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कोई व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही वह बन जाता है !

आज 30 जनवरी है- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का शहादत दिवस ! कुष्ठरोगियों के प्रति उनके अपार स्नेह एवं उत्कृष्ट सेवा भाव के चलते ही आज के दिन को “कुष्ठ दिवस” के रूप में भी मनाया जाता है | राष्ट्रपिता गांधी के संपूर्ण राष्ट्र को कुष्ठ मुक्त कराना बापू के वंशजों ( हिन्दू-मुस्लिम-सिक्ख-ईसाई….) की सामूहिक जिम्मेवारी है |

यह भी बता दें कि मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) द्वारा समाहरणालय परिसर में राष्ट्रपिता बापू की आदमकद भव्य प्रतिमा श्रद्धापूर्वक स्थापित ही नहीं की गई बल्कि आज उनकी शहादत दिवस पर दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे यानि डेढ़ घंटे के लिए सादगी के साथ भव्य समारोह का आयोजन भी किया गया |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute by garlanding Rashtrapita Mahatma Gandhi's statue at the campus of Madhepura Collectriate on the Martyrs Day 30th January 2017
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri paying tribute by garlanding Rashtrapita Mahatma Gandhi’s statue at the campus of Madhepura Collectorate on the Martyrs Day 30th January 2017

सर्वप्रथम बापू की प्रतिमा पर डीएम मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, सिविल सर्जन गदाधर पांडे, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, प्रभारी पदाधिकारी राखी कुमारी, एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, एनडीसी मुकेश कुमार, नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी मनोज कुमार पवन, नरेश पासवान सहित समस्त कार्यालय कर्मीगण द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि किया गया |

DM Md.Sohail (IAS), SP Vikash Kumar (IPS), CS Dr.Gadadhar Pandey, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri & others attending Sarbdharma Prarthna Sabha in Samaharnalaya Campus, Madhepura.
DM Md.Sohail (IAS), SP Vikash Kumar (IPS), CS Dr.Gadadhar Pandey, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri & others attending Sarbdharma Prarthna Sabha in Samaharnalaya Campus, Madhepura.

यह भी जानिये कि आगे ठीक 11:00 बजे सायरन की आवाज बंद होते ही 11:00 से 11:02 बजे पूर्वाहन तक (2 मिनट) परिसर स्थित राष्ट्रपिता बापू की प्रतिमा के चारों ओर अधिकारी-पदाधिकारी-कर्मचारी सहित मीडिया के लोग, छात्र और व्यापारी सभी मौन खड़े रहे और उस दरमियान देशवासियों के लिए समर्पित बापू के त्याग और वलिदान को स्मरण करते हुए मन ही मन यही सोचते रहे- ‘कोई व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही वह बन जाता है |’

अंत में यह भी कि डी.एम. मो.सोहैल द्वारा कुष्ठ दिवस के बाबत एक संदेश के पाठ के साथ-साथ उपस्थित जनों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के “कुष्ठ मुक्त भारत” के सपने को पूरा करने हेतु “संकल्प” भी कराया गया और तत्पश्चात समापन की घोषणा के साथ अपने-अपने कार्यालयों की ओर जाकर बापू के गांवों में बसे लोगों के विकास हेतु कार्यों में सभी जुट गये |

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यू.एस.ए. के बच्चों में अद्भुत राष्ट्रप्रेम का जज्बा

नगर परिषद के गरीब टोला (भिरखी) के आस-पास के निर्धन परिवारों के छात्र-छात्राओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने, छोटे-छोटे बच्चों में अनुशासन का बीज डालने एवं सुव्यवस्थित ढंग से सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अभिरूचि पैदा करने के लिए इस नवोदित स्कूल के संस्थापक अशोक कुमार, निदेशक आशीष राज व गुड़िया झा की पूरी टीम लगभग दो वर्षों से ही “यू.एस.ए. इंटरनेशनल स्कूल” नाम देकर बच्चों में संस्कार भरने का संकल्प लिया है- यह सर्वाधिक प्रशंसनीय प्रयास है।

यह भी बता दें कि मधेपुरा में स्कूलों की कमी नहीं है । किरण पब्लिक, हॉली क्रॉस, माया निकेतन आदि-आदि जैसे श्रेष्ठ स्कूल भी हैं जिन्होंने काफी ऊंचाइयाँ हासिल की हैं । फिर भी 68वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यू.एस.ए. इंटरनेशनल स्कूल परिवार द्वारा बच्चों की प्रतिभाओं को निखारने हेतु एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन का श्रीगणेश स्कूल परिसर में ही किया गया ।

Pro-VC Dr. J.P.N. Jha , Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri , Founder Mr.Ashok Kumar Jha and others inaugurating the cultural program at U.S.A. International School Campus Madhepura.
Pro-VC Dr. J.P.N. Jha , Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri , Founder Mr.Ashok Kumar Jha and others inaugurating the cultural program at U.S.A. International School Campus Madhepura.

