सारे विशेषणों को लगाने के बाद भी डॉ.कलाम का परिचय पूरा नहीं होगा- डॉ.मधेपुरी

टीपी कॉलेज के स्मार्ट क्लासरूम में भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की नौवीं पुण्यतिथि समारोह पूर्वक मनाई गई। समारोह का उद्घाटन बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.(डॉ.)आरकेपी रमण, समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, टीपी कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.)कैलाश प्रसाद यादव, महिला उद्यमी प्रीति गोपाल, सीनेटर व माय बर्थ-माय अर्थ विश्व पर्यावरणीय मिशन के जनक प्रो.(डॉ.) नरेश कुमार आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कुलपति सहित सबों ने भारतरत्न डॉ.कलाम के तैल चित्र पर पुष्पांजलि की और दीप प्रज्ज्वलित कर  कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मधेपुरा को गौरवान्वित करने वाली महिला उद्यमी एवं एपीआर एग्रो इंडस्ट्रीज की निर्देशिका प्रीति गोपाल यादव एवं विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस को हरा-भरा करने वाले माय बर्थ माय अर्थ के जनक प्रो.(डॉ.) नरेश कुमार को सम्मानित किया गया। इन दोनों को सम्मानित करने के बाद उद्घाटनकर्ता कुलपति डॉ. राम किशोर प्रसाद रमण ने कहा कि यह कार्यक्रम “जो करेंगे मधेपुरा को गौरवान्वित, डॉ.मधेपुरी करेंगे उन्हें सम्मानित” सदैव जारी रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों को व्यक्तित्व निर्माण हेतु भारतरत्न डॉ.कलाम को जानना होगा। मिसाइल मैन डॉ.कलाम का जीवन सदैव प्रेरणादाई बना रहेगा। अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य प्रोफ़ेसर कैलाश प्रसाद यादव ने कहा कि डॉ.कलाम सदैव शिक्षक से अधिक छात्र ही बने रहे। एक अच्छा शिक्षक वही बन सकता है जो अच्छा छात्र होता है। प्रधानाचार्य डॉ.कैलाश ने डॉ.मधेपुरी के इस कार्यक्रम की ह्रदय से सराहना की।

अंत में संयोजक सह समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मौजूद लोगों को मिसाइल मैन के बचपन से लेकर अंतिम सांस लेने तक की कहानी सुना कर उनके द्वारा किए गए संदेशों को साझा किया। डॉ.मधेपुरी ने भावुक होकर डॉ.कलाम के बारे में यहां तक कहा कि डिक्शनरी के सारे विशेषणों को लगाने के बाद भी भारतरत्न डॉ.कलाम का परिचय पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि डॉ.कलाम संपूर्ण भारतीय थे और रहेंगे भी।

आरंभ में कार्यक्रम का संचालन आयोजक टीएनबी ट्रस्ट के सचिव डॉ.मधेपुरी ने विगत वर्षों में सम्मानित किए गए प्रमुख लोगों के संबंध में चर्चा की तथा वर्तमान में सम्मानित हो रहे प्रोफेसर नरेश कुमार एवं महिला उद्यमी प्रीति गोपाल को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने के बाद प्रोफेसर नरेश एवं प्रीति गोपाल ने डॉ.मधेपुरी के इस कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि शहीद चुल्हाय को पुनर्जीवित करने का कार्य डॉ.मधेपुरी के अलावे किसी से संभव नहीं था। यह कार्यक्रम सदैव जारी रहेगा तो मधेपुरा में कुछ बड़ा करने वालों को प्रोत्साहन मिलता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में टीपी कॉलेज के बर्सर डॉ.अरिमर्दन ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि डॉ.मधेपुरी का यह कार्यक्रम सदैव चलते रहे यही ईश्वर से प्रार्थना है। मौके पर पूर्व परीक्षा नियंत्रक गजेंद्र कुमार, पूर्व वर्सर डॉ.अतुल मलिक, सृजन दर्पण के सचिव विकास कुमार एवं अन्य कॉलेज कर्मी मौजूद रहे।

