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नेहरू युवा केन्द्र द्वारा आयोजित की गयी- एक दिवसीय जिला युवा सम्मेलन

नेहरू युवा केन्द्र की ओर से बुधवार को मधेपुरा महाविद्यालय के हॉल में समन्वयक अजय कुमार गुप्ता की टीम द्वारा एक दिवसीय जिला युवा सम्मेलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। समन्वयक श्री गुप्ता ने सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक ओर अतिथियों का स्वागत किया तो दूसरी ओर प्रतिभागियों को उत्साहित व प्रोत्साहित भी किया।

बता दें कि उद्घाटन समारोह का शुभारंभ सदर प्रखंड बीडीओ आर्य गौतम, मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, विशिष्ट अतिथि अभिषद सदस्य डॉ.जवाहर पासवान, प्रो.संजय परमार, सोनी प्रिया आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए बीडीओ ने कहा कि युवाओं को विशिष्ट पहचान बनाने के लिए बड़ी मेहनत आवश्यक है। उन्हें ऐसे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेना सर्वाधिक श्रेष्ठकर है।

मुख्य अतिथि साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने विस्तार से किये गये अपने संबोधन में यही कहा कि युवाओं को अनुशासित होकर अपनी मंजिल हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जो कोई संकल्पशक्ति के साथ निरंतर आगे बढ़ता रहेगा वही मंजिल हासिल करेगा वैसे युवाओं को समाज व देश के उत्थान के लिए सामने आना होगा।

विशिष्ट अतिथि डॉ.जवाहर पासवान एवं प्रो.संजय परमार ने यही आह्वान किया कि युवा अपनी शक्ति को पहचाने और आगे बढ़ने के लिए उनके अंदर की छुपी प्रतिभा को उजागर करने के लिए यह नेहरू युवा केंद्र को एक सशक्त माध्यम है ही।

मंच संचालन किया सुधांशु कुमार ने। स्वागत गान रोशन कुमार के निदेशन में प्रस्तुत किया शिवाली…… चन्दा रानी ने। डॉ.भगवान कुमार मिश्रा, डॉ.वैजवश यादव, सांख्यिकी पदाधिकारी उपेंद्र कुमार , योग प्रशिक्षक राकेश भारती, गरिमा उर्विशा, राहुल यादव, जय कुमार , रोहित कुमार , पूजा कुमारी , वैभव विकास, आलोक कुमार सहित काफी संख्या में जिले के प्रायः सभी प्रखंडों के युवाजन उपस्थित थे।

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भारत अब अंतरिक्ष का चौथा स्पेस सुपर पावर बन गया

भारत आज अमेरिका, रूस और चीन की तरह ‘स्पेस पावर क्लब’ के चौथे पायदान पर शामिल हो गया है। अचूक निशाने के साथ धरती से 300 किलोमीटर ऊपर के टारगेट को तीन मिनट में ध्वस्त करने की क्षमता भारत ने अपने ‘एंटी-सैटेलाइट मिसाइल’ परीक्षण “मिशन शक्ति” के द्वारा पूरा कर लिया है।

बता दें कि भारतीय वैज्ञानिकों ने बंगाल की खाड़ी में (पूर्वी तट के समीप स्थित) डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम उपग्रह प्रक्षेपण परिसर से एंटी-सैटेलाइट मिसाइल को ‘हिट टू किल’ मोड में छोड़ा था- 27 मार्च की सुबह 11 बजकर 16 मिनट पर। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने परीक्षण के लिए भारत के ही जिस सैटेलाइट को निशाना बनाया था वह अभी लाइव सैटेलाइट था यानि फिलहाल सक्रिय था। उसे तीन मिनट में ही ‘हिट टू किल’ मोड में छोड़े गए एंटी-सैटेलाइट मिसाइल द्वारा बंगाल की खाड़ी में सफलता पूर्वक गिरा दिया गया।

यह भी बता दें कि जब ‘लाइव सैटेलाइट’ को मार गिराने की अभूतपूर्व तकनीकी क्षमता भारत ने हासिल की तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश वासियों को खुद से रेडियो, टेलीविज़न एवं सोशल मीडिया के जरिए जानकारी देने का काम किया। खुशी की बात तो यह है कि एंटी सैटेलाइट मिसाइल सिस्टम सौ फ़ीसदी भारत द्वारा ही विकसित किया गया है।

