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परम को भी प्रिय है होली का उत्सव

एक ओर कहीं होली को प्रेम व भाईचारे का त्यौहार तो कहीं उमंग के साथ खुशियां बांटने का पर्व कहकर संबोधित करते हुए विभिन्न संस्थाओं द्वारा बंद होने के दिन “होली मिलन समारोह” का आयोजन किया गया तो दूसरी ओर शहर के गणमान्यों के साथ जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (IAS) एवं एसपी विकास कुमार (IPS) की टीम के एसडीएम संजय कुमार निराला, एएसपी राजेश कुमार व थानाध्यक्ष आदि द्वारा झल्लूबाबू सभागार में “शराबियों पर नजर रखने” के साथ-साथ कहीं कोई अप्रिय घटना को लेकर “हुड़दंगियों की खैर नहीं”….. आदि पर विधि व्यवस्था को दुरुस्त रखने हेतु बैठक आयोजित किया गया | डीएम व एसपी ने सम्मिलितरूप से कहा कि प्रशासन की सख्त निगाहें हर वक्त, हर जगह है और रहेगी |

बता दें कि जहाँ विभिन्न विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में शिक्षकों एवं छात्रों द्वारा बुराइयों को दूर करने, बैर भाव को भुलाने तथा आपसी भाईचारा का माहौल बनाने के लिए एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दी जाती रहीं वहीं स्थानीय रासबिहारी विद्यालय परिसर में प्रातः 6:00 बजे “पुष्प योगा होली मिलन समारोह” का आयोजन किया गया जिसमें शहर के प्रखर समाजसेवी व साहित्यकार डॉ.भूपेंन्द्र नारायण मधेपुरी को मूर्खाधिराज चयनित कर टीका एवं टोपी पहनाई गयी |

Prof.Reeta Kumari, Mrs.Madhuri Sihna, Sushree Ruby Kumari & other members of Patanjali attending "Yoga Holi Milan Samaroh" at Rasbihari School Campus Madhepura.
Prof.Reeta Kumari, Mrs.Madhuri Sihna, Sushree Ruby Kumari & other members of Patanjali attending “Yoga Holi Milan Samaroh” at Rasbihari School Campus Madhepura.

इस अवसर पर बाबा रामदेव की “करो योग रहो निरोग” को जन-जन तक पहुंचाने में लगे रहनेवाले डॉ.अमोल राय, डॉ.एन.के.निराला, डॉ.नंदकिशोर, डॉ.देव कुमार, प्रो.रीता कुमारी, सुश्री रूबी कुमारी, पोस्ट मास्टर राजेश कुमार, गणेश कुमार, दीपक कुमार, प्राण मोहन यादव, माधुरी सिन्हा…….. रेखा गांगुली……. आदि मूर्खों के साथ-साथ सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पाण्डेय, पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, प्रमंडलीय सचिव परमेश्वरी प्रसाद यादव, सिंडीकेट सदस्य डॉ.अजय कुमार, डॉ.नरेश कुमार……. सरीखे वरिष्ठ मूर्खगण द्वारा उदगार व्यक्त किया गया |

अंत में पतंजलि द्वारा आयोजित “होली मिलन ” में मूर्खाधिराज डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने यही कहा-

होली हमें सीख व संदेश देती है कि हमारा जीवन आनंदमय होना चाहिए | आनंद में ऐसी दिव्यता होनी चाहिए जिससे हमारे अंत:करण में “उत्सव का भाव” पैदा होता रहे | ऐसा होने से हमारा जीवन और अंतर्मन स्वाभाविक रूप से रंगमय हो जाता है | कपड़ों को रंगने की जरूरत नहीं पड़ती है | तब महात्मा कबीर की वाणी सार्थक होने लगती है |

डॉ.मधेपुरी ने कहा कि आखिर कुछ तो है, जो सारे पर्वों से ऊपर है- होली | तभी तो देवाधिदेव महादेव ने भी खेला, माधव व राघव ने भी खेला, सुफियों ने भी खेला और प्रजापिता ब्रह्माबाबा के अनुयायियों ने भी खेला…… और आज बाबा रामदेव के अनुयायीवृंद एक साथ प्रसाद ग्रहणकर ‘रंग’ की जगह ‘पुष्प’ की होली खेल रहे हैं और हमेशा याद करते हैं-

होली ईद मनाओ मिलकर, कभी रंग को भंग करो मत |

भारत की सुंदरतम छवि को, मधेपुरी बदरंग करो मत ||

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घर प्रथम पाठशाला है और माँ से बड़ा कोई शिक्षक नहीं- डॉ.रवि

ज्ञानभूमि पर आयोजित स्कूली बच्चों के समारोह में उद्घाटनकर्ता के रूप में भू.ना.मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि, मुख्य अतिथि वर्तमान विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, पूर्व प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल, परीक्षा नियंत्रक रहे डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्राचार्य डॉ.पी.एन.यादव, डॉ.बी राणा, डॉ.वाई.पी.यादव आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया |

