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मधेपुरा जिला युवा उत्सव-2018 का शानदार दो दिवसीय आगाज

मधेपुरा जिला मुख्यालय के भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में जिला प्रशासन द्वारा दो दिवसीय (29 एवं 30 दिसंबर) युवा उत्सव का शानदार आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन जिला के आलाधिकारियों एवं समाजसेवियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। हाल ही में सजाये गये सर्वोत्कृष्ट कला भवन के शानदार मंच पर एडीएम श्री उपेंद्र कुमार, एसडीएम श्री वृंदालाल, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, मोहम्मद शौकत अली आदि ने संयुक्त रूप से युवा-उत्सव-2018 का शुभारंभ किया तथा संगीत शिक्षिका शशि प्रभा जयसवाल ने मंच संचालन करते हुए अतिथियों का स्वागत किया।

बता दें कि जिले के सभी प्रखंडों से आये दो दर्जन प्रतिभागियों के लिए प्रथम दिन शास्त्रीय गायन-वादन व शास्त्रीय नृत्य के अतिरिक्त विभिन्न समसामयिक विषयों दूसरे दिन चित्रकला , हस्तकला , मूर्तिकला एवं फोटोग्राफी आदि विधाओं में सौ-सवा-सौ के लगभग प्रतिभागियों का रजिस्ट्रेशन जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार की टीम द्वारा किया गया है जिसमें से प्रत्येक विधा में प्रथम आने वाले प्रतिभागी को राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु भेजा जाएगा।

इस अवसर पर एडीएम उपेंद्र कुमार एवं एसडीएम वृंदालाल ने उपस्थित श्रोताओं एवं जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये हुए प्रतिभागियों को उत्साहित व प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप अपने सुंदर प्रदर्शन के द्वारा विगत वर्षो की भांति इस वर्ष भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लें और पुरस्कार जीतकर अपने जिला को गौरवान्वित करें।

समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में यही कहा कि युवा ही तो देश की जान हैं, शान हैं और स्वाभिमान हैं। देश की एकता बनाये रखने की जवाबदेही भी तो युवाओं के कंधों पर ही है। उन्होंने यह भी कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है तो संस्कृति समाज की धड़कन है। ये दोनों समाज को स्वस्थ रखता है परंतु इसमें उपस्थिति कम रहा करती है।

डॉ.मधेपुरी ने दर्शनीय साउंडप्रूफ एवं अत्याधुनिक साजो से संवारें गये भूपेन्द्र कला भवन हेतु जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (IAS) सहित एनडीसी-सह जन संपर्क पदाधिकारी रजनीश कुमार राय की पूरी टीम को मंच से साधुवाद दिया और साथ ही सराहना भी की।

इस आयोजन के सफल संचालन के लिए साधुवाद के पात्र हैं- जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार, स्काउट एंड गाइड के आयुक्त जय कृष्ण प्रसाद यादव, निर्णायक मंडल के सदस्य श्रीमती रेखा यादव, अरुण कुमार बच्चन , डॉ.रवि रंजन, गांधी मिस्त्री , अविनाश कुमार आदि। कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर डॉ.मधेपुरी  के अतिरिक्त सदस्य द्वय मो.शौकत अली एवं प्रो.प्रदीप कुमार झा सहित नाजिर अनिल कुमार एवं स्थापना के ओएस विजय कुमार झा की टीम अंत तक अपनी उपस्थिति बनाये रखे……।

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कोसी-बागमती संगम पर पुनर्स्थापित बी.पी.मंडल सेतु का उद्घाटन किया नीतीश ने

विकास पुरुष कहलाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा कोसी-बागमती के संगम के संगम पर पुनर्स्थापित बीपी मंडल सेतु (डुमरी पुल) के उद्घाटन करने के बाद महती जनसभा को संबोधित करते हुए यही कहा गया कि सेतु के शुरू हो जाने से खगड़िया सहित कोसी व आस-पास के जिलों के लोगों की परेशानी दूर हो गई है। उद्घाटन के साथ ही डुमरी के बी.पी.मंडल सेतु पर वाहनों का परिचालन शुरू हो गया।

सीएम ने लोगों से यह भी कहा कि सहायक सड़कों व सेतुओं के निर्माण के साथ ही हम शीघ्र ही सूबे के किसी भी कोने से 5 घंटे के अंदर राजधानी पहुंचने का लक्ष्य हासिल कर लेंगे। तब सूबे के लोगों को यात्रा में और अधिक सहूलियत होगी।

