बिहार में उपचुनाव के लिए प्रचार थमा, 21 अक्टूबर को होगा मतदान

बिहार में विधानसभा की पांच सीटों – सिमरी बख्तियारपुर, नाथनगर, बेलहर, दरौंदा और किशनगंज – तथा एक लोकसभा सीट समस्तीपुर के लिए उपचुनाव के प्रचार का शोर शनिवार शाम को थम गया। इसके बाद रविवार को उम्मीदवार घर-घर जाकर वोट मांगेंगे। इन सभी सीटों के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव आयोग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा बलों का पुख्ता इंतजाम किया गया है। बता दें कि विधानसभा की इन पांच और लोकसभा की एक सीट के लिए कुल 51 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और इन सभी सीटों के लिए कुल 3258 बूथों पर वोट डाले जाएंगे।

बिहार के इस उपचुनाव में एनडीए ने जहां इसी साल संपन्न हुए लोकसभा चुनावों की तरह एक बार फिर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की है और पूरे उत्साह में दिख रहा है, वहीं महागठबंधन पिछले चुनावी सदमे से अभी तक पूरी तरह उबरा नहीं दिख रहा। 24 अक्टूबर को आने वाले परिणामों में 2020 के संकेत छिपे होंगे, इसमें कोई दो राय नहीं।

बहरहाल, इन उपचुनावों में नाथनगर से जदयू के प्रत्याशी लक्ष्मीकांत मंडल हैं। उनका मुकाबला राजद की राबिया खातून और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हम के अजय कुमार राय से है। वहीं, सिमरी बख्तियारपुर से जदयू के डॉ. अरुण कुमार उम्मीदवार हैं। उनका मुकाबला राजद के जफर आलम और महागठबंधन में रहे मुकेश सहनी की पार्टी वीआइपी के उम्मीदवार से है। बेलहर से जदयू के उम्मीदवार लालधारी यादव हैं। उनका मुकाबला राजद के रामदेव यादव से है। दरौंदा से जदयू के उम्मीदवार अजय सिंह हैं। उनका मुकाबला राजद के उमेश सिंह से है। वहीं, किशनगंज सीट पर भाजपा उम्मीदवार स्वीटी सिंह का मुकाबला कांग्रेस की शाइदा बानो से है। समस्तीपुर लोकसभा सीट पर एनडीए की ओर से लोजपा के प्रिंसराज चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस के डॉ. अशोक कुमार से है।

चलते-चलते बता दें कि समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात से शाम पांच बजे तक वोटिंग होगी, जबकि एक विधानसभा कुशेश्वरस्थान में सुबह सात से शाम चार बजे तक मतदान का समय तय किया गया है। वहीं, विधानसभा उपचुनाव वाले क्षेत्रों में किशनगंज, दरौंदा, नाथनगर में सुबह सात से शाम पांच बजे तक वोटिंग होगी, जबकि, सिमरी बख्तियारपुर और बेलहर में सुबह सात से शाम चार बजे तक मतदान का समय चुनाव आयोग तय किया है।

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राज्य निःशक्तता आयुक्त डॉ.शिवाजी दिव्यांगों के लिए दिनभर रासबिहारी स्कूल के मैदान में जूझते रहे

मधेपुरा के रासबिहारी उच्च विद्यालय के मैदान में दिव्यांग जनों की असहज भीड़ को देखकर आयुक्त डॉ.शिवाजी ने सहजरूप से अंदाजा लगा लिया कि ऐसे लोगों की कितनी सारी परेशानियां अब भी अनसुलझी हैं जिन्हें सुलझाने में निःशक्तता आयुक्त दिनभर जूझते रहे | वे विगत 3 दिनों से विभिन्न प्रखंडों एवं सरकारी संस्थानों में बैठक का आयोजन कर लोगों को जागरूक करवाते रहे तथा स्वयं सबों को उत्साहित, प्रोत्साहित व जागरूक करते रहे |

State Disability Commissioner Dr.Shivajee Kumar, ADM Upendra Kumar and others controlling the crowd of persons with disabilities.
State Disability Commissioner Dr.Shivajee Kumar, ADM Upendra Kumar and others controlling the crowd of persons with disabilities.

