जिला प्रशासन की ओर से झल्लू बाबू सभागार में कवि हृदय पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती एवं सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शिव कुमार सिंह की अध्यक्षता में मनाई गई। जयंती समारोह में जिले के पदाधिकारियों- वरीय उप समाहर्ता अभिराम त्रिवेदी, डीपीआरओ अभिषेक राज, उप समाहर्ता बिरजू दास, आईटी मैनेजर तरुण कुमार, स्थापना ओएस विजय झा व कर्मियों के अलावा गणमान्यों व समाजसेवियों की भी भागीदारी देखी गई। सबों ने अटल जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया।
समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, समाजसेवी शौकत अली आदि ने भी अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि किया तथा विचार व्यक्त किया। डॉ.मधेपुरी ने अटल जी और डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए विस्तार से परमाणु परीक्षण की चर्चा की और कहा कि अटल जी बराबर यह कहते रहे कि देश को बड़ी ऊंचाई तक ले जाने के लिए देशवासियों को भी बड़ी कुर्बानी देनी पड़ती है।
अंत में अध्यक्षीय संबोधन में एडीएम श्री शैव ने विस्तार से श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल जी को संदर्भित करते हुए एक देश में दो विधान, दो संविधान, दो निशान की चर्चा की। उन्होंने कहा कि अटल जी संसद में और सार्वजनिक जीवन में भी सीधे और सहज कहने में विश्वास रखते थे। अटल जी विरोधियों द्वारा भी उतने ही पसंद किए जाते थे जितना अपनी पार्टी कर्मियों द्वारा। अटल जी कवि मन वाले विरल राजनेता थे। वे अतिसंवेदनशील व व्यवहार कुशल थे। उनकी चंद पंक्तियां- “रार नहीं ठानूंगा…… कहते हुए कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की गई।