उद्घाटन के उपरांत मंच पर बच्चों के मनभावन स्वागत कार्यक्रम की समाप्ति के बाद सर्वप्रथम डॉ.मधेपुरी ने अपने 2 मिनट के संबोधन में तुलसी का बिरबा लगाने वाले संस्थापक कुलपति डॉ.रवि एवं उसी विश्वविद्यालय को नित नई ऊर्जा के साथ आगे ले जानेवाले वर्तमान कुलपति डॉ.ए.के.राय को भी बिना विस्तार से संबोधित किये ही ज्ञानभूमि पर उपस्थित सभी बुद्धिजीवियों को 1353 ई. के इतिहास की जानकारी देते हुए यही कहा कि डॉ.राणा नर्सिंग होम से पूरब रह रहे सूफी संत दौराम शाह मुस्तकिम के कारण यह ज्ञान भूमि तब से ऐतिहासिक एवं धार्मिक रूप से जाग्रत है | उन्होंने कहा कि उसी सूफी संत का नाम देकर स्टेशन का नाम “दौराम मधेपुरा” रखा गया है | डॉ.मधेपुरी ने तब और अब के गुरु-शिष्यों के बीच बढ़ते जा रहे फासले पर खेद प्रकट करते हुए अपनी चंद पंक्तियाँ सुनाकर खूब तालियाँ बटोरी- शिक्षक समाज का सृजनहार……. रे रक्षक रहवर रखवाला……..!

Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Rai addressing at Gyanbhumi Samaroh.
Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Rai addressing at Gyanbhumi Samaroh.

बता दें कि समारोह के मुख्य अतिथि के रुप में वर्तमान विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने संस्थापक कुलपति डॉ.रवि, प्रतिकुलपति रहे डॉ.के.के.मंडल व अन्य गणमान्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में शिक्षा का वही स्थान है जो स्थान शरीर में दिल का होता है | उन्होंने विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा मानव जीवन की ज्योति है जिसे निरन्तर जलाये रखने वाले लोग आज भी पूज्य हैं | डॉ.राय ने यह भी कहा कि जहाँ कहीं लोग नि:स्वार्थ भाव से शिक्षण संस्थान की स्थापना करते हैं वे पुण्य के भागी बनते हैं वहीं उन्होंने छात्रों के सर्वांगीन विकास यानि पठन-पाठन के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के खेलों, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि में भाग लेने की प्रेरणा देते हुए यहाँ तक कह डाला कि हम और डॉ.मधेपुरी एक ही साथ टी.एन.बी. में पढ़ते थे | वे दो क्लास आगे थे, लेकिन मधेपुरा आने के बाद से मैं हमेशा यही महसूसता रहा हूँ कि डॉ.मधेपुरी में समाहित है मधेपुरा……|

यह भी जानिये कि टी एम बी यू के पूर्व प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल ने अपने संबोधन में यही कहा कि शिक्षा दान करना सबसे पवित्र काम है | इसे व्यापार नहीं बनायें | शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले कई विद्वानों के साथ-साथ चिकित्सीय सेवा के लिए डॉ.बी.राणा एवं उनके छोटे पुत्र (कनाडा में कार्यरत) डॉ.विक्रम राणा को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया |

The Founder Vice-Chancellor & Former MP Dr.R.K.Yadav Ravi giving blessings to all.....
The Founder Vice-Chancellor & Former MP Dr.R.K.Yadav Ravi giving blessings to all…..

अंत में उद्घाटनकर्ता प्रखर साहित्यकार डॉ.रवि ने वसंतोत्सव व होलीकोत्सव को साहित्यिक रंग में रंगते हुए यही कहा कि न तो माँ से बढ़कर कोई शिक्षक है और न घर से बढ़कर कोई पाठशाला | उन्होंने कहा कि जहाँ की माताएं सर्वाधिक शिक्षित होंगी उस राष्ट्र को विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता | डॉ.रवि ने यूँ उद्घृत करते हुए कहा कि भगवान सभी जगह एक समय नहीं रह सकते इसलिए ईश्वर ने माँ को बनाया | माँ की गोद में सीखी गई भाषा ही मातृभाषा है……. माँ एवं मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं है………|

कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, डॉ.बी.राणा, प्रभारी प्राचार्य डॉ.परमानंद यादव, डॉ.अमोल राय, डॉ.विक्रम राणा, डॉ.अशोक श्रीवास्तव आदि ने भी संबोधित किया तथा अध्यक्षता की डॉ.उदय कृष्ण एवं मंच संचालन किया यू के इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य व अन्य सहयोगी |

अन्त में सभी गणमान्यों द्वारा ‘ज्ञानरथ’ को हरी झंडी दिखाकर विदा किया गया | कार्यक्रम में मुख्यरूप से उपस्थित रहे सिंडिकेट सदस्य द्वय डॉ.जवाहर पासवान, डॉ.अजय कुमार, डॉ.अशोक कुमार अकेला सहित बच्चे-बच्चियाँ एवं उनके माता-पिता व अभिभावकगण आदि |