बता दें कि अंतिम दिन जिलेभर से अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे दिव्यांगों के बीच राज्य निःशक्तता आयुक्त डॉ.शिवाजी कुमार, डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसपी संजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया | मौके पर आयुक्त ने दिव्यांग जनों से यही कहा कि आप लोग घबराएं नहीं…… काम तबतक चलता रहेगा जबतक अंतिम व्यक्ति के मामले का निष्पादन नहीं हो जाता | डीएम व एसपी ने कहा कि यदि कोई आपके साथ अन्याय या दुर्व्यवहार करे तो आप तुरंत इसकी शिकायत करें |

State Disability Commissioner Dr.Shivajee Kumar, Lead Bank Officer Ranjan Kumar Jha (Donor) & others giving a Hand Sewing Portable Machine to a disable girl under eighteen years.
State Disability Commissioner Dr.Shivajee Kumar, Lead Bank Officer Ranjan Kumar Jha (Donor) & others giving a Hand Sewing Portable Machine to a disable girl under eighteen years.

यह भी बता दें कि दिव्यांग जनों की समस्याओं के निदान हेतु आयोजित नीतीश सरकार के इस चलंत अदालत में 56 काउंटरों पर 2569 दिव्यांगों का हुआ रजिस्ट्रेशन, जिसमें मात्र 1270 मामलों का किया गया निष्पादन | आयुक्त डॉ.शिवाजी कुमार ने बाद में यही कहा कि आज के बाद से आप सभी दिव्यांग जनों को किसी भी कारण से जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा | उन्होंने कहा कि सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी को सख्त हिदायत दी गई है कि आपकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर वही करें | यदि कोई भी पदाधिकारी आपको परेशान करे तो आप इसकी सूचना तुरंत वरीय अधिकारी के पास करें |

चलते-चलते यह भी बता दें कि राज्य निःशक्तता आयुक्त डीएम, एसपी, एसडीएम उपेंद्र कुमार, शैलेंद्र कुमार शैव, लीड बैंक मैनेजर रंजन कुमार झा सहित अन्य सभी के सहयोग के बावजूद शिविर स्थल पर दिव्यांगजनों की भारी भीड़ रहने के कारण दर्जनों दिव्यांग अपनी समस्याओं से संबंधित फॉर्म जमा नहीं कर पाये | इस बाबत मधेपुरा जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी , उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, डॉ.श्यामानंद गिरी, शंभू शरण भारतीय आदि दर्जनों लोगों ने प्रखंडवार शिविर आयोजित करने की मांग की |

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बीपीएससी परीक्षा में कोसी के छात्र-छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन होने से लोगों में उत्साह

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा घोषित 63वीं संजुक्त सेवा परीक्षा में कोसी के मधेपुरा जिले में दो और सहरसा जिले से भी फिलहाल प्राप्त जानकारियों के आधार पर 2 प्रतिभागियों ने अनवरत संघर्ष कर खुद के लिए जगह बनाई है |

बता दें कि जानकारी के अनुसार मधेपुरा जिले से दो और सहरसा जिले से दो यानी कुल चार प्रतिभागियों ने अपने-अपने जिले का नाम रोशन किया है | मधेपुरा से चंद्रजीत प्रकाश (चौसा निवासी) 149वाँ रैंक प्राप्त कर सीओ (अंचलाधिकारी) के पद पर चयनित हुए | खाद-बीज विक्रेता जयप्रकाश मेहता व गृहिणी मीना देवी के सुपुत्र चंद्रजीत आरंभ में मनरेगा के तहत रोजगार सेवक के पद पर चलना शुरू किया था | 5 साल बाद वे माध्यमिक शिक्षक बने | फिर 7 वर्ष बाद 2019 की बीपीएससी परीक्षा में 149वाँ रैंक लाकर सीओ बने तीसरे प्रयास में सीओ बनने वाले वाला चंद्रजीत अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं |

यह भी बता दें कि मधेपुरा की बेटी अमृता कुमारी 208वाँ रैंक लाने पर रजिस्ट्रार बनीं | शिक्षक माता-पिता सरिता कुमारी व मिथिलेश यादव की सुपुत्री अमृता गुलजारबाग, वार्ड नंबर-20 मधेपुरा की निवासी है जो दूसरे प्रयास में सफल होकर रजिस्ट्रार बनी | माता-पिता के अलावे अमृता अपने पति बैंक अधिकारी राजकुमार को भी अपनी सफलता का श्रेय देती है |