बता दें कि इस सांस्कृतिक समारोह के लिए बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के वर्तमान विद्वान प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा को उद्घाटनकर्ता एवं पूर्व परीक्षा नियंत्रक समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया । सर्वप्रथम बच्चियों द्वारा अतिथियों को पुष्पगुच्छ के साथ स्वागतगान से सम्मानित किया गया । लगे हाथ उद्घाटनकर्ता श्री झा, मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी, संस्थापक अशोक कुमार, निदेशक आशीष राज, पत्रकार संजय परमार गरिमा उर्विशा आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया ।

जहाँ मौके पर उद्घाटनकर्ता डॉ.झा ने स्कूल के बच्चे-बच्चियों के अनुशासित होने की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि बच्चों में ऐसा संस्कार पैदा करें कि वे देश का सफल एवं जवाबदेह नागरिक बने, वहीँ प्रतिकुलपति ने बच्चों को कठिन परिश्रम कर पढ़ाई करने की बातें भी कही ।

Chief Guest Dr.Madhepuri after inauguration delivering valuable messages to the students and their guardians in the campus of U.S.A International School at Madhepura
Chief Guest Dr.Madhepuri after inauguration delivering valuable messages to the students and their guardians in the campus of U.S.A International School at Madhepura

यह भी कि जहाँ मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी ने अपने सांसों में बसनेवाले गांधीयन मिसाइलमैन डॉ.कलाम के ‘शून्य से शिखर तक’ की कहानियों की विस्तृत चर्चा करते हुए यू.एस.ए. इंटरनेशनल स्कूल परिसर को ‘कलाममय’ बना दिया वहीं उन्होंने समारोह में उपस्थित मातृशक्ति को सम्मान देते हुए कहा कि लोगों को शक्ति, संपत्ति एवं सद्ज्ञान के लिए सदा से ही माँ दुर्गा, लक्ष्मी एवं सरस्वती की ही बन्दना करनी पड़ती है | डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित मातृशक्ति से यह भी कहा कि आपके बच्चों में ईश्वरीय तेज छिपा है | आप उसे पंख लगा दें ताकि वह चारों ओर अच्छाइयों का प्रकाश फैलाता रहे |

उद्घाटन सत्र के बाद स्कूली बच्चों द्वारा गीत, संगीत व नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई | कभी सेना के जवानों के जज्बों पर आधारित प्रस्तुति तो कभी समाज में व्याप्त विभिन्न प्रकार की कुरीतियों पर चोट करने वाली प्रस्तुति- स्कूली बच्चे-बच्चियों द्वारा दी गई | बच्चों ने लघुनाटक के माध्यम से समाज को जगाया भी | बेहतरीन प्रस्तुति के साथ बाल कलाकारों- मेघा-छाया-कोमल, अर्चना-आयुषी-सोनम, रुपेश-विकास-अकरम, राजा-नितेश-सत्यम आदि ने राष्ट्रीय भावनाओं को इस तरह मंचित किया कि दर्शक घंटो बंधे रहे और झूमते रहे |

अंत में प्राचार्य डी.कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया | गरिमा उर्विशा को मंच संचालन के लिए काफी सराहना मिली |

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जीवन नया मिलेगा अंतिम चिता में जलकर

जहाँ एक ओर सारा देश 68वां गणतंत्र दिवस सर्वाधिक हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मना रहा है एवं सारे देशवासियों द्वारा देश को आजादी दिलानेवाले मंगल पांडे से लेकर महात्मा गांधी के बीच हुए शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों तथा संविधान निर्माताओं को याद किया जा रहा है, नमन किया जा रहा है और बन्दन किया जा रहा है वहीं मधेपुरा जिले के शहीद बाजा साह एवं शहीद चुल्हाय यादव एवं स्वतंत्रता सेनानी रासबिहारी लाल मंडल, शिवनंदन प्रसाद मंडल, मो.कुदरत उल्लाह, भूपेन्द्र नारायण मंडल, महताप लाल यादव, कुंज बिहारी लाल दास, कमलेश्वरी प्रसाद मंडल, कार्तिक प्रसाद सिंह………. आदि सभी को मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा पूरी टीम के साथ ससम्मान याद किया जा रहा है |

Dr.Bhupendra Madhepuri along with Dr.Alok Kumar and other VIPs garlending the statue of Samajwadi Chintak B.N.Mandal on the occasion of 68th Republic Day.
Dr.Bhupendra Madhepuri along with Dr.Alok Kumar and other VIPs garlanding the statue of Samajwadi Chintak B.N.Mandal on the occasion of 68th Republic Day.

बता दें कि जहां सबेरे से विभिन्न सरकारी एवं गैरसरकारी स्कूली बच्चों द्वारा कुहासे के बीच प्रभात फेरी मनाया जा रहा था वहीं मधेपुरा के भूपेन्द्र चौक पर शांति आदर्श स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं बच्चे-बच्चियों एवं सीताराम साह, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.विनय कुमार चौधरी, प्रो.हरेकृष्ण यादव, रामदेव यादव आदि गणमान्यों के बीच समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा गणतंत्र दिवस पर तिरंगा लहराया जा रहा था |

Dr.Madhepuri delivering speech after flag hoisting on the occasion of 68th Gantantra Diwas Samaroh at Bhupendra Chowk (B.N.Mandal Chowk) Madhepura.
Dr.Madhepuri delivering speech after flag hoisting on the occasion of 68th Gantantra Diwas Samaroh at Bhupendra Chowk (B.N.Mandal Chowk) Madhepura.