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मधेपुरा जिले की बेटियों ने गौरवान्वित किया बिहार को

राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता का 63वाँ आयोजन इसी माह फरवरी में हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम में आयोजित किया गया | फरवरी के द्वितीय सप्ताह में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में मधेपुरा जिला के सोनाय अनुप उच्च माध्यमिक विद्यालय, भान-टेकठी, मधेपुरा की तीन छात्राओं-जूली कुमारी, शबनम प्रवीन एवं नजीरन खातून ने पहली बार जिले से राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेकर जिला मधेपुरा के साथ-साथ सूबे बिहार के लिए गोल्ड मेडल प्राप्त किया |
बता दें कि बिहार को पहली बार विद्यालय रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में शामिल किया गया था | सोनाय अनुप विद्यालय के खेल शिक्षक श्री दिलीप कुमार एवं विद्यालय के प्राचार्य श्री रामचंद्र यादव ने मधेपुरा अबतक को बताया कि हैदराबाद में आयोजित होने वाले 63वें राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में पहली बार मधेपुरा जिले की मात्र तीन छात्राओं का चयन ( बिहार ) राज्य स्तर पर किया गया | ये तीनों चयनित छात्राएं वर्ग नौवीं में पढ़ती हैं |
यह भी बता दें कि ये तीनों प्रतिभागी वर्ग 9 की छात्राएं- जूली, शबनम व  नजीरन ने इस राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल में अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया तथा गोल्ड मेडल पर अपने प्रथम प्रयास में ही कब्जा जमा कर बिहार को गौरवान्वित किया |
जानिये कि जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) जिले के साथ-साथ सुबे बिहार को गौरवान्वित करने वाली इन तीनों धरती पुत्रियों की लगन व मेहनत पर प्रसन्नता व्यक्त की है और बधाइयाँ दी है | साथ ही इन्हें किसी युवा महोत्सव में पुरस्कृत कर उत्साहवर्धन करने का भी निश्चय किया है | संभव है कि आगामी 8 मार्च को आयोजित होने वाले अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर इन तीनों प्रतिभावान खिलाड़ियों को जिले के अलावे अन्य संगठनों द्वारा भी उत्साहवर्धन हेतु सम्मानित किया जाय |
मधेपुरा अबतक के पाठकों के लिए विशेष जानकारी के तौर पर यह जानना जरूरी है कि रग्बी लीग फुटबॉल आमतौर पर रग्बी लीग लिखा जाता है | यह 13 खिलाड़ियों की दो टीमों द्वारा खेला जाता है | इसे 330 फुट लंबा एवं 224 फुट चौड़ा अंडाकार घास के मैदान पर खेला जाता है |
यूँ तो रग्बी लीग इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फ्रांस….. आदि देशों में लोकप्रिय है परंतु वर्तमान में विश्वकप विजेता का परचम तो न्यूजीलैंड की लहरा रहा है |

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22 से 27 फरवरी तक बिहार का सभी जिला मनायेगा- पुलिस सप्ताह ! जानिए कैसे ?

जहाँ आज राज्य के सभी जिले में मनाए जाने वाले ‘पुलिस सप्ताह’ का राज्य स्तरीय उद्घाटन सचिवालय परिसर स्थित ‘अधिवेशन भवन’ में बिहार के डीजीपी श्री.पी.के.ठाकुर करेंगे जिसमें बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ लोगों को जागरुक किया जायेगा वहीं एडीजीपी श्री.एस.के.सिंघल ने बताया कि 24 फरवरी को पुलिस सप्ताह के दौरान सीएम नीतीश कुमार द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बीएमपी परिसर में पुरस्कृत किया जायगा |

बता दें कि सीएम द्वारा पुरस्कृत होने वाले पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों में विगत स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किये गये पुलिसकर्मी भी शामिल हैं |

यह भी बता दें कि मधेपुरा के पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार (भा.पु.से) ने मधेपुरा अबतक को बताया कि 22 से 27 तक आयोजित किये जाने वाले पुलिस सप्ताह के दौरान जहाँ जिले में खेल-कूद प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम, यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा वहीं राज्यस्तर पर आइबी के संयुक्त निदेशक सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा साइबर क्राइम, विधि-व्यवस्था एवं आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच आदि विषय पर व्याख्यान दिया जाएगा |

बहरहाल पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने मधेपुरा अबतक को प्रतिदिन की जानकारी देते हुए यही कहा कि-

जहाँ 22 फरवरी को स्थानीय बी.एन.मंडल स्टेडियम में सुबह 6:30 बजे से मैराथन दौड़ का आयोजन किया जायेगा वहीं भूपेन्द्र कला भवन में 11:00 बजे दिन से चित्रकला एवं वाद-विवाद का आयोजन होगा  |

और जहाँ 23 फरवरी को शहीद चुल्हाय मार्ग पर स्थित माया विद्या निकेतन परिसर में 2:00 बजे से शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा वहीं 24 फरवरी को 12:00 बजे दिन से पुलिस केन्द्र सिंहेश्वर में बॉलीबॉल का आयोजन होगा |

