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बेटियों के जन्म पर राज्य सरकार करेगी ढाई हजार करोड़ की बारिश

सूबे की नीतीश सरकार ने बाल विवाह पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है | अब डेढ़ करोड़ बच्चियों पर प्रतिवर्ष लगभग ढाई हजार करोड़ रुपयों की बारिश करेगी राज्य सरकार | कैबिनेट की विशेष बैठक में “मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना” को मंजूरी दे दी गई है | बच्चियों के जन्म से लेकर इंटर और ग्रेजुएशन करने की शर्तों के साथ सारी नई योजनाएं इसी माह से लागू कर दी जायेंगी | हाँ ! सारे माता-पिता यह याद रखें इस योजना का लाभ परिवार के दो बच्चों तक ही सीमित रहेगा |

बता दें कि घर में बेटी के जन्म लेते ही राज्य सरकार की ओर से माता-पिता के बैंक खाते में 2000 रु जमा दिये जायेंगे | आगे 1 वर्ष की उम्र में उसका आधार लिंक होने के साथ-साथ टीकाकरण पूरा हो जाने पर (1000 + 2000) कुल 3000 रु जमा दिये जायेंगे यानी बेटी की उम्र 1 वर्ष होते ही माता-पिता के बैंक खातों में लगभग 5000रु मुख्य सचिव द्वारा जमा दिये जायेंगे |

यह भी जानिए कि लड़की के अविवाहित होने की शर्त के साथ ही इंटर पास करने पर राज्य सरकार उसे 10,000 रु देगी | इसके अलावे लड़की के ग्रेजुएशन करने पर 25,000 रु दिये जायेंगे जबकि ग्रेजुएशन में लड़की के विवाहित या अविवाहित होने की शर्त नहीं रखी गई है |

यह भी बता दें कि फिलहाल लड़कियों से जुड़ी योजनाओं पर 840 करोड रुपये सालाना खर्च होते हैं | नई योजनाओं के लागू होने पर यह रकम बढ़कर 2221 करोड़ यानी लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये हो जायेगी | यह भी जान लीजिए कि पूर्व में बच्चियों को सैनेटरी नैपकिन के लिए 150 रूपये दिये जाते थे जिसे अब 300रु कर दिये जायेंगे | इस तरह प्रत्येक बच्ची को जन्म से लेकर (ग्रेजुएशन करने तक राज्य सरकार द्वारा कुल 54,100 रुपए दिये जायेंगे |

फिलहाल शिक्षा के क्षेत्र में बालिकाओं के लिए पोशाक योजना, साइकिल योजना, छात्रवृत्ति योजना और मेधावृत्ति योजना से कक्षाओं में लड़के एवं लड़कियों का अनुपात लगभग बराबर हो गया है और आगे मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना लागू होने पर महिलाओं के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक सशक्तिकरण और उनके समानता के अधिकार को सुदृढ़ होने का अवसर प्राप्त होता रहेगा…….|

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