यह भी जानिए कि जिस ऊँचाई पर भारतीय मिसाइल वैज्ञानिकों द्वारा वर्तमान परीक्षण के क्रम में अपने लाइव सैटेलाइट को मार गिराया गया उसी आर्बिट में आमतौर पर मोबाइल नेटवर्क प्रदान करने वाले स्पेस स्टेशन तैनात होते हैं। तभी तो डॉ.कलाम के करीबी समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि इस परीक्षण से अंतरिक्ष में हमारे सेटेलाइटों की सुरक्षा करने की क्षमता भी प्रदर्शित होती है…. जिसके लिए डॉ.मधेपुरी ने गांधीयन मिसाइल मैन भारत रत्न डॉ.कलाम को याद करते हुए वैज्ञानिकों को कोटि-कोटि साधुवाद दिया।

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मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र 13 में होगा त्रिकोणीय मुकाबला

हाई प्रोफाइल मधेपुरा संसदीय क्षेत्र में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होगा- शरद यादव, दिनेश यादव और पप्पू यादव के बीच। कोई किसी से कम नहीं है।

यह भी बता दें कि मधेपुरा से दो बार एमपी रहे पप्पू यादव जहाँ 28 मार्च को इस बार अपना नामांकन दाखिल करेंगे वहीं एनडीए प्रत्याशी के रूप में बिहार सरकार के कई विभागों में मंत्री व तीन बार सांसद रहने का अनुभव लिए – जनता द्वारा दिए गये विकास पुत्र का तमगा पहनकर दिनेश चन्द्र यादव 29 मार्च को नामांकन का पर्चा भरेंगे और महागठबंधन प्रत्याशी बने शरद यादव चार बार मधेपुरा का एमपी रहकर इस बार 3 अप्रैल को नामजदगी का पर्चा दाखिल करेंगे। विडंबना यह है कि जो शरद यादव जदयू के तीर से लालू के लालटेन पर निशाना लगाता रहा वहीं इसबार लालू के लालटेन को राहुली हाथों में थामकर घर-घर घूमता और गली-गली फिरता नजर आयेगा।

मधेपुरा में सर्वप्रथम एनडीए उम्मीदवार दिनेश चंद्र यादव ने (26 मार्च को) नामांकन से पूर्व सभी घटकों के कार्यकर्ताओं की 8 घंटे की मैराथन बैठक में अपनी जानदार और शानदार उपस्थिति दी जिसमें विभिन्न विभागों के मंत्री रहे आलमनगर के लोकप्रिय विधायक नरेंद्र नारायण यादव, बिहारीगंज के जनप्रिय विधायक निरंजन कुमार मेहता सहित पूर्व विधायक अरुण कुमार व मणिन्द्र कुमार मंडल उर्फ ओम बाबू और जदयू के नेता डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी आदि अनगिनत सीनियर लीडर्स मौजूद दिखे।

बता दें कि अध्यक्ष मंडल की भूमिका में जदयू के जिलाध्यक्ष प्रो.बिजेन्द्र नारायण यादव, बीजेपी के स्वदेश कुमार एवं एलजेपी के दिनेश पासवान की भूमिका सराहनीय रही। व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त थी। तेरहो प्रखंड के तीनों दलों के सभी प्रकोष्ठों एवं समस्त महिला सेलों के पदाधिकारीगणों में से लगभग 80 लोगों ने दिनेश बाबू के प्रति आस्था और विश्वास जताते हुए हृदयोद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि अब कोसी के विकास में और भी तेजी आयेगी। बैठक के दौरान तीनों जिला अध्यक्षों की बेहतर साझीदारी दिखी। फिर भी पूर्व प्रमुख उपेंद्र प्रसाद यादव एवं सियाशरण यादव आदि को समय नहीं दे पाने के कारण संचालक को बार-बार माफी मांगते हुए देखा गया।

