राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत प्रो.योगेंद्र नारायण यादव के निधन पर शोक

टीपी कॉलेज मधेपुरा में अंग्रेजी के प्राध्यापक, तबला वादक के रूप में ख्याति प्राप्त एवं महामहिम राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत हो चुके प्रो.योगेंद्र नारायण यादव का लगभग 84 वर्षों की उम्र में आज प्रातः काल निधन हो गया। राजधानी पटना के तारा हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। वहीं पुत्र डॉ.रवि रंजन सहित अन्य परिजनों की मौजूदगी में उनका निधन हो गया। वे वर्षों पूर्व से आज तक ‘सुशांत स्मृति युवा प्रतिभा चयन समिति’ के अध्यक्ष रहे।

शोक प्रकट करते हुए दिवंगत योगेंद्र बाबू के सहकर्मी फिजिक्स के प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि उनके जाने से शिक्षा एवं संगीत जगत को उनकी कमी हमेशा खलेगी। वे मधेपुरा में संगीत महोत्सव के जन्मदाता के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने संगीत को मधेपुरा में गति देने का काम किया। मृदुल स्वभाव के धनी प्रोफेसर योगेंद्र बाबू सदैव बच्चों को सकारात्मक सोच से लैस करते रहे साथ ही डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि भारतरत्न शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ के साथ उन्हें मंच साझा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।

हमेशा कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन का हाल-चाल पूछते रहने वाले प्रोफेसर योगेंद्र बाबू के निधन का समाचार सुनकर कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ.केके मंडल, सचिव डॉ.मधेपुरी  एवं सदस्य डॉ.शांति यादव, डॉ अरुण कुमार, प्रो.शचिंद्र डॉ.आलोक कुमार, सियाराम यादव मयंक, प्रो.मणि भूषण वर्मा, संतोष कुमार सिन्हा आदि ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से मौन प्रार्थना की।

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