इसके अलावे जहाँ 26 फरवरी को सिंहेश्वर पुलिस केंद्र में 10:00 बजे दिन से यातायात जागरूकता को लेकर एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा वहीं समापन के दिन 27 फरवरी को बी.एन.मंडल स्टेडियम में 1:00 बजे दिन से जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार की देख-रेख में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा वहीं संध्या 6:00 बजे से ‘होली मिलन समारोह’ का भव्य आयोजन होगा जिसमें समस्त जिले के नर-नारी व बच्चे सादर-सस्नेह आमंत्रित हैं |

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सिंहेश्वर महोत्सव का जानदार-शानदार समापन बना यादगार……!

तीन दिवसीय पाँचवे सिंहेश्वर महोत्सव-2018 के दूसरे दिन हुए कार्यक्रमों में “शिव और शक्ति” की महिमा के गीत प्रस्तुत करते हुए जहाँ मुंबई के सूफी गायक विनोद गवार की आवाज का जादू सर चढ़कर बोला और मंत्रमुग्ध होकर दर्शकों ने उनके शिव तांडव, राधा कृष्ण रासलीला एवं भस्मावतार आरती का भरपूर आनंद उठाया…… वहीं सजदा तेरा सजदा…… से लेकर…… बाबा भोलेनाथ को मनाऊँ कैसे…… आदि गीतों ने खूब तालियाँ बटोरी और संपूर्ण माहौल को भक्ति रस में डुबो दिया | साथ ही इलाहाबाद की झाँकी टीम एवं आसाम की बीहू नृत्य आकर्षण का मुख्य केन्द्र बना रहा |

Rising Star Playback Singer Amitabh Narayan along with Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri , BDO Ajit Kumar and others at Singheshwar Mahotsav 2018.
Rising Star Playback Singer Amitabh Narayan along with Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri , BDO Ajit Kumar and others at Singheshwar Mahotsav 2018.

समापन की शाम को युवा गायक अमिताभ नारायण एवं मैथिली ठाकुर की जोड़ी ने यादगार बना दिया | हिन्दी, मैथिली एवं भोजपुरी गीतों के जलवे पर थिरकने लगे युवावर्ग और झूमने लगे बच्चे…..! इस जोड़ी की दिलकश मखमली गायकी ने दर्शकों को खूब नचाया, गवाया और बाँध सा लिया | यह महफिल तब और दिलकश हो गयी जब अमिताभ ने मैथिली के संग सुर में सुर मिलाया |

बता दें कि दर्शकों से खचाखच भरे विशाल पंडाल में अमिताभ-मैथिली के स्वरों के साथ बच्चों की माताएं भी गाती हुई नजर आई | जहाँ मधुबनी-बेनीपट्टी की राइजिंग स्टार मैथिली ने ‘अंगनवा में भवनवा में….’ से लेकर ‘दिगम्बर खेले मसाने में होरी……’ पर दर्शकों को झुमाती रही वहीं प्लेबैक सिंगर मुजफ्फरपुर के इंडियन आइडल शो विजेता अमिताभ दर्शकों को भिन्न-भिन्न स्वाद के गानों के साथ झुमाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी……|

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri , President Awardee Prof.Y.N.Yadav and DDC Mukesh Kumar giving momento to NDC Rajneesh Roy for the best arrangements of Singheshwar Mahotsav 2018.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri , President Awardee Prof.Y.N.Yadav and DDC Mukesh Kumar giving momento to NDC Rajneesh Roy for the best arrangements of Singheshwar Mahotsav 2018.

यह भी जानिये कि पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सिंहेश्वर महोत्सव- 2018 में पटना दूरदर्शन की रूपम त्रिविक्रम एवं भागलपुर आकाशवाणी के मिलिंद गुंजन ने मधेपुरा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बेहतरीन व्यवस्था की सराहना करते हुए तथा अपनी खूबसूरत कला एवं मधुर आवाज का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को राज्यस्तरीय प्रदर्शन जैसा आनन्द अंततक देते रहे |

जहाँ स्थानीय कलाकारों में स्वर शोभिता संगीत महाविद्यालय की हेमा के निर्देशन में बच्चों ने बेहतरीन प्रस्तुति दी वहीं कलामंदिर, ओंकार म्यूजिक एवं सृजन दर्पण के निर्देशक विकास कुमार के ‘डोमकच’ के प्रदर्शन पर दर्शकों ने खूब तालियाँ बजायी |

अंत में सभी कलाकारों सहित राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत तबला वादक प्रो.योगेन्द्र नारायण यादव को प्रभारी डीएम सह डीडीसी मुकेश कुमार, एनडीसी रजनीश, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी आदि ने सिंहेश्वर नाथ की स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया | बेहतरीन कार्यक्रम संयोजन के लिए एनडीसी रजनीश राय को भी समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी व डीडीसी द्वारा प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया | इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने कहा- यह पाँचवाँ महोत्सव है | सर्वप्रथम 2014 में डीएम गोपाल मीणा के कार्यकाल में आयोजित हुआ था | तब से आजतक प्रत्येक वर्ष मुझे आने का अवसर मिलता रहा परन्तु इस बार की मंचीय व्यवस्था राज्य स्तरीय मंच जैसा महसूसता रहा हूँ | इसके लिए जिला प्रशासन की जितनी सराहना की जाय वह कम ही होगी |

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त्रि-दिवसीय पाँचवें सिंहेश्वर महोत्सव का भव्य उद्घाटन !

