भक्ति भाव से वट सावित्री पूजा करने पर सदा सुहागन रहने का मिलता है वरदान

वट सावित्री पूजा से ही स्पष्ट होता है कि सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लाने के लिए बरगद की पूजा की थी। तब से ही सुहागन महिलाएं वट सावित्री पूजन के दिन बरगद की पूजा करती आ रही हैं। यह व्रत सुहागन महिलाओं के सुहाग की रक्षा कर उन्हें मनोवांछित फल प्रदान करता है।

बता दें सुहागन महिलाएं बरगद के वृक्ष के 5 फेरे लगाकर सर्वप्रथम उसमें धागे लपेटती है। मौसमी फलों के अतिरिक्त अक्षत, हल्दी, चंदन, रोली, चूड़ी, बिंदी और मेहंदी पहनाकर पति की लंबी उम्र की कामना करती है।

वैज्ञानिकों की मान्यता है कि पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखने में बरगद, पीपल, तुलसी आदि पेड़-पौधों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यही कारण है कि ऋषि-मुनियों द्वारा इन पेड़ों के पूजने की प्रथा शुरू की गई, क्योंकि ये सभी अहर्निश ऑक्सीजन देकर मानव जीवन की रक्षा में लगे रहते हैं। ये पेड़ औषधीय गुणों से भी परिपूर्ण हैं।

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यूपी की गीतांजलि ने बुकर पुरस्कार को लेकर विश्व में बढ़ाया हिन्दी साहित्य का कद

भारत के उत्तर प्रदेश की मैनपुरी निवासी तथा दिल्ली में रहने वाली 64 वर्षीय लेखिका गीतांजलि श्री ने अपने हिन्दी उपन्यास “रेत समाधि” के लिए वर्ष 2022 का अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले यह पुरस्कार भारतीय लेखिका अरुंधति राय को उनके अंग्रेजी उपन्यास “गॉड ऑफ स्माल थिंग्स” के लिए दिया गया था। यह पहला मौका है जब गीतांजलि श्री की हिन्दी किताब को यह उपलब्धि मिली है।

बता दें कि भारत विभाजन काल में एक मां-बेटी की अत्यंत मार्मिक व जीवंत कहानी आधारित है गीतांजलि श्री का हिन्दी उपन्यास “रेत समाधि” जिसे “टाॅम्ब आॅफ सेंड” नाम से अंग्रेजी में अनुवाद किया गया है डेजी राकवेल द्वारा। जूरी के सदस्यों ने इसे शानदार और अकाट्य बताया।

जानिए कि बुकर पुरस्कार के लिए दिए गए 50 लाख की राशि को गीतांजलि श्री ने अपने हिन्दी उपन्यास का अंग्रेजी अनुवाद करने वाली डेजी राकवेल के साथ समान रूप से लंदन में ही साझा किया।

अंत में यह भी कि 5 उपन्यास को पछाड़कर गीतांजलि श्री ने यह सम्मान अपने नाम किया और यह भी कहा कि मैं अभिभूत हूं…. “टाॅम्ब आॅफ सेंड” एक शोकगीत है, उस दुनिया का जिसमें हम रहते हैं। यह एक ऐसी ऊर्जा है जो आशंकाऔं के बीच उम्मीद जगाती है। खुश हूं कि यह पुस्तक अब और ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी।

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समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल की 48वीं पुण्यतिथि मधेपुरा में मनाई गई

मधेपुरा के भूपेन्द्र चौक पर समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल की 48वीं पुण्यतिथि गणमान्यों एवं शिक्षाविदों के द्वारा मनाई गई। यह कार्यक्रम आज 29 मई को प्रातः 8:00 बजे मनीषी भूपेन्द्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ शुरू किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भूपेन्द्र विचार मंच के बैनर तले संपन्न हुआ।

Dr.KK.Mandal along with Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Dr.Ashok Kumar, Senator Heera Singh, Prof.Dr.Sachhidanand, Prof.Shachindra, Dr.Alok Kumar, Harshvardhan Singh Rathor, Rahul Yadav and others at Bhupendra Chowk on the occasion of 48th death anniversary of Samajwadi Chintak Bhupendra Narayan Mandal.
Dr.KK.Mandal along with Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Dr.Ashok Kumar, Senator Heera Singh, Prof.Dr.Sachhidanand, Prof.Shachindra, Dr.Alok Kumar, Harshvardhan Singh Rathor, Rahul Yadav and others at Bhupendra Chowk on the occasion of 48th death anniversary of Samajwadi Chintak Bhupendra Narayan Mandal.

