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समाजवाद के प्रति भूपेन्द्र बाबू के समर्पण को मधेपुरा सदा याद रखेगा

मधेपुरा आज समाजवाद के पुरोधा के नाम ‘भूपेन्द्रमय’ हो गया | सवेरे से यू.के. इंटरनेशनल, तुलसी पब्लिक स्कूल, ज्ञानदीप निकेतन और शांति आदर्श मध्य विद्यालय के बच्चे भूपेन्द्र बाबू की तस्वीरों को तख्तियों में लगाकर बाजे-गाजे और नगाड़े के साथ भिन्न-भिन्न प्रकार के नारे लगाते हुए स्थानीय भूपेन्द्र चौक पर प्रातः 9:00 बजे पहुंच गये जहाँ समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी की अध्यक्षता में उनकी 115वीं जयंती समारोह के मुख्य अतिथि के रुप में कोसी अंचल के वरिष्ठ साहित्यकार-इतिहासकार श्री हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ सहित प्रखर बुद्धिजीवीगण प्रो.शच्चीन्द्र, डॉ.आलोक कुमार, परमेश्वरी प्रसाद यादव, अमरेंद्र प्रसाद यादव, कीर्ति नारायण, प्रो.नारायण प्रसाद यादव आदि दर्जनों युवा पूर्व से मौजूद थे |

School kids and Intellectuals at Bhupendra Chowk Madhepura.

बता दें कि कार्यक्रम की रूपरेखा का उद्घोष करते हुए अध्यक्ष डॉ.मधेपुरी ने सबसे पहले लोगों को जानकारी देते हुए यही कहा कि समाजवादी आंदोलन के प्रति भूपेन्द्र बाबू के समर्पण और वंचितों के प्रति प्रतिबद्धता को देश कभी नहीं भूलेगा | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि भूपेन्द्र बाबू जीवनभर गरीबों के लिए काम किये और जीते रहे, इसीलिए वे कभी नहीं मरेंगे | बतौर जानकारी उन्होंने उपस्थित जनों से कहा कि 2:00 बजे से विश्वविद्यालय में और बरदाहा पंचायत में तथा कई शिक्षण संस्थाओं में उनकी जयंती मनाई जा रही है | उपस्थित जनों व स्कूली बच्चों को मधेपुरा में भूपेन्द्र बाबू के नाम वाले विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्टेडियम, कला भवन आदि की जानकारी देते हुए डॉ.मधेपुरी ने मुख्य अतिथि श्री.शलभ को आशीर्वचन के रूप में बच्चों से उस महान समाजवादी चिंतक के बारे में संक्षेप में उद्गार व्यक्त करने का अनुरोध किया |

मुख्य अतिथि श्री.शलभ ने अपने संक्षिप्त संबोधन में 1857 से लेकर 1942 की अगस्त क्रांति को रेखांकित करते हुए भूपेन्द्र बाबू के क्रांतिकारी तेवर एवं उनकी गिरफ्तारी की चर्चा करते हुए यही कहा कि गांधीवाद की बुनियाद पर खड़ा समाजवाद को अपने जीवन में तिल-तिल कर समाहित करने वाला दूसरा और कौन हो सकता है सिवाय भूपेन्द्र बाबू के |

समारोह में उपस्थित प्रो.शच्चीन्द्र, डॉ.आलोक कुमार, कीर्ति नारायण, अमरेंद्र प्रसाद यादव, परमेश्वरी प्रसाद यादव, सुमित, विकास, हर्षवर्धन, आनंद, मो.यूनुस, संतोष प्राणसुखका आदि ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जमींदार परिवार में जन्म लेकर ताजिंदगी गरीबों एवं वंचितों की पीड़ा को दूर करने में लगे रहे भूपेन्द्र बाबू | प्रो.नारायण प्रसाद यादव ने तो अपने गीत को स्वर देकर भूपेन्द्र बाबू के बाबत ऐसी समां बांध दी की सभी भावुक हो गये |

Donation in the memory of Great Socialist Leader Bhupendra Nayaran Mandal at Bhupendra Chowk.

अंत में आवागमन को देर तक बाधित नहीं करने के कारण जल्दबाजी में डॉ.आलोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अध्यक्ष डॉ.मधेपुरी एवं मुख्य अतिथि श्री.शलभ द्वारा सभी स्कूलों को पुरस्कार तथा निर्धनों को कंबल हस्तगत कराया और निर्देशानुसार कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा कर दी गयी |

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