हम भारत बंद का न तो समर्थन कर रहे हैं और न ही विरोध।’

बहरहाल, कहना गलत ना होगा कि कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल इस भारत बंद को सफल बनाने के लिए एड़ी-चोटी का पसीना एक कर देंगे। उन्हें पता है कि ये बंद एक तरह से उनकी ताकत और एकता दोनों का शक्ति-परीक्षण है।

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‘अजेय भाजपा’ के नारे के साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक

भारतीय जनता पार्टी ने 2019 की चुनावी तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। इसके लिए भाजपा संगठन चुनावों को टालते हुए आम चुनाव में मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में ही लड़ने का फैसला ले सकती है। बता दें कि अमित शाह का तीन साल का कार्यकाल अगले साल जनवरी में ही समाप्त हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक संगठन चुनाव को लोकसभा चुनाव के बाद कराए जाने के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में मुहर लग सकती है। माना जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव मार्च या अप्रैल में हो सकते हैं। ऐसे में भाजपा नई टीम के साथ चुनाव में नहीं उतरना चाहती। इसलिए उसने मौजूदा टीम को ही बनाए रखने का फैसला लिया है।

बहरहाल, शनिवार सुबह भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की शुरुआत हुई। इस बैठक में पार्टी ने ‘अजेय भाजपा’ का नारा दिया है। बैठक का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने कहा कि हम 2019 में स्पष्ट बहुमत के साथ जीत हासिल करेंगे। अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद हो रही इस पहली महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत भाजपा के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी तथा सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हैं।

बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने 2019 की जीत का फॉर्म्युला पेश किया। अपने भाषण में उन्होंने साफ कर दिया कि इस बार पार्टी नरेंद्र मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व और मजबूत संगठन के अलावा गांव, गरीब, किसान, दलित, ओबीसी, आदिवासी और विपक्षी विभाजन की बदौलत जीत हासिल करेगी। शाह ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे इस बार दिवाली से पहले ही गांवों में जाकर मोदी सरकार की उपलब्धियों को पेश करते हुए दिवाली मनाकर संदेश दें कि किस तरह से मोदी सरकार की उपलब्धियों से देश जगमगा रहा है। उन्होंने विपक्षी महागठबंधन को ज्यादा तरजीह न देते हुए कहा कि यह झूठ पर आधारित महागठबंधन है और इसका कोई असर नहीं होने वाला है।

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भारत का यह प्रथम विमान जैव ईंधन ले भरी उड़ान…….!!

भारत की एक निजी विमानन कंपनी ‘स्पाइसजेट’ ने देश की पहली “जैव जेट ईंधन’ से चलने वाली फ्लाइट का सफल परिचालन किया | इस सफल परीक्षण उड़ान के साथ ही भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल हो गया है जहाँ विमानों को उड़ाने में जैव ईंधन का प्रयोग होने लगा है | अब भारत उन चुनिंदा देशों के ‘क्लब’ में शामिल हो गया जिसके पास यह क्षमता है |

बता दें कि इस कंपनी द्वारा निर्मित बंबार्डियर क्यू-400 विमान ने जैव ईंधन का इस्तेमाल करते हुए 43 मिनट में देहरादून से दिल्ली तक की उडान भरी | एयरलाइंस ने बताया कि इस उड़ान में भारत ने पहली बार जैव जेट ईंधन का आंशिक रूप से उपयोग किया- जिसमें 75% एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) तथा 25% ही जैव जेट ईंधन (JJF) का मिश्रण था |

यह भी जानिए कि इस क्यू-400 विमान में कुल 78 सीटें होने के बावजूद इस परीक्षण उड़ान में केवल 20 लोग ही सवार हुए थे जिसमें नागर विमानन महानिदेशालय एवं स्पाइसजेट के चेयरमैन एवं एम डी अजय सिंह के साथ IIP के कुछ वैज्ञानिक भी थे |

चलते-चलते यह भी बता दें कि उत्तराखंड राज्य के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जहाँ इस परीक्षण विमान को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर फ्लैग ऑफ किया वहीं से दिल्ली पहुंचने पर अगवानी हेतु हवाई अड्डे पर पूर्व से पहुंचे हुए थे- भारत सरकार के मंत्री द्वय नितिन गडकरी एवं सुरेश प्रभु के अतिरिक्त कुछ वैज्ञानिक भी |

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‘सवर्ण सेना’ का भारत बंद और कुछ जरूरी सवाल

