बहुआयामी प्रतिभा संपन्न एसबीआई अधिकारी विनय झा नहीं रहे

भारतीय स्टेट बैंक में सेवारत रहते हुए डिप्टी मैनेजर के पद से 2008 में सेवानिवृत्त हुए थे हर दिल अजीज विनय कुमार झा। वे टेबल टेनिस एवं अन्य इनडोर व आउटडोर गेम्स के बहुआयामी प्रतिभा संपन्न व्यक्ति थे। उन्होंने  76 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। नगर परिषद के वार्ड नंबर- 18 स्थित निज निवास पर अपने परिजनों के बीच 27 अप्रैल के प्रातः 4:00 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अपराहन 3:00 बजे पैतृक गांव में पुत्र भानु ने उन्हें मुखाग्नि दी।

उनके निधन पर बैंक कर्मियों, खेल प्रेमियों एवं शिक्षाविदों सहित अन्य लोगों ने शोक जताया है। उनके सहपाठी मित्र समाजसेवी- साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हम दोनों पटना साइंस कॉलेज में एक ही साथ पढ़े हैं। तब से ही उन्हें टेबल टेनिस खेलने का जुनून सवार हुआ था जो अंत तक बरकरार रहा। विनय जी क्लास-1 खेल-कमेंटेटर रहे थे। उन्होंने हिंदी में ही नहीं अंग्रेजी में भी धाराप्रवाह कमेंट्री करने की दक्षता हासिल की थी। उन्होंने अत्यंत ही मिलनसार व्यक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाई थी।

समाहरणालय के ओएस विजय झा, एसबीआई बैंक पदाधिकारी संतोष झा, अधिवक्ता उदय झा, अधिवक्ता दिलीप कुमार झा, बिहार फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान गोदय गांगुली, वालीबॉल के सचिव अनिल राज, क्रिकेट के अध्यक्ष भारत भूषण उर्फ मुन्ना जी, टेबल टेनिस के प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, कबड्डी के लाइफ लाइन सचिव अरुण कुमार, एथलेटिक्स के संत कुमार, स्काउट एंड गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप कुमार झा, हरेराम कामती, मोहन जी सरीखे अन्य खेल प्रेमियों ने कहा कि उनके जाने से मधेपुरा के खेल जगत को बड़ा झटका लगा है। खेल से जुड़े खिलाड़ियों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हमने एक अनुभवी मार्गदर्शक खो दिया है।

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नहीं रहे लॉर्ड बुद्धा मेडिकल कॉलेज के संस्थापक डॉ.पी.के. सिंह

लॉर्ड बुद्धा कोशी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सहरसा के संस्थापक डॉ.पी.के. सिंह के निधन का समाचार सुनते ही चारो ओर शोक की लहर दौड़ गई। समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने यह दुखद समाचार सुनते ही कहा कि स्मृति शेष डॉ.पी.के. सिंह और उनकी धर्मपत्नी डॉ.कल्याणी सिंह ये दोनों वो नाम हैं जो कोसी के नर-नारियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए लॉर्ड बुद्धा कोशी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के रूप में सदैव सेवारत रहेंगे।

डॉ मधेपुरी ने कहा कि जो औरों के लिए जीने लगता, वह कभी नहीं मरता। डॉ.पी.के. सिंह का पार्थिव शरीर भले ही पंचतत्व में विलीन हो जाएगा, परंतु कोसी के लोग एवं उनके द्वारा स्थापित लॉर्ड बुद्धा कोशी मेडिकल कॉलेज परिवार उन्हें सदैव याद रखेगा।

डॉ.पी.के. सिंह किडनी की बीमारी के कारण कुछ दिनों से परेशान थे। उन्होंने आज इसी कॉलेज में 10:00 बजे पूर्वाह्न अपने परिजनों सहित प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार यादव के सामने अंतिम सांस ली। प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार यादव से उन्होंने अंतिम सांस लेते समय यही कहा- अब आप ही पर कॉलेज को छोड़कर जा रहा हूं…….।

 

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अंबेदकर के विचार आज सबकी जरूरत है

