Menu

मधेपुरा को अब प्रतिदिन जगाने लगा है डॉ.कलाम पार्क

भारत के साथ-साथ संपूर्ण विश्व को जगानेवाला गांधीयन मिसाइल मेन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम अब मधेपुरा को कलाम पार्क बनकर सवेरे-सवेरे जगाने लगा है | जी हाँ ! सुबह होते ही मधेपुरा का हर व्यक्ति चाहे वह मर्द हो या औरत, बच्चा हो या बूढा या फिर नौजवान ही क्यों ना हो सभी चल देते हैं डॉ….कलाम पार्क की ओर……! इस नजारे को देखते हुए कोई बुजुर्ग अपने ही पोते से कहते हैं- चल पड़े कोटि पग उसी ओर…..!

The Crowd of Dr.Kalam Park during morning time.

सूरज निकलते-निकलते इस कलाम पार्क का नजारा ऐसा हो जाता है कि कोई कहता- खड़ा होने की जगह नहीं है….. तो बगल से आवाज आती कि कहीं पैर रखने की भी जगह नहीं है…….. कोई यह भी कि तिल रखने की जगह नहीं है |

यह भी जानिए कि जहाँ कल तक इस बिना नाम वाले पार्क को प्रतिदिन लोगों का इंतजार रहता था वहीं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी की कोशिश पर नगर परिषद व जिला प्रशासन द्वारा ‘स्त्री-पुरुष ओपन जिम’ एवं ‘बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूलों के साथ कलाम पार्क नाम रखते ही अब लोगों को प्रवेश पाने के लिए इंतजार करना पड़ता है |

कभी डॉ.कलाम पार्क में खड़े कुछ सज्जनों की नजरें ज्योंही डॉ.मधेपुरी पर पड़ती है कि वे उनके पास जाकर बिना देर किये कुछ यूँ अपनी बातें कहने लगते हैं- कोई कहते हैं- 5 रु. एंट्री फी होनी चाहिए तो कोई 20रु एंट्री फी निर्धारित कराने की बात कहते हुए कि तभी मेंटेनेंस हो पायेगा और केयर टेकर व कोच का भुगतान भी | एक ने तो यहाँ तक कह सुनाया कि बगल वाले शहीद पार्क में महिलाओं को नई जिम सामग्रियों के साथ शिफ्ट करा दीजिए और कलाम पार्क को पूरा का पूरा जेंट्स के लिए छोड़ दीजिए | आगे और भीड़ बढ़ेगी क्योंकि लोग अब स्वास्थ्य के प्रति तेजी से जागरुक हो रहे हैं |

सम्बंधित खबरें