यह भी बता दें कि इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने महात्मा गांधी एवं डॉ.कलाम को याद करते हुए राष्ट्रीय तिरंगा को सलामी देने के बाद अपने संबोधन में बच्चों को राष्ट्र का भविष्य बताया और यही कहा कि भारत के सवा सौ करोड़ से अधिक जनों को तथा विशेषरुप से बच्चे एवं युवजनों को कभी असहाय महसूस नहीं करना चाहिए | उन्होंने कहा कि हम सब अपने भीतर दैवीय शक्ति लेकर जन्मे हैं तथा हम सबके भीतर ईश्वरीय तेज छिपा है | हमारी कोशिश हो इस तेज पुंज को पंख देते रहने की, जिससे यह चारों ओर अच्छाइयों का प्रकाश फैला सके |

अंत में डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से यही कहा कि मैंने टी.पी.कॉलेज से अवकाश ग्रहण किया, भू.ना.मंडल विश्वविद्यालय में भी कार्यरत रहा था वहाँ भी झंडोतोलन कार्यक्रमों में भागीदारी निभानी है | अब तुम्हीं इस देश के रक्षक हो, रखवाले हो और बस एक बात तुमसे और कहूँगा-

जीवन नया मिलेगा, अंतिम चिता में जलकर !
पहले विजय प्राप्त कर, तुम अपने भय पर !!

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आज की कड़ी मेहनत ही कल की बड़ी सफलता है

ऊंचाइयों को प्राप्त करते हुए पढ़ाई, मेहनत और सफलता के साथ-साथ उपलब्धियां हासिल करने में अग्रणी स्थान कायम रखनेवाले किरण पब्लिक स्कूल में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश, निर्देशिका किरण प्रकाश एवं प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर की पूरी टीम द्वारा किया गया |

Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri and Nideshika Kiran Prakash giving prizes to the class topper.
Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri and Nideshika Kiran Prakash giving prizes to the class topper.

समारोह के उद्घाटनकर्ता कलानुरागी डीडीसी मिथिलेश कुमार, मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं निदेशिका किरण प्रकाश ने सम्मिलित रुप से दीप प्रज्वलित कर किया | बच्चियों के बेहतरीन स्वागत गान, स्कूल परिवार द्वारा अतिथियों का भावपूर्ण स्वागत सत्कार एवं संक्षिप्त सांस्कृतिक कार्यक्रमों को समेटते हुए समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2016 में प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया |

यह भी बता दें कि अपने संबोधन में उप-विकास आयुक्त सह कलानुरागी मिथलेश कुमार ने संक्षेप में छात्रों से यही कहा कि मेहनत ऐसा फल है जो हमेशा मीठा होता है | उन्होंने यह भी कहा कि छात्र खुद को धोखा न दें बल्कि वे हमेशा पूरी लगन एवं मेहनत से पढ़ाई करें और अपने स्कूल और देश का नाम रौशन करें |

Educationist Dr.Madhepuri encouraging the students at K.P.S. Campus, Madhepura
Educationist Dr.Madhepuri encouraging the students at K.P.S. Campus, Madhepura

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि यहां के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है । बच्चों में अनंत प्रतिभाएं छुपी हुई हैं, जरूरत है इसे निखारने की । डॉ.मधेपुरी ने डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए विस्तार से बच्चों को बड़े-बड़े सपने देखने हेतु प्रोत्साहित किया तथा भारत रत्न डॉ.कलाम से प्रेरणा लेने की विस्तृत चर्चा की ।

मौके पर उद्घाटनकर्ता ने स्कूल टॉपर सपना यादव को चांदी का सिक्का प्रदान किया और डॉ.मधेपुरी ने सर्वाधिक छात्रों को मोमेंटो एवं सर्टिफिकेट देकर पुरस्कृत किया । कार्यक्रम के अन्त तक प्राचार्य के.के.ठाकुर, प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश एवं स्कूल परिवार के सभी शिक्षक व कर्मचारीगण मौजूद रहे  ।

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नशाबंदी के समर्थन में मधेपुरा ने रचा इतिहास

जिस मधेपुरा जिला में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में मंत्री के रूप में करिश्मा कर दिखानेवाले तथा कर्तव्यनिष्ठ व निष्ठावान व्यक्तित्ववाले बिजेन्द्र प्रसाद यादव जैसे प्रभारी मंत्री हों, जहां पर डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) एवं अनुभवी एसपी विकास कुमार (भा.पु.से.) की पूरी प्रशासनिक टीम को इस “मानव महाश्रृंखला या नशाबंदी के महासंकल्प” को सफल बनाने हेतु वित्त सचिव श्री राहुल सिंह (भा.प्र.से.) सरीखे निदेशक हों तथा जिस जिला के लोग नशाबंदी जैसी सामाजिक क्रांति के पक्षधर हों- वह जिला मानव महाश्रृंखला बनाने में इतिहास रचेगा ही रचेगा बल्कि यकीन मानिए कि यह मधेपुरा जिला बिहार का अव्वल जिला घोषित होकर ही रहेगा |