जहाँ दिनेश चन्द्र यादव ने कहा कि कभी विरान और टापू बना यह कोसी प्रक्षेत्र एक दशक से विकास की नित नई कहानी लिख रहा है- दो एनएच के अलावे फोरलेन, कोसी महासेतु और विजय घाट व बलुआहा घाट पर पुल आदि…. वहीं विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, निरंजन मेहता, मनिंद्र म॔डल, अरुण कुमार सहित जिला प्रभारी मनोज सिंह व विजय शंकर चौधरी, नरेश पासवान, अशोक चौधरी, भगवान चौधरी, बीबी प्रभाकर, आनंद मंडल, प्रो.सुजीत मेहता, प्रो.गुलहसन एवं समस्त कार्यकर्ताओं ने यही कहा कि हमारा उम्मीदवार दिनेश चन्द्र यादव कोसी इलाके में विकास पुत्र के रूप में स्थापित हो चुका है। क्षेत्र की समस्त जनता एवं गरीबों का भी आशीर्वाद दिनेश यादव को प्राप्त है- जो धरती पुत्र दिनेश को संसद भवन तक पहुंचाने का बार-बार संकल्प लेता दिखता रहा तथा इतिहास रचने का नारा बार-बार दोहराता रहा।

समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि इतिहास रचने से पहले यहाँ का इतिहास तो जान लें सभी। उन्होंने कहा कि 1952 से आज तक लोगों ने 20 बार एमपी चुना है जिसमें पहला एमपी जेबी कृपलानी और किराय मुशहर। फिर ललित नारायण मिश्र और भोला सरदार-भूपेन्द्र नारायण मंडल-लहटन चौधरी…. तीन बार बीपी मंडल…. 4 बार शरद यादव , दो-दो बार आरपी यादव, लालू प्रसाद और पप्पू यादव और एक-एक बार डॉ.आर.के.यादव रवि एवं डॉ.महावीर प्रसाद यादव। अंत में डॉ.मधेपुरी ने डॉ.कलाम को उद्घृत करते हुए कहा कि सूरज की तरह चमकने के लिए पहले सूरज की तरह जलना पड़ता है। बोलिए ! आप अपने प्रत्याशी दिनेश यानि सूरज को चमकाने हेतु क्षेत्र में सूरज की तरह जलने के लिए तैयार हैं ? सबों ने हाथ उठाकर “हाँ” कहा….. संकल्प लिया। 7:00 बजे से पूर्व ही चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अध्यक्ष प्रो.बिजेन्द्र नारायण यादव द्वारा सभा समाप्ति की घोषणा कर दी गयी।

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मधेपुरा में मनी डॉ.लोहिया की 110वीं जयन्ती

मधेपुरा के सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय टी.पी. कॉलेज के प्राचार्य डॉ.के.पी.यादव की उपस्थिति में छात्र जिला अध्यक्ष सोनू की अध्यक्षता में विश्व के महान समाजवादी चिंतक डॉ.राम मनोहर लोहिया की 110 वीं जयंती मनाई गई। संसदीय चुनावी आचार संहिता के चलते सादे समारोह के रूप डॉ.लोहिया की जयंती मनाई गयी। अपने अध्यक्षीय भाषण में छात्रनेता सोनू ने कहा कि 17 मई 1939 को आचार्य नरेंद्र देव की अध्यक्षता में समस्त समाजवादियों की उपस्थिति में अंजुमन-ए-इस्लामिया हॉल में यानि पाटलिपुत्र की धरती पर सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना हुई थी। छात्र प्रतिनिधि माधव, नवीन, प्रवीण, जापानी आदि ने भी उद्गार व्यक्त किया।

बता दे कि प्राचार्य डॉ.के.पी.यादव ने कहा कि जब भी डॉ.लोहिया के पिताश्री महात्मा गांधी से मिलने जाया करते तो बालक राम मनोहर को भी साथ ले जाते। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि गांधी जी के विराट व्यक्तित्व का लोहिया जी पर व्यापक असर पड़ा।

यह भी जानिए कि जब डॉ.लोहिया के करीबी रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी से डॉ.राम मनोहर लोहिया के मधेपुरा आने की चर्चा की गई तो डॉ.मधेपुरी ने समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल की चर्चा करते हुए यही कहा-

वर्ष 1964 में रासबिहारी विद्यालय के ऐतिहासिक मैदान में डॉ.लोहिया ने खुद यही कहा था….. हे मधेपुरा वासियों जानते हो मैं बार-बार मधेपुरा क्यों आता हूं……. इसीलिए कि मधेपुरा की धरती ने एक ऐसे सपूत को पैदा किया है जो भारतीय संसद में गरीबों के सवाल को निर्भीकता पूर्वक उठाता रहा है और आगे भी उठाता रहेगा……. तुम्हारा यह भूपेन्द्र नारायण मंडल सच्चा हीरा है…… यह हमेशा गरीबों के घर में दिया जलाता रहेगा और अंधकार मिटाता रहेगा…….।