सहरसा जिले से अजय कुमार 13वाँ रैंक हासिल कर बिहार प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई है | वर्तमान में वे प्रथम प्रयास में BDO बने और इंस्पेक्टर बालकृष्ण यादव व वीणा देवी के सुपुत्र अजय कुमार दूसरे ही प्रयास में 13वाँ रैंक लाकर एसडीओ बनेंगे | वहीं सलखुआ के सितूआहा गांव की बेटी अनुभारती 326वाँ रैंक हासिल कर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी बनी | इन चारों ने साबित कर दिया कि दुनिया में कोशिश का कोई विकल्प नहीं |

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एक दिन में सिंहेश्वर ट्रस्ट ने डाक से लगभग 60 लाख रु.जमा किया

सिंहेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा विभिन्न बंदोबस्ती के डाक को खोलकर अधिक बोली लगाने वाले को बंदोबस्ती दी गई | वह लिफाफा बंद डाक मधेपुरा एसडीएम सिंहेश्वर ट्रस्ट सचिव वृंदालाल की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें न्यास के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, मनीष सर्राफ, सरोज सिंह एवं संजीव कुमार ठाकुर के अतिरिक्त विधि व्यवस्था हेतु बीडीओ राजकुमार चौधरी, थानाध्यक्ष आरके मंडल आदि मौजूद थे |

बता दें कि आम सूचना के माध्यम से 16-10-2019 से 31-03-20  यानी साढ़े पाँच महीने के लिए (1) मवेशी हाट (2) गुदरी हाट (3) वाहन स्टैंड एवं (4) वाहन पूजा-न्योछावर के डाक हेतु आवेदन बंद लिफाफे में विधिवत घोषित सुरक्षित राशि से अधिक राशि भरकर निबंधित डाक द्वारा ट्रस्ट कार्यालय को 5 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक भेजने हेतु कहा गया था | जिसमें 9 प्रतिभागियों ने भाग लिया |

जानिए कि क्रमांक 1,2 एवं 3 के डाक हेतु कुल 9 प्रतिभागियों (i) सुमित सुमन (टिकुलिया) (ii) मनोज कुमार मनोरंजन (मधेपुरा) (iii) टीआर प्रशांत (मुरहो) (iv) विमल कुमार (मधेपुरा) (v) मुन्ना कुमार (लरहा भवानीपुर) (vi)मणिकांत (त्रिवेणीगंज) (vii) शिव आशीष आनंद (हसनपुर) (viii) रवेन कुमार (गौरीपुर-सिंहेश्वर) एवं (ix) सुभाष कुमार ठाकुर (गौरीपुर-पंडाटोला) ने विधिवत भाग लिया जिसमें 6 मवेशी हाट में, दो गुदरी हाट में एवं एक वाहन स्टैंड के लिए बंद लिफाफा डाला गया |

यह भी जानें की मवेशी हाट मिला मनोज कुमार मनोरंजन को सर्वाधिक 45,00100 रु. (पैतालिस लाख एक सौ) में, गुदरी हाट मिला सुभाष कुमार ठाकुर को तीन लाख इक्यावन हज़ार पाँच सौ एक रु. में तथा वाहन स्टैंड मिला मुन्ना कुमार को 11लाख 11 हज़ार 111 रुपए मात्र में जबकि वाहन पूजा न्योछावर के लिए डाक में किसी ने हिस्सा नहीं लिया यानी फिलहाल ट्रस्ट उसे अपने कर्मचारियों द्वारा वसूली करायेगा और बाद में बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के निर्देशानुसार विचार किया जाएगा | कुल तीनों डाक राशि हुआ 59,62,712 रु. यानी लगभग 60लाख रु. जिसे उसी दिन ट्रस्ट के खाते में पूरी सुरक्षा के साथ बैंक में जमा कर दिया गया |

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जो कोई मधेपुरा को करेंगे गौरवान्वित, उन्हें डॉ.मधेपुरी करेंगे सम्मानित