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध और गरीब सवर्णों को आरक्षण देने की मांग को लेकर गुरुवार को आहूत भारत बंद का असर बिहार समेत कई राज्यों में देखा गया। क्या आपने सोचा कि बिना किसी राजनीतिक समर्थन या प्रचार के बंद का इतना व्यापक असर कैसे हुआ? इसका आह्वान करने वाला संगठन ‘सवर्ण सेना’ असल में क्‍या है, उसका नेटवर्क कितना बड़ा है और वह कैसे काम करता है?
सबसे पहले तो यह जानें कि तथाकथित तौर पर सवर्ण हितों की रक्षा के लिए गठित ‘सवर्ण सेना’ का सीधा कनेक्शन बिहार से है। जी हाँ, इसका गठन बिहार के जहानाबाद के रहने वाले भागवत शर्मा ने किया है। भागवत फिलहाल अरुणाचल प्रदेश के सेंट्रल यूनिवर्सिटी में रिसर्च स्कॉलर हैं और गरीब सवर्णों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि एससी-एसटी एक्ट में सुधार हो क्योंकि इस कानून के तहत बड़े पैमाने पर फर्जी मुकदमे होते हैं।
बकौल भागवत शर्मा उन्‍होंने सवर्णों के मुद्दों को उठाने के लिए 2017 में सवर्ण सेना बनाई। उनके दावे के मुताबिक आज दो साल बाद इस सेना में 50 हजार से अधिक सदस्य हैं। महज दो सालों में यह संगठन देश भर में फैल गया है और बड़ी बात यह कि इसका प्रचार-प्रसार केवल सोशल मीडिया के माध्‍यम से हो रहा है। भारत बंद का प्रचार भी सवर्ण सेना ने सोशल मीडिया पर ही किया। भागवत शर्मा कहते हैं कि आज के युग में वॉट्सएप और फेसबुक के माध्‍यम से कम समय में अधिक लोगों तक पहुंचना संभव है। साथ में यह भी कि आगे वे देश व समाज से जुड़े अन्‍य मुद्दे भी उठाएंगे।
बहरहाल, आगे वास्तव में क्या होगा यह तो समय बताएगा, फिलहाल यह प्रश्न विचारणीय जरूर है कि कल जो कुछ हुआ वो सोशल मीडिया की सफलता है या सूचना के नए माध्यमों की बेहिसाब बढ़ती ताकत का संकेत, जिसके अनियंत्रित होने से देश और समाज का बड़ा नुकसान संभव है? एक बात और, एक ‘व्यक्ति’ के विचार अगर व्यापक हित में हों तब भी क्या ‘संस्था’ के अभाव में उन विचारों को सही स्वरूप और सार्थक परिणति देना क्या संभव है?

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शिक्षक ब्रह्मा-विष्णु-महेश से भी ऊपर…..!!

5 सितंबर “शिक्षक दिवस” के मौके पर मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले समाजसेवी-साहित्यकार व शिक्षक डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने स्थानीय शिक्षण संस्थान में शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि आदि काल से ही गुरु का स्थान देवताओं से भी ऊपर दिया जाता रहा है।

बता दें कि गुरु की महिमा को विभिन्न उदाहरणों से संदर्भित करते हुए डॉ.मधेपुरी ने छात्रों से कहा कि भारत की गौरवशाली भूमि पर डॉ.राधाकृष्णन, डॉ.जाकिर हुसैन एवं डॉ.कलाम जैसे त्रयी ऐसे महान शिक्षक हैं जो शिक्षक रहते हुए ‘भारतरत्न’ सरीखे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित हुए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे विचारक एवं सर्वोत्कृष्ट शिक्षकों का नाम लेते ही प्रत्येक भारतीय का सिर श्रद्धा से झुक जाता है।

यह भी  जानिए कि भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के संग बिताए गए अविस्मरणीय क्षणों की चर्चा करते हुए डॉ.मधेपुरी ने डॉ.कलाम के साथ लिखी पुस्तक ‘छोटा लक्ष्य एक अपराध है’ को झारखंड सरकार द्वारा छठे वर्ग के पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण देश में शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है- भारत के राष्ट्रपति से लेकर राज्य के मुख्यमंत्रियों द्वारा और भिन्न-भिन्न संस्थाओं द्वारा भी।

इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने कहा कि शिक्षक समाज का सृजनहार होता है, रक्षक एवं रखवाला होता है। शिक्षक समाज को दिशा देता है…… वह रहवर होता है। परंतु, खेद प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों के स्तर में कुछ गिरावट आ गई है……. गुरु और शिष्यों के बीच दूरी बढ़ गई है, जिसे पाटने की जरूरत है, तभी देश मजबूत होगा……. समाज आगे बढ़ेगा……। अंत में संस्थान के प्रधान रंजन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया और मंच संचालन पवनजी आनंद द्वारा किया गया।