From R-L Finance Sicretary Mr.Rahul Singh , Dr.Bhupendra Madhepuri, Energy Minister Bijendra Pd. Yadav, Ex MLA Ohm Babu, JDU Dist President at Bhupendra Chowk (Standing in ManavKadi)
From R-L Finance Secretary Mr.Rahul Singh , Dr.Bhupendra Madhepuri, Energy Minister Bijendra Pd. Yadav, Ex MLA Ohm Babu, JDU Dist President at Bhupendra Chowk (Standing in ManavKadi)

यह भी बता दें कि जहां सूबे बिहार में 38 जिले के लगभग तीन करोड़ नर-नारियों एवं छोटे-बड़ों ने एक दूसरे के हाथों में हाथ डाले 50 मिनट तक 11400 किलोमीटर की कतार में खड़े होकर बिहार को नशा मुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प लिया वहीं मधेपुरा जिले के 13 प्रखंडों के लगभग 5 लाख लोगों ने 233 किलोमीटर से भी अधिक लंबी मानव श्रृंखला बनाकर बिहार को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स व लिम्का बुक में नाम दर्ज कराने में सहयोग ही नहीं किया बल्कि बिहार की विश्वस्तरीय पहचान बनाने में अग्रणी भूमिका का निर्वहन भी आगे करता रहेगा |

Honorable Energy Minister Mr.Bijendra Prasad Yadav alongwith Dr.Madhepuri , DM Md.Sohail , Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi, SP Vikash Kumar and others after finishing the programe of Manav Kadi at Bhupendra Chowk Madhepura.
Honourable Energy Minister Mr.Bijendra Prasad Yadav alongwith Dr.Madhepuri , DM Md.Sohail , Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi, SP Vikash Kumar and others after finishing the programme of Manav Kadi at Bhupendra Chowk Madhepura.

यह भी बता दें कि बी.एन.मंडल चौक पर मनीषी भूपेन्द्र की प्रतिमा एवं स्थल की सजावट में लगे समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से मानव श्रृंखला की सफलता के बाबत जब पूछा गया तो डॉ.मधेपुरी ने संक्षेप में यही कहा कि कुहासे के कारण चंद मिनटों में सड़क जैसे अदृश्य हो जाती है वैसे ही नशाबंदी के समर्थन में आये लोगों की भीड़ में वही सड़क गुम होती जा रही है- “बिहार द्वारा आज विश्वस्तरीय मानव श्रृंखला बनाकर एक नया इतिहास रचा जा रहा है जिसमें मधेपुरा जिला अव्वल रहेगा” |

गौरतलब है कि मधेपुरा नगर परिषद में 25 नामित चौक-चौराहों को चिन्हित कर वहां मंत्री, पूर्व विधायकों और गणमान्यों द्वारा नीतीश सरकार की शराबबंदी के समर्थन में आयोजित मानव श्रृंखला को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने का आग्रह किया जा चुका है जिसमें पूर्व विधान पार्षद विजय वर्मा, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला आदि को जहां शरद यादव निवास एवं कर्पूरी चौक पर टीम के साथ मानव श्रृंखला संचालन का भार दिया गया, वहीं भूपेन्द्र चौक पर माननीय मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा एवं वाणिज्यकर विभाग, पूर्व एमएलए मनिन्द्र कुमार मंडल उर्फ ओम बाबू सहित समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, प्रो.विजेंद्र नारायण यादव (जिला अध्यक्ष), डॉ.आलोक कुमार, डॉ.मिथिलेश कुमार, डॉ.दिलीप सिंह आदि सवेरे से 1:30 बजे तक डटे रहे | व्यवस्था बनाये रखने के लिए डी.एम. मो.सोहैल की टीम में सर्वाधिक व्यस्त दिखे- एसपी विकास कुमार, डी.डी.सी.मिथिलेश कुमार, एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, थानाध्यक्ष मनीष कुमार, बीडीओ दिवाकर कुमार, सी.ओ.मिथिलेश कुमार आदि |

यह भी जानिए कि इस विश्वस्तरीय मानव श्रृंखला को इसरो के तीन सेटेलाइट, 6 हेलीकॉप्टर तथा 38 ड्रोन द्वारा, उत्तर से दक्षिण एवं पूरब से पश्चिम, पूरे बिहार के नर-नारियों की तस्वीर अपने-अपने कैमरे में 50 मिनटों तक कैद की जाती रही तथा ये आवाजें आती रहीं-

सुरक्षित रहे घर-परिवार !
नशा मुक्त होवे बिहार !!
जुड़ गये करोड़ों-करोड़ हाथ !
सब ने दिया नीतीश का साथ !!

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विश्व-इतिहास की सबसे लंबी मानव-श्रृंखला..! बधाई बिहार..!!