ऋषि श्रृंग की पावन नगरी में त्रि-दिवसीय पाँचवें सिंहेश्वर महोत्सव का भव्य उद्घाटन शुक्रवार को सिंहेश्वर पशु हाट परिसर के सर्वाधिक आकर्षक मंच पर संध्या 4:00 बजे जिला प्रशासन के पदाधिकारियों एवं गणमान्यों की उपस्थिति में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में मंत्री रहे जनसेवी विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी एवं समाजसेवी व सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने दीप प्रज्वलित कर संयुक्तरूप से उद्घाटन किया |

बता दें कि दूरदर्शन ऑल इंडिया रेडियो से आई एंकर रूपम त्रिविक्रम ने अपनी मधुर आवाज से कार्यक्रम का आगाज करते हुए सर्वप्रथम सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को पाँचवें महोत्सव में उद्गार व्यक्त करने हेतु आवाज दी |

डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि शिव ऊर्जा का श्रोत है | शिवलिंग का स्वरूप परमाणु रिएक्टर की तरह होता है जिसकी ऊर्जा अनंत है | शिवलिंग जहाँ स्थापित होता है वहाँ की ऊर्जा से आस-पास का क्षेत्र सकारात्मकता से भरपूर होता है | उन्होंने कहा कि जिसे कोई स्वीकार नहीं करता उसे शिव स्वीकार लेता है | शिव के प्रेम में त्याग, तप और समर्पण भरा होता है | शिव से सीखिए- डिप्रेशन को डमरु बजाकर भगाना |

अंत में डॉ.मधेपुरी ने भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के स्कूली दिनों की चर्चा करते हुए कहा कि वे नमाज पढ़ने के बाद प्रतिदिन रामेश्वरम के शिव मंदिर की परिक्रमा किया करते थे | नटराज शिव का चित्र डॉ.कलाम इसीलिए हमेशा अपने पास रखते कि वे मिसाइल की कठिनतम समस्याओं को भी नाचते-गाते हल कर लिया करते | उन्होंने कहा कि शिव अर्धनारीश्वर है तभी तो वे नारी को शक्ति का स्रोत मानते हैं | वे देवों के देव हैं, तभी तो हर विरोधाभास को अपने अंदर समाहित कर लेते हैं |

जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी ने अपने संक्षिप्त सारगर्भित संबोधन में यही कहा कि सिंहेश्वर महोत्सव में विभिन्न संस्कृतियों की झलक आपको मिलेगी | आप शांति और भाईचारा बनाये रखिए तथा 3 दिनों तक भरपूर आनंद लीजिए |

अंत में समारोह के मुख्य आकर्षण लोकप्रिय मंत्री रहे आलमनगर के जनप्रिय विधायक नरेन्द्र नारायण यादव ने विस्तार से शिव-पार्वती परिवार की विविधताओं को संदर्भित करते हुए बाल विवाह एवं दहेज बंदी की चर्चाएं की और कहा कि इन दिनों बिहार सरकार भी इन दोनों का विरोध करते हुए उसे जड़ से उखाड़ने का प्रयास कर रही है | उन्होंने यह भी कहा कि शिव गरीबों-वंचितों के देवता हैं | हमारा देश आध्यात्मिक देश है, ऋषियों का देश है |

आरंभ में स्वर शोभिता संगीत महाविद्यालय की निदेशिका हेमलता ने बच्चियों के नृत्य व गायन द्वारा एसपी विकास कुमार, डीडीसी मुकेश कुमार, एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, स्काउट एंड गाइड के जयकृष्ण यादव सहित अतिथियों का भरपूर स्वागत किया | देर रात तक गया के कलाकारों द्वारा महाआरती, पूर्वोत्तर कलाकारों की प्रस्तुति के साथ-साथ वाई शंकर मूर्ति की मनभावन प्रस्तुति दर्शकों की तालियाँ बटोरती रही |

उद्घाटन कार्यक्रम सत्र का धन्यवाद ज्ञापन सदर एसडीएम संजय कुमार निराला ने किया – मंचासीन मान्यजनों के साथ-साथ दर्शक दीर्घा में बैठे मीडिया मेन के अतिरिक्त विभिन्न दलों के अध्यक्ष सचिव- शौकत अली, राजीव जोशी, नरेश पासवान, सत्येन्द्र सिंह, ध्यानी यादव, अशोक चौधरी आदि सहित स्थानीय बीडीओ अजीत कुमार, सीओ कृष्ण कुमार व दर्शको को भी |