जन नायक कर्पूरी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के प्राचार्य प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में अंबेदकर की 133वीं जयंती मनाई गई। सर्वप्रथम उनकी तस्वीर पर अतिथियों एवं बाद में छात्र-छात्राओं द्वारा पुष्पांजलि की गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी विजय प्रकाश मीणा (आईएएस), डीडीसी नितिन कुमार सिंह (आईएएस), समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र मधेपुरी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र प्रसाद आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

उद्घाटनकर्ता डीएम मीणा ने अपने संक्षिप्त संबोधन में अंबेदकर के बारे में कई अमूल्य तथ्यों को रखते हुए कहा कि आप उनकी लिखी हुई पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालिए, तभी आप उन्हें संपूर्णता के साथ जान पाएंगे। डीडीसी नितिन कुमार सिंह ने कहा कि उनका जीवन हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा। प्राचार्य डॉ.प्रसाद ने अंबेदकर के जीवन वृत्त की विस्तृत चर्चा करते हुए यही कहा कि महिलाओं के उत्थान में डॉ.अंबेदकर की भूमिका नींव की ईंट साबित हो रही है।

अंत में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने विस्तार से डॉ.अंबेदकर के बारे में बताते हुए कहा कि आज अंबेदकर सबकी जरूरत है, परंतु बचपन से लेकर मृत्यु के बाद तक उन्हें जितना अपमान सहना पड़ा उसका सौवां हिस्सा भी हमें अपमानित किया जाये तो हम शहर छोड़कर भागने लगेंगे। मौके पर अधीक्षक डॉ.मालती कुमारी, डॉ.वीरेंद्र कुमार (मेडिसिन), मणिकांत आदि ने विचार व्यक्त किया। मेडिको छात्रा शुभलक्ष्मी एवं छात्र दिव्यांशु राज ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

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मधेपुरा में डॉ.संजीव को एकतरफा वोट मिला- डॉ.मधेपुरी

आज शुक्रवार को मधेपुरा प्रखंड में उच्च विद्यालय, इंटर एवं डिग्री महाविद्यालय सहित बीएन मंडल विश्वविद्यालय के सभी विभागों के शिक्षकों ने कोशी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी पद हेतु पूर्व से क्रियाशील व कर्मयोगी शिक्षक प्रतिनिधि डॉ.संजीव कुमार सिंह को एकतरफा वोट किया। ये बातें समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने सुबह से शाम तक मतदाताओं की भीड़ एवं उत्साह को देखने के बाद कही।

डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मधेपुरा में कुल मतदाताओं की संख्या 728 थी जिसमें 550 मत डाले गए। सारे के सारे वोट यूपीए समर्थित यूनाइटेड उम्मीदवार डॉ.संजीव कुमार सिंह के पक्ष में ही गया माना जा सकता है।

मधेपुरा प्रखंड के अलावे 2:00 बजे अपराह्न तक घैलाढ़- 118, सिंहेश्वर- 80, गम्हरिया- 60, मुरलीगंज-110, कुमारखंड- 60, शंकरपुर- 24, ग्वालपाड़ा- 28, बिहारीगंज- 98, उदाकिशुनगंज- 81, पुरैनी- 53, आलमनगर- 34, चौसा- 54 वोट पड़े थे। जिसमें सर्वाधिक वोट संजीव को मिला।

डॉ.मधेपुरी सहित मधेपुरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, सीएम साइंस के डॉ.अरुण कुमार, एसएनपीएम लॉ कॉलेज के प्राचार्य सत्यजीत यादव, पीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, पूर्व सिंडिकेट सदस्य परमानंद यादव, पूर्व स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार, राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव, नेता प्रमोद प्रभाकर, जेपी सेनानी इंद्रनारायण प्रधान, पूर्व प्राचार्य डॉ.पीएन पीयूष, नेता तेज नारायण यादव, जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मनोज भटनागर, पूर्व प्राचार्य वीरेंद्र प्रसाद यादव, बीएनएमवी के प्राचार्य डॉ.अरविंद कुमार, ललन कुमार, रमण सिंह, डॉ.सुरेश भूषण  अनिल कुमार चौहान, मुखिया परमेश्वरी प्रसाद यादव, अमलेश कुमार आदि ने मतदाताओं का उत्साहवर्धन किया। कुछ लोगों के द्वारा तो वोटर को वोट गिराने हेतु अधिकार व कर्तव्य की बातें फोन पर ही करते हुए सुना जा सकता था।

 

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