आज 15 अक्टूबर (मंगलवार) को संपूर्ण भारतीय डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की 89वीं जयन्ती मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में सर्वाधिक उत्साह के साथ डॉ.कलाम के करीबी रह चुके डॉ.मधेपुरी की अध्यक्षता में मनाई गई। इस अवसर पर पार्क में घूमने वाले बच्चे, नौजवान एवं वृद्ध पुरुष व महिलाएं सभी गांधीयन मिसाइल मैन की जयन्ती में उपस्थित थे। तुलसी पब्लिक स्कूल के शिक्षक वरुण कुमार के साथ छात्र-छात्राएं भी उपस्थित होकर उद्गार व्यक्त की। सृजन दर्पण के सचिव विकास कुमार की टीम का सहयोग भी सराहनीय रहा।

Emerging Singer Shivali in being honoured by Dr.Madhepuri & Former Minister on the occasion of 89th birth anniversary of Bharat Ratna DR.APJ Abdul Kalam.
Emerging Singer Shivali is being honoured by Dr.Madhepuri & Former Minister Prof.Chandrashekhar on the occasion of 89th birth anniversary of Bharat Ratna DR.APJ Abdul Kalam.

डॉ.कलाम बच्चों को देश का भविष्य मानते थे, तभी तो उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति के अपने शपथ ग्रहण समारोह में देश के विभिन्न कोणों से एक सौ बच्चे बच्चियों को आमंत्रित किया था। आज उनके जन्म जयन्ती के अवसर पर उनके नाम वाले मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में  आठवीं क्लास की नन्ही बच्ची शिवाली को संगीत के क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त कर मधेपुरा जिला का नाम रोशन करने के उपलक्ष में सम्मानित किया डाॅ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं मधेपुरा के माननीय विधायक व पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चंद्रशेखर ने अंगवस्त्रम-बुके आदि देकर।

Dr.Madhepuri addressing people at Dr.APJ Abdul Kalam Park.
Dr.Madhepuri addressing people at Dr.APJ Abdul Kalam Park.

बकौल डॉ.मधेपुरी मिसाइल मैन डॉ.कलाम ने अपने संपूर्ण कार्यकाल में मात्र 3 दिनों की छुट्टी ली थी इसलिए तुलसी पब्लिक स्कूल की वैसी बच्चियों एवं बच्चों को जो अपने-अपने वर्गों में कम से कम अनुपस्थित रहे…… उन्हें कलम व काॅपी देकर सम्मानित किया गया डॉ.मधेपुरी, पूर्व मंत्री प्रो.चंद्रशेखर, ध्यानी यादव लीड बैंक मैनेजर आर.के.झा, संतोष कुमार झा, डॉ.बी.एन.भारती, एडवोकेट उदयकांत, चंद्रकांत, कामेश्वर राय, मो.महताब, विकास कुमार, संजय कुमार दिनकर, सुरेंद्र मिश्र, रिंकू कुमार, निर्मल कुमार तिवारी… द्वारा और कलाम साहब के प्रति विस्तार से सबों ने उद्गार भी व्यक्त किया। डॉ.मधेपुरी ने उनकी जीवनी को संदर्भित करते हुए उपस्थित लोगों को ढेर सारे संदेश दिए। बच्चों के बीच मिठाइयाँ बांटी गई।

इस अवसर पर प्रेस के धीरेंद्र कुमार, मिराज अहमद, सुनीत साना, जावेद अख्तर, विकास कुमार… एवं नप के शब्बीर, राजकुमार, खन्नू आदि…. अंत तक सहयोगी बने रहे।

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स्थायी सम्बन्धन हेतु मुख्यमंत्री से मिले एमएलसी डॉ.संजीव

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों तथा विघटित बिहार इंटरमीडिएट शिक्षा परिषद द्वारा प्रस्वीकृत/अनुशंसित व स्थापना अनुज्ञा कोटी के शिक्षण संस्थानों को समिति प्रशासन द्वारा अकस्मात असंबद्ध घोषित किये जाने से संपूर्ण सूबे के शिक्षाकर्मियों के बीच हाहाकार मच गया है |