चलते-चलते शिवभक्तों को यह भी बता दें कि मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने सिंहेश्वर में 1-1 महीने का वर्ष में दो बार मेला लगाने का प्रावधान कर दिया है | एक शिवरात्रि में और दूसरा सावन के महीने में, बिल्कुल देवघर की तरह ही |

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भोले बाबा में समर्पित भक्तों का सदा भला ही होता है |

रामायण काल से ही कामना लिंग के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त ऋषि श्रृंग की पावन नगरी सिंहेश्वर स्थान का चप्पा-चप्पा महाशिवरात्रि यानि बुधवार को दिनभर देवाधिदेव महादेव के जयघोष “हर हर महादेव” की जयकारों से गूंजता रहा |

बता दें कि जिले के लिए समर्पित डायनेमिक डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार द्वारा समीपवर्ती राष्ट्र नेपाल से लेकर मिथिलांचल एवं सीमांचल के विभिन्न जिलों से आनेवाले लगभग 2 लाख श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ की सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन जोन में सुरक्षा बलों को लगाया गया है | ट्रैफिक नियंत्रण के लिए 300 पुलिसबलों, महिलाओं की सुरक्षा के निमित्त 70 महिला पुलिस तथा एक महीना चलने वाले मेला के लिए 150 अतिरिक्त पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसबल मंगाया गया है | ड्यूटी में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है डीएम- एसपी ने |

यह जानिये कि डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) के निर्देशानुसार स्थिति पर नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसकी जिम्मेदारी एएसपी राजेश कुमार को दी गई है | एसपी विकास कुमार द्वारा मेला में विधि व्यवस्था के नियंत्रण के लिए अतिरिक्त मेला थाना स्थापित कर इंस्पेक्टर शंभु कुमार को थानाध्यक्ष बनाया गया है |

Prajapita Brahma Kumari Ishwariya Vishwavidyalaya incharge Rajyogini Ranju Didi welcoming Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri , DM Md.Sohail , SDM Sanjay Kumar Nirala , CS Dr.Gadadhar Pandey and others after the inauguration of Brahma Kumari Stall at Singheshwar Mela Campus.
Prajapita Brahma Kumari Ishwariya Vishwavidyalaya incharge Rajyogini Ranju Didi welcoming Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri , DM Md.Sohail , SDM Sanjay Kumar Nirala , CS Dr.Gadadhar Pandey and others after the inauguration of Brahma Kumari Stall at Singheshwar Mela Campus.

यह भी बता दें कि बिहार सरकार के एस-सी, एस-टी कल्याण मंत्री द्वारा अपरिहार्य कारणवश मेला उद्घाटन कार्यक्रम में नहीं आने पर लगभग 2 घंटे विलंब से जिलापदाधिकारी मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, समाजसेवी भूपेन्द्र मधेपुरी एवं सरोज सिंह, दिवाकर सिंह सरीखे गणमान्यों की उपस्थिति में जहाँ सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष समीर कुमार झा द्वारा ‘धन्यवाद गेट’ पर फीताकाटकर मेले का उद्घाटन किया गया वहीं डीआरडीए मंच संचालन कर्ता सदर एसडीएम संजय कुमार निराला द्वारा सर्वप्रथम सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को उमापति महादेव के प्रति उद्गार व्यक्त करने हेतु आमंत्रित किया गया और डॉ.मधेपुरी के संबोधन के बाद पुनः न्यास अध्यक्ष सहित मंचासीन गणमान्यों द्वारा सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर मेले का विधिवत उद्घाटन कराया गया |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating stall along with DM Md.Sohail, SP Vikas Kumar and others at Singheshwar Mela .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating stall along with DM Md.Sohail, SP Vikas Kumar and others at Singheshwar Mela .

इस अवसर पर डीएम मो.सोहैल ने कहा कि भोलेनाथ की कृपा से ही जिले में विकास कार्यों की गंगा बह रही है | बाबा भोलेनाथ खुद तो किसी कार्य को करते नहीं बल्कि किसी न किसी को उसके लिए माध्यम बनाते हैं | उन्होंने वरदान माँगा कि भोलेनाथ की कृपा जिले पर बनी रहे और जिला तेजी से तरक्की करता रहे |

जहाँ एसपी विकास कुमार ने आनेवाले श्रद्धालु शिव भक्तों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए आश्वस्त किया वहीं न्यास समिति सदस्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि जो बाबा भोले में समर्पण का भाव रखते हैं उसका हमेशा भला होता है | उन्होंने भारत के राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण संप्रेषित करते हुए कहा कि मस्जिद में नमाज अता करने के बाद रामेश्वरम के शिव मंदिर की परिक्रमा करने वाला एवं पेपर बेचनेवाला बालक बाबा की कृपा से ही कालांतर में रामेश्वरम से राष्ट्रपति भवन तक की यात्रा पूरी कर ली….. और डीएम मो.सोहैल एवं मनोहर लाल भगवान दास टेकरीवाल परिवार के भोलेनाथ के प्रति समर्पण की चर्चा करते हुए कहा कि जहां डीएम मो.सोहैल ने दो-दो बार उत्कृष्ट कार्यों के लिए सीएम द्वारा पुरस्कृत हुए वहीं पटना में डीएम व कमिश्नर रहे रमेश अभिषेक पी.एम. द्वारा प्रशंसित हो रहे हैं…… स्विट्जरलैंड व अन्य देशों में साथ व शामिल हो रहे हैं……|