नीतीश कुमार ने विकास की विस्तृत चर्चा करते हुए यही कहा कि बदलाघाट से सहरसा की दूरी मात्र 15 किलोमीटर रहने के बावजूद 4 नदियों (बागमती, कात्यायनी, कमला, कोसी) के कारण लोगों को 75 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ये चारों उच्चस्तरीय पुल 13 करोड़ 96 लाख की लागत से बन जाने के बाद सहरसा, सुपौल, मधेपुरा की दूरी बहुत घट जायेगी।

यह भी बता दें कि जल्द ही 1380 करोड़ 61 लाख की लागत से एनएच-107 का चौड़ीकरण होगा जिसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य अंतिम चरण में है। उसकी लंबाई भी बढ़ाकर 180 किलोमीटर की जाएगी जिसके लिए टेंडर की सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। इसके अलावे चौड़ीकरण कार्य पूर्ण होते ही बीपी मंडल सेतु के समानांतर और पुल निर्माण कराने की चर्चा ही नहीं बल्कि अनुशंसा भी की गई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एक नया स्टेट हाईवे- 95 (मानसी से हरदी चौघारा तक) का निर्माण शुरू किया जाएगा जिसके लिए डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि यह टू लेन हाईवे बनेगा जिससे खगड़िया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा आदि जिलों को सर्वाधिक लाभ मिलेगा।

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मधेपुरा समाहरणालय में अटल जी की 94वीं राजकीय जयंती मनी

भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी की राजकीय जयंती 25 दिसंबर को मधेपुरा समाहरणालय के सभाकक्ष में जिले के आलाधिकारियों समाहरणालय कर्मियों एवं समाजसेवियों द्वारा सादे समारोह के रूप में मनायी गई। एसपी संजय सिंह, डीडीसी मुकेश कुमार, डीटीओ अब्दुल रज्जाक, एनडीसी रजनीश राय, डीसीएलआर गोपाल कुमार, वरीय उपसमाहर्ता मो.अल्लामा मुख्तार, सामाजिक सुरक्षा व खेल पदाधिकारी मुकेश कुमार आदि सहित समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, मो.शौकत अली, स्काउट एंड गाइड आयुक्त जय कृष्ण प्रसाद यादव भी मौजूद दिखे। सबों ने बारी-बारी से अटल जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया व पुष्पांजलि की। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

बता दें कि इस समारोह को मात्र एक साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी की स्वस्थ भूमिका को प्रत्येक भारतीय सदैव याद रखेगा। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि भारतीय राजनीति में अटल जी ही एक ऐसे प्रधानमंत्री हुए जिन्हें उनके मित्र और विरोधी दोनों समान रूप से याद करते हैं।

अपने विस्तृत संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि अटल जी ने गांधीयन मिसाइल मैन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोगी वैज्ञानिकों द्वारा सुरक्षा की ऊंची दीवार खड़ा कर पोखरण परमाणु परीक्षण करके भारत को परमाणु महाशक्ति की श्रेणी में खड़ा कर दिया- जिसके लिए वे भारतीय स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर सदैव याद किए जाएंगे।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि अटल-काल में जहाँ एक ओर भारतीय जनमानस भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी एवं भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के इस महास्वप्न “ऑपरेशन शक्ति-98” की सफलता पर नाचता है , गाता है तथा आनंद विभोर हो जाता है वहीं दूसरी ओर विश्व के परमाणु संपन्न देशों अमेरिका, इंग्लैंड, रूस, फ्रांस और चीन के चेहरे पर उदासी छा जाती है। संबोधन के अंत में- अटल बिहारी वाजपेयी जैसे साहसी प्रधानमंत्री एवं गांधीयन मिसाइल मैन जैसे वैज्ञानिक डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम को जिला प्रशासन मधेपुरा की ओर से डॉ.मधेपुरी ने सलाम किया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अटल जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, साथ ही पटना में अटल जी की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा भी की है।

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मधेपुरा के तेरहों प्रखंड में खुलेंगे 26 कृषि पाठशाला

अब जिले के प्रत्येक प्रखंड में दो-दो पाठशालाओं को संचालन आत्मा की ओर से किया जाएगा | प्रत्येक पाठशाला में किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा | यह प्रशिक्षण तीन महीनों का होगा जिसमें छः सत्र होंगे |