बता दें कि इस आशय की जानकारी प्राप्त होते ही कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चयनित बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ.संजीव कुमार सिंह ने तक्षण मुख्यमंत्री से मिलकर माध्यमिक विद्यालयों एवं इंटर कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों की स्थितियों व उनकी विकट परिस्थितियों से अवगत कराने की बात सोचनी शुरु कर दी | इस बीच डॉ.सिंह द्वारा मानव संसाधन विकास विभाग की संकल्प संख्या 538 दिनांक 19-5-2009 एवं संकल्प संख्या-381 दिनांक 09-03-2010 सहित आगे-पीछे के समस्त संकल्पों का गहन अध्ययन किया गया |

यह भी जानिए कि 10 अक्टूबर को ही 1:25 बजे अपराह्न में माननीय मुख्यमंत्री महोदय के आवास पर मिलकर उन्होंने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति प्रशासन द्वारा इंटर कॉलेज एवं माध्यमिक विद्यालय को असंबद्ध किए जाने के बाबत विस्तार से चर्चाएं की तथा विकास के प्रति निष्ठावान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से त्वरित हस्तक्षेप का आग्रह भी किया | मुख्यमंत्री ने एमएलसी डॉ.संजीव कुमार सिंह को आश्वस्त किया कि इन समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से किया जाएगा | साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक अपना अध्यापन कार्य पूर्ववत करते रहें | लंबित अनुदान भी  अविलंब भेजे जाने का आदेश दिया गया है |

चलते-चलते यह भी बता दें की कोशी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी डॉ.संजीव कुमार सिंह द्वारा मुख्यमंत्री को 3 पृष्ठों का पत्र हस्तगत कराया गया जिसमें शिक्षण संस्थानों को स्थायी संबंधन प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक कार्यवाई के साथ-साथ अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के विवादास्पद निर्णय/सूचना अविलंब वापस लेने हेतु यथोचित निर्देश देने की कृपा करने हेतु निवेदन भी किया गया है |

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विश्व मुक्केबाजी में सुपर मॉम मैरीकॉम से बढ़कर कोई नहीं

सुपरमॉम मैरीकॉम ने विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है | सुपरमॉम ने भारत के लिए एक और पदक यानि आठवां पदक भी पक्का कर लिया है | भारत के लिए गुरुवार का दिन काफी शानदार रहा |

बता दें कि 36 वर्षीया 51 किग्रा वाली 3 बच्चों की माँ मैरीकॉम ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए महिला विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में एकतरफा अंदाज में कोलंबिया की वार्लेशिया विक्टोरिया को 5-0 से शिकस्त दी तथा कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए | पदकों की संख्या के आधार पर यह मैरीकॉम पुरुष और महिला दोनों में सबसे सफल है |

यह भी जानिए कि जहाँ पुरुष वर्ग में क्यूबा के फेलिक्स सावोन ने सर्वाधिक 7 पदक ( छः स्वर्ण और एक रजत) जीते हैं….. वही मैरीकॉम के नाम अभी तक छह स्वर्ण और एक रजत पदक है…. लेकिन 51 किलोग्राम भार वाली सुपरमॉम पहली बार पदक जीतेगी |

यह भी बता दें कि भारतीय संसद की सदस्या एमसी मैरीकॉम का इसबार यह 8वाँ पदक होगा….. देखना यह है कि सुपरमॉम इस बार किस पदक पर कब्जा करती है | आज शनिवार को सेमीफाइनल में मैरीकॉम का सामना तुर्की के बुसेनाज काकिरोग्लू से होगा | यूरोपियन चैंपियनशिप एवं यूरोपियन गेम्स की मौजूदा गोल्ड मेडलिस्ट बुसेनाज काकिरोग्लू के सामने तीन बच्चों की माँ मैरीकॉम को ब्राँज पदक पर ही संतोष करना पड़ा | वैसे तो मैरीकॉम यह कहती रही कि मैं पदक पक्का कर बहुत खुश हूँ लेकिन फाइनल में पहुंचकर इसे और बेहतर बनाना चाहूंगी….. जो नहीं हुआ, फिर भी विश्व महिला मुक्केबाजी की सरताज तो बन ही गई सुपरमॉम मैरीकॉम- कुल 8 पदक अपने नाम करके |

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भटगामा महोत्सव के अंतर जिला महिला कबड्डी में मधेपुरा सवेरा ट्राफी पर जमाया कब्जा