 

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पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस केके मंडल नहीं रहे, मधेपुरा में शोक की लहर

मधेपुरा-मुरहो स्टेट के जमींदार प्रखर स्वतंत्रता सेनानी व समाज सुधारक एवं पराधीन भारत में स्वाधीन सोच वाले बाबू रासबिहारी लाल मंडल के प्रपौत्र, बिहार-उड़ीसा विधान परिषद सदस्य व 15 वर्षों तक भागलपुर जिला परिषद के अध्यक्ष रहे भुवनेश्वरी प्रसाद मंडल के पौत्र एवं पटना हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस न्यायमूर्ति राजेश्वर प्रसाद मंडल के कनिष्ठ पुत्र तथा मधेपुरा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.अरुण कुमार मंडल, अमेरिका निवासी इंजीनियर सुधीर मंडल व शेखर मंडल के छोटे भाई, जो पटना उच्च न्यायालय से 2018 में सेवानिवृत्त हुए, न्यायमूर्ति जस्टिस किशोर कुमार मंडल ने 67 वर्ष की उम्र में नई दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल में शुक्रवार को सवेरे 7:40 पर अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कह दिया।

जस्टिस मंडल के निधन का समाचार सुनते ही मुरहो-मधेपुरा से लेकर राजधानी पटना के लोगों में, विशेष रूप से न्यायिक महकमों में, शोक की लहर दौड़ गई। जस्टिस मंडल के पार्थिव शरीर को एयर एंबुलेंस से 8 जुलाई को 12:00 बजे दोपहर बाद पटना लाया गया तथा पटना के राजबंशी नगर स्थित ‘मणिराज’ नामक निजी आवास पर लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। 9 जुलाई को (रविवार दोपहर बाद) पटना के बांस घाट पर उनके एकमात्र पुत्र हर्ष कुमार द्वारा उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया जाएगा।

समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी जस्टिस केके मंडल से वर्षों पूर्व से जुड़े रहे। विशेष रूप से तब से जब से डॉ.मधेपुरी ने जस्टिस केके मंडल के परदादे बाबू रासबिहारी लाल मंडल सरीखे प्रखर स्वतंत्रता सेनानी व समाज सुधारक पर लिखी अपनी पुस्तक उन्हें हस्तगत कराने पटना स्थित उनके निवास पर गए थे। मधेपुरा के ही जस्टिस सुरेश चंद्र मुखर्जी एवं अन्य प्रमुख लोगों के बारे में उन्होंने देर तक डॉ.मधेपुरी से चर्चाएं की थी।

शोक प्रकट करते हुए तिलकामांझी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति डॉ.कौशल किशोर मंडल ने कहा कि वर्ष 1996 में उन्हें केंद्र सरकार द्वारा भारत संघ की रक्षा के लिए स्थाई वकील नियुक्त किया गया था। वे मधेपुरा बीएन मंडल विश्वविद्यालय एवं बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के कानूनी सलाहकार के पैनल में भी थे। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो.सूरज मंडल ने कहा कि 2018 में न्यायमूर्ति से सेवा निवृत्ति के बाद नीतीश सरकार ने उन्हें राज्य अपीलीय प्राधिकरण पटना के न्यायिक अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया था।

