37वीं वर्षगांठ पर नई ऊंचाइयों को छू रहा मधेपुरा

जो मधेपुरा जिला बनने से पहले कठघरे का शहर था वही मधेपुरा ने आज 37वीं वर्षगांठ मनाते हुए राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है | आज की तारीख में जहाँ मधेपुरा दो-दो एनएच के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ गया है वहीं फ्रांस की एल्सटॉम कंपनी एवं भारतीय रेल के सहयोग से स्थापित विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री के चलते अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज पर पताका फहराने लगा है |

यह भी बता दें कि 9 मई को जिले के शंकरपुर, कुमारखंड, चौसा, आलमनगर, किसुनगंज, बिहारीगंज, मुरलीगंज सहित सभी तेरहों प्रखंडों में सुबह 7:00 बजे से विकास दौड़ तथा 7:30 बजे से प्रभात फेरी के आयोजन में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च मध्य, उच्च माध्यमिक, मदरसा एवं निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और चौक-चौराहों से गुजरते हुए “आज क्या है- जिला स्थापना दिवस” के साथ-साथ “बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ” ………. आदि नारे लगाते रहे और हाथों में तख्तियों पर नशा, दहेज व बाल विवाह के विरुद्ध नारे लहराते रहे | दिनभर कहीं कबड्डी, बैडमिंटन तो कहीं चित्रकारी में बच्चे व्यस्त दिखे |

Lokarpan of "Coffee Table Book" by former Law Minister of Bihar & MLA Narendra Narayan Yadav , Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri , DEO Ugresh Pd. Mandal , R.N.Das (ZIP), Prof.SK Yadav , DDC Mukesh Kumar and others on the eve of 37th Anniversary of Madhepura District at B.N.Mandal Stadium, Madhepura.
Lokarpan of “Coffee Table Book” by former Law Minister of Bihar & MLA Narendra Narayan Yadav , Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri , DEO Ugresh Pd. Mandal , R.N.Das (ZIP), Prof.SK Yadav , DDC Mukesh Kumar and others on the eve of 37th Anniversary of Madhepura District at B.N.Mandal Stadium, Madhepura.

यह भी जानिए कि जहाँ मुरलीगंज प्रखंड के प्रमुख एवं बीडीओ ने केक काटकर जिला का स्थापना दिवस मनाया वहीं टीपी कॉलेजिएट के प्राचार्य डॉ.सुरेश कुमार भूषण ने छात्र-छात्राओं के बीच “विकास की दौड़ में मधेपुरा” विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित कराकर जिला स्थापना दिवस मनाते हुए सुहानी, नेहा एवं मुस्कान को प्रथम द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया |

मधेपुरा में भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से भूपेन्द्र चौक, बी.पी.मंडल चौक होते हुए बी.एन.मंडल स्टेडियम तक पहुँचने वाले विकास दौड़ को जहाँ डीडीसी, डीईओ एवं खेल पदाधिकारी मुकेश कुमार ने हरी झंडी दिखायी वहीं बी.एन.मंडल स्टेडियम में डीडीसी, डीईओ एवं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने प्रभात फेरी में सम्मिलित सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को हरी झंडी दिखा कर विदा किया |

शाम में स्टेडियम में पूर्व मंत्री एवं आलमनगर विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्रो.श्यामल किशोर यादव सहित प्रभारी डीएम मुकेश कुमार, जिप उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, स्काउट अंड गाइड आयुक्त जय कृष्ण यादव, प्रो.रीता कुमारी, डॉ.रविरंजन आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर जिला स्थापना के रंगारंग कार्यक्रमों का उद्घाटन किया | पूर्व मंत्री विधायक नरेंद्र नारायण यादव ने सम्मिलित रूप से “कॉफ़ी टेबल बुक” का लोकार्पण करते हुए संक्षेप में बिहार सरकार की उपलब्धियों यथा रेल फैक्ट्री, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज, एनएच आदि की संक्षिप्त चर्चा की तथा कलाकारों को प्रोत्साहित किया | कार्यक्रम का शुभारम्भ शशिप्रभा के बिहार गौरव गीत से किया गया |

A Short Natak based on Nashabandi "Vyasan Raj Ka Ant" directed by Bikas Kumar (Secretary Srijan Darpan) and participated by Rangkarmies Saurav, Nikhil , Rakhi, Rajnandini , Tanupriya, Prem Kumar, Suman Kumar & others on the 37th Anniversary of Zila Asthapna Diwas, B.N. Mandal Stadium , Madhepura.
A Short Natak based on Nashabandi “Vyasan Raj Ka Ant” directed by Bikas Kumar (Secretary Srijan Darpan) and participated by Rangkarmies Saurav, Nikhil , Rakhi, Rajnandini , Tanupriya, Prem Kumar, Suman Kumar & others on the 37th Anniversary of Zila Asthapna Diwas, B.N. Mandal Stadium , Madhepura.

इस अवसर पर मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले डॉ.मधेपुरी ने कहा कि 37 वर्ष पूर्व रासबिहारी स्कूल के ऐतिहासिक मैदान में  तात्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.जगन्नाथ मिश्र, सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल, डॉ.के.के.मंडल, डॉ.महावीर प्रसाद यादव, डॉ.आर.के.यादव रवि जैसी हस्तियों के साथ मैं भी उस मंच पर था, क्योंकि मधेपुरा के बुद्धिजीवियों ने डॉ.महावीर बाबू को जिला स्थापना समारोह का संयोजक और मुझे सह-संयोजक बनाया था | बी.पी.मंडल साहब अध्यक्षता कर रहे थे और डॉ.मिश्र उद्घाटनकर्ता थे | तब मधेपुरा कटघरे का शहर था और आज रेल फैक्ट्री के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने जा रहा है |

देर रात तक स्कूली बच्चों के साथ-साथ बाहर से आये कलाकारों ने अपना बेस्ट परफॉर्मेंस प्रस्तुत किया | अंत में डॉ.मधेपुरी ने उद्घोषिका समीक्षा यदुवंशी के साथ-साथ सभी कलाकारों दर्शकों सहित जिला प्रशासन को भी धन्यवाद व साधुवाद ज्ञापित किया और समापन की घोषणा की |

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