डॉ.मधेपुरी ने आगे यही कहा कि डॉ.लोहिया देश की आजादी के लिए जीवन न्योछावर करने वाला महान योद्धा रहा है। देश की राजनीति में बदलाव लाने वाला शलाका पुरुष का नाम है डॉ.लोहिया। वर्ष 1967 में आधे दर्जन राज्यों में गैर कांग्रेसी सरकार बनाने वाले डॉ.लोहिया के नेतृत्व की चर्चा आज भी हर जगह होती है।

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केवल क्रान्तिकारी नहीं थे सरदार भगत सिंह

23 वर्ष की अल्पायु में ही सरदार भगत सिंह ने अपने दो क्रान्तिकारी साथियों राजगुरु एवं सुखदेव के साथ 23 मार्च 1931 को फाँसी के फंदे को हंसते-हंसते चूम लिया। फाँसी के फंदों को चूमने के वक्त भी तीनों के चेहरे पर एक अलग किस्म की मुस्कान थी।

बता दें कि फाँसी की तिथि के चंद रोज कबल जेल के गेट पर मिलने आई अपनी माँ से भगत सिंह ने पूछे गये सवाल के जवाब में यही कहा था-

बेबे जी ! फाँसी के बाद मेरे शरीर को ले जाने के लिए तुम नहीं आना…… क्योंकि यदि ममतावश तुम्हारी आंखों से उस समय आँसू टपक पड़े और कोई उंगली उठाकर यह कहने लगे कि देखो…… भगत सिंह की माँ रो रही है….. तो मेरी आत्मा कलप उठेगी और मेरी देश भक्ति पर ऐसा दाग लग जायगा जिसे तेरे आँसू कभी नहीं धो पायेंगे ।

यह जान लें कि भगत सिंह पंजाब के जिस जिले एवं गाँव में जन्म लिए थे वह आजकल पाकिस्तान में है | यही कारण है कि भगत सिंह केवल भारत के ही नायक नहीं बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी वे समान रूप से आदर व सम्मान पाते रहे हैं।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri along with Shravan Kumar Sultania, Lallan Yadav and Kids paying homage to Martyrs on the occasion of Shahid Diwas at Shahid Park Madhepura.

आज शहीदे आजम भगत सिंह की शहादत के साथ सारे शहीदों तथा विशेषरूप से मधेपुरा जिले के शहीद बाजा साह, शहीद चुल्हाय, शहीद सदानंद, शहीद प्रमोद (फुलकाहा), शहीद प्रमोद (चामगढ़) व शहीद शंकर रजक को याद करते हुए एक वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम मो.सोहैल द्वारा उद्घाटित शहीद पार्क में सादगी के साथ पुष्पांजलि अर्पित की समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने। साथ में डॉ.मधेपुरी के शिष्य श्रवण कुमार सुल्तानियाँ, ललन कुमार यादव, पार्क का पहरेदार एवं खेल रहे बच्चों ने पुष्पांजलि अर्पित की। बाद में डॉ.मधेपुरी के साथ सबों ने भगत सिंह सहित सभी शहीदों के अमर रहे के नारे लगाये। अंत में डॉ.मधेपुरी ने शहीदों के नाम अपनी चार पंक्तियाँ समर्पित की-

अभिमन्यु सदृश आजाद वीर, खुद को गोली से भूंज लिया।

सिर उठा भगत सुखराज यहाँ, हँसकर शूली को चूम लिया।।

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पूर्णिया विश्वविद्यालय जन्म के साथ ही विश्वसनीयता खोने लगा है- एमएलसी डॉ.संजीव

कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चयनित बिहार विधान परिषद सदस्य एवं अधिषद व अभिषद सदस्य (टीएमयू भागलपुर और बीएनएमयू मधेपुरा) डॉ.संजीव कुमार सिंह ने खेद प्रकट करते हुए मधेपुरा अबतक से विस्तार पूर्वक पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति के क्रियाकलापों, दोहरे मापदंडों एवं कर्मियों के प्रति अपमानजनक व्यवहारों की जमकर चर्चा की।

