विश्व शिक्षक दिवस (5 अक्टूबर) से जुड़ी समस्याओं के निदान का लक्ष्य वर्ष 2030 तक

संसार में विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसे अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त है। शिक्षकों की समस्याओं में सुधार लाने के उद्देश्य से इस दिवस को मनाने का निर्णय 1966 में यूनेस्को और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन दोनों मिला कर लिया था। परंतु, 1994 में यूनेस्को की सिफारिश पर लगभग 100 देशों के समर्थन के बाद से ही विश्व शिक्षक दिवस प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर से मनाए जाने की शुरुआत हो गई।

बता दें कि इस दिन छात्र अपने शिक्षकों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी विशेष योगदान के लिए सम्मानित करते हैं। प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर को यूनिसेफ, यूएनडीपी एवं अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन आदि द्वारा संयुक्त रूप से “विश्व शिक्षक दिवस” कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों को जानने एवं उससे जुड़ी समस्याओं को पहचानने हेतु वर्ष 2030 तक का लक्ष्य रखा है।

चलते-चलते यह भी जान लें कि प्रतिवर्ष विश्व शिक्षक दिवस का एक ‘थीम’ होता है। इस वर्ष 2020 में विश्व शिक्षक दिवस का थीम है- “टीचर्सः लीडिंग इन क्राइसिस रीइमेजिंग द फ्यूचर।” यह भी कि समाज को बेहतर बनाने में शिक्षक वह जरिया होता है जो शिष्य को उसकी मंजिल तक पहुंचाता है, परंतु आज गुरु-शिष्य के रिश्ते में दूरी आ गई है। समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने भी अपनी कविता में इस तरह का भाव व्यक्त किया है-

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