UPSC कोचिंग सेंटर खुल गया है मधेपुरा कॉलेज मोड़ के पास

मधेपुरा अनुमंडल बना 1845 में और अंग्रेजों को 50 वर्ष लग गया एक स्कूल स्थापित करने में। तत्कालीन सीरीज इंस्टिट्यूट जो अभी एसएनपीएम उच्च माध्यमिक विद्यालय के रूप में लोगों को शिक्षा प्रदान करता है। शिक्षा सामाजिक बदलाव के साथ-साथ समाज और देश की उन्नति के लिए आवश्यक है। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कमी नहीं है। मधेली गांव का के दौलत कुमार, सिकियाहा गांव के आदित्य कुमार जैसे अनेक हैं जिन्होंने आईएएस बनकर जिले का गौरव बढ़ाया है। ऐसे यूपीएससी/बीपीएससी कोचिंग सेंटर तो वर्षों पहले ही खुलने चाहिए थे। उक्त बातें समाजसेवी-शिक्षाविद प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने यूपीएससी कोचिंग सेंटर के उद्घाटन करने के बाद छात्रों से अपने संबोधन में कही।

डॉ.मधेपुरी ने छात्रों को छोटी-छोटी कहानियों के माध्यम से यही समझाया कि जिंदगी में जो चाहते हो, उसे पाने की कोशिश पूरे मन से करने पर संभव है कि एक बार के प्रयास में सफलता नहीं मिले, इसका मतलब यह नहीं कि आप प्रयास करना ही छोड़ दें। मेहनत हर हाल में अपना रंग दिखाती है। मेहनत के बूते कोई भी शख्स कुछ भी हासिल कर सकता है, बशर्ते कि किसी भी प्रकार के नकारात्मक सोच को अपने अंदर प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जाय। दुनिया में इंपॉसिबल कुछ नहीं है। जरा सोच कर देखिए Impossible तो खुद कहता है… I m possible.

छात्रा मीतू के बहुपयोगी संबोधन बाद 2015 में यूपीएससी में सफलता पाने वाले एवं डॉ.मधेपुरी के सौजन्य से तत्कालीन डायनेमिक डीएम मोहम्मद सोहैल द्वारा सम्मानित किए जाने वाले आईएएस आदित्य कुमार द्वारा इच्छुक छात्रों को ढेर सारी टिप्सों एवं विभिन्न प्रकार के अनुभवों व जानकारियों से अवगत कराया गया। अंत में आदित्य कुमार ने इसके संचालक मंडली के सदस्यों अली, पप्पू एवं संजीव आदि की जमकर सराहना की एवं हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

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