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मधेपुरा समाहरणालय में अटल जी की 94वीं राजकीय जयंती मनी

भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी की राजकीय जयंती 25 दिसंबर को मधेपुरा समाहरणालय के सभाकक्ष में जिले के आलाधिकारियों समाहरणालय कर्मियों एवं समाजसेवियों द्वारा सादे समारोह के रूप में मनायी गई। एसपी संजय सिंह, डीडीसी मुकेश कुमार, डीटीओ अब्दुल रज्जाक, एनडीसी रजनीश राय, डीसीएलआर गोपाल कुमार, वरीय उपसमाहर्ता मो.अल्लामा मुख्तार, सामाजिक सुरक्षा व खेल पदाधिकारी मुकेश कुमार आदि सहित समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, मो.शौकत अली, स्काउट एंड गाइड आयुक्त जय कृष्ण प्रसाद यादव भी मौजूद दिखे। सबों ने बारी-बारी से अटल जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया व पुष्पांजलि की। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

बता दें कि इस समारोह को मात्र एक साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी की स्वस्थ भूमिका को प्रत्येक भारतीय सदैव याद रखेगा। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि भारतीय राजनीति में अटल जी ही एक ऐसे प्रधानमंत्री हुए जिन्हें उनके मित्र और विरोधी दोनों समान रूप से याद करते हैं।

अपने विस्तृत संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि अटल जी ने गांधीयन मिसाइल मैन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोगी वैज्ञानिकों द्वारा सुरक्षा की ऊंची दीवार खड़ा कर पोखरण परमाणु परीक्षण करके भारत को परमाणु महाशक्ति की श्रेणी में खड़ा कर दिया- जिसके लिए वे भारतीय स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर सदैव याद किए जाएंगे।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि अटल-काल में जहाँ एक ओर भारतीय जनमानस भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी एवं भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के इस महास्वप्न “ऑपरेशन शक्ति-98” की सफलता पर नाचता है , गाता है तथा आनंद विभोर हो जाता है वहीं दूसरी ओर विश्व के परमाणु संपन्न देशों अमेरिका, इंग्लैंड, रूस, फ्रांस और चीन के चेहरे पर उदासी छा जाती है। संबोधन के अंत में- अटल बिहारी वाजपेयी जैसे साहसी प्रधानमंत्री एवं गांधीयन मिसाइल मैन जैसे वैज्ञानिक डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम को जिला प्रशासन मधेपुरा की ओर से डॉ.मधेपुरी ने सलाम किया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अटल जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, साथ ही पटना में अटल जी की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा भी की है।

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