आपने नशे में झूमना तो सुना होगा, लेकिन लोग नशे कि विरोध में झूमें ऐसा केवल बिहार में हो सकता है। जी हाँ, लोग झूमे और सैकड़ों, हजारों, लाखों में नहीं, करोड़ों की संख्या में झूमे… एक साथ झूमे… एक-दूसरे का हाथ पकड़कर झूमे… और ऐसा झूमे कि पूरे तीन करोड़ लोगों की 11, 292 किलोमीटर लंबी श्रृंखला बन गई। जी हाँ, ये विश्व की सबसे लंबी मानव-श्रृंखला है। अद्भुत, अभूतपूर्व, वर्णनातीत।

बिहार ने सचमुच इतिहास रच दिया। यह विश्व का अकेला ऐसा राज्य बन गया जिसने नशे को न कहने के लिए विश्व की सबसे लंबी मानव-श्रृंखला की परिकल्पना की और उसे अमलीजामा पहना दिया। इससे पहले 2004 में बांग्लादेश में प्रतिपक्ष ने सरकार के खिलाफ 1050 किमी मानव-श्रृंखला बनाई थी। देखा जाय तो तीन करोड़ लोगों का एक मकसद से एक दिन और एक समय एकजुट होना लगभग असंभव-सी बात थी, जिसे बिहार ने संभव कर दिखाया और शराबबंदी का ऐसा संदेश दिया जिसे पूरी दुनिया ने आश्चर्यचकित होकर देखा और सराहा।

Human Chain_2
Human Chain_2

दिन में 12.15 से 1 बजे के बीच आयोजित इस ऐतिहासिक मानव-श्रृंखला की तस्वीर लेने के लिए तीन उपग्रहों तथा 40 ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया। तीन उपग्रहों में एक विदेशी तथा दो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के थे। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के चार हेलीकॉप्टरों से भी एरियल फोटोग्राफी और विडियोग्राफी की गई। इस श्रृंखला को विश्व रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लोग भी पटना में मौजूद रहे।

Human Chain_3
Human Chain_3

वैसे तो इस मानव-श्रृंखला का आयोजन बिहार सरकार ने किया लेकिन दलगत राजनीति से ऊपर उठकर तमाम दलों ने इसमें जिस तरह बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया वह काबिलेतारीफ है। इसको लेकर जितने उत्साह में जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता थे उतने ही भाजपा, लोजपा, रालोसपा समेत अन्य पार्टियों के लोग भी। विभिन्न राजनीतिक दलों के अधिकांश सांसद, विधायक एवं विधानपार्षद इस मौके के गवाह बने। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने पटना के गांधी मैदान में इस अभियान में हिस्सा लिया।

सरकारी कर्मचारी हों या स्कूली छात्र-छात्रा, विशिष्ट जन हों या आम नागरिक, स्त्री हों या पुरुष, बच्चे हों या बूढ़े सबके चेहरे पर अद्भुत उत्साह, सभी गर्व से ओतप्रोत। सभी जानते थे कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आह्वान पर वे सभी इतिहास रचने को निकले हैं। अपने मुख्यमंत्री के संकल्प को जिस तरह पूरे राज्य की जनता ने साकार किया वो पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गया।

विश्व-इतिहास के इस महानतम आयोजन के लिए ‘मधेपुरा अबतक’ विकासपुरुष नीतीश कुमार, बिहार की महान जनता और राज्य के मुस्तैद प्रशासन को बधाई और साधुवाद देता है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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‘ॐ शान्ति ॐ’ की अनुगूंज से गुंजायमान हुआ प्रजापिताब्रह्मा का संसार !

जहाँ विश्व के 143 देशों में प्रजापिता ब्रह्माबाबा की 48वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं भक्ति सहित ‘ॐ शान्ति ॐ’  की अनुगूंज के साथ मनाई गई वही संसार के ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की 10,000 शाखाओं में से एक “शाखा मधेपुरा” में इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करती हुई शक्ति, स्वरूपा ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी द्वारा समस्त श्रद्धानुरागी नर-नारियों के बीच विस्तार से विषय प्रवेश करते हुए- ‘दादा लेखराज’ से ‘प्रजापिता ब्रह्मा’ तक के अलौकिक सफर की विस्तृत चर्चा की गई |

अध्यक्षा ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी ने प्रजापिता लेखराज के जीवन-सागर से ढेर सारे मोतियों को निकाल-निकालकर श्रद्धानुरागियों के समक्ष प्रज्ञापिता लेखराज के व्यक्तित्व एवं चरित्र को प्रभावशाली एवं शक्तिशाली साबित करते हुए एवं करीने से समझाते हुए कहा कि उज्जवल चरित्र एवं उदारचित्त वाले प्रजापिताब्रह्मा 18 से 20 घंटे तक जनहित में कार्यरत रहा करते थे |

यह भी बता दें कि प्रजापिता ब्रह्मा बाबा में अटूट आस्था रखनेवाले सिमराही (सुपौल) से पधारे मुख्य अतिथि ब्रह्माकुमार रामनगीना भाई ने विस्तार से ‘ॐ शान्ति ॐ’ के माध्यम से खुद के जीवन में आये परिवर्तन की घटनाओं का जिक्र करते हुए अपने संबोधन में कहा कि आज की तारीख में संसार के लगभग 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिदिन ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करते हैं | वर्तमान में जीवन की भाग-दौड़ में थक चुके सर्वाधिक लोग शांति की तलाश में अब तेजी से ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर कदम बढ़ाने लगे हैं |

Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri delivering inaugural speech.
Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri delivering inaugural speech at Prajapita Brahma Kumari Madhepura Branch.