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डॉ. आरिफ अल्वी होंगे पाकिस्तान के नए राष्ट्रपति

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के संस्थापक सदस्यों में एक और प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी डॉ. आरिफ अल्वी पाकिस्तान के नए राष्ट्रपति होंगे। पेशे से डेंटिस्ट 69 वर्षीय अल्वी ने मंगलवार को त्रिकोणीय मुकाबले में पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) के मौलाना फजलुर रहमान और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के एतजाज अहसान को हराया और देश के 13वें राष्ट्रपति चुने गए। जानना दिलचस्प होगा कि अल्वी के पिता स्व. हबीब उर रहमान इलाही अल्वी भी दांतों के डॉक्टर थे और भारत के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के डेंटिस्ट थे।

बहरहाल, पाक मीडिया से आ रही खबरों के मुताबिक नेशनल असेंबली और सीनेट के कुल 430 सदस्यों में से अल्वी को 212 वोट मिले। जबकि मौलाना फजलुर रहमान को 131 वोट और एतजाज अहसान को मात्र 81 वोट मिले। छह वोट रद्द कर दिए गए। बता दें कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए थे।

विभिन्न प्रांतों में प्रदर्शन की बात करें तो अल्वी को पंजाब विधानसभा में 186 वोट मिले। रहमान और अहसान ने क्रमश: 141 और 6 वोट हासिल किए और 18 वोटों को रद्द कर दिया गया। बलूचिस्तान में शानदार प्रदर्शन करते हुए अल्वी ने 60 सांसदों में से 45 के वोट हासिल किए। हालांकि, पीपीपी के दबदबे वाले सिंध प्रांत की विधानसभा में अहसान ने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्हें यहां 100 वोट मिले जबकि अल्वी के हिस्से में 56 वोट आए और रहमान के पक्ष में केवल एक वोट पड़ा।  खैबर पख्तूनखवा विधानसभा में कुल 109 वोटों में से अल्वी ने 78 वोट हासिल किए। जबकि रहमान और अहसान को क्रमश: 26 और 5 वोट मिले।

राष्ट्रपति चुने जाने के बाद अल्वी ने इमरान खान का शुक्रिया जताया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि आज से मैं केवल अपनी पार्टी नहीं बल्कि मैं पूरे देश और सभी पार्टियों का राष्ट्रपति हूँ। सभी पार्टियों का मुझ पर पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक संघर्ष 1967 में अयूब खान के समय शुरू हुआ था और तब से देश में बहुत जागरूकता आई है। उन्होंने संविधान के अनुसार चलने की भी बात कही। चलते-चलते बता दें कि निवर्तमान राष्ट्रपति ममनून हुसैन का पांच साल का कार्यकाल आठ सितंबर को समाप्त हो रहा है। अल्वी नौ सितंबर को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी या योगेश्वर श्री कृष्ण !!

भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को महानिशीथ काल में हुआ था। कृष्ण ने देवकी के गर्भ में पलकर और रोहिणी नक्षत्र में जन्म लेकर अपने दोनों माताएं ‘देवकी और रोहिणी’ को प्रसन्न किया। कृष्ण जन्म तो लिया मथुरा में परंतु उनका भी बचपन बीता गोकुल, नंदग्राम, वृंदावन और बरसाने में । कृष्ण के जन्मोत्सव के लिए यह पावन भूमि आज सज-धज कर तैयार है।

बता दें कि दुनिया के कोने-कोने से 20 लाख से कहीं ज्यादा श्रद्धालु योगेश्वर श्रीकृष्ण के 5242वें  जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए ब्रज की भूमि पर पधार चुके हैं।  अगणित  सुरक्षा कर्मियों सहित ब्लैक कैट कमांडो को भी तैनात किया गया है। आज भारत के हर हिस्से के हर गांव और हर शहर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को उमंग एवं उत्साह के साथ लोग मना रहे हैं।

मधेपुरा भी किसी से पीछे नहीं रहा। अन्य कई जगहों के अतिरिक्त प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय संस्थान की संचालिका राजयोगिनी ब्रम्हाकुमारी रंजू दीदी की टीम ने संपूर्ण समर्पण के साथ राधा-कृष्ण और लक्ष्मी नारायण को माखन खिलाया। बच्चियों द्वारा राधा-कृष्ण पर आधारित मनमोहक नृत्य का प्रदर्शन भी किया गया।

कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी, राजयोगिनी रंजू दीदी तथा खोखा यादव व दिनेश प्रसाद जैसे गणमान्यों द्वारा सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। रंजू दीदी ने उपस्थित मातृशक्ति सहित सभी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कृष्ण को हम सदा याद करें….. उनकी गीता का पाठ करें, जो ज्ञान का भंडार है।

मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन के जरिये श्रीकृष्ण को श्रोताओं के समक्ष खड़ा कर दिया तथा उपस्थित बच्चे-बच्चियों एवं श्रद्धालु नर-नारियों से संक्षेप में बस यही कहा-

आप श्रीकृष्ण की तरह संपूर्णता में डूबकर ही किसी भी काम को करें। कल या फल की चिंता कभी ना करें। खुद कृष्ण बन जाँय- कृष्ण यानी कर्म ! कर्म से ही बजेगी आपके जीवन की बाँसुरी। यूँ कृष्ण को याद करना तो आसान है, परंतु श्रीकृष्ण को जीना बहुत कठिन है….।

डॉ.मधेपुरी ने पुनः कहा- योगेश्वर श्रीकृष्ण सरीखे अद्वितीय व्यक्तित्व के धारक जहाँ एक ओर सहज होकर गोपिकाओं के संग रास रचाते हैं वहीं दूसरी ओर युद्ध के मैदान में अर्जुन को गीता का गहन-गंभीर दर्शन भी सुनाते हैं। इस तरह के दो विपरीत ध्रुवों वाला जीवन केवल और केवल श्रीकृष्ण में होना ही संभव है। श्रीकृष्ण को दो माँ, दो बाप, दो पत्नी…… के अतिरिक्त एक तरफ बांसुरी…. दूसरी तरफ सुदर्शन….. ना जाने कितने विरोधाभाषों के बीच चैन की बंसी बजाता चला आ रहा है…. यह माखन चोर…. किसन कन्हैया……!!

अंत में राजयोगिनी रंजू दीदी के अध्यक्षीय भाषण के बाद प्रसाद वितरण के साथ ही कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई।

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भारत के आई.पी.पी. बैंक का कारबार अहर्निश होगा आपके द्वार

मधेपुरा में भी आई.पी.पी बैंक (इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक) का शुभारंभ हो गया जिसका उद्घाटन 1 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में किया और सारे देशवासियों ने टीवी पर उसका सीधा प्रसारण भी देखा।

मधेपुरा मुख्य डाकघर के डाकपाल राजेश कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि शहीद चुल्हाय मार्ग स्थित बी.पी.मंडल नगर भवन में IPPB (India Post Payment Bank) के पाँच ब्रांच का शुभारंभ बिहार सरकार के कला संस्कृति मंत्री श्री कृष्ण कुमार ऋषि, एससी-एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषि देव, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, डीडीसी मुकेश कुमार सहित जेडीयू के जिलाध्यक्ष प्रो.विजेंद्र नारायण यादव, भाजपा के स्वदेश कुमार, डॉ.अमोल राय, ध्यानी यादव आदि की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुई।

बता दें कि डाक सेवा के पदाधिकारीगण सर्वश्री शिवलेश सिंह, राजेश कुमार, जगदेव मंडल, संतोष कुमार चौधरी, विवेक कुमार एवं चंचल यादव आदि ने विभिन्न प्रकार की जानकारियाँ देने हेतु शुक्रवार को जागरूकता रैली निकालकर लोगों को बताया कि 31 दिसंबर तक जिले में आईपीपी बैंक की 204 शाखाएं शुरू करने की योजनाएं हैं।

ब्रांच मैनेजर शिवलेश सिंह ने कहा कि देश का सबसे बड़ा नेटवर्क होगा आईपीपी बैंक जिसका मुख्य लक्ष्य गांव के वंचितों एवं हासिये पर के लोगों को वित्तीय सुविधा से जोड़ना है। जिले में फिलहाल 500 खाते खोले जा चुके हैं जिसमें कुछ बचत खातेे हैं और कुछ चालूू खाता है।

समारोह को सर्वप्रथम मधेपुरा के भीष्म पितामह डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने संबोधित करते हुए यही कहा-

एक टाॅल फ्री फोन करने पर पोस्टमैन आपके द्वार पर दस्तक देगा। वह साथ में एक मशीन भी लाएगा जिससे वह किसी भी तरह की जमा या निकासी के लिए आपकी मदद करेगा। बिजली, गैस या पानी के बिल भुगतान करने के अलावे आप घर बैठे दूसरों के खाते में मनी ट्रांसफर भी कर सकते हैं। जीवन बीमा किस्त आदि का भी भुगतान कर सकते हैं।