उद्घाटन कार्यक्रम के अंत में डीडीसी सह मंदिर न्यास समिति सचिव मुकेश कुमार द्वारा मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित सिंहेश्वर प्रखंड के स्वयंसेवी संगठनों के सचिव व अध्यक्षों, व्यापार संघ के अशोक भगत, डॉ.दिवाकर सिंह, सियाराम यादव सहित ट्रस्ट सदस्यों व कर्मियों को साथ-साथ प्रशासनिक पदाधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा अध्यक्ष डीएम मो.सोहैल के निर्देशानुसार कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई |

समारोह समापन के साथ ही डीएम, एसपी, डीडीसी, एसडीएम, एएसपी सहित ट्रस्ट मेम्बर डॉ.मधेपुरी व स्काउट-गाइड प्रशिक्षण आयुक्त जय कृष्ण यादव आदि गणमान्यों द्वारा दर्जनों स्टाल का उद्घाटन किया गया जिसमें प्रमुख हैं- कृषि मीना बाजार, स्काउट एण्ड गाइड, वर्मी कंपोस्ट, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, नारियल बोर्ड, मंदिर न्यास समिति कार्यालय के नये भवन उद्घाटन कार्यक्रम…… आदि |

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शिवलिंग का वैज्ञानिक रहस्य

क्या आप शिवलिंग का वैज्ञानिक रहस्य जानते हैं? या आप बता सकते हैं कि शिवलिंग पर जल और बेलपत्र क्यों चढ़ाते हैं? चलिए, जानने की कोशिश करते हैं। आप शिवलिंग के वैज्ञानिक विश्लेषण के प्रारंभ में ही चौंक जाएंगे जब ये जानेंगे कि वास्तव में शिवलिंग एक प्रकार के न्यूक्लियर रिएक्टर हैं। जी हाँ, शिवलिंग और न्यूक्लियर रिएक्टर में काफी समानताएं हैं। आप गौर से देखें तो दोनों की संरचनाएं एक-सी हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो दोनों ही कहीं-न-कहीं उर्जा से संबंधित हैं। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह कि शिवलिंग पर लगातार जल प्रवाहित करने का नियम है। देश में, ज्यादातर शिवलिंग वहीं पाए जाते हैं जहां जल का भंडार हो, जैसे नदी, तालाब, झील इत्यादि। आप खंगाल कर देख लें, विश्व के सारे न्यूक्लियर प्लांट भी पानी (समुद्र) के पास ही हैं।

अब आगे बढ़ें। शिवलिंग की संरचना बेलनाकार होती है और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के रिएक्टर की संरचना भी बेलनाकार ही है। अगली खास बात यह कि न्यूक्लियर रिएक्टर को ठंडा रखने के लिये जो जल का इस्तेमाल किया जाता है उस जल को किसी और प्रयोग में नहीं लाया जाता। उसी तरह शिवलिंग पर जो जल चढ़ाया जाता है उसको भी प्रसाद के रूप में ग्रहण नहीं किया जाता है।

अरे रुकिए, बात अभी पूरी हुई कहाँ है! आगे सुनें। जैसा कि हम सभी जानते हैं, शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं की जाती है। जहां से जल निष्कासित हो रहा है, उसको लांघा भी नहीं जाता है। ऐसी मान्यता है कि वह जल आवेशित (चार्ज) होता है। उसी तरह से जिस तरह से न्यूक्लियर रिएक्टर से निकले हुए जल को भी दूर ऱखा जाता है।

अब यह भी जानें कि शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और आक क्यों चढ़ाते हैं। ऐसा इसलिए कि सभी ज्योतिर्लिंगों के स्थानों पर सबसे ज्यादा रेडिएशन पाया जाता है। शिवलिंग और कुछ नहीं बल्कि न्यूक्लियर रिएक्टर ही हैं तभी उनपर जल चढ़ाया जाता है, ताकि वो शांत रहे। महादेव के सभी प्रिय पदार्थ जैसे बिल्वपत्र, आक, धतूरा, गुड़हल आदि सभी न्यूक्लियर एनर्जी सोखने वाले हैं। एक बात और, शिवलिंग पर चढ़ा पानी भी रिएक्टिव हो जाता है तभी जल निकासी नलिका को लांघने का नियम आप कहीं नहीं पाएंगे।

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मंडल विश्वविद्यालय की रजत जयंती में शामिल होंगे सत्यपाल मलिक