बता दें कि कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता के रूप में समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में उपस्थित जन समुदाय से यही कहा कि बच्चा जब से जन्म लेता है, तब से अंतिम सांस लेने तक सदैव  षट विकार (काम-क्रोध, लोभ-मोह, ईर्ष्या-द्वेष) के अधीन होता है | दसों इंद्रियों का राजकुमार ‘मन’ होता है और तन को रोग तभी पकड़ता है जब ‘मन’ विकृत होता है | अब मन की शांति और स्वच्छता के लिए ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर तेजी से लोग अपना कदम बढ़ाने लगे हैं जहां नारी शक्ति को ब्रह्माबाबा ने जागृत किया है, प्रतिष्ठापित कर आगे बढ़ाने का काम किया है | डॉ.मधेपुरी ने नारी को प्रतिष्ठापूर्ण जीवन जीने के लिए समाजसुधारक राजाराम मोहन राय एवं नोबेल पुरस्कार विजेता रविन्द्र नाथ टैगोर की विस्तार से चर्चा की |

इस संस्था को गतिशील रखने वालों में पूर्व प्रमुख विनय वर्धन उर्फ खोखा बाबू, प्रो.निरोध कुमार, दिनेश सर्राफ, प्रो.अजय कुमार, प्रो.नरेश कुमार, प्रो.त्रिवेणी प्रसाद यादव, ओम बाबू, बैजनाथ यादव, विजय यादव, डॉ.विनय कुमार चौधरी, प्रो.श्यामल किशोर यादव, प्राचार्य सत्यजीत, डॉ.नीलाकान्त, प्रो.रवि कुमार, प्रो.अशोक पोद्दार एवं श्रीनाथ झा सहित ओम शांति परिवार के सदस्यों एवं माला बहन, दुर्गा बहन आदि सरीखे सभी माता एवं बहनें हैं | बाहर से आए रामनगीना बाबू सहित अन्य सभी को ब्रह्माकुमार किशोर जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

संस्थाप्रधान ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी जब सभी अतिथियों को टीका लगातीं और चरणामृत देतीं उससे पूर्व उन्होंने डॉ.मधेपुरी, सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पांडे, दिनेश सर्राफ, प्राचार्य सत्यजीत यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, ओम प्र.यादव, प्रो.निरोध कुमार निराला आदि के साथ सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर प्रजापिता ब्रह्मा बाबा एवं 1 दिन पूर्व नेपाल में अपनी दैहिकलीला समाप्त कर स्वर्गारोहण पर निकली मातृशक्ति गंगा देवी की पुण्यतिथि को प्रकाशमय बनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की | अंत में सभी श्रद्धालुओं को इच्छापूर्ण सुस्वादु प्रसाद ग्रहण कराने के बाद ही श्रद्धांजलि सभा का समापन किया गया |

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डीएम मो. सोहैल ने किया मानव श्रृंखला का सफल पूर्वाभ्यास

जहां बिहार की नीतीश सरकार ने प्रदेश में शराबबंदी की प्रथम वर्ष गांठ पर यानि 21 जनवरी 2017 (शनिवार) को सवा बारह बजे दोपहर से एक पंद्रह अपराहन तक बिहार के दो करोड़ जागरुक लोगों द्वारा 11000 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला के तहत हाथ से हाथ मिलाकर मानव कड़ी बनाये जाने का आह्वान किया है वहीं मानव श्रृंखला को ऐतिहासिक बनाने एवं मधेपुरा को बिहार में गौरवान्वित करने के लिए जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल एवं अनुभवी एसपी विकास कुमार, एडीएम  मुर्शीद आलम, डीडीसी मिथिलेश कुमार, एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला,  एन.डी.सी. मुकेश कुमार, सीओ मिथिलेश कुमार,  थानाध्यक्ष मनीष कुमार   सहित शिक्षा विभाग के सभी पदाधिकारीगण अपने हिस्से के चार लाख लोगों की सफल मानव श्रृंखला बनाने हेतु पूरी टीम के साथ जबरदस्त पूर्वाभ्यास करने की बिगुल फूंक दी है |

बता दें कि उत्साही जिला प्रशासक मो.सोहैल के अदभुत उत्साह के कारण समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित व्यापारियों एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े युवाओं के उत्साह – उमंग को देखकर 21 जनवरी को शराबबंदी के समर्थन में बनने वाली मानव श्रृंखला के बाबत डीएम ने कहा कि इस मानव श्रृंखला से हमें मान-सम्मान और प्रतिष्ठा के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने का मौका मिलेगा जो देश-दुनिया के लिए मिशाल होगा | उन्होंने कहा कि जिले में 233 कि.मी. लंबी मानव श्रृंखला का आयोजन किया जा रहा है | पूर्वाभ्यास श्रृंखला यात्रा में चलते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मधेपुरा जिन आधे दर्जन जिले से जुड़ा है उन में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा, अपनी अलग पहचान बनायेगा | उन्होंने यह भी कहा कि सेटेलाइट एवं हेलीकॉप्टर द्वारा खींची गयी तस्वीर सिद्ध कर देगा कि यह विश्व की सर्वाधिक लंबी मानव श्रृंखला साबित हुई |