बता दें कि सर्वप्रथम उनकी प्रतिमा पर पूर्व प्रति कुलपति डॉ.केके मंडल सहित डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पूर्व प्राचार्य प्रो.सच्चिदानंद, इंजीनियर महेंद्र मंडल, पूर्व सीनेटर हीरा सिंह आदि ने प्रथम माल्यार्पण किया। बारी-बारी से उनकी प्रतिमा पर जदयू के प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल, अशोक चौधरी, प्रो.शचीन्द्र, डॉ.आलोक कुमार, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार (पार्वती कॉलेज), जंतु विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार, नरेश पासवान, रंगकर्मी विकास कुमार, विनीता भारती, पंकज कुमार, सीताराम पंडित, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.नीरज कुमार, हर्षवर्धन सिंह राठौर, राहुल यादव, रमण कुमार, भारत भूषण, सतीश कुमार, आनंद कुमार आदि ने पुष्पांजलि की।

इस अवसर पर डॉ.केके मंडल ने कहा कि उनका समाजवाद जन-जन के बीच अलख जगाने मे लगा था। उन्होंने यह भी कहा कि भूपेन्द्र बाबू का समाजवाद बैलगाड़ी से चलता रहा। वे सबों के प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि  उनका व्यक्तित्व पहाड़ की ऊंचाई से भी अधिक ऊंचा था एवं उनकी समाजवादी सोच सागर की गहराई से भी अधिक गहरी थी। उनके अंदर बुद्ध, नानक और कबीर के व्यवहारों से लेकर मार्क्स, गांधी और सोशलिज्म के संस्कारों को हमेशा देखा जा सकता है। वे बेकसों के संसार को सजाते रहने वाले समाजवादियों के प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। इस अवसर पर अन्य लोगों ने भी विचार व्यक्त किए। अंत में डॉ.आलोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

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दैनिक जागरण द्वारा मधेपुरा में आयोजित किया गया अखिल भारतीय कवि सम्मेलन- 2022

टीपी कॉलेज के सभागार में 27 मई (शुक्रवार) की खुशनुमा शाम में दैनिक जागरण द्वारा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो.(डॉ.)आरकेपी रमण ने शहर के गणमान्यों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कुलपति ने मौजूद गणमान्यों में समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, टीपी कॉलेज के प्राचार्य प्रो.(डॉ.)केपी यादव, स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरूण कुमार सहित जागरण के मधेपुरा ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र भारद्वाज की पूरी टीम को साधुवाद देते हुए संगीत की विशेषताओं पर संक्षेप में प्रकाश डाला। उन्होंने आमंत्रित पांचो कवियों पद्मश्री सुरेंद्र दुबे, कमलेश राजहंस, तेज नारायण शर्मा, नैनीताल की कवियत्री गौरी मिश्रा एवं महाराष्ट्र के गौरव शर्मा से अनुरोध किया कि अपनी अनूठी कविताओं की ओज-हुंकार, हास्य-बौछार एवं गीत-फुहार आदि से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करते रहेंगे और तालियां बटोरते रहेंगे। कुलपति ने इस कार्यक्रम के सहयोगियों को भी साधुवाद दिया।

VC Dr.RKP Raman, Shikshavid Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Principal Dr.KP Yadav, Registrar Dr.Mihir Kumar Thakur and others enjoying Kavi Sammelan at TP College auditorium.
VC Dr.RKP Raman, Shikshavid Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Principal Dr.KP Yadav, Registrar Dr.Mihir Kumar Thakur, Pr.Dr.Jawahar Paswan, Pr.Dr.Ashok Kumar, SS Chandrashekher and others enjoying Kavi Sammelan at TP College auditorium.

बता दें कि पांचों कवियों में सभी एक पर एक….. तालियों की गूंज से हाल हमेशा गूंजयमान होता रहा। सबसे अधिक पद्मश्री सुरेंद्र दुबे ने तालियां बटोरी….. जब रह-रहकर वे और उनके साथ दर्शक भी कहते रहे कुछ तो है खास……. मधेपुरा के लोग हैं “झक्कास”……।

आरंभ में मंच संचालन किया जागरण के विश्वविद्यालय संवाददाता एवं मंजे हुए अंतरराष्ट्रीय उद्घोषक पृथ्वीराज यदुवंशी और बाद में कवि तेज नारायण शर्मा ने अपने व्यंग्य वाणों से दर्शकों एवं मंचासीन कवियों को भी खूब गुदगुदाया और तालियां बटोरी। अंत में जागरण ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र भारद्वाज ने धन्यवाद ज्ञापन किया और कार्यक्रम समापन की घोषणा भी की।

