जानिये मधेपुरा में कहाँ-कहाँ ठहरते थे लोकनायक जयप्रकाश

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की इमरजेंसी के विरुद्ध संपूर्ण क्रांति के जनक जयप्रकाश नारायण के आह्वान पर मधेपुरा से प्रो.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी दो दर्जन युवाओं का नेतृत्व करते हुए 5 मार्च 1975 को दिल्ली पहुंचते हैं। वे अपने साथ प्रखर आंदोलनकारियों- विजय कुमार वर्मा, परमेश्वरी प्रसाद निराला, रामेश्वर प्रसाद यादव, दीनबंधु यादव, इंद्रनारायण प्रधान, उत्तम यादव, धीरेंद्र कुमार, जय किशोर, प्रसन्न, सियाराम, रामचंद्र, विजेंद्र, टेंगारी… .  आदि को लेकर तत्कालीन राजसभा सदस्य भूपेन्द्र नारायण मंडल के दिल्ली निवास 32 अशोक रोड पर ठहरते हैं। डॉ.मधेपुरी बताते हैं कि ऐसा लगता था जैसे सारा भारत ही जेपी के “दिल्ली चलो” आह्वान पर दिल्ली पहुंच गया हो।

डॉ.मधेपुरी ने जेपी को उनके जन्मदिन (11 अक्टूबर) पर याद करते हुए मौजूद बच्चों से यही कहा कि कभी  राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने जेपी के लिए लिखा था-

जयप्रकाश नाम है देश की चढ़ती हुई जवानी का…..

आगे डॉ. मधेपुरी ने कहा कि मधेपुरा के विद्वान एवं वरिष्ठ वकील रहे कमलेश चरण भादुरी ने उन्हें बताया था कि जब 1953 में मधेपुरा-भागलपुर संसदीय क्षेत्र के बाय-इलेक्शन में जेबी कृपलानी प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से उम्मीदवार बनाए गए थे तो भादुरी जी के घर में चुनाव प्रचार हेतु ठहरा करते थे- जयप्रकाश नारायण, डॉ.राम मनोहर लोहिया, अशोक मेहता, सुचेता कृपलानी, मधु लिमये…. आदि। कर्पूरी ठाकुर चुनाव प्रभारी एवं भूपेन्द्र नारायण मंडल स्टार प्रचारक थे।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने बताया कि उन्होंने एसएनपीएम स्कूल के छात्र रहते हुए स्कूल के मैदान में जेपी और प्रभावती को चरखा चलाने के बाद लोगों से बातें करते हुए देखा और सुना। इतना ही नहीं, संपूर्ण क्रांति आंदोलन के दौरान जब जेपी का मधेपुरा आगमन हुआ था तो आंदोलनकारियों से बातें करने के बाद वे स्वतंत्रता सेनानी-वकील शशिनाथ राय के निवास पर ठहरते थे।

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