यह भी जानिए कि जहां जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, नप उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव अपनी टीम के साथ तैयार हो, वहीं बैंक ऑफिस संतोष कुमार झा, व्यापार मंडल अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका, सचिव रविन्द्र यादव, पेट्रोलियम संगठन के विजय सर्राफ व चंदन कुमार तन-मन-धन से संकल्पित हो तो भला मानव श्रृंखला में मधेपुरा ऊंचाई पायेगा ही पायेगा |

इसके अतिरिक्त जहां प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष सह दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल, डॉ. मधेपुरी मार्ग के निदेशक किशोर कुमार जैसे उत्साही हरफनमौला खेल प्रेमी हो, खेल गुरु संत कुमार हो, कबड्डी प्रेमी अरुण कुमार हो और डी.ई.ओ.शिव शंकर राय एवं कार्यपालक पदाधिकारी नप के पवन कुमार हो- तो वहाँ सफलता मिलनी ही मिलनी है |

यह भी बता दें कि आजू-बाजू के कई राज्यों ने इस मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए नीतीश सरकार के पास आग्रह पत्र भेजा है जिसके जवाब में यही कहा गया कि यह आयोजन बिहार का है | हां ! कोई श्रृंखला में शामिल होना चाहे तो रोका नहीं जायेगा | इस श्रृंखला के मॉनिटरिंग का भार शिक्षा विभाग को सौंपी गई है परंतु समस्त बिहार वासियों को तन्मयता के साथ मानव श्रृंखला का हिस्सा बनना है |

अंत में यह भी जानिए कि कलाभवन से निकलकर डी.एम. मो.सोहैल के नेतृत्व में हजारों की संख्या में नर-नारियों द्वारा बैनर-बाजे के साथ बी.पी.मंडल चौक, बी.एन.मंडल चौक एवं सुभाष चौक होते हुए कर्पूरी चौक से कला भवन तक श्रृंखला में लोग जुड़ते गये | रास्ते में डीएम, एसपी के साथ जिप अध्यक्षा मंजू देवी, डॉ.मधेपुरी, अस्फाक आलम, सीताराम पंडित, गंगादास सहित रविंद्र झा सहित शहर के तमाम गणमान्य श्रृंखला में चलते देखे गये | अंत तक कतार छोटी होने के बजाय लंबी होती चली गई |

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मकर संक्रांति का ऐतिहासिक महत्व ! 

लोक मान्यता है कि आज के ही दिन भगवान ‘भास्कर’ अपने पुत्र ‘शनि’ से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं | चूँकि ‘शनिदेव’ मकर राशि के स्वामी हैं, अतः इस दिन को तब से ही मकर संक्रांति के नाम से पुकारा जाता है | यह पर्व स्नान और दान के रुप में प्रसिद्धि प्राप्त पर्व के नाम जाना जाता है |

यह भी बता दें कि महाभारत काल में भीष्म पितामह ने प्राण त्यागने के लिए मकर संक्रांति का दिन ही चयन किया था | क्योंकि इसी दिन गंगाजी भगीरथ मुनि के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई सागर (यानी गंगासागर) में जाकर मिली थी | तब से ही बंगाल के गंगासागर में ‘मकर संक्रांति’ के दिन लोगों की अपार भीड़ होती है | स्नान के बाद ‘तिल’ दान करते हुए लोग यही कहते हैं- “सारे तीरथ बार-बार गंगा सागर एक बार |

यह भी जानिए कि मकर संक्रांति को तिल संक्रांति या खिचड़ी पर्व अथवा पोंगल भी कहा जाता है | मकर संक्रांति पूरे भारत, बांग्लादेश एवं नेपाल में धूमधाम से मनाया जाता है | पंजाब एवं हरियाणा में इसे ‘लोहडी’ के रूप में एक दिन पूर्व 13 जनवरी को ही बनाया जाता है | अग्निदेव की पूजा करते हुए तिलचौली ( तिल-गुड़-चावल-मक्का ) की आहुति दी जाती है | संपूर्ण उत्तर प्रदेश में तो इस पर्व को ‘खिचड़ी’ के नाम से जाना जाता है | इस दिन खिचड़ी खाने एवं दान देने का बहुत महत्व होता है | गुजरात में आज के दिन पतंग उड़ाने की परंपरा है |

गौरतलब है कि यह पर्व प्रायः जनवरी के 14 वें दिन या यदकदा 15 वें दिन पड़ता है | इसी दिन सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है | मकर संक्रांति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति भी प्रारंभ होती है | यही कारण है कि गुजरात व उत्तराखंड में इस पर्व को ‘उत्तरायणी’ भी कहते हैं | जहां तमिलनाडु में ‘पोंगल’ और केरल व कर्नाटक में इसे ‘मकर संक्रांति’ कहते हैं वहीं नेपाल में ‘सूर्योत्तरायण’ के साथ-साथ थारू समुदाय द्वारा इस पर्व को ‘माघी’ भी कहा जाता है | इस दिन नेपाल सरकार सार्वजनिक छुट्टी देती है और लोग तीर्थस्थल में स्नान कर अन्न-वस्त्र दान करते हैं |