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के रजत जयंती समारोह को आगामी मई माह में भव्य तरीके से मनाने के लिए कुलपति डॉ.ए.के.राय की अध्यक्षता में शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में कुछ अहम निर्णय लिए गये |

बता दें कि रजत जयंती समारोह में राज्यपाल सह महामहिम कुलाधिपति सत्यपाल मलिक सहित कई गणमान्यों को बुलाने के निर्णय के साथ-साथ एक राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार भी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है | विश्वविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन के आयोजन हेतु तैयारी शुरू करने का भी निर्णय लिया गया | इसके अलावे विश्वविद्यालय क्षेत्रांतर्गत सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित तथा आपदा प्रबंधन को मजबूती प्रदान करने हेतु कॉलेजों के सभी एनएसएस टीमों को एक्टिवेट करने का निर्णय लिया गया |

यह भी जानिये कि रजत जयंती समारोह को भव्यता प्रदान करने हेतु नवनिर्मित नार्थ कैंपस का वास्तुविद के सहयोग से मास्टर प्लान बनाने का भी निर्णय लिया गया | साथ ही यह भी कि सिल्वर जुबली हॉल के निर्माण हेतु यूजीसी को प्रस्ताव भेजा जाय |

रजत जयंती समारोह को विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि मानते हुए कुलपति डॉ.राय ने कई उप-समितियों के गठन हेतु निर्णय लिया जिसके तहत स्वागत समिति, स्मारिका प्रकाशन समिति, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति तथा पूर्ववर्ती छात्र आयोजन समिति आदि का गठन किया जायेगा |

रजत जयंती समारोह को भव्य तरीके से आयोजित करने हेतु विभिन्न समितियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ देने के लिए बैठक में उपस्थित हुए – प्रतिकुलपति डॉ.फारूख़ अली, वित्त परामर्शी सी आर डीगवाल, डीएसडब्ल्यू डॉ.सुनील कांत मिश्रा, सोशल सायंस डीन डॉ.शिवमुनि यादव, वित्त पदाधिकारी एच के सिंह, बी.एन.मुस्टा के महासचिव सह अधिषद सदस्य डॉ.नरेश कुमार आदि |

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एक जान बचाने के लिए कोसी को अब मिली 7 करोड़ की राशि

मधेपुरा-सहरसा-सुपौल व पूर्णिया यानि कोसी-सीमांचल क्षेत्र में 142 मानव रहित रेल फाटकों को मानवसहित फाटक बनाकर एक-एक कीमती जान बचाने के लिए 7 करोड़ की राशि रेल मंत्रालय ने अब दिया है जबकि कितनी बेशकीमती जानें जा चुकी हैं |

बता दें कि जहाँ सहरसा-फारबिसगंज के बीच कुल 82 मानवरहित रेल फाटकों को मानव सहित करने के लिए दो करोड़ की राशि दी गयी है वहीं सकरी-निर्मली के बीच कुल 16 अनमैंड फाटक समाप्ति के लिए दो करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है |

यह भी बता दें कि बनमनखी-बिहारीगंज के बीच 22 मानवरहित फाटक समाप्ति के लिए जहाँ दो करोड़ का प्रावधान किया गया है वहीं बनमनखी-पूर्णिया के बीच उतने ही मानवरहित यानि 22 फ़ाटक को मानवसहित बनाने के लिए एक करोड़ का आवंटन दिया गया है |

यह भी जानिये कि जहाँ कोसी-सीमांचल में अब 7 करोड़ से 142 फाटक मानवसहित होगा वहीं इस क्षेत्र में अब लगभग 563 करोड़ की राशि से रेल मंत्रालय द्वारा 15 परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाएगा | इन 15 परियोजनाओं में बनमनखी-बिहारीगंज आमान परिवर्तन, सरायगढ़ में रेल महासेतु निर्माण, सहरसा-फारबिसगंज-सकरी-लौकहा-निर्मली तक 400 करोड़ मात्र की राशि से ब्रॉडगेज, सुपौल-अररिया नई रेल लाइन के साथ-साथ बिहारीगंज-कुरसेला नई रेल लाइन एवं मानसी-सहरसा-पूर्णिया रेल खंड में सिग्नल दूर संचार संबंधी ऑप्टिक फाइबर केबल कार्य के लिए 50 लाख की राशि स्वीकृत की गई है |

फिलहाल मधेपुरा विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री को 18 करोड़ और 127 किलोमीटर नई रेल लाइन के कार्यारंभ के लिए दो करोड़ 10 लाख के अतिरिक्त जोगबनी-विराटनगर, अररिया-गलगलिया, खगड़िया-कुशेश्वर स्थान, दरभंगा-कुशेश्वर स्थान रेल लाइन निर्माण हेतु कार्यारम्भ के लिए 61 करोड़ की राशि आवंटित कर दी गई है | देर से ही सही, मधेपुरा से सिंघेश्वर स्थान होते हुए वीरपुर यानि नेपाल की सीमा तक भारतीय रेल आज नहीं तो कल अवश्य पहुंचेगी |

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