पृष्ठ : मधेपुरा अबतक

और पप्पू ने तेजस्वी को ‘बंदर’ कह दिया!

जाप (जन अधिकार पार्टी) के संरक्षक और मधेपुरा से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आरजेडी नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर न केवल तीखा बल्कि अमर्यादित तंज कसा है। उन्होंने बिना नाम लिए इशारों में उन्हें बंदर की संज्ञा दे दी है। उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन का नेतृत्‍व बंदर के हाथों में है। यही नहीं, उनकी राय में इसका नेतृत्व कांग्रेस को करना चाहिए। इसके साथ ही उन्‍होंने महागठबंधन में शामिल होने पर दो सीटों की अपनी मांग भी स्‍पष्‍ट कर दी।

गौरतलब है कि पप्‍पू यादव समय-समय पर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को अपना नेता बताते रहे हैं, जबकि उनके घोषित और अब बहुत हद तक सर्वमान्य उत्तराधिकारी तेजस्‍वी से उन्हें सख्त परहेज है। उधर तेजस्वी भी पप्पू को महागठबंधन में शामिल किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। बता दें कि चारा घोटाले में सजा काट रहे और अस्वस्थ लालू की अनुपस्थिति में तेजस्‍वी ही पार्टी का काम देख रहे हैं।

बहरहाल, बकौल पप्पू यादव बिहार में महागठबंधन का नेतृत्व कांग्रेस को करना चाहिए। उनकी मानें तो जिस प्रकार भाजपा ने बड़ा दिल दिखाते हुए महाराष्ट्र और बिहार में गठबंधन किया, उसी तरह का दिल कांग्रेस को दिखाना चाहिए। पप्पू ने यह भी बताया कि उन्होंने कांग्रेस को अपनी बात बता दी है। और हाँ, 2 सीटों के साथ महागठबंधन में अपनी जगह बनाने में जुटे पप्पू ने 2020 विधानसभा की योजना भी साझा की और कहा कि उनकी पार्टी 2020 का चुनाव विपक्ष के रूप में लड़ेगी।

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दौरम मधेपुरा स्टेशन का प्लेटफार्म न.- 01 मात्र 90 दिनों में होगा ऊँचा

सर्वाधिक कष्ट सहा बड़ी रेल लाईन बनने के बाद दौरम मधेपुरा स्टेशन पर यात्रियों ने। सोचिए तो सही अपनी बूढ़ी माँ को गोद में लेकर बेटा ट्रेन के डब्बे में नहीं चढ़ा पाया तो दूसरे दिन घर से कुर्सी लेकर आया….. कोई-कोई संपन्न परिवार के लोग तो पूर्णिया जाने के लिए अपनी गाड़ी से मधेपुरा से सहरसा जाकर उसी गाड़ी पर सवार होते और फिर मधेपुरा होकर ही गुजरते जिसे वे दो दिनों तक प्रयास करने के बावजूद भी शरीर वजनी होने के कारण नहीं चढ़ पाये थे।

बता दें कि 26 फरवरी से दौरम मधेपुरा स्टेशन के प्लेटफार्म को साढ़े तीन फीट ऊंचा करने का काम विधिवत रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। रेलवे अधिकारी आई ओ डब्लू प्रकाश कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि दोनों ओर के प्लेटफार्म को ऊंचा करने के साथ-साथ प्लेटफार्म की लंबाई भी बढ़ाना है। बताया गया कि इस कार्य में लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च किए जायेंगे और 90 दिनों में बनकर तैयार हो जाएगा। यह भी कहा गया कि प्लेटफार्म की लंबाई लगभग दोगुनी करने की योजना है यानी प्लेटफार्म नंबर-1 वर्तमान में 395 मीटर है उसे बढ़ाकर लगभग 600 मीटर किया जायगा। फिलहाल प्लेट ढाला जा रहा है। लगे हाथ मिट्टी भरवा कर प्लेटफॉर्म ढलाई कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।

आगे प्रकाश कुमार(IOW) ने यह भी कहा कि प्लेटफार्म ऊंचा करने के साथ ही उसके शेड की लंबाई भी बढ़ाई जा रही है। प्लेटफार्म नंबर एक की वर्तमान लंबाई 175 मीटर को बढ़ाकर 250 मीटर किया जाएगा तब यात्रियों को ट्रेन में सवार होने में सुविधा होगी और काफी सहूलियत भी होगी।