बता दें कि पाठशाला स्थापित करने को लेकर जिले भर में जगहों को चयनित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है | पाठशाला के संचालन को लेकर विभागीय स्तर पर सभी तैयारी पूरी कर ली गई है | जनवरी माह से पाठशाला गठन की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी जिसके लिए विभागीय स्तर पर दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है |

यह भी जानिए की पाठशाला गठन को लेकर संभावित पंचायतों के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है | प्रत्येक पाठशाला में 25 किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण | प्रत्येक किसान को 3 महीने के दौरान 6 सत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा |

यह भी बता दें कि पाठशाला में संचालन का जिम्मा कृषि विभाग के कृषि समन्वयक व सहायक तकनीकी प्रबंधन पर होगा | इसके अतिरिक्त आत्मा के परियोजना निदेशक राजन बालन ने मधेपुरा अबतक को बताया कि किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ अन्य फसलों की खेती के लिए भी प्रेरित किया जाएगा | उन्होंने कहा कि खासकर मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यरूप से किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा एवं प्रशिक्षित भी |

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बीएनएमयू का दूसरा भव्य दीक्षांत समारोह हुआ सम्पन्न

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के दूसरे दीक्षांत समारोह में भाग लेने बिहार के महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति लालजी टंडन 12:30 बजे दिन में संत अवध कीर्ति खेल मैदान में हेलीकॉप्टर से उतरे। महामहिम का स्वागत कुलपति, प्रतिकुलपति, जिलाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक आदि ने किया। समारोह स्थल के करीब महामहिम को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

बता दें कि महामहिम 1:00 बजे मंचासीन हो गये और उनकी अध्यक्षता में सर्वप्रथम समाजवादी मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल की तस्वीर पर कुलाधिपति लालजी टंडन, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, कुलपति डॉ.ए.के.राय, प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार आदि ने माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया और तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलित किया गया। राष्ट्रीय गान, कुलगीत एवं सरस्वती वंदना से वातावरण संगीत में हो गया।

कार्यक्रम का आरंभ कुलपति डॉ.राय ने की और अपने विस्तृत संबोधन में उन्होंने यही कहा कि विश्वविद्यालय को ऊंचाई देने का सपना मेरे अंदर तूफान मचा रखा है। उन्होंने विश्वविद्यालय को ऊँचाई प्रदान करने हेतु शिक्षक, छात्र, अभिभावक एवं समाजसेवियों से सहयोग करने की मांग की। उनके क्रियाकलापों से कुलाधिपति पूरी तरह से संतुष्ट दिखे।

कुलाधिपति लालजी टंडन ने कहा कि उन्होंने सारे कुलपतियों के साथ एक बैठक कर जो निर्णय लिया है उन्हें अच्छी तरह सबों के द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है। मंडल विश्वविद्यालय के कार्य तो सर्वाधिक संतोषप्रद हैं जैसा रिपोर्ट दर्शाता है। अपने दीक्षांत समारोह भाषण में चर्चा करते हुए कुलाधिपति ने भूपेन्द्र बाबू सहित ऋष्य श्रृंग,भोलेनाथ, मंडन-भारती…… आदि का स्मरण करते एवं आशीष लेते हुए उपस्थित प्रतिभागियों से यही कहा कि मन केवल शिक्षा से ही नहीं बल्कि दीक्षा से होता है नियंत्रित। शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु निर्धन किन्तु प्रतिभावान छात्रों के लिए नीतीश सरकार की नीतियों की विस्तृत चर्चा की। कुलाधिपति के हाथों दोनों सत्रों के लगभग 40 छात्रों को गोल्ड मेडल एवं शिक्षा मंत्री द्वारा 89 छात्रों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।

अंत में प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। प्रतिकुलपति ने कोसी प्रमंडल सहित जिले के आलाधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों एवं अभिभावकों के साथ-साथ मीडिया के लोगों की जमकर सराहना की। कुलाधिपति द्वारा समापन की घोषणा के बाद राष्ट्रीय गान के साथ दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम-समापन की घोषणा कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार ने की।

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बीएनएमयू के दीक्षांत समारोह में महामहिम कुलाधिपति लालजी टंडन का होगा विराट अभिनंदन