लोकप्रिय एवं कर्मठ एमएलसी डॉ.संजीव कुमार सिंह ने नवसृजित इस विश्वविद्यालय के बाबत जो भी कहा उसे उन्हीं के शब्दों में उद्धृत किया जा रहा है-

नवसृजित पूर्णिया विश्वविद्यालय पूर्णिया आज शैशवावस्था में ही छात्रों, शिक्षकों एवं शिक्षाप्रेमियों के बीच अपनी विश्वसनीयता खोता जा रहा है। स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति प्रो.राजेश सिंह की विवादास्पद कार्यशैली तथा अनियमित कार्यकलापों के साथ-साथ इनके द्वारा राजभवन एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के विपरीत कार्य किये जाने से विश्वविद्यालय में धीरे-धीरे अकादमिक अस्थिरता का माहौल बनता जा रहा है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत विश्वविद्यालय की अतिमहत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्राधिकार ‘अभिषद’ (Syndicate) का गठन किया गया है। अन्य सभी महत्वपूर्ण परिनियमित समितियों का कार्य कुलपति स्वयं कर रहे हैं। वस्तुतः अपनी गलत अवधारणाओं पर गठित प्राधिकरों / निकायों / समितियों द्वारा लगातार कार्यकारी आदेशों के तहत वित्तीय एवं नीतिगत निर्णय दिये जा रहे हैं। किसी भी प्रकार के निर्णय में जल्दबाजी उनके प्रशासनिक अनुभवहीनता को दर्शाता है।

विदित है कि अपने अल्प कार्यकाल में ही विश्वविद्यालय के प्रथम प्रतिकुलपति एवं वित्त पदाधिकारी ने इनकी कार्यशैली से आहत होकर अपना इस्तीफा आपत्तियों के साथ राजभवन को सौंप दिया। इन पदाधिकारियों का दोष सिर्फ इतना ही था कि अन्य पदाधिकारियों की तरह कार्य नहीं कर बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम एवं बिहार राज्य वित्त नियमावली के आलोक में कार्य करना चाह रहे थे।

वर्तमानत: परीक्षा केंद्रों के गठन में अंगीभूत एवं संबद्ध इकाइयों के छात्र-छात्राओं के बीच दोहरा मापदण्ड अपनाना, शिक्षक संघ-संगठन की अनदेखी, शिक्षकों एवं कर्मियों के साथ अपमानजनक व्यवहार, विभिन्न कोटि के शिक्षकों को मिली प्रोन्नति के फलस्वरूप वेतन निर्धारण की प्रक्रिया में विलंब, नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों को ओरिऐंटेशन जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों में भाग लेने से रोकना आदि कार्यों से विश्वविद्यालय का माहौल विस्फोटक होता जा रहा है। अतिशीघ्र ही संबंधित सारे तथ्यों से महामहिम कुलाधिपति महोदय के साथ-साथ माननीय मुख्यमंत्री जी को भी अवगत कराया जाएगा।

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मधेपुरा पतंजलि योग समिति ने मनाया होली मिलन समारोह

रासबिहारी उच्च विद्यालय परिसर में चल रहे स्वामी रामदेव बाबा के स्थायी योग कक्षा का संचालन श्रीमती माया जायसवाल, सुश्री रूबी कुमारी, श्री रितेश कुमार आदि योग शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से योग को समर्पित डॉ.एन.के.निराला की देख-रेख में होता है।

बता दें कि 19 मार्च सोमवार को मधेपुरा पतंजलि समिति द्वारा “योग होली मिलन समारोह 2019” का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपनी चंद पंक्तियाँ शहीदों के नाम करते हुए कहा-

“होली ईद मनाओ मिलकर, कभी रंग को भंग करो मत।

भारत की सुन्दरतम छवि को, मधेपुरी बदरंग करो मत।।”

आगे डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि होली सद्भाव एवं भाईचारे का पर्व है। शिकवे-शिकायत भूलकर एक दूसरे को गले लगाने का पर्व है। बुराइयों पर अच्छाइयों की जीत का पर्व है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि होली केवल रंग का ही नहीं बल्कि उत्साह और उमंग का भी पर्व है और योग मनुष्य की बाहरी समस्याओं के निदान ही नहीं बल्कि आंतरिक विचारों को साफ करने का भी महापर्व है। डॉ.अमोल राय, डॉ.नंदकिशोर आदि ने भी संक्षेप में उद्गार व्यक्त किये।

Dr.N.K.Nirala, Dr.Madhepuri and Post Master Rajesh Kumar celebrating Holi Mila Samaroh.
Dr.N.K.Nirala, Dr.Madhepuri, Post Master Rajesh Kumar and Ritesh Kumar celebrating Holi Milan Samaroh.