चलते-चलते यह भी बता दें कि दौरम मधेपुरा स्टेशन के इन कार्यो को पूरा करने का कार्य भारतीय रेलवे ने  “आसीत इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड” को आवंटित किया गया है। 26 फरवरी से कार्य एजेंसी ने प्लेटफार्म न.- एक को ऊंचा करने का काम भी प्रारंभ कर दिया है। कार्य को होते देख स्टेशन के आस-पास के लोग एवं यात्रियों में प्रसन्नता की लहर दौड़ने लगी है।

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महाशिवरात्रि पर संपूर्ण शिवलोक ही जिले की धरती पर उतर आया

महाशिवरात्रि के अवसर पर मधेपुरा जिले का कण-कण शिवमय हो गया। हर-हर महादेव के गगनभेदी स्वरों से आकाश गूंजता रहा। पड़ोसी देश नेपाल के अलावा पूर्वांचल, सीमांचल और मिथिलांचल के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के लोग भी एक दिन पहले ऋष्यश्रृंग की देवनगरी सिंहेश्वरस्थान पहुंच गये थे तथा कांवर लिए और लोग पहुंच रहे थे।

District Judge Manmohan Lal Sharan, SP Sanjay Singh, Trust Member Dr.Bhupendra Madhepuri and others attending inaugural ceremony of Singheshwar Mela.
District & Session Judge Manmohan Lal Sharan, SP Sanjay Kumar, Trust Member Dr.Bhupendra Madhepuri and others attending inaugural ceremony of Singheshwar Mela.

बता दें कि सरकारी घोषणा के अनुसार एक महीना तक चलने वाला यह मेला चार चरणों में- उद्घाटन, शाम में भोलेनाथ का व्याह, 8 से 10 मार्च तक सिंहेश्वर महोत्सव और 11 से 15 मार्च तक रामलीला कार्यक्रम में बाँटकर जाना जा सकता है। सर्वप्रथम धन्यवाद गेट पर जवाहर नवोदय एवं किरण पब्लिक स्कूल सहित स्काउट एंड गाईड के छात्रों द्वारा बाजे-गाजे व झंडे के साथ बेहतरीन प्रस्तुति के बीच जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश मनमोहन लाल शरण ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर उद्घाटन किया तथा डीआरडीए मंच पर जिला जज ने दीप प्रज्जवलित करने के बाद कहा कि सौभाग्य है हमारा कि इस पावन धरती पर आने का अवसर मिला। उन्होंने सिंहेश्वर की जमकर तारीफ की।

यह भी बता दें कि इस उद्घाटन समारोह में जिले के जांवाज एसपी संजय सिंह, एडीएम उपेन्द्र कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, बीडीओ अजीत कुमार, सीओ के.के.सिंह, एसडीपीओ वशी अहमद, थानाध्यक्ष एसके गुप्ता , पीआरओ रजनीश कुमार , प्रमुख चंद्रकला देवी व डॉ.शांति यादव आदि की उपस्थिति बनी रही।

इस अवसर पर ट्रस्ट के सदस्य एवं समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने सर्वप्रथम आयोजन में उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए देवाधिदेव महादेव एवं श्रृंगी ऋषि के हजारों वर्ष पूर्व के इतिहास से उन्हें अवगत कराया। डॉ.मधेपुरी ने शिव को समन्वयकारी बताते हुए डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम और निवर्तमान डीएम मो.सोहैल की भी चर्चा की। उन्होंने ट्रस्ट कार्यालय में एक पुस्तकालय आरंभ करने की मांग करते हुए अध्यक्ष सह सचिव एसडीएम वृंदालाल  से कहा कि उसमें वेद-पुराण व अन्य समस्त गवेषनात्मक धार्मिक ग्रंथों के अतिरिक्त स्थानीय साहित्यकार-इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ सरीखे लेखक की सिंहेश्वर स्थान का संपूर्ण इतिहास एवं मंत्रद्रर्ष्टा ऋष्यश्रृंग….. आदि भी क्रय कर रखनी चाहिए। डॉ.मधेपुरी ने अंत में शौर्ययुक्त शहीदों को याद करते हुए वायुवीर अभिनंदन का अभिनंदन हर-हर महादेव के जयकारे के साथ सम्मिलित रूप से किया।