बीएन मंडल विश्वविद्यालय के सर्वाधिक महत्वपूर्ण आयोजन “दीक्षांत समारोह” को सफल बनाने हेतु कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली, कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार सहित वित्त परामर्शी सुरेश चंद्र दास की पूरी टीम ने एक सप्ताह से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कुलपति डॉ.राय ने 23 दिसंबर के दीक्षांत समारोह को सफल बनाने हेतु जहाँ एक ओर विश्वविद्यालय पदाधिकारियों के सहयोग की अपील की वहीं दूसरी ओर सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन कर मंडल विश्वविद्यालय के नाम को रोशन करने का अनुरोध किया तथा हर किसी को समर्पण के साथ अपना सर्वोत्तम योगदान देकर अंतर्मन से इस यज्ञ को सफल बनाने हेतु विनम्र प्रार्थना भी की।

बता दें कि समस्त विश्वविद्यालय परिवार तन-मन-धन से इस दीक्षांत समारोह को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने में अहर्निश लगा रहता है। इस महापर्व को ऊंचाई देने हेतु किसी भी तरह की कोई भी कोताही नहीं बरती जा रही है। चारो ओर सेवा और समर्पण का भाव नजर आता है।

यह भी जानिए कि दीक्षांत मंच पर साज-सज्जा का काम जारी है। खूबसूरत मिथिला पेंटिंग उकेरा जा रहा है। दिनांक 21 एवं 22 दिसंबर को इस महायज्ञ में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को उप कुलसचिव (अकादमिक) कार्यालय में परिधान (कॉस्टयूम) यानी अंगवस्त्रम पूर्वाहन 11:00 बजे से बांटा जाएगा। 22 दिसंबर को ही विद्वत शोभायात्रा में भाग लेने वालों सहित संबंधित पदाधिकारी, कर्मचारी व प्रतिभागियों को ‘मार्क ड्रील’ कराया जाएगा। विभिन्न कॉलेजों से चयनित एनएसएस एवं एनसीसी के वालेंटियर व केडेटो को भी दायित्व दिया जाएगा।

चलते-चलते यह भी कि कुलपति डॉ.ए.के.राय निरंतर यही निर्देश देते रहे हैं कि महामहिम कुलाधिपति के आने और जाने से लेकर कार्यक्रम के अंतिम क्षण तक जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की तरह हम सबों को सतर्क रहना है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर समारोह को ऐसा बनाएं कि पूरे देश में बीएन मंडल विश्वविद्यालय का नाम रोशन हो। मौके पर डीन डॉ.शिवमुनि यादव , डीएसडब्ल्यू डॉ.नरेंद्र श्रीवास्तव, कॉमर्स डीन डॉ.एल झा , परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार, स्टेट ऑफिसर डॉ.शैलेंद्र कुमार, एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ.ए.के.सिंह, विकास पदाधिकारी डॉ.ललन प्रसाद अद्री, पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर सहित अन्य सभी पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

 

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राष्ट्र निर्माण में नेहरू युवा केंद्र के युवाओं की भूमिका अहम

नेहरू युवा केंद्र द्वारा ‘देश भक्ति और राष्ट्र निर्माण’ विषय पर टी.पी.कॉलेज मधेपुरा के सभागार में जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन प्राचार्य डॉ.के.पी.यादव की अध्यक्षता में किया गया….. जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, विशिष्ट अतिथि सिंडीकेट सदस्य डॉ.जवाहर पासवान, प्राचार्य डॉ.आलोक कुमार, माया अध्यक्ष राहुल यादव एवं केंद्र समन्वयक अजय कुमार गुप्ता आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एक भारत श्रेष्ठ भारत, देश भक्ति एवं राष्ट्र निर्माण विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में जिले केे तेेेेरहो प्रखंडों से लगभग 40 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

बता दें कि मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा सर्वप्रथम प्रतिभागियों को विस्तार से स्वामी विवेकानंद की देशभक्ति की झांकी प्रस्तुत करते हुए यही कहा गया कि इरादे मजबूत हों तो दुनियाॅ में कुछ भी पाना आसान हो जाता है। डॉ.मधेपुरी ने आगे यही कहा कि बच्चे…. युवा या बड़े जो जहाँ हैं वे अपने आस-पास को ही भारत समझें और भारत निर्माण के प्रति अपने-अपने हृदय में समर्पण का भाव रखें। उन्होंने अतीत का स्मरण कराते हुए कहा कि युवाओं में प्रतिभाओं की कमी नहीं है…. केवल जरूरत है उचित मार्गदर्शन की।