दूसरे सत्र में बच्चे-बच्चियों द्वारा चम्मच-गोली दौड, फैंसी ड्रेस…… जैसे कई कार्यक्रमों में प्रथम – द्वितीय – तृतीय आये प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी, डॉ.अमोल राय , डॉ.गणेश प्रसाद, डॉ.नंदकिशोर, डॉ.एनके निराला……. पोस्ट मास्टर राजेश कुमार आदि द्वारा पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार पाने के बाद बच्चों ने सबों को जहाँ लाल-पीला गुलाल लगाया वहीं बड़ों ने अतिथियों को रंग-बिरंगी टोपियां पहनाई। योग कक्षा की योगी बहनों को पुआ-दहीबड़ा और रामानंद सागर को जलेबी परोसते हुए देखा गया। अंत में डॉ.एन.के. निराला ने जोगीरा गाकर कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।

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चुनावी माहौल में भी मधेपुरा का नेहरू युवा केन्द्र है गतिशील

नेहरू युवा केंद्र मधेपुरा द्वारा स्थानीय शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय के मैदान में फुटबॉल मैच का आयोजन रविवार को किया गया जिसका विधिवत उद्घाटन मधेपुरा के प्रखर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने दोनों टीमों- लायंस क्लब एवं न्यू टाउन क्लब मधेपुरा के खिलाड़ियों के बीच इस खेल के रेफरी अनिल राज की उपस्थिति में गेंद को उछाल कर किया। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि भारत की एकता व अखंडता के लिए खेल अहम भूमिका निभाता रहा है।

बता दें कि फुटबॉल प्रेमी दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच रोमांचक मुकाबले में लायंस क्लब ने तीन गोल दागे जबकि मधेपुरा न्यू टाउन क्लब द्वारा काफी मशक्कत के बावजूद भी 90 मिनट में दो गोल ही किया जा सका। जहाँ खेल को समर्पित जिला वॉलीबॉल संघ के सचिव अनिल राज सहित प्रदीप सिंह, रोहित कुमार इस रोमांचक मैच के निर्णायक रहे वहीं उद्घोषक के रूप में सूरज कुमार ने ध्वनि विस्तारक यंत्र से ऐसा मनभावन कमेंट्री किया कि दर्शक अंत तक डटे रहे।

यह भी बता दें कि जिलास्तरीय कबड्डी खेल को समर्पित अध्यक्ष जयकांत यादव व सचिव अरुण कुमार, डीसीए के अध्यक्ष भारत भूषण, एमसीए के सचिव अमित कुमार मोनी एवं जिला टे.टे. सचिव प्रदीप कुमार श्रीवास्तव सहित विभिन्न  खेलों में गहरी अभिरुचि रखने वाले गोदई जैसे बुजुर्ग खिलाड़ियों एवं अतिथियों का स्वागत किया नेहरू युवा केंद्र के युवा एवं कर्मठ समन्वयक अजय कुमार गुप्ता ने।

चलते-चलते… जहाँ समन्वयक अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि इसी मैदान पर आगामी सोमवार को महिला व पुरुष का वॉलीबॉल मैच होगा वहीं उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सवेरे में बच्चों के बीच दौर एवं साइकिल रेस प्रतियोगिता भी आयोजित की गई थी। समन्वयक श्री गुप्ता ने अंत में उदघोषणा की कि प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक खिलाड़ी क्लब की स्थापना करें ताकि उस क्लब को नेहरू युवा केंद्र द्वारा खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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बीएनएमयू के 6 शिक्षक शरीक होंगे यूजीसी के इंडक्शन प्रोग्राम में – कुलपति