जहाँ जिले के एसपी संजय कुमार ने उपस्थित शिव भक्तों को 50 पुलिस पदाधिकारी तथा 200 पुलिस बल की तैनाती के साथ सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए यही कहा कि बाबा सिंहेश्वर नाथ अनादि काल से पूजनीय हैं एवं यहां के लोग सौभाग्यशाली हैं कि वे इस धरती के निवासी हैं वहीं एडीएम उपेंद्र कुमार झा ने स्थानीय श्रद्धालुओं से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात इसलिए कही कि बाहर से आये लोग उनकी तारीफ करें और उन्होंने सिंहेश्वर महोत्सव 8 से 10 मार्च तक होने की जानकारी भी दी। आरम्भ में जहाँ नवोदय की छात्राओं ने स्वागत गान एवं अंत में धन्यवाद ज्ञापन ट्रस्ट के सचिव वृंदालाल ने किया वहीं मंच संचालन जिला कब्बडी संघ के सचिव अरुण कुमार ने किया।

मंचीय उद्घाटन के बाद डीजे, एसपी, एडीएम एवं डॉ.मधेपुरी आदि द्वारा दर्जनों स्टॉल का उद्घाटन फीता काटकर किया गया जिसमें स्काउट एंड गाईड के आयुक्त जय कृष्ण यादव की आपात कालीन प्रदर्शनी, कृषि प्रदर्शनी, उद्योग विभाग, नारियल विकास वोर्ड, रेडक्रास, प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय…… आदि प्रमुख हैं।

Singheshwar Mandir Trust Chairman - Secretary SDM Vrindalal, Trust Member Dr.Bhupendra Madhepuri and others attending Bararat of Lord Shiva on the occasion of Mahashivratri.
Singheshwar Mandir Trust Chairman – Secretary SDM Vrindalal, Trust Member Dr.Bhupendra Madhepuri and others attending Bararat of Lord Shiva on the occasion of Mahashivratri.

शाम 4:00 बजे से 8:00 बजे तक दुल्हा भोलेनाथ के रथ पर सजधज कर लोकनिया- सचिव वृंदालाल, सीओ के.के.सिंह, ट्रस्ट के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी , उपेन्द्र रजक, मनोज कुमार दास, सरोज सिंह एवं स्थानीय सदस्य अधिकारी-पदाधिकारी हजारों-हजार बारातीगण के साथ बाजे-गाजे बजाते हुए गौरीपुर पहुंचे। गौरीपुर के लोग अपने-अपने घरों पर दिवाली की तरह दीप जलाये और भोलेनाथ के दर्शन हेतु महिलाएं थाली में पान-अक्षत व दीप-अगरबत्ती जलाये हर दरवाजे पर खड़ी देखी गई। भोलेनाथ को गौरी के पास चार दिनों के लिए छोड़कर सभी बाराती मंदिर लौट आये।

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बीएनएमयू में पहली बार मनेगा भारतीय दार्शनिक दिवस

भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत संचालित भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद द्वारा बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर दर्शन शास्त्र विभाग का चयन किया गया है। विश्वविद्यालय को 20 हज़ार का अनुदान दिया गया है ताकि भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा आगामी 9 मई 2019 को शंकराचार्य जयंती के अवसर पर….. पहली बार मनायेगा भव्य भारतीय दार्शनिक दिवस। देश के 28 संस्थानों में बिहार से एक मात्र बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के पीजी दर्शन शास्त्र विभाग का चयन हुआ है।

बता दें कि जहाँ उक्त जानकारी दर्शनशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सह विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ.सुधांशु शेखर ने दी वहीं आप यह भी जान लें कि जब से वर्तमान कुलपति प्रो.(डॉ.) ए.के.राय एवं प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली यहाँ आये हैं तब से प्रायः हर चीज पहली बार होने लगा है- रजत जयंती 2 वर्ष बाद ही सही लेकिन पहली बार फरवरी 2019 से फरवरी 2020 तक मनाने का निर्णय लिया गया……. 85 कारसेवकों की स्थाई नियुक्ति पहली बार……. छात्र संगठन का शांतिपूर्ण चुनाव पहली बार…… खुले आसमान के नीचे दीक्षांत समारोह का आयोजन पहली बार…… राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का नॉर्थ कैंपस में आयोजन पहली बार….. और आगामी 9 मई को मनाया जाएगा भारतीय दार्शनिक दिवस पहली बार…. आदि-आदि। पहली बार होने के लिए केवल रह गया है- वर्गों में भारी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं को मशगुल होकर पढ़ाते हुए शिक्षकों का दर्शन होना, जिसके लिए वीसी और प्रोवीसी की पूरी टीम नये-नये उपायों की तलाश में लगे हैं…… आगे कदम बढ़ा चुके हैं।