कार्यक्रम की सफलता तो इस बात से आंकी जा सकती है कि समापन के बाद भी देर तक लोग कवियों के साथ फोटो एवं सेल्फी लेते रहे। जागरण संवाददाता रंगकर्मी विकास कुमार को अंत तक फोटो लेते हुए देखा गया।

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अब बंगाल के विश्वविद्यालयों में मुख्यमंत्री होंगे कुलाधिपति

पश्चिम बंगाल के 24 विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी में ऐसी चल गई थी अब वहां कुलाधिपति की जगह राज्यपाल के बजाय मुख्यमंत्री बनेंगे।

आए दिन ममता सरकार पर धनखड़ द्वारा राज्यपाल की शक्तियों का हनन करने, उनके फैसलों को नजरअंदाज करने तथा आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगते रहे। फलस्वरूप ममता मंत्रिमंडल ने जगदीप धनखड़ के खिलाफ एक और बड़ा फैसला ले लिया है कि बंगाल के सरकारी विश्वविद्यालयों में अब कुलाधिपति मुख्यमंत्री होंगे जिससे राज्यपाल का सरकारी विश्वविद्यालयों पर किसी तरह का नियंत्रण नहीं होगा। ममता सरकार इस प्रकार का बिल विधानसभा में लाने की तैयारी में जुट गई है। राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव की मंजूरी दे दी है। अंततः मंजूरी नहीं मिलने पर अध्यादेश लाया जाएगा।

 

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भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू पायलट बनी कैप्टन अभिलाषा बराक

हरियाणा की बेटी कैप्टन अभिलाषा बराक ने रचा इतिहास। बुधवार 25 मई को कैप्टन अभिलाषा बराक भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू पायलट बनी।

बता दें कि कैप्टन अभिलाषा बराक को महाराष्ट्र के नासिक में कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित दीक्षा समारोह में 36 सैन्य पायलटों के साथ प्रतिष्ठित ‘विंग्स’ से सम्मानित किया गया। कैप्टन बराक एविएटर के रूप में आर्मी एविएशन कार्प्स में शामिल होने वाली पहली महिला अधिकारी बनी।

रिटायर्ड कर्नल एस ओम सिंह की बेटी कैप्टन अभिलाषा बराक को सितंबर 2018 में आर्मी एयर डिफेंस कोर में कमीशन मिला था। कैप्टन अभिलाषा अब लड़ाकू हेलीकॉप्टर उड़ाएंगी और फाइटर जेट उड़ाएंगी। सेना के इतिहास में यह दिन स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा।

 

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नीतीश द्वारा आहूत जातीय गणना को लेकर 1 जून के सर्वदलीय बैठक में भाजपा भी होगी सम्मिलित

एनडीए के घटक दलों में भाजपा के साथ जदयू भी सम्मिलित है। नीतीश सरकार द्वारा जातीय जनगणना कराने की रूपरेखा तय करने वाली सर्वदलीय बैठक 1 जून में अंततः सम्मिलित होने का फैसला भाजपा ने ले लिया है।

बता दें कि आरंभ में भाजपा इस बैठक में शामिल होने की सहमति तो दूर उसके लिए देश में सिर्फ दो ही जातियां थी- एक अमीर और दूसरी गरीब। परंतु, अब भाजपा द्वारा (1जून) की बैठक में शामिल होने को लेकर कुछ लोगों द्वारा “अचानक भाजपा का यू-टर्न” वाला कमेंट भले ही दोनों दलों के बीच दूरी की ओर इशारा करता हो, परंतु सचेतन शिक्षाविदों द्वारा तो यही कहा जा रहा है कि भाजपा गठबंधन धर्म निभाने में अव्वल है तभी तो संख्या बल को दरकिनार करते हुए नीतीश कुमार को नेता मानता है।

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उदाकिशुनगंज अनुमंडल का 40वां स्थापना दिवस समारोह पूर्वक 21 मई को मनाया गया

एसडीएम राजीव रंजन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में उदाकिशुनगंज अनुमंडल का 40वां स्थापना दिवस समारोह 21 मई 2022 (शनिवार) को मनाया गया। कार्यक्रम का आरंभ स्कूली बच्चों के प्रभात फेरी, डीएवी एवं एसबीजेएस आदि विद्यालयों के बीच खेलकूद संपन्न कराया गया। दोपहर बाद देर शाम तक स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें उदाकिशुनगंज अनुमंडल का यशोगान किया गया।