यूजीसी द्वारा आयोजित किये जा रहे इंडक्शन प्रोग्राम से शिक्षा का बेहतर माहौल बनेगा। शिक्षा की ज्ञान भूमि में प्रेरणा का बीज चतुर्दिक सृजन का काम करेगा। ऐसे शिक्षोन्मुखी कार्यक्रमों में विषय विशेषज्ञ के रुप में भाग लेने के लिए बीएन मंडल विश्वविद्यालय के 6 शिक्षकों का नाम कुलपति डॉ.अवध किशोर राय के निर्देशानुसार कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार ने यूजीसी के अपर सचिव को पत्र के माध्यम से भेजा है।

बता दें कि कुलसचिव कर्नल नीरज ने बताया कि प्रेषित पत्र में जिन तीन वरिष्ठ प्राध्यापकों का नाम शिक्षक उन्मुखीकरण के लिए प्रस्तावित किया गया है- वे हैं- विश्वविद्यालय जंतु विज्ञान विभाग के प्रो.(डॉ.) नरेन्द्र श्रीवास्तव, मनोविज्ञान स्नातकोत्तर विभाग के प्रोफेसर सह डिप्टी रजिस्ट्रार एकेडमी प्रो.(डॉ.) एम आई रहमान एवं रसायन स्नातकोत्तर विभाग के प्रोफेसर, सीनेटर  सह बीएन मुस्टा के महासचिव प्रो.(डॉ) नरेश कुमार।

कुलसचिव कर्नल नीरज ने यह भी कहा कि यूजीसी द्वारा छात्रों के लिए आयोजित होने वाले इंडक्शन प्रोग्राम के लिए जिन तीन युवा शिक्षकों का नाम प्रस्तावित किया गया है , वे हैं- मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सह संयुक्त सचिव क्रीड़ा एवं संस्कृति परिषद डॉ.शंकर कुमार मिश्र , दर्शनशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सह विश्वविद्यालय पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर एवं विश्वविद्यालय भूगोल विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.अमित विश्वकर्मा।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस बाबत विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से पूछे जाने पर उन्होंने यही कहा कि कुलपति द्वारा वर्गों में छात्रों- शिक्षकों को पढ़ते-पढ़ाते हुए देखने का सपना अब यूजीसी द्वारा “शिक्षकों और छात्रों के उत्थान को लेकर आयोजित प्रशिक्षण” के माध्यम से पूरा होता दिखने लगा है। डॉ.मधेपुरी ने यूजीसी के इंडक्शन प्रोग्राम की खूब सराहना की।

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बीएनएमयू के डीन डॉ.शिवमुनि को मिला ‘राष्ट्रीय शिक्षा रत्न’ अवॉर्ड

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू एवं सोशल साइंस के डीन प्रो.(डॉ.) शिवमुनि यादव को राष्ट्रीय शिक्षारत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया-विगत सोमवार को नई दिल्ली में। उन्हें यह सम्मान राजधानी दिल्ली में आयोजित “ओरिएंटल हेरिटल हेरिटेज” पर भव्यरूप से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में दिया गया।

बता दें कि प्रो.(डॉ.) शिवमुनि यादव ने बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर से भूगोल स्नातकोत्तर में स्वर्ण पदक प्राप्त करने के बाद वहीं से भूगोल में ही पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। फिर कई महाविद्यालयों में भूगोल के विभगाध्यक्ष रहे। वे प्रतिभा संपन्न , लोकप्रिय व चर्चित प्राध्यापक बन कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। उन्होंने छात्रहित में तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों की रचना भी की है। वे देश के कई अन्य बड़े-बड़े नामवर विश्वविद्यालयों की विभिन्न ज्योग्राफीकल कमिटियों के सदस्य भी रहे हैं। फ़िलहाल वे “एसोसिएशन ऑफ़ ज्योग्राफर्स आफ बिहार एंड झारखंड” के अध्यक्ष भी हैं।

यह भी जानिये कि शिक्षा के प्रति समर्पित डॉ.शिवमुनी यादव के मार्गदर्शन में लगभग ढाई दर्जन शोधार्थियों ने ज्योग्राफी के भिन्न-भिन्न टॉपिक्स पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। डॉ.यादव को ‘राष्ट्रीय शिक्षा रत्न अवार्ड’ से नवाजे जाने पर इन शोधार्थियों के अतिरिक्त स्नातकोत्तर विभागाध्यक्षों, प्राचार्यों, प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रति कुलपति डॉ.फारूक अली, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी आदि ने भी प्रसन्नता व्यक्त की है।

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