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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर बीएनएमयू में आयोजित की गई परिचर्चा

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर बीएन मंडल विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस के साइंस कांफ्रेंस हॉल में “विज्ञान समाज के लिए और समाज विज्ञान के लिए” विषयक परिचर्चा का आयोजन फैकल्टी ऑफ साइंस द्वारा किया गया |

इस अवसर पर कुलपति प्रो.(डॉ.) अवध किशोर राय, प्रतिकुलपति प्रो.(डॉ.) फारूक अली, समाजसेवी साहित्यकार एवं विज्ञान के मशहूर प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी सहित डीएसडब्ल्यू प्रो.(डॉ.) शिवमुनि यादव, बीएन मुस्टा के महासचिव सीनेटर प्रो.(डॉ.) नरेश कुमार एवं जूलॉजी पीजी हेड प्रो.(डॉ.) अरुण कुमार ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया |

Former University Professor of Physics Dr.Bhupendra Madhepuri addressing on National Science Day Seminar at North Campus BNMU Madhepura.
Former University Professor of Physics Dr.Bhupendra Madhepuri addressing on National Science Day Seminar at North Campus BNMU Madhepura.

बता दें कि परिचर्चा का उद्घाटन करते हुए कुलपति डॉ.ए.के.राय ने कहा कि जहां मानव विज्ञान के माध्यम से अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है वहीं विज्ञान समाज को एक नई रोशनी के साथ-साथ एक नई दिशा भी दे रहा है | कुलपति ने यह भी कहा कि विज्ञान के बिना मानव सभ्यता का विकास नहीं हो सकता…. इसलिए हमें विज्ञान के दुरुपयोग से हमेशा बचना होगा |

विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली ने कहा कि विज्ञान को मानवीय चेहरा दिये बिना दुनिया को सुरक्षित रख पाना संभव नहीं | उन्होंने समाज में सकारात्मक सोच विकसित किये जाने पर बल दिया |

विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे समाज की आवश्यकताएं बढ़ती गई हमने नए-नए आविष्कार किए…. एक समय था कि दूरभाष द्वारा यहां से पटना बात करने में दिनभर लग जाता था और चन्द वर्षों के अंदर ही सबके हाथों में एक-एक मोबाइल है……. जिसे चलभाष भी कहते हैं |

जहाँ डीएसडब्ल्यू व डीन डॉ.शिवमुनि यादव ने कहा कि भारतीय ऋषि-मुनि महान वैज्ञानिक थे तभी तो वे प्रकृति और पर्यावरण के बीच सामंजस्य बनाये चलते थे…… वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भौतिकी के विभागाध्यक्ष डॉ.निखिल प्रसाद झा ने गीता-रामायण को संदर्भित करते हुए विज्ञान को प्राचीन काल से ही समाज की सेवा में क्रियाशील बताया |

जहाँ राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर डॉ.नरेश कुमार, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, प्रो.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.सुधीर शेखर, डॉ.डीपी सिंह आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किया वहीं प्रथम सेमेस्टर की छात्रा नेहा ने बखूबी मंच संचालन किया और मौके पर डॉ.कामेश्वर कुमार, विभागाध्यक्ष रसायन, डॉ.अबुल फजल (खेल पदाधिकारी), डॉ.सीताराम शर्मा, डॉ.मोहित कुमार घोष, डॉ.कैलाश प्रसाद यादव, डॉ.गणेश प्रसाद, डॉ.एम आई रहमान आदि उपस्थित थे | धन्यवाद ज्ञापन रसायनशास्त्र के प्रोफेसर डॉ.नरेश कुमार ने किया |

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मंडल विश्वविद्यालय में “उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य और चुनौतियाँ” पर राष्ट्रीय सेमिनार

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में पूरे साल भर चलने वाले ‘रजत जयंती समारोह’ के प्रथम चरण में “उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य और चुनौतियाँ” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया | इस राष्ट्रीय सेमिनार की अध्यक्षता एवं उद्घाटन किया कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने | इस अवसर पर मुख्य अतिथि रहे इसी विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति, साहित्यकार व पूर्व सांसद डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में तिलकामांझी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति डॉ.के.के.मंडल एवं समाजसेवी-साहित्यकार व इसी विश्वविद्यालय के विभिन्न पदों पर कार्यरत रह चुके डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी |

बता दें कि विषय प्रवेश करते हुए प्रति कुलपति डॉ.फारूक अली ने कहा कि कभी हम विश्व गुरु थे आज क्यों पीछे हो गए हैं….. कमजोर बुनियाद पर बुलंद इमारत नहीं खड़ी की जा सकती | उन्होंने कहा कि शिक्षा को मानव संसाधन बनाने से नुकसान हुआ है |

Dr.A.K.Ray (Vice-Chancellor), Dr.R.K.Yadav Ravi (Founder Vice-Chancellor & Former MP), Pro-VC Dr.Farookh Ali, Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Dr.K.K.Mandal (Ex-Pro.VC) and BN Musta Secretary & Senator Dr.Naresh Kumar releasing Smarika on the occasion of National Seminar at BNMU Madhepura.
Dr.A.K.Ray (Vice-Chancellor), Dr.R.K.Yadav Ravi (Founder Vice-Chancellor & Former MP), Pro-VC Dr.Farookh Ali, Samajsevi Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Dr.K.K.Mandal (Ex-Pro.VC) and BN Musta Secretary & Senator Dr.Naresh Kumar releasing Smarika on the occasion of National Seminar at BNMU Madhepura.

आगे विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि जब पूरी दुनिया के देशों ने विद्यालय की भी कल्पना नहीं की थी तब हमारे यहाँ तीन-तीन विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय हुआ करता था- तक्षशिला, विक्रमशिला और नालंदा विश्वविद्यालय | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि सबसे ताकतवर हथियार है- शिक्षा , इल्म और हुनर….. जिससे आप दुनिया बदल सकते हैं | किसी भी देश की समृद्धि का स्तर उसकी शिक्षा के स्तर से आंका जाता है | हमारी सरकार ने शिक्षा मंत्रालय से शिक्षा को ही हटा दिया है जबकि ब्रिटेन में आजतक “Education & Skill Development” मंत्रालय बरकरार है | डॉ.के.के.मंडल ने कहा कि वैश्वीकरण के युग में रोजगार परक शिक्षा का बोलबाला है | गाँधी को उद्धृत करते हुए डॉ.मंडल ने कहा कि यदि चरित्र नहीं तो ज्ञान व्यर्थ है |

Dr.Bhupendra Madhepuri is being honoured at National Seminar, BNMU.
Former Controller of Exam Dr.Bhupendra Madhepuri is being honoured at National Seminar, BNMU.

मुख्य अतिथि के रूप में संस्थापक कुलपति डॉ.आर.के.यादव रवि ने कहा कि वर्तमान कुलपति के कार्याकाल में हमारा वर्तमान अतीत से बेहतर है | हम उज्जवल भविष्य के प्रति आशान्वित हैं | डॉ.रवि ने कहा कि यह विश्वविद्यालय जिस महामना के नाम पर है उनके व्यक्तित्व, कृतित्व एवं चरित्र के अनुरूप बने यही हमारी कामना है, शुभकामना है |

अंत में अपने विस्तृत अध्यक्षीय भाषण में कुलपति डॉ.ए.के.राय ने कहा कि फरवरी 2019 से फरवरी 2020 तक रजत जयंती कार्यक्रम विभिन्न महाविद्यालयों एवं स्नातकोत्तर विभागों में आयोजित किये जाएंगे | प्रत्येक तीन माह पर विशेष आयोजन होगा और अंत में अधिकारी, शिक्षक-कर्मचारी एवं छात्र-अभिभावक सभी मिलकर भव्य समापन समारोह में सम्मिलित होंगे | इस बीच हम सभी विश्वविद्यालय को माँ मानकर इसकी जबरदस्त सेवा करेंगे और अपने-अपने हिस्से का सर्वोत्तम योगदान देंगे |

उद्घाटन सत्र के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित किया गया…… स्मारिका का विमोचन किया गया और साथ ही आर.जे.एम. महिला कालेज की टीम द्वारा प्राचार्या डॉ.रेणु सिंह रचित कुलगीत की प्रस्तुति एवं कुलपति द्वारा प्राचार्या को विशेष रूप से सम्मानित किया गया | साथ ही रजत जयंती आयोजन समिति के संयोजक, बी.एन. मुस्टा के महासचिव व सीनेटर प्रो.(डॉ.) नरेश कुमार, मंच संचालक डॉ.अबुल फज़ल (खेल पदाधिकारी) ने किया | धन्यवाद ज्ञापन किया डीएसडब्ल्यू व डीन डॉ.शिव मुनि यादव | इस राष्ट्रीय सेमिनार में सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, छात्र व विमर्श सत्र के प्रतिभागियों के अतिरिक्त भारी संख्या में शहर के गणमान्यों एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति अंत तक बनी रही |