संक्षिप्त अध्यक्षीय भाषण देते हुए प्राचार्य डॉ.के.पी.यादव, स्काउट एंड गाइड आयुक्त जय कृष्ण यादव, डॉ.जवाहर पासवान, डॉ.आलोक कुमार, राहुल यादव सहित राजेश-सुधांशु-जय कुमार…… पूजा कुमारी आदि ने कहा कि भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के जज्बे को देखकर ऐसा लगता है कि युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल हुई है। समन्वयक अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि नेहरू युवा केंद्र युवाओं को अनुशासित कर समाज और देश को आगे बढ़ाने का एक बड़ा प्लेटफार्म है।

Pratibhagi Priyanka Kumari (Madhepura), Swati Suman (Gwalpara) and Nishant Suman (Kumarkand) having 1st, 2nd & 3rd positions respectively with cheques & certificates.
Pratibhagi Priyanka Kumari (Madhepura), Swati Suman (Gwalpara) and Nishant Suman (Kumarkand) having 1st, 2nd & 3rd positions respectively with cheques & certificates.

जानिए कि मधेपुरा प्रखंड की प्रियंका कुमारी जहाँ प्रथम पुरस्कार के रूप में 5 हज़ार ₹ के चेक एवं प्रशस्ति पत्र द्वारा पुरस्कृत की गई वहीं ग्वालपाड़ा प्रखंड की स्वाति सुमन द्वितीय एवं कुमारखंड के निशांत सुमन तृतीय स्थान लाकर प्रशस्ति पत्र के साथ क्रमशः 2 हज़ार एवं एक हज़ार ₹ का चेक प्राप्त किया।

यह भी बता दें कि प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रियंका कुमारी को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मधेपुरा जिले का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। यदि प्रियंका वहाँ से चयनित होकर दिल्ली पहुंची तो लाखों रुपए का चेक पा सकती है। जहाँ भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों ने देश के नवनिर्माण में युवाओं की भूमिका को अहम बताया वहीं भाषण आरंभ होने से पूर्व डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डॉ.के.पी.यादव, डॉ.जवाहर पासवान, डॉ.आलोक कुमार, जयकृष्ण यादव, राहुल यादव एवं समन्वयक अजय गुप्ता की पूरी टीम द्वारा स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर पुष्पांजलि की गई। इससे पूर्व एक प्रतिभागी द्वारा स्वागत गान गाकर अतिथियों का सम्मान किया गया।

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बीएनएमयू के पीआरओ डॉ.सुधांशु निरंतर ऊँचाइयों को छू रहे हैं

डॉ.सुधांशु शेखर का बीपीएससी से दर्शनशास्त्र विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में ज्यों ही चयन किया गया कि वे 3 जून 2017 को टीपी कॉलेज मधेपुरा में योगदान कर लेते हैं। साठ दिनों के अंदर ही वे विश्वविद्यालय के पीआरओ (जनसंपर्क पदाधिकारी) बन जाते हैं और 250 दिनों के अंदर ही विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर दर्शन शास्त्र विभाग में इन्हें प्रतिनियोजित कर लिया जाता है।

बता दें कि अब तक डॉ.सुधांशु के दो दर्जन से अधिक शोध-पत्रों के प्रकाशन तथा एक दर्जन रेडियो वार्ताओं के प्रसारण हो चुके हैं। साथ ही वे शोध-पत्रिका ‘दर्शना’ एवं ‘सफाली’ जर्नल ऑफ सोशल रिसर्च का संपादन भी करते रहे हैं। इसके अतिरिक्त ‘लोकतंत्र : नीति और नियति’ a1 ‘भूमंडलीकरण और पर्यावरण’ आदि आधे दर्जन पुस्तकों का डॉ.सुधांशु ने संपादन भी किया है। इनकी सर्वाधिक लोकप्रिय दो पुस्तकें हैं- सामाजिक न्याय : आंबेडकर विचार… (2014) एवं गांधी विमर्श (2015)।

यह भी जानिए कि पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर को पटना में आयोजित 41वें दर्शन परिषद बिहार का प्रदेश संयुक्त सचिव बनाया गया जबकि वे परिषद के मीडिया प्रभारी के साथ-साथ परिषद की अर्धवार्षिक शोध-पत्रिका ‘दार्शनिक अनुगूंज’ के संपादक मंडल के सदस्य भी रहे हैं। समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी के अनुसार- ऐसा लगता है कि दर्शन परिषद बिहार का लाइफ लाइन बन गया है बीएनएमयू का पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर।