प्रखंड चौसा के भटगामा गाँव में आयोजित दो दिवसीय अंतर जिला महिला कबड्डी प्रतियोगिता एवं अंतर राज्य महिला कुश्ती प्रतियोगिता शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। महिला कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मधेपुरा और भागलपुर के बीच खेला गया जिसमें मधेपुरा 20 अंक के मुकाबले 28 अंक प्राप्त कर सवेरा ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

बता दें कि वहीं महिला कुश्ती प्रतियोगिता में 10 जोड़ी महिला पहलवानों ने जोर आजमाया। फाइनल में उत्तर प्रदेश की मनीषा विजेता और बिहार राज्य की प्रीतम उपविजेता रही। दोनों प्रतियोगिताओं में दर्शक इस कदर दीवाने थे कि कोई वृक्ष पर चढ़कर, तो कोई बांस पर लटक कर या फिर कुछ लोग दूर के छत पर चढ़कर महिला कबड्डी व कुश्ती का आनंद लेते रहे।

मधेपुरा जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार ने कहा कि भटगामा जैसे सुदूर देहात में दो दिवसीय प्रतियोगिता आयोजित करना- अध्यक्षता कर रहे भटगामा पंचायत के पूर्व मुखिया सुशील कुमार यादव एवं संयोजक विनोद आशीष के परिश्रम का ही फल है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यहाँ के दर्शकों ने यह साबित कर दिया कि उन्हें कबड्डी से कितना प्यार है।

मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद प्रो.मनोज झा ने कहा कि भटगामा के लोगों ने बेटियों का सम्मान जिस कदर बढ़ाया है वह काबिले तारीफ है। सचिव अरुण कुमार की तारीफ करते हुए सांसद प्रो.झा ने कहा कि मधेपुरा जिला कबड्डी संघ पूरे हिन्दुस्तान में एक अलग पहचान बनाया है। उन्होंने कबड्डी को आगे बढ़ाने में आवश्यकतानुसार सांसद निधि कोष से आवंटन देने की घोषणा की।

अध्यक्षीय संबोधन में सुशील कुमार यादव ने सभी जिले एवं राज्यों से आये खिलाड़ियों को सम्मान देते हुए निर्णायकों की भूमिका की भरपूर सराहना की। वरीय उपसमाहर्ता बिरजू दास एवं पुलिस निरीक्षक बीएन मेहता सहित सभी जिले से आये सचिवों व खेल प्रेमियों को उनके सहयोग के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

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एक ओर माँ दुर्गा की विदाई और दूसरी ओर माँ सरस्वती का सम्मान

एक ओर संपूर्ण मधेपुरा जिले में जहाँ जय माँ दुर्गा के जयकारे के साथ परंपरानुरूप जगत जननी माँ दुर्गे को दी जा रही थी नम आँखों से विदाई, वहीं दूसरी ओर उदाकिशुनगंज अनुमंडल कार्यालय के सभागार में डीसीएलआर ललित कुमार सिंह द्वारा नि:शुल्क चलाये जा रहे 65वीं बीपीएससी परीक्षा की तैयारी वाले शैक्षणिक सत्र के समापन के साथ जगत जननी माँ सरस्वती के पुत्र-पुत्रियों को प्रोत्साहित करते हुए दी जा रही थी शुभकामनाओं के साथ विदाई |

बता दें कि सत्र समापन के अंतिम दिन छात्रों ने वर्ग विशेषज्ञों के सम्मान में समारोह आयोजित किया जिसमें सम्मान का शुभारंभ भूमि सुधार उप समाहर्ता श्री ललित कुमार सिंह से शुरू हुआ | तत्पश्चात मुख्य अतिथि सह मार्गदर्शक नवल किशोर कुमार, विशिष्ट अतिथि सजन देव कुमार सहित अमृता प्रीतम एवं अनीता को भी सम्मानित किया गया |

यह भी जानिए कि उदाकिशुनगंज के डीसीएलआर ललित कुमार सिंह गत वर्ष से ही नि:शुल्क बीपीएससी की तैयारी कक्षा चला रहे हैं | कक्षा प्रत्येक रविवार को 2 घंटे चलाया जाता है | साथ ही प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को नि:शुल्क मटेरियल भी उपलब्ध कराया जाता है यानि विषयवार स्टडी सामग्री मुहैया कराई जाती है  | विशेष रूप से मार्गदर्शन के साथ लगातार सैंपल टेस्ट का भी आयोजन वर्तमान बैच को कराया गया |