चलते-चलते यह भी बता दें कि विमर्श सत्र में दर्जनों शोधपत्र प्रस्तुत किये गये जिसकी अध्यक्षता बी.एन.एम.वी. के पूर्व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव ने की | इस सत्र में डॉ.एम.आई.रहमान, डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप, डॉ.आलोक कुमार आदि ने जहाँ अपने विचार व्यक्त किये वहीं रिपोर्टर की भूमिका में पी.आर.ओ. डॉ.सुधांशु शेखर निभाई |

Honorable Vice-Chancellor Prof(Dr.) A.K.Roy encouraging the artists of Srijan Darpan in presence of BN Musta Secretary, Senator & Convenor Prof. (Dr.) Naresh Kumar, Pro. - VC Dr.Farooque Ali, DSW Dr.Sheomuni Yadav & others.
Honorable Vice-Chancellor Prof(Dr.) A.K.Roy encouraging the artists of Srijan Darpan in presence of BN Musta Secretary, Senator & Convenor Prof. (Dr.) Naresh Kumar, Pro. – VC Dr.Farooque Ali, DSW Dr.Sheomuni Yadav & others.

अंतिम सत्र यानि सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुर, ताल व लय की त्रिवेणी बहती रही | चोटी के कलाकारों रोशन-राजीव, आगा-तनुजा और चन्दा ने दी बेहतरीन प्रस्तुति | सृजन दर्पण द्वारा लोकनृत्य जट-जटिन की प्रस्तुति पर झूमते रहे दर्शक और कलाकार बटोरते रहे तालियों की गड़गड़ाहट | सृजन दर्पण के निदेशक विकास कुमार सहित अन्य कलाकारों को संयोजक डॉ.नरेश कुमार व डीन डॉ.शिव मुनि यादव की उपस्थिति में कुलपति व प्रतिकुलपति के द्वारा सम्मानित किया गया |

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मधेपुरा रविदास एकता मंच ने मनाई रविदास की 642वीं जयन्ती

जिला मुख्यालय मधेपुरा के वार्ड नं-13 स्थित जगजीवन आश्रम के संस्थापक व समाजसेवी स्मृतिशेष जनकराम के आवासीय परिसर में आयोजित संत शिरोमणि रविदास की 642वीं जयंती डॉ.धर्मेंद्र कुमार राम की अध्यक्षता में धूमधाम से मनाई गई। संत रविदास की जयंती में जिले के कोने-कोने से आए भक्तों ने भाग लिये।

बता दें कि जिला मुख्यालय के प्रखर समाजसेवी-साहित्यकार व विद्वान वक्ता प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने सारगर्भित संबोधन के दरमियान दूर-दूर से आये सभी प्रखंडों के सुधी श्रोताओं को देर तक बांधे रखा। आरंभ में कुछ वक्ताओं द्वारा मधेपुरा में संत रविदास को मंदिर में स्थापित किये जाने के सुझाव/प्रस्ताव पर डॉ.मधेपुरी ने डॉ.लोहिया को संदर्भित करते हुए कहा कि भारत के इतिहासकारों – साहित्यकारों ने संत कबीर एवं संत रविदास सरीखे पुरुषार्थियों को अनुकरणीय की जगह पूजनीय बनाकर समाज को भारी क्षति पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि रविदास को बनारस से मधेपुरा आने में 6 सौ वर्ष लग गए। डॉ.मधेपुरी ने रविदास एकता मंच के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष से यही कहा कि आने वाली पीढ़ी को जगाये रखने के लिए मधेपुरा के किसी चौक-चौराहे पर रविदास की प्रतिमा लगे तो वे भी सहयोग देंगे…. मंदिर में स्थापित करने के लिए नहीं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष कमलदास ने कहा कि रविदास ने मानवतावादी नारा देकर देश को विखंडित होने से बचाया। अध्यक्षीय भाषण में डॉ.धर्मेंद्र कुमार राम ने कहा कि संत रविदास उन महान संतों में अग्रणी थे जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मौके पर मुख्य जनों- सरयू राम , युगेश्वर राम , अशोक राम, गोपाल यादव, संजय यादव, विजय कुमार विमल, जनार्दन यादव, विशाल कुमार, संतोष राम, शिवकुमार राम, सुरेंद्र राम, दिनेश ऋषिदेव आदि ने विचार रखे और श्रद्धांजलि अर्पित किया। सुधीश्रोता के रूप में प्रमुख थे- उत्तम यादव, मो. जुम्मन , पूजन राम , ललन राम, किशोर राम , नवीन कुमार राम आदि। मंच संचालन किया हरिश्चन्द्र राम ने।