जहां इस अवसर पर बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री श्री कृष्ण कुमार ऋषि ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में अब एक नई क्रांति का संचार होगा तथा यह मील का पत्थर साबित होगा वहीं एससी-एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से शुभारम्भ हो रही इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति भी डिजिटल मेनस्ट्रीम का हिस्सा बनेगा ही बनेगा। अनपढ़ व्यक्ति भी इस प्रणाली का उपयोग कर सकता है क्योंकि उसे खाता अथवा पिन नंबर भी याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

कार्यक्रम का श्रीगणेश अतिथियों को बुके देकर किया गया तथा मंत्रीद्वय ने दीप प्रज्वलित कर सम्मिलित रूप से उद्घाटन किया। आरंभ से अंत तक कार्यक्रम का सफल संचालन अंतर्राष्ट्रीय उद्घोषक पृथ्वीराज यदुवंशी ने किया तथा ब्रांच मैनेजर शिवलेश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

जकार्ता में हो रहे एशियन गेम्स के 14वें दिन शनिवार को भारत ने 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक अपनी झोली में डाले। इसके साथ ही 15 स्वर्ण, 24 रजत और 30 कांस्य पदक समेत भारत के पदकों की संख्या 69 हो गई। टूर्नामेंट में आठवें नंबर पर मौजूद भारत का एशियन गेम्स के इतिहास में अब तक का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारत ने 2010 में चीन के ग्वांगझू में हुए एशियन गेम्स में 65 पदकों के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। रविवार को एशियाड का आखिरी दिन है, लेकिन इस दिन भारत की किसी भी स्पर्धा में भागीदारी नहीं है।

गौरतलब है कि अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी भारत ने शुक्रवार को ही कर ली थी लेकिन शनिवार को बॉक्सर अमित पंघल और ब्रिज में शिवनाथ सरकार एवं प्रणव वर्धन की जोड़ी ने स्वर्ण, महिला स्कवैश टीम ने रजत और पुरुष हॉकी टीम ने पाकिस्तान को हराकर कांस्य पदक हासिल कर इस आंकड़े को 69 तक पहुंचा दिया। टूर्नमेंट में अब तक 129 गोल्ड मेडल के साथ कुल 283 पदक हासिल कर चीन पहले नंबर पर बना हुआ है। वहीं, जापान 72 गोल्ड मेडल जीतकर 200 पदकों के साथ दूसरे पायदान पर है। जबकि साउथ कोरिया 48 गोल्ड मेडल जीतकर 172 पदकों के साथ तीसरे नंबर पर है। पदक तालिका में इंडोनेशिया चौथे, उज्बेकिस्तान 5वें, ईरान छठे और चीनी ताइपे सातवें स्थान पर है।

इस बार भारत द्वारा जीते गए स्वर्ण पदकों की बात करें तो एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा ने जेवलिन थ्रो, मनजीत सिंह ने 800 और जिनसन जॉनसन ने 1,500 मीटर रेस, तेजिंदर पाल सिंह तूर ने शॉट पुट, अरपिंदर सिंह ने ट्रिपल जम्प, हिमा दास, पूवम्मा राजू मछेत्रिया, सरिताबेन लक्ष्मणभाई गायकवाड़, विस्मया कोरोत वेल्लुवा ने महिला 4×400 मीटर और स्वप्ना बर्मन ने महिला हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीते। वहीं निशानेबाजी में सौरभ चौधरी ने पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल और राही जीवन सरनोबत ने महिला 25 मीटर पिस्टल में देश को स्वर्ण पदक दिलाया। कुश्ती में बजरंग पुनिया पुरुष 65 किग्रा और विनेश फोगाट महिला 50 किग्रा वर्ग में सोना जीतने में सफल रहे। टेनिस में रोहना बोपन्ना और दिविज शरण पुरुष युगल का स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे तो मुक्केबाजी में अमित पंघल ने 49 किग्रा वर्ग में पहली बार सोना दिलाया। रोइंग में स्वर्ण सिंह, ओम प्रकाश, सुखमीत सिंह और बब्बन दत्तू भोकानल की टीम ने देश को पहली बार क्वाड्रूपुल स्कल्स स्पर्द्धा में स्वर्ण दिलाया। ब्रिज, जिसे एशियाड में पहली बार शामिल किया गया था, में प्रणब बर्धन और शिबनाथ सरकार मेन्स पेयर में चैम्पियन बने।

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