बता दें कि तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.जगन्नाथ मिश्र ने 21 मई 1983 को उदाकिशुनगंज अनुमंडल का उद्घाटन किया था। वर्तमान में स्कूली बच्चे एवं उनके शिक्षकों द्वारा शिक्षा का अधिकार, नशा मुक्ति एवं दहेज उन्मूलन, जल-जीवन-हरियाली, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत आदि के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया।

इसी उदाकिशुनगंज में कुछ महीने पूर्व तक डीसीएलआर ललित कुमार सिंह द्वारा इलाके के युवाओं को मुफ्त कोचिंग दिए जाने के फलस्वरूप अनेक युवजनों को प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता मिली। डीसीएलआर ललित कुमार सिंह द्वारा मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी को भी क्विज प्रतियोगिता आदि कार्यक्रमों में बुलाया जाता रहा था। भला क्यों नहीं वे दोनों तो गांधीयन मिसाइल मैन डाॅ.एपीजे अब्दुल कलाम के अत्यंत करीबी रह चुके हैं।

डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन “मैं हूं उदाकिशुनगंज” को कोटि-कोटि धन्यवाद व साधुवाद ज्ञापित किया जिनके सदस्यों ने हरिहर साहा कॉलेज के प्रांगण में भरपूर पौधरोपण किया। धन्यवाद ज्ञापित किया उस अनुमंडल के सभी मुखिया, सरपंच सहित सभी जनप्रतिनिधियों को   जिन्होंने संकल्प लिया है उदाकिशुनगंज को एक साथ मिलकर विकास के पथ पर और आगे ले जाने का…।

 

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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला पेट्रोल 9.5 रुपये एवं डीजल 7 रुपये प्रति लीटर होगा सस्ता

केंद्र सरकार के वित्त मंत्री सीतारमण ने घोषणा की है कि पेट्रोल एवं डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कमी करने पर अब पेट्रोल की कीमत ₹9.5 प्रति लीटर तथा डीजल की कीमत ₹7 प्रति लीटर कम हो जाएगी। जिससे सरकार के ऊपर एक लाख करोड़ के राजस्व का भार आएगा।

बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना वाले लाभार्थियों को भी एलपीजी पर ₹200 प्रति सिलेंडर सब्सिडी दी जाएगी। इससे सालाना 6100 करोड राजस्व का भार आएगा।

पूछे जाने पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा पेट्रोल, डीजल एवं पीएम उज्जवला योजना के लिए दी गई राहत को लेकर विपक्ष द्वारा भी साधुवाद दिया जाना चाहिए।

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मैथिली के महाकवि-गीतकार-साहित्यकार रविंद्र नाथ ठाकुर के निधन से कौशिकी शोकाकुल

मैथिली के महाकवि-गीतकार व साहित्यकार एवं कई मैथिली फिल्मों के गीतकार रविंद्र नाथ ठाकुर के निधन का समाचार सुनते ही कौशिकी के कवियों, साहित्यकारों एवं गीतकारों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। दिल्ली के अस्पताल में कई महीनों से कैंसर की जंग लड़ रहे थे वे।

कौशिकी क्षेत्र हिंदी साहित्य संस्थान के अध्यक्ष डॉ.केके मंडल की अध्यक्षता में मशहूर साहित्यकार रविंद्र नाथ ठाकुरके निधन पर कौशिकी के साहित्यकारों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।

संस्थान के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि गीतकार रविंद्र नाथ की लोकप्रियता की ऊंचाई इसी बात से आंकी जा सकती है कि बाबा नागार्जुन ने उन्हें “अभिनव विद्यापति” का उपनाम दिया था। विदुषी डॉ.शांति यादव ने कहा कि मैथिली सिनेमा ममता गावे गीत……! आज भी खूब सुना जाता है। ऐसे लोकप्रिय गीतकार से वे।

मौके पर श्रद्धांजलि निवेदित करने वालों में पूर्व कुलसचिव प्रोफेसर शचिंद्र, प्रो. (डॉ.)अरुण कुमार, प्रोफेसर मणि भूषण वर्मा, डॉक्टर आलोक कुमार, सियाराम यादव मयंक, संतोष कुमार सिन्हा, अमन कुमार, सुमित्र आदि।

अंत में अध्यक्ष डॉक्टर केके मंडल ने विस्तार से संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मैथिली एकेडमी के निदेशक कवि-साहित्यकार और प्रखर गीतकार एवं धमदाहा (पूर्णिया) के गौरव रविंद्र नाथ ठाकुर उर्फ लड्डू बाबू के निधन से मैथिली साहित्य को अपूरणीय क्षति हुई है। जिनकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।

 

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