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बिहार महागठबंधन में सीटों को लेकर घमासान

बिहार में कांग्रेस-आरजेडी के बीच सीट बंटवारा अभी अधर में ही है और इस बीच महागठबंधन के छोटे दल भी अपने तेवर कड़े कर रहे हैं। इससे सीट शेयरिंग के फॉर्मूले को लेकर दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। बिहार के महागठबंधन में आरजेडी और कांग्रेस के अलावा रालोसपा, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी), हम और लेफ्ट खेमा शामिल है। अब सभी की नजरें आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बीच हुई हालिया बातचीत के नतीजों पर टिकी हुई हैं।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी कथित तौर पर अपनी पार्टी के लिए पूर्व केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा की अगुआई वाली रालोसपा के बराबर सीटों की मांग कर रहे हैं। उधर लेफ्ट खेमा भी सीट शेयरिंग फॉर्मूले को लेकर सौदेबाजी कर रहा है। सीपीआई कम से कम तीन सीटें मांग रही है, जबकि सीपीआई (एम) की नजरें उजियारपुर सीट पर हैं। इस सीट से फिलहाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय सांसद हैं।

भाजपा के पूर्व सांसद कीर्ति आजाद के कांग्रेस में शामिल होने के बाद दरभंगा सीट को लेकर भी महागठबंधन सहयोगियों के बीच विवाद बढ़ गया है। आजाद पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर दरभंगा सीट से जीते थे और इस बार भी कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर उसी सीट से लड़ना चाहते हैं। लेकिन अब दिक्कत यह है कि वीआईपी नेता मुकेश सहनी भी दरभंगा सीट ही चाहते हैं। वीआईपी को आरजेडी महागठबंधन में इसी सीट का भरोसा देकर लाई थी।

उधर मधेपुरा के सांसद व जाप नेता पप्पू यादव भी कथित तौर पर महागठबंधन का हिस्सा बनने वाले हैं। हालांकि, कांग्रेस ने अभी पप्पू यादव की एंट्री के बारे में कोई फैसला नहीं लिया है। आरजेडी के एक नेता ने बताया, ‘हमारी पार्टी पप्पू को महागठबंधन में शामिल नहीं करना चाहती। इसलिए कांग्रेस के लिए यह फैसला लेना मुश्किल होगा।‘ गौरतलब है कि पप्पू यादव ने 2014 लोकसभा चुनाव में शरद यादव को हराया था। शरद यादव जेडीयू से निकलने के बाद अपनी पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) बना चुके हैं और वह फिर से मधेपुरा से लड़ सकते हैं। हालांकि पेंच यहां भी फंसा हुआ है, सूत्रों की मानें तो आरजेडी इस बात पर अड़ी हुई है कि शरद उसके सिंबल पर लड़ें। अपने कद से समझौता कर शरद ये शर्त मानते हैं कि नहीं, ये देखने की बात होगी।

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बीएनएमयू सिल्वर जुबली समारोह के तहत राष्ट्रीय सेमिनार की तैयारी हुई तेज

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय द्वारा अपनी एक वर्षीय रजत जयंती मनाने के क्रम में 26 फरवरी को “उच्च शिक्षा का बदलता परिदृश्य एवं चुनौतियाँ” विषय पर होने वाले राष्ट्रीय सेमिनार की तैयारी तेज कर दी गयी है। कुलपति प्रो.(डॉ.)अवध किशोर राय की अध्यक्षता में शनिवार को संपन्न हुई बैठक में राष्ट्रीय सेमिनार की कार्य योजना तैयार की गई।

बता दें कि बैठक में सर्वसम्मति से लिए गये निर्णयानुसार राष्ट्रीय सेमिनार की अध्यक्षता एवं उद्घाटन कुलपति प्रो.(डॉ.) अवध किशोर राय करेंगे और विषय प्रवर्तन प्रतिकुलपति प्रो.(डॉ.) फारुख अली करेंगे।

इस राष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन सत्र के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति प्रो.(डॉ.)रमेन्द्र कुमार यादव रवि तथा इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि द्वय होंगे पूर्व प्रति कुलपति प्रो.(डॉ.) के.के.मंडल एवं कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सचिव एवं समाजसेवी साहित्यकार प्रो. (डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी।