विश्वविद्यालय के क्षेत्रान्तर्गत डॉ.सुधांशु के आभामंडल से प्रभावित होकर कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली एवं डीन डॉ.शिवमुनि यादव ने कहा कि उनकी इस उपलब्धि से मंडल विश्वविद्यालय गौरवान्वित हुआ है। तभी तो शिक्षक के रूप में अपनी पहचान बनाए रखने वाले डॉ.शेखर को इनकी उपलब्धियों के लिए वित्त परामर्थी एससी दास, डीएसडब्ल्यू डॉ.नरेंद्र श्रीवास्तव, डॉ.ज्ञानंजय द्विवेदी, सीनेटर एवं बीएन मुस्टा के महासचिव डॉ.नरेश कुमार, डॉ.एम.आई.रहमान, खेल पदाधिकारी डॉ.फजल, विकास पदाधिकारी ललन प्रसाद अद्री आदि ने हृदय से बधाई दी है।

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मधेपुरा में पहला अटल टिंकरिंग लैब किरण पब्लिक स्कूल को मिला

जेपी नगर पीपरपत्ता में किरण पब्लिक स्कूल की शाखा को अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने हेतु अटल इनोवेशन मिशन के तहत 20 लाख की राशि नीति आयोग द्वारा अनुदान के रूप में मिला। जिले के पहले टिंकरिंग लैब का उद्घाटन जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (आईएएस), प्रो-वीसी डॉ.फारूक अली, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डीईओ उग्रेश प्रसाद मंडल, निदेशिका किरण प्रकाश आदि ने सम्मिलित रूप से किया।

बता दें कि डीएम नवदीप शुक्ला ने भव्य समारोह को संबोधित करते हुए यही कहा कि यहाँ के छात्रगण सर्वाधिक भाग्यशाली हैं जिन्हें इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। ऐसे बच्चे अपनी क्षमता का पूरा-पूरा उपयोग एटीएल लैब के माध्यम से कर सकेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि स्कूल ऐसी व्यवस्था करे ताकि जिले के अन्य बच्चे भी यहाँ आकर अपने सपनों को साकार कर सकें।

समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि दुनिया का पहला वैज्ञानिक कोई बच्चा ही रहा होगा क्योंकि बच्चों को नई-नई चीजें जानने की सर्वाधिक जिज्ञासा होती है तथा उनके अंदर अद्भुत क्रिएटिविटी भी होती है। डॉ.मधेपुरी ने केपीएस के प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश, निदेशिका किरण प्रकाश एवं सहयोगी शिक्षकों को बधाई देते हुए यही कहा कि आजादी मिलने के बाद बापू ने सबों को गांव की ओर चलने को कहा…… आज पीपरपत्ता गांव के जयप्रकाश नगर में उनके सपनों को साकार होते हम देख रहे हैं।

मुख्य अतिथि प्रो-वीसी डॉ.फारूक अली ने अटल टिंकरिंग लैब को मील का पत्थर मानते हुए यही कहा कि इस अटल लैब से बच्चों को लाभान्वित होने के लिए प्रशासन, शिक्षा विभाग तथा स्कूल प्रबंधन को सम्मिलित रूप से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान के लिए आईडिया के साथ-साथ सकारात्मक सोच की जरूरत होती है तभी इसका लाभ आम लोगों को मिल पाता है।

डीईओ उग्रेश प्रसाद मंडल ने जानकारी देते हुए यही कहा कि भारत में 54 सौ के करीब अटल टिंकरिंग लैब स्थापित किया गया है। इस जिले में 20-20 लाख की राशि अनुदान के रूप में प्राप्त करने वाले तीन स्कूल हैं- दो सरकारी- जवाहर नवोदय विद्यालय सुखासन और बी.एल.स्कूल मुरलीगंज एवं प्राइवेट स्कूलों में मात्र एक यही है- किरण पब्लिक स्कूल की शाखा, जेपी नगर पीपरपत्ता। उन्होंने विश्वास जताया कि इस लैब से प्राथमिक नवप्रवर्तन एवं वैज्ञानिक शिक्षा व्यवस्था में बड़ा रूपांतरण देखने को मिलेगा।

प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश एवं प्राचार्य मो.आकिब द्वारा विद्यालय की उपलब्धियों को प्रकाश में लाया गया। सबों ने इस विद्यालय का चयन अटल टिंकरिंग लैब हेतु किये जाने को शान की बात कही।