मधेपुरा के पुराने जिला मुख्यालय भागलपुर (प्रमंडल) के वर्तमान बांका जिले के बौंसी में स्थित मंदार-पर्वत पौराणिक समुद्र-मंथन की गाथा का साक्षी रहा है | ऐसी धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु श्री देवी लक्ष्मी के साथ मंदार पर्वत पर विराजमान रखकर अंगवासियों पर अपनी कृपादृष्टि अनुग्रहित करते रहे हैं | लोक आस्था के अनुसार मकर संक्रांति के दिन स्वर्ग के समस्त देवगण भगवान विष्णु को अपनी श्रद्धा निवेदित करने हेतु मंदार पर्वत पर आते हैं | उस दिन वहां एक बहुत बड़ा मेला लगता है जिसमें निकटवर्ती बंगाल एवं झारखंड राज्यों के भी दर्शनार्थियों की और विशेषरूप से आदिवासियों की अच्छी-खासी संख्या रहती है | यह मेला सोनपुर और सिंहेश्वर जैसा बड़ा मेला होता है | यह भी बता दें कि 16 वीं शताब्दी के महान वैष्णव संत चैतन्य महाप्रभु के 1505 ई.  के मंदार-परिदर्शन की स्मृति आज भी मंदार पर्वत के पीछे उनके चरण-चिन्ह के रूप में एक छोटे से मंदिर में मौजूद है |

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क्या वासना सर्वथा निर्मूल हो सकती है  !

विश्व को एक परिवार और सभी धर्मों के प्रत्येक व्यक्ति को परमात्मा का मंदिर मानने वाले स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए चिर स्मरणीय, आदरणीय एवं अनुकरणीय बने रहेंगे |

अपने जीवन में 39 बार सूर्य की परिक्रमा करने वाले स्वामी विवेकानंद ने संसार को अगणित कल्याणकारी योजनाओं से जागृत किया | आज उनकी 154वीं जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मधेपुरा के हर डगर, हर मोड़ पर तथा हर संस्था, हर छोड़ पर स्वामी जी द्वारा दिये गये संदेशों को आत्मसात करना- प्रत्येक युवजन का परम कर्तव्य एवं सर्वोत्कृष्ट धर्म माना जा रहा है |

मधेपुरा के युवजनों द्वारा उसी धर्म का पालन करते हुए आज प्रायः सभी राजनैतिक संगठनों एवं संस्थानों द्वारा स्वामी विवेकानंद के जीवन-दर्शन एवं आदर्शों को याद किया जा रहा है | जहां एक ओर मधेपुरा कॉलेज के संस्थापक प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार की टीम ने स्वामी विवेकानंद को युगपुरुष कहा वहीं दूसरी ओर पी.एस.कॉलेज के प्राचार्य डॉ.राजीव कुमार सिन्हा सहित एन.एस.एस. टीम के सर्वेसर्वा डॉ.अभय कुमार ने स्वामी जी को युवाओं के प्रेरणा स्रोत बताया | और जहां एक ओर आभास आनंद झा के आवास पर- ‘उठो जागो और तब तक मत रुको, जब तक आगे बढ़कर अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लो ‘ के वेद वाक्य के साथ स्वामी जी को याद किया गया वहीं दूसरी ओर समिधा ग्रुप परिसर में संदीप सांडिल्य की टीम द्वारा विवेकानंद को स्मरण करने हेतु दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया |

यह भी जानिये कि युवाओं के जहां स्वामी विवेकानंद ने ऐसी सारगर्भित बातें कही है- “विवेक और वैराग्य से कदाचित काम की अभिलाषा जा भी सकती है, लेकिन कामवासना सर्वथा निर्मूल नहीं हो सकती |” वही अनुभव की गहराई में उतरने के बाद उन्होंने इस तरह अपनी अनुभूति को अभिव्यक्ति दी है- “यदि कोई व्यक्ति किसी काम के प्रति ध्यान मग्न होकर उसकी गहराई में उतरता है या अपने प्राणों में उसे उतर जाने देता है तो उसकी कामवासना कुछ विशेष कालावधि के लिए कदाचित लुप्त हो भी सकती है, क्योंकि तभी सारी ऊर्जा ऊंचे उद्देश्य प्राप्ति के केंद्रों में समाहित हो रही होती है |

बता दें कि चन्द शब्दों में इस युवा वेदांती विवेकानंद के आदर्शों की व्याख्या संभव नहीं, लेकिन केवल इतना ही बताता हूं कि विवेकानंद ही वह पहला शख्स था जिन्होंने भारत को ‘माता’ माना | तभी तो भारत के प्रायः ऋषि-मुनियों ने हिमालय पर यानि सिर पर बैठकर तपस्या की और स्वामी जी मां के चरणों यानी कन्याकुमारी में बैठकर अपनी तपस्या करते दिखे |

यह भी कि जब समाज अनपढ़ था तब आयरलैंड से ‘सिस्टर निवेदिता’ को लाकर लड़कियों का पहला स्कूल खुलवाये थे | बंगाल में दरिद्र नारायण भोज की परंपरा शुरू की थी, क्योंकि स्वामी जी समाज के सर्वांगीन विकास की बात किया करते थे | स्वस्थ रहने और दूसरों के लिए काम करने की बातें करते थे | स्वामी जी सदा यही कहते कि मुझे केवल 100 ईमानदार और चरित्रवान व्यक्ति मिल जाय तो मैं पूरे संसार में क्रांति ला दूंगा |

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