आईजीआईएमएस के सुपरिटेंडेंट, डॉक्टर्स प्राइड अवार्ड विजेता एवं मधेपुरा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.अरुण कुमार मंडल के सुपुत्र डॉ. मनीष मंडल ने कहा कि न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान चाचा श्री न्यायमूर्ति जस्टिस केके मंडल कई प्रशासनिक समितियों से जुड़े रहे और वे बिहार न्यायिक अकादमी के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे थे । न्यायमूर्ति मंडल के निधन पर शोक प्रकट करने वालों में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के मानविकी के डीन प्रो.(डॉ.)विनय कुमार चौधरी, कुलानुशासक डॉ.विश्वनाथ विवेका, भौतिकी स्नातकोत्तर सह विभागाध्यक्ष विज्ञान के डीन प्रो.नवीन कुमार, प्रो.रीता कुमारी, प्रो.चंद्रशेखर, जंतु विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, रेड क्रॉस की अध्यक्षा डॉ.शांति यादव, टेंगराहा देवेंद्र धाम के निर्माता दिगंबर प्रसाद यादव, समाज सेविका व अध्यक्ष प्रीति गोपाल यादव, प्रो.मणिभूषण वर्मा, साहित्यकार सियाराम यादव मयंक, डॉ.आलोक कुमार, पूर्व कुलसचिव प्रो.सचिंद्र, सीए मनीष सर्राफ, दिनेश सर्राफ, स्काउट एंड गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव, अंतरराष्ट्रीय उद्घोषक डॉ.पृथ्वीराज यदुवंशी आदि हैं।

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देवेंद्र धाम टेंगराहा में खुला प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र

कुमारखंड प्रखंड के टेंगराहा-परिहारी पंचायत स्थित देवेंद्र धाम में प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटनकर्ता सिविल सर्जन डॉ.मिथिलेश कुमार ठाकुर, मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी सहित बीएनएमयू के जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, माध्यमिक शिक्षक संघ के राज्य पदाधिकारी डॉ.अरुण कुमार, अध्यक्षता कर रही समाजसेविका प्रीति गोपाल यादव, डॉ.वरुण कुमार आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पंचायत वासियों की अर्से से यह मांग थी कि वर्षो से बंद पड़े उपस्वास्थ्य केंद्र को पुनः चलाया जाय। इस कार्य में प्रीति यादव की मेहनत और सिविल सर्जन मधेपुरा का सहयोग प्रशंसनीय है।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय उद्घोषक डॉ.पृथ्वीराज यदुवंशी ने किया। उन्होंने कहा कि आज से स्वास्थ्य सेवा शुरू करने की बात सिविल सर्जन के मुख से सुनकर ग्रामीणों में प्रसन्नता की लहर उठने लगी है। देवेंद्र धाम के संस्थापक सेवानिवृत्त कृषि पदाधिकारी दिगंबर प्रसाद यादव ने इस कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और स्वास्थ्य सेवाकर्मी को साधुवाद दिया है।

ग्रामीणों सहित उपस्थित विद्वत जनों ने प्रीति यादव के प्रयासों एवं सिविल सर्जन डॉ.मिथिलेश कुमार ठाकुर के संवेदनशील सहयोग की भूरि-भूरि प्रशंसा की। मौके पर केंद्र प्रभारी चिकित्सक डॉ.वरुण कुमार, बीसीएम प्रेम शंकर कुमार, मुखिया सुनीता देवी, सरपंच विभा देवी, दिवाकर कुमार, जीएनएम रूपम रानी, एएनएम रूबी कुमारी, आशा गीता देवी आदि मौजूद थी।

 

 

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शिक्षक मुरली बाबू गरीब छात्रों की मदद में तत्पर रहे

मधेपुरा रेड क्रॉस सभागार में ओपन विंक फाउंडेशन की ओर से कोसी के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत रह चुके शिक्षाविद् डॉ.मुरली प्रसाद यादव की 74वीं जयंती समारोह मनाई गई। भले ही डॉ.यादव आज नहीं हैं, परंतु निर्धन स्कूली छात्रों के प्रति उनकी उदारता की कहानियां लोगों की स्मृति पटल पर आज भी अंकित है, जिसकी चर्चाएं लोगों ने की।

समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी की अध्यक्षता में कार्यक्रम का श्रीगणेश किया गया। सर्वप्रथम डॉ.मंजू वात्स्यायन ने उनके जीवन वृत्त का पाठ किया। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए शिक्षक की महानता के बाबत यही कहा शिक्षक समाज का रक्षक है, रहवर है और वह रखवाला भी है। शिक्षक विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से भी बड़ा होता है। शिक्षक मुरली बाबू गरीब छात्रों की मदद में तत्पर रहते थे। कार्यक्रम के आरंभ में डॉ.मुरलीधर यादव जी के तैल चित्र पर फाउंडेशन की निर्देशिका एसएनपीएम की पूर्व प्राचार्या एवं जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्षा विदूषी डॉ.शांति यादव ने प्रथम माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया। बारी-बारी से सभी लोगों ने पुष्पांजलि की जिनमें प्रमुख हैं- बीएनएमयू के मानविकी के डीन प्रो.(डॉ.) विनय कुमार चौधरी, प्रो.मणिभूषण वर्मा, रेड क्रॉस के सचिव रमेंद्र कुमार रमण, बीएनएमयू के जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार, डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, डॉ.शशि, मीणा मधुलिका, शशिप्रभा जायसवाल, प्रभास चंद्र, जयप्रकाश, रामचंद्र आदि। सबों ने छात्रों के प्रति मुरली बाबू की संवेदनशीलता की भरपूर चर्चाएं की और संस्मरण भी सुनाए।

दूसरे सत्र में डॉ.विनय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें सबों ने अपनी एक-एक प्रतिनिधि कविता का पाठ किया। शुरू से अंत तक कार्यक्रम का सरगर्भित संचालन अंतरराष्ट्रीय उद्घोषक डॉ.पृथ्वीराज यदुवंशी ने किया। आयोजक डॉ.नीरव निशांत ने हृदय से सबों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

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विदुषी प्राचार्या डॉ.विभा कुमारी की सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई

राजकीयकृत केशव बालिका +2 विद्यालय की प्राचार्या डॉ.विभा कुमारी की सेवानिवृत्ति 30 जून 2023 को हो गई। श्रीमती अंशु माली ने प्रभार ग्रहण किया। अगले दिन डॉ.विभा की भावभीनी विदाई के साथ-साथ श्रीमती अंशु माली का शानदार स्वागत किया गया। सर्वप्रथम सबने संस्थापक केशव प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि शिक्षक होना विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री होने से भी बड़ा होता है, वरना मेरे जैसा साधारण शिक्षक को महामहिम राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम खड़े होकर समादृत करते हुए यह नहीं कहते- “मैं— मैं—- एक शिक्षक के सम्मान में खड़ा हूं जो राष्ट्र निर्माता होता है।” डॉ.मधेपुरी ने इस बात की जोरदार प्रशंसा करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के इस दौर में विरले ही कोई प्राचार्य विद्यालय कोष में 60 लाख रुपये छोड़कर सेवानिवृत्त के दिन इस तरह सम्मान पाते होंगे। मौके पर शिक्षा विभाग के बीईओ सहित जिला माध्यमिक संघ के अध्यक्ष डॉ.कृष्ण कुमार, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारीगण डॉ.अरुण कुमार, राजेंद्र प्रसाद यादव, सहित कॉलेजिएट के प्राचार्य सुभाष कुमार, एसएनपीएम के पूर्व प्राचार्य संतोष कुमार, रासबिहारी उच्च विद्यालय के प्राचार्य अनिल कुमार चौहान एवं केशव बालिका विद्यालय के पूर्व प्राचार्य विभा कुमारी के अलावे सेवानिवृत शिक्षिका प्रतिभा कुमारी, सीता कुमारी आदि गणमान्य शिक्षकगण मौजूद थे। यह कार्यक्रम दिनभर चलता रहा सबों ने उद्गार व्यक्त किया।

बालिकाओं ने स्वागत गान से लेकर निवर्तमान प्राचार्य डॉ.विभा कुमारी को सम्मान के रूप में ढेर सारे पैकेट समर्पित की। सृजन दर्पण के निदेशक विकास कुमार ने स्वच्छता पर मनभावन कार्यक्रम की प्रस्तुति कर खूब तालियां बटोरी। विद्यालय के कलाकार शिक्षक अविनाश कुमार ने डॉ.विभा मैडम का सुंदर सा तैल चित्र बनाकर विदाई के इस कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया।

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