इस कार्यक्रम की तैयारी जहां एक और नि:शुल्क रही है वहीं पूर्व से ही डीएम नवदीप शुक्ला (IAS), मुकेश कुमार (तत्कालीन डीडीसी), राजस्व पदाधिकारी जयंत कुमार सहित प्रोबेशन पदाधिकारी स्नेहा गुप्ता व सहायक अभियंता जीवन गुप्ता के अलावा कई सफल व्यक्तियों द्वारा यहाँ अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया जाता रहा है |

चलते-चलते यह भी बता दें कि आरंभ में भूमि उपसमाहर्ता ललित कुमार सिंह ने यह तैयारी वर्ग मधेपुरा से ही चलाने की चर्चा समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से मिलकर की थी | फलस्वरूप डॉ.मधेपुरी ने इस बाबत टीपी कॉलेज के प्राचार्य डॉ.केपी यादव से प्रत्येक रविवार के लिए कमरा भी स्वीकृत करवा ली थी, परंतु एनएच-106 की दुर्दशा के कारण आने-जाने में लगभग 4 घंटे लगने की बात सोचकर अंततः डीसीएलआर ललित कुमार सिंह को उदाकिशुनगंज में ही (विवश होकर) इसका शुभारंभ किया जाना उचित लगा….. और अंतिम निर्णय भी वैसा ही हुआ |

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अगले साल टोक्यो ओलंपिक में मोबाइल मस्जिद की होगी व्यवस्था

पहला एशियाई शहर होगा जापान की राजधानी टोक्यो जिसे दूसरी बार ओलंपिक खेल आयोजित करने का मौका पुनः 2020 में मिला है | इससे पहले टोक्यो में ओलंपिक खेल वर्ष 1964 में आयोजित किया गया था | हालांकि पूर्व में वर्ष 1940 में भी टोक्यो को यह अवसर मिला था परंतु दूसरे विश्व युद्ध की वजह से खेल रद्द हो गया था |

बता दें कि ओलंपिक खेल के दरमियान बाहर से आने वाले मुस्लिम खिलाड़ियों एवं दर्शकों को नमाज अता करने में परेशानी न हो…… इसके मद्देनजर इस बार के ओलंपिक खेल में टोक्यो में मोबाइल मस्जिदें शुरू की गई है |

यह भी जानिए कि टोक्यो की ‘स्पोर्ट्स एंड कल्चर इवेंट कंपनी’ द्वारा निर्मित इस मोबाइल मस्जिद में 50 लोग नमाज पढ़ सकेंगे | इसमें नमाजियों के हाथ धोने तथा नमाज पढ़ने के लिए बिछाने वाले मैट्स की भी व्यवस्था की गई है |

बकौल कंपनी बड़े ट्रकों को कन्वर्ट करने के बाद रिमोट कंट्रोल से चलने वाली मस्जिदें बनाई गई है | स्टेडियम के बाहर खड़ी की जाने वाली इस मस्जिद के पीछे का हिस्सा रिमोट कंट्रोल से ऊपर उठ जाता है और एक सीढ़ी निकल आती है……. साथ ही सामने एक गेट खुल जाता है | इसके अंदर साढ़े पाँच सौ स्क्वायर फीट का हॉल बन जाता है। इस हॉल में एक साथ 50 से ज्यादा लोग नमाज अता कर सकेंगे।

चलते-चलते यह भी बता दें कि टोक्यो में मात्र 4 मस्जिदें हैं जिससे बाहर से आने वाले मुस्लिमों को नमाज पढ़ने में हमेशा से दिक्कतें होती रही है | ऐसी मोबाइल मस्जिदें उन्हें राहत देंगी | ध्यातव्य है कि संपूर्ण जापान में लगभग 60 मस्जिदें हैं जिसमें पहली मस्जिद जापान के काबे शहर में 1935 में ही बनवाई गई थी और इंडोनेशिया के बाद मोबाइल मस्जिद का प्रयोग करने वाला दूसरा देश अब कदाचित जापान होगा |

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