यह भी बता दें कि कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र के अलावा विमर्श सत्र का भी आयोजन किया गया है जिसमें उच्च शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विशेष रूप से चर्चाएं होंगी। अंत में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

चलते-चलते यह भी बता दे कि माननीय कुलपति डॉ.राय ने एक फरवरी 2019 से एक फरवरी 2020 तक रजत जयंती समारोह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन की घोषणा की है। यह राष्ट्रीय सेमिनार इसकी पहली कड़ी है।

इस रजत जयंती समारोह के संयोजक बीएन मुस्टा के महासचिव एवं सीनेटर प्रो.(डॉ.) नरेश कुमार ने बताया कि सेमिनार के अवसर पर एक स्मारिका भी प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए कुलाधिपति, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री , ऊर्जा मंत्री आदि गणमान्यों से संदेश प्राप्ति हेतु अनुरोध किया गया है।

बैठक में कार्यक्रम संयोजक डॉ.नरेश कुमार, कुलानुशासक डॉ.अशोक कुमार यादव, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ.कपिल देव प्रसाद, विकास पदाधिकारी डॉ.ललन प्रसाद अद्री, डॉ.रीता सिंह (HOD Home Sc.) डॉ.अबुल फजल, डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, डॉ.एस के मिश्र सहित पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर व पृथ्वीराज यदुवंशी (उद्घोषक) आदि की उपस्थिति देखी गई।

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कोसी के डॉ.अभिजीत झा इटली में सम्मानित होने वाले बिहार के प्रथम चिकित्सक

इटली के राइजिंग स्टार अवॉर्ड पाने वाले सहरसा निवासी व पीएमसीएच के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ.अभिजीत कुमार झा बिहार के प्रथम चिकित्सक होंगे। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.अभिजीत ने डर्मोस्कोपी का प्रयोग आरंभ किया और इस विषय पर अबतक उनका लगभग 100 से अधिक आलेख दुनिया के अंतरराष्ट्रीय स्तर के विभिन्न मैगजीनों में प्रकाशित हो चुका है।

बता दें कि दुनिया के सर्वाधिक चर्चित मैगजीन “जर्नल ऑफ अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी” में भी डॉ.झा के कई आलेख प्रकाशित हो चुके हैं। फिलहाल वर्ल्ड कांग्रेस के लिए भेजे गये इनके सभी 5 शोध-पत्रों को ना केवल स्वीकृत किया गया बल्कि इन पांचो शोध-पत्रों को सर्वाधिक जनउपयोगी करार देते हुए डॉ.अभिजीत झा को इस कार्यक्रम में डब्लू सी डी राइजिंग अवार्ड से सम्मानित भी करने का निर्णय लिया गया। आयोजन समिति की ओर से डॉ.अभिजीत को अवार्ड प्राप्त करने हेतु विधिवत सूचना प्राप्त हो चुका है। वे 15 जून 2019 को एपेथिक कास्मेटिक डर्मेटोलॉजी- 2 पर संसार के जाने-माने चिकित्सकों के बीच सम्मानित किये जाएंगे।

चलते-चलते बता दें कि डर्मोस्कोपी के क्षेत्र में डॉ.अभिजीत की ऊंचाई उन बातों से आंकी जा सकती है कि वे 2021 तक के लिए इंटरनेशनल डर्मोस्कोपी सोसायटी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर चुन लिए गए हैं। जिसमें संसार के 168 देशों के 14187 सदस्य हैं। इस सोसाइटी के बोर्ड आफ डायरेक्टर बनने वाले डॉ.अभिजीत अपने देश के पहले चिकित्सक हैं। डॉ.अभिजीत 2018 के 16 जून को ग्रीस में आयोजित वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ़ डर्मोस्कोपी के दरमियान भी अवार्ड प्राप्त किए थे। गत वर्ष भी तो सहरसा कोर्ट के वरीय अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार झा अनिश व नंदा झा के सुपुत्र अभिजीत ने पीजीआई चंडीगढ़ में देश के जाने-माने चिकित्सकों के बीच डर्मोस्कोपी यंत्र के प्रयोग पर अपने व्याख्यान दिया था। डॉ.अभिजीत 2015 में कनाडा और 2017 में अमेरिका के फ्लोरिडा आदि कई देशों में अवार्ड प्राप्त कर अपने उत्कृष्ट शोध के जरिये प्रदेश एवं देश को सदैव गौरवान्वित करते रहेंगे।

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