आरम्भ में गायक किशोर जी एवं रोशन जी द्वारा गणेश वंदना एवं स्वागत गान प्रस्तुत किया गया। स्कूली बच्चों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सृजन दर्पण के निदेशक विकास कुमार की प्रस्तुतियां खूब तालियां बटोरी। आरंभ में निदेशिका किरण प्रकाश द्वारा अतिथियों को बुके एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

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मधेपुरा में 67वाँ राज्यस्तरीय टे.टे.का चार दिवसीय समारोह

बी.पी.मंडल इंडोर स्टेडियम में चार दिवसीय (11-14 तक) टे.टे. प्रतियोगिता में 14 जिलों के 5 Age ग्रुपों में बांटे गये 125 खिलाड़ियों द्वारा रोज-रोज नए-नए जौहर दिखाये जायेंगे। खेल का आनंद लेने हेतु जिले के खेल प्रेमियों की भीड़ स्टेडियम में देखने योग्य रही।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त मुकेश कुमार, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, मंडल विश्वविद्यालय के खेल पदाधिकारी डॉ.फजल, टे.टे.स्टेट सचिव मुकेश राज, प्रो.चंद्रशेखर, प्रशांत कुमार, विनय कुमार झा, संतोष झा , ध्यानी यादव, प्रदीप, संदीप आदि की उपस्थिति में जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (आईएएस) द्वारा दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया गया। आये हुए टे.टे.खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाते हुए डीएम ने स्वयं टेबल टेनिस प्रतियोगिता की शुरुआत की। जिलाधिकारी ने सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन कर राज्य ही नहीं बल्कि राष्ट्र के नाम को रोशन करने की शुभकामनाएं दी। डीएम शुक्ला ने कहा कि पिछले कई वर्षों से मधेपुरा में State Level T.T. Competition का आयोजन बड़ी बात है।

सूबे बिहार के 14 जिले से आये 125 खिलाड़ियों 10 तकनीकी पदाधिकारियों एवं समस्त खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने अपने सारगर्भित संबोधन में बच्चों से यही कहा-

बच्चो ! पहले लोग यही बोला करते थे- पढ़ोगे-लिखोगे होगे नवाब, खेलोगे कूदोगे होगे खराब…… परंतु आजकल वह बात नहीं रही। आज यदि एक ओर प्रतिभा संपन्न गांधीयन मिसाइल मैन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से नवाजा जाता है तो वहीं दूसरी ओर खेल की दुनिया का सरताज मिडिल पास सचिन तेंदुलकर को भी “भारत रत्न” से सम्मानित किया जाता है।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि भारत की एकता व अखंडता को बनाये रखने के लिए भारतीय रेल, खेल, हिन्दी और गांधी की जितनी प्रशंसा की जाय वह कम होगी। साथ ही अर्थ के अभाव में किसी भी क्षेत्र में कुंठित व अर्थहीन हो रही प्रतिभा को बचाने का संकल्प वे बार-बार दोहराते रहे…… तथा इस खेल में मधेपुरा का नाम रोशन करने वाले सभी खिलाड़ियों-रियांशी, पायल, सुंदरम, हंसराज, वैष्णवी आदि की जमकर तारीफ करते रहे।

जिला टे.टे.के अध्यक्ष प्रो.चंद्रशेखर ने कहा कि खेल के सफल आयोजन हेतु बिहार से आये समस्त खिलाड़ियों के हर तरह की असुविधाओं को दूर करने का प्रयास किया जायेगा तथा उनकी सुख-सुविधा का ख्याल भी रखा जाएगा। कार्यक्रम को जहाँ प्रोत्साहित किया स्टेट टे.टे.सचिव मुकेश राज ने वहीं आयोजन समिति के सचिव अमित कुमार मुनि, अध्यक्ष प्रशांत कुमार, उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार, पप्पू, एथलेटिक सचिव संत कुमार, कबड्डी सचिव अरुण कुमार, वालीबॉल सचिव अनिल राज सहित अशफाक आलम, दीपक प्रकाश, विकास-राजीव-अमित-आशीष…… आदि द्वारा आयोजन की सफलता पर हमेशा नजर रखी जा रही है।

खेल में जौहर दिखाने वाले नाम है- पटना की प्रगति, मुजफ्फरपुर के पंकज , मधेपुरा की रियांशी, पटना की ही माही गुप्ता , फाल्गुनी मुखर्जी और योगेश…..आदि।

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